मलिकाइन के पातीः पोखरा में मछरी, नौ-नौ कुटिया बखरा
पावं लागीं मलिकार। पाती में तनिका देर हो गइल। जानते बानी बरखा-बूनी के सीजन चलता। कवनो लिखनीहार ना भेंटात रहले हां सन। हार-पाछ के...
अमेरिका के राष्ट्रपति पद से हटने के बाद क्या कर रहे हैं ओबामा, जानिए
अमेरिका के राष्ट्रपति पद से हटने के बाद क्या कर रहे हैं बराक ओबामा, यह जानने की जिज्ञासा शायद सबकी होगी। विकसित बड़े देश...
परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहरे होते हैं
परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहरे होते हैं। भूमंडल में परियों का अस्तित्व है। परियों को देखने के लिए उम्दा किस्म...
क्वारंटाइन से इतना भय क्यों, यह काला पानी जैसी कोई सजा नहीं है
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर...
पाहन ला देवहु दस रुपया, नहीं दिया तो जान पर आफत आ गयी
मंगलेश तिवारी मुफलिस
पाहन ला देवहु, दस रूपया। नहीं दिया तो जान पर आफत आ गयी। किसी तरह 50 रुपये दंड और 100 रुपये...
फटा जींस पहनने का फैशन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसा मुद्दा
अरविन्द पाण्डेय
फटा जींस पहनने की स्वतंत्रता मूलतः अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ही एक रूप है। पर इसका उपयोग कई बार आदमी को...
दिलदार शायर कैफी आजमीः दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं
जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
झुकी-झुकी सी नज़र बेकरार है कि नहीं/ दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं...इस लाजवाब ऑलटाइम फेवरेट रोमांटिक...
कृषि कानून अच्छा तो है, पर उसमें कुछ खामियां भी हैं
कृषि कानून ठीक है, पर उसमें कुछ खामियां भी हैं। उनको ठीक किया जाना चाहिए, नहीं तो वे नतीजे नहीं निकलेंगे, जो निकलना चाहिए।...
रामविलास पासवान का नहीं होना, उनके चहेतों को काफी खलेगा
रामविलास पासवान आज पंचतत्व में विलीन हो गये, लेकिन कई लोगों के लिए कई यादें छोड़ गये हैं। लोग उनकी खूबी-खामी पर खूब बोल...
साहित्य अकादेमी पर फणीश्वरनाथ रेणु के विचार जानिए!
भारत यायावर
साहित्य अकादेमी पर फणीश्वरनाथ रेणु के स्पष्ट विचार थे। 1973 में साहित्य अकादेमी का उन्हें सदस्य बनाया गया था। उन्होंने अनुभव के...



















