ट्वीटर, फेसबुक और आरोग्य सेतु ऐप इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। खासकर आरोग्य सेतु ऐप। विपक्ष का आरोप है कि आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करने से निजता का उल्लंघन होगा।

ट्वीटर, फेसबुक से अधिक सुरक्षित है आरोग्य सेतु ऐप, घबराएं नहीं

ट्वीटर, फेसबुक, आरोग्य सेतु ऐप इन दिनों चर्चा में हैं। खासकर आरोग्य सेतु ऐप। विपक्ष का आरोप है कि आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल...

और गांव की गंध छोड़ चल पड़े काली के देस कामाख्या

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बहुतेरे पाठक ओमप्रकाश अश्क के वर्तमान से तो परिचित हैं, पर उनका अतीत कितना संघर्षपूर्ण रहा है, इसकी झलक उनकी प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर...

मलिकाइन के पातीः रांड़ माड़े पर उतान

पांव लागीं मलिकार। कई दिन से राउरा के पाती पठावे के सोचत रहनी हां, बाकिर कवनो मिलते ना रहले हां सन लिखे वाला। आज...

बहुत घूमे संसार में, एक बार ठहर कर देखें बिहार मेंः प्रमोद कुमार

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पटना। मलेशिया और बिहार की सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित करने एवं राज्य के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से  बिहार के पर्यटन...

हिन्दी ग्रेजुएट को हरिवंश जी ने बिजनेस अखबार का प्रभारी बना दिया

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पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी पढ़ें। कल आपने पढ़ा कि वह जनसत्ता छोड़ प्रभात खबर समूह...
पांक्तेय भाषाविद्, ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी और कृती सम्पादक पंडित विद्यानिवास मिश्र (1926-2005) की स्मृति में उनके जन्म दिन नमन(14 जनवरी) के अवसर पर नमन!

पांक्तेय भाषाविद विद्यानिवास मिश्र का समारोहपूर्वक स्मरण

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कृपाशंकर चौबे पांक्तेय भाषाविद्, ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी और कृती सम्पादक पंडित विद्यानिवास मिश्र (1926-2005) की स्मृति में उनके जन्मदिन के अवसर पर नमन! उनकी केंद्रीय...

भीड़ में बदल रहा है इक्कीसवीं सदी का भारत

इक्कीसवीं सदी में भारत भीड़ में बदल रहा है। उसकी नागरिकता अगर राष्ट्रीय स्तर पर बहुसंख्यक धर्म, सेना के प्रति समर्पण, काल्पनिक कथाओं व...
मोरारजी देसाई सीएम से पीएम तक रहे, पर अपने लिए कोई मकान तक नहीं बनवाया। अंतिम दिनों में वे किराए के मकान में थे। कोई संपत्ति खड़ी नहीं की।

मोरारजी देसाई खुद का बैठकखाना यानी घर नहीं बनवा सके थे

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मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर सुरेंद्र किशोर मोरारजी देसाई खुद का बैठकखाना यानी घर नहीं बनवा सके थे, क्योंकि वेतन के पैसों से घर बनाना...
परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहले होते हैं। भूमंडल में परियों का अस्तित्व है। परियों को देखने के लिए उम्दा किस्म के कैमरे की जरूरत है।

परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहरे होते हैं

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परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहरे होते हैं। भूमंडल में परियों का अस्तित्व है। परियों को देखने के लिए उम्दा किस्म...
सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं खासकर हिन्दी की विदाई होने लगी है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में हिन्दी के प्रति छात्रों का आकर्षण घटेगा। नौकरी न मिले तो फिर हिन्दी कोई पढ़े क्यों।

सरकारी सेवाओं से आहिस्ता-आहिस्ता होती जा रही हिन्दी की विदाई

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अमरनाथ सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं खासकर हिन्दी की विदाई होने लगी है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में हिन्दी के प्रति छात्रों का आकर्षण...