जहां महज 11 रुपये की गुरु दक्षिणा से बन जाते हैं क्लर्क से कलेक्टर...

0
वेद और पुराण की ज्ञाता तथा पटना में महज ₹11 के गुरु दक्षिणा में क्लर्क से लेकर कलेक्टर तैयार करने वाले अदम्या अदिति गुरुकुल...

मलिकाइन के पाती- भइल बियाह मोर, कर ब का

0
पावं लागीं मलिकार। दसईं (दशहरा) बीतल, बीस दिन बाद देवराई (दीपावली) आ ओकरा बाद छठ के संगे तेवहार के सीजन ओरा जाई। ए मलिकार,...

IPP बैंक से बैंकिंग सेक्टर में होगी नये युग की शुरुआतः भाजपा 

0
पटना। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक से वितीय समावेशन के क्षेत्र में क्रांति आने का दावा करते हुए प्रदेश...
के. विक्रम राव, वरिष्ठ पत्रकार

पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं

0
के विक्रम राव  पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं। हालांकि ब्रिटिश राज के खात्मे के सात दशक बीत गये। फिर...

पीडीपी से भाजपा के मोह भंग का गणित समझिए

0
जम्मू और कश्मीर की सियासत का इशारा कहीं और है, आइये इसको समझने का प्रयास करें। मोदी ने आज से लगभग 6 महीने पहले एक देश एक चुनाव को...
कृषि कानून के विरोध को पश्चिम बंगाल के अकाल के परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। अकाल में भूख से 30 लाख लोगों की तड़प-तड़प कर मौत हुई थी।

दो मजदूरों की जान जाने के बाद भी नहीं खुली हनुमान चीनी मिल

0
बिहार के 89% लोग गाँव में रहते हैं और 70% लोग कृषि के कमाई पर ही निर्भर हैं। उपजाऊ मिट्टी और भरपूर पानी होने...

प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को याद रखेगा इतिहास…..

सुशील मिश्रा प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को इतिहास भी याद रखेगा। सड़कों पर प्रवासियों के प्रति जो अस्पृश्यता दिख रही, उसकी कल्पना प्रवासियों ने...
राजेंद्र माथुर

राजेंद्र माथुरः हिन्दी पत्रकारिता को नई धार देनेवाले व्यक्ति

0
प्रवीण बागी राजेंद्र माथुर, हिन्दी पत्रकारिता को नई धार देनेवाले व्यक्ति की आज जयंती है। वे पत्रकारिता के मेरे गुरु रहे हैं। उनकी छत्रछाया...

बहुत घूमे संसार में, एक बार ठहर कर देखें बिहार मेंः प्रमोद कुमार

0
पटना। मलेशिया और बिहार की सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित करने एवं राज्य के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से  बिहार के पर्यटन...
लारेंस फरलेंग्टी ने 101 साल की उम्र में भी कविता लिखी। उन्हें युद्ध से नफरत थी। मानवता से मुहब्बत के आदी थी। बुढ़ापे में बेहद रूमानी।

लारेंस फरलेंग्टी की की मौत पर शहर में मातम मना…

0
लारेंस फरलेंग्टी ने 101 साल की उम्र में भी कविता लिखी। उन्हें युद्ध से नफरत थी। मानवता से मुहब्बत के आदी थी। बुढ़ापे में...