लेखक सआदत हसन मंटोः ठंडा गोश्त जैसी कहानियों के बदनाम लेखक

0
पुण्यतिथि पर संस्मरण नवीन शर्मा सआदत हसन मंटो (11 मई 1912-18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं- बू, खोल दो, ठंडा गोश्त...

इस बार नौका पर आएंगी माँ दुर्गा और जाएंगी हाथी पर सवार होकर

0
कलश स्थापना 10 अक्तूबर को होगी, विजयादशमी 19 अक्टूबर को पड़ेगी बेगूसराय (नंदकिशोर सिंह)। इस  वर्ष 20018 की दुर्गा पूजा 10 अक्टूबर आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा...
मुक्तिबोध ने 1950 में ही इस बात को अच्छी तरह ताड़ लिया था कि भारत की सामाजिक रूढ़िवादी ताकतें आने वाले समय में राम की राजनीति कर सकती हैं।

मुक्तिबोध को पता था कि रूढ़िवादी राम की राजनीति कर सकते हैं

0
मुक्तिबोध ने 1950 में ही इस बात को अच्छी तरह ताड़ लिया था कि भारत की सामाजिक रूढ़िवादी ताकतें आने वाले समय में राम...
आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता का दिलचस्प उदाहरण है। हालांकि नयी पीढ़ी के राजनीतिज्ञों को वह नहीं पचेगी।

आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता

0
आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता का दिलचस्प उदाहरण है। हालांकि नयी पीढ़ी के राजनीतिज्ञों को वह नहीं पचेगी। लेकिन नई...

ट्रेनों की लेटलतीफी पर रेल मंत्री का नया शिगूफा

0
बैलगाड़ियों के भारी लेट चलने और उससे सरकार को फजीहत से बचाने के लिए अब रेल मंत्री पीयूष गोयल ने नया पैंतरा चला है कि मरम्मत...

मलिकाइन के पाती ः पलिहर के बानर बनले बराती

मलिकाइन रोजे पाती पठावे के कहले रहली। कई दिन बात आज उनकर पाती पहुंचल बा। लीं, पढ़ीं अपना सभे- पांव लागीं मलिकार! रउरा त रिसियात-खिसियात...
सेनारी जनसंहार के न्यायिक फैसला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है। 22 साल बाद पटना हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया।

सेनारी जनसंहार का न्यायिक फैसला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

सेनारी जनसंहार का न्यायिक फैसला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है। 22 साल बाद पटना हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलट...

योग मानव स्वास्थ्य की दिशा में सकारात्मक नजरिया है

0
21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में घोषित है। 11 दिसंबर 2014 - यूनाइटेड नेशंस की आम सभा ने भारत द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून...
और कितने दशक लगेंगे? कब तक बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों पर वंशवादी-परिवारवादी नेताओं के वंशज काबिज हो जाएंगे?

कल्पना कीजिए उस दिन की, जब विधायिकाएं परिजनों से भर जाएंगी 

0
आज के लोकतंत्र का कोई ‘महाराजा’ प्रधानमंत्री और ‘राजा’ मुख्य मंत्री बन जाएगा! सुरेंद्र किशोर और कितने दशक लगेंगे? कब तक बिहार विधानसभा की सभी...

नहीं भूलती इमरजेंसी में विपक्षी नेताओं पर पुलिस की पहरेदारी

0
25 जून, 1975 को जब देश में आपातकाल लगा तो उस समय जार्ज फर्नांडीस ओडिशा में थे। अपनी पोशाक बदल कर जुलाई में जार्ज...