नहाय-खाय के साथ 1 अक्टूबर से तीन दिनों का जितिया पर्व

0
जितिया का पर्व की शुरुआत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के नहाए खाए के साथ नौवी तिथि के पारण तक होती...

रवि किशन जल्‍द ही नजर आयेंगे अविनाश गिरी बायोपिक में

0
पटना। इन दिनों बॉलीवुड में बायोपिक का क्रेज बहुत देखने को मिल रहा है। महापुरुषों, राजनेताओं, फ़िल्मकारों के साथ-साथ अब नामचीन व्यवसायियों के जीवन...
‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता सामग्री में मंहगाई नहीं सताती। इसलिए अभी और मंहगाई के लिए तैयार ही रहें श्रीमान ! यह कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

बहुत हुई मंहगाई की मार, अब तो बख्श दीजिए सरकार !

0
श्याम किशोर चौबे ‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता...

और आखिरकार कारोबार खबर की अकाल मौत हो गयी

0
पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी पेश है। यह उस दौर की बात है, जब श्री अश्क...
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप पढ़ चुके हैं।

गांव की संस्मरण कथा- बगुलघट्टा के बगुले उर्फ रामनरेश का घलुस्कू फार्मूला

0
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप...
भीष्म साहनी

जयंती पर विशेषः तमस में उजियारे का नाम भीष्म साहनी

0
नवीन शर्मा भीष्म साहनी हिंदी साहित्यकारों में विशिष्ट स्थानीय रखते हैं। सात अगस्त 1915 को रावलपिंडी में इनका जन्म हुआ था। अपने उपन्यास तमस...
अभिनेत्री नाजिमा

मुझे रात-दिन ये ख्याल है, वो नजर से मुझको गिरा न दे…

0
वीर विनोद छाबड़ा   मुझे रात-दिन ये ख्याल है, वो नजर से मुझको गिरा न दे...अभिनेत्री नाजिमा का यह गीत जिसने भी सुना होगा, उसे...

हिंदी सिनेमा के सदाबहार हीरो देव आनंद के इन बातो को जानते है

0
सदाबहार हीरो देव आनंद के जन्मदिन पर विशेष सार्थक समय डेस्क : वैसे तो हिंदी सिनेमा में एक से बढ कर एक हैंडसम और स्मार्ट...
गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं...कोरोना डायरी की आठवीं कड़ी में हम उस संकल्प की बात करेंगे, जिसका मूल स्वर यही होता है।

गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं..

गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं...कोरोना डायरी की आठवीं कड़ी में हम उस संकल्प की बात करेंगे, जिसका मूल स्वर...
जार्ज फर्नांडिस के नाम पर किसी हवाई अड्डे का नामकरण करने की मांग भाजपा के राज्यसभा सदस्य व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने केंद्र सरकार से की है।

जार्ज फर्नांडिस की पुण्यतिथिः इमरजेंसी के जार्ज को मेरा सलाम !

0
जार्ज फर्नांडिस के कभी करीबी रहे वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र किशोर ने उनकी पुण्यतिथि (29 जनवरी) पर अपने संस्मरणात्म लेख में लिखा है- इमरजेंसी के...