लालू के घर झगड़े की वजह कहीं ऐश्वर्या राय तो नहीं!
पटना। लालू प्रसाद के परिवार में भाइयों के बीच कलह के मूल में तेज प्रताप की नवब्याहता ऐश्वर्या राय 5 जुलाई को राजद का...
सुषमा जी, आप बहुत याद आएंगी, याद आती रहेंगी सहिष्णु नेता बतौर
जयशंकर गुप्त
सुषमा जी, आप बहुत या आएंगी। याद आती रहेंगी, अपनी सहृदयता, असहमति को सम्मान देनेवाले सहिष्णु नेता के तौर पर भी। ओह,...
लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल
नवीन शर्मा
लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल। निरंकुश राजतंत्र की तुलना में लोकतंत्र काफी अच्छी व्यवस्था है। यह शासन व्यवस्था को निरंकुश...
भारतीय कम्युनिस्टों की बड़ी जमात हमले के वक्त चीन के साथ थी
सुरेंद्र किशोर
भारतीय कम्युनिस्टों की एक बड़ी जमात ने 1962 में इस देश (भारत) पर जब चीन ने हमला हुआ तो चीन का साथ...
प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को याद रखेगा इतिहास…..
सुशील मिश्रा
प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को इतिहास भी याद रखेगा। सड़कों पर प्रवासियों के प्रति जो अस्पृश्यता दिख रही, उसकी कल्पना प्रवासियों ने...
पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं
के विक्रम राव
पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं। हालांकि ब्रिटिश राज के खात्मे के सात दशक बीत गये। फिर...
बिहार में कट सकता है भाजपा के आधे सांसदों का टिकट
पटना। भाजपा के कई सांसदों पर तलवार लटकी हुई है। अगर सूचनाएं सही हैं तो लोकसभा के पिछले चुनाव में जीते आधे सांसदों का...
NITISH के संग नाश्ते पर बैठे SHAH, रात का खाना भी साथ
पटना। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एक दिन के बिहार दौरे पर गुरुवार को पटना पहुंचे। कल वह रांची में थे। वहां से चार्टर्ड...
नोबल विजेता अभिजीत बनर्जी व चेतन भगत के अजोब तर्क!
सुरेंद्र किशोर
नोबल विजेता अभिजीत बनर्जी और अब चेतन भगत! ये दोनों बुद्धिजीवी चाहते हैं कि भारत सरकार भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई ही न...
इमरजेंसी के इस दौर को कवियों ने भी अपने नजरिये से देखा, खूब रचा
इमरजेंसी 25 जून 1975 को लागू हुई। 21 माह (1975-1977) तक रही। इमरजेंसी के इस दौर को कवियों ने भी अपने नजरिये से देखा...

















