हमें साथियों को संभालने और सम्मान देने का सलीका आता हैः शाह
पटना। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पटना में पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा। नीतीश कुमार की जम कर तारीफ की। लालू प्रसाद...
संस्कृत वैज्ञानिकों की पसंद, जानिए इसके बारे में रोचक तथ्य
संस्कृत वैज्ञानिकों की पसंद है। यह बात शायद सब लोग नहीं जानते। आइए, जानिए इसके बारे में कुछ रोचक तथ्य कि क्यों यह वैज्ञानिकों...
बीजी वर्गीज ने जब इंडियन एक्सप्रेस में आधी तनख्वाह मांगी
बीजी वर्गीज इंडियन एक्सप्रेस के जब संपादक बने तो उन्हें रामनाथ गोयनका ने जो तनख्वाह आफर की, तो उससे आधी तनख्वाह ही बीजी वर्गीज...
सुषमा स्वराज जेपी का आशीर्वाद लेने जब पटना पहुंची थीं
सुषमा स्वराज 1977 में हरियाणा सरकार में मंत्री पद का कामकाज संभालने से पहले जेपी (जयप्रकाश नारायण) का आशीर्वाद लेने पटना आई थीं। उस...
कबूतर या किसी भी पक्षी का कोई खास देश होता है क्या !
ध्रुव गुप्त
कबूतर या किसी पक्षी को कोई देश नहीं होता। हम तो यही सुनते आए हैं कि पक्षियों का कोई देश नहीं होता,...
गांव में देवता तो गिनती के थे, पर बचपन में भूतों की भरमार थी
अरविंद चतुर्वेद
गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान...
गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी !
गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी। देश में दो ऐसे मौके आये, जब उन्हें कार्यवाहक प्रधानमंत्री का दायित्व...
आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता
आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता का दिलचस्प उदाहरण है। हालांकि नयी पीढ़ी के राजनीतिज्ञों को वह नहीं पचेगी। लेकिन नई...
यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत ने रामकथा लिखी
संजय कृष्ण
यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत फादर कामिल बुल्के ने रामकथा लिखी। यह वही रांची है, जहां राष्ट्रकवि दिनकर ने...
लेखक सआदत हसन मंटोः ठंडा गोश्त जैसी कहानियों के बदनाम लेखक
पुण्यतिथि पर संस्मरण
नवीन शर्मा
सआदत हसन मंटो (11 मई 1912-18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं- बू, खोल दो, ठंडा गोश्त...




















