हिन्दी पढ़कर कोई करेगा क्या, रोजी-रोटी तो मिलने से रही
संजय कुमार सिंह
हिन्दी पढ़कर कोई करेगा क्या, रोजी-रोटी तो मिलने से रही। वैसे तो मैंने हिन्दी नहीं पढ़ी और विज्ञान का छात्र रहा...
झारखंड में दिखा सांप्रदायिकता का एक और चेहरा
सांप्रदायिकता का एक और चेहरा। झारखंड के खूंटी के कोचांग इलाके में पांच युवतियों से सामूहिक दुष्कर्म किया जाता है। यह पांचों लड़कियां मानव...
नरेंद्र मोदी के आह्वान पर घंटा बजा, पर किसके वास्ते?
के. विक्रम राव
नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भारत ने आज (22 मार्च 2020) संध्या पांच बजे ताली बजाई, थाली पीटी, घंटी घनघनाई और...
रामविलास पासवान सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे
रामविलास पासवान आज पंचतत्व में विलीन हो गये, लेकिन कई लोगों को कई यादें छोड़ गये हैं। कोई उनकी सज्जनता तो कई लोग उनकी...
घुसपैठ पर ममता बनर्जी 2005 का स्टैंड 2021 में भूल गयी हैं
सुरेंद्र किशोर
घुसपैठ पर ममता बनर्जी का 2005 में जो स्टैंड था, वह ममता 2021 में भूल गयी हैं। किंतु संकेत हैं कि मतदाता...
मार्क्स ने युवा दिनों में शायद ही संवेदनशील मन पर प्रभाव न डाला हो
मार्क्स के विचारों ने युवा दिनों में शायद ही किसी संवेदनशील मन पर प्रभाव न डाला हो। उन्हीं दिनों सर्वोदय दार्शनिक दादा धर्माधिकारी से सान्निध्य बढ़ा।...
मलिकाइन के पातीः पोखरा में मछरी, नौ-नौ कुटिया बखरा
पावं लागीं मलिकार। पाती में तनिका देर हो गइल। जानते बानी बरखा-बूनी के सीजन चलता। कवनो लिखनीहार ना भेंटात रहले हां सन। हार-पाछ के...
भारत-चीन सैन्य झड़प: अतीत के आईने और भविष्य के मायने
भारत-चीन सैन्य झड़प की घटना पर हम खामोश रहते हैं। पाकिस्तान के साथ मामूली तनाव पर हम ताव में आते हैं, पर चीन के...
एम.एस. धोनी और डा. जेता सिंह जैसे लोग लौट रहे जड़ों की ओर
सुरेंद्र किशोर
क्रिकेट खिलाड़ी एम.एस. धोनी रांची के पास 43 एकड़ जमीन पर जैविक खेती कर रहे हैं। वहां कभी-कभी एम.एस. धोनी खुद भी टैक्टर...
महाराष्ट्र के औरंगाबाद की घटना और रवि, रणवीर व जमलो की याद
महाराष्ट्र के औरंगाबाद से अल्लसुबह दिल दहला देने वाली खबर आई। मालगाड़ी ने 15 मजदूरों की जान ले ली। सभी रेल पटरी पर सोये...




















