‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता सामग्री में मंहगाई नहीं सताती। इसलिए अभी और मंहगाई के लिए तैयार ही रहें श्रीमान ! यह कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

आत्मनिर्भर भारत बरक्स सांसदों के दत्तक गांव

आत्मनिर्भर भारत बरक्स सांसदों के दत्तक गांव। कोरोना काल में प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसदों द्वारा गांव गोद लेने की महत्कांक्षी योजना आकलन का...
नेताजी सुभाष चंद्र बोस पत्रकार भी थे। यह बात नयी पीढ़ी के पत्रकारों को शायद मालूम न हो। नेताजी ने साप्ताहिक ‘फारवर्ड ब्लाक’  का संपादन किया।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस पत्रकार भी थे, न जानते हों तो पढ़ लीजिए

0
कृपाशंकर चौबे नेताजी सुभाष चंद्र बोस पत्रकार भी थे। यह बात नयी पीढ़ी के पत्रकारों को शायद मालूम न हो। नेताजी ने साप्ताहिक ‘फारवर्ड...

भोजपुरी फिल्‍म ‘काहें पिरीतिया लगवल’  की शूटिंग शुरू

0
पटना। ऋद्धि फिल्‍म्‍स इंटरटेंमेंट प्रस्‍तुत भोजपुरी फिल्‍म ‘काहे पिरीतिया लगवल’ की शूटिंग आज से मुंबई में शुरू हो चुकी है। सामाजिक प्रेम कथा पर...
भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को हुआ था।

भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी

0
कृपाशंकर चौबे भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को...
के. विक्रम राव, वरिष्ठ पत्रकार

पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं

0
के विक्रम राव  पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं। हालांकि ब्रिटिश राज के खात्मे के सात दशक बीत गये। फिर...

बिहार में सीटों के बंटवारे पर एनडीए के घटक दलों में जुबानी जंग

पटना। बिहार में फिलवक्त की राजनीति सीटों के तालमेल में उलझा है। एनडीए के घटक दलों- जदयू, रालोसपा और लोजपा की मांग पिछली जीती...

जन्मदिन के अवसर पर डा. राम मनोहर लोहिया की याद में कुछ बातें

0
सुरेंद्र किशोर वर्ष 1967 में 12 अक्तूबर को लोहिया का निधन हो गया। उस समय वे करीब 57 साल के ही थे। नई दिल्ली के...
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल रहे थे।

जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन द्वंद्व के रहे

जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल...

भीड़ में बदल रहा है इक्कीसवीं सदी का भारत

इक्कीसवीं सदी में भारत भीड़ में बदल रहा है। उसकी नागरिकता अगर राष्ट्रीय स्तर पर बहुसंख्यक धर्म, सेना के प्रति समर्पण, काल्पनिक कथाओं व...

राहुल वर्माः नवादा का लाल मचा रहा फिल्मी दुनिया में धमाल

0
पटना (अनूप नारायण सिंह)। नवादा जैसे छोटे शहर का छोरा राहुल वर्मा इन दिनों फिल्मी दुनिया में धमाल मचा रहा है। गरीब पृष्ठभूमि से...