ग्रामीण संपर्क पथों को शहरों से जोड़ बिहार में विकास की नई कवायद
प्लास्टिक के कचरे का उपयोग सड़क निर्माण में किया जा रहा है
प्लास्टिक के उपयोग से सड़क में मजबूती भी आ रही है
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25 जून 1975 की आधी रात हुई थी आपातकाल की घोषणा
लगभग 43 साल पहले देश में 25 जून 1975 की आधी रात को आपातकाल की घोषणा की गई थी। । जो 21 मार्च 1977...
एक गुमनाम साप्ताहिक ‘महावीर’ का सत्याग्रह अंक, लोकार्पण 26 को
रांची। देश की आजादी में पत्र-पत्रिकाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस समय के आंदोलन के दस्तावेजीकरण का काम इन पत्र-पत्रिकाओं ने बखूबी किया।...
चौरीचौरा कांड के शताब्दी वर्ष पर आईपीएस अरविंद पांडेय की टिप्पणी
चौरीचौरा कांड के शताब्दी वर्ष पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरविंद पांडेय ने एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखी है, लेकिन इसके मायने काफी प्रासंगिक हैं। उन्होंने...
कोविड- 19 से आर्थिक तबाही की ओर तेजी से बढ़ रही दुनिया
ओमप्रकाश अश्क
कोविड- 19 की वजह से देश बड़ी आर्थिक तबाही की ओर बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। अर्थव्यवस्था का आकलन करने वाली...
मंटो : संवेदनशील व बेबाक लेखक सआदत हसन मंटो की दास्तान
नवीन शर्मा
अभिनेत्री व निर्देशक नंदिता दास ने उर्दू के लेखक सआदत हसन मंटो पर मंटो नाम से बायोपिक बना कर साहसिक काम किया...
महामारी माने मरीज, मजदूर, मजबूरी, मौत, मंदी और महंगाई
दीपक कुमार
महामारी माने मरीज, मजदूर, मजबूरी, मौत, मदी और महंगाई। महामारी कोरोनावायरस के असर को इन सात शब्दों के जरिये बेहतर ढंग से...
कोरोना काल में ऐसी खबरें, जो भारत की ताकत का एहसास कराती हैं
कोरोना काल में ऐसी अनेक खबरें आईं हैं, जिसमें बताया गया कि घर में मौत हो गई, और फलां अधिकारी-कर्मचारी दूसरे दिन काम पर...
वासंतिक मौसम के मद्देनजर खास- निराला : एक याद या विषाद!
के. विक्रम राव
वसन्त पंचमी मतलब वाणी पुत्र कवि निराला की सालगाँठ। कौन सी थी? बहस अभी जारी रहेगी। निराला किस सदी के थे?...
जयपाल सिंह मुंडा के बारे में जानें, आदिवासी नायकों की मजबूत कड़ी थे
विशद कुमार
जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें...




















