बर्थडे स्पेशलः हिस्ट्री में फेल, पर पीरियड फिल्मों में पास हुए गोवारिकर

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नवीन शर्मा  लगान फिल्म में  भुवन बने आमिर खान अधिकतर लोगों को जरूर याद होंगे। भले ही इस बेहतरीन फिल्म के डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर...
अच्युतानंद मिश्र (बायें) का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख अतुलनीय है।

अच्युतानंद मिश्र का हिन्दी पत्रकारिता में अवदान असाधारण है

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कृपाशंकर चौबे अच्युतानंद मिश्र का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख...
महात्मा गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के पल-पल की जरूरत बन चुका है।

गांधी का चिंतन-सोच और जीवन पद्धति ही हमारा मार्गदर्शक  है

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हरिवंश गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के...
सुरेंद्र किशोर, वरिष्ठ पत्रकार

हिंसा के कारण हर साल 80 लाख करोड़ का नुकसान

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एक बात की कल्पना कीजिए। यदि केंद्र सरकार अपने प्रत्येक कर्मचारी के वेतन में से हर साल चार हजार रुपए की भी कटौती करने...
सुप्रीम कोर्ट ने 2 जनवरी, 2011 को यह स्वीकार किया कि देश में आपातकाल के दौरान इस कोर्ट से भी नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ था।

सुप्रीम कोर्ट ने भी माना था- आपातकाल में मौलिक अधिकारों का हनन हुआ

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सुप्रीम कोर्ट ने 2 जनवरी, 2011 को यह स्वीकार किया कि देश में आपातकाल के दौरान इस कोर्ट से भी नागरिकों के मौलिक अधिकारों...

नेपाल में माहवारी के दौरान महिलाएं अलग झोपड़ी में रहती थीं

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सुधा सिंह नेपाल में माहवारी के दौरान महिलाएं अलग झोपड़ी में रहती थीं। यह सुनने में जितना अटपटा लगता है, मानवीय आधार पर उतना...
आलोक तोमर अपनी पत्नी को बेहद प्यार करते थे। शादी से पहले सुप्रिया के प्रति उनके प्रेम के कई किस्से हैं। आलोक तोमर के ऐसे किस्से सामने आये हैं।

आलोक तोमर की याद: अब यहॉं कोई नहीं है, सिर्फ पत्ते डोलते हैं

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आलोक तोमर ने इंडियन एक्सप्रेस घराने के अखबार जनसत्ता के शुरुआती दिनों में अपनी रिपोर्ट से धमाल मचा दिया था। खासकर सिख दंगों की...
दाउद इब्राहिम ने बिहार में भी अपने लोगों के माध्यम से तीन दशक पहले धाक जमाने की कोशिश की थी

दाउद इब्राहिम का आदमी तब बिहार से राज्यसभा पहुंच जाता

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दाउद इब्राहिम ने अपने आदमी को बिहार से राज्यसभा भेजने की कोशिश की थी। वह भी तकरीबन तीन दशक पहले। यानी राजनीति को धंधा...
जननायक कर्पूरी ठाकुर का आज जन्मदिन है। कर्पूरी ठाकुर सही मायने में जननायक थे। गरीबों-दलितों के उत्थान के लिए उन्होंने जो किया, वह नहीं भूलेगा।

कर्पूरी ठाकुर में जातीय कटुता की कभी धमक नहीं सुनाई दी

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कर्पूरी ठाकुर में जातीय कटुता ने कभी धमक नहीं दी। यहां तक कि आरण लागू करने पर सवर्णों की गालियां उन्होंने सुनीं, पर पलट...
शराब महज मादक पदार्थ ही नहीं, सरकारी रेवेन्यू का बड़ा स्रोत भी बन गया है। कानपुर से भाजपा के सांसद सत्यदेव पचौरी का राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र भेज इसकी आलोचना की है।

शराब महज मादक पदार्थ नहीं, सरकारी रेवेन्यू का बड़ा स्रोत भी है

जयशंकर गुप्त शराब और मादक पदार्थ देश के नागरिकों की तबाही के कारक हैं। अजीब विडंबना है कि यही आज सरकारी रेवेन्यू का बड़ा...