अभिनय की दुनिया में अपने दम पर पहचान बनाई संजय पांडेय ने

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पटना (अनूप नारायण सिंह)। जिनके रग-रग में अभिनय है। जिन्होंने रंगमंच की मिट्टी को अपने मस्तक पर लगाकर अभिनय की दुनिया में खुद के...

तन्हाई ने ताउम्र साथ नहीं छोड़ा चर्चित अभिनेत्री नादिरा का

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वीर विनोद छाबड़ा  तन्हाई ने ताउम्र साथ नहीं छोड़ा अपने जमाने की चर्चित अभिनेत्री नादिरा का। औरत जब मोहब्बत में पड़ती है तो ढेर...
संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब के बड़े व मशहूर केंद्र होते थे।

संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का बड़ा योगदान रहा

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ध्रुव गुप्त संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब...

इस बार नौका पर आएंगी माँ दुर्गा और जाएंगी हाथी पर सवार होकर

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कलश स्थापना 10 अक्तूबर को होगी, विजयादशमी 19 अक्टूबर को पड़ेगी बेगूसराय (नंदकिशोर सिंह)। इस  वर्ष 20018 की दुर्गा पूजा 10 अक्टूबर आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा...
मुक्तिबोध ने 1950 में ही इस बात को अच्छी तरह ताड़ लिया था कि भारत की सामाजिक रूढ़िवादी ताकतें आने वाले समय में राम की राजनीति कर सकती हैं।

मुक्तिबोध को पता था कि रूढ़िवादी राम की राजनीति कर सकते हैं

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मुक्तिबोध ने 1950 में ही इस बात को अच्छी तरह ताड़ लिया था कि भारत की सामाजिक रूढ़िवादी ताकतें आने वाले समय में राम...
बेरोजगारी पर बहस नयी नहीं, लेकिन सेन्टर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट ने बहस को नया जीवन दे दिया है।

टीवी न्यूज चैनल लिब्रिटी जर्नलिज्म की नई परिभाषा लिखने में मस्त

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टीवी न्यूज चैनल लिब्रिटी जर्नलिज्म की नई परिभाषा लिखने में मस्त हैं। इस कवायद में महिमागान से लेकर चरित्रहनन तक हर हथकंडे अपनाए जा...

बांग्ला में लेखन, पर हिन्दी में सर्वाधिक पढ़े गये शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा शरत चंद्र वैसे तो मूल रूप से बांग्ला के उपन्यासकार थे, लेकिन उनकी रचनाओं के अनुवाद हिंदी भाषी लोगों में खासे...
शिक्षा नीति- 2020

शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है

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प्रो. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है। भारतीय शिक्षा में भाषा की भूमिका उसके...

जन्मदिन के अवसर पर डा. राम मनोहर लोहिया की याद में कुछ बातें

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सुरेंद्र किशोर वर्ष 1967 में 12 अक्तूबर को लोहिया का निधन हो गया। उस समय वे करीब 57 साल के ही थे। नई दिल्ली के...
नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

देश का प्रधानमंत्री ईमानदार, फिर क्यों नहीं रुक रहा भ्रष्टाचार !

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देश में ईमानदार प्रधानमंत्री के रहते भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा। बिहार तो पहले से ही भ्रष्टाचार का जनक  माना जाता रहा...