मलिकाइन के पाती- पूत सपूत त का धन संचय

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पावं लागीं मलिकार। आज मन बड़ा अंउजियाइल रहल बा, एही से नवरातन के पूजा-पाठ में अझुराइल रहला के बादो टाइम निकाल के रउरा के...

जयंती पर विशेषः कैप्टन से कामरेड बनीं लक्ष्मी सहगल को सलाम

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नवीन शर्मा आजाद हिंद फौज की कैप्टन लक्ष्मी सहगल उन बेमिसाल क्रांतिकारी महिलाओं में शामिल थीं, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।...

बिहार को आगे बढ़ाने में केंद्र निभा रहा ऐतिहासिक भूमिका: राजीव रंजन

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पटना। बिहार के विकास के लिए केंद्र सरकार को प्रतिबद्ध बताते हुए भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने बिहार के हो...

विनम्र श्रद्धांजलिः जब कुलदीप नैयर साहब गेट फांद गए थे

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बिपेंद्र कुमार बात दशकों पुरानी है। साल याद नहीं। कुलदीप नैयर साहब पटना किसी कार्यक्रम में आये थे। गांधी संग्रहालय में ठहरे थे। रात...
विनोद खन्ना

विनोद खन्ना कद-काठी से अमिताभ बच्चन पर भारी पड़ते थे

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नवीन शर्मा विनोद खन्ना अपने दौर के सबसे स्मार्ट और हैंडसम अभिनेता रहे हैं। अभिनय में भले ही अमिताभ उन पर भारी पड़ते हों,...

मोतिहारी में पैदा हुए थे मशहूर विदेशी लेखक जार्ज ओरवेल

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21 जनवरी पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा विश्व साहित्य में अंग्रेजी के प्रसिद्ध उपन्यास 1984 व एनिमल फार्म विशिष्ट स्थान रखते हैं। इन कालजयी किताबों...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना संक्रमण शहरों से बढ़ा अब गांवों की ओर……

डॉ. संतोष मानव कोरोना संक्रमण शहरों से अगर गांवों तक पहुंच गया, तो क्या होगा? हाहाकार और क्या? इस हाहाकार के लक्ष्ण दिखने भी...

योग मानव स्वास्थ्य की दिशा में सकारात्मक नजरिया है

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21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में घोषित है। 11 दिसंबर 2014 - यूनाइटेड नेशंस की आम सभा ने भारत द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून...
मजार पर चादर चढ़ाने जाते नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

नीतीश की चुप्पी किसी बड़े तूफान का संकेत तो नहीं

नीरज सिंह पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हफ्ते भर से चुप हैं। आधिकारिक तौर पर यही एक लाइन की सूचना छन कर बाहर आयी...
लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता फंसी है। कोरोना बेकाबू हो रहा है। कोरोना को सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन से रोकने की कोशिश बेमानी लग रही है।

लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता और बेकाबू कोरोना

सुशील मिश्रा लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता फंसी है। कोरोना बेकाबू हो रहा है। कोरोना को सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन से...