अटल बिहारी वाजपेयी जी के 1942 में रोल की सत्यता
के विक्रम राव
जब तक अटल बिहारी वाजपेयी चुनावी राजनीति से रिटायर नहीं हुये थे, उन पर हर लोकसभाई निर्वाचन के दौरान आरोप लगाया...
जेपी मूवमेंट में विपक्षी नेताओं की भीड़ से सशंकित थे चंद्रशेखर
जयप्रकाश के आंदोलन (जेपी मूवमेंट) में लगातार विपक्षी नेताओं और युवाओं का साथ मिलता गया. इससे जयप्रकाश आंदोलन के सेनानी उत्साहित थे, लेकिन चंद्रशेखर...
बिहार में मैं अपना अगला जन्म लूंगा, कह रहे पत्रकार शंभुनाथ शुक्ल
शंभूनाथ शुक्ल
बिहार में मैं अपना अगला जन्म लूंगा, क्योंकि बिहार के लोग बड़े मोहिल होते हैं। आदमी-औरतें सभी। पिछले वर्ष पटना प्रवास में...
वह सिर्फ आपातकाल नहीं, सबसे बड़ा आतंककाल भी था
प्रेमकुमार मणि
25 जून भारतीय राजनीति में एक उल्लेखनीय तारीख है। इसी रोज 1975 में, तत्कालीन इंदिरा सरकार ने इमरजेंसी लगाई थी। दरअसल वह...
नामवर सिंह- कवि रामेश्वर पांडेय धूमिल के मास्टर साहब !
नामवर सिंह कवि रामेश्वर पांडेय धूमिल के मास्टर साहब थे। नामवर जितना काशीनाथ से स्नेह करते थे, उतना ही धूमिल से। एक बार वे...
मृणाल सेन पर कृपाशंकर चौबे की किताब- मृणाल सेन का छाया लोक
मृणाल सेन पर कृपाशंकर चौबे की किताब- ‘मृणाल सेन का छाया लोक’ आधार प्रकाशन, पंचकूला से प्रकाशित है। लोकार्पण स्वयं मृणाल सेन ने किया...
जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं
श्याम किशोर चौबे
जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं। जश्न मनाइए कि शराब की बोतलें लूटने नहीं, किसी भी कीमत में...
ट्रेनों की लेटलतीफी पर रेल मंत्री का नया शिगूफा
बैलगाड़ियों के भारी लेट चलने और उससे सरकार को फजीहत से बचाने के
लिए अब रेल मंत्री पीयूष गोयल ने नया पैंतरा चला है कि मरम्मत...
इतिहास के आईने में बिहारः सुगांव डायनेस्टी और विद्यापति
लेखक-पत्रकार संजय ठाकुर की अप्रकाशित इतिहास की पुस्तक- विद्यापति और सुगांव (अतीत के आईने में चम्पारण) का एक अंश
पूर्वी चम्पारण जिला के सुगौली प्रखंड के ...
फिल्म समीक्षाः बाला साहेब की तरह ही बेबाक है ठाकरे
नवीन शर्मा
आजकल हिंदी सिनेमा में बायोपिक का दौर चल रहा है। इसकी लेटेस्ट फिल्म है ठाकरे। इसके कुछ हफ्ते पहले ही मनमोहन सिंह...




















