आना मेरी जान संडे के संडे…गाना सुनें तो दुलारी जरूर दिख जाएंगी
वीर विनोद छाबड़ा
आना मेरी जान संडे के संडे सुनें तो दुलारी दिख जाएंगी। दुलारी, कभी नाम सुना होगा या चेहरा याद होगा। कभी...
ज्योति बसु का करिश्माई व्यक्तित्व, विपक्ष भी लोहा मानता था
ज्योति बसु का करिश्माई व्यक्तित्व था। विपक्ष भी उनका लोहा मानता था। एक मौका ऐसा आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी मिलती दिखी। ज्योति...
दुश्मन फिल्म का समाज में स्वागत तो हुआ, पर बड़ा अवार्ड नहीं मिला
वीर विनोद छाबड़ा
दुश्मन फिल्म का समाज में स्वागत तो हुआ, पर अवार्ड नहीं मिला। समाज में स्वागत का प्रमाण इसकी ज़बरदस्त कामयाबी है।...
आत्महत्या क्यों नहीं करनी चाहिए, जरा पढ़ लें ओशो के विचार
मुझे पता है कि तुम जीवन से ऊब गये हो। यदि तुम सचमुच ऊब गये हो तो आत्महत्या नहीं करो, क्योंकि आत्महत्या तुम्हें फिर...
वीपी सिंह को याद करते हुएः राजा नहीं, फकीर है
वीपी सिंह एक ऐसे प्रधानमंत्री और नेता थे, जिनके लिए लोगों ने ये नारा लगाया- राजा नहीं फ़क़ीर है- भारत की तक़दीर है! वर्तमान...
केंद्र के डीए रोकने के फैसले से निजी क्षेत्र के कामगारों पर मंडराता खतरा
केंद्र सरकार के हालिया एक फैसले से निजी क्षेत्र के कामगारों पर ‘कोरोना’ संकट का खतरा मंडरा रहा है। केंद्र सरकार ने डीए की...
उसे मत मारो ओशो के निजी सचिव आनंद शीला की दास्तान
नवीन शर्मा
ओशो रजनीश की पूर्व निजी सचिव मां आनंद शीला ने अपने संस्मरण ‘उसे मत मारो, भगवान रजनीश के साथ मेरे जीवन की...
लालू यादव से कम जातिवादी नहीं हैं नीतीश कुमार
लालू यादव से नीतीश कुमार कम जातिवादी नहीं हैं। लालू यादव को मंडल कमीशन से तो नीतीश कुमार को जातीय रैली से उभार मिला।...
मीडिया की स्वतंत्रता के मामले में भारत की हालत शर्मनाक !
मीडिया के हालात पर वरिष्ठ पत्रकार अनिल भास्कर ने संजीदा टिप्पणी की है। मीडिया की स्वतंत्रता के मामले में भारत की हालत शर्मनाक है।...
1984 के सिख विरोधी दंगों पर यकीनन राहुल गांधी का बयान बचकाना
जयशंकर गुप्त
आज लिखना तो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, रक्षाबंधन के बारे में चाह रहा था, लेकिन 1984 के सिख विरोधी दंगों के बारे...




















