हिन्दी के लिए लड़ने वाला सबसे बड़ा योद्धा : महात्मा गाँधी

हिन्दी के लिए लड़ने वाला सबसे बड़ा योद्धा : महात्मा गाँधी

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2 अक्टूबर को जन्मदिन पर विशेष अमरनाथ हिन्दी के आन्दोलन को गाँधी जी ने आजादी के आन्दोलन से जोड़ दिया था। उनका ख्याल था कि...
चीन के हमले के वक्त भारतीय कम्युनिस्टों की बड़ी जमात चीन के साथ थी और शाहीन बाग आंदोलन में भी एक पड़ी जमात आंदोलकारियों के साथ है

भारतीय कम्युनिस्टों की बड़ी जमात हमले के वक्त चीन के साथ थी

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सुरेंद्र किशोर भारतीय कम्युनिस्टों की एक बड़ी जमात ने 1962 में इस देश (भारत) पर जब चीन ने हमला हुआ तो चीन का साथ...
सटीक भविष्यवाणी करने वाली लड़की

भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे

भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे। वह जो कुछ कहती है, वह अमूमन सच हो जाया करता है।...
भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नमन किया।

भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगाः हेमंत

रांची। भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नमन...
भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को हुआ था।

भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी

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कृपाशंकर चौबे भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को...
फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भिन्न भारतीय स्‍वरूपों के बीच खड़ा है। प्रेमचंद के बाद फणीश्‍वर नाथ रेणु को आंचलिक कथाकार माना गया है।

मैला आँचल का रूसी अनुवाद और फणीश्वर नाथ रेणु का संकट

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मैला आँचल का जब रूसी अनुवाद हो गया, तो उसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गयी कि यह इसके लेखक फणीश्वर नाथ रेणु का के लिए...
डॉ. अम्बेडकर ने 3 अप्रैल 1927 को मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ निकाला। वह पाक्षिक वर्ष 1929 तक यानी दो साल तक लगातार निकलता रहा।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर का ‘बहिष्कृत भारत’ और उनकी पत्रकारिता

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कृपाशंकर चौबे डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने 3 अप्रैल 1927 को मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ निकाला। वह पाक्षिक वर्ष 1929 तक यानी दो साल तक...

मोतिहारी में पैदा हुए थे मशहूर विदेशी लेखक जार्ज ओरवेल

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21 जनवरी पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा विश्व साहित्य में अंग्रेजी के प्रसिद्ध उपन्यास 1984 व एनिमल फार्म विशिष्ट स्थान रखते हैं। इन कालजयी किताबों...
राममनोहर लोहिया ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने समाजवाद की स्थापना के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पत्रकारिता को भी उपकरण बनाया था।

राम मनोहर लोहिया विश्व पत्रकारिता पर सजग दृष्टि रखते थे

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कृपाशंकर चौबे राम मनोहर लोहिया ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने समाजवाद की स्थापना के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पत्रकारिता को भी उपकरण...
अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय ने अवकाश के बाद इसी प्रेसिडेंसी कालेज में अध्यापन किया। हिन्दी के एक प्रतिष्ठित व्यंग्य-लेखक, साहित्यकार और पत्रकार, जो पाठकों के बीच अनय नाम से परिचित थे।

अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय को जानिए, कौन थे

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अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय। हिन्दी के एक प्रतिष्ठित व्यंग्य-लेखक, साहित्यकार और पत्रकार, जो पाठकों के बीच अनय नाम से परिचित थे। ‘तीसरा विभाजन’...