विनोद खन्ना

विनोद खन्ना कद-काठी से अमिताभ बच्चन पर भारी पड़ते थे

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नवीन शर्मा विनोद खन्ना अपने दौर के सबसे स्मार्ट और हैंडसम अभिनेता रहे हैं। अभिनय में भले ही अमिताभ उन पर भारी पड़ते हों,...
बंगाल की कुछ ऐसी खबरें,जिन्हें आप जानना चाहेंगे। DYFI कार्यर्ताओं ने पुलिस वालों को आज दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। मौलाली का इलाका रण क्षेत्र बना रहा

आरक्षण का मक़सद समाज को मज़बूत करना है, कमजोर करना नहीं

प्राप्त सूचनाओं, जिनमे अटकलों से इंकार नहीं किया जा सकता, के अनुसार केंद्र सरकार राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग पर नए विधेयक लाने की तैयारी में है। चर्चा...

जहां महज 11 रुपये की गुरु दक्षिणा से बन जाते हैं क्लर्क से कलेक्टर...

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वेद और पुराण की ज्ञाता तथा पटना में महज ₹11 के गुरु दक्षिणा में क्लर्क से लेकर कलेक्टर तैयार करने वाले अदम्या अदिति गुरुकुल...
टेलीग्राफ में उर्दू को अल्पसंख्यकों की भाषा बनाने के बारी में छपी खबर

उर्दू अल्पसंख्यकों की भाषा नहीं है, भाषा किसी कौम की नहीं होती

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अमरनाथ उर्दू को अल्पसंख्यक मामलों से जोड़ने के मुद्दे पर ‘टेलीग्राफ’ में छपी खबर देखकर हैरान हूं। कोई भी भाषा किसी खास मजहब या...
नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चलने वाली भाजपा सरकार के पिछले सात वर्षों के कार्यकाल में देश के अंदर तनाव और टकराव बढ़ा है। सांप्रदायिक तनाव तो बढ़ा है। कह रहे हैं आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी

नीतीश कुमार के पास अब रास्ता नहीं, अकेले चल कर भी पिछड़ जायेंगे

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बिहार की राजनीति में अकेले चल पाना उनके लिए मुमकिन नहीं है. अब तक के अपने राजनीतिक जीवन में दो मर्तबा अकेले चले हैं....
अम्फान और निसर्ग जैसी आपदा तो झांकी है, बड़े खतरे अभी बाकी हैं। आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि पर्यावरण का क्षरण मानव समाज के अस्तित्व के लिए खतरा बन रहा है।

अम्फान और निसर्ग जैसी आपदा तो झांकी है, बड़े खतरे अभी बाकी हैं

अम्फान और निसर्ग जैसी आपदा तो झांकी है, बड़े खतरे अभी बाकी हैं। आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि पर्यावरण का क्षरण...

केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मियों-पेंशनरों का 2 प्रतिशत DA बढ़ाया

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केंद्रीय कर्मचारियों को अब 9 फीसदी महंगाई भत्ता, 48 लाख कर्मचारी और 61 लाख पेंशनर्स को फायदा  नयी दिल्ली। लोकसभा का आसन्न चुनाव ज्यादातर आम लोगों...
अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय ने अवकाश के बाद इसी प्रेसिडेंसी कालेज में अध्यापन किया। हिन्दी के एक प्रतिष्ठित व्यंग्य-लेखक, साहित्यकार और पत्रकार, जो पाठकों के बीच अनय नाम से परिचित थे।

अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय को जानिए, कौन थे

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अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय। हिन्दी के एक प्रतिष्ठित व्यंग्य-लेखक, साहित्यकार और पत्रकार, जो पाठकों के बीच अनय नाम से परिचित थे। ‘तीसरा विभाजन’...
‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता सामग्री में मंहगाई नहीं सताती। इसलिए अभी और मंहगाई के लिए तैयार ही रहें श्रीमान ! यह कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

आत्मनिर्भर भारत बरक्स सांसदों के दत्तक गांव

आत्मनिर्भर भारत बरक्स सांसदों के दत्तक गांव। कोरोना काल में प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसदों द्वारा गांव गोद लेने की महत्कांक्षी योजना आकलन का...

SC/ST मुद्दे पर विपक्ष को धकिया कर आगे निकल गयी भाजपा

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डा. राजेंद्र 2019 की तस्वीर कुछ-कुछ साफ होने लगी है। सुप्रीम कोर्ट ने अचानक ही एससी-एसटी ऐक्ट के विरुद्ध फैसला नहीं सुना दिया था!...