गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है।

गणेश शंकर विद्यार्थी ने लिखा था- शंख और नमाज ही धर्म नहीं है

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गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है। शुद्धाचरण...
लेखक या कवि क्यों और किसलिए लिखता है, जानने के लिए इस लेख को पढ़ लें। सबके लेखन की अपनी सोच है। कोई नाम के लिए लिखता है तो कुछ दाम के लिए लिखते हैं।

लेखक या कवि क्यों और किसलिए लिखता है, जानने के लिए इसे पढ़ें

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लेखक या कवि क्यों और किसलिए लिखता है, जानने के लिए इस लेख को पढ़ लें। सबके लेखन की अपनी सोच है। कोई नाम...
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल रहे थे।

पंडित जवाहर लाल नेहरू को मैंने कभी नहीं देखा!

शंभूनाथ शुक्ल  पंडित जवाहर लाल नेहरू को मैंने कभी नहीं देखा! नेहरू जी जिस दिन मरे, उसी दिन मेरा रिजल्ट आया था। मैं पाँचवीं...

पुरषोत्तम से हारते नहीं तो गजल गायक नहीं बन पाते जगजीत सिंह

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जयंती पर विशेष नवीन शर्मा जगजीत सिंह के गजल गायक बनने की कहानी बड़ी ही दिलचस्प है। ये उन दिनों की बात है जब जगजीत...

NITISH के संग नाश्ते पर बैठे SHAH, रात का खाना भी साथ

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पटना। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एक दिन के बिहार दौरे पर गुरुवार को पटना पहुंचे। कल वह रांची में थे। वहां से चार्टर्ड...
अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चनः मोस्ट एनर्जेटिक, डेडिकेटेड, डिसिप्लिन्ड एक्टर

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नवीन शर्मा अमिताभ बच्चन मेरे ही नहीं, मेरी पीढ़ी सहित कई पीढियों के सुपर स्टार हैं। उनको यह सफलता यूं ही नहीं मिली है।...
कोरोना के बाद अनुशासित और ईमानदार प्रशासन की पड़ेगी जरूरत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मानते हैं कि आत्मनिर्भर बनने का वक्त आ गया है।

कोरोना काल की डायरी- हर सुबह न जाने डराती क्यों है !

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कोरोना काल डायरी- हर सुबह न जाने डराती क्यों है ! कोरोना काल में लाक डाउन को डायरी के पन्नों पर उतारा है वरिष्ठ...

और हरिवंश जी ने सब एडिटर से सीनियर न्यूज एडिटर बना दिया

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ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- का अंश आप लगातार पढ़ रहे हैं। आज उसकी अगली कड़ी के रूप में पढ़ें,...
महात्मा गांधी

महात्मा गांधी ने हर कालखंड में तानाशाही को चुनौती दी

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शेष नारायण सिंह महात्मा गांधी ने हर कालखंड में तानाशाही को चुनौती दी। यह रामबाण की तरह असरदार भी रहा है। गांधीजी ने चंपारण में...
आर्थिक उदारीकरण ने आपको वेतन-पैकेज लाख-करोड़ रुपये तो दिये, लेकिन ये पैसे बाजार के रास्ते फिर पूंजीपतियों के पास ही पहुंच गये। इसे कोई नहीं समझा।

आर्थिक उदारीकरण ने पैकेज तो दिये, पर बाजार के रास्ते ले लिये

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आर्थिक उदारीकरण ने आपको वेतन-पैकेज लाख-करोड़ रुपये तो दिये, लेकिन ये पैसे बाजार के रास्ते फिर पूंजीपतियों के पास ही पहुंच गये। इसे कोई...