कहां गइल मोर गांव रे, बता रहे वरिष्ठ पत्रकार शेषनारायण सिंह

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 शेष नारायण सिंह  1975 में जब मैंने संत तुलसीदास डिग्री  कालेज, कादीपुर (सुल्तानपुर) की प्राध्यापक की नौकरी छोडी थी तो एक महत्वपूर्ण फैक्टर यह...

बर्थ डे स्पेशलः मैं पल दो पल का शायर हूं के कलमकार साहिर

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नवीन शर्मा अमिताभ बच्चन की फिल्म कभी-कभी का गीत मैं पल दो पल का शायर हूं हम में से कई लोग गुनगुनाते हैं। यह...
मजार पर चादर चढ़ाने जाते नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

नीतीश की चुप्पी किसी बड़े तूफान का संकेत तो नहीं

नीरज सिंह पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हफ्ते भर से चुप हैं। आधिकारिक तौर पर यही एक लाइन की सूचना छन कर बाहर आयी...
भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में फिर कटौती की है। बैंक ने यह कदम कोरोना वायरस संक्रमण के बाद पैदा हालात के मद्देनजर उठाया है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में फिर कटौती की, नहीं होगी पैसे की...

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मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में फिर कटौती की है। बैंक ने यह कदम कोरोना वायरस संक्रमण के बाद पैदा हालात के...
अभिनेत्री रेखा

इन आँखों की मस्ती के मस्ताने ………………………………

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नवीन शर्मा इन आँखों की मस्ती के मस्ताने ...उमराव जान फिल्म में रेखा पर फिल्माया गया यह गीत उन पर एकदम फिट बैठता है।...
जार्ज फर्नांडिस के नाम पर किसी हवाई अड्डे का नामकरण करने की मांग भाजपा के राज्यसभा सदस्य व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने केंद्र सरकार से की है।

जार्ज फर्नांडिस के नाम पर देश में ढंग का कोई स्मारक क्यों नहीं?

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सुरेंद्र किशोर जार्ज फर्नांडिस के नाम पर किसी हवाई अड्डे का नामकरण करने की मांग भाजपा के राज्यसभा सदस्य व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश...
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल रहे थे।

जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन द्वंद्व के रहे

जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल...

बिहार को आगे बढ़ाने में केंद्र निभा रहा ऐतिहासिक भूमिका: राजीव रंजन

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पटना। बिहार के विकास के लिए केंद्र सरकार को प्रतिबद्ध बताते हुए भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने बिहार के हो...

मलिकाइन के पातीः बाप रे, बिहार में बाग के बाग कुलबांसी

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मलिकाइन के पाती अबकी घसिटउआ मोबाइल पर लिखा के आइल बा। ऊ अपने त ना लिख पवली, बाकिर गांव के कवनो कनिया से लिखवा...
अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि वे खुद में एक संस्था थे। बहुलता को बचाने और बढ़ाने का निरंतर यत्न किया। विस्तार से बता रहे हैं कृपाशंकर चौबे

अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि खुद में एक संस्था थे

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अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि वे खुद में एक संस्था थे। बहुलता को बचाने और बढ़ाने का निरंतर यत्न किया।...