प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने से प्रभात खबर बच गया। बता रहे हैं ओमप्रकाश अश्क

प्रभात खबर जब बिकते-बिकते बचा, जानिए पूरी कहानी

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प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने...

मलिकाइन के पाती- देवी-देवता के पावर खतम हो गइल का मलिकार!

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पावं लागीं मलिकार। काल्ह सांझे से मन अइसन छउंछियाइल बा कि भर रात नीन ना आइल। फजीर होत रउरा के पाती लिखवावे बइठ गइल...
महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि 19 जनवरी है। वर्ष 1597 में उनका इसी दिन निधन हुआ था। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को हुआ था।

महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाई, पर अकबर की अधीनता कबूल नहीं की….पुण्यतिथि...

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मध्यकाल के इतिहास लेखन के बारे में नेहरू युग के कम्युनिस्ट इतिहासकारों ने नये इतिहास लेखकों को यह निदेश दिया था कि महाराणा प्रताप...

बिहार को आगे बढ़ाने में केंद्र निभा रहा ऐतिहासिक भूमिका: राजीव रंजन

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पटना। बिहार के विकास के लिए केंद्र सरकार को प्रतिबद्ध बताते हुए भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने बिहार के हो...

शहादत दिवस पर नमनः साहसी और प्रेरक चंद्रशेखर आजाद

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नवीन शर्मा भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सबसे अधिक प्रभावशाली क्रांतिकारियों में चंद्रशेखर आजाद को गिना जाता है। उनका जन्म 23 जुलाई ...

लालू के घर झगड़े की वजह कहीं ऐश्वर्या राय तो नहीं!

पटना। लालू प्रसाद के परिवार में भाइयों के बीच कलह के मूल में तेज प्रताप की नवब्याहता ऐश्वर्या राय 5 जुलाई को राजद का...

घोषणा के बावजूद अब तक नहीं बना बिस्मिल्लाह खां विश्वविद्यालय

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मुरली मनोहर श्रीवास्तव पटना। वक्त बदलता है, वक्त के साथ व्यक्ति इस जहां को अलविदा कर जाते हैं, मगर उनकी कीर्तियां उन्हें इतिहास के...
शिक्षा नीति- 2020

शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है

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प्रो. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है। भारतीय शिक्षा में भाषा की भूमिका उसके...

एक वैज्ञानिक, जिसने बताया कि पौधों को भी दर्द होता है

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जयंती पर विशेषः पेड़-पौधों में जीवन का राज बताने वाले जगदीश चंद्र बोस नवीन शर्मा आधुनिक भारत में जिस भारतीय वैज्ञानिक ने सबसे पहले विश्व...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना की राजनीति और राजनीति का कोरोनाकरण

कोरोना बंदी के 62 दिन बाद भी न कोरोना थमा और न इस पर राजनीति। कोरोना जान लेने पर तुला है और राजनीतिकों को...