बाबा साहब ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा
बाबा साहब भीमराव अंबेदकर ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा। तभी तो उन्होंने कहा था- जातिभेद और धर्मभेद तो...
इंटर फेल भी अब कर सकेंगे ग्रेज्युएशन, इग्नू दे रहा मौका
पटना। ग्रेज्युएशन तक की पढ़ाई हर छात्र की इच्छा होती है। कई बार इंटर पास नहीं करने के कारण ऐसे छात्रों की मनोकामना पूरी नहीं...
आलोक तोमर की यादः सुप्रिया के प्रेम में आकंठ डूब गया था
आलोक तोमर अपनी पत्नी को बेहद प्यार करते थे। शादी से पहले सुप्रिया के प्रति उनके प्रेम के कई किस्से हैं। आलोक तोमर के...
बेरोजगारी की मार से त्रस्त हैं देशभर के पत्रकार
लोकनाथ तिवारी
की रे किछू काजेर संधान पेली, छ मास धोरे घोरे बंदी होये पोड़े आची। (क्या रे कोई काम काज खोजा, छह महीने...
पी.एफ.आई. पर अब इस देश को अपना रुख तय करना होगा
सुरेंद्र किशोर
पी.एफ.आई. (पापुलर फ्रंट आफ इंडिया) पर नजर रखिए। उसके प्रकट और छिपे इरादों को समझिए। इसकी वजह समझा रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार...
संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का बड़ा योगदान रहा
ध्रुव गुप्त
संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब...
कामराज ने दो बार पीएम का पद ठुकराया, मरे तो सौ रुपये पास थे
प्रेमकुमार मणि
एक नेता, जो न हिंदी जानता है, और न अंग्रेजी। जिसने बस छठी कक्षा तक की पढ़ाई की हुई है और भारत...
ज्योति बसु का करिश्माई व्यक्तित्व, विपक्ष भी लोहा मानता था
ज्योति बसु का करिश्माई व्यक्तित्व था। विपक्ष भी उनका लोहा मानता था। एक मौका ऐसा आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी मिलती दिखी। ज्योति...
आलोक तोमर की याद: अब यहॉं कोई नहीं है, सिर्फ पत्ते डोलते हैं
आलोक तोमर ने इंडियन एक्सप्रेस घराने के अखबार जनसत्ता के शुरुआती दिनों में अपनी रिपोर्ट से धमाल मचा दिया था। खासकर सिख दंगों की...
वोहरा कमिटी की रिपोर्ट पर अमल होता तो हालात नहीं बिगड़ते
सुरेंद्र किशोर
1993 में मुम्बई में भीषण बम विस्फोट हुए थे। उस घटना के बाद वोहरा कमेटी बनी। उसने बहुत जल्द ही अपनी रपट सरकार...


















