सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थी। बांग्ला के विशिष्ट कवि सुभाष मुखोपाध्याय की आज जयंती (12 फरवरी 1919- 8 जुलाई 2003) है।

सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थीः जयंती पर विशेष

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कृपाशंकर चौबे सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थी। बांग्ला के विशिष्ट कवि सुभाष मुखोपाध्याय की आज जयंती (12 फरवरी 1919- 8...
अभिनेत्री रेखा

इन आँखों की मस्ती के मस्ताने ………………………………

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नवीन शर्मा इन आँखों की मस्ती के मस्ताने ...उमराव जान फिल्म में रेखा पर फिल्माया गया यह गीत उन पर एकदम फिट बैठता है।...
Corporate की मदद के बिना राजनीति असंभव है

धीरू भाई अंबानी और चंद्रशेखर जब कलकत्ता में एक होटल में गुपचुप मिले, जानिए...

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सच बात यही है कि कोई दल/ नेता कितना भी कॉर्पोरेट के खिलाफ बोल ले, कम्युनिस्ट पार्टियों को छोड़कर हर दल को उद्योगपतियों से...

साहिब बीवी और गुलाम जैसी फिलों के गानों ने मशहूर किया गीता को

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वीर विनोद छाबड़ा  मेरा सुंदर सपना बीत गया...(दो भाई), तदबीर से बिगड़ी हुई तदबीर बना ले...(बाज़ी), आज सजन मोहे अंग लगा ले...(प्यासा), जाने क्या...
पद्मश्री डॉ. कृष्णबिहारी मिश्र का प्राण अपने गांव में बसता है। इससे कुछ बचता है तो वह बनारस में  बसता है। बनारस में वे अपने बनारस का पता ढूंढते हैं और गांव में अपने गांव का पता।

कृष्णबिहारी मिश्र की दरवेशी दृष्टि के बारे में बता रहे मृत्युंजय

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कृष्णबिहारी मिश्र का प्राण अपने गांव में बसता है। इससे कुछ बचता है तो वह बनारस में  बसता है। बनारस में वे अपने बनारस...

हिन्दी ग्रेजुएट को हरिवंश जी ने बिजनेस अखबार का प्रभारी बना दिया

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पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी पढ़ें। कल आपने पढ़ा कि वह जनसत्ता छोड़ प्रभात खबर समूह...
नीतीश कुमार पर उनकी ही सरकार के साझीदार दल बीजेपी का दबाव बढ़ने लगा है कि वे कोटा में फंसे बिह7ार के बच्चों को लाने की पहल करें।

बिहार में वंचितों के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही सरकार

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पटना। राज्य का समुचित और वास्तविक विकास तभी संभव है, जब इसमें रहने वाले पिछड़े, वंचित संसाधन विहीन वर्ग के लोगों तक भी सरकारी...
रांची की पतरातू घाटी

यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत ने रामकथा लिखी

संजय कृष्ण यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत फादर कामिल बुल्के ने रामकथा लिखी। यह वही रांची है, जहां राष्ट्रकवि दिनकर ने...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना संक्रमण शहरों से बढ़ा अब गांवों की ओर……

डॉ. संतोष मानव कोरोना संक्रमण शहरों से अगर गांवों तक पहुंच गया, तो क्या होगा? हाहाकार और क्या? इस हाहाकार के लक्ष्ण दिखने भी...

चित्रा नक्षत्र व वैधृति योग में 10 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र

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पटना। नवरात्र देवी दुर्गा को समर्पित पर्व है। इसमें देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों का पूजन किया जाता है। नवरात्र के दसवें दिन विजयदशमी...