डा. राम मनोहर लोहिया का संदेश- ‘‘बिजली की तरह कौंधो
सुरेंद्र किशोर
डा. राम मनोहर लोहिया ने संदेश दिया- ‘‘बिजली की तरह कौंधो और सूरज की तरह स्थायी हो जाओ।’’ 1967 की गैर कांग्रेसी...
दो मजदूरों की जान जाने के बाद भी नहीं खुली हनुमान चीनी मिल
बिहार के 89% लोग गाँव में रहते हैं और 70% लोग कृषि के कमाई पर ही निर्भर हैं। उपजाऊ मिट्टी और भरपूर पानी होने...
बंदूक व कलम की जुगलबंदी का नाम है मन्मथनाथ गुप्त
जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
आमतौर पर बंदूक व कलम को दो विपरीत ध्रुव मानी जाती हैं। इन दोनों से ही तालमेल बना कर जिस...
जननायक का जन्मदिनः कर्पूरी ठाकुर सही मायने में जननायक थे
जननायक कर्पूरी ठाकुर का आज जन्मदिन है। कर्पूरी ठाकुर सही मायने में जननायक थे। गरीबों-दलितों के उत्थान के लिए उन्होंने जो किया, वह नहीं...
बाबू कुँवर सिंह तेगवा बहादुर के विजयोत्सव को याद करने का दिन
सुरेंद्र किशोर
बाबू कुँवर सिंह तेगवा बहादुर के विजयोत्सव का याद करने का दिन है 23 अप्रैल। वीर कुंवर सिंह के विजय की अनकही-अनसुनी...
कृष्णबिहारी मिश्र की दरवेशी दृष्टि के बारे में बता रहे मृत्युंजय
कृष्णबिहारी मिश्र का प्राण अपने गांव में बसता है। इससे कुछ बचता है तो वह बनारस में बसता है। बनारस में वे अपने बनारस...
जन्मदिन के अवसर पर डा. राम मनोहर लोहिया की याद में कुछ बातें
सुरेंद्र किशोर
वर्ष 1967 में 12 अक्तूबर को लोहिया का निधन हो गया। उस समय वे करीब 57 साल के ही थे। नई दिल्ली के...
केंद्र के डीए रोकने के फैसले से निजी क्षेत्र के कामगारों पर मंडराता खतरा
केंद्र सरकार के हालिया एक फैसले से निजी क्षेत्र के कामगारों पर ‘कोरोना’ संकट का खतरा मंडरा रहा है। केंद्र सरकार ने डीए की...
मलिकाइन के पातीः ना रही बांस, ना बाजी बंसुरी
पावं लागीं मलिकार!
काली माई के किरपा से सब केहू इहवां ठीक बा, बरम बाबा से निहोरा बा जे रउरो ठीक रहीं। ए मलिकार, ई...
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए
Chanchal Bhu
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को याद करते हुए। बलिया से उठा, बुलन्दी छू गया। ठेठ, खुद्दार, गंवई अक्स, खादी की सादगी में मुस्कुराता...




















