इसी अखबार में एम. चेलापति राव 30 साल तक संपादक रहे

एक संपादक ऐसा भी, जिसके लिए पद्म भूषण निरर्थक था

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एक संपादक ऐसा भी, जिसके लिए पद्म भूषण निरर्थक था। यह सुन कर लोगों को आश्चर्य होगा, लेकिन ऐसा एम. चेलापति राव (दिवंगत) ने...
पाकिस्तानी सेना के जनरल एके नियाजी जब बांग्लादेश युद्ध में हार के बाद सरेंडर कर रहे थे तो वहां मौजूद भीड़ उन्हें मारने पर उतारू थी. भीड़ से बचाने के लिए भारतीय जवानों ने मानव  प्राचीर बना दी.

पाकिस्तानी सेना के जनरल को जब हमारे जवानों ने बचा लिया 

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पाकिस्तानी सेना के जनरल एके नियाजी जब बांग्लादेश युद्ध में हार के बाद सरेंडर कर रहे थे तो वहां मौजूद भीड़ उन्हें मारने पर...
जुगनू शारदेय चले गये। अपने जमाने के नामी पत्रकार। स्वाभीमानी और संयत. अंतिम दिनों में उनका अकेलापन, उनके जाने से दुखी नहीं करता।

जुगनू शारदेय नहीं रहे, सोशल मीडिया पर छायी निधन की सूचना

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जुगनू शारदेय चले गये। अपने जमाने के नामी पत्रकार। स्वाभीमानी और संयत. अंतिम दिनों में उनका अकेलापन, उनके जाने से दुखी नहीं करता। इसलिए...
ओशो ने कहा था- निंदा रस का धंधा है तुम्हारी पत्रकारिता। पत्रकारों की दृष्टि ही मिथ्या हो जाती है। उनके धंधे का मतलब ही यह है कि जनता जो चाहती है, वह लाओ खोजबीन कर।

ओशो ने प्रवचन में कहा था- निंदा रस का धंधा है तुम्हारी पत्रकारिता 

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ओशो ने प्रवचन में कहा था- निंदा रस का धंधा है तुम्हारी पत्रकारिता। पत्रकारों की दृष्टि ही मिथ्या हो जाती है। उनके धंधे का...
साहित्यकारों में आपसी सौहार्द का प्रतीक है, फणीश्वर नाथ रेणु व सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय का संबंध

साहित्यकारों में आपसी सौहार्द का प्रतीक है, अज्ञेय व रेणु का संबंध

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साहित्यकारों में आपसी सौहार्द्र का प्रतीक है, अज्ञेय और रेणु का यह संबंध। फणीश्वर नाथ रेणु के प्रति अज्ञेय के मन में काफी सम्मान...
रामविलास पासवान आज पंचतत्व में विलीन हो गये, लेकिन कई लोगों के लिए कई यादें छोड़ गये हैं। लोग उनकी  खूबी-खामी पर खूब बोल रहे।

रामविलास पासवान का नहीं होना, उनके चहेतों को काफी खलेगा

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रामविलास पासवान आज पंचतत्व में विलीन हो गये, लेकिन कई लोगों के लिए कई यादें छोड़ गये हैं। लोग उनकी  खूबी-खामी पर खूब बोल...
दिवंगत पूर्व सांसद ए.के. राय

राजनीति में आसान नहीं है कामरेड ए.के. राय बनना

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राजनीति में आसान नहीं है ए.के. राय बनना। दो दिनों पहले कामरेड एके राय का निधन हो गया। तकरीबन साढ़े आठ दशक के जीवन...
देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे। ललित सुरजन पत्रकारिता और सर्वोच्च इंसानी मान्यताओं के अजातशत्रु थे। ललित सुरजन जी  चले गए।

देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे, एक अजात शत्रु का जाना

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शेष नारायण सिंह देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे। ललित सुरजन पत्रकारिता और सर्वोच्च इंसानी मान्यताओं के अजातशत्रु थे। वे पत्रकारिता के अजातशत्रु...
तेजस्वी यादव

RJD सवर्णों को साधने में जुटा, भूराबाल से किया किनारा

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पटना। बिहार फिलहाल दलित-पिछड़े और सवर्ण राजनीति के घनचक्कर में फंसा है। दलितों के प्रति लगभग सभी दलों का झुकाव हाल के दिनों में...

वीपी सिंह को याद करते हुएः राजा नहीं, फकीर है

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वीपी सिंह एक ऐसे प्रधानमंत्री और नेता थे, जिनके लिए लोगों ने ये नारा लगाया- राजा नहीं फ़क़ीर है- भारत की तक़दीर है! वर्तमान...