बेरोजगारी पर बहस नयी नहीं, लेकिन सेन्टर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट ने बहस को नया जीवन दे दिया है।

टीवी न्यूज चैनल लिब्रिटी जर्नलिज्म की नई परिभाषा लिखने में मस्त

0
टीवी न्यूज चैनल लिब्रिटी जर्नलिज्म की नई परिभाषा लिखने में मस्त हैं। इस कवायद में महिमागान से लेकर चरित्रहनन तक हर हथकंडे अपनाए जा...
बिहार में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 5,175 हो गयी है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 203 नये पॉजिटिव मामले सामने आये हैं।

कोरोना डायरी- (4) कोरोना काल नहीं, इसे द्रोहकाल कहिए जनाब !

0
डा. संतोष मानव कोरोना डायरी का चौथा भाग पढ़ेः यह सिर्फ कोरोना काल नहीं है। यह द्रोहकाल भी है। ध्यान से देखिए, हर घर...

नहीं भूलती इमरजेंसी में विपक्षी नेताओं पर पुलिस की पहरेदारी

0
25 जून, 1975 को जब देश में आपातकाल लगा तो उस समय जार्ज फर्नांडीस ओडिशा में थे। अपनी पोशाक बदल कर जुलाई में जार्ज...

फाइटर संदीप सिंह के जज्बे की दास्तान सुनाती है सूरमा

0
आज भले ही क्रिकेट हमारे देश का सबसे लोकप्रिय खेल बन गया है, लेकिन हमारा राष्ट्रीय खेल तो हॉकी ही है। हॉकी में भारत...

जयंती पर विशेषः ओशो आधुनिक युग का  विद्रोही संन्यासी

0
नवीन शर्मा आचार्य रजनीश जो बाद में ओशो के नाम से जाने जाते हैं, वे आधुनिक भारत की सबसे चर्चित और और विवादास्पद आध्यात्मिक...

हिंदी सिनेमा के सदाबहार हीरो देव आनंद के इन बातो को जानते है

0
सदाबहार हीरो देव आनंद के जन्मदिन पर विशेष सार्थक समय डेस्क : वैसे तो हिंदी सिनेमा में एक से बढ कर एक हैंडसम और स्मार्ट...
इंदिरा गांधीः आपातकाल की प्रणेता

लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल

0
नवीन शर्मा लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल। निरंकुश राजतंत्र की तुलना में लोकतंत्र काफी अच्छी व्यवस्था है। यह शासन व्यवस्था को निरंकुश...
घुसपैठ पर ममता बनर्जी का 2005 में जो स्टैंड था, वह ममता 2021 में भूल गयी हैं। किंतु संकेत हैं कि मतदाता उन्हें इस बार याद दिला देंगे!

घुसपैठ पर ममता बनर्जी 2005 का स्टैंड 2021 में भूल गयी हैं

0
सुरेंद्र किशोर घुसपैठ पर ममता बनर्जी का 2005 में जो स्टैंड था, वह ममता 2021 में भूल गयी हैं। किंतु संकेत हैं कि मतदाता...
लोक का सांस्कृतिक पक्ष हमेशा से संवादधर्मी रहा है। भारतीय समाज के परिप्रेक्ष्य में देखें तो तीन संस्कृतियाँ मूलतः देखने को मिलती हैं।

लोक का सांस्कृतिक पक्ष हमेशा से संवादधर्मी रहा है……………………

0
लोक संवाद करता है। उसके अपने तरीक़े हैं। आप किताबी ज्ञान के ज़रिए उससे संवाद स्थापित नहीं कर सकते। उससे संवाद करने के लिए...
लारेंस फरलेंग्टी ने 101 साल की उम्र में भी कविता लिखी। उन्हें युद्ध से नफरत थी। मानवता से मुहब्बत के आदी थी। बुढ़ापे में बेहद रूमानी।

लारेंस फरलेंग्टी की की मौत पर शहर में मातम मना…

0
लारेंस फरलेंग्टी ने 101 साल की उम्र में भी कविता लिखी। उन्हें युद्ध से नफरत थी। मानवता से मुहब्बत के आदी थी। बुढ़ापे में...