कंगना राणावत के बयान को उसका ज्ञान समझने की भूल न करें
अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर...
मीडिया में बेरोजगारी का तेजी से बढ़ रहा है संकट
उमेश चतुर्वेदी
दिल्ली की हिंदी पत्रकारिता में एक जबर्दस्त चलन है। जिन्हें रोजगार की तलाश होती है, वे रोजगार दे सकने वाले लोगों...
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन द्वंद्व के रहे
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल...
आर्थिक उदारीकरण ने पैकेज तो दिये, पर बाजार के रास्ते ले लिये
आर्थिक उदारीकरण ने आपको वेतन-पैकेज लाख-करोड़ रुपये तो दिये, लेकिन ये पैसे बाजार के रास्ते फिर पूंजीपतियों के पास ही पहुंच गये। इसे कोई...
महात्मा गांधी के धुर विरोधी सी आर दास कैसे उनके मुरीद बन गये
महात्मा गांधी के धुर विरोधी सी आर दास कैसे उनके मुरीद बन गये, बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह। गांधी में अपनी...
लेखक सआदत हसन मंटोः ठंडा गोश्त जैसी कहानियों के बदनाम लेखक
पुण्यतिथि पर संस्मरण
नवीन शर्मा
सआदत हसन मंटो (11 मई 1912-18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं- बू, खोल दो, ठंडा गोश्त...
आना मेरी जान संडे के संडे…गाना सुनें तो दुलारी जरूर दिख जाएंगी
वीर विनोद छाबड़ा
आना मेरी जान संडे के संडे सुनें तो दुलारी दिख जाएंगी। दुलारी, कभी नाम सुना होगा या चेहरा याद होगा। कभी...
‘अहवा’ भगाने की लुकाठी से असमय दीपावली के टोटके तक
'अहवा' भगाने की लुकाठी से असमय दीपावली के टोटके तक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर डीयू के प्रोफेसर गोपेश्वर सिंह ने एक...
पांडवों ने स्थापित की थी आरा में मां आरण्य देवी की प्रतिमा
आरा। आरण्य देवी की पूजा यहां प्राचीन काल से हो रही है। मान्यता है कि देवी की स्थापना धर्मराज युद्धिष्ठिर ने की थी। इसे...
नामवर सिंह- कवि रामेश्वर पांडेय धूमिल के मास्टर साहब !
नामवर सिंह कवि रामेश्वर पांडेय धूमिल के मास्टर साहब थे। नामवर जितना काशीनाथ से स्नेह करते थे, उतना ही धूमिल से। एक बार वे...




















