विनम्र श्रद्धांजलिः जब कुलदीप नैयर साहब गेट फांद गए थे

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बिपेंद्र कुमार बात दशकों पुरानी है। साल याद नहीं। कुलदीप नैयर साहब पटना किसी कार्यक्रम में आये थे। गांधी संग्रहालय में ठहरे थे। रात...
चीन को सीमा से ही नहीं, सीने से भी बाहर करना होगा। अभी समय है। यह नहीं हुआ तो ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह चीन की कंपनियां भी धीरे-धीरे भारत को कब्जे में ले लेंगी।

चीन को सीमा से ही नहीं, सीने से भी बाहर करना होगा भारत को

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चीन को सीमा से ही नहीं, सीने से भी बाहर करना होगा। अभी समय है। यह नहीं हुआ तो ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह...
स्तंभकार राजनाथ सिंह सूर्य

पत्रकारिता के एक सूर्य का अस्त हो जाना यानी राजनाथ सिंह का जाना

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पत्रकारिता के एक सूर्य का अस्त हो जाना यानी राजनाथ सिंह का जाना। उनके निधन पर पत्रकारिता से सरोकार रखने वाले दुखी हैं तो...
नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चलने वाली भाजपा सरकार के पिछले सात वर्षों के कार्यकाल में देश के अंदर तनाव और टकराव बढ़ा है। सांप्रदायिक तनाव तो बढ़ा है। कह रहे हैं आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी

नीतीश कुमार के पास अब रास्ता नहीं, अकेले चल कर भी पिछड़ जायेंगे

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बिहार की राजनीति में अकेले चल पाना उनके लिए मुमकिन नहीं है. अब तक के अपने राजनीतिक जीवन में दो मर्तबा अकेले चले हैं....

मलिकाइन के पातीः दारू छूटल, झगड़ा-लफड़ा ओराइल

पावं लागीं मलिकार! रउरा त एकदमे गुलर के फूल हो गइल बानी। ना कवनो पाती आ न कवनो सनेशा। पइसवा बैरी त रउरा के...

जन्मदिन विशेषः खूबसूरती के चितेरे फिल्मकार यश चोपड़ा

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नवीन शर्मा यश चोपड़ा हिंदी फिल्मों में सबसे प्यारी रोमांटिक फिल्में बनाने वाले फिल्मकार थे। इसी वजह से उन्हें किंग्स ऑफ रोमांस कहा जाता...
वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों- संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था.

जयप्रकाश नारायण ने जब इंटरव्यू में कहा- मुझे कौन पूछता है!

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जयप्रकाश नारायण (जेपी) अपने आखिरी दिनों में काफी उदास थे। केंद्र व राज्य में जनता पार्टी की सरकारें बनने के बाद अपने साक्षात्कार में...
डॉ. अम्बेडकर ने 3 अप्रैल 1927 को मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ निकाला। वह पाक्षिक वर्ष 1929 तक यानी दो साल तक लगातार निकलता रहा।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर का ‘बहिष्कृत भारत’ और उनकी पत्रकारिता

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कृपाशंकर चौबे डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने 3 अप्रैल 1927 को मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ निकाला। वह पाक्षिक वर्ष 1929 तक यानी दो साल तक...
प्रवासी मजदूरों को बीच मंझधार में छोड़ना महंगा पड़ेगा। बता रहीं हैं पल्लवी प्रकाश

प्रवासी मजदूरों को बीच मंझधार में छोड़ना महंगा पड़ेगा

पल्लवी प्रकाश प्रवासी मजदूरों को बीच मंझधार में जिस तरह से सबने छोड़ दिया गया है, वह हम सबको बहुत महंगा पड़ेगा। उनके यागदान...
गांधीजी ने बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर धर्म की शिक्षा दी थी। चंपारण सत्याग्रह के दिनों की बात है। गांधीजी वहीं एक गांव में रुके हुए थे।

गांधीजी ने जब बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर दिया

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निराला गांधीजी ने बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर धर्म की शिक्षा दी थी। चंपारण सत्याग्रह के दिनों की बात है।...