सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थी। बांग्ला के विशिष्ट कवि सुभाष मुखोपाध्याय की आज जयंती (12 फरवरी 1919- 8 जुलाई 2003) है।

सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थीः जयंती पर विशेष

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कृपाशंकर चौबे सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थी। बांग्ला के विशिष्ट कवि सुभाष मुखोपाध्याय की आज जयंती (12 फरवरी 1919- 8...

अभिनेत्री शिविका दीवान को भाने लगी हैं भोजपुरी फिल्में

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अनूप नारायण सिंह पटना। भोजपुरी सिनेमा का वर्तमान दौर तेजी से बदल रहा है और उस बदलाव में प्रतिभा संपन्न और खूबसूरत अभिनेत्रियों का...

बिहार को आगे बढ़ाने में केंद्र निभा रहा ऐतिहासिक भूमिका: राजीव रंजन

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पटना। बिहार के विकास के लिए केंद्र सरकार को प्रतिबद्ध बताते हुए भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने बिहार के हो...

दू आंख से सरकार ना चलेले ए सुशासन बाबू!

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पावं लागी मलिकार। रउरा त मने मन रिसियाइल-खिसियाइल होखेब कि केतना दिन से हम रउरा के पाती ना पठवनी। सांच के आंच कइसन। रउरा...

भीड़ में बदल रहा है इक्कीसवीं सदी का भारत

इक्कीसवीं सदी में भारत भीड़ में बदल रहा है। उसकी नागरिकता अगर राष्ट्रीय स्तर पर बहुसंख्यक धर्म, सेना के प्रति समर्पण, काल्पनिक कथाओं व...

31 अक्टूबर को पूरे दिन पुष्य नक्षत्र, खरीदारी के लिए शुभ

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पटना। पुष्य का अर्थ होता है पोषण, ऊर्जा और शक्ति प्रदान करने वाला, यह शुभ एवं कल्याणकारी होता है। कार्तिक कृष्ण अष्टमी 31 अक्टूबर...
डॉ. अंबेडकर के संपादन में निकले पाक्षिक ‘समता’ में सावरकर के उस पक्ष को तरजीह दी गयी है, जिसमें उन्होंने रोटी-बेटी के संबंध का समर्थन किया है।

डॉ. अंबेडकर के पाक्षिक ‘समता’ में सावरकर के विचारों का समर्थन

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डॉ. अंबेडकर के संपादन में निकले पाक्षिक ‘समता’ में सावरकर के उस पक्ष को तरजीह दी गयी है, जिसमें उन्होंने रोटी-बेटी के संबंध का...

मलिकाइन के पाती ः पलिहर के बानर बनले बराती

मलिकाइन रोजे पाती पठावे के कहले रहली। कई दिन बात आज उनकर पाती पहुंचल बा। लीं, पढ़ीं अपना सभे- पांव लागीं मलिकार! रउरा त रिसियात-खिसियात...
फिल्म प्यासा को पोस्टर

गुरुदत्त की मुफलिसी की कहानी है क्लासिक फिल्म- ‘प्यासा’

वीर विनोद छाबड़ा  गुरुदत्त की मुफलिसी की कहानी है क्लासिक फिल्म- 'प्यासा'। क्लासिक फिल्म- 'प्यासा' और ग्रेट मैन गुरुदत्त। यह कहीं से भी अतिशयोक्ति...

उसे मत मारो ओशो के निजी सचिव आनंद शीला की दास्तान

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नवीन शर्मा ओशो रजनीश की पूर्व निजी सचिव मां आनंद शीला ने अपने संस्मरण ‘उसे मत मारो, भगवान रजनीश के साथ मेरे जीवन की...