जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें मरङ गोमके के तौर पर जाना जाता है।

जयपाल सिंह मुंडा के बारे में जानें, आदिवासी नायकों की मजबूत कड़ी थे

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विशद कुमार जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें...

लालू के घर झगड़े की वजह कहीं ऐश्वर्या राय तो नहीं!

पटना। लालू प्रसाद के परिवार में भाइयों के बीच कलह के मूल में तेज प्रताप की नवब्याहता ऐश्वर्या राय 5 जुलाई को राजद का...

इतिहास के आईने में बिहारः सुगांव डायनेस्टी और विद्यापति 

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लेखक-पत्रकार संजय ठाकुर की अप्रकाशित इतिहास की पुस्तक- विद्यापति और सुगांव (अतीत के आईने में चम्पारण) का एक अंश  पूर्वी चम्पारण जिला के सुगौली प्रखंड के ...
आरएसएस के नए सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले हैं तो बड़े दिल वाले, लेकिन संघ के सरकार्यवाह के रूप में उनके सामने हैं चुनौतियां भी हैं।

आरएसएस के नए सरकार्यवाह होसबाले के सामने हैं कई चुनौतियां

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प्रो. संजय द्विवेदी आरएसएस के नए सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले हैं तो बड़े दिल वाले, लेकिन संघ के सरकार्यवाह के रूप में उनके सामने हैं...
कृषि कानून ठीक है, पर उसमें कुछ खामियां भी हैं। उनको ठीक किया जाना चाहिए, नहीं तो वे नतीजे नहीं निकलेंगे, जो निकलना चाहिए।

कृषि कानून का विरोध और पश्चिम बंगाल का अकाल

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अमरनाथ कृषि कानून के विरोध को पश्चिम बंगाल के अकाल के परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। अकाल में भूख से 30 लाख लोगों...

उसे मत मारो ओशो के निजी सचिव आनंद शीला की दास्तान

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नवीन शर्मा ओशो रजनीश की पूर्व निजी सचिव मां आनंद शीला ने अपने संस्मरण ‘उसे मत मारो, भगवान रजनीश के साथ मेरे जीवन की...

ASHA BHOSLE का जन्मदिनः जुस्तजू जिसकी थी, उसको तो ना पाया हमने

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नवीन शर्मा आशा भोंसले हिंदी सिनेमा की दूसरी सबसे बड़ी गायिका हैं। पहला स्थान उनकी दीदी लता मंगेशकर का है। आशा का जन्म 8...

1984 के सिख विरोधी दंगों पर यकीनन राहुल गांधी का बयान बचकाना

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जयशंकर गुप्त आज लिखना तो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, रक्षाबंधन के बारे में चाह रहा था, लेकिन 1984 के सिख विरोधी दंगों के बारे...
अच्युतानंद मिश्र (बायें) का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख अतुलनीय है।

अच्युतानंद मिश्र का हिन्दी पत्रकारिता में अवदान असाधारण है

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कृपाशंकर चौबे अच्युतानंद मिश्र का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख...

शहर छोड़ गांव को संवारने में लगी हैं IAS की पत्नी ऋतु जायसवाल

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गाँव से निकल लोग जब सफल हो जाते हैं तो उसके बाद पिछे मुड़ कर वे अपने गाँव और समाज को देखते भी नहीं...