कृषि कानून ठीक है, पर उसमें कुछ खामियां भी हैं। उनको ठीक किया जाना चाहिए, नहीं तो वे नतीजे नहीं निकलेंगे, जो निकलना चाहिए।

कृषि कानून का विरोध और पश्चिम बंगाल का अकाल

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अमरनाथ कृषि कानून के विरोध को पश्चिम बंगाल के अकाल के परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। अकाल में भूख से 30 लाख लोगों...

हिंदी सिनेमा को साहित्य से जोडऩेवाली कड़ी बिमल राय

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भारतीय सिनेमा को उत्कृष्ट ऊंचाई पर ले जाने वाले प्रारंभिक निर्देशकों में बिमल रॉय सबसे अव्वल माने जाते हैं। 12 जुलाई, 1909 में बांग्लादेश...
आलोक तोमर अपनी पत्नी को बेहद प्यार करते थे। शादी से पहले सुप्रिया के प्रति उनके प्रेम के कई किस्से हैं। आलोक तोमर के ऐसे किस्से सामने आये हैं।

आलोक तोमर की याद: अब यहॉं कोई नहीं है, सिर्फ पत्ते डोलते हैं

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आलोक तोमर ने इंडियन एक्सप्रेस घराने के अखबार जनसत्ता के शुरुआती दिनों में अपनी रिपोर्ट से धमाल मचा दिया था। खासकर सिख दंगों की...

साहिब बीवी और गुलाम जैसी फिलों के गानों ने मशहूर किया गीता को

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वीर विनोद छाबड़ा  मेरा सुंदर सपना बीत गया...(दो भाई), तदबीर से बिगड़ी हुई तदबीर बना ले...(बाज़ी), आज सजन मोहे अंग लगा ले...(प्यासा), जाने क्या...
UNLOCK प्रक्रिया में ढिलाई के हो सकते हैं घातक परिणाम। बता रही हैं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की राजस्थान स्टेट की ब्रांड अंबेस्डर अनुपमा सोनी

UNLOCK प्रक्रिया में ढिलाई के हो सकते हैं घातक परिणाम

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अनुपमा सोनी UNLOCK प्रक्रिया में ढिलाई के हो सकते हैं घातक परिणाम। इसलिए आवश्यक है कि UNLOCK प्रक्रिया में ढिलाई बरतने से हम परहेज...
अटल बिहारी वाजपेयी ने पंडित जवाहर लाल नेहरू के निधन पर यह कह कर श्रद्धांजलि दी थी- उनकी देशभक्ति के प्रति हमारे हृदय में आदर के अतिरिक्त और कुछ नहीं है।

अटल बिहारी वाजपेयी ने नेहरू को देशभक्त कह कर श्रदांजलि दी थी

अटल बिहारी वाजपेयी ने पंडित जवाहर लाल नेहरू के निधन पर उन्हें देशभक्त कहा था। अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा- उनकी देशभक्ति के प्रति...
लेखक या कवि क्यों और किसलिए लिखता है, जानने के लिए इस लेख को पढ़ लें। सबके लेखन की अपनी सोच है। कोई नाम के लिए लिखता है तो कुछ दाम के लिए लिखते हैं।

लेखक या कवि क्यों और किसलिए लिखता है, जानने के लिए इसे पढ़ें

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लेखक या कवि क्यों और किसलिए लिखता है, जानने के लिए इस लेख को पढ़ लें। सबके लेखन की अपनी सोच है। कोई नाम...
फणीश्वरनाथ रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं।

रेणु से मैंने सवाल किया, “आपने पालिटिक्स क्यों छोड़ दी?”

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रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं। दुनिया को...
रामनन्दन बाबू ने आज ही के दिन (28 अप्रैल) को पर्दा प्रथा के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया था। ऐतिहासिक दिन है आज। पूरे देश के लिए। बिहार के लिए तो और विशेष।

बिहार के रामनन्दन बाबू ने जब पर्दा प्रथा के खिलाफ बिगुल बजाया

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निराला बिहार के रामनन्दन बाबू ने आज ही के दिन (28 अप्रैल) को पर्दा प्रथा के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया था। ऐतिहासिक दिन...
वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों- संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था.

जयप्रकाश नारायण ने जब रेणु से साहित्यिक सहयोग मांगा

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प्रस्तुतिः गोपेश्वर सिंह जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने फणीश्वर नाथ रेणु से एक बार साहित्यिक सहयोग मांगा था। इसके लिए जयप्रकाश जी ने रेणु को...