गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप पढ़ चुके हैं।

गोवर्धन पाठक का कमंडल………………………………

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अरविंद चतुर्वेद अगर बाबूघाट पर चोरी न हुई होती और उनका सबकुछ चला न गया होता तो गोवर्धन पाठक से शायद मुलाकात भी न...
लारेंस फरलेंग्टी ने 101 साल की उम्र में भी कविता लिखी। उन्हें युद्ध से नफरत थी। मानवता से मुहब्बत के आदी थी। बुढ़ापे में बेहद रूमानी।

लारेंस फरलेंग्टी की की मौत पर शहर में मातम मना…

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लारेंस फरलेंग्टी ने 101 साल की उम्र में भी कविता लिखी। उन्हें युद्ध से नफरत थी। मानवता से मुहब्बत के आदी थी। बुढ़ापे में...
कृषि कानून के विरोध को पश्चिम बंगाल के अकाल के परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। अकाल में भूख से 30 लाख लोगों की तड़प-तड़प कर मौत हुई थी।

दो मजदूरों की जान जाने के बाद भी नहीं खुली हनुमान चीनी मिल

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बिहार के 89% लोग गाँव में रहते हैं और 70% लोग कृषि के कमाई पर ही निर्भर हैं। उपजाऊ मिट्टी और भरपूर पानी होने...
महात्मा गांधी

महात्मा गांधी ने हर कालखंड में तानाशाही को चुनौती दी

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शेष नारायण सिंह महात्मा गांधी ने हर कालखंड में तानाशाही को चुनौती दी। यह रामबाण की तरह असरदार भी रहा है। गांधीजी ने चंपारण में...
आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता का दिलचस्प उदाहरण है। हालांकि नयी पीढ़ी के राजनीतिज्ञों को वह नहीं पचेगी।

आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता

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आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता का दिलचस्प उदाहरण है। हालांकि नयी पीढ़ी के राजनीतिज्ञों को वह नहीं पचेगी। लेकिन नई...

लेखक सआदत हसन मंटोः ठंडा गोश्त जैसी कहानियों के बदनाम लेखक

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पुण्यतिथि पर संस्मरण नवीन शर्मा सआदत हसन मंटो (11 मई 1912-18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं- बू, खोल दो, ठंडा गोश्त...
अज्ञेय और रेणु के संबंध कितने मधुर थे, इसे कई प्रसंगों का जिक्र कर वरिष्ठ साहित्यकार भारत यायावर ने बताने-समझाने की कोशिश की है।

अज्ञेय और रेणु के संबंध कितने मधुर थे, समझें इस आलेख से

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अज्ञेय और रेणु के संबंध कितने मधुर थे, इसे कई प्रसंगों का जिक्र कर वरिष्ठ साहित्यकार भारत यायावर ने बताने-समझाने की कोशिश की है।...
25 जून भारतीय राजनीति में एक उल्लेखनीय तारीख है। इसी रोज 1975 में, तत्कालीन इंदिरा सरकार ने इमरजेंसी लगाई थी। दरअसल वह आपातकाल नहीं, आतंककाल था।

कांग्रेस ने भी किया था बांग्लादेश विजय का चुनावी इस्तेमाल!

सुरेंद्र किशोर पुलावामा कांड के बाद बालाकोट में भारतीय वायुसेना ने जब सर्जिकल स्ट्राइक की तो भाजपा ने इसे चल रहे लोकसभा चुनाव में...
बंगाल की कुछ ऐसी खबरें,जिन्हें आप जानना चाहेंगे। DYFI कार्यर्ताओं ने पुलिस वालों को आज दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। मौलाली का इलाका रण क्षेत्र बना रहा

आरक्षण का मक़सद समाज को मज़बूत करना है, कमजोर करना नहीं

प्राप्त सूचनाओं, जिनमे अटकलों से इंकार नहीं किया जा सकता, के अनुसार केंद्र सरकार राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग पर नए विधेयक लाने की तैयारी में है। चर्चा...

अटल बिहारी वाजपेयी जी के 1942 में रोल की सत्यता 

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के विक्रम राव जब तक अटल बिहारी वाजपेयी चुनावी राजनीति से रिटायर नहीं हुये थे,  उन पर हर लोकसभाई निर्वाचन के दौरान आरोप लगाया...