क्या आप जानते हैं कि चर्चित साहित्यकार मुद्राराक्षस भी चुनाव लड़े थे
नागेन्द्र
क्या आप जानते हैं कि चर्चित साहित्यकार मुद्राराक्षस भी चुनाव लड़े थे और तमाम लहर और सहयोग के बावजूद 1200 वोटों से संतोष करना पड़ा।...
भाजपा को मिल गया एक और भावनात्मक मुद्दा
जम्मू-कश्मीर में भाजपा का पीडीपी से गठबंधन तोड़ना उचित फैसला है। इसके पीछे 2019 का चुनाव वजह हो या बेकाबू सिरफिरों के साथ सख्ती...
कृषि कानून का विरोध और पश्चिम बंगाल का अकाल
अमरनाथ
कृषि कानून के विरोध को पश्चिम बंगाल के अकाल के परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। अकाल में भूख से 30 लाख लोगों...
स्मिता पाटिल अब तक अपनी अदा के कारण दर्शकों को याद हैं
पुण्पतिथि पर विशेष
नवीन शर्मा
स्मिता पाटिल हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिभावान अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने अपनी कई फिल्मों में एक से बढ़कर...
उर्दू अल्पसंख्यकों की भाषा नहीं है, भाषा किसी कौम की नहीं होती
अमरनाथ
उर्दू को अल्पसंख्यक मामलों से जोड़ने के मुद्दे पर ‘टेलीग्राफ’ में छपी खबर देखकर हैरान हूं। कोई भी भाषा किसी खास मजहब या...
लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता और बेकाबू कोरोना
सुशील मिश्रा
लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता फंसी है। कोरोना बेकाबू हो रहा है। कोरोना को सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन से...
जन्मदिन के अवसर पर डा. राम मनोहर लोहिया की याद में कुछ बातें
सुरेंद्र किशोर
वर्ष 1967 में 12 अक्तूबर को लोहिया का निधन हो गया। उस समय वे करीब 57 साल के ही थे। नई दिल्ली के...
पटना में सजा सितारों का मेला, महफिल हुआ गुलजार
पटना। रविवार की शाम पटना में सितारों का मेला सजा। महफिल ऐसी रोशन हुई की हर कोई देखता ही रह गया। मौका था ईस्टर्न...
दिलदार शायर कैफी आजमीः दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं
जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
झुकी-झुकी सी नज़र बेकरार है कि नहीं/ दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं...इस लाजवाब ऑलटाइम फेवरेट रोमांटिक...
नवाबी अंदाज में ‘मुगलई’ व ‘लखनवी’ व्यंजनों का तड़का लगेगा इस फूड फेस्टिवल में
15 दिनों तक चलने वाले 'अवधी फूड फेस्टिवल' की शुरुआत 1 सितम्बर से
पटना: राजधानी पटना में पहली बार 'अवधी फूड फेस्टिवल' का आयोजन बड़े...




















