बिहार में वंचितों के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही सरकार
पटना। राज्य का समुचित और वास्तविक विकास तभी संभव है, जब इसमें रहने वाले पिछड़े, वंचित संसाधन विहीन वर्ग के लोगों तक भी सरकारी...
भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी
कृपाशंकर चौबे
भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को...
दिल्ली में अब नहीं सुहाती मेट्रो की सवारी, पिछले साल के मुकाबले पांच लाख...
आठ माह पहले दिल्ली मेट्रो में लोगों की आवाजाही रवाँ-दवाँ चल रही थी, मगर बेतहाशा बढ़े किराये ने लोगों की रफ़्तार पर ब्रेक लगा दी। वजह, बसों के मुक़ाबले...
केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मियों-पेंशनरों का 2 प्रतिशत DA बढ़ाया
केंद्रीय कर्मचारियों को अब 9 फीसदी महंगाई भत्ता, 48 लाख कर्मचारी और 61 लाख पेंशनर्स को फायदा
नयी दिल्ली। लोकसभा का आसन्न चुनाव ज्यादातर आम लोगों...
अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर
अनूप नारायण सिंह
पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...
उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ साहित्यकार थे, बल्कि एक संपादक भी थे
उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ सशक्त साहित्यकार थे, बल्कि एक सही संपादक भी थे। संपादन भी सिखाते थे उपेंद्रनाथ अश्क। प्रो. कृपाशंकर चौबे को उन्होंने...
बिहार की पॉलिटिक्स पर प्रेमकुमार मणि की बेबाक टिप्पणी
लोकसभा चुनावों के अब कुछ ही महीने शेष हैं। स्वाभाविक है राजनीतिक चर्चाएं तेज होंगी। हो भी रही हैं। चौक-चौराहों, दफ्तरों से लेकर घरेलू...
दंगा रोकने निकले पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी का मिला था शव
जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
कलम की ताकत क्या होती है और निडर और निष्पक्ष पत्रकारिता किस तरह की जा सकती है, इसकी प्रेरणा हम...
गांव की संस्मरण कथा- बगुलघट्टा के बगुले उर्फ रामनरेश का घलुस्कू फार्मूला
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप...
आनंद बाजार पत्रिका ने संपादकीय में राजनाथ पर तंज कसा
आनंद बाजार पत्रिका (बांग्ला के दैनिक अखबार) ने संपादकीय में राजनाथ सिंह के शस्त्र पूजन पर तंज कसा है। अखबार ने राफेल पर ऊं...




















