नेताजी सुभाष चंद्र बोस पत्रकार भी थे। यह बात नयी पीढ़ी के पत्रकारों को शायद मालूम न हो। नेताजी ने साप्ताहिक ‘फारवर्ड ब्लाक’  का संपादन किया।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस बंगाल में सियासत के हाट केक बन गये हैं

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सोना देव नेताजी सुभाष चंद्र बोस बंगाल में इनदिनों सियासत के हाट केक बन गये हैं। आज नेता जी जयंती पर नरेंद्र मोदी व...
आरडी बर्मन

आरडी बर्मन ने दिया हिंदी फिल्म संगीत को नया मुकाम

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नवीन शर्मा आरडी बर्मन ने दिया हिंदी फिल्म संगीत को नया मुकाम। इसे स्वीकार करने में किसी को संकोच और संदेह बिलकुल नहीं होना...
अभिनेत्री रेखा

बॉलीवुड की सदाबहार एक्ट्रेस रेखा 65 साल की हुईं

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बॉलीवुड की सदाबहार एक्ट्रेस रेखा आज अपना 65वां जन्मदिन मना रही हैं। अमिताभ बच्चन के साथ रिश्तों को लेकर चर्चित रेखा की उम्र का...

सड़  गई है हमारी जाति व्यवस्था

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भारतीय समाज में जाति व्यवस्था का काफी महत्व रहा है। ऐतिहासिक विकास क्रम में इसका भी विस्तार होता चला गया है। जाति व्यवस्था के...
बेरोजगारी पर बहस नयी नहीं, लेकिन सेन्टर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट ने बहस को नया जीवन दे दिया है।

बेरोजगारी का संकट तो है, पर उलझाइए नहीं, समाधान बताइए

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अनिल भास्कर बेरोजगारी पर बहस नयी नहीं, लेकिन सेन्टर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट ने बहस को नया जीवन दे दिया...

शहर बदलते ही क्यों बदल जाती है हमारी तमीज और तहजीब

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नागेन्द्र प्रताप शहर या मुल्क बदलते ही हमारे तहजीब और तमीज बदल जाती है। ऐसा क्यों होता है, बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार नागेंद्र...
अभिनेता तापस पाल का असमय जाना, बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी क्षति

तापस पाल का जाना कई बांग्ला फिल्मों की कई यादें छोड़ गया

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राजेश त्रिपाठी तापस पाल का जाना कई यादें छोड़ गया। उत्तम कुमार-सुचित्रा सेन के युग के बाद बांग्ला फिल्मों में उनके खालीपन को तापस...

और आखिरकार कारोबार खबर की अकाल मौत हो गयी

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पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी पेश है। यह उस दौर की बात है, जब श्री अश्क...

जन्मदिन विशेषः हिंदी सिनेमा के सदाबहार हीरो देव आनंद

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नवीन शर्मा वैसे तो हिंदी सिनेमा में एक से बढ़ कर एक  हैंडसम और स्मार्ट हीरो हुए हैं, लेकिन उनमें सबसे ज्यादा जलवा देव...
यह स्वीकार करना कि शैबाल गुप्ता नहीं रहे, मेरे लिए कितना दुखद है, कैसे कहूँ। दशकों से हम मित्र रहे। इतनी यादें और संस्मरण हैं, जिन्हें लिखना मुश्किल होगा।

शैबाल गुप्ता का जाना बिहार के लिए अपूरणीय क्षति !

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प्रेमकुमार मणि शैबाल गुप्ता का जाना बिहार के लिए अपूरणीय क्षति है! यह स्वीकार करना कि शैबाल गुप्ता नहीं रहे, मेरे लिए कितना दुखद...