महेंदर मिसिर

अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर

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अनूप नारायण सिंह पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...

प्रोड्यूसर सिद्धार्थ मल्होत्रा को पर्दे पर सशक्त महिलाओं का चित्रण करना है पसंद

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पर्दे पर सशक्त महिलाओं का चित्रण करना है मुझे पसंद सार्थक समय डेस्क : क्रियेटर-प्रोड्यूसर सिद्धार्थ मल्होत्रा की दृष्टि हर उस प्रोजेक्‍ट पर रहती है,...

आपातकाल में जार्ज महज कूद-फांद कर रहे थे

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आपातकाल के दरम्यान जार्ज फ़र्नान्डिस की गतिविधि का कोई अर्थ नहीं था। जैसे कोई युवा बगैर आगे-पीछे सोचे ‘थ्रील’ महसूस करने के लिए कुद-फाँद...
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

ममता बनर्जी को महल नहीं, अपना खपड़ैल घर ही पसंद है

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ममता बनर्जी को महल नहीं, अपना टाली बाड़ी (खपड़ैल मकान) ही पसंद है। दो बार केंद्रीय मंत्री और दो बार से बंगाल की वह...
जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं। जश्न मनाइए कि शराब की बोतलें लूटने नहीं, किसी भी कीमत में खरीदने के लिए आप पुलिस की गालियां-लाठियां खाने को भी तैयार-तत्पर हैं।

जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं

श्याम किशोर  चौबे जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं। जश्न मनाइए कि शराब की बोतलें लूटने नहीं, किसी भी कीमत में...
रोजेदार का प्रतीकात्मक फोटो

सांप्रदायिक सौहार्द समझने के लिए इसे जरूर पढ़िए

शंभूनाथ शुक्ला सांप्रदायिक सौहार्द समझने के लिए इसे जरूर पढ़िए। सोशल मीडिया ने सदाशयता, सांप्रदायिक सद्भाव और मेल-मिलाप की बजाय समाज में जहर ज्दाया...
भारत यायावर

भारत यायावर अच्छे कवि के साथ ही संपादन कला में भी दक्ष

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भारत यायावर अच्छे कवि के साथ ही संपादन कला में भी दक्ष हैं। भारत यायावर ने महावीर प्रसाद द्विवेदी रचनावली का संपादन बहुत श्रम...
हामिद अली खान उर्फ अजीत

देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान…गीत और हामिद

वीर विनोद छाबड़ा  देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान कितना बदल गया इंसान...! आपने 'नास्तिक' (1954) का ये गाना ज़रूर सुना...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना की राजनीति और राजनीति का कोरोनाकरण

कोरोना बंदी के 62 दिन बाद भी न कोरोना थमा और न इस पर राजनीति। कोरोना जान लेने पर तुला है और राजनीतिकों को...
ओमप्रकाश अश्क

और अविनाश जी की हो गई विदाई, अश्क को मिली पटना की कमान

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वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क का पटना आगमन 1997 के मध्य में हुआ और अगले पड़ाव की ओर वह जून 1999 में प्रस्थान कर गये।...