रघुवर दास का दावा, झारखंड में चल रही विकास की आंधी

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जामताड़ा। सरकार की नीयत और नीति साफ है। सरकार जनभागीदारी से विकास की हिमायती है। यही वजह है कि विकास मेला का आयोजन कर...
रामनन्दन बाबू ने आज ही के दिन (28 अप्रैल) को पर्दा प्रथा के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया था। ऐतिहासिक दिन है आज। पूरे देश के लिए। बिहार के लिए तो और विशेष।

बिहार के रामनन्दन बाबू ने जब पर्दा प्रथा के खिलाफ बिगुल बजाया

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निराला बिहार के रामनन्दन बाबू ने आज ही के दिन (28 अप्रैल) को पर्दा प्रथा के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया था। ऐतिहासिक दिन...

भोजपुरी गीतों को नया आयाम दे रही है भोजपुर की बेटी बेबी काजल

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पटना। बिहार के भोजपुर जिले के आरा की माटी से ताल्लुक रखने वाली बेबी काजल भोजपुरी की एक ऐसी गायिका के तौर पर अब...
हरी चीटियाँ जहाँ सपने देखती हैं (Where the Green Ants Dream) पश्चिम जर्मनी के वर्नर हरिजोग (Werner Herzog) की यह चर्चित फिल्म है।

हरी चीटियाँ जहाँ सपने देखती हैं- फिल्म का संदेश तो समझें

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नारायण सिंह हरी चीटियाँ जहाँ सपने देखती हैं (Where the Green Ants Dream) पश्चिम जर्मनी के वर्नर हरिजोग (Werner Herzog) की यह चर्चित फिल्म...
चन्द्रशेखर के बारे में अटल विहारी वाजपेयी ने  अपने अंदाज में कहा था, ’चन्द्रशेखर जी एक कुशल वक्ता हैं, परन्तु जब ग़ुस्से में होते हैं तो और भी अच्छा बोलते हैं।’

चन्द्रशेखर के बारे में अटल विहारी वाजपेयी ने क्या कहा था, जानें

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चन्द्रशेखर के बारे में अटल विहारी वाजपेयी ने  अपने अंदाज में कहा था, ’चन्द्रशेखर जी एक कुशल वक्ता हैं, परन्तु जब ग़ुस्से में होते...

तन्हाई ने ताउम्र साथ नहीं छोड़ा चर्चित अभिनेत्री नादिरा का

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वीर विनोद छाबड़ा  तन्हाई ने ताउम्र साथ नहीं छोड़ा अपने जमाने की चर्चित अभिनेत्री नादिरा का। औरत जब मोहब्बत में पड़ती है तो ढेर...
पद्मश्री डॉ. कृष्णबिहारी मिश्र का प्राण अपने गांव में बसता है। इससे कुछ बचता है तो वह बनारस में  बसता है। बनारस में वे अपने बनारस का पता ढूंढते हैं और गांव में अपने गांव का पता।

कृष्णबिहारी मिश्र की दरवेशी दृष्टि के बारे में बता रहे मृत्युंजय

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कृष्णबिहारी मिश्र का प्राण अपने गांव में बसता है। इससे कुछ बचता है तो वह बनारस में  बसता है। बनारस में वे अपने बनारस...
राममनोहर लोहिया ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने समाजवाद की स्थापना के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पत्रकारिता को भी उपकरण बनाया था।

राम मनोहर लोहिया विश्व पत्रकारिता पर सजग दृष्टि रखते थे

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कृपाशंकर चौबे राम मनोहर लोहिया ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने समाजवाद की स्थापना के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पत्रकारिता को भी उपकरण...
डॉ. अंबेडकर के संपादन में निकले पाक्षिक ‘समता’ में सावरकर के उस पक्ष को तरजीह दी गयी है, जिसमें उन्होंने रोटी-बेटी के संबंध का समर्थन किया है।

बाबा साहब ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा

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बाबा साहब भीमराव अंबेदकर ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा। तभी तो उन्होंने कहा था- जातिभेद और धर्मभेद तो...
श्रीभगवान सिंह, गाँधीवादी आलोचक का जन्म बिहार के एक गाँव निखती कलाँ, जिला- सीवान में हुआ। वे खुद को गाँधीवादी कहने में गर्व का अनुभव करते हैं।

श्रीभगवान सिंहः गाँधीवादी अध्येता और आलोचक

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अमरनाथ श्रीभगवान सिंह, गाँधीवादी आलोचक का जन्म बिहार के सीवान जिले के निखती कलाँ गांव में हुआ। वे खुद को गाँधीवादी कहने में गर्व...