राम मनोहर लोहिया गैर कांग्रेसवाद के आधारस्तंभ थे। स्वतंत्र भारत की राजनीति और चिंतन धारा पर उनका गहरा असर था।

डा. लोहिया का जब पूरे सदन ने खड़े होकर स्वागत किया था

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डा. लोहिया का जब पूरे सदन ने खड़े होकर का स्वागत किया था। यह सुन कर आश्चर्य हो सकता है कि तब के प्रधान...

प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को याद रखेगा इतिहास…..

सुशील मिश्रा प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को इतिहास भी याद रखेगा। सड़कों पर प्रवासियों के प्रति जो अस्पृश्यता दिख रही, उसकी कल्पना प्रवासियों ने...

संगीतकारों की पहली पसंद होती थीं श्यामा, हर रोल में फिट रहीं

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वीर विनोद छाबड़ा  आज की पीढ़ी ने यक़ीनन गुज़रे दौर की नेत्री श्यामा को नहीं देखा होगा। वो संगीतकारों की पहली पसंद होती...

घोषणा के बावजूद अब तक नहीं बना बिस्मिल्लाह खां विश्वविद्यालय

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मुरली मनोहर श्रीवास्तव पटना। वक्त बदलता है, वक्त के साथ व्यक्ति इस जहां को अलविदा कर जाते हैं, मगर उनकी कीर्तियां उन्हें इतिहास के...
जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं। जश्न मनाइए कि शराब की बोतलें लूटने नहीं, किसी भी कीमत में खरीदने के लिए आप पुलिस की गालियां-लाठियां खाने को भी तैयार-तत्पर हैं।

जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं

श्याम किशोर  चौबे जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं। जश्न मनाइए कि शराब की बोतलें लूटने नहीं, किसी भी कीमत में...
ज्योति बसु का करिश्माई व्यक्तित्व था। विपक्ष भी उनका लोहा मानता था। एक मौका ऐसा आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी मिलती दिखी।

ज्योति बसु का करिश्माई व्यक्तित्व, विपक्ष भी लोहा मानता था

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ज्योति बसु का करिश्माई व्यक्तित्व था। विपक्ष भी उनका लोहा मानता था। एक मौका ऐसा आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी मिलती दिखी। ज्योति...
गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान सकते हैं कि देवताओं पर कितना लोड रहा होगा।

गांव में देवता तो गिनती के थे, पर बचपन में भूतों की भरमार थी

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अरविंद चतुर्वेद गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान...
सरयू राय, झारखंड के पूर्व मंत्री, इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार और मुख्यमंत्री रघुवर दास को निर्दलीय प्रत्याशी बन कर हराने वाले, काफी चर्चा में रहे हैं। क्या है उनकी खासियत और कौन-सी है उनमें खूबी कि वे ऐसा करने में कामयाब रहे, आइए जानते हैं।

सरयू राय के बारे में जितना मैंने जाना-समझा, उसे आप भी जानें

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सरयू राय, झारखंड के पूर्व मंत्री, इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार और मुख्यमंत्री रघुवर दास को निर्दलीय प्रत्याशी बन कर हराने...

नवाबी अंदाज में ‘मुगलई’ व ‘लखनवी’ व्यंजनों का तड़का लगेगा इस फूड फेस्टिवल में

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15 दिनों तक चलने वाले 'अवधी फूड फेस्टिवल' की शुरुआत 1 सितम्बर से पटना: राजधानी पटना में पहली बार 'अवधी फूड फेस्टिवल' का आयोजन बड़े...
फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भिन्न भारतीय स्‍वरूपों के बीच खड़ा है। प्रेमचंद के बाद फणीश्‍वर नाथ रेणु को आंचलिक कथाकार माना गया है।

मैला आँचल का रूसी अनुवाद और फणीश्वर नाथ रेणु का संकट

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मैला आँचल का जब रूसी अनुवाद हो गया, तो उसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गयी कि यह इसके लेखक फणीश्वर नाथ रेणु का के लिए...