आत्महत्या क्यों नहीं करनी चाहिए, जरा पढ़ लें ओशो के विचार
मुझे पता है कि तुम जीवन से ऊब गये हो। यदि तुम सचमुच ऊब गये हो तो आत्महत्या नहीं करो, क्योंकि आत्महत्या तुम्हें फिर...
उच्चारण सही हो तो हिन्दी में लेखन भी शुद्ध हो जाता है
उच्चारण सही हो तो हिन्दी में लेखन भी शुद्ध हो जाता है। अपने अध्ययन काल में जवरी मल पारख और उनके साथ पढ़ने वाले...
पं. अच्युतानंद मिश्र, जनसत्ता और महाश्वेता देवी का स्तंभ
कृपाशंकर चौबे
पं. अच्युतानंद मिश्र जब ‘जनसत्ता’ के संपादक थे तो वे महाश्वेता देवी से स्तंभ लिखवाते थे। महाश्वेता जी बांग्ला में लिखकर देतीं।...
पटेल ने जम्मू-कश्मीर के सवाल पर इस्तीफे की पेशकश कर दी थी
नेहरू ने जम्मू-कश्मीर को पटेल के नियंत्रण से निकालकर इसे गोपाल स्वामी अयंगर के नियंत्रणाधीन दे दिया। इससे पटेल की भावनाएं गहराई से आहत...
घुसपैठ पर ममता बनर्जी 2005 का स्टैंड 2021 में भूल गयी हैं
सुरेंद्र किशोर
घुसपैठ पर ममता बनर्जी का 2005 में जो स्टैंड था, वह ममता 2021 में भूल गयी हैं। किंतु संकेत हैं कि मतदाता...
और अविनाश जी की हो गई विदाई, अश्क को मिली पटना की कमान
वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क का पटना आगमन 1997 के मध्य में हुआ और अगले पड़ाव की ओर वह जून 1999 में प्रस्थान कर गये।...
भारत बंद में राजद के शामिल होने से सहम गयी है जनता: भाजपा
पटना। 10 सितंबर को आयोजित भारत बंद में राजद के शामिल होने की घोषणा से ही बिहार की जनता सहम गयी है। पूर्व विधायक और प्रदेश भाजपा...
झारखंड में तेजी से विकसित हो रही है नयी शैली की बैद्यनाथ पेंटिंग
डॉ आरके नीरद वरिष्ठ पत्रकार अौर जनजातीय जीवन-संस्कृति के गहरे जानकार हैं। झारखंड की कला-संस्कृति पर प्रायः ढाई दशकों से काम कर रहे हैं।...
झारखंड में आज भी बनी हुई है हूल दिवस की प्रासंगिकता
संताल हूल दिवस दो दिन पहले ही मनाया गया। यानी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह दिवस। वैसे तो भारतीय इतिहास में अंग्रेजी हुकूमत के...
डेढ़ सौ साल बाद दलित टोले में मैट्रिक पास हुई कोमल
घोघा। मैट्रिक की परीक्षा का परिणाम आते ही घोघा स्थित महादलित टोला के लोग झूम उठे। डेढ़ सौ साल बाद टोला की बिटिया कोमल...




















