शहादत दिवस पर नमनः साहसी और प्रेरक चंद्रशेखर आजाद
नवीन शर्मा
भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सबसे अधिक प्रभावशाली क्रांतिकारियों में चंद्रशेखर आजाद को गिना जाता है। उनका जन्म 23 जुलाई ...
आधुनिक राजनीति इसे ही कहते हैं, जिसमें देश कहीं नहीं है
आधुनिक राजनीति इसे ही कहते हैं, जिसमें देश कहीं नहीं है। बांग्लादेशी घुसैठ की समस्या आज नासूर बनी है और इसके निदान की कोशिश...
बेरोजगारी का संकट तो है, पर उलझाइए नहीं, समाधान बताइए
अनिल भास्कर
बेरोजगारी पर बहस नयी नहीं, लेकिन सेन्टर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट ने बहस को नया जीवन दे दिया...
रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- में भारत की साझा संस्कृति
अमरनाथ
रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- को पढ़कर पूरा किया। उपन्याकस ने मन मस्तिष्क पर धाक जमा लिया है। इसमें भारत की...
भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगाः हेमंत
रांची। भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नमन...
जन्मदिन विशेषः शहीद ए आजम भगत सिंह को सलाम
नवीन शर्मा
ब्रिटेन से भारत को आजाद कराने में निश्चित रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा इसके नेताओं, खासकर महात्मा गांधी की महत्वपूर्ण भूमिका...
रामदेव शुक्लः व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ
रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं। ‘बिहारी- सतसई...
आपसी स्वार्थ के कारण महागठबंधन में छिड़ी हुई है महाभारत: राजीव रंजन
महागठबंधन में छिड़ी हुई है महाभारत केवल आपसी स्वार्थ के कारण
पटना : महागठबंधन में फैली दरार का कारण घटक दलों के स्वार्थ को बताते...
वह सिर्फ आपातकाल नहीं, सबसे बड़ा आतंककाल भी था
प्रेमकुमार मणि
25 जून भारतीय राजनीति में एक उल्लेखनीय तारीख है। इसी रोज 1975 में, तत्कालीन इंदिरा सरकार ने इमरजेंसी लगाई थी। दरअसल वह...
कोरोना तो जाएगा, चाहे जब जाए, अभी तो इसने तबाही मचा रखी है
कोरोना तो जाएगा, चाहे जब जाए, मगर अभी तो इसने तबाही मचा रखी है। न्यूयार्क से खबर है, मुर्दों के लिए कब्र नहीं हैं।...




















