उसे मत मारो ओशो के निजी सचिव आनंद शीला की दास्तान

0
नवीन शर्मा ओशो रजनीश की पूर्व निजी सचिव मां आनंद शीला ने अपने संस्मरण ‘उसे मत मारो, भगवान रजनीश के साथ मेरे जीवन की...

राजस्थान में चुनावी हवा का रुख भांपना ज्यादा आसान है

0
बब्बन सिंह विधानसभा के होने वाले चुनाव में राजस्थान में हवा का रुख भांपना ज्यादा आसान है। राजस्थान में वसुंधरा सरकार के कई मंत्री...

साहिब बीवी और गुलाम जैसी फिलों के गानों ने मशहूर किया गीता को

0
वीर विनोद छाबड़ा  मेरा सुंदर सपना बीत गया...(दो भाई), तदबीर से बिगड़ी हुई तदबीर बना ले...(बाज़ी), आज सजन मोहे अंग लगा ले...(प्यासा), जाने क्या...
महात्मा गांधी

महात्मा गांधी ने हर कालखंड में तानाशाही को चुनौती दी

0
शेष नारायण सिंह महात्मा गांधी ने हर कालखंड में तानाशाही को चुनौती दी। यह रामबाण की तरह असरदार भी रहा है। गांधीजी ने चंपारण में...

और गांव की गंध छोड़ चल पड़े काली के देस कामाख्या

0
बहुतेरे पाठक ओमप्रकाश अश्क के वर्तमान से तो परिचित हैं, पर उनका अतीत कितना संघर्षपूर्ण रहा है, इसकी झलक उनकी प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर...
महात्मा गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के पल-पल की जरूरत बन चुका है।

गांधी का चिंतन-सोच और जीवन पद्धति ही हमारा मार्गदर्शक  है

0
हरिवंश गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के...

कुलदीप नैयर को श्रद्धांजलिः आप जानते हैं, वह मुल्जिम कौन था?

0
मिथिलेश कुमार सिंह फर्ज करिये, देश में इमरजेंसी लगी है। आपके सोचने- समझने, लिखने- पढ़ने की आजादी पर पहरे बिठा दिये गये हैं।...

और हरिवंश जी ने सब एडिटर से सीनियर न्यूज एडिटर बना दिया

0
ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- का अंश आप लगातार पढ़ रहे हैं। आज उसकी अगली कड़ी के रूप में पढ़ें,...
रामनिरंजन परिमलेन्दु

रामनिरंजन परिमलेन्दुः अनुसंधानपरक आलोचना का अन्यतम योद्धा

0
डॉ. अमरनाथ पुरानी पीढ़ी के गिने चुने महान अनुसंधानकर्ताओं की तरह नि:स्वार्थ भाव सेएकान्त साधना करने वालेअनुसंधानपरक आलोचना के अन्यतम  योद्धा रामनिरंजन परिमलेन्दु (25.8.1934-29.9.2020)...
महात्मा गांधी राजनीतिक आजादी के बाद कांग्रेस को समाप्त कर देना चाहते थे। राजकाज के लिए नया संगठन चाहते थे।

महात्मा गांधी  आजादी के बाद कांग्रेस को समाप्त कर देना चाहते थे

0
शेष नारायण सिंह महात्मा गांधी राजनीतिक आजादी के बाद कांग्रेस को समाप्त कर देना चाहते थे। राजकाज के लिए नया संगठन चाहते थे। राजनीतिक...