समरस होना ही समर्थ या सामर्थ्यवान भारत की पहचान है
ओमप्रकाश अश्क
समरस होना ही समर्थ या सामर्थ्यवान भारत की पहचान है। समरसता से मिली ताकत के कारण ही भारत जगत गुरु कहलाया और...
UNLOCK प्रक्रिया में ढिलाई के हो सकते हैं घातक परिणाम
अनुपमा सोनी
UNLOCK प्रक्रिया में ढिलाई के हो सकते हैं घातक परिणाम। इसलिए आवश्यक है कि UNLOCK प्रक्रिया में ढिलाई बरतने से हम परहेज...
केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मियों-पेंशनरों का 2 प्रतिशत DA बढ़ाया
केंद्रीय कर्मचारियों को अब 9 फीसदी महंगाई भत्ता, 48 लाख कर्मचारी और 61 लाख पेंशनर्स को फायदा
नयी दिल्ली। लोकसभा का आसन्न चुनाव ज्यादातर आम लोगों...
कमलेश्वर ने कहा थाः साहित्य जड़ है तो प्रिंट मीडिया तना है
कृपाशंकर चौबे
कमलेश्वर (6 जनवरी 1932- 27 जनवरी 2007), ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी का प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सिनेमा विधा में विपुल योगदान है। उन्होंने...
आर्टिस्टिक फैशन वीक में बिहारी डिजाइनर कपड़ों की मचेगी धूम
पटना। बिहार हमेशा से कुछ नया, कुछ उम्दा और कुछ अलग करने के लिए जाना जाता है। बिहार की कला-संस्कृति जितनी समृद्ध है, उतने...
राहत पैकेज में कितनी राहत! समझने के लिए इसे पढ़ लीजिए
श्याम किशोर चौबे
राहत पैकेज में कितनी राहत! लाक डाउन-3 के अंत समय में 13 मई को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5.94...
भीड़ में बदल रहा है इक्कीसवीं सदी का भारत
इक्कीसवीं सदी में भारत भीड़ में बदल रहा है। उसकी नागरिकता अगर राष्ट्रीय स्तर पर बहुसंख्यक धर्म, सेना के प्रति समर्पण, काल्पनिक कथाओं व...
एम.एस. धोनी और डा. जेता सिंह जैसे लोग लौट रहे जड़ों की ओर
सुरेंद्र किशोर
क्रिकेट खिलाड़ी एम.एस. धोनी रांची के पास 43 एकड़ जमीन पर जैविक खेती कर रहे हैं। वहां कभी-कभी एम.एस. धोनी खुद भी टैक्टर...
भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी
कृपाशंकर चौबे
भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को...
गुलाम अली खां साहब की ठुमरी- याद पिया की आये, आये न बालम !
गुलाम अली खां साहब की गाई कुछ ठुमरियां- याद पिया की आये, आये न बालम का करूं सजनी, नैना मोरे तरस गये जैसी ठुमरी...




















