मलिकाइन के पातीः पोखरा में मछरी, नौ-नौ कुटिया बखरा

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पावं लागीं मलिकार। पाती में तनिका देर हो गइल। जानते बानी बरखा-बूनी के सीजन चलता। कवनो लिखनीहार ना भेंटात रहले हां सन। हार-पाछ के...
फटा जींस पहनने की स्वतंत्रता मूलतः अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ही एक रूप है। पर इसका उपयोग कई बार आदमी को हास्यास्पद बना देता है।

फटी जीन्स से टुकुर टुकुर ताक रही है बौद्धिकों की वैचारिक समृद्धि

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फटी जीन्स पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ का बयान क्या आया, देश में प्रगतिशील बौद्धिक समाज फट पड़ा है। महिलाएं भी पीछे नहीं हैं।...
डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक हैं।

डॉ. अम्बेडकर मानते थे- लोकतंत्र के लिए बुद्ध का उपयोग ही उपयुक्त है

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डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक...
नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

नरेंद्र मोदी से कुछ लोगों को इतना भय क्यों लगता है, इसे जानिए

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नरेंद्र मोदी से कुछ लोगों को भय क्यों लगता है। क्यों कुछ लोग इस बात के लिए परेशान हैं कि मोदी 2024 में फिर...
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

वासंतिक मौसम के मद्देनजर खास- निराला : एक याद या विषाद!

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के. विक्रम राव वसन्त पंचमी मतलब वाणी पुत्र कवि निराला की सालगाँठ। कौन सी थी?  बहस अभी जारी रहेगी। निराला किस सदी के थे?...
पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि वह सेक्युलरिज्म मौजूदा सरकार के शब्दकोश में नहीं है, जो 2014 से पहले की केंद्र सरकार के शब्दकोश में था

पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी का सेक्युलरिज्म जरा समझ लें

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सुरेंद्र किशोर पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि वह सेक्युलरिज्म मौजूदा सरकार के शब्दकोश में नहीं है, जो 2014 से पहले...

हिरोशिमा पर हमले की यादः परमाणु बमों का हो सर्वनाश

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नवीन शर्मा अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति हैनरी ट्रूमैन से जापान पर 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा शहर लिटल बॉय नाम का एटम...
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर भी इसका कई जगहों पर बेतुका विरोध हो रहा है।

कोविड- 19 से आर्थिक तबाही की ओर तेजी से बढ़ रही दुनिया

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ओमप्रकाश अश्क कोविड- 19 की वजह से देश बड़ी आर्थिक तबाही की ओर बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। अर्थव्यवस्था का आकलन करने वाली...
‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता सामग्री में मंहगाई नहीं सताती। इसलिए अभी और मंहगाई के लिए तैयार ही रहें श्रीमान ! यह कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

आत्मनिर्भर भारत बरक्स सांसदों के दत्तक गांव

आत्मनिर्भर भारत बरक्स सांसदों के दत्तक गांव। कोरोना काल में प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसदों द्वारा गांव गोद लेने की महत्कांक्षी योजना आकलन का...
बिहार

बिहार की पॉलिटिक्स पर प्रेमकुमार मणि की बेबाक टिप्पणी

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लोकसभा चुनावों के अब कुछ ही महीने शेष हैं। स्वाभाविक है राजनीतिक चर्चाएं तेज होंगी। हो भी रही हैं। चौक-चौराहों, दफ्तरों से लेकर घरेलू...