जननायक कर्पूरी ठाकुर का आज जन्मदिन है। कर्पूरी ठाकुर सही मायने में जननायक थे। गरीबों-दलितों के उत्थान के लिए उन्होंने जो किया, वह नहीं भूलेगा।

बंगाल के नेताओं से सीखें कैसे सादगी से जीया जाता है

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बंगाल के नेताओं से सीखें कैसे सादगी से जीया जाता है। किसी को सादगी सीखनी हो तो बंगाल के नेताओं से सीखे। हाल में...

दिलदार शायर कैफी आजमीः दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं

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जयंती पर विशेष नवीन शर्मा झुकी-झुकी सी नज़र बेकरार है कि नहीं/ दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं...इस लाजवाब ऑलटाइम फेवरेट रोमांटिक...

बांग्ला में लेखन, पर हिन्दी में सर्वाधिक पढ़े गये शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा शरत चंद्र वैसे तो मूल रूप से बांग्ला के उपन्यासकार थे, लेकिन उनकी रचनाओं के अनुवाद हिंदी भाषी लोगों में खासे...

मलिकाइन के आइल पातीः का बरखा जब कृषि सुखानी

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पावं लागीं मलिकार। राउर पाती के बाट जोहत आंख सिरा गइल। अइसन जनि करीं, मलिकार। रउरा त जनबे करीले कि सूतत-उठत रउरे चेहरा दिमाग में...
उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ सशक्त साहित्यकार थे, बल्कि एक सही संपादक भी थे। संपादन भी सिखाते थे उपेंद्रनाथ अश्क। प्रो. कृपाशंकर चौबे को उन्होंने कई पत्र लिखे थे। (दायें प्रो. कृपाशंकर चौबे और बायें उपेंद्रनाथ अश्क)

उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ साहित्यकार थे, बल्कि एक संपादक भी थे

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उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ सशक्त साहित्यकार थे, बल्कि एक सही संपादक भी थे। संपादन भी सिखाते थे उपेंद्रनाथ अश्क। प्रो. कृपाशंकर चौबे को उन्होंने...

आरडी बर्मन ने दिया हिंदी फिल्म संगीत को नया मुकाम

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा आरडी बर्मन उन रेयर बेटों में शामिल हैं, जो महान पिता की कामयाबी के बरगद तले रहने के बाद भी...

झारखंड में तेजी से विकसित हो रही है नयी शैली की बैद्यनाथ पेंटिंग

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डॉ आरके नीरद वरिष्ठ पत्रकार अौर जनजातीय जीवन-संस्कृति के गहरे जानकार हैं। झारखंड की कला-संस्कृति पर प्रायः ढाई दशकों से काम कर रहे हैं।...

जन्मदिन पर विशेषः एलके आडवाणी, अरमां अधूरे रह गये

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नवीन शर्मा लाल कृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित और प्रतिभावान राजनेताओं में से एक हैं। वे प्रधानमंत्री पद के भी सबसे योग्य...

संयुक्त अरब अमीरात की केरल के लिए मदद ठुकराने पर छिड़ी बहस

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बाढ़ की विभीषिका झेल रहे केरल की मदद के लिए भारत सरकार किसी दूसरे देश की मदद स्वीकार नहीं करेगी। सरकार के इस फैसले...
बिहार

बिहार की पॉलिटिक्स पर प्रेमकुमार मणि की बेबाक टिप्पणी

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लोकसभा चुनावों के अब कुछ ही महीने शेष हैं। स्वाभाविक है राजनीतिक चर्चाएं तेज होंगी। हो भी रही हैं। चौक-चौराहों, दफ्तरों से लेकर घरेलू...