अज्ञेय और रेणु के संबंध कितने मधुर थे, समझें इस आलेख से
अज्ञेय और रेणु के संबंध कितने मधुर थे, इसे कई प्रसंगों का जिक्र कर वरिष्ठ साहित्यकार भारत यायावर ने बताने-समझाने की कोशिश की है।...
रामनिरंजन परिमलेन्दुः अनुसंधानपरक आलोचना का अन्यतम योद्धा
डॉ. अमरनाथ
पुरानी पीढ़ी के गिने चुने महान अनुसंधानकर्ताओं की तरह नि:स्वार्थ भाव सेएकान्त साधना करने वालेअनुसंधानपरक आलोचना के अन्यतम योद्धा रामनिरंजन परिमलेन्दु (25.8.1934-29.9.2020)...
संपूर्ण क्रांति- जेपी के दो शब्दों से बदल गयी थी देश की सियासी तस्वीर
ओमप्रकाश अश्क
वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों-...
कोविड- 19 से आर्थिक तबाही की ओर तेजी से बढ़ रही दुनिया
ओमप्रकाश अश्क
कोविड- 19 की वजह से देश बड़ी आर्थिक तबाही की ओर बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। अर्थव्यवस्था का आकलन करने वाली...
विपक्ष की भूमिका बदल गयी है, अच्छे की भी आलोचना
विपक्ष की भूमिका अब पहले जैसी नहीं। पूरी तरह बदल गयी है। सत्ता पक्ष के हर फैसले की आलोचना करना विपक्ष की भूमिका में...
पुरषोत्तम से हारते नहीं तो गजल गायक नहीं बन पाते जगजीत सिंह
जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
जगजीत सिंह के गजल गायक बनने की कहानी बड़ी ही दिलचस्प है। ये उन दिनों की बात है जब जगजीत...
लाकडाउन 4 के साथ ही कारखानों से धुआं उठा, पर कामगारों का टोटा
लाकडाउन 4 के साथ ही कारखानों से धुआं उठने लगा है, पर कामगारों का अकाल भी दिखने लगा है। उधर हाईवे पर दरिद्र भारत...
शक्ति चाहे किसी भी रूप में हो विवेकहीन होती हैः रवींद्रनाथ ठाकुर
शक्ति चाहे किसी भी रूप में हो विवेकहीन होती है। कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर ने 12 अप्रैल 1919 को महात्मा गांधी को लिखे पत्र में...
महात्मा गांधी हमेशा प्रयोगधर्मी रहे, तरह-तरह के प्रयोग किये
शेष नारायण सिंह
महात्मा गांधी हमेशा प्रयोगधर्मी रहे। तरह-तरह के प्रयोग उन्होंने किये। संवाद स्थापित करने की दिशा में तरह-तरह के प्रयोग महात्मा गांधी...
जब हालैंड में अनिल जनविजय किताबें चुराते पकड़े गये
जब अमस्टर्डम में अनिल जनविजय किताबें चुराते पकड़े गये। यह रोचक प्रसंग अनिल जनविजय ने अपने फेसबुक वाल पर लिखा है। दुकानदार ने चोरी...




















