उत्तराखंड में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया योग

0
मां गंगा की इस भूमि पर, जहां चारधाम स्थित हैं, जहां आदि शंकराचार्य आए, जहां स्वामी विवेकानंद कई बार आए, वहां योग दिवस पर...

फिल्म समीक्षाः बाला साहेब की तरह ही बेबाक है ठाकरे

0
नवीन शर्मा आजकल हिंदी सिनेमा में बायोपिक का दौर चल रहा है। इसकी लेटेस्ट फिल्म है ठाकरे। इसके कुछ हफ्ते पहले ही मनमोहन सिंह...
लारेंस फरलेंग्टी ने 101 साल की उम्र में भी कविता लिखी। उन्हें युद्ध से नफरत थी। मानवता से मुहब्बत के आदी थी। बुढ़ापे में बेहद रूमानी।

लारेंस फरलेंग्टी की की मौत पर शहर में मातम मना…

0
लारेंस फरलेंग्टी ने 101 साल की उम्र में भी कविता लिखी। उन्हें युद्ध से नफरत थी। मानवता से मुहब्बत के आदी थी। बुढ़ापे में...

घोषणा के बावजूद अब तक नहीं बना बिस्मिल्लाह खां विश्वविद्यालय

0
मुरली मनोहर श्रीवास्तव पटना। वक्त बदलता है, वक्त के साथ व्यक्ति इस जहां को अलविदा कर जाते हैं, मगर उनकी कीर्तियां उन्हें इतिहास के...
कोरोना का कहर, हर दिल-दिमाग रणभूमि। मौत दर मौत। सब नेगेटिव। खिन्न मन। अच्छा सोचो। अच्छा करो। अच्छा पढ़ों। अच्छा लिखो। सब ठीक होगा। कैसे होगा? धैर्य रखो।

कोरोना काल की डायरी: 7- यह बदलाव का वायरस भी है मितवा     ...

कोरोना का कहर, हर दिल-दिमाग रणभूमि। मौत दर मौत। सब नेगेटिव। खिन्न मन। अच्छा सोचो। अच्छा करो। अच्छा पढ़ों। अच्छा लिखो। सब ठीक होगा।...

BIRTHDAY SPECIAL: आक्रोश का सबसे दमदार चेहरा हैं ओम पुरी

0
नवीन शर्मा ओम पुरी हमारे हिंदी सिनेमा के नायब हीरा थे। करीब चालीस साल लंबे फिल्मी सफर में उन्होंने कई यादगार फिल्मों का तोहफा...
इंदिरा गांधी के साथ कामराज

कामराज ने दो बार पीएम का पद ठुकराया, मरे तो सौ रुपये पास थे 

0
प्रेमकुमार मणि  एक नेता, जो न हिंदी जानता है, और न अंग्रेजी। जिसने बस छठी कक्षा तक की पढ़ाई की हुई है और भारत...
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप पढ़ चुके हैं।

गोवर्धन पाठक का कमंडल………………………………

0
अरविंद चतुर्वेद अगर बाबूघाट पर चोरी न हुई होती और उनका सबकुछ चला न गया होता तो गोवर्धन पाठक से शायद मुलाकात भी न...
शिक्षा नीति- 2020

शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है

0
प्रो. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है। भारतीय शिक्षा में भाषा की भूमिका उसके...
इंदिरा गांधीः आपातकाल की प्रणेता

लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल

0
नवीन शर्मा लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल। निरंकुश राजतंत्र की तुलना में लोकतंत्र काफी अच्छी व्यवस्था है। यह शासन व्यवस्था को निरंकुश...