ओमप्रकाश अश्क

और अविनाश जी की हो गई विदाई, अश्क को मिली पटना की कमान

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वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क का पटना आगमन 1997 के मध्य में हुआ और अगले पड़ाव की ओर वह जून 1999 में प्रस्थान कर गये।...
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल रहे थे।

जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन द्वंद्व के रहे

जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल...

साहिब बीवी और गुलाम जैसी फिलों के गानों ने मशहूर किया गीता को

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वीर विनोद छाबड़ा  मेरा सुंदर सपना बीत गया...(दो भाई), तदबीर से बिगड़ी हुई तदबीर बना ले...(बाज़ी), आज सजन मोहे अंग लगा ले...(प्यासा), जाने क्या...
जार्ज फर्नांडिस के नाम पर किसी हवाई अड्डे का नामकरण करने की मांग भाजपा के राज्यसभा सदस्य व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने केंद्र सरकार से की है।

चुपचाप चला गया संघर्ष की प्रेरणा देने वाला मसीहा जार्ज फर्नांडीस

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नयी दिल्ली। वरिष्ठ समाजवादी नेता और पूर्व रक्षा मंत्री जार्ड फर्नींडीस का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। पिछले एक दश्उक से...
काठमाण्डू नौबिसे सड़क पर जानलेवा जाम, बस में ही एक व्यक्ति की मृत्यु

काठमाण्डू नौबिसे सड़क पर जानलेवा जाम, बस में एक व्यक्ति की मृत्यु

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महंगे दामों पर लोग खरीद रहे हैं पानी की बोतलें व अन्य खाद्य पदार्थ काठमाण्डू: पड़ोसी देश नेपाल के पृथ्वी राज्यमार्ग पर पिछले दो...
हरिवंश, राज्यसभा के उपसभापति

हरिवंश की जीत को राजग की 2019 में कामयाबी का ट्रेलर समझें

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दीपक कुमार विपक्षी दलों के नेता जब एक जगह जमा होकर अपनी एकजुटता की बात करते हैं तो उन्हें भले आनंद आता हो, पर...
पत्रकारिता इसे कहते हैं, जो ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के संतोष सिंह ने की है। इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार ने बिहार में कोविड जांच घोटाला उजागर किया।

पत्रकारिता यह है, जो ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के संतोष सिंह ने की है

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सुरेंद्र किशोर पत्रकारिता इसे कहते हैं, जो ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के संतोष सिंह ने की है। इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार ने बिहार में कोविड जांच घोटाला...
कोरोना काल में न सिर्फ जरूरी कामकाज छप पड़ गये हैं, बल्कि शादी-विवाह और प्रणय संबंधों पर इसने चोट पहुंचायी है।

कोरोना के बहाने बिदेेसिया की याद- अंखियां से दिन भर गिरे लोर ढर-ढर

कोरोना के बहाने बिदेसिया और इसके रचनाकार भिखारी ठाकुर को लेखक ने कुछ इस तरह याद किया है- अंखियां से दिन भर गिरे लोर...
उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ सशक्त साहित्यकार थे, बल्कि एक सही संपादक भी थे। संपादन भी सिखाते थे उपेंद्रनाथ अश्क। प्रो. कृपाशंकर चौबे को उन्होंने कई पत्र लिखे थे। (दायें प्रो. कृपाशंकर चौबे और बायें उपेंद्रनाथ अश्क)

उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ साहित्यकार थे, बल्कि एक संपादक भी थे

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उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ सशक्त साहित्यकार थे, बल्कि एक सही संपादक भी थे। संपादन भी सिखाते थे उपेंद्रनाथ अश्क। प्रो. कृपाशंकर चौबे को उन्होंने...

पांडवों ने स्थापित की थी आरा में मां आरण्य देवी की प्रतिमा

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आरा। आरण्य देवी की पूजा यहां प्राचीन काल से हो रही है। मान्यता है कि देवी की स्थापना धर्मराज युद्धिष्ठिर ने की थी। इसे...