कोरोना संकट से निपटने में लगे लोगों के उत्सहवर्द्धन के लिए थाली बजाओ अभियान में शामिल बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (फाइल फोटो)

नरेंद्र मोदी के आह्वान पर घंटा बजा, पर किसके वास्ते?

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के. विक्रम राव नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भारत ने आज (22 मार्च 2020) संध्या पांच बजे ताली बजाई, थाली पीटी, घंटी घनघनाई और...
महात्मा गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के पल-पल की जरूरत बन चुका है।

गांधी का चिंतन-सोच और जीवन पद्धति ही हमारा मार्गदर्शक  है

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हरिवंश गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के...
भारत में घुसपैठ की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर) पर बहसः आधुनिक राजनीति

आधुनिक राजनीति इसे ही कहते हैं, जिसमें देश कहीं नहीं है

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आधुनिक राजनीति इसे ही कहते हैं, जिसमें देश कहीं नहीं है। बांग्लादेशी घुसैठ की समस्या आज नासूर बनी है और इसके निदान की कोशिश...

भाजपा ने पीडीपी का साथ छोड़ अच्छा काम किया है

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जम्मू-कश्मीर में आखिरकार भाजपा और पीडीपी का बेमेल गठबंधन खत्म हो गया। बिना विचारे जो करै, सो पाछे पछताय- वाली कहावत चरितार्थ हुई। अव्वल तो...
अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चनः मोस्ट एनर्जेटिक, डेडिकेटेड, डिसिप्लिन्ड एक्टर

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नवीन शर्मा अमिताभ बच्चन मेरे ही नहीं, मेरी पीढ़ी सहित कई पीढियों के सुपर स्टार हैं। उनको यह सफलता यूं ही नहीं मिली है।...
वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों- संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था.

जयप्रकाश जी ने कहा था- आग तो तुम्हारी कुर्सियों के नीचे सुलग रही है

जयप्रकाश जी ने कहा था- आग तो तुम्हारी कुर्सियों के नीचे सुलग रही है। वह तारीख थी 5 जून, 1974। उसी दिन उन्होंने संपूर्ण...
भारत यायावर

रेणु का है अंदाज-ए-बयां और के रचनाकार हैं भारत यायावर 

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गौरीशंकर सिंह "रेणु का है अंदाज-ए-बयाँ और" पूर्णिया में आरएन शॉ चौक से सटे लालमणि पुस्तक भंडार में दिखी। मेरी नजर एक पुस्तक पर...
प्आरतीक फोटो- इसक्रीम

आइसक्रीम, पेस्ट्री, केक या शेक छोड़ो, बीमारी से बचो!

आइसक्रीम, पेस्ट्री, केक या शेक छोड़ो, बीमारी से बचो! यह सुझाव अपने अनुभवों के आधार पर वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल का है। उन्होंने अपने...

25 जून 1975 की आधी रात हुई थी आपातकाल की घोषणा

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लगभग 43 साल पहले देश में 25 जून 1975 की आधी रात को आपातकाल की घोषणा की गई थी। । जो 21 मार्च 1977...
‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता सामग्री में मंहगाई नहीं सताती। इसलिए अभी और मंहगाई के लिए तैयार ही रहें श्रीमान ! यह कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

मध्य वर्ग पर पड़ी है कोरोना की असल मार, समझिए कैसे….

श्याम किशोर चौबे मध्य वर्ग पर कोरोना की असल मार पड़ी है। यह वर्ग सर्वाधिक बदहाल है। गरीबों को बचाने और अमीरों को उबारने...