कबूतर या किसी भी पक्षी का कोई खास देश होता है क्या !
ध्रुव गुप्त
कबूतर या किसी पक्षी को कोई देश नहीं होता। हम तो यही सुनते आए हैं कि पक्षियों का कोई देश नहीं होता,...
सिन्हा लाइब्रेरी वाले सच्चिदानंद सिन्हा का नाम क्या आपने सुना है ?
प्रेमकुमार मणि
पटना के सिन्हा लाइब्रेरी वाले सच्चिदानंद सिन्हा का नाम क्या आपने सुना है ? मुझे बिहार की कुछ चुनिंदा विभूतियों के प्रति...
चौरीचौरा कांड के शताब्दी वर्ष पर आईपीएस अरविंद पांडेय की टिप्पणी
चौरीचौरा कांड के शताब्दी वर्ष पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरविंद पांडेय ने एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखी है, लेकिन इसके मायने काफी प्रासंगिक हैं। उन्होंने...
इमरजेंसी में बड़े नेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों को यातनाएं भी दी गयीं
इमरजेंसी के दौरान बड़े नेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों को जेलों में ठूंस दिया गया। उन्हें कई तरह की शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गयीं। यह...
राम दहिन ओझा ने अहिंसावादी आंदोलन में पहली शहादत दी थी
कृपाशंकर चौबे
राम दहिन ओझा ने एक पत्रकार के रूप में अहिंसावादी आंदोलन में पहली शहादत दी थी, जैसे सशस्त्र संग्राम में पहली शहादत...
भोजपुरी की पहली फिल्म- ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’
वीर विनोद छाबड़ा
भोजपुरी की पहली फिल्म 'गंगा मैया तोहे पिहरी चढ़इबो' के पीछे जिनका हाथ था, वह थे नजीर हुसैन। भोजपुरी सिनेमा के...
अद्भुत प्रतिभा के धनी गणितज्ञ डा. वशिष्ठ नारायण सिंहः
जन्मदिन पर विशेष
सुरेंद्र किशोर
गणितज्ञ वशिष्ठ बाबू यानी वशिष्ठ नारायण सिंह अद्भूुत प्रतिभा के धनी थे। उनके लिए पटना विश्वविद्यालय ने पहली बार नियम...
बिहार के राज्यपाल शुक्रिया वशिष्ठ की टीम को 25 सितंबर को करेंगें सम्मानित
शुक्रिया वशिष्ठ की टीम को 25 सितंबर को बिहार के राज्यपाल सम्मानित करेंगें
सार्थक समय डेस्क : बिहार के मान सम्मान को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक...
एक स्वामी जो मेरा कभी संपादक हुआ करता था यानी माधवकांत मिश्र
नागेंद्र प्रताप
एक ऐसा स्वामी जो मेरा कभी सम्पादक हुआ करता था यानी माधवकांत मिश्र। वह कोई और नहीं, बल्कि अपने जमाने के मशहूर...
अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि खुद में एक संस्था थे
अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि वे खुद में एक संस्था थे। बहुलता को बचाने और बढ़ाने का निरंतर यत्न किया।...




















