एक वैज्ञानिक, जिसने बताया कि पौधों को भी दर्द होता है
जयंती पर विशेषः पेड़-पौधों में जीवन का राज बताने वाले जगदीश चंद्र बोस
नवीन शर्मा
आधुनिक भारत में जिस भारतीय वैज्ञानिक ने सबसे पहले विश्व...
9 साल बाद सरस्वती पूजा पर रविसिद्ध योग, अक्षरारंभ के लिए शुभ
पटना। माता सरस्वती बुद्धि और विद्या की देवी हैं। मान्यता है कि जिस छात्र पर मां सरस्वती की कृपा हो, उसकी बुद्धि बाकी छात्रों...
आलोक तोमर की याद: अब यहॉं कोई नहीं है, सिर्फ पत्ते डोलते हैं
आलोक तोमर ने इंडियन एक्सप्रेस घराने के अखबार जनसत्ता के शुरुआती दिनों में अपनी रिपोर्ट से धमाल मचा दिया था। खासकर सिख दंगों की...
25 जून 1975 की आधी रात हुई थी आपातकाल की घोषणा
लगभग 43 साल पहले देश में 25 जून 1975 की आधी रात को आपातकाल की घोषणा की गई थी। । जो 21 मार्च 1977...
एक संपादक ऐसा भी, जिसके लिए पद्म भूषण निरर्थक था
एक संपादक ऐसा भी, जिसके लिए पद्म भूषण निरर्थक था। यह सुन कर लोगों को आश्चर्य होगा, लेकिन ऐसा एम. चेलापति राव (दिवंगत) ने...
अपने ही घर में बेगाने हो जाने की मजबूरी का नाम है घुसपैठ
सुरेंद्र किशोर
सन 1979-1985 के असम आंदोलन के दौरान 855 आंदोलनकारियों की जानें गयी थीं। इतनी कुर्बानियां देने के बाद 1985 में प्रधानमंत्री राजीव...
लेखक सआदत हसन मंटोः ठंडा गोश्त जैसी कहानियों के बदनाम लेखक
पुण्यतिथि पर संस्मरण
नवीन शर्मा
सआदत हसन मंटो (11 मई 1912-18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं- बू, खोल दो, ठंडा गोश्त...
संपूर्ण क्रांति- जेपी के दो शब्दों से बदल गयी थी देश की सियासी तस्वीर
ओमप्रकाश अश्क
वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों-...
‘नियम व शर्तें लागू’ वाला केंद्र सरकार का राहत पैकेज
श्याम किशोर चौबे
‘नियम व शर्तें लागू’ वाला कोरोना राहत पैकेज-3 लॉक डाउन-3 के प्रायः अंत में कल यानी 14 मई को पब्लिक डोमेन...
कसम से तीसरी कसम तक के मायने समझने के लिए इसे पढ़ें
भारत यायावर
कसम क्या है? एक प्रण,एक संकल्प, एक प्रतिज्ञा, एक वचन, एक आत्मसंयम की उद्घोषणा! कुछ लोग बात-बात पर कसम खाते हैं। कुछ...




















