आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता का दिलचस्प उदाहरण है। हालांकि नयी पीढ़ी के राजनीतिज्ञों को वह नहीं पचेगी।

आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता

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आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता का दिलचस्प उदाहरण है। हालांकि नयी पीढ़ी के राजनीतिज्ञों को वह नहीं पचेगी। लेकिन नई...
मैथिली 8वीं अनुसूची में हिन्दी के पाठ्यक्रम में विद्यापति क्यों? यह सवाल उठाया है कलकत्ता यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अमरनाथ ने। उनके सवाल में दम भी है।

हिन्दी की चिन्दी करने पर कटिबद्ध सांसद

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अमरनाथ एक ओर जहाँ देश में ‘हिन्दी दिवस’ और ‘हिन्दी सप्ताह’ मनाया जा रहा था तो दूसरी ओर हिन्दी दिवस के दिन ही लोकसभा...
भीड़ में किसी ने गाड़ी के टार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। टायर पंक्चर

पाहन ला देवहु दस रुपया, नहीं दिया तो जान पर आफत आ गयी

मंगलेश तिवारी मुफलिस पाहन ला देवहु, दस रूपया। नहीं दिया तो जान पर आफत आ गयी। किसी तरह 50 रुपये दंड और 100 रुपये...

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर...

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात कर नया झारखंड नया भारत बनाएं झारखण्ड : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जयंती...

विपक्षी एकता चुनाव से पहले संभव नहीं दिखती

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लोकसभा चुनाव के लिए हो रही विपक्षी एकता की कोशिश कितनी कामयाब होगी, यह तो समय बतायेगा, लेकिन एक बात साफ है कि अपने-अपने...
सावरकर के नाम से विख्यात विनायक दामोदर सावरकर स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ कवि और लेखक भी थे। सावरकर अकेले स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्हें दो-दो बार सजा हुई।

सावरकर को दो-दो बार आजीवन कारावास की सजा मिली

जयंती पर विशेष नवीन शर्मा  सावरकर के नाम से विख्यात विनायक दामोदर सावरकर स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ कवि और लेखक भी थे। सावरकर अकेले स्वतंत्रता सेनानी...
अच्युतानंद मिश्र (बायें) का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख अतुलनीय है।

अच्युतानंद मिश्र का हिन्दी पत्रकारिता में अवदान असाधारण है

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कृपाशंकर चौबे अच्युतानंद मिश्र का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख...

ट्रेनों की लेटलतीफी पर रेल मंत्री का नया शिगूफा

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बैलगाड़ियों के भारी लेट चलने और उससे सरकार को फजीहत से बचाने के लिए अब रेल मंत्री पीयूष गोयल ने नया पैंतरा चला है कि मरम्मत...

25 जून 1975 की आधी रात हुई थी आपातकाल की घोषणा

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लगभग 43 साल पहले देश में 25 जून 1975 की आधी रात को आपातकाल की घोषणा की गई थी। । जो 21 मार्च 1977...

भाजपा की हालत- दुविधा में दोनों गए, माया मिली न राम

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विजय झा कमोबेश यही स्थिति आज भाजपा की है। भाजपा ने लगातार नए Vote Bank की तलाश में अपने स्थायी Vote Bank- सवर्णों को...