सात्विक बंधन ही सही अर्थ में रक्षा बंधन हैः श्रीश्री रविशंकर

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रक्षाबंधन एक ऐसा बंधन है, जो आपको बचाता है। कुछ उच्चतम के साथ आपका बंधन होने की वजह से आप बच जाते हो। जीवन...

फाइटर संदीप सिंह के जज्बे की दास्तान सुनाती है सूरमा

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आज भले ही क्रिकेट हमारे देश का सबसे लोकप्रिय खेल बन गया है, लेकिन हमारा राष्ट्रीय खेल तो हॉकी ही है। हॉकी में भारत...
सेनारी जनसंहार के न्यायिक फैसला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है। 22 साल बाद पटना हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया।

सेनारी जनसंहार का न्यायिक फैसला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

सेनारी जनसंहार का न्यायिक फैसला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है। 22 साल बाद पटना हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलट...
लाक डाउन में ‘वर्क एट होम’ का नया ‘वायरस’ भविष्य में सस्टेनेबल ग्लोबल कल्चर के नाम से चर्चित होने वाला है। यूं तो कई मित्रों के लिए ‘घर’ आज भी ‘डेरा’ ही होगा। तो आइए महंगाई की मापी की जाये

लाक डाउन में ‘वर्क एट होम’ भविष्य का सस्टेनेबल ग्लोबल कल्चर

हेमंत लाक डाउन में ‘वर्क एट होम’ का नया ‘वायरस’ भविष्य में सस्टेनेबल ग्लोबल कल्चर के नाम से चर्चित होने वाला है। यूं तो...
अशोक वाजपेयी ने 2016 में फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी का एक भाग पूरा हुआ।

फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी और अशोक वाजपेयी की प्रेरणा

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फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व अशोक वाजपेयी ने 2016 में मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी...
भारतीय भाषाओं को प्रतिष्ठा दिलाने के अथक सेनानी रहे हैं बलदेव बंशी। यूपीएससी की परीक्षाओं में भारतीय भाषाओं को उन्होंने हक दिलाया।

भारतीय भाषाओं की प्रतिष्ठा के अथक सेनानी थे बलदेव बंशी

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भारतीय भाषाओं को प्रतिष्ठा दिलाने के अथक सेनानी रहे हैं बलदेव बंशी। यूपीएससी की परीक्षाओं में भारतीय भाषाओं को उन्होंने हक दिलाया। आइए, जानते...
राम मनोहर लोहिया गैर कांग्रेसवाद के आधारस्तंभ थे। स्वतंत्र भारत की राजनीति और चिंतन धारा पर उनका गहरा असर था।

डा. लोहिया का जब पूरे सदन ने खड़े होकर स्वागत किया था

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डा. लोहिया का जब पूरे सदन ने खड़े होकर का स्वागत किया था। यह सुन कर आश्चर्य हो सकता है कि तब के प्रधान...
फणीश्वरनाथ रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं।

रेणु का उपन्यास ‘मैला आँचल’ जब चम्बल के डाकुओं तक पहुंचा

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भारत यायावर  रेणु का उपन्यास 'मैला आँचल' अपने प्रकाशन के बाद धीरे-धीरे फैलता ही जा रहा था, लेकिन यह चम्बल घाटी में डाकुओं के...
Rajeev Ranjan BJP Prawakta

कांग्रेसी भी हो चुके हैं मोदी के मुरीद: राजीव रंजन

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कांग्रेसी भी हो चुके हैं मोदी के मुरीद पटना : कांग्रेस के नेताओं पर भी मोदी मैजिक चल जाने का दावा करते हुए भाजपा प्रवक्ता...
जननायक कर्पूरी ठाकुर का आज जन्मदिन है। कर्पूरी ठाकुर सही मायने में जननायक थे। गरीबों-दलितों के उत्थान के लिए उन्होंने जो किया, वह नहीं भूलेगा।

कर्पूरी ठाकुर में जातीय कटुता की कभी धमक नहीं सुनाई दी

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कर्पूरी ठाकुर में जातीय कटुता ने कभी धमक नहीं दी। यहां तक कि आरण लागू करने पर सवर्णों की गालियां उन्होंने सुनीं, पर पलट...