मुझे रात-दिन ये ख्याल है, वो नजर से मुझको गिरा न दे…
वीर विनोद छाबड़ा
मुझे रात-दिन ये ख्याल है, वो नजर से मुझको गिरा न दे...अभिनेत्री नाजिमा का यह गीत जिसने भी सुना होगा, उसे...
शक्ति चाहे किसी भी रूप में हो विवेकहीन होती हैः रवींद्रनाथ ठाकुर
शक्ति चाहे किसी भी रूप में हो विवेकहीन होती है। कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर ने 12 अप्रैल 1919 को महात्मा गांधी को लिखे पत्र में...
भोजपुरी फिल्म ‘काहें पिरीतिया लगवल’ की शूटिंग शुरू
पटना। ऋद्धि फिल्म्स इंटरटेंमेंट प्रस्तुत भोजपुरी फिल्म ‘काहे पिरीतिया लगवल’ की शूटिंग आज से मुंबई में शुरू हो चुकी है। सामाजिक प्रेम कथा पर...
और हरिवंश जी ने सब एडिटर से सीनियर न्यूज एडिटर बना दिया
ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- का अंश आप लगातार पढ़ रहे हैं। आज उसकी अगली कड़ी के रूप में पढ़ें,...
देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे, एक अजात शत्रु का जाना
शेष नारायण सिंह
देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे। ललित सुरजन पत्रकारिता और सर्वोच्च इंसानी मान्यताओं के अजातशत्रु थे। वे पत्रकारिता के अजातशत्रु...
अनंतराम त्रिपाठी का निधन, हिंदी के प्रचार के लिए समर्पित रहे
कृपाशंकर चौबे
अनंतराम त्रिपाठी का निधन हो गया। हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित जीवन रहा है अनंतराम त्रिपाठी का। आज प्रातः साढ़े चार...
मार्क्सवाद को समझे बिना हर कोई इसकी आलोचना कर रहा
मार्क्सवाद के दर्शन की आलोचना करने के पहले यह नहीं भूलना चाहिए कि सोवियत रूस और चीन की जनता का भाग्य इसी ने बदला।...
लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता और बेकाबू कोरोना
सुशील मिश्रा
लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता फंसी है। कोरोना बेकाबू हो रहा है। कोरोना को सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन से...
कंगना राणावत के बयान को उसका ज्ञान समझने की भूल न करें
अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर...
एक संपादक ऐसा भी, जिसके लिए पद्म भूषण निरर्थक था
एक संपादक ऐसा भी, जिसके लिए पद्म भूषण निरर्थक था। यह सुन कर लोगों को आश्चर्य होगा, लेकिन ऐसा एम. चेलापति राव (दिवंगत) ने...




















