लेखक सआदत हसन मंटोः ठंडा गोश्त जैसी कहानियों के बदनाम लेखक

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पुण्यतिथि पर संस्मरण नवीन शर्मा सआदत हसन मंटो (11 मई 1912-18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं- बू, खोल दो, ठंडा गोश्त...

1984 के सिख विरोधी दंगों पर यकीनन राहुल गांधी का बयान बचकाना

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जयशंकर गुप्त आज लिखना तो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, रक्षाबंधन के बारे में चाह रहा था, लेकिन 1984 के सिख विरोधी दंगों के बारे...
तेजस्वी यादव

RJD सवर्णों को साधने में जुटा, भूराबाल से किया किनारा

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पटना। बिहार फिलहाल दलित-पिछड़े और सवर्ण राजनीति के घनचक्कर में फंसा है। दलितों के प्रति लगभग सभी दलों का झुकाव हाल के दिनों में...
अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय ने अवकाश के बाद इसी प्रेसिडेंसी कालेज में अध्यापन किया। हिन्दी के एक प्रतिष्ठित व्यंग्य-लेखक, साहित्यकार और पत्रकार, जो पाठकों के बीच अनय नाम से परिचित थे।

अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय को जानिए, कौन थे

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अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय। हिन्दी के एक प्रतिष्ठित व्यंग्य-लेखक, साहित्यकार और पत्रकार, जो पाठकों के बीच अनय नाम से परिचित थे। ‘तीसरा विभाजन’...

नहाय-खाय के साथ 1 अक्टूबर से तीन दिनों का जितिया पर्व

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जितिया का पर्व की शुरुआत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के नहाए खाए के साथ नौवी तिथि के पारण तक होती...

स्मिता पाटिल अब तक अपनी अदा के कारण दर्शकों को याद हैं

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पुण्पतिथि पर विशेष नवीन शर्मा स्मिता पाटिल हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिभावान अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने अपनी कई फिल्मों में एक से बढ़कर...
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर भी इसका कई जगहों पर बेतुका विरोध हो रहा है।

कोविड- 19 से आर्थिक तबाही की ओर तेजी से बढ़ रही दुनिया

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ओमप्रकाश अश्क कोविड- 19 की वजह से देश बड़ी आर्थिक तबाही की ओर बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। अर्थव्यवस्था का आकलन करने वाली...
ओमप्रकाश अश्क

और अविनाश जी की हो गई विदाई, अश्क को मिली पटना की कमान

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वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क का पटना आगमन 1997 के मध्य में हुआ और अगले पड़ाव की ओर वह जून 1999 में प्रस्थान कर गये।...
फिल्म दुश्मन का पोस्टर

दुश्मन फिल्म का समाज में स्वागत तो हुआ, पर बड़ा अवार्ड नहीं मिला

वीर विनोद छाबड़ा  दुश्मन फिल्म का समाज में स्वागत तो हुआ, पर अवार्ड नहीं मिला। समाज में स्वागत का प्रमाण इसकी ज़बरदस्त कामयाबी है।...
रामविलास पासवान आज पंचतत्व में निलीन हो गये, लेकिन कई लोगों के लिए कई यादें छोड़ गये हैं। कोई उनकी सज्जनता तो कई लोग उनकी कार्य प्रणाली की चर्चा करते हैं।

रामविलास पासवान ने मेरी एक चिट्ठी के जवाब में लिखी थीं 6 चिट्ठियां

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रामविलास पासवान आज पंचतत्व में विलीन हो गये, लेकिन कई लोगों के लिए कई यादें छोड़ गये हैं। कोई उनकी सज्जनता तो कई लोग...