देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान…गीत और हामिद
वीर विनोद छाबड़ा
देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान कितना बदल गया इंसान...! आपने 'नास्तिक' (1954) का ये गाना ज़रूर सुना...
हिन्दी पढ़कर कोई करेगा क्या, रोजी-रोटी तो मिलने से रही
संजय कुमार सिंह
हिन्दी पढ़कर कोई करेगा क्या, रोजी-रोटी तो मिलने से रही। वैसे तो मैंने हिन्दी नहीं पढ़ी और विज्ञान का छात्र रहा...
ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की पाकीजा के पीछे की दास्तान
वीर विनोद छाबड़ा
दो राय नहीं कि 'पाकीजा' ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की फिल्म है। जाहिर है कि इसकी कामयाबी का क्रेडिट भी मीना...
जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है
सुशील कुमार मोदी
जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद आजीवन वे तामझाम व...
राजद्रोह पर 1962 का सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पुलिस अफसर पढ़ लें
राजद्रोह पर पुलिस को 1962 में आये एक फैसले को पढ़ लेना चाहिए। अफजल गुरु को फांसी होने के बाद जेएनयू में उसकी बरसी...
चंद्रशेखर की जेल डायरी इमरजेंसी के दौर को समझने का अहम दस्तावेज है
चंद्रशेखर की जेल डायरी में अनेक प्रसंग दर्ज हैं। इमरजेंसी के दौर की शासन व्यवस्था, राजनीतिक गतिविधियों को समझने के लिए यह अहम दस्तावेज...
टीवी चैनेल और अखबार से लोग अब परहेज क्यों करने लगे हैं !
अमित प्रकाश सिंह
टीवी चैनेल और अखबार से लोग अब परहेज क्यों करने लगे हैं। सच तो यह है कि क्यों कोई टीवी खोले...
जयंती पर विशेषः साहित्य की अप्रतिम शख्यियत अमृता प्रीतम
नवीन शर्मा
वैसे तो अमृता प्रीतम पंजाबी लेखिका हैं, लेकिन हिंदी भाषा के पाठकों में भी वे खासा लोकप्रिय हैं। वे हिंदी फिल्मों की...
गांव की संस्मरण कथा- सूरजमुखी के पीछे तितली और टोकरी में इन्द्रधनुष
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप...
राजनीति का नाम सुनते ही अब घिन्न क्यों आती है
राजनीति का नाम सुनते ही अब घिन्न आती है। लेकिन नयी पीढ़ी भले अनजान हो, सच यह है कि राजनीति में पहले ऐसे लोग भी हुए...




















