नीतीश कुमार पर उनकी ही सरकार के साझीदार दल बीजेपी का दबाव बढ़ने लगा है कि वे कोटा में फंसे बिह7ार के बच्चों को लाने की पहल करें।

बिहार में वंचितों के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही सरकार

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पटना। राज्य का समुचित और वास्तविक विकास तभी संभव है, जब इसमें रहने वाले पिछड़े, वंचित संसाधन विहीन वर्ग के लोगों तक भी सरकारी...

जन्मदिन पर खास- महेश भट्ट एक संवेदनशील निर्देशक

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नवीन शर्मा महेश भट्ट हिंदी सिनेमा के  बेहतरीन निर्देशकों में से एक हैं। वे निर्माता और स्‍क्रिप्ट राइटर भी हैं। उन्होंने शुरूआती निर्देशन करियर...
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चुनाव के खेल को समझना चाहते हैं तो पढ़ लें यह किताब

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चुनाव के खेल को समझना है तो यह किताब एक बार जरूर पढ़ें। शिवम शंकर सिंह की चुनाव जीतने के तरीकों पर आयी किताब...

20 लाख शब्द लिख चुके हैं पत्रकार व शिक्षक बी.के. मिश्र

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सुरेंद्र किशोर   कोई व्यक्ति लगातार 47 साल से मुख्य धारा की पत्रकारिता में हो और उसके  लेखन को लेकर कभी कोई विवाद न हो,तो...
‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता सामग्री में मंहगाई नहीं सताती। इसलिए अभी और मंहगाई के लिए तैयार ही रहें श्रीमान ! यह कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

आत्मनिर्भर भारत बरक्स सांसदों के दत्तक गांव

आत्मनिर्भर भारत बरक्स सांसदों के दत्तक गांव। कोरोना काल में प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसदों द्वारा गांव गोद लेने की महत्कांक्षी योजना आकलन का...
फणीश्वरनाथ रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं।

फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता स्वाभाविक छंद था

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भारत यायावर  फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता और सहजता स्वाभाविक छंद था। उन्हें आक्रोश और गुस्से में देखना दुर्लभ संयोग था। वे मुश्किलों...
जार्ज फर्नांडिस के नाम पर किसी हवाई अड्डे का नामकरण करने की मांग भाजपा के राज्यसभा सदस्य व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने केंद्र सरकार से की है।

जार्ज फर्नांडिस की पुण्यतिथिः इमरजेंसी के जार्ज को मेरा सलाम !

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जार्ज फर्नांडिस के कभी करीबी रहे वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र किशोर ने उनकी पुण्यतिथि (29 जनवरी) पर अपने संस्मरणात्म लेख में लिखा है- इमरजेंसी के...
कृषि कानून के विरोध को पश्चिम बंगाल के अकाल के परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। अकाल में भूख से 30 लाख लोगों की तड़प-तड़प कर मौत हुई थी।

दो मजदूरों की जान जाने के बाद भी नहीं खुली हनुमान चीनी मिल

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बिहार के 89% लोग गाँव में रहते हैं और 70% लोग कृषि के कमाई पर ही निर्भर हैं। उपजाऊ मिट्टी और भरपूर पानी होने...

आनंद बाजार पत्रिका ने संपादकीय में राजनाथ पर तंज कसा

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आनंद बाजार पत्रिका (बांग्ला के दैनिक अखबार) ने संपादकीय में राजनाथ सिंह के शस्त्र पूजन पर तंज कसा है। अखबार ने राफेल पर ऊं...

मलिकाइन के पाती- बेमन के बियाह कनपटी ले सेनुर

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पावं लागीं मलिकार। परब-तेउहार एने एतना पर गइल हा मलिकार कि रउरा जरी पाती पठावे में तनी देरी हो गइल। हम जानी ले कि...