तू ही सागर है तू ही किनारा… यानी सुलक्षणा पंडित, इक भूली दास्तां
वीर विनोद छाबड़ा
तू ही सागर है तू ही किनारा, ढूँढता है तू किसका सहारा...संकल्प (1975) के इस गाने की गायिका सुलक्षणा पंडित थीं।...
गांव की संस्मरण कथा- बगुलघट्टा के बगुले उर्फ रामनरेश का घलुस्कू फार्मूला
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप...
प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को याद रखेगा इतिहास…..
सुशील मिश्रा
प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को इतिहास भी याद रखेगा। सड़कों पर प्रवासियों के प्रति जो अस्पृश्यता दिख रही, उसकी कल्पना प्रवासियों ने...
प्रभाष जोशी के जन्मदिन पर विशेषः हां, मिला था आपसे मुझे याद है
देशज और दैनिक जीवन के शब्दों को वाक्यों में पिरोकर मॉडर्न पत्रकारिता को एक नया रूप देने वाले स्व. प्रभाष जोशी का आज जन्मदिन...
मुक्तिबोध को पता था कि रूढ़िवादी राम की राजनीति कर सकते हैं
मुक्तिबोध ने 1950 में ही इस बात को अच्छी तरह ताड़ लिया था कि भारत की सामाजिक रूढ़िवादी ताकतें आने वाले समय में राम...
फिल्मी गमशपः रामायण की सीता फिर दिखेंगी सिल्वर स्क्रीन पर
रामानंद सागर के कालजयी धारावाहिक रामायण की सीता यानी दीपिका चिखलिया फिर से सिल्वर स्क्रीन पर नजर आयेंगी। वह न्यूज़ आई कि हिंदी फ़िल्म...
भैया दूज यानी साल में एक दिन बहनों का भाइयों का पर्व
भैया दूज की कहानी जानें। सूर्य पुत्र और यम का अपनी बहन यमुना से अपार स्नेह था।अरसे तक बहन से मिलने यम बहन के...
एम.एस. धोनी और डा. जेता सिंह जैसे लोग लौट रहे जड़ों की ओर
सुरेंद्र किशोर
क्रिकेट खिलाड़ी एम.एस. धोनी रांची के पास 43 एकड़ जमीन पर जैविक खेती कर रहे हैं। वहां कभी-कभी एम.एस. धोनी खुद भी टैक्टर...
प्राण की बलि भले न हो, पर मानसिक बलि ले रहा ME TOO अभियान
आयातित विदेशी सामान आदमी के पास रहे तो वह इतराता-इठलाता है। समाज में रौब दिखाता है। लेकिन विदेश में जन्म लेकर जब MEE TOO...
महिलाएं कुम्हड़ा क्यों नहीं काटतीं, क्या आप यह जानते हैं?
कुम्हड़ा आमतौौर पर पुरुष ही काटते हैं। साबूत कुम्हड़ा औरतें नहीं कभी नहीं काटतीं। आइए, जानते हैं ऐसा क्यों होता है।
रामधनी द्विवेदी
इस बार...




















