बर्थ डे स्पेशलः मैं पल दो पल का शायर हूं के कलमकार साहिर
नवीन शर्मा
अमिताभ बच्चन की फिल्म कभी-कभी का गीत मैं पल दो पल का शायर हूं हम में से कई लोग गुनगुनाते हैं। यह...
बाउल गायकों के साथ बाउल संगीत भी अब काफी कुछ खत्म हो गया है
बाउल सम्राट पद्मश्री पूर्णचंद्र दास ने कहा था- बड़े बाउल गायकों के साथ बाउल संगीत काफी कुछ खत्म हो गया है। तीन-चार घराने हैं...
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक यात्रा प्रसंग और 4 महिला पात्र
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह निजी यह यात्रा प्रसंग बरबस याद आ गया। इसलिए कि इस कहानी में चार महिला पात्रों का जिक्र है।...
भारत-पाकिस्तान यूद्ध के 50 साल, विजय दिवस की जय गाथा
लोकनाथ तिवारी
भारत-पाकिस्तान युद्ध के 50 साल बीत गये। आखिरकार भारत जीता। पाकिस्तान हारा। पाकिस्तान की सेना ने सरेंडर कर दिया। इंदिरा गांधी को...
सुषमा स्वराज जी का 1996 का वह भाषण भुलाये नहीं भूलता
सुषमा स्वराज ने यह भाषण संसद में तब दिया था, जब 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिरी और प्रधानमंत्री पद से उन्हें...
चंद्रशेखर की जेल डायरी इमरजेंसी के दौर को समझने का अहम दस्तावेज है
चंद्रशेखर की जेल डायरी में अनेक प्रसंग दर्ज हैं। इमरजेंसी के दौर की शासन व्यवस्था, राजनीतिक गतिविधियों को समझने के लिए यह अहम दस्तावेज...
मार्क्सवाद को समझे बिना हर कोई इसकी आलोचना कर रहा
मार्क्सवाद के दर्शन की आलोचना करने के पहले यह नहीं भूलना चाहिए कि सोवियत रूस और चीन की जनता का भाग्य इसी ने बदला।...
अमिताभ बच्चनः मोस्ट एनर्जेटिक, डेडिकेटेड, डिसिप्लिन्ड एक्टर
नवीन शर्मा
अमिताभ बच्चन मेरे ही नहीं, मेरी पीढ़ी सहित कई पीढियों के सुपर स्टार हैं। उनको यह सफलता यूं ही नहीं मिली है।...
भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी
कृपाशंकर चौबे
भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को...
अखबार की ‘साख’ से कभी मत खेलना, कहते थे नरेंद्र मोहन
निशिकांत ठाकुर
अखबार की ‘साख’ से कभी मत खेलना। यह नसीहत अक्सर ‘दैनिक जागरण’ के प्रधान संपादक स्व. नरेंद्र मोहन जी सहकर्मियों को दिया...




















