कोरोना बड़ा पापी है। जल्दी जाएगा नहीं। सरकारें हो या समाज सबको दबना ही पड़ेगा। रहेगा अभी-बहुत दिनों तक। चला भी गया, तो आता-जाता रहेगा।

कोरोना बड़ा पापी है, जल्दी जाएगा नहीं, सबको दबना ही पड़ेगा

कोरोना डायरी: 10    डा. संतोष मानव कोरोना बड़ा पापी है। जल्दी जाएगा नहीं। सरकारें हो या समाज सबको दबना ही पड़ेगा। रहेगा अभी-बहुत...

मलिकाइन के पातीः बाप रे, बिहार में बाग के बाग कुलबांसी

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मलिकाइन के पाती अबकी घसिटउआ मोबाइल पर लिखा के आइल बा। ऊ अपने त ना लिख पवली, बाकिर गांव के कवनो कनिया से लिखवा...

पीडीपी से भाजपा के मोह भंग का गणित समझिए

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जम्मू और कश्मीर की सियासत का इशारा कहीं और है, आइये इसको समझने का प्रयास करें। मोदी ने आज से लगभग 6 महीने पहले एक देश एक चुनाव को...

एक वैज्ञानिक, जिसने बताया कि पौधों को भी दर्द होता है

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जयंती पर विशेषः पेड़-पौधों में जीवन का राज बताने वाले जगदीश चंद्र बोस नवीन शर्मा आधुनिक भारत में जिस भारतीय वैज्ञानिक ने सबसे पहले विश्व...

जनमुद्दों की पत्रकारिता पर पत्रकारों ने किया मंथन

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रांची। सही मायने में जन मुद्दों से ही पत्रकारिता  का सरोकार है। पत्रकार की जिम्दामेवारी होती है कि वह उसे कितनी संजीदीगी से उठाता...
महात्मा गांधी के लिए कुर्बान हो गये चंपारण के बतख मियां

महात्मा गांधी के लिए कुर्बान हो गये चंपारण के बतख मियां

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महात्मा गांधी के लिए कुर्बान हो गये चंपारण के बतख मियां नाम के एक शख्स। कम ही लोगों को उनके बारे में और इस...
चंद्रा पांडेय के नाम से मशहूर डॉ. चंद्रकला पांडेय के व्यक्तित्व के एक नहीं, अनेक रूप हैं। कइयों के लिए वे कवयित्री हैं तो कुछ के लिए अनुवादक।

चंद्रा पांडेय के बारे में विष्णुकांत शास्त्री ने क्या कहा था, इसे जान लीजिए

कृपाशंकर चौबे चंद्रा पांडेय के नाम से मशहूर डॉ. चंद्रकला पांडेय के व्यक्तित्व के एक नहीं, अनेक रूप हैं। कइयों के लिए वे कवयित्री...

राजमहल की पहाड़ियों में सबसे पहले जन्म हुआ था मानव का

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दुमका। पुरातत्त्वविद् पंडित अनूप कुमार वाजपेयी द्वारा लिखित विश्व की प्राचीनतम सभ्यता नामक शोध पुस्तक का दुमका के जनसम्पर्क विभाग सभागार में प्रयास फाउंडेशन फार टोटल डेवलपमेंट...

शहर छोड़ गांव को संवारने में लगी हैं IAS की पत्नी ऋतु जायसवाल

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गाँव से निकल लोग जब सफल हो जाते हैं तो उसके बाद पिछे मुड़ कर वे अपने गाँव और समाज को देखते भी नहीं...
कोरोना काल में शहादत, शराब और शर्म को शिद्दत से सुनने-समझने और तस्वीरों में देखने का मौका मिला। कहीं भावनाओं के भंवर में उलझा तो कई बार हालात पर हंसी भी आई। पढ़ें, कोरोना डायरी की 11वीं कड़ीः

कोरोना काल में शहादत, शराब और शर्म का आलम !

कोरोना काल में शहादत, शराब और शर्म को शिद्दत से सुनने-समझने और तस्वीरों में देखने का मौका मिला। कहीं भावनाओं के भंवर में उलझा...