फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भिन्न भारतीय स्‍वरूपों के बीच खड़ा है। प्रेमचंद के बाद फणीश्‍वर नाथ रेणु को आंचलिक कथाकार माना गया है।

साहित्य अकादेमी पर फणीश्वरनाथ रेणु के विचार जानिए! 

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भारत यायावर  साहित्य अकादेमी पर फणीश्वरनाथ रेणु के स्पष्ट विचार थे। 1973 में साहित्य अकादेमी का उन्हें सदस्य बनाया गया था। उन्होंने अनुभव के...
अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी बतायी है वरिष्ठ पत्रकार उनेश चतुर्वेदी ने। लिखा है

अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी

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उमेश चतुर्वेदी अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी बतायी है वरिष्ठ पत्रकार उनेश चतुर्वेदी ने। लिखा है- कुछ साल...
उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ सशक्त साहित्यकार थे, बल्कि एक सही संपादक भी थे। संपादन भी सिखाते थे उपेंद्रनाथ अश्क। प्रो. कृपाशंकर चौबे को उन्होंने कई पत्र लिखे थे। (दायें प्रो. कृपाशंकर चौबे और बायें उपेंद्रनाथ अश्क)

उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ साहित्यकार थे, बल्कि एक संपादक भी थे

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उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ सशक्त साहित्यकार थे, बल्कि एक सही संपादक भी थे। संपादन भी सिखाते थे उपेंद्रनाथ अश्क। प्रो. कृपाशंकर चौबे को उन्होंने...

हिंदी सिनेमा को साहित्य से जोडऩेवाली कड़ी बिमल राय

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भारतीय सिनेमा को उत्कृष्ट ऊंचाई पर ले जाने वाले प्रारंभिक निर्देशकों में बिमल रॉय सबसे अव्वल माने जाते हैं। 12 जुलाई, 1909 में बांग्लादेश...
पाकीजा फिल्म का पोस्टर

ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की पाकीजा के पीछे की दास्तान 

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वीर विनोद छाबड़ा  दो राय नहीं कि 'पाकीजा' ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की फिल्म है। जाहिर है कि इसकी कामयाबी का क्रेडिट भी मीना...

इदिरा गांधी को टिकट देने के विरोध में जब एंटोनी ने सीएम पद छोड़ा

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सुरेंद्र किशोर इंदिरा गांधी को टिकट देने के फैसले के विरोध में केरल के मुख्यमंत्री रहे ए.के. एंटोनी ने अपने पद से इस्तीफ दे...
नेताजी सुभाष चंद्र बोस पत्रकार भी थे। यह बात नयी पीढ़ी के पत्रकारों को शायद मालूम न हो। नेताजी ने साप्ताहिक ‘फारवर्ड ब्लाक’  का संपादन किया।

जयंती पर विशेषः आज़ाद हिन्द फौज वाले नेताजी को सलाम!

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नवीन शर्मा नेताजी सुभाष बोस स्वतंत्रता संग्राम के सबसे लाजवाब हीरो हैं, लेकिन हमारे देश की सरकारों ने उन्हें उतना सम्मान नहीं दिया, जिसके...
प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने से प्रभात खबर बच गया। बता रहे हैं ओमप्रकाश अश्क

प्रभात खबर जब बिकते-बिकते बचा, जानिए पूरी कहानी

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प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने...

25 जून 1975 की आधी रात हुई थी आपातकाल की घोषणा

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लगभग 43 साल पहले देश में 25 जून 1975 की आधी रात को आपातकाल की घोषणा की गई थी। । जो 21 मार्च 1977...

हालात नहीं सुधरे तो बिहार में कांग्रेस के लिए मुश्किलः गहलोत

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पटना। कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत गुरुवार को पटना में थे। उन्होंने बीमार चल रहे लालू प्रसाद से मुलाकात के बाद बिहार प्रदेश कांग्रेस...