20 लाख शब्द लिख चुके हैं पत्रकार व शिक्षक बी.के. मिश्र

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सुरेंद्र किशोर   कोई व्यक्ति लगातार 47 साल से मुख्य धारा की पत्रकारिता में हो और उसके  लेखन को लेकर कभी कोई विवाद न हो,तो...
साहित्यकारों में आपसी सौहार्द का प्रतीक है, फणीश्वर नाथ रेणु व सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय का संबंध

साहित्यकारों में आपसी सौहार्द का प्रतीक है, अज्ञेय व रेणु का संबंध

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साहित्यकारों में आपसी सौहार्द्र का प्रतीक है, अज्ञेय और रेणु का यह संबंध। फणीश्वर नाथ रेणु के प्रति अज्ञेय के मन में काफी सम्मान...
अखबारों में छपी यह खबर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गयी है

सोशल मीडिया पर घूम रहीं ऐसी खबरें चकित करती हैं!

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गोपेश्वर सिंह सोशल मीडिया पर अखबारों की यह खबर घूम रही है कि बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद भूमिहार जाति के 100 निर्धन बच्चों...
महात्मा गांधी

दक्षिण अफ्रीका ने गांधी को राह दिखाई तो चंपारण ने मशहूर किया

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा मोहनदास करमचंद गांधी सिर्फ भारतीय उपमहाद्वीप के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता नहीं हैं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका सहित विश्व के कई अन्य...
तेजस्वी यादव

RJD सवर्णों को साधने में जुटा, भूराबाल से किया किनारा

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पटना। बिहार फिलहाल दलित-पिछड़े और सवर्ण राजनीति के घनचक्कर में फंसा है। दलितों के प्रति लगभग सभी दलों का झुकाव हाल के दिनों में...
अग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी। भारत को अपने ढंगा से सजने-संवरने और अपने नियम-कानून से देश चलाने का अवसर मिल गया। लेकिन हम उसी लीक पर चलते रहे।

अंग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी, पर भारत उसी ढर्रे पर चलता रहा

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हरे राम कात्यायन अंग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी। भारत को अपने ढंगा से सजने-संवरने और अपने नियम-कानून से देश चलाने का अवसर मिल गया।...
लाक डाउन में ‘वर्क एट होम’ का नया ‘वायरस’ भविष्य में सस्टेनेबल ग्लोबल कल्चर के नाम से चर्चित होने वाला है। यूं तो कई मित्रों के लिए ‘घर’ आज भी ‘डेरा’ ही होगा। तो आइए महंगाई की मापी की जाये

लाक डाउन में ‘वर्क एट होम’ भविष्य का सस्टेनेबल ग्लोबल कल्चर

हेमंत लाक डाउन में ‘वर्क एट होम’ का नया ‘वायरस’ भविष्य में सस्टेनेबल ग्लोबल कल्चर के नाम से चर्चित होने वाला है। यूं तो...
मुद्राराक्षस

क्या आप जानते हैं कि चर्चित साहित्यकार मुद्राराक्षस भी चुनाव लड़े थे

नागेन्द्र क्या आप जानते हैं कि चर्चित साहित्यकार मुद्राराक्षस भी चुनाव लड़े थे और तमाम लहर और सहयोग के बावजूद 1200 वोटों से संतोष करना पड़ा।...
डॉ. अंबेडकर के संपादन में निकले पाक्षिक ‘समता’ में सावरकर के उस पक्ष को तरजीह दी गयी है, जिसमें उन्होंने रोटी-बेटी के संबंध का समर्थन किया है।

बाबा साहब ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा

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बाबा साहब भीमराव अंबेदकर ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा। तभी तो उन्होंने कहा था- जातिभेद और धर्मभेद तो...
जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद आजीवन वे तामझाम व दिखावे से दूर रहे।

जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है

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सुशील कुमार मोदी जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद आजीवन वे तामझाम व...