पंडित जवाहर लाल नेहरू को मैंने कभी नहीं देखा!
शंभूनाथ शुक्ल
पंडित जवाहर लाल नेहरू को मैंने कभी नहीं देखा! नेहरू जी जिस दिन मरे, उसी दिन मेरा रिजल्ट आया था। मैं पाँचवीं...
गांव की संस्मरण कथा- बगुलघट्टा के बगुले उर्फ रामनरेश का घलुस्कू फार्मूला
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप...
बंदूक व कलम की जुगलबंदी का नाम है मन्मथनाथ गुप्त
जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
आमतौर पर बंदूक व कलम को दो विपरीत ध्रुव मानी जाती हैं। इन दोनों से ही तालमेल बना कर जिस...
भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगाः हेमंत
रांची। भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नमन...
लाकडाउन 4 के साथ ही कारखानों से धुआं उठा, पर कामगारों का टोटा
लाकडाउन 4 के साथ ही कारखानों से धुआं उठने लगा है, पर कामगारों का अकाल भी दिखने लगा है। उधर हाईवे पर दरिद्र भारत...
और अब प्रभात खबर का पटना संस्करण बना अगला पड़ाव
मुन्ना मास्टर बने एडिटर- पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक हैं। इसे हम लगातार क्रमिक रूप से प्रकाशित कर रहे हैं। गुवाहाटी, रांची, कोलकाता...
लोक का सांस्कृतिक पक्ष हमेशा से संवादधर्मी रहा है……………………
लोक संवाद करता है। उसके अपने तरीक़े हैं। आप किताबी ज्ञान के ज़रिए उससे संवाद स्थापित नहीं कर सकते। उससे संवाद करने के लिए...
रेणु का है अंदाज-ए-बयां और के रचनाकार हैं भारत यायावर
गौरीशंकर सिंह
"रेणु का है अंदाज-ए-बयाँ और" पूर्णिया में आरएन शॉ चौक से सटे लालमणि पुस्तक भंडार में दिखी। मेरी नजर एक पुस्तक पर...
पांडवों ने स्थापित की थी आरा में मां आरण्य देवी की प्रतिमा
आरा। आरण्य देवी की पूजा यहां प्राचीन काल से हो रही है। मान्यता है कि देवी की स्थापना धर्मराज युद्धिष्ठिर ने की थी। इसे...
भीष्म नारायण सिंह का जाना भोजपुरी भाषियों का बड़ा नुकसान
उमेश चतुर्वेदी
हम भोजपुरीभाषियों की एक कमी है, जैसे ही हम थोड़ा पढ़-लिख जाते हैं, सार्वजनिक जगहों पर आपसी लोगों से बातचीत में भोजपुरी...




















