राहुल वर्माः नवादा का लाल मचा रहा फिल्मी दुनिया में धमाल

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पटना (अनूप नारायण सिंह)। नवादा जैसे छोटे शहर का छोरा राहुल वर्मा इन दिनों फिल्मी दुनिया में धमाल मचा रहा है। गरीब पृष्ठभूमि से...
राम मनोहर लोहिया

राम मनोहर लोहिया जनसंघ के राष्ट्रवाद को पसंद करते थे

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राम मनोहर लोहिया जनसंघ के प्रखर राष्ट्रवाद को पसंद करते थे, पर शर्तों के साथ। वे जनसंघ के प्रखर राष्ट्रवाद  को पसंद करते थे।...
Lockdown की मियाद 3 मई तक बढ़ा दी गयी है। कोरोना की लड़ाई में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। हफ्ते भर लाकडाउन की सख्ती से पालन कराया जाएगा।

नरेंद्र मोदी का सही कदम, सांसद फंड से राजनीति में शुचिता असंभव

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नरेंद्र मोदी का सांसद फंड खत्म करने का फैसला सही है। वैसे यह प्रावधान अभी दो साल के लिए के है, पर स्थायी बन...

झारखंड में तेजी से विकसित हो रही है नयी शैली की बैद्यनाथ पेंटिंग

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डॉ आरके नीरद वरिष्ठ पत्रकार अौर जनजातीय जीवन-संस्कृति के गहरे जानकार हैं। झारखंड की कला-संस्कृति पर प्रायः ढाई दशकों से काम कर रहे हैं।...
25 जून भारतीय राजनीति में एक उल्लेखनीय तारीख है। इसी रोज 1975 में, तत्कालीन इंदिरा सरकार ने इमरजेंसी लगाई थी। दरअसल वह आपातकाल नहीं, आतंककाल था।

कांग्रेस ने भी किया था बांग्लादेश विजय का चुनावी इस्तेमाल!

सुरेंद्र किशोर पुलावामा कांड के बाद बालाकोट में भारतीय वायुसेना ने जब सर्जिकल स्ट्राइक की तो भाजपा ने इसे चल रहे लोकसभा चुनाव में...
फिल्म दुश्मन का पोस्टर

दुश्मन फिल्म का समाज में स्वागत तो हुआ, पर बड़ा अवार्ड नहीं मिला

वीर विनोद छाबड़ा  दुश्मन फिल्म का समाज में स्वागत तो हुआ, पर अवार्ड नहीं मिला। समाज में स्वागत का प्रमाण इसकी ज़बरदस्त कामयाबी है।...
लेखक निशिकांत ठाकुर दैनिक जागरण में नरेंद्र मोहन के साथ वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं

अखबार की ‘साख’ से कभी मत खेलना, कहते थे नरेंद्र मोहन

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निशिकांत ठाकुर अखबार की ‘साख’ से कभी मत खेलना। यह नसीहत अक्सर ‘दैनिक जागरण’ के प्रधान संपादक स्व. नरेंद्र मोहन जी सहकर्मियों को दिया...
कृषि कानून ठीक है, पर उसमें कुछ खामियां भी हैं। उनको ठीक किया जाना चाहिए, नहीं तो वे नतीजे नहीं निकलेंगे, जो निकलना चाहिए।

कृषि कानून का विरोध और पश्चिम बंगाल का अकाल

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अमरनाथ कृषि कानून के विरोध को पश्चिम बंगाल के अकाल के परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। अकाल में भूख से 30 लाख लोगों...
गुलाम अली खां साहब की गाई कुछ ठुमरियां- याद पिया की आये, आये न बालम का करूं सजनी, नैना मोरे तरस गये जैसी ठुमरी लोग नहीं भूलते।

गुलाम अली खां साहब की ठुमरी- याद पिया की आये, आये न बालम !

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गुलाम अली खां साहब की गाई कुछ ठुमरियां- याद पिया की आये, आये न बालम का करूं सजनी, नैना मोरे तरस गये जैसी ठुमरी...

एक वैज्ञानिक, जिसने बताया कि पौधों को भी दर्द होता है

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जयंती पर विशेषः पेड़-पौधों में जीवन का राज बताने वाले जगदीश चंद्र बोस नवीन शर्मा आधुनिक भारत में जिस भारतीय वैज्ञानिक ने सबसे पहले विश्व...