पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि वह सेक्युलरिज्म मौजूदा सरकार के शब्दकोश में नहीं है, जो 2014 से पहले की केंद्र सरकार के शब्दकोश में था

पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी का सेक्युलरिज्म जरा समझ लें

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सुरेंद्र किशोर पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि वह सेक्युलरिज्म मौजूदा सरकार के शब्दकोश में नहीं है, जो 2014 से पहले...
महात्मा गांधी

महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं

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महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं। कल तक बड़ी तादाद वैसे लोगों की थी, जो महात्मा गांधी के हत्यारे...

तन्हाई ने ताउम्र साथ नहीं छोड़ा चर्चित अभिनेत्री नादिरा का

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वीर विनोद छाबड़ा  तन्हाई ने ताउम्र साथ नहीं छोड़ा अपने जमाने की चर्चित अभिनेत्री नादिरा का। औरत जब मोहब्बत में पड़ती है तो ढेर...

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रेप की घटनाओं को ले आपातकाल

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के. विक्रम राव इस्लामी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सोमवार (20 जून 2022) से आपातकाल का ऐलान हो गया है।  कारण : वहां बलात्कार...
बिहार में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 5,175 हो गयी है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 203 नये पॉजिटिव मामले सामने आये हैं।

कोरोना डायरीः कोरोना हमारे संस्कार-संबंधों पर हमला कर रहा है

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डा. संतोष मानव कोरोना हमारे संस्कार पर हमला कर रहा है। हमारे पारिवारिक जीवन पर आघात कर रहा है। यह हमें मिटाने पर तुला...
बिहार

BIHAR : सियासी खीर बन रही या पक रही है खिचड़ी

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ओमप्रकाश अश्क रालोसपा प्रमुख और फिलवक्त केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के खीर वाले बयान के बाद बिहार की राजनीति में घमासान का बीजारोपण हो...
शराब महज मादक पदार्थ ही नहीं, सरकारी रेवेन्यू का बड़ा स्रोत भी बन गया है। कानपुर से भाजपा के सांसद सत्यदेव पचौरी का राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र भेज इसकी आलोचना की है।

शराब महज मादक पदार्थ नहीं, सरकारी रेवेन्यू का बड़ा स्रोत भी है

जयशंकर गुप्त शराब और मादक पदार्थ देश के नागरिकों की तबाही के कारक हैं। अजीब विडंबना है कि यही आज सरकारी रेवेन्यू का बड़ा...

AMIT शाह के दौरे में NDA के घटक दलों को कुछ नहीं मिला

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पटना। अमित शाह के एक दिवसीय बिहार दौरे का हासिल उनके खाते में तो जबरदस्त ढंग से जाता दिख रहा है, लेकिन भाजपा के...

मलिकाइन के पाती ः पलिहर के बानर बनले बराती

मलिकाइन रोजे पाती पठावे के कहले रहली। कई दिन बात आज उनकर पाती पहुंचल बा। लीं, पढ़ीं अपना सभे- पांव लागीं मलिकार! रउरा त रिसियात-खिसियात...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना काल में किसिम किसिम के विधायक, महापौर और पार्षद !

कोरोना काल में किसिम किसिम के विधायक, महापौर और पार्षद के दर्शन हुए। कोई वर्तमान से अतीत की ओर लौटता दिखा तो कुछ ने...