कोसी त्रासदी की याद दिलाती फिल्म ‘लव यू दुलहिन’

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पटना। 18 अगस्त 2008 को कोसी ने अपनी सीमाएं लांघ दी थीं और जो तस्वीर बदली वो इतिहास के काले पन्ने में समा गयी।...
फटा जींस पहनने की स्वतंत्रता मूलतः अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ही एक रूप है। पर इसका उपयोग कई बार आदमी को हास्यास्पद बना देता है।

फटा जींस पहनने का फैशन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसा मुद्दा

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अरविन्द पाण्डेय फटा जींस पहनने की स्वतंत्रता मूलतः अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ही एक रूप है। पर इसका उपयोग कई बार आदमी को...

राजमहल की पहाड़ियों में सबसे पहले जन्म हुआ था मानव का

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दुमका। पुरातत्त्वविद् पंडित अनूप कुमार वाजपेयी द्वारा लिखित विश्व की प्राचीनतम सभ्यता नामक शोध पुस्तक का दुमका के जनसम्पर्क विभाग सभागार में प्रयास फाउंडेशन फार टोटल डेवलपमेंट...
राहत पैकेज में कितनी राहत! लाक डाउन-3 के अंत समय में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5.94 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज-2 का ब्यौरा पेश किया। इसे विस्तार से समझा रहे वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

राहत पैकेज में कितनी राहत! समझने के लिए इसे पढ़ लीजिए

श्याम किशोर चौबे राहत पैकेज में कितनी राहत! लाक डाउन-3 के अंत समय में 13 मई को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5.94...

राजस्थान में चुनावी हवा का रुख भांपना ज्यादा आसान है

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बब्बन सिंह विधानसभा के होने वाले चुनाव में राजस्थान में हवा का रुख भांपना ज्यादा आसान है। राजस्थान में वसुंधरा सरकार के कई मंत्री...

31 अक्टूबर को पूरे दिन पुष्य नक्षत्र, खरीदारी के लिए शुभ

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पटना। पुष्य का अर्थ होता है पोषण, ऊर्जा और शक्ति प्रदान करने वाला, यह शुभ एवं कल्याणकारी होता है। कार्तिक कृष्ण अष्टमी 31 अक्टूबर...
मुंबई में हरे वृक्षों का संहार रुक गया, उच्चतम न्यायालय की पहल से

मुंबई में हरे वृक्षों का संहार रुक गया, आभार उच्चतम न्यायालय का

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के. विक्रम राव  मुंबई में हरे वृक्षों का संहार रुक गया, आभार उच्चतम न्यायालय का। वर्ना छब्बीस हजार जानों पर आरे कालोनी में आरी...
फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भिन्न भारतीय स्‍वरूपों के बीच खड़ा है। प्रेमचंद के बाद फणीश्‍वर नाथ रेणु को आंचलिक कथाकार माना गया है।

फणीश्वर नाथ रेणु ने कथा की अलग प्रणाली विकसित की

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फणीश्वर नाथ रेणु कथा की नैरेटिव या आख्यानक पद्धति के साथ नाटकीयता का समन्वय कर विरासत को कायम रखते हुए कथा की अलग प्रणाली...
इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में शुरू हुए आंदोलन की याद स्वाभाविक है। इसलिए कि इमर्जेंसी का आधार जय प्रकाश का आंदोलन ही माना गया।

इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश आंदोलन का स्मरण

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शिवानंद तिवारी इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में शुरू हुए आंदोलन की याद स्वाभाविक है। इसलिए कि इमर्जेंसी...
विपक्ष की भूमिका अब पहले जैसी नहीं। पूरी तरह बदल गयी है। सत्ता पक्ष के हर फैसले की आलोचना करना विपक्ष की भूमिका में शामिल हो गया है।

विपक्ष की भूमिका बदल गयी है, अच्छे की भी आलोचना

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विपक्ष की भूमिका अब पहले जैसी नहीं। पूरी तरह बदल गयी है। सत्ता पक्ष के हर फैसले की आलोचना करना विपक्ष की भूमिका में...