जयंती पर विशेषः कैप्टन से कामरेड बनीं लक्ष्मी सहगल को सलाम

0
नवीन शर्मा आजाद हिंद फौज की कैप्टन लक्ष्मी सहगल उन बेमिसाल क्रांतिकारी महिलाओं में शामिल थीं, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।...
चीनी कम खाइए, सेहतमंद रहिए

चीनी कम खाने के क्या हैं फायदे, आप जान लीजिए

0
दिल्ली। चीनी कम खाने के कई हैं फायदे हैं। चीनी के अधिक सेवन से कई प्रकार की दीर्घकालीन बीमारियां शरीर में जन्म लेती हैं।...

अमिताभ को बनारसी पान खिलाने वाला गंगा किनारे का छोरा अंजान

0
जन्मदिन पर विशेष नवीन शर्मा अमिताभ बच्चन की डॉन फिल्म के मशहूर गीत खाईके पान बनारस वाला ने हिंदी सिनेमा के गानों की दुनिया में...
बेरोजगारी पर बहस नयी नहीं, लेकिन सेन्टर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट ने बहस को नया जीवन दे दिया है।

टीवी न्यूज चैनल लिब्रिटी जर्नलिज्म की नई परिभाषा लिखने में मस्त

0
टीवी न्यूज चैनल लिब्रिटी जर्नलिज्म की नई परिभाषा लिखने में मस्त हैं। इस कवायद में महिमागान से लेकर चरित्रहनन तक हर हथकंडे अपनाए जा...

ट्रेनों की लेटलतीफी पर रेल मंत्री का नया शिगूफा

0
बैलगाड़ियों के भारी लेट चलने और उससे सरकार को फजीहत से बचाने के लिए अब रेल मंत्री पीयूष गोयल ने नया पैंतरा चला है कि मरम्मत...
महामारी माने मरीज, मजदूर, मजबूरी, मौत, मदी और महंगाई। महामारी कोरोनावायरस के असर को इन सात शब्दों के जरिये बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।

महामारी माने मरीज, मजदूर, मजबूरी, मौत,  मंदी और महंगाई

दीपक कुमार महामारी माने मरीज, मजदूर, मजबूरी, मौत, मदी और महंगाई। महामारी कोरोनावायरस के असर को इन सात शब्दों के जरिये बेहतर ढंग से...

जयंती पर विशेषः पंचम दा शानदार संगीत के लिए शुक्रिया!

0
नवीन शर्मा राहुल देव बर्मन मशहूर संगीत निर्देशक एसडी बर्मन की इकलौती संतान थे। जब पिता किसी क्षेत्र में काफी शोहरत हासिल कर लेता...
कई अखबारों के वरिष्ठ पदों पर रहे और फिलवक्त BBC और दूरदर्शन के लिए काम करने वाले  पत्रकार रवि प्रकाश ने कैंसर को वरदान के रूप में अंगीकार कर लिया है

रवि प्रकाश, लंग्स कैंसर, मित्रों की मदद, भावुकता और संघर्ष का जज्बा

0
रवि प्रकाश, लंग्स कैंसर, मित्रों की मदद, भावुकता और संघर्ष का जज्बा। जी, पत्रकार रवि प्रकाश की बात हो रही है, जो इनदिनों मुंबई...
चंद्रशेखर (भूतपूर्व प्रधानमंत्री) की पुण्यतिथि पर उनसे जुड़े कई लम्हे दिलो-दिमाग में आने लगे हैं। सीतामढ़ी से जुड़ा एक प्रसंग याद आ रहा है। 80 के दशक की बात है।

चंद्रशेखर जी को सीतामढ़ी आने से मना किया गया, पर वे आए

नागेंद्र प्रसाद सिंह चंद्रशेखर (भूतपूर्व प्रधानमंत्री) की पुण्यतिथि पर उनसे जुड़े कई लम्हे दिलो-दिमाग में आने लगे हैं। सीतामढ़ी से जुड़ा एक प्रसंग याद...

नेपाल में माहवारी के दौरान महिलाएं अलग झोपड़ी में रहती थीं

0
सुधा सिंह नेपाल में माहवारी के दौरान महिलाएं अलग झोपड़ी में रहती थीं। यह सुनने में जितना अटपटा लगता है, मानवीय आधार पर उतना...