अपने ही घर में बेगाने हो जाने की मजबूरी का नाम है घुसपैठ
सुरेंद्र किशोर
सन 1979-1985 के असम आंदोलन के दौरान 855 आंदोलनकारियों की जानें गयी थीं। इतनी कुर्बानियां देने के बाद 1985 में प्रधानमंत्री राजीव...
शहर छोड़ गांव को संवारने में लगी हैं IAS की पत्नी ऋतु जायसवाल
गाँव से निकल लोग जब सफल हो जाते हैं तो उसके बाद पिछे मुड़ कर वे अपने गाँव और समाज को देखते भी नहीं...
Croatia को रौंद 20 साल बाद फिर विश्व चैंपियन बना फ्रांस
फ्रांस ने रविवार को मॉस्को के लुजिन्हकी स्टेडियम पर फाइनल मुकाबले में क्रोएशिया को 4-2 से रौंदते हुए फीफा विश्व कप 2018 का खिताब जीता।...
एक संपादक ऐसा भी, जिसके लिए पद्म भूषण निरर्थक था
एक संपादक ऐसा भी, जिसके लिए पद्म भूषण निरर्थक था। यह सुन कर लोगों को आश्चर्य होगा, लेकिन ऐसा एम. चेलापति राव (दिवंगत) ने...
विपक्षी एकता चुनाव से पहले संभव नहीं दिखती
लोकसभा चुनाव के लिए हो रही विपक्षी एकता की कोशिश कितनी कामयाब होगी, यह तो समय बतायेगा, लेकिन एक बात साफ है कि अपने-अपने...
हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी ने दी थी सीख
प्रवीण बागी
हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपने अखबार प्रताप के पहले अंक में पत्रकारिता की अवधारणा प्रस्तुत की थी। वह...
रेणु से मैंने सवाल किया, “आपने पालिटिक्स क्यों छोड़ दी?”
रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं। दुनिया को...
बाबा साहब ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा
बाबा साहब भीमराव अंबेदकर ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा। तभी तो उन्होंने कहा था- जातिभेद और धर्मभेद तो...
हिन्दी फिल्मों की अभिनेत्री जायरा वसीम का डर!
ध्रुव गुप्त
कश्मीर से आने वाली हिन्दी फिल्मों की अभिनेत्री जायरा वसीम का फिल्म छोड़ने का फैसला उनका व्यक्तिगत फैसला है, जिसका सम्मान किया...
डा. राम मनोहर लोहिया का संदेश- ‘‘बिजली की तरह कौंधो
सुरेंद्र किशोर
डा. राम मनोहर लोहिया ने संदेश दिया- ‘‘बिजली की तरह कौंधो और सूरज की तरह स्थायी हो जाओ।’’ 1967 की गैर कांग्रेसी...



















