बिहार की पॉलिटिक्स पर प्रेमकुमार मणि की बेबाक टिप्पणी
लोकसभा चुनावों के अब कुछ ही महीने शेष हैं। स्वाभाविक है राजनीतिक चर्चाएं तेज होंगी। हो भी रही हैं। चौक-चौराहों, दफ्तरों से लेकर घरेलू...
अज्ञेय और रेणु के संबंध कितने मधुर थे, समझें इस आलेख से
अज्ञेय और रेणु के संबंध कितने मधुर थे, इसे कई प्रसंगों का जिक्र कर वरिष्ठ साहित्यकार भारत यायावर ने बताने-समझाने की कोशिश की है।...
डा. राम मनोहर लोहिया का संदेश- ‘‘बिजली की तरह कौंधो
सुरेंद्र किशोर
डा. राम मनोहर लोहिया ने संदेश दिया- ‘‘बिजली की तरह कौंधो और सूरज की तरह स्थायी हो जाओ।’’ 1967 की गैर कांग्रेसी...
तब प्रभात खबर के प्रिंटलाइन में संपादकीय प्रभारी का नाम छपा
आप जहां रहते हैं, उसके इर्द-गिर्द हर दिन, हर पल कई ऐसी चीजें घटित होती हैं कि जब कभी किस्सागोई में उन्हें समेटना चाहें...
कोरोना डायरीः इन्हें डायन कोरोना ने नहीं, नियति ने मारा है !
शुक्रवार को रेल की पटरियों पर सोये जो 16 मजदूर कट-मर गए, उन्हें कोरोना ने नहीं नियति ने मारा है। ये इसलिए मरे, क्योंकि...
साहित्यकारों में आपसी सौहार्द का प्रतीक है, अज्ञेय व रेणु का संबंध
साहित्यकारों में आपसी सौहार्द्र का प्रतीक है, अज्ञेय और रेणु का यह संबंध। फणीश्वर नाथ रेणु के प्रति अज्ञेय के मन में काफी सम्मान...
शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है
प्रो. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी
शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है। भारतीय शिक्षा में भाषा की भूमिका उसके...
फाइटर संदीप सिंह के जज्बे की दास्तान सुनाती है सूरमा
आज भले ही क्रिकेट हमारे देश का सबसे लोकप्रिय खेल बन गया है, लेकिन हमारा राष्ट्रीय खेल तो हॉकी ही है। हॉकी में भारत...
देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे, एक अजात शत्रु का जाना
शेष नारायण सिंह
देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे। ललित सुरजन पत्रकारिता और सर्वोच्च इंसानी मान्यताओं के अजातशत्रु थे। वे पत्रकारिता के अजातशत्रु...
पंडित जवाहर लाल नेहरू के अवसान पर अटल जी का संदेश
ध्रुव गुप्त
पंडित जवाहर लाल नेहरू के अवसान पर अटल बिहारी वाजपेयी का संदेश एक दस्तावेज है, जो साबित करता है कि राजनीति में...




















