मोटूरि सत्यनारायण आगरा में केंद्रीय हिदी संस्थान को भाषायी प्रयोजनीयता के केन्द्र के रूप में विकसित करना चाह रहे थे।

मोटूरि सत्यनारायण उत्तर-दक्षिण भाषा-सेतु के वास्तुकार थे

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मोटूरि सत्यनारायण आगरा में केंद्रीय हिदी संस्थान को भाषायी प्रयोजनीयता के केन्द्र के रूप में विकसित करना चाह रहे थे। वे प्रयोजनमूलक हिंदी आंदोलन...
भीष्म साहनी

जयंती पर विशेषः तमस में उजियारे का नाम भीष्म साहनी

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नवीन शर्मा भीष्म साहनी हिंदी साहित्यकारों में विशिष्ट स्थानीय रखते हैं। सात अगस्त 1915 को रावलपिंडी में इनका जन्म हुआ था। अपने उपन्यास तमस...

आरडी बर्मन ने दिया हिंदी फिल्म संगीत को नया मुकाम

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा आरडी बर्मन उन रेयर बेटों में शामिल हैं, जो महान पिता की कामयाबी के बरगद तले रहने के बाद भी...
गांधीजी ने बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर धर्म की शिक्षा दी थी। चंपारण सत्याग्रह के दिनों की बात है। गांधीजी वहीं एक गांव में रुके हुए थे।

गांधीजी ने जब बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर दिया

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निराला गांधीजी ने बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर धर्म की शिक्षा दी थी। चंपारण सत्याग्रह के दिनों की बात है।...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर दीप जलाने से कोरोना का वायरस मरेगा या नहीं, पर ऐसे आयोजन की आलोचना से भी वायरस नहीं मरेगा।

‘अहवा’ भगाने की लुकाठी से असमय दीपावली के टोटके तक

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'अहवा' भगाने की लुकाठी से असमय दीपावली के टोटके तक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर डीयू के प्रोफेसर गोपेश्वर सिंह ने एक...

बेरोजगारी की मार से त्रस्त हैं देशभर के पत्रकार

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लोकनाथ तिवारी की रे किछू काजेर संधान पेली, छ मास धोरे घोरे बंदी होये पोड़े आची। (क्या रे कोई काम काज खोजा, छह महीने...
कोरोना काल में शहादत, शराब और शर्म को शिद्दत से सुनने-समझने और तस्वीरों में देखने का मौका मिला। कहीं भावनाओं के भंवर में उलझा तो कई बार हालात पर हंसी भी आई। पढ़ें, कोरोना डायरी की 11वीं कड़ीः

कोरोना काल में शहादत, शराब और शर्म का आलम !

कोरोना काल में शहादत, शराब और शर्म को शिद्दत से सुनने-समझने और तस्वीरों में देखने का मौका मिला। कहीं भावनाओं के भंवर में उलझा...
सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं खासकर हिन्दी की विदाई होने लगी है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में हिन्दी के प्रति छात्रों का आकर्षण घटेगा। नौकरी न मिले तो फिर हिन्दी कोई पढ़े क्यों।

सरकारी सेवाओं से आहिस्ता-आहिस्ता होती जा रही हिन्दी की विदाई

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अमरनाथ सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं खासकर हिन्दी की विदाई होने लगी है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में हिन्दी के प्रति छात्रों का आकर्षण...

बांग्ला में लेखन, पर हिन्दी में सर्वाधिक पढ़े गये शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा शरत चंद्र वैसे तो मूल रूप से बांग्ला के उपन्यासकार थे, लेकिन उनकी रचनाओं के अनुवाद हिंदी भाषी लोगों में खासे...

पवन सिंह की दरियादिली,  111 रुपये में फिल्म बॉस साइन की

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भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह ने दरियादिली दिखाते हुए अपने बड़े भाई समान फिल्म मेकर प्रेम राय की अगली फिल्म बॉस मात्र...