कल से पितृ पक्ष है। पितरों का तर्पण कल से शुरू होगा। पितृपक्ष में कुश की जरूरत पड़ती है।गया में पिंडदान का काफी महत्व है

पितृपक्ष में कुश की तलाश और इसी बहाने जानें उसका महत्‍व  

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कल से पितृ पक्ष है। पितरों का तर्पण कल से शुरू होगा। पितृपक्ष में कुश की जरूरत पड़ती है। शहरों में संकट है। जल्दी...

प्रलेक प्रकाशन की शिनाख्त सीरिज में- ‘कृपाशंकर चौबे एक शिनाख्त’

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ओमप्रकाश अश्क प्रलेक प्रकाशन, मुंबई ने पत्रकार, स्तंभकार, टिप्पणीकार, निबंधकार, साहित्य समालोचक कृपाशंकर चौबे के सृजन और शोध पर 464 पृष्ठों का ग्रंथ अभी-अभी...
परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहले होते हैं। भूमंडल में परियों का अस्तित्व है। परियों को देखने के लिए उम्दा किस्म के कैमरे की जरूरत है।

परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहरे होते हैं

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परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहरे होते हैं। भूमंडल में परियों का अस्तित्व है। परियों को देखने के लिए उम्दा किस्म...
अभिनेत्री रेखा

इन आँखों की मस्ती के मस्ताने ………………………………

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नवीन शर्मा इन आँखों की मस्ती के मस्ताने ...उमराव जान फिल्म में रेखा पर फिल्माया गया यह गीत उन पर एकदम फिट बैठता है।...
मजार पर चादर चढ़ाने जाते नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

नीतीश की चुप्पी किसी बड़े तूफान का संकेत तो नहीं

नीरज सिंह पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हफ्ते भर से चुप हैं। आधिकारिक तौर पर यही एक लाइन की सूचना छन कर बाहर आयी...
‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता सामग्री में मंहगाई नहीं सताती। इसलिए अभी और मंहगाई के लिए तैयार ही रहें श्रीमान ! यह कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

बहुत हुई मंहगाई की मार, अब तो बख्श दीजिए सरकार !

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श्याम किशोर चौबे ‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता...

इस बार नौका पर आएंगी माँ दुर्गा और जाएंगी हाथी पर सवार होकर

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कलश स्थापना 10 अक्तूबर को होगी, विजयादशमी 19 अक्टूबर को पड़ेगी बेगूसराय (नंदकिशोर सिंह)। इस  वर्ष 20018 की दुर्गा पूजा 10 अक्टूबर आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा...
संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब के बड़े व मशहूर केंद्र होते थे।

संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का बड़ा योगदान रहा

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ध्रुव गुप्त संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब...

जयंती पर विशेषः लाला लाजपत स्वतंत्रता संग्राम के अनमोल रत्न

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नवीन शर्मा लाला लाजपत राय हमारे स्वतंत्रता संग्राम के शानदार योद्धाओं में प्रमुख हैं। उनका जन्म 28 जनवरी, 1865 ई. को अपने ननिहाल  ढुंढिके,...

कुलदीप नैयर को श्रद्धांजलिः आप जानते हैं, वह मुल्जिम कौन था?

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मिथिलेश कुमार सिंह फर्ज करिये, देश में इमरजेंसी लगी है। आपके सोचने- समझने, लिखने- पढ़ने की आजादी पर पहरे बिठा दिये गये हैं।...