अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी बतायी है वरिष्ठ पत्रकार उनेश चतुर्वेदी ने। लिखा है

अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी

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उमेश चतुर्वेदी अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी बतायी है वरिष्ठ पत्रकार उनेश चतुर्वेदी ने। लिखा है- कुछ साल...

पुरषोत्तम से हारते नहीं तो गजल गायक नहीं बन पाते जगजीत सिंह

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जयंती पर विशेष नवीन शर्मा जगजीत सिंह के गजल गायक बनने की कहानी बड़ी ही दिलचस्प है। ये उन दिनों की बात है जब जगजीत...
रोजेदार का प्रतीकात्मक फोटो

सांप्रदायिक सौहार्द समझने के लिए इसे जरूर पढ़िए

शंभूनाथ शुक्ला सांप्रदायिक सौहार्द समझने के लिए इसे जरूर पढ़िए। सोशल मीडिया ने सदाशयता, सांप्रदायिक सद्भाव और मेल-मिलाप की बजाय समाज में जहर ज्दाया...
लार्ड मेकाले के भाषण का वह अंश, जो उन्होंने भारत के बारे में ब्रिटिश संसद में दिया था

मेकाले-वाद का खतरा क्या एक बार फिर भारत पर मंडरा रहा है?

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मेकाले-वाद का खतरा क्या एक बार फिर भारत पर मंडरा रहा है। यह सवाल कई कारणों से मौजू हो गया है। लार्ड मेकाले ने...
‘हिन्दोस्थान’ अखबार में हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी खबरें साथ छपती थीं। यह अभिनव प्रयोग था। हिन्दी से शुरू होकर बाद में यह बदलाव देखने को मिला।

‘हिन्दोस्थान’ अखबार में हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी खबरें एक साथ

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‘हिन्दोस्थान’ अखबार में हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी खबरें साथ छपती थीं। यह अभिनव प्रयोग था। हिन्दी से शुरू होकर बाद में यह बदलाव देखने...

ट्रेनों की लेटलतीफी पर रेल मंत्री का नया शिगूफा

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बैलगाड़ियों के भारी लेट चलने और उससे सरकार को फजीहत से बचाने के लिए अब रेल मंत्री पीयूष गोयल ने नया पैंतरा चला है कि मरम्मत...
नेताजी सुभाष चंद्र बोस पत्रकार भी थे। यह बात नयी पीढ़ी के पत्रकारों को शायद मालूम न हो। नेताजी ने साप्ताहिक ‘फारवर्ड ब्लाक’  का संपादन किया।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस बंगाल में सियासत के हाट केक बन गये हैं

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सोना देव नेताजी सुभाष चंद्र बोस बंगाल में इनदिनों सियासत के हाट केक बन गये हैं। आज नेता जी जयंती पर नरेंद्र मोदी व...

बर्थ डे खासः स्मिता पाटिल एक संवेदनशील अभिनेत्री 

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नवीन शर्मा स्मिता पाटिल हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिभावान अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने अपनी कई फिल्मों में एक से बढ़कर एक यादगार...
इमरजेंसी के दौर को समझने के लिए कविताएं, गजल आदि तो अहम दस्तावेज हैं हीं, उस दौर में जेल में लिखी गयीं डायरियां सबसे प्रामाणिक स्रोत हैं।

इमरजेंसी के दौर को समझने के लिए जेल डायरियां प्रामाणिक स्रोत हैं

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हरिवंश इमरजेंसी के दौर को समझने के लिए कविताएं, गजल आदि तो अहम दस्तावेज हैं हीं, उस दौर में जेल में लिखी गयीं डायरियां...

पटना में सजा सितारों का मेला, महफिल हुआ गुलजार

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पटना। रविवार की शाम पटना में सितारों का मेला सजा। महफिल ऐसी रोशन हुई की हर कोई देखता ही रह गया। मौका था ईस्टर्न...