सरकारी सेवाओं से आहिस्ता-आहिस्ता होती जा रही हिन्दी की विदाई
अमरनाथ
सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं खासकर हिन्दी की विदाई होने लगी है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में हिन्दी के प्रति छात्रों का आकर्षण...
पं. अच्युतानंद मिश्र, जनसत्ता और महाश्वेता देवी का स्तंभ
कृपाशंकर चौबे
पं. अच्युतानंद मिश्र जब ‘जनसत्ता’ के संपादक थे तो वे महाश्वेता देवी से स्तंभ लिखवाते थे। महाश्वेता जी बांग्ला में लिखकर देतीं।...
मलिकाइन के पाती- बेमन के बियाह कनपटी ले सेनुर
पावं लागीं मलिकार। परब-तेउहार एने एतना पर गइल हा मलिकार कि रउरा जरी पाती पठावे में तनी देरी हो गइल। हम जानी ले कि...
इकतरफा प्यार में गिरफ्तार लोगों को काफी करीब से देखा है
पल्लवी प्रकाश
इकतरफा प्यार में गिरफ्तार लोगों को अपने आस-पास करीब से देखा है और उनसे कभी सहानुभूति नहीं रही। गुस्सा, खीज और दुःख...
बर्थडे स्पेशलः हिस्ट्री में फेल, पर पीरियड फिल्मों में पास हुए गोवारिकर
नवीन शर्मा
लगान फिल्म में भुवन बने आमिर खान अधिकतर लोगों को जरूर याद होंगे। भले ही इस बेहतरीन फिल्म के डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर...
हिरोशिमा पर हमले की यादः परमाणु बमों का हो सर्वनाश
नवीन शर्मा
अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति हैनरी ट्रूमैन से जापान पर 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा शहर लिटल बॉय नाम का एटम...
झारखंड में तेजी से विकसित हो रही है नयी शैली की बैद्यनाथ पेंटिंग
डॉ आरके नीरद वरिष्ठ पत्रकार अौर जनजातीय जीवन-संस्कृति के गहरे जानकार हैं। झारखंड की कला-संस्कृति पर प्रायः ढाई दशकों से काम कर रहे हैं।...
कसम से तीसरी कसम तक के मायने समझने के लिए इसे पढ़ें
भारत यायावर
कसम क्या है? एक प्रण,एक संकल्प, एक प्रतिज्ञा, एक वचन, एक आत्मसंयम की उद्घोषणा! कुछ लोग बात-बात पर कसम खाते हैं। कुछ...
अच्युतानंद मिश्र का हिन्दी पत्रकारिता में अवदान असाधारण है
कृपाशंकर चौबे
अच्युतानंद मिश्र का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख...
कोसी त्रासदी की याद दिलाती फिल्म ‘लव यू दुलहिन’
पटना। 18 अगस्त 2008 को कोसी ने अपनी सीमाएं लांघ दी थीं और जो तस्वीर बदली वो इतिहास के काले पन्ने में समा गयी।...




















