जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं
श्याम किशोर चौबे
जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं। जश्न मनाइए कि शराब की बोतलें लूटने नहीं, किसी भी कीमत में...
संपूर्ण क्रांति की याद दिलाता इंदिरा गांधी का आपातकाल
आपातकाल जिन परिस्थितियों में लगा या इंदिरा गांधी ने लगाया, उसकी बड़ी वजह जयप्रकाश नारायण की अगुआई में छिड़ा छात्र आंदोलन था। उस आंदोलन...
आर्थिक उदारीकरण ने पैकेज तो दिये, पर बाजार के रास्ते ले लिये
आर्थिक उदारीकरण ने आपको वेतन-पैकेज लाख-करोड़ रुपये तो दिये, लेकिन ये पैसे बाजार के रास्ते फिर पूंजीपतियों के पास ही पहुंच गये। इसे कोई...
दो मजदूरों की जान जाने के बाद भी नहीं खुली हनुमान चीनी मिल
बिहार के 89% लोग गाँव में रहते हैं और 70% लोग कृषि के कमाई पर ही निर्भर हैं। उपजाऊ मिट्टी और भरपूर पानी होने...
कोरोना काल में ऐसी खबरें, जो भारत की ताकत का एहसास कराती हैं
कोरोना काल में ऐसी अनेक खबरें आईं हैं, जिसमें बताया गया कि घर में मौत हो गई, और फलां अधिकारी-कर्मचारी दूसरे दिन काम पर...
सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थीः जयंती पर विशेष
कृपाशंकर चौबे
सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थी। बांग्ला के विशिष्ट कवि सुभाष मुखोपाध्याय की आज जयंती (12 फरवरी 1919- 8...
मैला आँचल का रूसी अनुवाद और फणीश्वर नाथ रेणु का संकट
मैला आँचल का जब रूसी अनुवाद हो गया, तो उसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गयी कि यह इसके लेखक फणीश्वर नाथ रेणु का के लिए...
मेकाले-वाद का खतरा क्या एक बार फिर भारत पर मंडरा रहा है?
मेकाले-वाद का खतरा क्या एक बार फिर भारत पर मंडरा रहा है। यह सवाल कई कारणों से मौजू हो गया है। लार्ड मेकाले ने...
20 लाख शब्द लिख चुके हैं पत्रकार व शिक्षक बी.के. मिश्र
सुरेंद्र किशोर
कोई व्यक्ति लगातार 47 साल से मुख्य धारा की पत्रकारिता में हो और उसके लेखन को लेकर कभी कोई विवाद न हो,तो...
रेणु का उपन्यास ‘मैला आँचल’ जब चम्बल के डाकुओं तक पहुंचा
भारत यायावर
रेणु का उपन्यास 'मैला आँचल' अपने प्रकाशन के बाद धीरे-धीरे फैलता ही जा रहा था, लेकिन यह चम्बल घाटी में डाकुओं के...




















