गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान सकते हैं कि देवताओं पर कितना लोड रहा होगा।

गांव में देवता तो गिनती के थे, पर बचपन में भूतों की भरमार थी

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अरविंद चतुर्वेद गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान...

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर...

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात कर नया झारखंड नया भारत बनाएं झारखण्ड : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जयंती...
कोयल का आवाज में बसंत गाता है। सरसों के पीले फूलों की गंध से बसंत महकता है। आम के मंजर की मादक गंध किसे न भाती।

कोयल, बसंत में अब तुम्हारे कूकने का बेसब्री से इंतज़ार है !

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कोयल का आवाज में बसंत गाता है। सरसों के पीले फूलों की गंध से बसंत महकता है। आम के मंजर की मादक गंध किसे...
ओमप्रकाश अश्क

और अविनाश जी की हो गई विदाई, अश्क को मिली पटना की कमान

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वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क का पटना आगमन 1997 के मध्य में हुआ और अगले पड़ाव की ओर वह जून 1999 में प्रस्थान कर गये।...

चार वर्षों में आमजन तक पंहुचा बैंकिंग का लाभ : राजीव रंजन

पटना। केंद्र में भाजपा शासन के चार वर्षों में देश की आम जनता को बैंकिंग और सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाने के लिए केंद्र...
कृषि कानून ठीक है, पर उसमें कुछ खामियां भी हैं। उनको ठीक किया जाना चाहिए, नहीं तो वे नतीजे नहीं निकलेंगे, जो निकलना चाहिए।

कृषि कानून अच्छा तो है, पर उसमें कुछ खामियां भी हैं

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कृषि कानून ठीक है, पर उसमें कुछ खामियां भी हैं। उनको ठीक किया जाना चाहिए, नहीं तो वे नतीजे नहीं निकलेंगे, जो निकलना चाहिए।...

नवाबी अंदाज में ‘मुगलई’ व ‘लखनवी’ व्यंजनों का तड़का लगेगा इस फूड फेस्टिवल में

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15 दिनों तक चलने वाले 'अवधी फूड फेस्टिवल' की शुरुआत 1 सितम्बर से पटना: राजधानी पटना में पहली बार 'अवधी फूड फेस्टिवल' का आयोजन बड़े...
अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर रही। वह तो आजादी की व्याख्या कर रही है। जैसे टुकड़े-टुकड़े गैंग को इस देश से आजादी चाहिए।

कंगना राणावत के बयान को उसका ज्ञान समझने की भूल न करें  

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अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर...

पुण्यतिथि पर एपीजे अब्दुल कलाम को सलाम

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नवीन शर्मा एपीजे अब्दुल कलाम सबसे यूनिक किस्म के राष्ट्रपति थे। रामेश्वर के छोटे से शहर के एक साधारण से मुस्लिम परिवार में जन्में...

वीपी सिंह को याद करते हुएः राजा नहीं, फकीर है

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वीपी सिंह एक ऐसे प्रधानमंत्री और नेता थे, जिनके लिए लोगों ने ये नारा लगाया- राजा नहीं फ़क़ीर है- भारत की तक़दीर है! वर्तमान...