शून्य की ओर बढ़ते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
वैसे राजनीति में किसी के बारे में अगर कह दिया जाए की फलां शून्य की ओर बढ़ रहा है तो लोग अनायास ही उसके...
बर्थडे स्पेशलः जावेद अख्तर, शब्दों की जादूगरी वाली शख्सियत
नवीन शर्मा
जावेद अख्तर का जन्म 17 जनवरी 1945 को ग्वालियर में हुआ था। उनके पिता जानिसार अख्तर प्रसिद्ध प्रगतिशील कवि और माता सफिया अख्तर मशहूर उर्दू लेखिका तथा शिक्षिका थीं।...
मार्क्स ने युवा दिनों में शायद ही संवेदनशील मन पर प्रभाव न डाला हो
मार्क्स के विचारों ने युवा दिनों में शायद ही किसी संवेदनशील मन पर प्रभाव न डाला हो। उन्हीं दिनों सर्वोदय दार्शनिक दादा धर्माधिकारी से सान्निध्य बढ़ा।...
आपसी स्वार्थ के कारण महागठबंधन में छिड़ी हुई है महाभारत: राजीव रंजन
महागठबंधन में छिड़ी हुई है महाभारत केवल आपसी स्वार्थ के कारण
पटना : महागठबंधन में फैली दरार का कारण घटक दलों के स्वार्थ को बताते...
मलिकाइन के पाती- घर के लात नीमन, बाहर के सतावल बाउर
पावं लागीं मलिकार। एने तनी अझुरा गइनी हां मलिकार, लड़िकन के बर-बेमारी में, एही से टाइम पर पाती ना लिखवा पवनी। अब नन्हका ठीक...
छठ पर्व के स्त्री विमर्श को समझना चाहिए, यह उन्हीं का पर्व
शंभुनाथ
छठ पर्व एकमात्र ऐसा पर्व है जो स्त्रियों का है। इसमें पुरोहित ब्राह्मणों, पितृसत्ता तथा जाति भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। यह...
निर्भया रेप कांड की वकील सीमा कुशवाहा को सलाम!
निर्भया रेप कांड में सीमा कुशवाहा जीवन में पहला मुकदमा बिना फीस लड़ कर आज सबके दिलों में जगह बना ली है। उन्होंने निर्भया...
नरेंद्र मोदी का सही कदम, सांसद फंड से राजनीति में शुचिता असंभव
नरेंद्र मोदी का सांसद फंड खत्म करने का फैसला सही है। वैसे यह प्रावधान अभी दो साल के लिए के है, पर स्थायी बन...
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन द्वंद्व के रहे
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल...
प्राण की बलि भले न हो, पर मानसिक बलि ले रहा ME TOO अभियान
आयातित विदेशी सामान आदमी के पास रहे तो वह इतराता-इठलाता है। समाज में रौब दिखाता है। लेकिन विदेश में जन्म लेकर जब MEE TOO...




















