मोरारजी देसाई सीएम से पीएम तक रहे, पर अपने लिए कोई मकान तक नहीं बनवाया। अंतिम दिनों में वे किराए के मकान में थे। कोई संपत्ति खड़ी नहीं की।

मोरारजी देसाई खुद का बैठकखाना यानी घर नहीं बनवा सके थे

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मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर सुरेंद्र किशोर मोरारजी देसाई खुद का बैठकखाना यानी घर नहीं बनवा सके थे, क्योंकि वेतन के पैसों से घर बनाना...

आरडी बर्मन ने दिया हिंदी फिल्म संगीत को नया मुकाम

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा आरडी बर्मन उन रेयर बेटों में शामिल हैं, जो महान पिता की कामयाबी के बरगद तले रहने के बाद भी...

IPP बैंक से बैंकिंग सेक्टर में होगी नये युग की शुरुआतः भाजपा 

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पटना। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक से वितीय समावेशन के क्षेत्र में क्रांति आने का दावा करते हुए प्रदेश...

हार नहीं मानूंगा…कहने वाले अटल जी आखिरकार मौत से हार गये

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नयी दिल्ली। हार नहीं मानूंगा...कहने वाले अटल जी लड़ते-लड़ते मौत से हार गये। एम्स ताजा बुलेटिन के मुताबिक उनकी मौत की आज पुष्टि कर...
अमेरिका में साफ-सफाई और कड़े अनुशासन के बावजूद कोरोना का कहर बरपा है। कोरोना से दुनिया के सर्वाधिक तबाह देशों में अमेरिका की गिनती हो रही है।

अमेरिका में साफ-सफाई और कड़े अनुशासन के बावजूद कोरोना का कहर

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अमेरिका में साफ-सफाई और कड़े अनुशासन के बावजूद कोरोना का कहर बरपा है। कोरोना से दुनिया के सर्वाधिक तबाह देशों में अमेरिका की गिनती...

हिन्दी ग्रेजुएट को हरिवंश जी ने बिजनेस अखबार का प्रभारी बना दिया

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पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी पढ़ें। कल आपने पढ़ा कि वह जनसत्ता छोड़ प्रभात खबर समूह...
सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थी। बांग्ला के विशिष्ट कवि सुभाष मुखोपाध्याय की आज जयंती (12 फरवरी 1919- 8 जुलाई 2003) है।

सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थीः जयंती पर विशेष

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कृपाशंकर चौबे सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थी। बांग्ला के विशिष्ट कवि सुभाष मुखोपाध्याय की आज जयंती (12 फरवरी 1919- 8...

राजस्थान में चुनावी हवा का रुख भांपना ज्यादा आसान है

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बब्बन सिंह विधानसभा के होने वाले चुनाव में राजस्थान में हवा का रुख भांपना ज्यादा आसान है। राजस्थान में वसुंधरा सरकार के कई मंत्री...
इमरजेंसी के दौर को समझने के लिए कविताएं, गजल आदि तो अहम दस्तावेज हैं हीं, उस दौर में जेल में लिखी गयीं डायरियां सबसे प्रामाणिक स्रोत हैं।

इमरजेंसी के दौर को समझने के लिए जेल डायरियां प्रामाणिक स्रोत हैं

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हरिवंश इमरजेंसी के दौर को समझने के लिए कविताएं, गजल आदि तो अहम दस्तावेज हैं हीं, उस दौर में जेल में लिखी गयीं डायरियां...

बर्थडे स्पेशलः हिस्ट्री में फेल, पर पीरियड फिल्मों में पास हुए गोवारिकर

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नवीन शर्मा  लगान फिल्म में  भुवन बने आमिर खान अधिकतर लोगों को जरूर याद होंगे। भले ही इस बेहतरीन फिल्म के डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर...