आलोक तोमर को जनसत्ता के प्रधान संपादक प्रभाष जोशी बेहद मानते थे, फिर भी एक मौका ऐसा आया, जब उन्होंने आलोक तोमर से इस्तीफा मांग लिया।

आलोक तोमर की यादः जब प्रभाष जोशी ने इस्तीफा मांग लिया

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आलोक तोमर को जनसत्ता के प्रधान संपादक प्रभाष जोशी बेहद मानते थे, फिर भी एक मौका ऐसा आया, जब उन्होंने आलोक तोमर से इस्तीफा...

दिलदार शायर कैफी आजमीः दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं

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जयंती पर विशेष नवीन शर्मा झुकी-झुकी सी नज़र बेकरार है कि नहीं/ दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं...इस लाजवाब ऑलटाइम फेवरेट रोमांटिक...

अभिनय की दुनिया में अपने दम पर पहचान बनाई संजय पांडेय ने

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पटना (अनूप नारायण सिंह)। जिनके रग-रग में अभिनय है। जिन्होंने रंगमंच की मिट्टी को अपने मस्तक पर लगाकर अभिनय की दुनिया में खुद के...

अटल बिहारी वाजपेयी जी के 1942 में रोल की सत्यता 

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के विक्रम राव जब तक अटल बिहारी वाजपेयी चुनावी राजनीति से रिटायर नहीं हुये थे,  उन पर हर लोकसभाई निर्वाचन के दौरान आरोप लगाया...
रवींद्र नाथ टैगोर

शक्ति चाहे किसी भी रूप में हो विवेकहीन होती हैः रवींद्रनाथ ठाकुर

शक्ति चाहे किसी भी रूप में हो विवेकहीन होती है। कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर ने 12 अप्रैल 1919 को महात्मा गांधी को लिखे पत्र में...
कृपाशंकर चौबे डॉ. अम्बेडकर ने चार फरवरी 1956 को साप्ताहिक ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला। हर अंक में पत्रिका के शीर्ष की दूसरी पंक्ति में लिखा होता था- डा. अम्बेडकर द्वारा प्रस्थापित।

डॉ. अम्बेडकर ने ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला और समाज में एकता पर दिया जोर

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कृपाशंकर चौबे डॉ. अम्बेडकर ने चार फरवरी 1956 को साप्ताहिक ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला। हर अंक में पत्रिका के शीर्ष की दूसरी पंक्ति में लिखा...

ASHA BHOSLE का जन्मदिनः जुस्तजू जिसकी थी, उसको तो ना पाया हमने

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नवीन शर्मा आशा भोंसले हिंदी सिनेमा की दूसरी सबसे बड़ी गायिका हैं। पहला स्थान उनकी दीदी लता मंगेशकर का है। आशा का जन्म 8...

जन्मदिन विशेषः खूबसूरती के चितेरे फिल्मकार यश चोपड़ा

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नवीन शर्मा यश चोपड़ा हिंदी फिल्मों में सबसे प्यारी रोमांटिक फिल्में बनाने वाले फिल्मकार थे। इसी वजह से उन्हें किंग्स ऑफ रोमांस कहा जाता...
रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं।

रामदेव शुक्लः व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ

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रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं। ‘बिहारी- सतसई...

इंटर फेल भी अब कर सकेंगे ग्रेज्युएशन, इग्नू दे रहा मौका

पटना। ग्रेज्युएशन तक की पढ़ाई हर छात्र की इच्छा होती है। कई बार इंटर पास नहीं करने के कारण ऐसे छात्रों की मनोकामना पूरी नहीं...