हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित जीवन रहा है अनंतराम त्रिपाठी का। आज प्रातः साढ़े चार बजे निधन हो गया।

अनंतराम त्रिपाठी का निधन, हिंदी के प्रचार के लिए समर्पित रहे

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कृपाशंकर चौबे अनंतराम त्रिपाठी का निधन हो गया। हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित जीवन रहा है अनंतराम त्रिपाठी का। आज प्रातः साढ़े चार...
हरिवंश, राज्यसभा के उपसभापति

हरिवंश ने अपने दायित्वों का निर्वाह किया, शोध रिपोर्ट में दावा 

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हरिवंश ने राज्यसभा के उपासभापति की हैसियत से कृषि विधेयक पारित करने के दौरान जो कदम उठाया, उसे एक शोध रिपोर्ट में उचित ठहराया...

जन्मदिन पर विशेषः वाह जाकिर हुसैन, बोलिए जनाब!

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नवीन शर्मा  जिन दिनों अपने देश में सिर्फ दूरदर्शन ही एकमात्र टीवी चैनल हुआ करता था। उस दौरान टीवी पर ताजमहल चायपत्ती का एक विज्ञापन...
चीनी कम खाइए, सेहतमंद रहिए

चीनी कम खाने के क्या हैं फायदे, आप जान लीजिए

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दिल्ली। चीनी कम खाने के कई हैं फायदे हैं। चीनी के अधिक सेवन से कई प्रकार की दीर्घकालीन बीमारियां शरीर में जन्म लेती हैं।...
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

ममता बनर्जी को महल नहीं, अपना खपड़ैल घर ही पसंद है

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ममता बनर्जी को महल नहीं, अपना टाली बाड़ी (खपड़ैल मकान) ही पसंद है। दो बार केंद्रीय मंत्री और दो बार से बंगाल की वह...
निर्भया रेप कांड की वकील सीमा कुशवाहा

निर्भया रेप कांड की वकील सीमा कुशवाहा को सलाम!

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निर्भया रेप कांड में सीमा कुशवाहा जीवन में पहला मुकदमा बिना फीस लड़ कर आज सबके दिलों में जगह बना ली है। उन्होंने निर्भया...
गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है।

गणेश शंकर विद्यार्थी ने लिखा था- शंख और नमाज ही धर्म नहीं है

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गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है। शुद्धाचरण...
कृपाशंकर चौबे डॉ. अम्बेडकर ने चार फरवरी 1956 को साप्ताहिक ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला। हर अंक में पत्रिका के शीर्ष की दूसरी पंक्ति में लिखा होता था- डा. अम्बेडकर द्वारा प्रस्थापित।

डॉ. अम्बेडकर ने ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला और समाज में एकता पर दिया जोर

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कृपाशंकर चौबे डॉ. अम्बेडकर ने चार फरवरी 1956 को साप्ताहिक ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला। हर अंक में पत्रिका के शीर्ष की दूसरी पंक्ति में लिखा...
ओमप्रकाश अश्क

और अब प्रभात खबर का पटना संस्करण बना अगला पड़ाव

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मुन्ना मास्टर बने एडिटर- पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक हैं। इसे हम लगातार क्रमिक रूप से प्रकाशित कर रहे हैं। गुवाहाटी, रांची, कोलकाता...
अभिनेता तापस पाल का असमय जाना, बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी क्षति

तापस पाल का जाना कई बांग्ला फिल्मों की कई यादें छोड़ गया

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राजेश त्रिपाठी तापस पाल का जाना कई यादें छोड़ गया। उत्तम कुमार-सुचित्रा सेन के युग के बाद बांग्ला फिल्मों में उनके खालीपन को तापस...