रवींद्र नाथ टैगोर

शक्ति चाहे किसी भी रूप में हो विवेकहीन होती हैः रवींद्रनाथ ठाकुर

शक्ति चाहे किसी भी रूप में हो विवेकहीन होती है। कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर ने 12 अप्रैल 1919 को महात्मा गांधी को लिखे पत्र में...
महेन्दर मिसिर की आज पुण्यतिथि है। भोजपुरी साहित्य जगत में भिखारी ठाकुर के बाद महेन्दर मिसिर का नाम विशेष रूप से ख्यात है।

महेन्दर मिसिर की पुण्यतिथि पर : विवादों से भरी एक गीत-यात्रा

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महेन्दर मिसिर की आज पुण्यतिथि है। भोजपुरी साहित्य जगत में दो नाम आते हैं-भिखारी ठाकुर और महेन्दर मिसिर। भिखारी ठाकुर जहां नाट्य गीतों के...
फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भिन्न भारतीय स्‍वरूपों के बीच खड़ा है। प्रेमचंद के बाद फणीश्‍वर नाथ रेणु को आंचलिक कथाकार माना गया है।

साहित्य अकादेमी पर फणीश्वरनाथ रेणु के विचार जानिए! 

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भारत यायावर  साहित्य अकादेमी पर फणीश्वरनाथ रेणु के स्पष्ट विचार थे। 1973 में साहित्य अकादेमी का उन्हें सदस्य बनाया गया था। उन्होंने अनुभव के...
आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता का दिलचस्प उदाहरण है। हालांकि नयी पीढ़ी के राजनीतिज्ञों को वह नहीं पचेगी।

आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता

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आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता का दिलचस्प उदाहरण है। हालांकि नयी पीढ़ी के राजनीतिज्ञों को वह नहीं पचेगी। लेकिन नई...

एम.ओ. मथाई की नेहरू पर लिखी पुस्तक से हटेगा प्रतिबंध?

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एम.ओ. मथाई की जवाहर लाल नेहरू पर लिखी पुस्तक से क्या प्रतिबंध हटेगा? इसकी संभावना दैनिक भास्कर के स्तंभकार डा. भरत अग्रवाल के स्तंभ...
जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें मरङ गोमके के तौर पर जाना जाता है।

जयपाल सिंह मुंडा के बारे में जानें, आदिवासी नायकों की मजबूत कड़ी थे

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विशद कुमार जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें...
सुरेंद्र किशोर, वरिष्ठ पत्रकार

हिंसा के कारण हर साल 80 लाख करोड़ का नुकसान

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एक बात की कल्पना कीजिए। यदि केंद्र सरकार अपने प्रत्येक कर्मचारी के वेतन में से हर साल चार हजार रुपए की भी कटौती करने...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो...

कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे...
पांक्तेय भाषाविद्, ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी और कृती सम्पादक पंडित विद्यानिवास मिश्र (1926-2005) की स्मृति में उनके जन्म दिन नमन(14 जनवरी) के अवसर पर नमन!

पांक्तेय भाषाविद विद्यानिवास मिश्र का समारोहपूर्वक स्मरण

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कृपाशंकर चौबे पांक्तेय भाषाविद्, ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी और कृती सम्पादक पंडित विद्यानिवास मिश्र (1926-2005) की स्मृति में उनके जन्मदिन के अवसर पर नमन! उनकी केंद्रीय...

बर्थडे स्पेशलः हिस्ट्री में फेल, पर पीरियड फिल्मों में पास हुए गोवारिकर

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नवीन शर्मा  लगान फिल्म में  भुवन बने आमिर खान अधिकतर लोगों को जरूर याद होंगे। भले ही इस बेहतरीन फिल्म के डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर...