मलिकाइन के पातीः रांड़ माड़े पर उतान
पांव लागीं मलिकार। कई दिन से राउरा के पाती पठावे के सोचत रहनी हां, बाकिर कवनो मिलते ना रहले हां सन लिखे वाला। आज...
उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ साहित्यकार थे, बल्कि एक संपादक भी थे
उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ सशक्त साहित्यकार थे, बल्कि एक सही संपादक भी थे। संपादन भी सिखाते थे उपेंद्रनाथ अश्क। प्रो. कृपाशंकर चौबे को उन्होंने...
आनंद बाजार पत्रिका ने संपादकीय में राजनाथ पर तंज कसा
आनंद बाजार पत्रिका (बांग्ला के दैनिक अखबार) ने संपादकीय में राजनाथ सिंह के शस्त्र पूजन पर तंज कसा है। अखबार ने राफेल पर ऊं...
जयंती पर विशेषः पंचम दा शानदार संगीत के लिए शुक्रिया!
नवीन शर्मा
राहुल देव बर्मन मशहूर संगीत निर्देशक एसडी बर्मन की इकलौती संतान थे। जब पिता किसी क्षेत्र में काफी शोहरत हासिल कर लेता...
जयंती पर विशेषः कभी इलेक्ट्रिशियन का काम करते थे संगीतकार रवि
नवीन शर्मा
हम हिंदी पट्टी में जन्म लेने वाले लोगों ने शादी के मौके पर एक गीत जो सबसे अधिक बजता हुआ सुना होगा,...
यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत ने रामकथा लिखी
संजय कृष्ण
यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत फादर कामिल बुल्के ने रामकथा लिखी। यह वही रांची है, जहां राष्ट्रकवि दिनकर ने...
ट्रेनों की लेटलतीफी पर रेल मंत्री का नया शिगूफा
बैलगाड़ियों के भारी लेट चलने और उससे सरकार को फजीहत से बचाने के
लिए अब रेल मंत्री पीयूष गोयल ने नया पैंतरा चला है कि मरम्मत...
संगीतकारों की पहली पसंद होती थीं श्यामा, हर रोल में फिट रहीं
वीर विनोद छाबड़ा
आज की पीढ़ी ने यक़ीनन गुज़रे दौर की नेत्री श्यामा को नहीं देखा होगा। वो संगीतकारों की पहली पसंद होती...
पितृपक्ष में कुश की तलाश और इसी बहाने जानें उसका महत्व
कल से पितृ पक्ष है। पितरों का तर्पण कल से शुरू होगा। पितृपक्ष में कुश की जरूरत पड़ती है। शहरों में संकट है। जल्दी...
कबूतर या किसी भी पक्षी का कोई खास देश होता है क्या !
ध्रुव गुप्त
कबूतर या किसी पक्षी को कोई देश नहीं होता। हम तो यही सुनते आए हैं कि पक्षियों का कोई देश नहीं होता,...




















