IPP बैंक से बैंकिंग सेक्टर में होगी नये युग की शुरुआतः भाजपा 

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पटना। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक से वितीय समावेशन के क्षेत्र में क्रांति आने का दावा करते हुए प्रदेश...
शिक्षा नीति- 2020

शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है

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प्रो. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है। भारतीय शिक्षा में भाषा की भूमिका उसके...
नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

नरेंद्र मोदी पर नाराजगी का कारण अब जाकर समझ में आया

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सुरेंद्र किशोर नरेंद्र मोदी से अलप्संख्यक तबके की नाराजगी का पता अब जाकर चल रहा है। अल्पसंख्यकों का जेहादी तबका नरेंद्र मोदी पर ही...

मीडिया में बेरोजगारी का तेजी से बढ़ रहा है संकट

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उमेश चतुर्वेदी दिल्ली की हिंदी पत्रकारिता में एक जबर्दस्त चलन है। जिन्हें रोजगार की तलाश होती है, वे रोजगार दे सकने वाले लोगों...

राजस्थान में चुनावी हवा का रुख भांपना ज्यादा आसान है

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बब्बन सिंह विधानसभा के होने वाले चुनाव में राजस्थान में हवा का रुख भांपना ज्यादा आसान है। राजस्थान में वसुंधरा सरकार के कई मंत्री...
फिल्म रण का सेकेंड लुक

आनंद ओझा-काजल राघवानी की फिल्म ‘रण’ के सेकंड लुक

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पटना। आनंद ओझा-काजल राघवानी की फिल्म 'रण' के सेकंड लुक जारी हो गये हैं। पोस्टर में लीड एक्ट्रेस काजल राघवानी का लुक रिवील हुआ...
मुगल-ए-आजम वह फिल्म थी, जो सबके सर चढ़ कर बोली थी। साठ साल पहले। सन साठ में। महीना था अगस्त। तारीख थी पांच। रिलीज हुई थी यह फिल्म।

मुगल-ए-आजम भारतीय सिनेमा की पेशानी पर लिखी गई इबारत

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मृत्युंजय मुगल-ए-आजम वह फिल्म थी, जो सबके सर चढ़ कर बोली थी। साठ साल पहले। सन साठ में। महीना था अगस्त। तारीख थी पांच।...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर दीया जलाओ कार्यक्रम में जन-जन की हुई सहभागिता के जरिए इस देश के आम लोगों ने एक बार फिर एक बड़ा संकेत दे दिया है।

दीया जलाओ कार्यक्रम का बड़ा संकेत, जानने के लिए इसे पढ़ लें

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सुरेंद्र किशोर दीया जलाओ कार्यक्रम में जन-जन की हुई सहभागिता के जरिए इस देश के आम लोगों ने एक बार फिर एक बड़ा संकेत...

जयंती पर विशेषः भारत की एकता के सूत्रधार सरदार पटेल

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नवीन शर्मा आज हम भारत का जो राजनीतिक मानचित्र देखते हैं, उसे इस रूप में ढालने का सबसे अधिक योगदान सरदार वल्लभ भाई पटेल...
गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है।

हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी ने दी थी सीख

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प्रवीण बागी हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपने अखबार प्रताप के पहले अंक में पत्रकारिता की अवधारणा प्रस्तुत की थी। वह...