लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल
नवीन शर्मा
लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल। निरंकुश राजतंत्र की तुलना में लोकतंत्र काफी अच्छी व्यवस्था है। यह शासन व्यवस्था को निरंकुश...
राजेंद्र माथुरः हिन्दी पत्रकारिता को नई धार देनेवाले व्यक्ति
प्रवीण बागी
राजेंद्र माथुर, हिन्दी पत्रकारिता को नई धार देनेवाले व्यक्ति की आज जयंती है। वे पत्रकारिता के मेरे गुरु रहे हैं। उनकी छत्रछाया...
भोजपुरी फिल्म ‘काहें पिरीतिया लगवल’ की शूटिंग शुरू
पटना। ऋद्धि फिल्म्स इंटरटेंमेंट प्रस्तुत भोजपुरी फिल्म ‘काहे पिरीतिया लगवल’ की शूटिंग आज से मुंबई में शुरू हो चुकी है। सामाजिक प्रेम कथा पर...
एम.एस. धोनी और डा. जेता सिंह जैसे लोग लौट रहे जड़ों की ओर
सुरेंद्र किशोर
क्रिकेट खिलाड़ी एम.एस. धोनी रांची के पास 43 एकड़ जमीन पर जैविक खेती कर रहे हैं। वहां कभी-कभी एम.एस. धोनी खुद भी टैक्टर...
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की परंपरा दशकों पुरानी है
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक, हिंसा की परंपरा दशकों पुरानी है। क्या 1975 में जेपी पर हमलावर भीड़ में ममता बनर्जी भी शामिल थीं? जेपी...
एक संपादक ऐसा भी, जिसके लिए पद्म भूषण निरर्थक था
एक संपादक ऐसा भी, जिसके लिए पद्म भूषण निरर्थक था। यह सुन कर लोगों को आश्चर्य होगा, लेकिन ऐसा एम. चेलापति राव (दिवंगत) ने...
इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश आंदोलन का स्मरण
शिवानंद तिवारी
इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में शुरू हुए आंदोलन की याद स्वाभाविक है। इसलिए कि इमर्जेंसी...
दाउद इब्राहिम का आदमी तब बिहार से राज्यसभा पहुंच जाता
दाउद इब्राहिम ने अपने आदमी को बिहार से राज्यसभा भेजने की कोशिश की थी। वह भी तकरीबन तीन दशक पहले। यानी राजनीति को धंधा...
रेणु का है अंदाज-ए-बयां और के रचनाकार हैं भारत यायावर
गौरीशंकर सिंह
"रेणु का है अंदाज-ए-बयाँ और" पूर्णिया में आरएन शॉ चौक से सटे लालमणि पुस्तक भंडार में दिखी। मेरी नजर एक पुस्तक पर...
गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी !
गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी। देश में दो ऐसे मौके आये, जब उन्हें कार्यवाहक प्रधानमंत्री का दायित्व...




















