Croatia को रौंद 20 साल बाद फिर विश्व चैंपियन बना फ्रांस

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फ्रांस ने रविवार को मॉस्को के लुजिन्हकी स्टेडियम पर फाइनल मुकाबले में क्रोएशिया को 4-2 से रौंदते हुए फीफा विश्व कप 2018 का खिताब जीता।...
बेरोजगारी पर बहस नयी नहीं, लेकिन सेन्टर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट ने बहस को नया जीवन दे दिया है।

आगरा के स्कूली छात्र की करामात, अश्लील फोटो डाली

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अनिल भास्कर आगरा में एक स्कूली छात्र ने अपने सहपाठी की फ़ोटो फेसबुक से निकाली और उसे फोटोशॉप के जरिये अश्लील बनाकर सोशल मीडिया...
अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि वे खुद में एक संस्था थे। बहुलता को बचाने और बढ़ाने का निरंतर यत्न किया। विस्तार से बता रहे हैं कृपाशंकर चौबे

अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि खुद में एक संस्था थे

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अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि वे खुद में एक संस्था थे। बहुलता को बचाने और बढ़ाने का निरंतर यत्न किया।...
लालू यादव से कम जातिवादी नहीं हैं नीतीश कुमार। राजनीति में जातीय रैली से ही इन्हें उभार मिला।

लालू यादव से कम जातिवादी नहीं हैं नीतीश कुमार

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लालू यादव से नीतीश कुमार कम जातिवादी नहीं हैं। लालू यादव को मंडल कमीशन से तो नीतीश कुमार को जातीय रैली से उभार मिला।...

मिथिला के सौराठ मेले का सांस्कृतिक सफर चीन के शंघाई तक

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मिथिलेश कुमार सिंह आप अपनी सूचना दुरुस्त और अपडेट कर लें। सूचना यह है कि बिहार के मिथिला में सौराठ मेले की बड़ी सुघड़...

शून्य की ओर बढ़ते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

वैसे राजनीति में किसी के बारे में अगर कह दिया जाए की फलां शून्य की ओर बढ़ रहा है तो लोग अनायास ही उसके...

और जब बटुकेश्वर दत्त ने पटना में बस के लिए परमिट मांगा

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अनूप नारायण सिंह पटना। जी, उसी बटुकेश्वर दत्त की बात कर रहे हैं, जिन्होंने भगत सिंह के साथ दिल्ली असेंबली में बम फेंका था...
समरस होना ही समर्थ या सामर्थ्यवान भारत की पहचान है। समरसता से मिली ताकत के कारण ही भारत जगत गुरु कहलाया और यही ताकत उसे और आगे ले जाएगी।

भीष्म नारायण सिंह का जाना भोजपुरी भाषियों का बड़ा नुकसान

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उमेश चतुर्वेदी हम भोजपुरीभाषियों की एक कमी है, जैसे ही हम थोड़ा पढ़-लिख जाते हैं, सार्वजनिक जगहों पर आपसी लोगों से बातचीत में भोजपुरी...

मलिकाइन के पाती ः पलिहर के बानर बनले बराती

मलिकाइन रोजे पाती पठावे के कहले रहली। कई दिन बात आज उनकर पाती पहुंचल बा। लीं, पढ़ीं अपना सभे- पांव लागीं मलिकार! रउरा त रिसियात-खिसियात...
रामनन्दन बाबू ने आज ही के दिन (28 अप्रैल) को पर्दा प्रथा के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया था। ऐतिहासिक दिन है आज। पूरे देश के लिए। बिहार के लिए तो और विशेष।

बिहार के रामनन्दन बाबू ने जब पर्दा प्रथा के खिलाफ बिगुल बजाया

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निराला बिहार के रामनन्दन बाबू ने आज ही के दिन (28 अप्रैल) को पर्दा प्रथा के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया था। ऐतिहासिक दिन...