हरिवंश, राज्यसभा के उपसभापति

हरिवंश की जीत को राजग की 2019 में कामयाबी का ट्रेलर समझें

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दीपक कुमार विपक्षी दलों के नेता जब एक जगह जमा होकर अपनी एकजुटता की बात करते हैं तो उन्हें भले आनंद आता हो, पर...

मलिकाइन के पाती- नून, खून, कानून में सस्ता सबसे खून

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पावं लागीं मलिकार। केतना दिन से सोचत रहनी हां मलिकार, एई पर रउआ से बतियावल। पहिले एगो गाना निकलल रहे कि तीन चीज अब...
बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए। वह स्थान सम्मानजनक होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि 70 लाख आदिवासियों के साथ आप किस तरह से पेश आते हैं।

बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए

बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए। वह स्थान सम्मानजनक होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि 70...

25 जून 1975 की आधी रात हुई थी आपातकाल की घोषणा

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लगभग 43 साल पहले देश में 25 जून 1975 की आधी रात को आपातकाल की घोषणा की गई थी। । जो 21 मार्च 1977...
सर्व धर्म

परस्पर सहयोग में सिर्फ ‘एकेश्वरवाद’ बाधा नहीं है

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हेमंत हिंदू-इस्लाम, हिंदू-ईसाई, इस्लाम-ईसाई के बीच परस्पर सहयोग में सिर्फ ‘एकेश्वरवाद’ बाधा नहीं है, एकेश्वरवाद के साथ मूर्ति पूजा का प्रॉब्लम जुड़ा है! इसका...

सात्विक बंधन ही सही अर्थ में रक्षा बंधन हैः श्रीश्री रविशंकर

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रक्षाबंधन एक ऐसा बंधन है, जो आपको बचाता है। कुछ उच्चतम के साथ आपका बंधन होने की वजह से आप बच जाते हो। जीवन...

जयंती पर विशेषः भारत की एकता के सूत्रधार सरदार पटेल

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नवीन शर्मा आज हम भारत का जो राजनीतिक मानचित्र देखते हैं, उसे इस रूप में ढालने का सबसे अधिक योगदान सरदार वल्लभ भाई पटेल...

और हरिवंश जी ने सब एडिटर से सीनियर न्यूज एडिटर बना दिया

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ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- का अंश आप लगातार पढ़ रहे हैं। आज उसकी अगली कड़ी के रूप में पढ़ें,...

हिरोशिमा पर हमले की यादः परमाणु बमों का हो सर्वनाश

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नवीन शर्मा अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति हैनरी ट्रूमैन से जापान पर 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा शहर लिटल बॉय नाम का एटम...
गुलाम अली खां साहब की गाई कुछ ठुमरियां- याद पिया की आये, आये न बालम का करूं सजनी, नैना मोरे तरस गये जैसी ठुमरी लोग नहीं भूलते।

गुलाम अली खां साहब की ठुमरी- याद पिया की आये, आये न बालम !

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गुलाम अली खां साहब की गाई कुछ ठुमरियां- याद पिया की आये, आये न बालम का करूं सजनी, नैना मोरे तरस गये जैसी ठुमरी...