संकल्प शक्ति का प्रतीक पर्व हरतालिका तीज 12 सितंबर को

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नंदकिशोर सिंह संकल्प शक्ति का प्रतीक और अखंड सौभाग्य की कामना का परम पावन व्रत हरतालिका तीज हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के...
कोयल का आवाज में बसंत गाता है। सरसों के पीले फूलों की गंध से बसंत महकता है। आम के मंजर की मादक गंध किसे न भाती।

कोयल, बसंत में अब तुम्हारे कूकने का बेसब्री से इंतज़ार है !

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कोयल का आवाज में बसंत गाता है। सरसों के पीले फूलों की गंध से बसंत महकता है। आम के मंजर की मादक गंध किसे...
प्रवासी मजदूरों को बीच मंझधार में छोड़ना महंगा पड़ेगा। बता रहीं हैं पल्लवी प्रकाश

प्रवासी मजदूरों को बीच मंझधार में छोड़ना महंगा पड़ेगा

पल्लवी प्रकाश प्रवासी मजदूरों को बीच मंझधार में जिस तरह से सबने छोड़ दिया गया है, वह हम सबको बहुत महंगा पड़ेगा। उनके यागदान...
कोरोना के बाद अनुशासित और ईमानदार प्रशासन की पड़ेगी जरूरत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मानते हैं कि आत्मनिर्भर बनने का वक्त आ गया है।

कोरोना के बाद अनुशासित-ईमानदार प्रशासन की जरूरत होगी

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कोरोना के बाद अनुशासित और ईमानदार प्रशासन की पड़ेगी जरूरत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मानते हैं कि आत्मनिर्भर बनने का वक्त आ गया...
कोरोना संकट से निपटने में लगे लोगों के उत्सहवर्द्धन के लिए थाली बजाओ अभियान में शामिल बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (फाइल फोटो)

नरेंद्र मोदी के आह्वान पर घंटा बजा, पर किसके वास्ते?

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के. विक्रम राव नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भारत ने आज (22 मार्च 2020) संध्या पांच बजे ताली बजाई, थाली पीटी, घंटी घनघनाई और...

NITISH के संग नाश्ते पर बैठे SHAH, रात का खाना भी साथ

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पटना। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एक दिन के बिहार दौरे पर गुरुवार को पटना पहुंचे। कल वह रांची में थे। वहां से चार्टर्ड...
लॉक डाउन- 4 को जारी रखने का फैसला केंद्र सरकार ने किया है। राज्य अपने हिसाब से रेड, आरेंज व ग्रीन जोन का निर्धारण कर सकेंगे।

कोरोना डायरी- हर रोज एक नया अनुभव, आती है नयी समझ

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कोरोना डायरी- हर रोज एक नया अनुभव, नयी समझ। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव इस कोरोना काल में हर रोज के अनुभव डायरी के...
मंडल कमीशन के प्रणेता बीपी मंडल

मंडल आयोग की सिफारिशें याद हैं, पर भूल गये लोग बीपी मंडल को

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पटना। मंडल आयोग की सिफारिशें जिनके सौजन्य से लागू हुईं, वे थे बीपी मंडल। उनकी जयंती पर अकेले उनके परिजनों ने ही उनकी प्रतिमा...
गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान सकते हैं कि देवताओं पर कितना लोड रहा होगा।

गांव में देवता तो गिनती के थे, पर बचपन में भूतों की भरमार थी

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अरविंद चतुर्वेद गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान...

जयंती पर विशेषः तमस में उजियारे का नाम भीष्म साहनी

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नवीन शर्मा भीष्म साहनी हिंदी साहित्यकारों में विशिष्ट स्थानीय रखते हैं। सात अगस्त 1915 को रावलपिंडी में इनका जन्म हुआ था। वे हिन्दी फ़िल्मों...