कमलेश्वर ने कहा थाः साहित्य जड़ है तो प्रिंट मीडिया तना है
कृपाशंकर चौबे
कमलेश्वर (6 जनवरी 1932- 27 जनवरी 2007), ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी का प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सिनेमा विधा में विपुल योगदान है। उन्होंने...
संकल्प शक्ति का प्रतीक पर्व हरतालिका तीज 12 सितंबर को
नंदकिशोर सिंह
संकल्प शक्ति का प्रतीक और अखंड सौभाग्य की कामना का परम पावन व्रत हरतालिका तीज हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के...
व्यभिचार का कानून खत्म, नमाज के लिए मसजिद जरूरी नहींः SC
नयी दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फिर दो महत्वपूर्ण फैसले सुनाये। पहला फैसला व्यभिचार (एडल्ट्री) को अपराध की श्रेणी से बाहर करने को...
पुरषोत्तम से हारते नहीं तो गजल गायक नहीं बन पाते जगजीत सिंह
जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
जगजीत सिंह के गजल गायक बनने की कहानी बड़ी ही दिलचस्प है। ये उन दिनों की बात है जब जगजीत...
लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता और बेकाबू कोरोना
सुशील मिश्रा
लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता फंसी है। कोरोना बेकाबू हो रहा है। कोरोना को सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन से...
फटा जींस पहनने का फैशन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसा मुद्दा
अरविन्द पाण्डेय
फटा जींस पहनने की स्वतंत्रता मूलतः अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ही एक रूप है। पर इसका उपयोग कई बार आदमी को...
दुश्मन फिल्म का समाज में स्वागत तो हुआ, पर बड़ा अवार्ड नहीं मिला
वीर विनोद छाबड़ा
दुश्मन फिल्म का समाज में स्वागत तो हुआ, पर अवार्ड नहीं मिला। समाज में स्वागत का प्रमाण इसकी ज़बरदस्त कामयाबी है।...
नोबल विजेता अभिजीत बनर्जी व चेतन भगत के अजोब तर्क!
सुरेंद्र किशोर
नोबल विजेता अभिजीत बनर्जी और अब चेतन भगत! ये दोनों बुद्धिजीवी चाहते हैं कि भारत सरकार भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई ही न...
डॉ. भीमराव अम्बेडकर का ‘बहिष्कृत भारत’ और उनकी पत्रकारिता
कृपाशंकर चौबे
डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने 3 अप्रैल 1927 को मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ निकाला। वह पाक्षिक वर्ष 1929 तक यानी दो साल तक...
मलिकाइन के पातीः पोखरा में मछरी, नौ-नौ कुटिया बखरा
पावं लागीं मलिकार। पाती में तनिका देर हो गइल। जानते बानी बरखा-बूनी के सीजन चलता। कवनो लिखनीहार ना भेंटात रहले हां सन। हार-पाछ के...




















