हरी चीटियाँ जहाँ सपने देखती हैं- फिल्म का संदेश तो समझें
नारायण सिंह
हरी चीटियाँ जहाँ सपने देखती हैं (Where the Green Ants Dream) पश्चिम जर्मनी के वर्नर हरिजोग (Werner Herzog) की यह चर्चित फिल्म...
गुरुदत्त की मुफलिसी की कहानी है क्लासिक फिल्म- ‘प्यासा’
वीर विनोद छाबड़ा
गुरुदत्त की मुफलिसी की कहानी है क्लासिक फिल्म- 'प्यासा'। क्लासिक फिल्म- 'प्यासा' और ग्रेट मैन गुरुदत्त। यह कहीं से भी अतिशयोक्ति...
हाकी खिलाड़ी ध्यानचंद ने जब हिटलर को करारा जवाब दिया
हाकी खिलाड़ी ध्यानचंद ने जब हिटलर को करारा जवाब दिया, वह काफी रोमांचकारी है। संवाद पढ़कर आप भी बोल उठेंगे वाह, क्या करारा जवाब...
जब जेनरल मैनेजर पंचोली जी ने अश्क को शो काज नोटिस थमाया
वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी। आपको अगर यह सीरीज पसंद आ रही है तो उनके...
हिन्दी के लिए लड़ने वाला सबसे बड़ा योद्धा : महात्मा गाँधी
2 अक्टूबर को जन्मदिन पर विशेष
अमरनाथ
हिन्दी के आन्दोलन को गाँधी जी ने आजादी के आन्दोलन से जोड़ दिया था। उनका ख्याल था कि...
सरयू राय के बारे में जितना मैंने जाना-समझा, उसे आप भी जानें
सरयू राय, झारखंड के पूर्व मंत्री, इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार और मुख्यमंत्री रघुवर दास को निर्दलीय प्रत्याशी बन कर हराने...
जनमुद्दों की पत्रकारिता पर पत्रकारों ने किया मंथन
रांची। सही मायने में जन मुद्दों से ही पत्रकारिता का सरोकार है। पत्रकार की जिम्दामेवारी होती है कि वह उसे कितनी संजीदीगी से उठाता...
मोरारजी देसाई खुद का बैठकखाना यानी घर नहीं बनवा सके थे
मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर
सुरेंद्र किशोर
मोरारजी देसाई खुद का बैठकखाना यानी घर नहीं बनवा सके थे, क्योंकि वेतन के पैसों से घर बनाना...
जयंती पर विशेष- हीरो से भी ज्यादा पैसे लेते थे खलनायक प्राण
नवीन शर्मा
हिंदी सिनेमा के सौ साल से लंबे इतिहास में वैसे तो दर्जनों खलनायक हुए हैं। उनमें से प्राण एक खास स्थान रखते...
घोषणा के बावजूद अब तक नहीं बना बिस्मिल्लाह खां विश्वविद्यालय
मुरली मनोहर श्रीवास्तव
पटना। वक्त बदलता है, वक्त के साथ व्यक्ति इस जहां को अलविदा कर जाते हैं, मगर उनकी कीर्तियां उन्हें इतिहास के...




















