भाजपा को मिल गया एक और भावनात्मक मुद्दा

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जम्मू-कश्मीर में भाजपा का पीडीपी से गठबंधन तोड़ना उचित फैसला है। इसके पीछे 2019 का चुनाव वजह हो या बेकाबू सिरफिरों के साथ सख्ती...
लोक का सांस्कृतिक पक्ष हमेशा से संवादधर्मी रहा है। भारतीय समाज के परिप्रेक्ष्य में देखें तो तीन संस्कृतियाँ मूलतः देखने को मिलती हैं।

चैती छठ की तैयारी में जुटे व्रती, त्योहार 9 से 12 अप्रैल तक

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चैती छठ 9 अप्रैल से शुरू है। यह पर्व चार दिनों तक चलेगा। छठ प्राचीन हिंदू त्यौहार है, जो भगवान सूर्य और छठ मैया...
गुलजारी लाल नंदी को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी

गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी !

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गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी। देश में दो ऐसे मौके आये, जब उन्हें कार्यवाहक प्रधानमंत्री का दायित्व...

कांग्रेस का चरित्रः जानिए क्यों इस्तीफा देना पड़ा था चरण सिंह को

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कई दल मिल कर जब सरकार बनाते हैं तो क्या होता है? कभी-कभी वैसा ही होता है, जैसा  चौधरी चरण सिंह की सरकार के...

शहर छोड़ गांव को संवारने में लगी हैं IAS की पत्नी ऋतु जायसवाल

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गाँव से निकल लोग जब सफल हो जाते हैं तो उसके बाद पिछे मुड़ कर वे अपने गाँव और समाज को देखते भी नहीं...

पुण्यतिथि पर एपीजे अब्दुल कलाम को सलाम

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नवीन शर्मा एपीजे अब्दुल कलाम सबसे यूनिक किस्म के राष्ट्रपति थे। रामेश्वर के छोटे से शहर के एक साधारण से मुस्लिम परिवार में जन्में...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना तो जाएगा, चाहे जब जाए, अभी तो इसने तबाही मचा रखी है

कोरोना तो जाएगा, चाहे जब जाए, मगर अभी तो इसने तबाही मचा रखी है। न्यूयार्क से खबर है, मुर्दों के लिए कब्र नहीं हैं।...

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रेप की घटनाओं को ले आपातकाल

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के. विक्रम राव इस्लामी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सोमवार (20 जून 2022) से आपातकाल का ऐलान हो गया है।  कारण : वहां बलात्कार...
प्रेमकुमार मणि

बिहार की पॉलिटिक्स समझनी हो तो जान लें ये बातें

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प्रेमकुमार मणि आगे बढ़ने से पहले बिहार के बारे में हमें कुछ और जान लेना चाहिए। पिछले लगभग सौ साल में बिहार का भूगोल...
पी.एफ.आई. (पापुलर फ्रंट आफ इंडिया) पर नजर रखिए। उसके प्रकट और छिपे इरादों को समझिए। इसकी वजह समझा रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र किशोर।

पी.एफ.आई. पर अब इस देश को अपना रुख तय करना होगा

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सुरेंद्र किशोर पी.एफ.आई. (पापुलर फ्रंट आफ इंडिया) पर नजर रखिए। उसके प्रकट और छिपे इरादों को समझिए। इसकी वजह समझा रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार...