बहुत घूमे संसार में, एक बार ठहर कर देखें बिहार मेंः प्रमोद कुमार

0
पटना। मलेशिया और बिहार की सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित करने एवं राज्य के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से  बिहार के पर्यटन...

हार नहीं मानूंगा…कहने वाले अटल जी आखिरकार मौत से हार गये

0
नयी दिल्ली। हार नहीं मानूंगा...कहने वाले अटल जी लड़ते-लड़ते मौत से हार गये। एम्स ताजा बुलेटिन के मुताबिक उनकी मौत की आज पुष्टि कर...

सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के जन्मदिन पर विशेष

0
नवीन शर्मा 1947 में हमारे देश को दो बेशकीमती उपहार मिले। पहला तो आप सब जानते ही हैं, देश अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त...

जयंती पर विशेषः साहित्य की अप्रतिम शख्यियत अमृता प्रीतम 

0
नवीन शर्मा वैसे तो अमृता प्रीतम पंजाबी लेखिका हैं, लेकिन हिंदी भाषा के पाठकों में भी वे खासा लोकप्रिय  हैं। वे हिंदी फिल्मों की...

भगवान शिव सबको इतने नीक क्यों लगते हैं?

0
शिव क्यों नीक लगते हैं? सोचा कभी कि शिव-भक्त क्यों विष्णु-द्रोही होते हैं? सारे असुर, रावण से लेकर! युगों पूर्व शैव तथा वैष्णव झगड़ते...
दूरदर्शन पर चल रहे हिंदी धारावाहिक 'उत्तर रामायण' की कल रात अंतिम कड़ी देखकर मन अत्यंत भावुक हो गया। अपनी पवित्रता की सफ़ाई देने की जगह सीता ने पृथ्वी से अपने को अपनी गोद में ले लेने की  प्रार्थना  की, मन हिल गया।

सीता ने पृथ्वी से अपने को अपनी गोद में ले लेने की जब प्रार्थना  की

  गोपेश्वर सिंह दूरदर्शन पर चल रहे हिंदी धारावाहिक 'उत्तर रामायण' की कल रात अंतिम कड़ी देखकर मन अत्यंत भावुक हो गया। अपनी पवित्रता की...
‘हिन्दोस्थान’ अखबार में हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी खबरें साथ छपती थीं। यह अभिनव प्रयोग था। हिन्दी से शुरू होकर बाद में यह बदलाव देखने को मिला।

‘हिन्दोस्थान’ अखबार में हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी खबरें एक साथ

0
‘हिन्दोस्थान’ अखबार में हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी खबरें साथ छपती थीं। यह अभिनव प्रयोग था। हिन्दी से शुरू होकर बाद में यह बदलाव देखने...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना कहर के इस दौर में अब पहली चिंता मौत नहीं, पेट है

कोरोना कहर के इस दौर में अब पहली चिंता मौत नहीं पेट है। करोड़ों सड़क पर आ चुके हैं, लाखों आने वाले हैं। जैसे-जैसे...
इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में शुरू हुए आंदोलन की याद स्वाभाविक है। इसलिए कि इमर्जेंसी का आधार जय प्रकाश का आंदोलन ही माना गया।

इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश आंदोलन का स्मरण

0
शिवानंद तिवारी इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में शुरू हुए आंदोलन की याद स्वाभाविक है। इसलिए कि इमर्जेंसी...
नामवर सिंह- कवि धूमिल के मास्टर साहब !

नामवर सिंह- कवि रामेश्वर पांडेय धूमिल के मास्टर साहब !

0
नामवर सिंह कवि रामेश्वर पांडेय धूमिल के मास्टर साहब थे। नामवर जितना काशीनाथ से स्नेह करते थे, उतना ही धूमिल से। एक बार वे...