नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

भारत की सबसे बड़ी समस्या है भ्रष्टाचार, चीन से सीखने की जरूरत

भारत की सबसे बड़ी समस्या भ्रष्टाचार है। चीन भले कोरोना के कारण बदनाम हुआ है, पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में उससे सीखना चाहिए।...

लेखक सआदत हसन मंटोः ठंडा गोश्त जैसी कहानियों के बदनाम लेखक

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पुण्यतिथि पर संस्मरण नवीन शर्मा सआदत हसन मंटो (11 मई 1912-18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं- बू, खोल दो, ठंडा गोश्त...
जार्ज फर्नांडिस के नाम पर किसी हवाई अड्डे का नामकरण करने की मांग भाजपा के राज्यसभा सदस्य व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने केंद्र सरकार से की है।

चुपचाप चला गया संघर्ष की प्रेरणा देने वाला मसीहा जार्ज फर्नांडीस

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नयी दिल्ली। वरिष्ठ समाजवादी नेता और पूर्व रक्षा मंत्री जार्ड फर्नींडीस का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। पिछले एक दश्उक से...
अच्युतानंद मिश्र (बायें) का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख अतुलनीय है।

अच्युतानंद मिश्र का हिन्दी पत्रकारिता में अवदान असाधारण है

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कृपाशंकर चौबे अच्युतानंद मिश्र का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख...

और हरिवंश जी ने सब एडिटर से सीनियर न्यूज एडिटर बना दिया

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ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- का अंश आप लगातार पढ़ रहे हैं। आज उसकी अगली कड़ी के रूप में पढ़ें,...

संकल्प शक्ति का प्रतीक पर्व हरतालिका तीज 12 सितंबर को

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नंदकिशोर सिंह संकल्प शक्ति का प्रतीक और अखंड सौभाग्य की कामना का परम पावन व्रत हरतालिका तीज हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के...

दारू नहीं मिली तो शराबखोरी में बंद कैदी ने दम तोड़ दिया

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छपरा। छपरा मंडल कारा के विचाराधीन कैदी की मौत उपचार के दौरान सदर अस्पताल में हो गई। मृतक परसा  थाना क्षेत्र के परसौना  गांव निवासी रघुनाथ साह का 46 वर्षीय पुत्र...

मलिकाइन के पातीः ना रही बांस, ना बाजी बंसुरी

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पावं लागीं मलिकार! काली माई के किरपा से सब केहू इहवां ठीक बा, बरम बाबा से निहोरा बा जे रउरो ठीक रहीं। ए मलिकार, ई...

ASHA BHOSLE का जन्मदिनः जुस्तजू जिसकी थी, उसको तो ना पाया हमने

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नवीन शर्मा आशा भोंसले हिंदी सिनेमा की दूसरी सबसे बड़ी गायिका हैं। पहला स्थान उनकी दीदी लता मंगेशकर का है। आशा का जन्म 8...
उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ सशक्त साहित्यकार थे, बल्कि एक सही संपादक भी थे। संपादन भी सिखाते थे उपेंद्रनाथ अश्क। प्रो. कृपाशंकर चौबे को उन्होंने कई पत्र लिखे थे। (दायें प्रो. कृपाशंकर चौबे और बायें उपेंद्रनाथ अश्क)

उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ साहित्यकार थे, बल्कि एक संपादक भी थे

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उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ सशक्त साहित्यकार थे, बल्कि एक सही संपादक भी थे। संपादन भी सिखाते थे उपेंद्रनाथ अश्क। प्रो. कृपाशंकर चौबे को उन्होंने...