कंगना राणावत के बयान को उसका ज्ञान समझने की भूल न करें
अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर...
बाबा साहब ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा
बाबा साहब भीमराव अंबेदकर ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा। तभी तो उन्होंने कहा था- जातिभेद और धर्मभेद तो...
अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय को जानिए, कौन थे
अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय। हिन्दी के एक प्रतिष्ठित व्यंग्य-लेखक, साहित्यकार और पत्रकार, जो पाठकों के बीच अनय नाम से परिचित थे। ‘तीसरा विभाजन’...
कोरोना के बहाने बिदेेसिया की याद- अंखियां से दिन भर गिरे लोर ढर-ढर
कोरोना के बहाने बिदेसिया और इसके रचनाकार भिखारी ठाकुर को लेखक ने कुछ इस तरह याद किया है- अंखियां से दिन भर गिरे लोर...
मलिकाइन के पातीः ना रही बांस, ना बाजी बंसुरी
पावं लागीं मलिकार!
काली माई के किरपा से सब केहू इहवां ठीक बा, बरम बाबा से निहोरा बा जे रउरो ठीक रहीं। ए मलिकार, ई...
डी.एस. कोठारीः मातृभाषाओं को रोजगार से जोड़ने वाले शिक्षाविद
अमरनाथ
डी.एस. कोठारी मातृभाषाओं को रोजगार से जोड़ने वाले पहले शिक्षाविद हैं। दौलत सिंह कोठारी के नाम पर ही कोठारी आयोग बना था। आजादी...
क्वारंटाइन से इतना भय क्यों, यह काला पानी जैसी कोई सजा नहीं है
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर...
सरयू राय के बारे में जितना मैंने जाना-समझा, उसे आप भी जानें
सरयू राय, झारखंड के पूर्व मंत्री, इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार और मुख्यमंत्री रघुवर दास को निर्दलीय प्रत्याशी बन कर हराने...
बेरोजगारी का संकट तो है, पर उलझाइए नहीं, समाधान बताइए
अनिल भास्कर
बेरोजगारी पर बहस नयी नहीं, लेकिन सेन्टर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट ने बहस को नया जीवन दे दिया...
चंद्रा पांडेय के बारे में विष्णुकांत शास्त्री ने क्या कहा था, इसे जान लीजिए
कृपाशंकर चौबे
चंद्रा पांडेय के नाम से मशहूर डॉ. चंद्रकला पांडेय के व्यक्तित्व के एक नहीं, अनेक रूप हैं। कइयों के लिए वे कवयित्री...




















