एम.ओ. मथाई की नेहरू पर लिखी पुस्तक से हटेगा प्रतिबंध?
एम.ओ. मथाई की जवाहर लाल नेहरू पर लिखी पुस्तक से क्या प्रतिबंध हटेगा? इसकी संभावना दैनिक भास्कर के स्तंभकार डा. भरत अग्रवाल के स्तंभ...
हिन्दी पढ़कर कोई करेगा क्या, रोजी-रोटी तो मिलने से रही
संजय कुमार सिंह
हिन्दी पढ़कर कोई करेगा क्या, रोजी-रोटी तो मिलने से रही। वैसे तो मैंने हिन्दी नहीं पढ़ी और विज्ञान का छात्र रहा...
जयंती पर विशेषः फिल्मों के आलराउंडर खिलाड़ी विजय आनंद
नवीन शर्मा
विजय आनंद को हिंदी सिनेमा का हरफनमौला खिलाड़ी कहना ज्यादा सही रहेगा। वे बेहतरीन निर्देशक थे, संवेदनशील अभिनेता भी थे। इसके साथ-साथ वे लेखक और अच्छे...
कोरोना कहर के इस दौर में अब पहली चिंता मौत नहीं, पेट है
कोरोना कहर के इस दौर में अब पहली चिंता मौत नहीं पेट है। करोड़ों सड़क पर आ चुके हैं, लाखों आने वाले हैं। जैसे-जैसे...
दिलदार शायर कैफी आजमीः दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं
जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
झुकी-झुकी सी नज़र बेकरार है कि नहीं/ दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं...इस लाजवाब ऑलटाइम फेवरेट रोमांटिक...
कमलेश्वर ने कहा थाः साहित्य जड़ है तो प्रिंट मीडिया तना है
कृपाशंकर चौबे
कमलेश्वर (6 जनवरी 1932- 27 जनवरी 2007), ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी का प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सिनेमा विधा में विपुल योगदान है। उन्होंने...
मुझे रात-दिन ये ख्याल है, वो नजर से मुझको गिरा न दे…
वीर विनोद छाबड़ा
मुझे रात-दिन ये ख्याल है, वो नजर से मुझको गिरा न दे...अभिनेत्री नाजिमा का यह गीत जिसने भी सुना होगा, उसे...
राजेंद्र माथुर मानते थे, लिखना बदलाव की जमीन तैयार करता है
मिथिलेश कुमार सिंह
पिछले कुछ दिनों से प्रभाष जोशी बनाम राजेंद्र माथुर पर बड़ी गंभीर चर्चा में अपने कुछ साथी मसरूफ हैं। किसी को...
राज्यसभा नहीं, वरन भारत रत्न के लायक हैं रंजन गोगोई !
राज्यसभा नहीं, वरन भारत रत्न के लायक हैं रंजन गोगोई ! सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त चीफ जस्टिस को भाजपा ने राज्यसभा के लिए...
देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे, एक अजात शत्रु का जाना
शेष नारायण सिंह
देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे। ललित सुरजन पत्रकारिता और सर्वोच्च इंसानी मान्यताओं के अजातशत्रु थे। वे पत्रकारिता के अजातशत्रु...




















