भीड़ में बदल रहा है इक्कीसवीं सदी का भारत

इक्कीसवीं सदी में भारत भीड़ में बदल रहा है। उसकी नागरिकता अगर राष्ट्रीय स्तर पर बहुसंख्यक धर्म, सेना के प्रति समर्पण, काल्पनिक कथाओं व...

जयंती पर नमनः अदभुत अविस्मरणीय अब्दुल कलाम

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नवीन शर्मा एपीजे अब्दुल कलाम सबसे यूनिक किस्म के राष्ट्रपति थे। रामेश्वर के छोटे से शहर के एक साधारण से मुस्लिम परिवार में जन्में...
‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता सामग्री में मंहगाई नहीं सताती। इसलिए अभी और मंहगाई के लिए तैयार ही रहें श्रीमान ! यह कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

आत्मनिर्भर भारत बरक्स सांसदों के दत्तक गांव

आत्मनिर्भर भारत बरक्स सांसदों के दत्तक गांव। कोरोना काल में प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसदों द्वारा गांव गोद लेने की महत्कांक्षी योजना आकलन का...
राम मनोहर लोहिया गैर कांग्रेसवाद के आधारस्तंभ थे। स्वतंत्र भारत की राजनीति और चिंतन धारा पर उनका गहरा असर था।

डा. लोहिया का जब पूरे सदन ने खड़े होकर स्वागत किया था

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डा. लोहिया का जब पूरे सदन ने खड़े होकर का स्वागत किया था। यह सुन कर आश्चर्य हो सकता है कि तब के प्रधान...

दंगा रोकने निकले पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी का मिला था शव

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जयंती पर विशेष नवीन शर्मा कलम की ताकत क्या होती है और निडर और निष्पक्ष पत्रकारिता किस तरह की जा सकती है, इसकी प्रेरणा हम...
चीनी कम खाइए, सेहतमंद रहिए

चीनी कम खाने के क्या हैं फायदे, आप जान लीजिए

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दिल्ली। चीनी कम खाने के कई हैं फायदे हैं। चीनी के अधिक सेवन से कई प्रकार की दीर्घकालीन बीमारियां शरीर में जन्म लेती हैं।...

बेरोजगारी की मार से त्रस्त हैं देशभर के पत्रकार

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लोकनाथ तिवारी की रे किछू काजेर संधान पेली, छ मास धोरे घोरे बंदी होये पोड़े आची। (क्या रे कोई काम काज खोजा, छह महीने...
शराब महज मादक पदार्थ ही नहीं, सरकारी रेवेन्यू का बड़ा स्रोत भी बन गया है। कानपुर से भाजपा के सांसद सत्यदेव पचौरी का राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र भेज इसकी आलोचना की है।

शराब महज मादक पदार्थ नहीं, सरकारी रेवेन्यू का बड़ा स्रोत भी है

जयशंकर गुप्त शराब और मादक पदार्थ देश के नागरिकों की तबाही के कारक हैं। अजीब विडंबना है कि यही आज सरकारी रेवेन्यू का बड़ा...
अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि हैं और उनकी प्रतिबद्धता की जड़ें ठेठ भारतीय आबोहवा और जमीन में हैं। जो सामने है, वही उनकी कविता का विषय है।

अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि, बेहतर जीवन की आकुलता 

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कृपाशंकर चौबे अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि हैं और उनकी प्रतिबद्धता की जड़ें ठेठ भारतीय आबोहवा और जमीन में हैं। जो सामने...

अश्विनी चौबे के प्रयास से शाहाबाद को मिली रेल सुविधाओं की सौगात 

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नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे के प्रयास से शाहाबाद क्षेत्र को आज रेलवे मंत्रालय की ओर से सुविधाओं...