कुम्हड़ा आमतौौर पर पुरुष ही काटते हैं। साबूत कुम्हड़ा औरतें नहीं कभी नहीं काटतीं। आइए, जानते हैं ऐसा क्यों होता है।

महिलाएं कुम्हड़ा क्‍यों नहीं काटतीं, क्या आप यह जानते हैं? 

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कुम्हड़ा आमतौौर पर पुरुष ही काटते हैं। साबूत कुम्हड़ा औरतें नहीं कभी नहीं काटतीं। आइए, जानते हैं ऐसा क्यों होता है। रामधनी द्विवेदी  इस बार...
सटीक भविष्यवाणी करने वाली लड़की

भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे

भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे। वह जो कुछ कहती है, वह अमूमन सच हो जाया करता है।...

अटल बिहारी वाजपेयी जी के 1942 में रोल की सत्यता 

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के विक्रम राव जब तक अटल बिहारी वाजपेयी चुनावी राजनीति से रिटायर नहीं हुये थे,  उन पर हर लोकसभाई निर्वाचन के दौरान आरोप लगाया...
कल से पितृ पक्ष है। पितरों का तर्पण कल से शुरू होगा। पितृपक्ष में कुश की जरूरत पड़ती है।गया में पिंडदान का काफी महत्व है

बिहार में मैं अपना अगला जन्म लूंगा, कह रहे पत्रकार शंभुनाथ शुक्ल

शंभूनाथ शुक्ल बिहार में मैं अपना अगला जन्म लूंगा, क्योंकि बिहार के लोग बड़े मोहिल होते हैं। आदमी-औरतें सभी। पिछले वर्ष पटना प्रवास में...
अशोक वाजपेयी ने 2016 में फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी का एक भाग पूरा हुआ।

फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी और अशोक वाजपेयी की प्रेरणा

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फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व अशोक वाजपेयी ने 2016 में मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी...

भगवान शिव सबको इतने नीक क्यों लगते हैं?

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शिव क्यों नीक लगते हैं? सोचा कभी कि शिव-भक्त क्यों विष्णु-द्रोही होते हैं? सारे असुर, रावण से लेकर! युगों पूर्व शैव तथा वैष्णव झगड़ते...
रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं।

रामदेव शुक्लः व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ

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रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं। ‘बिहारी- सतसई...
मलिकाइन के पाती

अपने ही घर में बेगाने हो जाने की मजबूरी का नाम है घुसपैठ

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सुरेंद्र किशोर सन 1979-1985 के असम आंदोलन के दौरान 855 आंदोलनकारियों की जानें गयी थीं। इतनी कुर्बानियां देने के बाद  1985 में प्रधानमंत्री राजीव...

साहिब बीवी और गुलाम जैसी फिलों के गानों ने मशहूर किया गीता को

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वीर विनोद छाबड़ा  मेरा सुंदर सपना बीत गया...(दो भाई), तदबीर से बिगड़ी हुई तदबीर बना ले...(बाज़ी), आज सजन मोहे अंग लगा ले...(प्यासा), जाने क्या...
हरिवंश, राज्यसभा के उपसभापति

हरिवंश की जीत को राजग की 2019 में कामयाबी का ट्रेलर समझें

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दीपक कुमार विपक्षी दलों के नेता जब एक जगह जमा होकर अपनी एकजुटता की बात करते हैं तो उन्हें भले आनंद आता हो, पर...