जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद आजीवन वे तामझाम व दिखावे से दूर रहे।

जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है

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सुशील कुमार मोदी जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद आजीवन वे तामझाम व...
अभिनेत्री रेखा

बॉलीवुड की सदाबहार एक्ट्रेस रेखा 65 साल की हुईं

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बॉलीवुड की सदाबहार एक्ट्रेस रेखा आज अपना 65वां जन्मदिन मना रही हैं। अमिताभ बच्चन के साथ रिश्तों को लेकर चर्चित रेखा की उम्र का...
चीन के संदर्भ में भारत की तैयारियों का विवेचन कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र किशोर

भारत तैयारियों के मामले में चीन से पीछे नहीं, सन् 62 से आगे है

भारत-चीन के बीच सीमा पर बढ़ी तनातनी ने चिंता पैदा कर दी है। पर भरोसा इस बात से है कि भारत सन् 62 से...

अटल बिहारी वाजपेयी जी के 1942 में रोल की सत्यता 

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के विक्रम राव जब तक अटल बिहारी वाजपेयी चुनावी राजनीति से रिटायर नहीं हुये थे,  उन पर हर लोकसभाई निर्वाचन के दौरान आरोप लगाया...
गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है।

हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी ने दी थी सीख

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प्रवीण बागी हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपने अखबार प्रताप के पहले अंक में पत्रकारिता की अवधारणा प्रस्तुत की थी। वह...
सूरज पालीवाल ने अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में रहते कृपाशंकर चौबे को तत्कालीन कुलपति विभूति नारायण राव से गलतफहमी दूर करायी थी।

सूरज पालीवाल के आलोचना-लोक का विराट है आलोक वृत्त

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सूरज पालीवाल ने अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में रहते कृपाशंकर चौबे को तत्कालीन कुलपति विभूति नारायण राव से गलतफहमी दूर करायी थी। इस रोचक...

घोषणा के बावजूद अब तक नहीं बना बिस्मिल्लाह खां विश्वविद्यालय

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मुरली मनोहर श्रीवास्तव पटना। वक्त बदलता है, वक्त के साथ व्यक्ति इस जहां को अलविदा कर जाते हैं, मगर उनकी कीर्तियां उन्हें इतिहास के...
आर्थिक उदारीकरण ने आपको वेतन-पैकेज लाख-करोड़ रुपये तो दिये, लेकिन ये पैसे बाजार के रास्ते फिर पूंजीपतियों के पास ही पहुंच गये। इसे कोई नहीं समझा।

आर्थिक उदारीकरण ने पैकेज तो दिये, पर बाजार के रास्ते ले लिये

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आर्थिक उदारीकरण ने आपको वेतन-पैकेज लाख-करोड़ रुपये तो दिये, लेकिन ये पैसे बाजार के रास्ते फिर पूंजीपतियों के पास ही पहुंच गये। इसे कोई...
‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता सामग्री में मंहगाई नहीं सताती। इसलिए अभी और मंहगाई के लिए तैयार ही रहें श्रीमान ! यह कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

राहत पैकेज में कोरोना से बाहर निकलकर आगे की सोच दिखती है

श्याम किशोर चौबे राहत पैकेज में कोरोना संक्रमण काल के दौरान उत्पन्न अप्रत्याशित आर्थिक संकट से उबरने के लिए दूरगामी सोच का स्पष्ट दर्शन...

जब हालैंड में अनिल जनविजय किताबें चुराते पकड़े गये

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जब अमस्टर्डम में अनिल जनविजय किताबें चुराते पकड़े गये। यह रोचक प्रसंग अनिल जनविजय ने अपने फेसबुक वाल पर लिखा है। दुकानदार ने चोरी...