महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं
महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं। कल तक बड़ी तादाद वैसे लोगों की थी, जो महात्मा गांधी के हत्यारे...
कभी परदे पर धूम मचाने वाली अभिनेत्रियों में शुमार थीं माला सिन्हा
वीर विनोद छाबड़ा
कभी परदे पर धूम मचाने वाली अभिनेत्रियों में माला सिन्हा का नाम बड़े चाव से लिया जाता था। उन्होंने खुद को...
पटना में सजा सितारों का मेला, महफिल हुआ गुलजार
पटना। रविवार की शाम पटना में सितारों का मेला सजा। महफिल ऐसी रोशन हुई की हर कोई देखता ही रह गया। मौका था ईस्टर्न...
नामवर सिंह- कवि रामेश्वर पांडेय धूमिल के मास्टर साहब !
नामवर सिंह कवि रामेश्वर पांडेय धूमिल के मास्टर साहब थे। नामवर जितना काशीनाथ से स्नेह करते थे, उतना ही धूमिल से। एक बार वे...
25 जून 1975 की आधी रात हुई थी आपातकाल की घोषणा
लगभग 43 साल पहले देश में 25 जून 1975 की आधी रात को आपातकाल की घोषणा की गई थी। । जो 21 मार्च 1977...
प्रभात खबर जब बिकते-बिकते बचा, जानिए पूरी कहानी
प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने...
विनोद खन्ना कद-काठी से अमिताभ बच्चन पर भारी पड़ते थे
नवीन शर्मा
विनोद खन्ना अपने दौर के सबसे स्मार्ट और हैंडसम अभिनेता रहे हैं। अभिनय में भले ही अमिताभ उन पर भारी पड़ते हों,...
आलोक तोमर की यादः सुप्रिया के प्रेम में आकंठ डूब गया था
आलोक तोमर अपनी पत्नी को बेहद प्यार करते थे। शादी से पहले सुप्रिया के प्रति उनके प्रेम के कई किस्से हैं। आलोक तोमर के...
मथाई की पुस्तकों पर से प्रतिबंध हटाने का यह माकूल समय है
मथाई की पुस्तकों पर से प्रतिबंध हटाने का माकूल समय है। मथाई के संस्मरणात्मक पुस्तक में कई बातें हैं, जिन्हें नई पीढ़ी को जानना चाहिए।...
अच्छे शिक्षकः बैकुण्ठ बाबू के कारण एकमा स्कूल का बड़ा नाम था
सुरेंद्र किशोर
सन् 1963 में बिहार के सारण जिले के एकमा स्थित अलख नारायण सिंह उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य बैकुण्ठ नाथ सिंह को ...




















