कहां गइल मोर गांव रे, बता रहे वरिष्ठ पत्रकार शेषनारायण सिंह
शेष नारायण सिंह
1975 में जब मैंने संत तुलसीदास डिग्री कालेज, कादीपुर (सुल्तानपुर) की प्राध्यापक की नौकरी छोडी थी तो एक महत्वपूर्ण फैक्टर यह...
मलिकाइन के पाती- घर के लात नीमन, बाहर के सतावल बाउर
पावं लागीं मलिकार। एने तनी अझुरा गइनी हां मलिकार, लड़िकन के बर-बेमारी में, एही से टाइम पर पाती ना लिखवा पवनी। अब नन्हका ठीक...
जयंती पर विशेषः कभी इलेक्ट्रिशियन का काम करते थे संगीतकार रवि
नवीन शर्मा
हम हिंदी पट्टी में जन्म लेने वाले लोगों ने शादी के मौके पर एक गीत जो सबसे अधिक बजता हुआ सुना होगा,...
अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर
अनूप नारायण सिंह
पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...
कभी परदे पर धूम मचाने वाली अभिनेत्रियों में शुमार थीं माला सिन्हा
वीर विनोद छाबड़ा
कभी परदे पर धूम मचाने वाली अभिनेत्रियों में माला सिन्हा का नाम बड़े चाव से लिया जाता था। उन्होंने खुद को...
हिंदी साउथ वाले भी सीखना चाहते हैं, विरोध राजनीतिक है
उमेश चतुर्वेदी
हिंदी साउथ वाले भी सीखना चाहते हैं, विरोध राजनीतिक है। जिस तमिलनाडु में इसका विरोध हो रहा, वहां के नेता भी हिंदी...
चीन से युद्ध के बाद नेहरू लंबी जिंदगी जीते तो विदेश नीति बदल जाती
सुरेंद्र किशोर
चीन ने सोवियत संघ की सहमति के बाद ही 1962 में भारत पर हमला किया था। अगर जवाहरलाल नेहरू लंबी जिंदगी जीते...
महामारी माने मरीज, मजदूर, मजबूरी, मौत, मंदी और महंगाई
दीपक कुमार
महामारी माने मरीज, मजदूर, मजबूरी, मौत, मदी और महंगाई। महामारी कोरोनावायरस के असर को इन सात शब्दों के जरिये बेहतर ढंग से...
ममता बनर्जी को महल नहीं, अपना खपड़ैल घर ही पसंद है
ममता बनर्जी को महल नहीं, अपना टाली बाड़ी (खपड़ैल मकान) ही पसंद है। दो बार केंद्रीय मंत्री और दो बार से बंगाल की वह...
25 जून 1975 की आधी रात हुई थी आपातकाल की घोषणा
लगभग 43 साल पहले देश में 25 जून 1975 की आधी रात को आपातकाल की घोषणा की गई थी। । जो 21 मार्च 1977...




















