फणीश्वरनाथ रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं।

फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता स्वाभाविक छंद था

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भारत यायावर  फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता और सहजता स्वाभाविक छंद था। उन्हें आक्रोश और गुस्से में देखना दुर्लभ संयोग था। वे मुश्किलों...
अशोक वाजपेयी ने 2016 में फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी का एक भाग पूरा हुआ।

फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी और अशोक वाजपेयी की प्रेरणा

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फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व अशोक वाजपेयी ने 2016 में मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी...

भगवान शिव सबको इतने नीक क्यों लगते हैं?

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शिव क्यों नीक लगते हैं? सोचा कभी कि शिव-भक्त क्यों विष्णु-द्रोही होते हैं? सारे असुर, रावण से लेकर! युगों पूर्व शैव तथा वैष्णव झगड़ते...
सटीक भविष्यवाणी करने वाली लड़की

भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे

भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे। वह जो कुछ कहती है, वह अमूमन सच हो जाया करता है।...
प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने से प्रभात खबर बच गया। बता रहे हैं ओमप्रकाश अश्क

प्रभात खबर जब बिकते-बिकते बचा, जानिए पूरी कहानी

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प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने...
हिन्दी के लिए लड़ने वाला सबसे बड़ा योद्धा : महात्मा गाँधी

हिन्दी के लिए लड़ने वाला सबसे बड़ा योद्धा : महात्मा गाँधी

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2 अक्टूबर को जन्मदिन पर विशेष अमरनाथ हिन्दी के आन्दोलन को गाँधी जी ने आजादी के आन्दोलन से जोड़ दिया था। उनका ख्याल था कि...

मलिकाइन के पाती ः पलिहर के बानर बनले बराती

मलिकाइन रोजे पाती पठावे के कहले रहली। कई दिन बात आज उनकर पाती पहुंचल बा। लीं, पढ़ीं अपना सभे- पांव लागीं मलिकार! रउरा त रिसियात-खिसियात...
IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में भारत विकसित और विकासशील देशों से आगे निकल सकता है।

IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए जगाई उम्मीद की किरण

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संजय पाठक IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में...
अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर रही। वह तो आजादी की व्याख्या कर रही है। जैसे टुकड़े-टुकड़े गैंग को इस देश से आजादी चाहिए।

कंगना राणावत के बयान को उसका ज्ञान समझने की भूल न करें  

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अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर...

बांग्ला में लेखन, पर हिन्दी में सर्वाधिक पढ़े गये शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा शरत चंद्र वैसे तो मूल रूप से बांग्ला के उपन्यासकार थे, लेकिन उनकी रचनाओं के अनुवाद हिंदी भाषी लोगों में खासे...