गुलजारी लाल नंदी को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी

गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी !

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गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी। देश में दो ऐसे मौके आये, जब उन्हें कार्यवाहक प्रधानमंत्री का दायित्व...
सटीक भविष्यवाणी करने वाली लड़की

भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे

भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे। वह जो कुछ कहती है, वह अमूमन सच हो जाया करता है।...
महात्मा गांधी

महात्मा गांधी ने हर कालखंड में तानाशाही को चुनौती दी

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शेष नारायण सिंह महात्मा गांधी ने हर कालखंड में तानाशाही को चुनौती दी। यह रामबाण की तरह असरदार भी रहा है। गांधीजी ने चंपारण में...
‘हिन्दोस्थान’ अखबार में हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी खबरें साथ छपती थीं। यह अभिनव प्रयोग था। हिन्दी से शुरू होकर बाद में यह बदलाव देखने को मिला।

‘हिन्दोस्थान’ अखबार में हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी खबरें एक साथ

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‘हिन्दोस्थान’ अखबार में हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी खबरें साथ छपती थीं। यह अभिनव प्रयोग था। हिन्दी से शुरू होकर बाद में यह बदलाव देखने...

डेढ़ सौ साल बाद दलित टोले में मैट्रिक पास हुई कोमल

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घोघा। मैट्रिक की परीक्षा का परिणाम आते ही घोघा स्थित महादलित टोला के लोग झूम उठे। डेढ़ सौ साल बाद टोला की बिटिया कोमल...
UNLOCK प्रक्रिया में ढिलाई के हो सकते हैं घातक परिणाम। बता रही हैं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की राजस्थान स्टेट की ब्रांड अंबेस्डर अनुपमा सोनी

UNLOCK प्रक्रिया में ढिलाई के हो सकते हैं घातक परिणाम

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अनुपमा सोनी UNLOCK प्रक्रिया में ढिलाई के हो सकते हैं घातक परिणाम। इसलिए आवश्यक है कि UNLOCK प्रक्रिया में ढिलाई बरतने से हम परहेज...
नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चलने वाली भाजपा सरकार के पिछले सात वर्षों के कार्यकाल में देश के अंदर तनाव और टकराव बढ़ा है। सांप्रदायिक तनाव तो बढ़ा है। कह रहे हैं आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी

नीतीश कुमार के पास अब रास्ता नहीं, अकेले चल कर भी पिछड़ जायेंगे

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बिहार की राजनीति में अकेले चल पाना उनके लिए मुमकिन नहीं है. अब तक के अपने राजनीतिक जीवन में दो मर्तबा अकेले चले हैं....

एम.ओ. मथाई की नेहरू पर लिखी पुस्तक से हटेगा प्रतिबंध?

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एम.ओ. मथाई की जवाहर लाल नेहरू पर लिखी पुस्तक से क्या प्रतिबंध हटेगा? इसकी संभावना दैनिक भास्कर के स्तंभकार डा. भरत अग्रवाल के स्तंभ...
डॉ. अम्बेडकर ने 3 अप्रैल 1927 को मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ निकाला। वह पाक्षिक वर्ष 1929 तक यानी दो साल तक लगातार निकलता रहा।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर का ‘बहिष्कृत भारत’ और उनकी पत्रकारिता

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कृपाशंकर चौबे डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने 3 अप्रैल 1927 को मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ निकाला। वह पाक्षिक वर्ष 1929 तक यानी दो साल तक...
IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में भारत विकसित और विकासशील देशों से आगे निकल सकता है।

IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए जगाई उम्मीद की किरण

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संजय पाठक IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में...