फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता स्वाभाविक छंद था
भारत यायावर
फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता और सहजता स्वाभाविक छंद था। उन्हें आक्रोश और गुस्से में देखना दुर्लभ संयोग था। वे मुश्किलों...
इतिहास के आईने में बिहारः सुगांव डायनेस्टी और विद्यापति
लेखक-पत्रकार संजय ठाकुर की अप्रकाशित इतिहास की पुस्तक- विद्यापति और सुगांव (अतीत के आईने में चम्पारण) का एक अंश
पूर्वी चम्पारण जिला के सुगौली प्रखंड के ...
दंगा रोकने निकले पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी का मिला था शव
जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
कलम की ताकत क्या होती है और निडर और निष्पक्ष पत्रकारिता किस तरह की जा सकती है, इसकी प्रेरणा हम...
रेणु से मैंने सवाल किया, “आपने पालिटिक्स क्यों छोड़ दी?”
रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं। दुनिया को...
अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर
अनूप नारायण सिंह
पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...
रामनिरंजन परिमलेन्दुः अनुसंधानपरक आलोचना का अन्यतम योद्धा
डॉ. अमरनाथ
पुरानी पीढ़ी के गिने चुने महान अनुसंधानकर्ताओं की तरह नि:स्वार्थ भाव सेएकान्त साधना करने वालेअनुसंधानपरक आलोचना के अन्यतम योद्धा रामनिरंजन परिमलेन्दु (25.8.1934-29.9.2020)...
महेन्दर मिसिर की पुण्यतिथि पर : विवादों से भरी एक गीत-यात्रा
महेन्दर मिसिर की आज पुण्यतिथि है। भोजपुरी साहित्य जगत में दो नाम आते हैं-भिखारी ठाकुर और महेन्दर मिसिर। भिखारी ठाकुर जहां नाट्य गीतों के...
बंदूक व कलम की जुगलबंदी का नाम है मन्मथनाथ गुप्त
जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
आमतौर पर बंदूक व कलम को दो विपरीत ध्रुव मानी जाती हैं। इन दोनों से ही तालमेल बना कर जिस...
गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं..
गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं...कोरोना डायरी की आठवीं कड़ी में हम उस संकल्प की बात करेंगे, जिसका मूल स्वर...
10 महीनों में 1.2 करोड़ नौकरियां हुईं सृजित, सदमे में विपक्ष: राजीव
पटना। पिछले 10 महीनों में देश में 1.2 करोड़ नौकरियों के सृजन का दावा करते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक राजीव रंजन...



















