अच्युतानंद मिश्र (बायें) का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख अतुलनीय है।

अच्युतानंद मिश्र का हिन्दी पत्रकारिता में अवदान असाधारण है

0
कृपाशंकर चौबे अच्युतानंद मिश्र का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख...

एम.ओ. मथाई की नेहरू पर लिखी पुस्तक से हटेगा प्रतिबंध?

0
एम.ओ. मथाई की जवाहर लाल नेहरू पर लिखी पुस्तक से क्या प्रतिबंध हटेगा? इसकी संभावना दैनिक भास्कर के स्तंभकार डा. भरत अग्रवाल के स्तंभ...
महेंदर मिसिर

अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर

0
अनूप नारायण सिंह पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...

अटल बिहारी वाजपेयी जी के 1942 में रोल की सत्यता 

0
के विक्रम राव जब तक अटल बिहारी वाजपेयी चुनावी राजनीति से रिटायर नहीं हुये थे,  उन पर हर लोकसभाई निर्वाचन के दौरान आरोप लगाया...

लालू के घर झगड़े की वजह कहीं ऐश्वर्या राय तो नहीं!

पटना। लालू प्रसाद के परिवार में भाइयों के बीच कलह के मूल में तेज प्रताप की नवब्याहता ऐश्वर्या राय 5 जुलाई को राजद का...
श्रीभगवान सिंह, गाँधीवादी आलोचक का जन्म बिहार के एक गाँव निखती कलाँ, जिला- सीवान में हुआ। वे खुद को गाँधीवादी कहने में गर्व का अनुभव करते हैं।

श्रीभगवान सिंहः गाँधीवादी अध्येता और आलोचक

0
अमरनाथ श्रीभगवान सिंह, गाँधीवादी आलोचक का जन्म बिहार के सीवान जिले के निखती कलाँ गांव में हुआ। वे खुद को गाँधीवादी कहने में गर्व...
वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों- संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था.

जयप्रकाश नारायण ने जब इंटरव्यू में कहा- मुझे कौन पूछता है!

0
जयप्रकाश नारायण (जेपी) अपने आखिरी दिनों में काफी उदास थे। केंद्र व राज्य में जनता पार्टी की सरकारें बनने के बाद अपने साक्षात्कार में...
एक झोपड़ी में आग सेंकती देवघर की डीसी नैंसी सहाय की मां

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक यात्रा प्रसंग और 4 महिला पात्र

0
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह निजी यह यात्रा प्रसंग बरबस याद आ गया। इसलिए कि इस कहानी में चार महिला पात्रों का जिक्र है।...
गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है।

गणेश शंकर विद्यार्थी ने लिखा था- शंख और नमाज ही धर्म नहीं है

0
गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है। शुद्धाचरण...

जयंती पर विशेषः कभी इलेक्ट्रिशियन का काम करते थे संगीतकार रवि

0
नवीन शर्मा  हम हिंदी पट्टी में जन्म लेने वाले लोगों ने शादी के मौके पर एक गीत जो सबसे अधिक बजता हुआ सुना होगा,...