इतिहास के आईने में बिहारः सुगांव डायनेस्टी और विद्यापति 

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लेखक-पत्रकार संजय ठाकुर की अप्रकाशित इतिहास की पुस्तक- विद्यापति और सुगांव (अतीत के आईने में चम्पारण) का एक अंश  पूर्वी चम्पारण जिला के सुगौली प्रखंड के ...

भोजपुरी फिल्‍म ‘काहें पिरीतिया लगवल’  की शूटिंग शुरू

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पटना। ऋद्धि फिल्‍म्‍स इंटरटेंमेंट प्रस्‍तुत भोजपुरी फिल्‍म ‘काहे पिरीतिया लगवल’ की शूटिंग आज से मुंबई में शुरू हो चुकी है। सामाजिक प्रेम कथा पर...
वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों- संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था.

जयप्रकाश जी ने कहा था- आग तो तुम्हारी कुर्सियों के नीचे सुलग रही है

जयप्रकाश जी ने कहा था- आग तो तुम्हारी कुर्सियों के नीचे सुलग रही है। वह तारीख थी 5 जून, 1974। उसी दिन उन्होंने संपूर्ण...

हिरोशिमा पर हमले की यादः परमाणु बमों का हो सर्वनाश

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नवीन शर्मा अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति हैनरी ट्रूमैन से जापान पर 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा शहर लिटल बॉय नाम का एटम...

पटना में सजा सितारों का मेला, महफिल हुआ गुलजार

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पटना। रविवार की शाम पटना में सितारों का मेला सजा। महफिल ऐसी रोशन हुई की हर कोई देखता ही रह गया। मौका था ईस्टर्न...

और आखिरकार कारोबार खबर की अकाल मौत हो गयी

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पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी पेश है। यह उस दौर की बात है, जब श्री अश्क...

जब हालैंड में अनिल जनविजय किताबें चुराते पकड़े गये

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जब अमस्टर्डम में अनिल जनविजय किताबें चुराते पकड़े गये। यह रोचक प्रसंग अनिल जनविजय ने अपने फेसबुक वाल पर लिखा है। दुकानदार ने चोरी...

मैथिली ठाकुर के गीत 99 साल तक रेडियो पर सुनाई देंगे

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अनूप नारायण सिंह पटना। सोशल मीडिया पर एक दुबली-पतली लड़की मैथिली गीत लाइव गा रही थी। अपना मैथिली से कोई खास वास्ता नहीं, फिर...
राममनोहर लोहिया ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने समाजवाद की स्थापना के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पत्रकारिता को भी उपकरण बनाया था।

राम मनोहर लोहिया विश्व पत्रकारिता पर सजग दृष्टि रखते थे

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कृपाशंकर चौबे राम मनोहर लोहिया ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने समाजवाद की स्थापना के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पत्रकारिता को भी उपकरण...
शिक्षा नीति- 2020

शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है

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प्रो. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है। भारतीय शिक्षा में भाषा की भूमिका उसके...