BJP से सीटों के बारगेन की तैयारी में है पासवान की लोजपा

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समस्तीपुर। राम विलास पासवान की पार्टी लोजपा ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिये हैं। एससी-एसटी ऐक्ट के बहाने लोजपा एनडीए के बड़े घटक दल...
महात्मा गांधी

महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं

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महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं। कल तक बड़ी तादाद वैसे लोगों की थी, जो महात्मा गांधी के हत्यारे...

अद्भुत प्रतिभा के धनी गणितज्ञ डा. वशिष्ठ नारायण सिंहः  

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जन्मदिन पर विशेष सुरेंद्र किशोर गणितज्ञ वशिष्ठ बाबू यानी वशिष्ठ नारायण सिंह अद्भूुत प्रतिभा के धनी थे। उनके लिए पटना विश्वविद्यालय ने पहली बार नियम...

प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को याद रखेगा इतिहास…..

सुशील मिश्रा प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को इतिहास भी याद रखेगा। सड़कों पर प्रवासियों के प्रति जो अस्पृश्यता दिख रही, उसकी कल्पना प्रवासियों ने...
गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है।

हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी ने दी थी सीख

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प्रवीण बागी हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपने अखबार प्रताप के पहले अंक में पत्रकारिता की अवधारणा प्रस्तुत की थी। वह...
डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक हैं।

डॉ. अम्बेडकर मानते थे- लोकतंत्र के लिए बुद्ध का उपयोग ही उपयुक्त है

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डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक...

पुण्य तिथि पर विशेषः राम मनोहर लोहिया एक फ़कीर

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के. विक्रम राव दौर अभी बाकी था, मकता अभी अधूरा रह गया। कहते कहते वह सो गया, तो सुनने वालों को सन्नाटे ने चौंका...

प्राण की बलि भले न हो, पर मानसिक बलि ले रहा ME TOO अभियान

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आयातित विदेशी सामान आदमी के पास रहे तो वह इतराता-इठलाता है। समाज में रौब दिखाता है। लेकिन विदेश में जन्म लेकर जब MEE TOO...

प्रभाष जोशी के जन्मदिन पर विशेषः हां, मिला था आपसे मुझे याद है

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देशज और दैनिक जीवन के शब्दों को वाक्यों में पिरोकर मॉडर्न पत्रकारिता को एक नया रूप देने वाले स्व. प्रभाष जोशी का आज जन्मदिन...

घोषणा के बावजूद अब तक नहीं बना बिस्मिल्लाह खां विश्वविद्यालय

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मुरली मनोहर श्रीवास्तव पटना। वक्त बदलता है, वक्त के साथ व्यक्ति इस जहां को अलविदा कर जाते हैं, मगर उनकी कीर्तियां उन्हें इतिहास के...