अभिनेत्री शिविका दीवान को भाने लगी हैं भोजपुरी फिल्में
अनूप नारायण सिंह
पटना। भोजपुरी सिनेमा का वर्तमान दौर तेजी से बदल रहा है और उस बदलाव में प्रतिभा संपन्न और खूबसूरत अभिनेत्रियों का...
नीतीश की चुप्पी किसी बड़े तूफान का संकेत तो नहीं
नीरज सिंह
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हफ्ते भर से चुप हैं। आधिकारिक तौर पर यही एक लाइन की सूचना छन कर बाहर आयी...
भारत बंद में राजद के शामिल होने से सहम गयी है जनता: भाजपा
पटना। 10 सितंबर को आयोजित भारत बंद में राजद के शामिल होने की घोषणा से ही बिहार की जनता सहम गयी है। पूर्व विधायक और प्रदेश भाजपा...
नहीं भूलती इमरजेंसी में विपक्षी नेताओं पर पुलिस की पहरेदारी
25 जून, 1975 को जब देश में आपातकाल लगा तो उस समय जार्ज फर्नांडीस ओडिशा में थे। अपनी पोशाक बदल कर जुलाई में जार्ज...
चुनाव के खेल को समझना चाहते हैं तो पढ़ लें यह किताब
चुनाव के खेल को समझना है तो यह किताब एक बार जरूर पढ़ें। शिवम शंकर सिंह की चुनाव जीतने के तरीकों पर आयी किताब...
कमलेश्वर ने कहा थाः साहित्य जड़ है तो प्रिंट मीडिया तना है
कृपाशंकर चौबे
कमलेश्वर (6 जनवरी 1932- 27 जनवरी 2007), ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी का प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सिनेमा विधा में विपुल योगदान है। उन्होंने...
बर्थडे स्पेशलः जावेद अख्तर, शब्दों की जादूगरी वाली शख्सियत
नवीन शर्मा
जावेद अख्तर का जन्म 17 जनवरी 1945 को ग्वालियर में हुआ था। उनके पिता जानिसार अख्तर प्रसिद्ध प्रगतिशील कवि और माता सफिया अख्तर मशहूर उर्दू लेखिका तथा शिक्षिका थीं।...
पुण्य तिथि पर विशेषः राम मनोहर लोहिया एक फ़कीर
के. विक्रम राव
दौर अभी बाकी था, मकता अभी अधूरा रह गया। कहते कहते वह सो गया, तो सुनने वालों को सन्नाटे ने चौंका...
उर्दू अल्पसंख्यकों की भाषा नहीं है, भाषा किसी कौम की नहीं होती
अमरनाथ
उर्दू को अल्पसंख्यक मामलों से जोड़ने के मुद्दे पर ‘टेलीग्राफ’ में छपी खबर देखकर हैरान हूं। कोई भी भाषा किसी खास मजहब या...
मलिकाइन के पातीः पोखरा में मछरी, नौ-नौ कुटिया बखरा
पावं लागीं मलिकार। पाती में तनिका देर हो गइल। जानते बानी बरखा-बूनी के सीजन चलता। कवनो लिखनीहार ना भेंटात रहले हां सन। हार-पाछ के...



















