बिहार में लोक सभा चुनाव को लेकर बिछने लगी जातीय विसात

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भारत में बिहार का इतिहास विविध में से एक है। प्राचीन बिहार, जो कि मगध के रूप में जाना जाता था, 1000 वर्षो तक...

संयुक्त अरब अमीरात की केरल के लिए मदद ठुकराने पर छिड़ी बहस

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बाढ़ की विभीषिका झेल रहे केरल की मदद के लिए भारत सरकार किसी दूसरे देश की मदद स्वीकार नहीं करेगी। सरकार के इस फैसले...
लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता फंसी है। कोरोना बेकाबू हो रहा है। कोरोना को सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन से रोकने की कोशिश बेमानी लग रही है।

लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता और बेकाबू कोरोना

सुशील मिश्रा लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता फंसी है। कोरोना बेकाबू हो रहा है। कोरोना को सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन से...
नेताजी सुभाष चंद्र बोस पत्रकार भी थे। यह बात नयी पीढ़ी के पत्रकारों को शायद मालूम न हो। नेताजी ने साप्ताहिक ‘फारवर्ड ब्लाक’  का संपादन किया।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस बंगाल में सियासत के हाट केक बन गये हैं

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सोना देव नेताजी सुभाष चंद्र बोस बंगाल में इनदिनों सियासत के हाट केक बन गये हैं। आज नेता जी जयंती पर नरेंद्र मोदी व...
महात्मा गांधी राजनीतिक आजादी के बाद कांग्रेस को समाप्त कर देना चाहते थे। राजकाज के लिए नया संगठन चाहते थे।

महात्मा गांधी  आजादी के बाद कांग्रेस को समाप्त कर देना चाहते थे

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शेष नारायण सिंह महात्मा गांधी राजनीतिक आजादी के बाद कांग्रेस को समाप्त कर देना चाहते थे। राजकाज के लिए नया संगठन चाहते थे। राजनीतिक...
प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने से प्रभात खबर बच गया। बता रहे हैं ओमप्रकाश अश्क

प्रभात खबर जब बिकते-बिकते बचा, जानिए पूरी कहानी

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प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने...
मुगल-ए-आजम वह फिल्म थी, जो सबके सर चढ़ कर बोली थी। साठ साल पहले। सन साठ में। महीना था अगस्त। तारीख थी पांच। रिलीज हुई थी यह फिल्म।

मुगल-ए-आजम भारतीय सिनेमा की पेशानी पर लिखी गई इबारत

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मृत्युंजय मुगल-ए-आजम वह फिल्म थी, जो सबके सर चढ़ कर बोली थी। साठ साल पहले। सन साठ में। महीना था अगस्त। तारीख थी पांच।...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना की राजनीति और राजनीति का कोरोनाकरण

कोरोना बंदी के 62 दिन बाद भी न कोरोना थमा और न इस पर राजनीति। कोरोना जान लेने पर तुला है और राजनीतिकों को...
रामविलास पासवान आज पंचतत्व में निलीन हो गये, लेकिन कई लोगों के लिए कई यादें छोड़ गये हैं। कोई उनकी सज्जनता तो कई लोग उनकी कार्य प्रणाली की चर्चा करते हैं।

रामविलास पासवान ने मेरी एक चिट्ठी के जवाब में लिखी थीं 6 चिट्ठियां

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रामविलास पासवान आज पंचतत्व में विलीन हो गये, लेकिन कई लोगों के लिए कई यादें छोड़ गये हैं। कोई उनकी सज्जनता तो कई लोग...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना कहर के इस दौर में अब पहली चिंता मौत नहीं, पेट है

कोरोना कहर के इस दौर में अब पहली चिंता मौत नहीं पेट है। करोड़ों सड़क पर आ चुके हैं, लाखों आने वाले हैं। जैसे-जैसे...