स्तंभकार राजनाथ सिंह सूर्य

पत्रकारिता के एक सूर्य का अस्त हो जाना यानी राजनाथ सिंह का जाना

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पत्रकारिता के एक सूर्य का अस्त हो जाना यानी राजनाथ सिंह का जाना। उनके निधन पर पत्रकारिता से सरोकार रखने वाले दुखी हैं तो...
यह स्वीकार करना कि शैबाल गुप्ता नहीं रहे, मेरे लिए कितना दुखद है, कैसे कहूँ। दशकों से हम मित्र रहे। इतनी यादें और संस्मरण हैं, जिन्हें लिखना मुश्किल होगा।

शैबाल गुप्ता का जाना बिहार के लिए अपूरणीय क्षति !

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प्रेमकुमार मणि शैबाल गुप्ता का जाना बिहार के लिए अपूरणीय क्षति है! यह स्वीकार करना कि शैबाल गुप्ता नहीं रहे, मेरे लिए कितना दुखद...
संपूर्ण क्रांति का आह्वान करते जेपी ने भी पुलिस व सेना से कहा था कि वे असंवैधानिक आदेशों का उल्लंघन करें। तब उन्हें देशद्रोही कहा गया। आज वही अमेरिका में हो रहा है।

संपूर्ण क्रांति के लिए जेपी ने पुलिस से जो कहा, वही अमेरिका में हो...

संपूर्ण क्रांति का आह्वान करते जेपी ने भी पुलिस व सेना से कहा था कि वे असंवैधानिक आदेशों का उल्लंघन करें। तब उन्हें देशद्रोही...
राजेश खन्ना

राजेश खन्ना को सुपर स्टार बनने से पहले मैंने देखा है

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वीर विनोद छाबड़ा राजेश खन्ना को सुपर स्टार बनने से पहले मैंने देखा है। मैं उन चंद खुशकिस्मतों में हूं, जिन्होंने राजेश खन्ना को...
कल से पितृ पक्ष है। पितरों का तर्पण कल से शुरू होगा। पितृपक्ष में कुश की जरूरत पड़ती है।गया में पिंडदान का काफी महत्व है

बिहार में मैं अपना अगला जन्म लूंगा, कह रहे पत्रकार शंभुनाथ शुक्ल

शंभूनाथ शुक्ल बिहार में मैं अपना अगला जन्म लूंगा, क्योंकि बिहार के लोग बड़े मोहिल होते हैं। आदमी-औरतें सभी। पिछले वर्ष पटना प्रवास में...
डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक हैं।

डॉ. अम्बेडकर मानते थे- लोकतंत्र के लिए बुद्ध का उपयोग ही उपयुक्त है

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डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक...

मलिकाइन के आइल पातीः का बरखा जब कृषि सुखानी

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पावं लागीं मलिकार। राउर पाती के बाट जोहत आंख सिरा गइल। अइसन जनि करीं, मलिकार। रउरा त जनबे करीले कि सूतत-उठत रउरे चेहरा दिमाग में...
युवा दिनों में मार्क्स के विचारों ने शायद ही किसी संवेदनशील मन पर प्रभाव न डाला हो। उन्हीं दिनों सर्वोदय दार्शनिक दादा धर्माधिकारी से सान्निध्य बढ़ा।

मार्क्स ने युवा दिनों में शायद ही संवेदनशील मन पर प्रभाव न डाला हो

मार्क्स के विचारों ने युवा दिनों में शायद ही किसी संवेदनशील मन पर प्रभाव न डाला हो। उन्हीं दिनों सर्वोदय दार्शनिक दादा धर्माधिकारी से सान्निध्य बढ़ा।...
Lockdown की मियाद 3 मई तक बढ़ा दी गयी है। कोरोना की लड़ाई में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। हफ्ते भर लाकडाउन की सख्ती से पालन कराया जाएगा।

नरेंद्र मोदी का सही कदम, सांसद फंड से राजनीति में शुचिता असंभव

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नरेंद्र मोदी का सांसद फंड खत्म करने का फैसला सही है। वैसे यह प्रावधान अभी दो साल के लिए के है, पर स्थायी बन...

बिहार में तन गईं हैं सियासी तलवारें, बस अब वार का है इंतजार

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बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के अंदर सब कुछ ठीकठाक नहीं है। हाल के दिनों में कई ऐसे संकेत मिले हैं, जिससे यह...