जयप्रकाश जी ने कहा था- आग तो तुम्हारी कुर्सियों के नीचे सुलग रही है
जयप्रकाश जी ने कहा था- आग तो तुम्हारी कुर्सियों के नीचे सुलग रही है। वह तारीख थी 5 जून, 1974। उसी दिन उन्होंने संपूर्ण...
पीडीपी से भाजपा के मोह भंग का गणित समझिए
जम्मू और कश्मीर की सियासत का इशारा कहीं और है, आइये इसको समझने का प्रयास करें।
मोदी ने आज से लगभग 6 महीने पहले एक देश एक चुनाव को...
कोरोना की राजनीति और राजनीति का कोरोनाकरण
कोरोना बंदी के 62 दिन बाद भी न कोरोना थमा और न इस पर राजनीति। कोरोना जान लेने पर तुला है और राजनीतिकों को...
बीजी वर्गीज ने जब इंडियन एक्सप्रेस में आधी तनख्वाह मांगी
बीजी वर्गीज इंडियन एक्सप्रेस के जब संपादक बने तो उन्हें रामनाथ गोयनका ने जो तनख्वाह आफर की, तो उससे आधी तनख्वाह ही बीजी वर्गीज...
टीवी चैनेल और अखबार से लोग अब परहेज क्यों करने लगे हैं !
अमित प्रकाश सिंह
टीवी चैनेल और अखबार से लोग अब परहेज क्यों करने लगे हैं। सच तो यह है कि क्यों कोई टीवी खोले...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे...
कसम से तीसरी कसम तक के मायने समझने के लिए इसे पढ़ें
भारत यायावर
कसम क्या है? एक प्रण,एक संकल्प, एक प्रतिज्ञा, एक वचन, एक आत्मसंयम की उद्घोषणा! कुछ लोग बात-बात पर कसम खाते हैं। कुछ...
बिहार के रामनन्दन बाबू ने जब पर्दा प्रथा के खिलाफ बिगुल बजाया
निराला
बिहार के रामनन्दन बाबू ने आज ही के दिन (28 अप्रैल) को पर्दा प्रथा के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया था। ऐतिहासिक दिन...
कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को
कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को। ठाकुर प्रसाद सिंह के जीवन के आखिरी वर्ष शारीरिक दृष्टि से बहुत कष्ट में बीते...
कोरोना काल की डायरी- हर सुबह न जाने डराती क्यों है !
कोरोना काल डायरी- हर सुबह न जाने डराती क्यों है ! कोरोना काल में लाक डाउन को डायरी के पन्नों पर उतारा है वरिष्ठ...



















