मलिकाइन के पातीः रांड़ माड़े पर उतान

पांव लागीं मलिकार। कई दिन से राउरा के पाती पठावे के सोचत रहनी हां, बाकिर कवनो मिलते ना रहले हां सन लिखे वाला। आज...
मुक्तिबोध ने 1950 में ही इस बात को अच्छी तरह ताड़ लिया था कि भारत की सामाजिक रूढ़िवादी ताकतें आने वाले समय में राम की राजनीति कर सकती हैं।

मुक्तिबोध को पता था कि रूढ़िवादी राम की राजनीति कर सकते हैं

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मुक्तिबोध ने 1950 में ही इस बात को अच्छी तरह ताड़ लिया था कि भारत की सामाजिक रूढ़िवादी ताकतें आने वाले समय में राम...
रामनन्दन बाबू ने आज ही के दिन (28 अप्रैल) को पर्दा प्रथा के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया था। ऐतिहासिक दिन है आज। पूरे देश के लिए। बिहार के लिए तो और विशेष।

बिहार के रामनन्दन बाबू ने जब पर्दा प्रथा के खिलाफ बिगुल बजाया

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निराला बिहार के रामनन्दन बाबू ने आज ही के दिन (28 अप्रैल) को पर्दा प्रथा के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया था। ऐतिहासिक दिन...
नामवर सिंह- कवि धूमिल के मास्टर साहब !

नामवर सिंह- कवि रामेश्वर पांडेय धूमिल के मास्टर साहब !

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नामवर सिंह कवि रामेश्वर पांडेय धूमिल के मास्टर साहब थे। नामवर जितना काशीनाथ से स्नेह करते थे, उतना ही धूमिल से। एक बार वे...
इंदिरा गांधीः आपातकाल की प्रणेता

लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल

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नवीन शर्मा लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल। निरंकुश राजतंत्र की तुलना में लोकतंत्र काफी अच्छी व्यवस्था है। यह शासन व्यवस्था को निरंकुश...
परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहले होते हैं। भूमंडल में परियों का अस्तित्व है। परियों को देखने के लिए उम्दा किस्म के कैमरे की जरूरत है।

परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहरे होते हैं

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परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहरे होते हैं। भूमंडल में परियों का अस्तित्व है। परियों को देखने के लिए उम्दा किस्म...

दू आंख से सरकार ना चलेले ए सुशासन बाबू!

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पावं लागी मलिकार। रउरा त मने मन रिसियाइल-खिसियाइल होखेब कि केतना दिन से हम रउरा के पाती ना पठवनी। सांच के आंच कइसन। रउरा...
बंगाल में अंतिम चरण के चुनाव में भी हिंसा नहीं थमी। सुरक्षा के व्यापक तामझाम के बावजूद बंगाल में आठवें चरण का मतदान भी शांतिपूर्ण नहीं रहा।

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की परंपरा दशकों पुरानी है

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पश्चिम बंगाल में राजनीतिक, हिंसा की परंपरा दशकों पुरानी है। क्या 1975 में जेपी पर हमलावर भीड़ में ममता बनर्जी भी शामिल थीं? जेपी...

और गांव की गंध छोड़ चल पड़े काली के देस कामाख्या

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बहुतेरे पाठक ओमप्रकाश अश्क के वर्तमान से तो परिचित हैं, पर उनका अतीत कितना संघर्षपूर्ण रहा है, इसकी झलक उनकी प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर...
राज्यसभा सदस्य सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस रंजन गोगोई

राज्यसभा नहीं, वरन भारत रत्न के लायक हैं रंजन गोगोई !

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राज्यसभा नहीं, वरन भारत रत्न के लायक हैं रंजन गोगोई ! सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त चीफ जस्टिस को भाजपा ने राज्यसभा के लिए...