20 लाख शब्द लिख चुके हैं पत्रकार व शिक्षक बी.के. मिश्र
सुरेंद्र किशोर
कोई व्यक्ति लगातार 47 साल से मुख्य धारा की पत्रकारिता में हो और उसके लेखन को लेकर कभी कोई विवाद न हो,तो...
पुण्य तिथि पर विशेषः राम मनोहर लोहिया एक फ़कीर
के. विक्रम राव
दौर अभी बाकी था, मकता अभी अधूरा रह गया। कहते कहते वह सो गया, तो सुनने वालों को सन्नाटे ने चौंका...
ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की पाकीजा के पीछे की दास्तान
वीर विनोद छाबड़ा
दो राय नहीं कि 'पाकीजा' ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की फिल्म है। जाहिर है कि इसकी कामयाबी का क्रेडिट भी मीना...
और जब बटुकेश्वर दत्त ने पटना में बस के लिए परमिट मांगा
अनूप नारायण सिंह
पटना। जी, उसी बटुकेश्वर दत्त की बात कर रहे हैं, जिन्होंने भगत सिंह के साथ दिल्ली असेंबली में बम फेंका था...
डॉ. अंबेडकर के पाक्षिक ‘समता’ में सावरकर के विचारों का समर्थन
डॉ. अंबेडकर के संपादन में निकले पाक्षिक ‘समता’ में सावरकर के उस पक्ष को तरजीह दी गयी है, जिसमें उन्होंने रोटी-बेटी के संबंध का...
गांधी का चिंतन-सोच और जीवन पद्धति ही हमारा मार्गदर्शक है
हरिवंश
गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के...
झारखंड में दिखा सांप्रदायिकता का एक और चेहरा
सांप्रदायिकता का एक और चेहरा। झारखंड के खूंटी के कोचांग इलाके में पांच युवतियों से सामूहिक दुष्कर्म किया जाता है। यह पांचों लड़कियां मानव...
आरडी बर्मन ने दिया हिंदी फिल्म संगीत को नया मुकाम
नवीन शर्मा
आरडी बर्मन ने दिया हिंदी फिल्म संगीत को नया मुकाम। इसे स्वीकार करने में किसी को संकोच और संदेह बिलकुल नहीं होना...
साहित्य अकादेमी पर फणीश्वरनाथ रेणु के विचार जानिए!
भारत यायावर
साहित्य अकादेमी पर फणीश्वरनाथ रेणु के स्पष्ट विचार थे। 1973 में साहित्य अकादेमी का उन्हें सदस्य बनाया गया था। उन्होंने अनुभव के...
कर्पूरी ठाकुर में जातीय कटुता की कभी धमक नहीं सुनाई दी
कर्पूरी ठाकुर में जातीय कटुता ने कभी धमक नहीं दी। यहां तक कि आरण लागू करने पर सवर्णों की गालियां उन्होंने सुनीं, पर पलट...



















