विश्वनाथ प्रताप सिंह वही नहीं थे, जैसे अब दिखते हैं
वीपी सिंह वही नहीं थे, जैसे अब दिखते हैं...लेकिन इस बदलाव में एक अच्छाई है...एक राजनीतिक सूत्र है...
पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ सरकार पर इधर...
जनमुद्दों की पत्रकारिता पर पत्रकारों ने किया मंथन
रांची। सही मायने में जन मुद्दों से ही पत्रकारिता का सरोकार है। पत्रकार की जिम्दामेवारी होती है कि वह उसे कितनी संजीदीगी से उठाता...
स्मिता पाटिल अब तक अपनी अदा के कारण दर्शकों को याद हैं
पुण्पतिथि पर विशेष
नवीन शर्मा
स्मिता पाटिल हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिभावान अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने अपनी कई फिल्मों में एक से बढ़कर...
विनम्र श्रद्धांजलिः जब कुलदीप नैयर साहब गेट फांद गए थे
बिपेंद्र कुमार
बात दशकों पुरानी है। साल याद नहीं। कुलदीप नैयर साहब पटना किसी कार्यक्रम में आये थे। गांधी संग्रहालय में ठहरे थे। रात...
25 जून 1975 की आधी रात हुई थी आपातकाल की घोषणा
लगभग 43 साल पहले देश में 25 जून 1975 की आधी रात को आपातकाल की घोषणा की गई थी। । जो 21 मार्च 1977...
सरदार पटेल न होते तो भारत का विभाजन रोकना कठिन था
पुण्यतिथि पर विशेष
नवीन शर्मा
आज हम भारत का जो राजनीतिक मानचित्र देखते हैं, उसे इस रूप में ढालने में सबसे अधिक योगदान सरदार वल्लभ...
आत्महत्या क्यों नहीं करनी चाहिए, जरा पढ़ लें ओशो के विचार
मुझे पता है कि तुम जीवन से ऊब गये हो। यदि तुम सचमुच ऊब गये हो तो आत्महत्या नहीं करो, क्योंकि आत्महत्या तुम्हें फिर...
पीडीपी से भाजपा के मोह भंग का गणित समझिए
जम्मू और कश्मीर की सियासत का इशारा कहीं और है, आइये इसको समझने का प्रयास करें।
मोदी ने आज से लगभग 6 महीने पहले एक देश एक चुनाव को...
भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगाः हेमंत
रांची। भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नमन...
कोरोना काल की डायरी: 7- यह बदलाव का वायरस भी है मितवा ...
कोरोना का कहर, हर दिल-दिमाग रणभूमि। मौत दर मौत। सब नेगेटिव। खिन्न मन। अच्छा सोचो। अच्छा करो। अच्छा पढ़ों। अच्छा लिखो। सब ठीक होगा।...




















