गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं..
गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं...कोरोना डायरी की आठवीं कड़ी में हम उस संकल्प की बात करेंगे, जिसका मूल स्वर...
सात्विक बंधन ही सही अर्थ में रक्षा बंधन हैः श्रीश्री रविशंकर
रक्षाबंधन एक ऐसा बंधन है, जो आपको बचाता है। कुछ उच्चतम के साथ आपका बंधन होने की वजह से आप बच जाते हो। जीवन...
संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का बड़ा योगदान रहा
ध्रुव गुप्त
संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब...
अच्छे शिक्षकः बैकुण्ठ बाबू के कारण एकमा स्कूल का बड़ा नाम था
सुरेंद्र किशोर
सन् 1963 में बिहार के सारण जिले के एकमा स्थित अलख नारायण सिंह उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य बैकुण्ठ नाथ सिंह को ...
बहुत हुई मंहगाई की मार, अब तो बख्श दीजिए सरकार !
श्याम किशोर चौबे
‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता...
नरेंद्र मोदी से कुछ लोगों को इतना भय क्यों लगता है, इसे जानिए
नरेंद्र मोदी से कुछ लोगों को भय क्यों लगता है। क्यों कुछ लोग इस बात के लिए परेशान हैं कि मोदी 2024 में फिर...
इस वर्ष 12.5 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड देगी झारखंड सरकार
रांची। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि किसान अन्नदाता है। उनके जीवन में खुशहाली लाना हमारा लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक किसानों की...
चार वर्षों में आमजन तक पंहुचा बैंकिंग का लाभ : राजीव रंजन
पटना। केंद्र में भाजपा शासन के चार वर्षों में देश की आम जनता को बैंकिंग और सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाने के लिए केंद्र...
मंडल आयोग की सिफारिशें याद हैं, पर भूल गये लोग बीपी मंडल को
पटना। मंडल आयोग की सिफारिशें जिनके सौजन्य से लागू हुईं, वे थे बीपी मंडल। उनकी जयंती पर अकेले उनके परिजनों ने ही उनकी प्रतिमा...
दिलदार शायर कैफी आजमीः दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं
जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
झुकी-झुकी सी नज़र बेकरार है कि नहीं/ दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं...इस लाजवाब ऑलटाइम फेवरेट रोमांटिक...




















