कोरोना के दौर में श्रीराम डाल्टन की फिल्म ‘बसंत का वज्रनाद’
कोरोना के इस दौर में जहां बहुत कुछ थम-सा गया है, वहीं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित श्रीराम डाल्टन अपनी फिल्म 'बसंत का वज्रनाद' लेकर...
डा. लोहिया का जब पूरे सदन ने खड़े होकर स्वागत किया था
डा. लोहिया का जब पूरे सदन ने खड़े होकर का स्वागत किया था। यह सुन कर आश्चर्य हो सकता है कि तब के प्रधान...
मलिकाइन के पातीः पोखरा में मछरी, नौ-नौ कुटिया बखरा
पावं लागीं मलिकार। पाती में तनिका देर हो गइल। जानते बानी बरखा-बूनी के सीजन चलता। कवनो लिखनीहार ना भेंटात रहले हां सन। हार-पाछ के...
छठ पर्व के स्त्री विमर्श को समझना चाहिए, यह उन्हीं का पर्व
शंभुनाथ
छठ पर्व एकमात्र ऐसा पर्व है जो स्त्रियों का है। इसमें पुरोहित ब्राह्मणों, पितृसत्ता तथा जाति भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। यह...
उर्दू अल्पसंख्यकों की भाषा नहीं है, भाषा किसी कौम की नहीं होती
अमरनाथ
उर्दू को अल्पसंख्यक मामलों से जोड़ने के मुद्दे पर ‘टेलीग्राफ’ में छपी खबर देखकर हैरान हूं। कोई भी भाषा किसी खास मजहब या...
कांधार कांड को ले भाजपा पर लांछन लगा रहे राहुल गांधी
के. विक्रम राव, वरिष्ठ पत्रकार
पुलवामा के खलनायक क्रूर आतंकी मोहम्मद अजहर मसूद को सुरक्षित कंधार तक पहुँचाने का राष्ट्रघातक गुनाह तो अटल-नीत भाजपा...
जन्मदिन पर विशेषः एलके आडवाणी, अरमां अधूरे रह गये
नवीन शर्मा
लाल कृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित और प्रतिभावान राजनेताओं में से एक हैं। वे प्रधानमंत्री पद के भी सबसे योग्य...
लारेंस फरलेंग्टी की की मौत पर शहर में मातम मना…
लारेंस फरलेंग्टी ने 101 साल की उम्र में भी कविता लिखी। उन्हें युद्ध से नफरत थी। मानवता से मुहब्बत के आदी थी। बुढ़ापे में...
मुक्तिबोध को पता था कि रूढ़िवादी राम की राजनीति कर सकते हैं
मुक्तिबोध ने 1950 में ही इस बात को अच्छी तरह ताड़ लिया था कि भारत की सामाजिक रूढ़िवादी ताकतें आने वाले समय में राम...
समरस होना ही समर्थ या सामर्थ्यवान भारत की पहचान है
ओमप्रकाश अश्क
समरस होना ही समर्थ या सामर्थ्यवान भारत की पहचान है। समरसता से मिली ताकत के कारण ही भारत जगत गुरु कहलाया और...




















