ममता बनर्जी को महल नहीं, अपना खपड़ैल घर ही पसंद है
ममता बनर्जी को महल नहीं, अपना टाली बाड़ी (खपड़ैल मकान) ही पसंद है। दो बार केंद्रीय मंत्री और दो बार से बंगाल की वह...
राज्यसभा नहीं, वरन भारत रत्न के लायक हैं रंजन गोगोई !
राज्यसभा नहीं, वरन भारत रत्न के लायक हैं रंजन गोगोई ! सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त चीफ जस्टिस को भाजपा ने राज्यसभा के लिए...
फिल्म समीक्षाः बैंडिट क्वीन की याद दिलाती है पान सिंह तोमर
नवीन शर्मा
पान सिंह तोमर फिल्म कई मायनों में देखने योग्य है। सबसे पहली बात तो यह एक सच्ची घटना पर आधारित है। उसके...
मलिकाइन के पातीः ना रही बांस, ना बाजी बंसुरी
पावं लागीं मलिकार!
काली माई के किरपा से सब केहू इहवां ठीक बा, बरम बाबा से निहोरा बा जे रउरो ठीक रहीं। ए मलिकार, ई...
आत्महत्या क्यों नहीं करनी चाहिए, जरा पढ़ लें ओशो के विचार
मुझे पता है कि तुम जीवन से ऊब गये हो। यदि तुम सचमुच ऊब गये हो तो आत्महत्या नहीं करो, क्योंकि आत्महत्या तुम्हें फिर...
दिलदार शायर कैफी आजमीः दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं
जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
झुकी-झुकी सी नज़र बेकरार है कि नहीं/ दबा-दबा सा सही, दिल में प्यार है कि नहीं...इस लाजवाब ऑलटाइम फेवरेट रोमांटिक...
गांव की संस्मरण कथा- सूरजमुखी के पीछे तितली और टोकरी में इन्द्रधनुष
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप...
इमरजेंसी के दौर को समझने के लिए जेल डायरियां प्रामाणिक स्रोत हैं
हरिवंश
इमरजेंसी के दौर को समझने के लिए कविताएं, गजल आदि तो अहम दस्तावेज हैं हीं, उस दौर में जेल में लिखी गयीं डायरियां...
कोरोना बड़ा पापी है, जल्दी जाएगा नहीं, सबको दबना ही पड़ेगा
कोरोना डायरी: 10
डा. संतोष मानव
कोरोना बड़ा पापी है। जल्दी जाएगा नहीं। सरकारें हो या समाज सबको दबना ही पड़ेगा। रहेगा अभी-बहुत...
प्रोड्यूसर सिद्धार्थ मल्होत्रा को पर्दे पर सशक्त महिलाओं का चित्रण करना है पसंद
पर्दे पर सशक्त महिलाओं का चित्रण करना है मुझे पसंद
सार्थक समय डेस्क : क्रियेटर-प्रोड्यूसर सिद्धार्थ मल्होत्रा की दृष्टि हर उस प्रोजेक्ट पर रहती है,...




















