एक्नटर जीर हुसैन

भोजपुरी की पहली फिल्म- ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’

0
वीर विनोद छाबड़ा   भोजपुरी की पहली फिल्म 'गंगा मैया तोहे पिहरी चढ़इबो' के पीछे जिनका हाथ था, वह थे नजीर हुसैन। भोजपुरी सिनेमा के...

बहुत घूमे संसार में, एक बार ठहर कर देखें बिहार मेंः प्रमोद कुमार

0
पटना। मलेशिया और बिहार की सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित करने एवं राज्य के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से  बिहार के पर्यटन...
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी

छह साल से लोहे का कारोबार कर रहे हैं तेजस्वीः मोदी

0
पटना। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव न सिर्फ अरबों की जमीन के मालिक हैं, बल्कि लोहा के...
महात्मा गांधी

महात्मा गांधी हमेशा प्रयोगधर्मी रहे, तरह-तरह के प्रयोग किये

0
शेष नारायण सिंह महात्मा गांधी हमेशा प्रयोगधर्मी रहे। तरह-तरह के प्रयोग उन्होंने किये। संवाद स्थापित करने की दिशा में तरह-तरह के प्रयोग महात्मा गांधी...
कमल दीक्षित ने दुनिया से विदा ले ली। पर, पत्रकारिता के संबंध में उनके शब्द अब भी गूंज रहे हैं- पत्रकारिता अभी सूचनाओं का व्यवसाय कर रही है।

कमल दीक्षित ने अलविदा कहा, पर उनके शब्द अब भी गूंज रहे

0
कमल दीक्षित ने दुनिया से विदा ले ली। पर, पत्रकारिता के संबंध में उनके शब्द अब भी गूंज रहे हैं- पत्रकारिता अभी सूचनाओं का...
गांधीजी ने बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर धर्म की शिक्षा दी थी। चंपारण सत्याग्रह के दिनों की बात है। गांधीजी वहीं एक गांव में रुके हुए थे।

गांधीजी ने जब बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर दिया

0
निराला गांधीजी ने बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर धर्म की शिक्षा दी थी। चंपारण सत्याग्रह के दिनों की बात है।...

बर्थडे स्पेशलः हिस्ट्री में फेल, पर पीरियड फिल्मों में पास हुए गोवारिकर

0
नवीन शर्मा  लगान फिल्म में  भुवन बने आमिर खान अधिकतर लोगों को जरूर याद होंगे। भले ही इस बेहतरीन फिल्म के डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर...
जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद आजीवन वे तामझाम व दिखावे से दूर रहे।

जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है

0
सुशील कुमार मोदी जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद आजीवन वे तामझाम व...

नहीं भूलती इमरजेंसी में विपक्षी नेताओं पर पुलिस की पहरेदारी

0
25 जून, 1975 को जब देश में आपातकाल लगा तो उस समय जार्ज फर्नांडीस ओडिशा में थे। अपनी पोशाक बदल कर जुलाई में जार्ज...

जयंती पर विशेष- हीरो से भी ज्यादा पैसे लेते थे खलनायक प्राण 

0
नवीन शर्मा हिंदी सिनेमा के सौ साल से लंबे इतिहास में वैसे तो दर्जनों खलनायक हुए हैं। उनमें से प्राण एक खास स्थान रखते...