दिल्ली में अब नहीं सुहाती मेट्रो की सवारी, पिछले साल के मुकाबले पांच लाख...
आठ माह पहले दिल्ली मेट्रो में लोगों की आवाजाही रवाँ-दवाँ चल रही थी, मगर बेतहाशा बढ़े किराये ने लोगों की रफ़्तार पर ब्रेक लगा दी। वजह, बसों के मुक़ाबले...
लालू यादव से कम जातिवादी नहीं हैं नीतीश कुमार
लालू यादव से नीतीश कुमार कम जातिवादी नहीं हैं। लालू यादव को मंडल कमीशन से तो नीतीश कुमार को जातीय रैली से उभार मिला।...
सईदा खान की ट्रेजिडी भरी दास्तां सुन रूह कांप जाती है
वीर विनोद छाबड़ा
सईदा खान की ट्रेजिडी भरी दास्तां सुन कर रूह कांप जाती है। साठ के सालों में एक्ट्रेस होती थीं, सईदा ख़ान।...
अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि खुद में एक संस्था थे
अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि वे खुद में एक संस्था थे। बहुलता को बचाने और बढ़ाने का निरंतर यत्न किया।...
कोरोना काल में किसिम किसिम के विधायक, महापौर और पार्षद !
कोरोना काल में किसिम किसिम के विधायक, महापौर और पार्षद के दर्शन हुए। कोई वर्तमान से अतीत की ओर लौटता दिखा तो कुछ ने...
नीतीश की चुप्पी किसी बड़े तूफान का संकेत तो नहीं
नीरज सिंह
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हफ्ते भर से चुप हैं। आधिकारिक तौर पर यही एक लाइन की सूचना छन कर बाहर आयी...
कृष्णबिहारी मिश्र की दरवेशी दृष्टि के बारे में बता रहे मृत्युंजय
कृष्णबिहारी मिश्र का प्राण अपने गांव में बसता है। इससे कुछ बचता है तो वह बनारस में बसता है। बनारस में वे अपने बनारस...
संपूर्ण क्रांति की याद दिलाता इंदिरा गांधी का आपातकाल
आपातकाल जिन परिस्थितियों में लगा या इंदिरा गांधी ने लगाया, उसकी बड़ी वजह जयप्रकाश नारायण की अगुआई में छिड़ा छात्र आंदोलन था। उस आंदोलन...
कोरोना काल की डायरी- हर सुबह न जाने डराती क्यों है !
कोरोना काल डायरी- हर सुबह न जाने डराती क्यों है ! कोरोना काल में लाक डाउन को डायरी के पन्नों पर उतारा है वरिष्ठ...
मलिकाइन के पातीः दारू छूटल, झगड़ा-लफड़ा ओराइल
पावं लागीं मलिकार! रउरा त एकदमे गुलर के फूल हो गइल बानी। ना कवनो पाती आ न कवनो सनेशा। पइसवा बैरी त रउरा के...




















