शराब महज मादक पदार्थ ही नहीं, सरकारी रेवेन्यू का बड़ा स्रोत भी बन गया है। कानपुर से भाजपा के सांसद सत्यदेव पचौरी का राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र भेज इसकी आलोचना की है।

शराब महज मादक पदार्थ नहीं, सरकारी रेवेन्यू का बड़ा स्रोत भी है

जयशंकर गुप्त शराब और मादक पदार्थ देश के नागरिकों की तबाही के कारक हैं। अजीब विडंबना है कि यही आज सरकारी रेवेन्यू का बड़ा...

लेखक सआदत हसन मंटोः ठंडा गोश्त जैसी कहानियों के बदनाम लेखक

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पुण्यतिथि पर संस्मरण नवीन शर्मा सआदत हसन मंटो (11 मई 1912-18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं- बू, खोल दो, ठंडा गोश्त...
फिल्म अभिनेत्री राजदुलारी

आना मेरी जान संडे के संडे…गाना सुनें तो दुलारी जरूर दिख जाएंगी

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वीर विनोद छाबड़ा  आना मेरी जान संडे के संडे सुनें तो दुलारी दिख जाएंगी। दुलारी, कभी नाम सुना होगा या चेहरा याद होगा। कभी...

वाराणसी नगर निगम ने बदरंग की बीएचयू की दीवार

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@ Harendra Shukla  वाराणसी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र काशी में 13 वीं बार दो दिवसीय दौरे पर थे।  इस दौरान हजारों करोड़ की...

शहादत दिवस पर नमनः साहसी और प्रेरक चंद्रशेखर आजाद

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नवीन शर्मा भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सबसे अधिक प्रभावशाली क्रांतिकारियों में चंद्रशेखर आजाद को गिना जाता है। उनका जन्म 23 जुलाई ...
Lockdown की मियाद 3 मई तक बढ़ा दी गयी है। कोरोना की लड़ाई में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। हफ्ते भर लाकडाउन की सख्ती से पालन कराया जाएगा।

नरेंद्र मोदी का सही कदम, सांसद फंड से राजनीति में शुचिता असंभव

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नरेंद्र मोदी का सांसद फंड खत्म करने का फैसला सही है। वैसे यह प्रावधान अभी दो साल के लिए के है, पर स्थायी बन...
कृषि कानून के विरोध को पश्चिम बंगाल के अकाल के परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। अकाल में भूख से 30 लाख लोगों की तड़प-तड़प कर मौत हुई थी।

दो मजदूरों की जान जाने के बाद भी नहीं खुली हनुमान चीनी मिल

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बिहार के 89% लोग गाँव में रहते हैं और 70% लोग कृषि के कमाई पर ही निर्भर हैं। उपजाऊ मिट्टी और भरपूर पानी होने...

मलिकाइन के पाती- देवी-देवता के पावर खतम हो गइल का मलिकार!

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पावं लागीं मलिकार। काल्ह सांझे से मन अइसन छउंछियाइल बा कि भर रात नीन ना आइल। फजीर होत रउरा के पाती लिखवावे बइठ गइल...
बेरोजगारी पर बहस नयी नहीं, लेकिन सेन्टर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट ने बहस को नया जीवन दे दिया है।

मीडिया की स्वतंत्रता के मामले में भारत की हालत शर्मनाक !

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मीडिया के हालात पर वरिष्ठ पत्रकार अनिल भास्कर ने संजीदा टिप्पणी की है। मीडिया की स्वतंत्रता के मामले में भारत की हालत शर्मनाक है।...
डॉ. अम्बेडकर का मानना था कि दलितों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका स्वयं का मीडिया अनिवार्य है। उन्होंने ‘मूकनायक’ प्रकाशित किया।

डॉ. अम्बेडकर का मानना था, दलितों के लिए स्वयं का मीडिया जरूरी है

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कृपाशंकर चौबे डॉ. अम्बेडकर का मानना था कि दलितों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका स्वयं का मीडिया अनिवार्य है।...