जन्मदिन विशेषः हिंदी सिनेमा के सदाबहार हीरो देव आनंद

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नवीन शर्मा वैसे तो हिंदी सिनेमा में एक से बढ़ कर एक  हैंडसम और स्मार्ट हीरो हुए हैं, लेकिन उनमें सबसे ज्यादा जलवा देव...
अभिनेत्री रेखा

बॉलीवुड की सदाबहार एक्ट्रेस रेखा 65 साल की हुईं

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बॉलीवुड की सदाबहार एक्ट्रेस रेखा आज अपना 65वां जन्मदिन मना रही हैं। अमिताभ बच्चन के साथ रिश्तों को लेकर चर्चित रेखा की उम्र का...

नेपाल में माहवारी के दौरान महिलाएं अलग झोपड़ी में रहती थीं

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सुधा सिंह नेपाल में माहवारी के दौरान महिलाएं अलग झोपड़ी में रहती थीं। यह सुनने में जितना अटपटा लगता है, मानवीय आधार पर उतना...
वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों- संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था.

जयप्रकाश नारायण ने जब इंटरव्यू में कहा- मुझे कौन पूछता है!

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जयप्रकाश नारायण (जेपी) अपने आखिरी दिनों में काफी उदास थे। केंद्र व राज्य में जनता पार्टी की सरकारें बनने के बाद अपने साक्षात्कार में...

बंदूक व कलम की जुगलबंदी का नाम है मन्मथनाथ गुप्त

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जयंती पर विशेष नवीन शर्मा आमतौर पर बंदूक व कलम को दो विपरीत ध्रुव मानी जाती हैं। इन दोनों से ही तालमेल बना कर जिस...

BIRTHDAY SPECIAL: आक्रोश का सबसे दमदार चेहरा हैं ओम पुरी

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नवीन शर्मा ओम पुरी हमारे हिंदी सिनेमा के नायब हीरा थे। करीब चालीस साल लंबे फिल्मी सफर में उन्होंने कई यादगार फिल्मों का तोहफा...
लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता फंसी है। कोरोना बेकाबू हो रहा है। कोरोना को सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन से रोकने की कोशिश बेमानी लग रही है।

लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता और बेकाबू कोरोना

सुशील मिश्रा लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चक्रव्यूह में जनता फंसी है। कोरोना बेकाबू हो रहा है। कोरोना को सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन से...
अशोक वाजपेयी ने 2016 में फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी का एक भाग पूरा हुआ।

फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी और अशोक वाजपेयी की प्रेरणा

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फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व अशोक वाजपेयी ने 2016 में मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी...
डॉ. अंबेडकर के संपादन में निकले पाक्षिक ‘समता’ में सावरकर के उस पक्ष को तरजीह दी गयी है, जिसमें उन्होंने रोटी-बेटी के संबंध का समर्थन किया है।

बाबा साहब ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा

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बाबा साहब भीमराव अंबेदकर ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा। तभी तो उन्होंने कहा था- जातिभेद और धर्मभेद तो...

कुलदीप नैयर को श्रद्धांजलिः आप जानते हैं, वह मुल्जिम कौन था?

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मिथिलेश कुमार सिंह फर्ज करिये, देश में इमरजेंसी लगी है। आपके सोचने- समझने, लिखने- पढ़ने की आजादी पर पहरे बिठा दिये गये हैं।...