सरस्वती पूजा बसंत पंचमी पर, जानिए सरस्वती कौन हैं और क्या हैं?
भारत यायावर
सरस्वती पूजा का वसंत पंचमी के दिन विधान भारत की प्राचीन परम्परा है। लेकिन सरस्वती पूजा का तात्पर्य जाने बिना भारत के लोग...
शून्य की ओर बढ़ते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
वैसे राजनीति में किसी के बारे में अगर कह दिया जाए की फलां शून्य की ओर बढ़ रहा है तो लोग अनायास ही उसके...
हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी ने दी थी सीख
प्रवीण बागी
हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपने अखबार प्रताप के पहले अंक में पत्रकारिता की अवधारणा प्रस्तुत की थी। वह...
महात्मा गांधी की हत्या पर कपूर कमीशन की रिपोर्ट कहां गई!
महात्मा गांधी की शहादत दिवस (30 जनवरी) पर वरिष्ठ IPS अरविन्द पाण्डेय ने हत्या के कारणों की जांच के लिए गठित कपूर कमीशन की...
बिहार-झारखंड से गहरा रिश्ता रहा प्रतिभा पुंज दीप्ति नवल का
नवीन शर्मा
दीप्ति नवल (Deepti Naval) हिंदी सिनेमा के उस दौर की बेहतरीन अदाकारा हैं, जिन्हें समांतर सिनेमा या आर्ट फिल्म कहा जाता है।...
बांग्ला में लेखन, पर हिन्दी में सर्वाधिक पढ़े गये शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय
पुण्यतिथि पर विशेष
नवीन शर्मा
शरत चंद्र वैसे तो मूल रूप से बांग्ला के उपन्यासकार थे, लेकिन उनकी रचनाओं के अनुवाद हिंदी भाषी लोगों में खासे...
रामदेव शुक्लः व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ
रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं। ‘बिहारी- सतसई...
अच्युतानंद मिश्र का हिन्दी पत्रकारिता में अवदान असाधारण है
कृपाशंकर चौबे
अच्युतानंद मिश्र का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख...
रामविलास पासवान ने मेरी एक चिट्ठी के जवाब में लिखी थीं 6 चिट्ठियां
रामविलास पासवान आज पंचतत्व में विलीन हो गये, लेकिन कई लोगों के लिए कई यादें छोड़ गये हैं। कोई उनकी सज्जनता तो कई लोग...
मलिकाइन के पाती ः पलिहर के बानर बनले बराती
मलिकाइन रोजे पाती पठावे के कहले रहली। कई दिन बात आज उनकर पाती पहुंचल बा। लीं, पढ़ीं अपना सभे-
पांव लागीं मलिकार! रउरा त रिसियात-खिसियात...




















