ओशो ने कहा था- निंदा रस का धंधा है तुम्हारी पत्रकारिता। पत्रकारों की दृष्टि ही मिथ्या हो जाती है। उनके धंधे का मतलब ही यह है कि जनता जो चाहती है, वह लाओ खोजबीन कर।

पुण्यतिथिः आधुनिक युग के  विद्रोही संन्यासी का नाम है ओशो

0
नवीन शर्मा रजनीश, जो बाद में ओशो के नाम से जाने गये, वे आधुनिक भारत के सबसे चर्चित और और विवादास्पद आध्यात्मिक गुरु रहे...
पं. अच्युतानंद मिश्र जब ‘जनसत्ता’ के संपादक थे तो वे महाश्वेता देवी से स्तंभ लिखवाते थे। महाश्वेता जी बांग्ला में लिखकर देतीं।

पं. अच्युतानंद मिश्र, जनसत्ता और महाश्वेता देवी का स्तंभ

0
कृपाशंकर चौबे पं. अच्युतानंद मिश्र जब ‘जनसत्ता’ के संपादक थे तो वे महाश्वेता देवी से स्तंभ लिखवाते थे। महाश्वेता जी बांग्ला में लिखकर देतीं।...
पद्मश्री डॉ. कृष्णबिहारी मिश्र का प्राण अपने गांव में बसता है। इससे कुछ बचता है तो वह बनारस में  बसता है। बनारस में वे अपने बनारस का पता ढूंढते हैं और गांव में अपने गांव का पता।

कृष्णबिहारी मिश्र की दरवेशी दृष्टि के बारे में बता रहे मृत्युंजय

0
कृष्णबिहारी मिश्र का प्राण अपने गांव में बसता है। इससे कुछ बचता है तो वह बनारस में  बसता है। बनारस में वे अपने बनारस...
टेलीग्राफ में उर्दू को अल्पसंख्यकों की भाषा बनाने के बारी में छपी खबर

उर्दू अल्पसंख्यकों की भाषा नहीं है, भाषा किसी कौम की नहीं होती

0
अमरनाथ उर्दू को अल्पसंख्यक मामलों से जोड़ने के मुद्दे पर ‘टेलीग्राफ’ में छपी खबर देखकर हैरान हूं। कोई भी भाषा किसी खास मजहब या...

द स्लीपिंग ब्यूटीः दो साल की बच्ची की सौ साल पुरानी लाश

0
आज गूगल पर सर्च के दौरान एक ऐसी तस्वीर मिली जिसे देखकर देर तक ठिठका रह गया। तस्वीर सोई हुई एक छोटी बच्ची की...
जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें मरङ गोमके के तौर पर जाना जाता है।

जयपाल सिंह मुंडा के बारे में जानें, आदिवासी नायकों की मजबूत कड़ी थे

0
विशद कुमार जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें...

फिल्मी गमशपः रामायण की सीता फिर दिखेंगी सिल्वर स्क्रीन पर

0
रामानंद सागर के कालजयी धारावाहिक रामायण की सीता यानी दीपिका चिखलिया फिर से सिल्वर स्क्रीन पर नजर आयेंगी। वह न्यूज़ आई कि हिंदी फ़िल्म...
अग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी। भारत को अपने ढंगा से सजने-संवरने और अपने नियम-कानून से देश चलाने का अवसर मिल गया। लेकिन हम उसी लीक पर चलते रहे।

महात्मा गांधी की हत्या पर कपूर कमीशन की रिपोर्ट कहां गई!

0
महात्मा गांधी की शहादत दिवस (30 जनवरी) पर वरिष्ठ IPS अरविन्द पाण्डेय ने हत्या के कारणों की जांच के लिए गठित कपूर कमीशन की...

बिहार NDA में हो गया सीट बंटवारा, JDU 14 और BJP 20 पर लड़ेंगे

0
पटना। जदयू की कार्यकारिणी की बैठक के दिन नीतीश कुमार ने बताया था कि सीटों का बंटवारा हो चुका है, समय आने पर इसकी...
आलोक तोमर अपनी पत्नी को बेहद प्यार करते थे। शादी से पहले सुप्रिया के प्रति उनके प्रेम के कई किस्से हैं। आलोक तोमर के ऐसे किस्से सामने आये हैं।

आलोक तोमर को कुछ इस तरह याद किया हरीश पाठक ने

0
आलोक तोमर का जन्मदिन 27 दिसंबर को था। उनके जन्मदिन पर वरिष्ठ कहानीकार हरीश पाठक ने टिप्पणी लिखी। आलोक तोमर अब नहीं रहे। लेकिन...