सांप्रदायिक सौहार्द समझने के लिए इसे जरूर पढ़िए
शंभूनाथ शुक्ला
सांप्रदायिक सौहार्द समझने के लिए इसे जरूर पढ़िए। सोशल मीडिया ने सदाशयता, सांप्रदायिक सद्भाव और मेल-मिलाप की बजाय समाज में जहर ज्दाया...
शक्ति चाहे किसी भी रूप में हो विवेकहीन होती हैः रवींद्रनाथ ठाकुर
शक्ति चाहे किसी भी रूप में हो विवेकहीन होती है। कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर ने 12 अप्रैल 1919 को महात्मा गांधी को लिखे पत्र में...
महात्मा गांधी की हत्या पर कपूर कमीशन की रिपोर्ट कहां गई!
महात्मा गांधी की शहादत दिवस (30 जनवरी) पर वरिष्ठ IPS अरविन्द पाण्डेय ने हत्या के कारणों की जांच के लिए गठित कपूर कमीशन की...
कमल दीक्षित ने अलविदा कहा, पर उनके शब्द अब भी गूंज रहे
कमल दीक्षित ने दुनिया से विदा ले ली। पर, पत्रकारिता के संबंध में उनके शब्द अब भी गूंज रहे हैं- पत्रकारिता अभी सूचनाओं का...
फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता स्वाभाविक छंद था
भारत यायावर
फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता और सहजता स्वाभाविक छंद था। उन्हें आक्रोश और गुस्से में देखना दुर्लभ संयोग था। वे मुश्किलों...
प्रलेक प्रकाशन की शिनाख्त सीरिज में- ‘कृपाशंकर चौबे एक शिनाख्त’
ओमप्रकाश अश्क
प्रलेक प्रकाशन, मुंबई ने पत्रकार, स्तंभकार, टिप्पणीकार, निबंधकार, साहित्य समालोचक कृपाशंकर चौबे के सृजन और शोध पर 464 पृष्ठों का ग्रंथ अभी-अभी...
केंद्र के डीए रोकने के फैसले से निजी क्षेत्र के कामगारों पर मंडराता खतरा
केंद्र सरकार के हालिया एक फैसले से निजी क्षेत्र के कामगारों पर ‘कोरोना’ संकट का खतरा मंडरा रहा है। केंद्र सरकार ने डीए की...
गांव की संस्मरण कथा- सूरजमुखी के पीछे तितली और टोकरी में इन्द्रधनुष
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप...
बिहार में लोक सभा चुनाव को लेकर बिछने लगी जातीय विसात
भारत में बिहार का इतिहास विविध में से एक है। प्राचीन बिहार, जो कि मगध के रूप में जाना जाता था, 1000 वर्षो तक...
संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का बड़ा योगदान रहा
ध्रुव गुप्त
संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब...




















