भारत-चीन सैन्य झड़प: अतीत के आईने और भविष्य के मायने
भारत-चीन सैन्य झड़प की घटना पर हम खामोश रहते हैं। पाकिस्तान के साथ मामूली तनाव पर हम ताव में आते हैं, पर चीन के...
और जब बटुकेश्वर दत्त ने पटना में बस के लिए परमिट मांगा
अनूप नारायण सिंह
पटना। जी, उसी बटुकेश्वर दत्त की बात कर रहे हैं, जिन्होंने भगत सिंह के साथ दिल्ली असेंबली में बम फेंका था...
झारखंड में तेजी से विकसित हो रही है नयी शैली की बैद्यनाथ पेंटिंग
डॉ आरके नीरद वरिष्ठ पत्रकार अौर जनजातीय जीवन-संस्कृति के गहरे जानकार हैं। झारखंड की कला-संस्कृति पर प्रायः ढाई दशकों से काम कर रहे हैं।...
सांप्रदायिक सौहार्द समझने के लिए इसे जरूर पढ़िए
शंभूनाथ शुक्ला
सांप्रदायिक सौहार्द समझने के लिए इसे जरूर पढ़िए। सोशल मीडिया ने सदाशयता, सांप्रदायिक सद्भाव और मेल-मिलाप की बजाय समाज में जहर ज्दाया...
भोजपुरी की पहली फिल्म- ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’
वीर विनोद छाबड़ा
भोजपुरी की पहली फिल्म 'गंगा मैया तोहे पिहरी चढ़इबो' के पीछे जिनका हाथ था, वह थे नजीर हुसैन। भोजपुरी सिनेमा के...
अटल बिहारी वाजपेयी जी के 1942 में रोल की सत्यता
के विक्रम राव
जब तक अटल बिहारी वाजपेयी चुनावी राजनीति से रिटायर नहीं हुये थे, उन पर हर लोकसभाई निर्वाचन के दौरान आरोप लगाया...
यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत ने रामकथा लिखी
संजय कृष्ण
यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत फादर कामिल बुल्के ने रामकथा लिखी। यह वही रांची है, जहां राष्ट्रकवि दिनकर ने...
कोरोना के बहाने बिदेेसिया की याद- अंखियां से दिन भर गिरे लोर ढर-ढर
कोरोना के बहाने बिदेसिया और इसके रचनाकार भिखारी ठाकुर को लेखक ने कुछ इस तरह याद किया है- अंखियां से दिन भर गिरे लोर...
भगवान शिव सबको इतने नीक क्यों लगते हैं?
शिव क्यों नीक लगते हैं? सोचा कभी कि शिव-भक्त क्यों विष्णु-द्रोही होते हैं? सारे असुर, रावण से लेकर! युगों पूर्व शैव तथा वैष्णव झगड़ते...
मलिकाइन के पातीः दारू छूटल, झगड़ा-लफड़ा ओराइल
पावं लागीं मलिकार! रउरा त एकदमे गुलर के फूल हो गइल बानी। ना कवनो पाती आ न कवनो सनेशा। पइसवा बैरी त रउरा के...




















