अम्फान और निसर्ग जैसी आपदा तो झांकी है, बड़े खतरे अभी बाकी हैं
अम्फान और निसर्ग जैसी आपदा तो झांकी है, बड़े खतरे अभी बाकी हैं। आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि पर्यावरण का क्षरण...
अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि खुद में एक संस्था थे
अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि वे खुद में एक संस्था थे। बहुलता को बचाने और बढ़ाने का निरंतर यत्न किया।...
इस बार नौका पर आएंगी माँ दुर्गा और जाएंगी हाथी पर सवार होकर
कलश स्थापना 10 अक्तूबर को होगी, विजयादशमी 19 अक्टूबर को पड़ेगी
बेगूसराय (नंदकिशोर सिंह)। इस वर्ष 20018 की दुर्गा पूजा 10 अक्टूबर आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा...
टीवी न्यूज चैनल लिब्रिटी जर्नलिज्म की नई परिभाषा लिखने में मस्त
टीवी न्यूज चैनल लिब्रिटी जर्नलिज्म की नई परिभाषा लिखने में मस्त हैं। इस कवायद में महिमागान से लेकर चरित्रहनन तक हर हथकंडे अपनाए जा...
डॉ. अम्बेडकर का मानना था, दलितों के लिए स्वयं का मीडिया जरूरी है
कृपाशंकर चौबे
डॉ. अम्बेडकर का मानना था कि दलितों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका स्वयं का मीडिया अनिवार्य है।...
जब जेनरल मैनेजर पंचोली जी ने अश्क को शो काज नोटिस थमाया
वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी। आपको अगर यह सीरीज पसंद आ रही है तो उनके...
सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थीः जयंती पर विशेष
कृपाशंकर चौबे
सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थी। बांग्ला के विशिष्ट कवि सुभाष मुखोपाध्याय की आज जयंती (12 फरवरी 1919- 8...
जन्मदिन पर विशेष- अंकुर से गॉडमदर तक शबाना का शानदार सफर
नवीन शर्मा
शबाना आजमी हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक हैं। शबाना ने 1973 में निर्देशक श्याम बेनेगल की क्लासिक फिल्म...
ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की पाकीजा के पीछे की दास्तान
वीर विनोद छाबड़ा
दो राय नहीं कि 'पाकीजा' ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की फिल्म है। जाहिर है कि इसकी कामयाबी का क्रेडिट भी मीना...
फिल्म समीक्षाः बाला साहेब की तरह ही बेबाक है ठाकरे
नवीन शर्मा
आजकल हिंदी सिनेमा में बायोपिक का दौर चल रहा है। इसकी लेटेस्ट फिल्म है ठाकरे। इसके कुछ हफ्ते पहले ही मनमोहन सिंह...



















