संपूर्ण क्रांति का आह्वान करते जेपी ने भी पुलिस व सेना से कहा था कि वे असंवैधानिक आदेशों का उल्लंघन करें। तब उन्हें देशद्रोही कहा गया। आज वही अमेरिका में हो रहा है।

संपूर्ण क्रांति के लिए जेपी ने पुलिस से जो कहा, वही अमेरिका में हो...

संपूर्ण क्रांति का आह्वान करते जेपी ने भी पुलिस व सेना से कहा था कि वे असंवैधानिक आदेशों का उल्लंघन करें। तब उन्हें देशद्रोही...

लालू के घर झगड़े की वजह कहीं ऐश्वर्या राय तो नहीं!

पटना। लालू प्रसाद के परिवार में भाइयों के बीच कलह के मूल में तेज प्रताप की नवब्याहता ऐश्वर्या राय 5 जुलाई को राजद का...
पत्रकारिता इसे कहते हैं, जो ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के संतोष सिंह ने की है। इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार ने बिहार में कोविड जांच घोटाला उजागर किया।

पत्रकारिता यह है, जो ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के संतोष सिंह ने की है

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सुरेंद्र किशोर पत्रकारिता इसे कहते हैं, जो ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के संतोष सिंह ने की है। इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार ने बिहार में कोविड जांच घोटाला...
अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी बतायी है वरिष्ठ पत्रकार उनेश चतुर्वेदी ने। लिखा है

अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी

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उमेश चतुर्वेदी अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी बतायी है वरिष्ठ पत्रकार उनेश चतुर्वेदी ने। लिखा है- कुछ साल...
निर्भया रेप कांड की वकील सीमा कुशवाहा

निर्भया रेप कांड की वकील सीमा कुशवाहा को सलाम!

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निर्भया रेप कांड में सीमा कुशवाहा जीवन में पहला मुकदमा बिना फीस लड़ कर आज सबके दिलों में जगह बना ली है। उन्होंने निर्भया...

उच्चारण सही हो तो हिन्दी में लेखन भी शुद्ध हो जाता है

उच्चारण सही हो तो हिन्दी में लेखन भी शुद्ध हो जाता है। अपने अध्ययन काल में जवरी मल पारख और उनके साथ पढ़ने वाले...

संयुक्त अरब अमीरात की केरल के लिए मदद ठुकराने पर छिड़ी बहस

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बाढ़ की विभीषिका झेल रहे केरल की मदद के लिए भारत सरकार किसी दूसरे देश की मदद स्वीकार नहीं करेगी। सरकार के इस फैसले...
वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों- संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था.

संपूर्ण क्रांति- जेपी के दो शब्दों से बदल गयी थी देश की सियासी तस्वीर

ओमप्रकाश अश्क वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों-...

बांग्ला में लेखन, पर हिन्दी में सर्वाधिक पढ़े गये शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा शरत चंद्र वैसे तो मूल रूप से बांग्ला के उपन्यासकार थे, लेकिन उनकी रचनाओं के अनुवाद हिंदी भाषी लोगों में खासे...
अभिनेता तापस पाल का असमय जाना, बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी क्षति

तापस पाल का जाना कई बांग्ला फिल्मों की कई यादें छोड़ गया

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राजेश त्रिपाठी तापस पाल का जाना कई यादें छोड़ गया। उत्तम कुमार-सुचित्रा सेन के युग के बाद बांग्ला फिल्मों में उनके खालीपन को तापस...