कोरोना डायरीः कोरोना हमारे संस्कार-संबंधों पर हमला कर रहा है
डा. संतोष मानव
कोरोना हमारे संस्कार पर हमला कर रहा है। हमारे पारिवारिक जीवन पर आघात कर रहा है। यह हमें मिटाने पर तुला...
भीष्म नारायण सिंह का जाना भोजपुरी भाषियों का बड़ा नुकसान
उमेश चतुर्वेदी
हम भोजपुरीभाषियों की एक कमी है, जैसे ही हम थोड़ा पढ़-लिख जाते हैं, सार्वजनिक जगहों पर आपसी लोगों से बातचीत में भोजपुरी...
आधुनिक राजनीति इसे ही कहते हैं, जिसमें देश कहीं नहीं है
आधुनिक राजनीति इसे ही कहते हैं, जिसमें देश कहीं नहीं है। बांग्लादेशी घुसैठ की समस्या आज नासूर बनी है और इसके निदान की कोशिश...
आरएसएस के नए सरकार्यवाह होसबाले के सामने हैं कई चुनौतियां
प्रो. संजय द्विवेदी
आरएसएस के नए सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले हैं तो बड़े दिल वाले, लेकिन संघ के सरकार्यवाह के रूप में उनके सामने हैं...
नेपाल में माहवारी के दौरान महिलाएं अलग झोपड़ी में रहती थीं
सुधा सिंह
नेपाल में माहवारी के दौरान महिलाएं अलग झोपड़ी में रहती थीं। यह सुनने में जितना अटपटा लगता है, मानवीय आधार पर उतना...
केंद्रीय राहत पैकेज का सचः पैकेज गया ‘वन’ में, सोचें अपने मन में
श्याम किशोर चौबे
केंद्रीय राहत पैकेज गया ‘वन’ में, सोचें अपने मन में। दादी-नानी की कहानियों की तर्ज पर मोदी सरकार द्वारा घोषित कोविड...
जयंती पर विशेषः फिल्मों के आलराउंडर खिलाड़ी विजय आनंद
नवीन शर्मा
विजय आनंद को हिंदी सिनेमा का हरफनमौला खिलाड़ी कहना ज्यादा सही रहेगा। वे बेहतरीन निर्देशक थे, संवेदनशील अभिनेता भी थे। इसके साथ-साथ वे लेखक और अच्छे...
जयंती पर विशेषः तमस में उजियारे का नाम भीष्म साहनी
नवीन शर्मा
भीष्म साहनी हिंदी साहित्यकारों में विशिष्ट स्थानीय रखते हैं। सात अगस्त 1915 को रावलपिंडी में इनका जन्म हुआ था। अपने उपन्यास तमस...
दो मजदूरों की जान जाने के बाद भी नहीं खुली हनुमान चीनी मिल
बिहार के 89% लोग गाँव में रहते हैं और 70% लोग कृषि के कमाई पर ही निर्भर हैं। उपजाऊ मिट्टी और भरपूर पानी होने...
कहां गइल मोर गांव रे, बता रहे वरिष्ठ पत्रकार शेषनारायण सिंह
शेष नारायण सिंह
1975 में जब मैंने संत तुलसीदास डिग्री कालेज, कादीपुर (सुल्तानपुर) की प्राध्यापक की नौकरी छोडी थी तो एक महत्वपूर्ण फैक्टर यह...




















