और अब प्रभात खबर का पटना संस्करण बना अगला पड़ाव
मुन्ना मास्टर बने एडिटर- पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक हैं। इसे हम लगातार क्रमिक रूप से प्रकाशित कर रहे हैं। गुवाहाटी, रांची, कोलकाता...
कोरोना तो जाएगा, चाहे जब जाए, अभी तो इसने तबाही मचा रखी है
कोरोना तो जाएगा, चाहे जब जाए, मगर अभी तो इसने तबाही मचा रखी है। न्यूयार्क से खबर है, मुर्दों के लिए कब्र नहीं हैं।...
मलिकाइन के पाती ः पलिहर के बानर बनले बराती
मलिकाइन रोजे पाती पठावे के कहले रहली। कई दिन बात आज उनकर पाती पहुंचल बा। लीं, पढ़ीं अपना सभे-
पांव लागीं मलिकार! रउरा त रिसियात-खिसियात...
पत्रकार संजय कुमार सिंह ने बताई अपनी रेल यात्रा की पीड़ा
पत्रकार संजय कुमार सिंह ने बतायी अपनी रेल यात्रा की पीड़ा। उनका कहना है कि रेल तो भारतीय है, लेकिन कायदे अब भी अंग्रेजों...
बाबा साहब ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा
बाबा साहब भीमराव अंबेदकर ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा। तभी तो उन्होंने कहा था- जातिभेद और धर्मभेद तो...
अखबार की ‘साख’ से कभी मत खेलना, कहते थे नरेंद्र मोहन
निशिकांत ठाकुर
अखबार की ‘साख’ से कभी मत खेलना। यह नसीहत अक्सर ‘दैनिक जागरण’ के प्रधान संपादक स्व. नरेंद्र मोहन जी सहकर्मियों को दिया...
कोरोना संक्रमण शहरों से बढ़ा अब गांवों की ओर……
डॉ. संतोष मानव
कोरोना संक्रमण शहरों से अगर गांवों तक पहुंच गया, तो क्या होगा? हाहाकार और क्या? इस हाहाकार के लक्ष्ण दिखने भी...
आलोक तोमर की यादः जब प्रभाष जोशी ने इस्तीफा मांग लिया
आलोक तोमर को जनसत्ता के प्रधान संपादक प्रभाष जोशी बेहद मानते थे, फिर भी एक मौका ऐसा आया, जब उन्होंने आलोक तोमर से इस्तीफा...
रेणु का है अंदाज-ए-बयां और के रचनाकार हैं भारत यायावर
गौरीशंकर सिंह
"रेणु का है अंदाज-ए-बयाँ और" पूर्णिया में आरएन शॉ चौक से सटे लालमणि पुस्तक भंडार में दिखी। मेरी नजर एक पुस्तक पर...
एक वैज्ञानिक, जिसने बताया कि पौधों को भी दर्द होता है
जयंती पर विशेषः पेड़-पौधों में जीवन का राज बताने वाले जगदीश चंद्र बोस
नवीन शर्मा
आधुनिक भारत में जिस भारतीय वैज्ञानिक ने सबसे पहले विश्व...



















