कबूतर या किसी पक्षी को कोई देश नहीं होता। हम तो यही सुनते आए हैं कि पक्षियों का कोई देश नहीं होता, लेकिन उनकी यह आजादी छिन गयी है।

कबूतर या किसी भी पक्षी का कोई खास देश होता है क्या !

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ध्रुव गुप्त कबूतर या किसी पक्षी को कोई देश नहीं होता। हम तो यही सुनते आए हैं कि पक्षियों का कोई देश नहीं होता,...

जयंती पर विशेषः भारत की एकता के सूत्रधार सरदार पटेल

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नवीन शर्मा आज हम भारत का जो राजनीतिक मानचित्र देखते हैं, उसे इस रूप में ढालने का सबसे अधिक योगदान सरदार वल्लभ भाई पटेल...
कई अखबारों के वरिष्ठ पदों पर रहे और फिलवक्त BBC और दूरदर्शन के लिए काम करने वाले  पत्रकार रवि प्रकाश ने कैंसर को वरदान के रूप में अंगीकार कर लिया है

रवि प्रकाश, लंग्स कैंसर, मित्रों की मदद, भावुकता और संघर्ष का जज्बा

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रवि प्रकाश, लंग्स कैंसर, मित्रों की मदद, भावुकता और संघर्ष का जज्बा। जी, पत्रकार रवि प्रकाश की बात हो रही है, जो इनदिनों मुंबई...

कहां गइल मोर गांव रे, बता रहे वरिष्ठ पत्रकार शेषनारायण सिंह

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 शेष नारायण सिंह  1975 में जब मैंने संत तुलसीदास डिग्री  कालेज, कादीपुर (सुल्तानपुर) की प्राध्यापक की नौकरी छोडी थी तो एक महत्वपूर्ण फैक्टर यह...
तेजस्वी यादव

RJD सवर्णों को साधने में जुटा, भूराबाल से किया किनारा

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पटना। बिहार फिलहाल दलित-पिछड़े और सवर्ण राजनीति के घनचक्कर में फंसा है। दलितों के प्रति लगभग सभी दलों का झुकाव हाल के दिनों में...

NITISH के संग नाश्ते पर बैठे SHAH, रात का खाना भी साथ

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पटना। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एक दिन के बिहार दौरे पर गुरुवार को पटना पहुंचे। कल वह रांची में थे। वहां से चार्टर्ड...

अद्भुत प्रतिभा के धनी गणितज्ञ डा. वशिष्ठ नारायण सिंहः  

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जन्मदिन पर विशेष सुरेंद्र किशोर गणितज्ञ वशिष्ठ बाबू यानी वशिष्ठ नारायण सिंह अद्भूुत प्रतिभा के धनी थे। उनके लिए पटना विश्वविद्यालय ने पहली बार नियम...

बिहार-झारखंड से गहरा रिश्ता रहा प्रतिभा पुंज दीप्ति नवल का

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नवीन शर्मा दीप्ति नवल (Deepti Naval) हिंदी सिनेमा के उस दौर की बेहतरीन अदाकारा हैं, जिन्हें समांतर सिनेमा या आर्ट फिल्म कहा जाता है।...
महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि 19 जनवरी है। वर्ष 1597 में उनका इसी दिन निधन हुआ था। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को हुआ था।

महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाई, पर अकबर की अधीनता कबूल नहीं की….पुण्यतिथि...

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मध्यकाल के इतिहास लेखन के बारे में नेहरू युग के कम्युनिस्ट इतिहासकारों ने नये इतिहास लेखकों को यह निदेश दिया था कि महाराणा प्रताप...
आलोक तोमर को जनसत्ता के प्रधान संपादक प्रभाष जोशी बेहद मानते थे, फिर भी एक मौका ऐसा आया, जब उन्होंने आलोक तोमर से इस्तीफा मांग लिया।

जनसत्ता वाले आलोक तोमर: हर दुखी-पीड़ित की मदद को हमेशा तत्पर

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जनसत्ता वाले आलोक तोमर की खासियत थी। वह हर दुखी-पीड़ित की मदद को हमेशा तत्पर रहता था। कई मौकों पर आलोक तोमर को ऐसा...