जयंती पर विशेषः फिल्मों के आलराउंडर खिलाड़ी विजय आनंद
नवीन शर्मा
विजय आनंद को हिंदी सिनेमा का हरफनमौला खिलाड़ी कहना ज्यादा सही रहेगा। वे बेहतरीन निर्देशक थे, संवेदनशील अभिनेता भी थे। इसके साथ-साथ वे लेखक और अच्छे...
इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश आंदोलन का स्मरण
शिवानंद तिवारी
इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में शुरू हुए आंदोलन की याद स्वाभाविक है। इसलिए कि इमर्जेंसी...
चंद्रशेखर जी को सीतामढ़ी आने से मना किया गया, पर वे आए
नागेंद्र प्रसाद सिंह
चंद्रशेखर (भूतपूर्व प्रधानमंत्री) की पुण्यतिथि पर उनसे जुड़े कई लम्हे दिलो-दिमाग में आने लगे हैं। सीतामढ़ी से जुड़ा एक प्रसंग याद...
इंदिरा गांधी का चुनाव भ्रष्ट तरीके के आरोप में आज ही रद हुआ था
इंदिरा गांधी का चुनाव भ्रष्ट तरीके अपनाने के आरोप में 12 जून, 1975 को रद हुआ था। यही जजमेंट इमरजेंसी का कारण बना। इसलिए...
भोजपुरी गीतों को नया आयाम दे रही है भोजपुर की बेटी बेबी काजल
पटना। बिहार के भोजपुर जिले के आरा की माटी से ताल्लुक रखने वाली बेबी काजल भोजपुरी की एक ऐसी गायिका के तौर पर अब...
अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर
अनूप नारायण सिंह
पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...
ममता बनर्जी को महल नहीं, अपना खपड़ैल घर ही पसंद है
ममता बनर्जी को महल नहीं, अपना टाली बाड़ी (खपड़ैल मकान) ही पसंद है। दो बार केंद्रीय मंत्री और दो बार से बंगाल की वह...
रेणु से मैंने सवाल किया, “आपने पालिटिक्स क्यों छोड़ दी?”
रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं। दुनिया को...
हिंदी साउथ वाले भी सीखना चाहते हैं, विरोध राजनीतिक है
उमेश चतुर्वेदी
हिंदी साउथ वाले भी सीखना चाहते हैं, विरोध राजनीतिक है। जिस तमिलनाडु में इसका विरोध हो रहा, वहां के नेता भी हिंदी...
इमरजेंसी के दौर को समझने के लिए जेल डायरियां प्रामाणिक स्रोत हैं
हरिवंश
इमरजेंसी के दौर को समझने के लिए कविताएं, गजल आदि तो अहम दस्तावेज हैं हीं, उस दौर में जेल में लिखी गयीं डायरियां...




















