अपने ही घर में बेगाने हो जाने की मजबूरी का नाम है घुसपैठ
सुरेंद्र किशोर
सन 1979-1985 के असम आंदोलन के दौरान 855 आंदोलनकारियों की जानें गयी थीं। इतनी कुर्बानियां देने के बाद 1985 में प्रधानमंत्री राजीव...
कम्युनिस्ट भी टोना-टोटका, भविष्यवाणी में भरोसा रखते हैं!
रामेश्वर टांटिया को याद किया है वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ला ने
कम्युनिस्ट भी टोना-टोटका, भविष्यवाणी में भरोसा रखते हैं। वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ला ने रामेश्वर...
प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को याद रखेगा इतिहास…..
सुशील मिश्रा
प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को इतिहास भी याद रखेगा। सड़कों पर प्रवासियों के प्रति जो अस्पृश्यता दिख रही, उसकी कल्पना प्रवासियों ने...
विज्ञान की नजर में भारतीय भाषाएं और सर्वांगीण स्वास्थ्य
डॉ. मनोहर भण्डारी
पढ़ने में यह अटपटा और अविश्वसनीय लगेगा कि भारतीय भाषाएं पढ़ने से सर्वांगीण स्वास्थ्य का क्या कोई नाता भी हो...
कोरोना डायरी- हर रोज एक नया अनुभव, आती है नयी समझ
कोरोना डायरी- हर रोज एक नया अनुभव, नयी समझ। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव इस कोरोना काल में हर रोज के अनुभव डायरी के...
आलोक तोमर की यादः जब प्रभाष जोशी ने इस्तीफा मांग लिया
आलोक तोमर को जनसत्ता के प्रधान संपादक प्रभाष जोशी बेहद मानते थे, फिर भी एक मौका ऐसा आया, जब उन्होंने आलोक तोमर से इस्तीफा...
अमिताभ बच्चनः मोस्ट एनर्जेटिक, डेडिकेटेड, डिसिप्लिन्ड एक्टर
नवीन शर्मा
अमिताभ बच्चन मेरे ही नहीं, मेरी पीढ़ी सहित कई पीढियों के सुपर स्टार हैं। उनको यह सफलता यूं ही नहीं मिली है।...
इतिहास के आईने में बिहारः सुगांव डायनेस्टी और विद्यापति
लेखक-पत्रकार संजय ठाकुर की अप्रकाशित इतिहास की पुस्तक- विद्यापति और सुगांव (अतीत के आईने में चम्पारण) का एक अंश
पूर्वी चम्पारण जिला के सुगौली प्रखंड के ...
वोहरा कमिटी की रिपोर्ट पर अमल होता तो हालात नहीं बिगड़ते
सुरेंद्र किशोर
1993 में मुम्बई में भीषण बम विस्फोट हुए थे। उस घटना के बाद वोहरा कमेटी बनी। उसने बहुत जल्द ही अपनी रपट सरकार...
महंगाई की मापी के लिए लॉक डाउन बेहतर मौका है
हेमंत, वरिष्ठ पत्रकार
महंगाई की मापी के लिए लॉक डाउन बेहतर मौका है। आप घर बैठे चिंता-मग्न रहने का रिस्क उठाने योग्य सुरक्षा से लैस...



















