कल से पितृ पक्ष है। पितरों का तर्पण कल से शुरू होगा। पितृपक्ष में कुश की जरूरत पड़ती है।गया में पिंडदान का काफी महत्व है

बिहार में मैं अपना अगला जन्म लूंगा, कह रहे पत्रकार शंभुनाथ शुक्ल

शंभूनाथ शुक्ल बिहार में मैं अपना अगला जन्म लूंगा, क्योंकि बिहार के लोग बड़े मोहिल होते हैं। आदमी-औरतें सभी। पिछले वर्ष पटना प्रवास में...
ओमप्रकाश अश्क

जब जेनरल मैनेजर पंचोली जी ने अश्क को शो काज नोटिस थमाया

0
वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी। आपको अगर यह सीरीज पसंद आ रही है तो उनके...
फटा जींस पहनने की स्वतंत्रता मूलतः अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ही एक रूप है। पर इसका उपयोग कई बार आदमी को हास्यास्पद बना देता है।

फटा जींस पहनने का फैशन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसा मुद्दा

0
अरविन्द पाण्डेय फटा जींस पहनने की स्वतंत्रता मूलतः अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ही एक रूप है। पर इसका उपयोग कई बार आदमी को...

और गांव की गंध छोड़ चल पड़े काली के देस कामाख्या

0
बहुतेरे पाठक ओमप्रकाश अश्क के वर्तमान से तो परिचित हैं, पर उनका अतीत कितना संघर्षपूर्ण रहा है, इसकी झलक उनकी प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर...

प्राण की बलि भले न हो, पर मानसिक बलि ले रहा ME TOO अभियान

0
आयातित विदेशी सामान आदमी के पास रहे तो वह इतराता-इठलाता है। समाज में रौब दिखाता है। लेकिन विदेश में जन्म लेकर जब MEE TOO...
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी

छह साल से लोहे का कारोबार कर रहे हैं तेजस्वीः मोदी

0
पटना। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव न सिर्फ अरबों की जमीन के मालिक हैं, बल्कि लोहा के...
रामविलास पासवान आज पंचतत्व में निलीन हो गये, लेकिन कई लोगों के लिए कई यादें छोड़ गये हैं। कोई उनकी सज्जनता तो कई लोग उनकी कार्य प्रणाली की चर्चा करते हैं।

रामविलास पासवान ने मेरी एक चिट्ठी के जवाब में लिखी थीं 6 चिट्ठियां

0
रामविलास पासवान आज पंचतत्व में विलीन हो गये, लेकिन कई लोगों के लिए कई यादें छोड़ गये हैं। कोई उनकी सज्जनता तो कई लोग...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना कहर के इस दौर में अब पहली चिंता मौत नहीं, पेट है

कोरोना कहर के इस दौर में अब पहली चिंता मौत नहीं पेट है। करोड़ों सड़क पर आ चुके हैं, लाखों आने वाले हैं। जैसे-जैसे...
पांक्तेय भाषाविद्, ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी और कृती सम्पादक पंडित विद्यानिवास मिश्र (1926-2005) की स्मृति में उनके जन्म दिन नमन(14 जनवरी) के अवसर पर नमन!

पांक्तेय भाषाविद विद्यानिवास मिश्र का समारोहपूर्वक स्मरण

0
कृपाशंकर चौबे पांक्तेय भाषाविद्, ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी और कृती सम्पादक पंडित विद्यानिवास मिश्र (1926-2005) की स्मृति में उनके जन्मदिन के अवसर पर नमन! उनकी केंद्रीय...

बिहार के राज्यपाल शुक्रिया वशिष्ठ की टीम को 25 सितंबर को करेंगें सम्मानित

0
शुक्रिया वशिष्ठ की टीम को 25 सितंबर को बिहार के राज्यपाल सम्मानित करेंगें सार्थक समय डेस्क : बिहार के मान सम्मान को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक...