दो मजदूरों की जान जाने के बाद भी नहीं खुली हनुमान चीनी मिल
बिहार के 89% लोग गाँव में रहते हैं और 70% लोग कृषि के कमाई पर ही निर्भर हैं। उपजाऊ मिट्टी और भरपूर पानी होने...
राहत पैकेज में कितनी राहत! समझने के लिए इसे पढ़ लीजिए
श्याम किशोर चौबे
राहत पैकेज में कितनी राहत! लाक डाउन-3 के अंत समय में 13 मई को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5.94...
भीड़ में बदल रहा है इक्कीसवीं सदी का भारत
इक्कीसवीं सदी में भारत भीड़ में बदल रहा है। उसकी नागरिकता अगर राष्ट्रीय स्तर पर बहुसंख्यक धर्म, सेना के प्रति समर्पण, काल्पनिक कथाओं व...
झारखंड में तेजी से विकसित हो रही है नयी शैली की बैद्यनाथ पेंटिंग
डॉ आरके नीरद वरिष्ठ पत्रकार अौर जनजातीय जीवन-संस्कृति के गहरे जानकार हैं। झारखंड की कला-संस्कृति पर प्रायः ढाई दशकों से काम कर रहे हैं।...
अमेरिका के ओहायो में मनाया जाता है श्रेया घोषाल डे
नवीन शर्मा
श्रेया घोषाल हिंदी सिनेमा की सबसे मादक आवाज वाली गायिकाओं में शुमार हैं। वे आशा भोंसले की परंपरा की अगली कड़ी हैं।...
शून्य की ओर बढ़ते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
वैसे राजनीति में किसी के बारे में अगर कह दिया जाए की फलां शून्य की ओर बढ़ रहा है तो लोग अनायास ही उसके...
अमेरिका में साफ-सफाई और कड़े अनुशासन के बावजूद कोरोना का कहर
अमेरिका में साफ-सफाई और कड़े अनुशासन के बावजूद कोरोना का कहर बरपा है। कोरोना से दुनिया के सर्वाधिक तबाह देशों में अमेरिका की गिनती...
पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं
के विक्रम राव
पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं। हालांकि ब्रिटिश राज के खात्मे के सात दशक बीत गये। फिर...
रामविलास पासवान सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे
रामविलास पासवान आज पंचतत्व में विलीन हो गये, लेकिन कई लोगों को कई यादें छोड़ गये हैं। कोई उनकी सज्जनता तो कई लोग उनकी...
अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय को जानिए, कौन थे
अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय। हिन्दी के एक प्रतिष्ठित व्यंग्य-लेखक, साहित्यकार और पत्रकार, जो पाठकों के बीच अनय नाम से परिचित थे। ‘तीसरा विभाजन’...




















