महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं
महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं। कल तक बड़ी तादाद वैसे लोगों की थी, जो महात्मा गांधी के हत्यारे...
बर्थ डे स्पेशलः मैं पल दो पल का शायर हूं के कलमकार साहिर
नवीन शर्मा
अमिताभ बच्चन की फिल्म कभी-कभी का गीत मैं पल दो पल का शायर हूं हम में से कई लोग गुनगुनाते हैं। यह...
मलिकाइन के पातीः जइसन करनी, ओइसन भरनी
पांव लागीं, मलिकार! विसवास बा कि रउरा नीक-निरोग होखेब। काली माई के रोजे सांझ-सबेरे गोहराइले रउरा खातिर। ए मलिकार, रउरा से एगो बात जाने...
मथाई की पुस्तकों पर से प्रतिबंध हटाने का यह माकूल समय है
मथाई की पुस्तकों पर से प्रतिबंध हटाने का माकूल समय है। मथाई के संस्मरणात्मक पुस्तक में कई बातें हैं, जिन्हें नई पीढ़ी को जानना चाहिए।...
मीडिया की स्वतंत्रता के मामले में भारत की हालत शर्मनाक !
मीडिया के हालात पर वरिष्ठ पत्रकार अनिल भास्कर ने संजीदा टिप्पणी की है। मीडिया की स्वतंत्रता के मामले में भारत की हालत शर्मनाक है।...
सीता ने पृथ्वी से अपने को अपनी गोद में ले लेने की जब प्रार्थना की
गोपेश्वर सिंह
दूरदर्शन पर चल रहे हिंदी धारावाहिक 'उत्तर रामायण' की कल रात अंतिम कड़ी देखकर मन अत्यंत भावुक हो गया। अपनी पवित्रता की...
अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि, बेहतर जीवन की आकुलता
कृपाशंकर चौबे
अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि हैं और उनकी प्रतिबद्धता की जड़ें ठेठ भारतीय आबोहवा और जमीन में हैं। जो सामने...
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की परंपरा दशकों पुरानी है
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक, हिंसा की परंपरा दशकों पुरानी है। क्या 1975 में जेपी पर हमलावर भीड़ में ममता बनर्जी भी शामिल थीं? जेपी...
चन्द्रशेखर जी की दाढ़ी का राज, आप नहीं जानते तो जान लीजिए
चन्द्रशेखर जी की दाढ़ी का राज, आप नहीं जानते तो जान लीजिए। रोज दाढ़ी बनवाने के शौकीन चन्द्रशेखर ने दाढ़ी रखनी क्यों शुरू कर...
मुगल-ए-आजम भारतीय सिनेमा की पेशानी पर लिखी गई इबारत
मृत्युंजय
मुगल-ए-आजम वह फिल्म थी, जो सबके सर चढ़ कर बोली थी। साठ साल पहले। सन साठ में। महीना था अगस्त। तारीख थी पांच।...




















