और आखिरकार कारोबार खबर की अकाल मौत हो गयी
पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी पेश है। यह उस दौर की बात है, जब श्री अश्क...
हरी चीटियाँ जहाँ सपने देखती हैं- फिल्म का संदेश तो समझें
नारायण सिंह
हरी चीटियाँ जहाँ सपने देखती हैं (Where the Green Ants Dream) पश्चिम जर्मनी के वर्नर हरिजोग (Werner Herzog) की यह चर्चित फिल्म...
सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के जन्मदिन पर विशेष
नवीन शर्मा
1947 में हमारे देश को दो बेशकीमती उपहार मिले। पहला तो आप सब जानते ही हैं, देश अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त...
घोषणा के बावजूद अब तक नहीं बना बिस्मिल्लाह खां विश्वविद्यालय
मुरली मनोहर श्रीवास्तव
पटना। वक्त बदलता है, वक्त के साथ व्यक्ति इस जहां को अलविदा कर जाते हैं, मगर उनकी कीर्तियां उन्हें इतिहास के...
अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि, बेहतर जीवन की आकुलता
कृपाशंकर चौबे
अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि हैं और उनकी प्रतिबद्धता की जड़ें ठेठ भारतीय आबोहवा और जमीन में हैं। जो सामने...
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक यात्रा प्रसंग और 4 महिला पात्र
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह निजी यह यात्रा प्रसंग बरबस याद आ गया। इसलिए कि इस कहानी में चार महिला पात्रों का जिक्र है।...
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की परंपरा दशकों पुरानी है
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक, हिंसा की परंपरा दशकों पुरानी है। क्या 1975 में जेपी पर हमलावर भीड़ में ममता बनर्जी भी शामिल थीं? जेपी...
सईदा खान की ट्रेजिडी भरी दास्तां सुन रूह कांप जाती है
वीर विनोद छाबड़ा
सईदा खान की ट्रेजिडी भरी दास्तां सुन कर रूह कांप जाती है। साठ के सालों में एक्ट्रेस होती थीं, सईदा ख़ान।...
रामनिरंजन परिमलेन्दुः अनुसंधानपरक आलोचना का अन्यतम योद्धा
डॉ. अमरनाथ
पुरानी पीढ़ी के गिने चुने महान अनुसंधानकर्ताओं की तरह नि:स्वार्थ भाव सेएकान्त साधना करने वालेअनुसंधानपरक आलोचना के अन्यतम योद्धा रामनिरंजन परिमलेन्दु (25.8.1934-29.9.2020)...
पत्रकार संजय कुमार सिंह ने बताई अपनी रेल यात्रा की पीड़ा
पत्रकार संजय कुमार सिंह ने बतायी अपनी रेल यात्रा की पीड़ा। उनका कहना है कि रेल तो भारतीय है, लेकिन कायदे अब भी अंग्रेजों...



















