बिहार की पूनम ने जीता मिसेज इंडिया ग्लैमरस का खिताब 

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पटना। यूँ ही नहीं मिलता कोई मुकाम उन्हें पाने के लिये, चलना पड़ता है। इतना आसान नहीं होता कामयाबी का मिलना उसके लिये, किस्मत...
भीड़ में किसी ने गाड़ी के टार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। टायर पंक्चर

पाहन ला देवहु दस रुपया, नहीं दिया तो जान पर आफत आ गयी

मंगलेश तिवारी मुफलिस पाहन ला देवहु, दस रूपया। नहीं दिया तो जान पर आफत आ गयी। किसी तरह 50 रुपये दंड और 100 रुपये...

सड़  गई है हमारी जाति व्यवस्था

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भारतीय समाज में जाति व्यवस्था का काफी महत्व रहा है। ऐतिहासिक विकास क्रम में इसका भी विस्तार होता चला गया है। जाति व्यवस्था के...
भगवा वस्त्रधारी माधवकांत मिश्र के साथ नागेंद्र प्रताप

एक स्वामी जो मेरा कभी संपादक हुआ करता था यानी माधवकांत मिश्र

नागेंद्र प्रताप एक ऐसा स्वामी जो मेरा कभी सम्पादक हुआ करता था यानी माधवकांत मिश्र। वह कोई और नहीं, बल्कि अपने जमाने के मशहूर...

8 दिसंबर जन्मदिन पर विशेषः चने चबा कर अभिनेता बने धर्मेंद्र

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नवीन शर्मा हिंदी सिनेमा में  एंग्रीयंगमैन अमिताभ बच्चन का विक्की भले ही ज्यादा दिनों तक चला हो, पर कई वर्षों तक हीमैन धर्मेन्द्र का भी...
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर भी इसका कई जगहों पर बेतुका विरोध हो रहा है।

कोविड- 19 से आर्थिक तबाही की ओर तेजी से बढ़ रही दुनिया

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ओमप्रकाश अश्क कोविड- 19 की वजह से देश बड़ी आर्थिक तबाही की ओर बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। अर्थव्यवस्था का आकलन करने वाली...
महामारी माने मरीज, मजदूर, मजबूरी, मौत, मदी और महंगाई। महामारी कोरोनावायरस के असर को इन सात शब्दों के जरिये बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।

महामारी माने मरीज, मजदूर, मजबूरी, मौत,  मंदी और महंगाई

दीपक कुमार महामारी माने मरीज, मजदूर, मजबूरी, मौत, मदी और महंगाई। महामारी कोरोनावायरस के असर को इन सात शब्दों के जरिये बेहतर ढंग से...
टीवी चैनेल और अखबार से लोग अब परहेज क्यों करने लगे हैं। सच तो यह है कि क्यों कोई टीवी खोले और प्रायोजित खबरें-तस्वीरें देखे। यही मूल वजह है।

टीवी चैनेल और अखबार से लोग अब परहेज क्यों करने लगे हैं !

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अमित प्रकाश सिंह टीवी चैनेल और अखबार से लोग अब परहेज क्यों करने लगे हैं। सच तो यह है कि क्यों कोई टीवी खोले...

कोर्ट का फैसला कारगर हो पायेगा केजरीवाल के रहते?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार चाहे जितने भी दावे करे, लेकिन यह फैसला उलझन बढ़ाने वाला है। मसलन...

झारखंड में आज भी बनी हुई है हूल दिवस की प्रासंगिकता

संताल हूल दिवस दो दिन पहले ही मनाया गया। यानी अंग्रेजी ​हुकूमत के खिलाफ विद्रोह दिवस। वैसे तो भारतीय इतिहास में अंग्रेजी ​हुकूमत के...