प्रवासी मजदूरों को बीच मंझधार में छोड़ना महंगा पड़ेगा
पल्लवी प्रकाश
प्रवासी मजदूरों को बीच मंझधार में जिस तरह से सबने छोड़ दिया गया है, वह हम सबको बहुत महंगा पड़ेगा। उनके यागदान...
आपातकाल में जार्ज महज कूद-फांद कर रहे थे
आपातकाल के दरम्यान जार्ज फ़र्नान्डिस की गतिविधि का कोई अर्थ नहीं था। जैसे कोई युवा बगैर आगे-पीछे सोचे ‘थ्रील’ महसूस करने के लिए कुद-फाँद...
नहीं भूलती इमरजेंसी में विपक्षी नेताओं पर पुलिस की पहरेदारी
25 जून, 1975 को जब देश में आपातकाल लगा तो उस समय जार्ज फर्नांडीस ओडिशा में थे। अपनी पोशाक बदल कर जुलाई में जार्ज...
विपक्ष की भूमिका बदल गयी है, अच्छे की भी आलोचना
विपक्ष की भूमिका अब पहले जैसी नहीं। पूरी तरह बदल गयी है। सत्ता पक्ष के हर फैसले की आलोचना करना विपक्ष की भूमिका में...
भारत-चीन सैन्य झड़प: अतीत के आईने और भविष्य के मायने
भारत-चीन सैन्य झड़प की घटना पर हम खामोश रहते हैं। पाकिस्तान के साथ मामूली तनाव पर हम ताव में आते हैं, पर चीन के...
साहित्यकारों में आपसी सौहार्द का प्रतीक है, अज्ञेय व रेणु का संबंध
साहित्यकारों में आपसी सौहार्द्र का प्रतीक है, अज्ञेय और रेणु का यह संबंध। फणीश्वर नाथ रेणु के प्रति अज्ञेय के मन में काफी सम्मान...
मोरारजी देसाई खुद का बैठकखाना यानी घर नहीं बनवा सके थे
मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर
सुरेंद्र किशोर
मोरारजी देसाई खुद का बैठकखाना यानी घर नहीं बनवा सके थे, क्योंकि वेतन के पैसों से घर बनाना...
बेरोजगारी की मार से त्रस्त हैं देशभर के पत्रकार
लोकनाथ तिवारी
की रे किछू काजेर संधान पेली, छ मास धोरे घोरे बंदी होये पोड़े आची। (क्या रे कोई काम काज खोजा, छह महीने...
इंदिरा गांधी का चुनाव भ्रष्ट तरीके के आरोप में आज ही रद हुआ था
इंदिरा गांधी का चुनाव भ्रष्ट तरीके अपनाने के आरोप में 12 जून, 1975 को रद हुआ था। यही जजमेंट इमरजेंसी का कारण बना। इसलिए...
फाइटर संदीप सिंह के जज्बे की दास्तान सुनाती है सूरमा
आज भले ही क्रिकेट हमारे देश का सबसे लोकप्रिय खेल बन गया है, लेकिन हमारा राष्ट्रीय खेल तो हॉकी ही है। हॉकी में भारत...



















