मलिकाइन के पाती- देवी-देवता के पावर खतम हो गइल का मलिकार!

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पावं लागीं मलिकार। काल्ह सांझे से मन अइसन छउंछियाइल बा कि भर रात नीन ना आइल। फजीर होत रउरा के पाती लिखवावे बइठ गइल...
तेजस्वी यादव

RJD सवर्णों को साधने में जुटा, भूराबाल से किया किनारा

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पटना। बिहार फिलहाल दलित-पिछड़े और सवर्ण राजनीति के घनचक्कर में फंसा है। दलितों के प्रति लगभग सभी दलों का झुकाव हाल के दिनों में...
कोरोना संकट से निपटने में लगे लोगों के उत्सहवर्द्धन के लिए थाली बजाओ अभियान में शामिल बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (फाइल फोटो)

नरेंद्र मोदी के आह्वान पर घंटा बजा, पर किसके वास्ते?

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के. विक्रम राव नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भारत ने आज (22 मार्च 2020) संध्या पांच बजे ताली बजाई, थाली पीटी, घंटी घनघनाई और...
मृणाल सेन पर कृपाशंकर चौबे की किताब- ‘मृणाल सेन का छाया लोक’ आधार प्रकाशन, पंचकूला से प्रकाशित है। लोकार्पण स्वयं मृणाल सेन ने किया था।

मृणाल सेन पर कृपाशंकर चौबे की किताब- मृणाल सेन का छाया लोक

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मृणाल सेन पर कृपाशंकर चौबे की किताब- ‘मृणाल सेन का छाया लोक’ आधार प्रकाशन, पंचकूला से प्रकाशित है। लोकार्पण स्वयं मृणाल सेन ने किया...
बेरोजगारी पर बहस नयी नहीं, लेकिन सेन्टर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट ने बहस को नया जीवन दे दिया है।

आगरा के स्कूली छात्र की करामात, अश्लील फोटो डाली

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अनिल भास्कर आगरा में एक स्कूली छात्र ने अपने सहपाठी की फ़ोटो फेसबुक से निकाली और उसे फोटोशॉप के जरिये अश्लील बनाकर सोशल मीडिया...
बंगाल की कुछ ऐसी खबरें,जिन्हें आप जानना चाहेंगे। DYFI कार्यर्ताओं ने पुलिस वालों को आज दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। मौलाली का इलाका रण क्षेत्र बना रहा

आरक्षण का मक़सद समाज को मज़बूत करना है, कमजोर करना नहीं

प्राप्त सूचनाओं, जिनमे अटकलों से इंकार नहीं किया जा सकता, के अनुसार केंद्र सरकार राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग पर नए विधेयक लाने की तैयारी में है। चर्चा...
पांक्तेय भाषाविद्, ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी और कृती सम्पादक पंडित विद्यानिवास मिश्र (1926-2005) की स्मृति में उनके जन्म दिन नमन(14 जनवरी) के अवसर पर नमन!

पांक्तेय भाषाविद विद्यानिवास मिश्र का समारोहपूर्वक स्मरण

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कृपाशंकर चौबे पांक्तेय भाषाविद्, ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी और कृती सम्पादक पंडित विद्यानिवास मिश्र (1926-2005) की स्मृति में उनके जन्मदिन के अवसर पर नमन! उनकी केंद्रीय...

बुद्धिजीवियों के दिलों में अब भी बसते हैं कार्ल मार्क्स

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विगत 16 से 20 जून तक ,पटना में , कार्ल मार्क्स (5 . 5 . 1818 - 14 .3 . 1883 ) के दो...
रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं।

रामदेव शुक्लः व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ

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रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं। ‘बिहारी- सतसई...
महात्मा गांधी

दक्षिण अफ्रीका ने गांधी को राह दिखाई तो चंपारण ने मशहूर किया

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा मोहनदास करमचंद गांधी सिर्फ भारतीय उपमहाद्वीप के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता नहीं हैं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका सहित विश्व के कई अन्य...