नेहरू ने जम्मू-कश्मीर को पटेल के नियंत्रण से निकालकर इसे गोपाल स्वामी अयंगर के नियंत्रणाधीन दे दिया। इससे पटेल की भावनाएं गहराई से आहत हुईं।

पटेल ने जम्मू-कश्मीर के सवाल पर इस्तीफे की पेशकश कर दी थी

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नेहरू ने जम्मू-कश्मीर को पटेल के नियंत्रण से निकालकर इसे गोपाल स्वामी अयंगर के नियंत्रणाधीन दे दिया। इससे पटेल की भावनाएं गहराई से आहत...
संपूर्ण क्रांति का आह्वान करते जेपी ने भी पुलिस व सेना से कहा था कि वे असंवैधानिक आदेशों का उल्लंघन करें। तब उन्हें देशद्रोही कहा गया। आज वही अमेरिका में हो रहा है।

संपूर्ण क्रांति के लिए जेपी ने पुलिस से जो कहा, वही अमेरिका में हो...

संपूर्ण क्रांति का आह्वान करते जेपी ने भी पुलिस व सेना से कहा था कि वे असंवैधानिक आदेशों का उल्लंघन करें। तब उन्हें देशद्रोही...

जानिए क्यों चर्चा में है प्रिंस सिंह राजपूत की फिल्म इंडियन विराज

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5 अक्टूबर को हुई है फिल्म रिलीज पहले दिन ही मिली बंपर ओपनिंग पटना। कश्मीर में पत्थरबाजी की घटना पर आधारित भोजपुरी फिल्म इंडियन...
मध्यप्रदेश के सीएम पद से कमल नाथ का इस्तीफा

नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश में इतिहास दोहराने से खुद को बचाया

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नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश में इतिहास दोहराने से खुद को बचाया। वैसे आम मान्यता है कि इतिहास खुद को दोहराता है।  लेकिन मध्यप्रदेश...

भारत बंद में राजद के शामिल होने से सहम गयी है जनता: भाजपा

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पटना। 10 सितंबर को आयोजित भारत बंद में राजद के शामिल होने की घोषणा से ही बिहार की जनता सहम गयी है। पूर्व विधायक और प्रदेश भाजपा...
बिहार

बिहार की पॉलिटिक्स पर प्रेमकुमार मणि की बेबाक टिप्पणी

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लोकसभा चुनावों के अब कुछ ही महीने शेष हैं। स्वाभाविक है राजनीतिक चर्चाएं तेज होंगी। हो भी रही हैं। चौक-चौराहों, दफ्तरों से लेकर घरेलू...
गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है।

गणेश शंकर विद्यार्थी ने लिखा था- शंख और नमाज ही धर्म नहीं है

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गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है। शुद्धाचरण...
नेहरू ने जम्मू-कश्मीर को पटेल के नियंत्रण से निकालकर इसे गोपाल स्वामी अयंगर के नियंत्रणाधीन दे दिया। इससे पटेल की भावनाएं गहराई से आहत हुईं।

सरदार पटेल न होते तो भारत का विभाजन रोकना कठिन था

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा आज हम भारत का जो राजनीतिक मानचित्र देखते हैं, उसे इस रूप में ढालने में सबसे अधिक योगदान सरदार वल्लभ...
आपातकाल-पीड़ित लोगबाग हर साल इमरजेंसी की वर्षगांठ मनाते हैं। मनाना जरूरी भी है। क्योंकि 25 जून  1975 को इमरजेंसी लगाकर पूरे देश को एक बड़े जेलखाना में बदल दिया गया था। 23 मार्च 1977 को ही इसे समाप्त किया जा सका था, जब लोकसभा के आम चुनाव के बाद मोरारजी देसाई की सरकार बनी।

इमरजेंसी में बड़े नेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों को यातनाएं भी दी गयीं

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इमरजेंसी के दौरान बड़े नेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों को जेलों में ठूंस दिया गया। उन्हें कई तरह की शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गयीं। यह...
फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भिन्न भारतीय स्‍वरूपों के बीच खड़ा है। प्रेमचंद के बाद फणीश्‍वर नाथ रेणु को आंचलिक कथाकार माना गया है।

फणीश्वर नाथ रेणु ने कथा की अलग प्रणाली विकसित की

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फणीश्वर नाथ रेणु कथा की नैरेटिव या आख्यानक पद्धति के साथ नाटकीयता का समन्वय कर विरासत को कायम रखते हुए कथा की अलग प्रणाली...