जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं। जश्न मनाइए कि शराब की बोतलें लूटने नहीं, किसी भी कीमत में खरीदने के लिए आप पुलिस की गालियां-लाठियां खाने को भी तैयार-तत्पर हैं।

जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं

श्याम किशोर  चौबे जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं। जश्न मनाइए कि शराब की बोतलें लूटने नहीं, किसी भी कीमत में...
गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान सकते हैं कि देवताओं पर कितना लोड रहा होगा।

गांव में देवता तो गिनती के थे, पर बचपन में भूतों की भरमार थी

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अरविंद चतुर्वेद गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान...
मोटूरि सत्यनारायण आगरा में केंद्रीय हिदी संस्थान को भाषायी प्रयोजनीयता के केन्द्र के रूप में विकसित करना चाह रहे थे।

मोटूरि सत्यनारायण उत्तर-दक्षिण भाषा-सेतु के वास्तुकार थे

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मोटूरि सत्यनारायण आगरा में केंद्रीय हिदी संस्थान को भाषायी प्रयोजनीयता के केन्द्र के रूप में विकसित करना चाह रहे थे। वे प्रयोजनमूलक हिंदी आंदोलन...

पवन सिंह की दरियादिली,  111 रुपये में फिल्म बॉस साइन की

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भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह ने दरियादिली दिखाते हुए अपने बड़े भाई समान फिल्म मेकर प्रेम राय की अगली फिल्म बॉस मात्र...
अयोध्या में राम मंदिर के लिए ट्रस्ट का एलान

सवाल राम का नहीं, राम की कथा का सवाल है

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नरेंद्र अनिकेत अयोध्‍या में राम मंदिर के सवाल पर कई बार उबाल आ चुका है। अदालत भी इस सवाल में उलझी हुई है। लेकिन...
ओशो ने कहा था- निंदा रस का धंधा है तुम्हारी पत्रकारिता। पत्रकारों की दृष्टि ही मिथ्या हो जाती है। उनके धंधे का मतलब ही यह है कि जनता जो चाहती है, वह लाओ खोजबीन कर।

पुण्यतिथिः आधुनिक युग के  विद्रोही संन्यासी का नाम है ओशो

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नवीन शर्मा रजनीश, जो बाद में ओशो के नाम से जाने गये, वे आधुनिक भारत के सबसे चर्चित और और विवादास्पद आध्यात्मिक गुरु रहे...
लालू यादव से कम जातिवादी नहीं हैं नीतीश कुमार। राजनीति में जातीय रैली से ही इन्हें उभार मिला।

लालू यादव से कम जातिवादी नहीं हैं नीतीश कुमार

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लालू यादव से नीतीश कुमार कम जातिवादी नहीं हैं। लालू यादव को मंडल कमीशन से तो नीतीश कुमार को जातीय रैली से उभार मिला।...

बुद्धिजीवियों के दिलों में अब भी बसते हैं कार्ल मार्क्स

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विगत 16 से 20 जून तक ,पटना में , कार्ल मार्क्स (5 . 5 . 1818 - 14 .3 . 1883 ) के दो...
बिहार में इलेक्शन भले खत्म हो गया, लेकिन सियासी गर्मी अब भी बरकरार है। बिहार में राज्यसभा की एक सीट पर चुनाव होना है। एलजेपी नेता रामविलास पासवान के निधन से यह सीट खाली हुई है।

रामविलास पासवान सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे 

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रामविलास पासवान आज पंचतत्व में विलीन हो गये, लेकिन कई लोगों को कई यादें छोड़ गये हैं। कोई उनकी सज्जनता तो कई लोग उनकी...

जन्मदिन पर विशेषः वाह जाकिर हुसैन, बोलिए जनाब!

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नवीन शर्मा  जिन दिनों अपने देश में सिर्फ दूरदर्शन ही एकमात्र टीवी चैनल हुआ करता था। उस दौरान टीवी पर ताजमहल चायपत्ती का एक विज्ञापन...