मध्यप्रदेश के सीएम पद से कमल नाथ का इस्तीफा

नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश में इतिहास दोहराने से खुद को बचाया

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नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश में इतिहास दोहराने से खुद को बचाया। वैसे आम मान्यता है कि इतिहास खुद को दोहराता है।  लेकिन मध्यप्रदेश...

एम.ओ. मथाई की नेहरू पर लिखी पुस्तक से हटेगा प्रतिबंध?

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एम.ओ. मथाई की जवाहर लाल नेहरू पर लिखी पुस्तक से क्या प्रतिबंध हटेगा? इसकी संभावना दैनिक भास्कर के स्तंभकार डा. भरत अग्रवाल के स्तंभ...
बाउल सम्राट पद्मश्री पूर्णचंद्र दास ने कहा था- बड़े बाउल गायकों के साथ बाउल संगीत काफी कुछ खत्म हो गया है। तीन-चार घराने हैं जो अब भी वीरभूम में हैं।

बाउल गायकों के साथ बाउल संगीत भी अब काफी कुछ खत्म हो गया है

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बाउल सम्राट पद्मश्री पूर्णचंद्र दास ने कहा था- बड़े बाउल गायकों के साथ बाउल संगीत काफी कुछ खत्म हो गया है। तीन-चार घराने हैं...

बिहार को आगे बढ़ाने में केंद्र निभा रहा ऐतिहासिक भूमिका: राजीव रंजन

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पटना। बिहार के विकास के लिए केंद्र सरकार को प्रतिबद्ध बताते हुए भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने बिहार के हो...
‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता सामग्री में मंहगाई नहीं सताती। इसलिए अभी और मंहगाई के लिए तैयार ही रहें श्रीमान ! यह कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

बहुत हुई मंहगाई की मार, अब तो बख्श दीजिए सरकार !

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श्याम किशोर चौबे ‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता...
आर्थिक उदारीकरण ने बाजार को विस्तार दिया तो इस विस्तार ने मीडिया हाउसों की ऊंची उड़ान के लिए आसमान खोल दिया। स्थानीय संस्करण शुरू हुए।

मीडिया हाउस प्रधानमंत्री की अपील के बाद भी संवेदना नहीं दिखा रहे !

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जरूरी संसाधन तक नहीं दिए रिपोर्टर-कैमरामैन को ट्रांसफर कर नौकरी छोड़ने का बना रहे हैं ये दबाव मीडिया हाउस प्रधानमंत्री की अपील के बाद...

प्राण की बलि भले न हो, पर मानसिक बलि ले रहा ME TOO अभियान

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आयातित विदेशी सामान आदमी के पास रहे तो वह इतराता-इठलाता है। समाज में रौब दिखाता है। लेकिन विदेश में जन्म लेकर जब MEE TOO...
संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब के बड़े व मशहूर केंद्र होते थे।

संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का बड़ा योगदान रहा

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ध्रुव गुप्त संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब...

फिल्म समीक्षाः बाला साहेब की तरह ही बेबाक है ठाकरे

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नवीन शर्मा आजकल हिंदी सिनेमा में बायोपिक का दौर चल रहा है। इसकी लेटेस्ट फिल्म है ठाकरे। इसके कुछ हफ्ते पहले ही मनमोहन सिंह...
वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों- संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था.

जयप्रकाश जी ने कहा था- आग तो तुम्हारी कुर्सियों के नीचे सुलग रही है

जयप्रकाश जी ने कहा था- आग तो तुम्हारी कुर्सियों के नीचे सुलग रही है। वह तारीख थी 5 जून, 1974। उसी दिन उन्होंने संपूर्ण...