महात्मा गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के पल-पल की जरूरत बन चुका है।

गांधी का चिंतन-सोच और जीवन पद्धति ही हमारा मार्गदर्शक  है

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हरिवंश गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के...
चीन के हमले के वक्त भारतीय कम्युनिस्टों की बड़ी जमात चीन के साथ थी और शाहीन बाग आंदोलन में भी एक पड़ी जमात आंदोलकारियों के साथ है

भारतीय कम्युनिस्टों की बड़ी जमात हमले के वक्त चीन के साथ थी

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सुरेंद्र किशोर भारतीय कम्युनिस्टों की एक बड़ी जमात ने 1962 में इस देश (भारत) पर जब चीन ने हमला हुआ तो चीन का साथ...

बिहार में लोक सभा चुनाव को लेकर बिछने लगी जातीय विसात

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भारत में बिहार का इतिहास विविध में से एक है। प्राचीन बिहार, जो कि मगध के रूप में जाना जाता था, 1000 वर्षो तक...
आलोक तोमर अपनी पत्नी को बेहद प्यार करते थे। शादी से पहले सुप्रिया के प्रति उनके प्रेम के कई किस्से हैं। आलोक तोमर के ऐसे किस्से सामने आये हैं।

आलोक तोमर की यादः अगर मैंने किसी के होंठ के पाटल कभी चूमे

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आलोक तोमर पत्रकारिता के उन पात्रों में शुमार हैं, जिनका जिक्र वरिष्ठ पत्रकार-साहित्यकार हरीश पाठक की संस्मरणों पर आधारित पुस्तक में है। पुस्तक शीघ्र...
दूरदर्शन पर चल रहे हिंदी धारावाहिक 'उत्तर रामायण' की कल रात अंतिम कड़ी देखकर मन अत्यंत भावुक हो गया। अपनी पवित्रता की सफ़ाई देने की जगह सीता ने पृथ्वी से अपने को अपनी गोद में ले लेने की  प्रार्थना  की, मन हिल गया।

सीता ने पृथ्वी से अपने को अपनी गोद में ले लेने की जब प्रार्थना  की

  गोपेश्वर सिंह दूरदर्शन पर चल रहे हिंदी धारावाहिक 'उत्तर रामायण' की कल रात अंतिम कड़ी देखकर मन अत्यंत भावुक हो गया। अपनी पवित्रता की...

कुलदीप नैयर को श्रद्धांजलिः आप जानते हैं, वह मुल्जिम कौन था?

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मिथिलेश कुमार सिंह फर्ज करिये, देश में इमरजेंसी लगी है। आपके सोचने- समझने, लिखने- पढ़ने की आजादी पर पहरे बिठा दिये गये हैं।...

नवरात्र पर विशेषः जगदम्बा मंदिर, जहां होती हैं भक्तों की मुरादें पूरी

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लखीसराय। बड़हिया का विख्यात मां बाला त्रिपुरसुन्दरी जगदम्बा मंदिर श्रद्धालुओं के आस्था और विश्वास का केन्द्र बना हुआ है। ऐसी मान्यता है कि मां...
एक्नटर जीर हुसैन

भोजपुरी की पहली फिल्म- ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’

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वीर विनोद छाबड़ा   भोजपुरी की पहली फिल्म 'गंगा मैया तोहे पिहरी चढ़इबो' के पीछे जिनका हाथ था, वह थे नजीर हुसैन। भोजपुरी सिनेमा के...
अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी बतायी है वरिष्ठ पत्रकार उनेश चतुर्वेदी ने। लिखा है

अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी

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उमेश चतुर्वेदी अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी बतायी है वरिष्ठ पत्रकार उनेश चतुर्वेदी ने। लिखा है- कुछ साल...
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर भी इसका कई जगहों पर बेतुका विरोध हो रहा है।

क्वारंटाइन से इतना भय क्यों, यह काला पानी जैसी कोई सजा नहीं है

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क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर...