प्रमोद प्रेमी की फिल्‍म ‘हम किसी से कम नहीं’ की शूटिंग शुरू

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पटना। भोजपुरी एक्‍टर प्रमोद प्रेमी की भोजपुरी फिल्‍म ‘हम किसी से कम नहीं’ की शूटिंग शुरू हो गयी है। फिल्‍म का निर्माण डिस्‍कवरी फिल्‍म्‍स इंटरनेशनल...

हिंदी सिनेमा को साहित्य से जोडऩेवाली कड़ी बिमल राय

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भारतीय सिनेमा को उत्कृष्ट ऊंचाई पर ले जाने वाले प्रारंभिक निर्देशकों में बिमल रॉय सबसे अव्वल माने जाते हैं। 12 जुलाई, 1909 में बांग्लादेश...

और गांव की गंध छोड़ चल पड़े काली के देस कामाख्या

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बहुतेरे पाठक ओमप्रकाश अश्क के वर्तमान से तो परिचित हैं, पर उनका अतीत कितना संघर्षपूर्ण रहा है, इसकी झलक उनकी प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर...
महात्मा गांधी

महात्मा गांधी के धुर विरोधी सी आर दास कैसे उनके मुरीद बन गये

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महात्मा गांधी के धुर विरोधी सी आर दास कैसे उनके मुरीद बन गये, बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह। गांधी में अपनी...
वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों- संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था.

जयप्रकाश नारायण ने जब इंटरव्यू में कहा- मुझे कौन पूछता है!

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जयप्रकाश नारायण (जेपी) अपने आखिरी दिनों में काफी उदास थे। केंद्र व राज्य में जनता पार्टी की सरकारें बनने के बाद अपने साक्षात्कार में...

अभिनेत्री शिविका दीवान को भाने लगी हैं भोजपुरी फिल्में

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अनूप नारायण सिंह पटना। भोजपुरी सिनेमा का वर्तमान दौर तेजी से बदल रहा है और उस बदलाव में प्रतिभा संपन्न और खूबसूरत अभिनेत्रियों का...
आलोक तोमर अपनी पत्नी को बेहद प्यार करते थे। शादी से पहले सुप्रिया के प्रति उनके प्रेम के कई किस्से हैं। आलोक तोमर के ऐसे किस्से सामने आये हैं।

आलोक तोमर की यादः सुप्रिया के प्रेम में आकंठ डूब गया था

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आलोक तोमर अपनी पत्नी को बेहद प्यार करते थे। शादी से पहले सुप्रिया के प्रति उनके प्रेम के कई किस्से हैं। आलोक तोमर के...
मुगल-ए-आजम वह फिल्म थी, जो सबके सर चढ़ कर बोली थी। साठ साल पहले। सन साठ में। महीना था अगस्त। तारीख थी पांच। रिलीज हुई थी यह फिल्म।

मुगल-ए-आजम भारतीय सिनेमा की पेशानी पर लिखी गई इबारत

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मृत्युंजय मुगल-ए-आजम वह फिल्म थी, जो सबके सर चढ़ कर बोली थी। साठ साल पहले। सन साठ में। महीना था अगस्त। तारीख थी पांच।...
अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी बतायी है वरिष्ठ पत्रकार उनेश चतुर्वेदी ने। लिखा है

अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी

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उमेश चतुर्वेदी अवसाद और आत्महत्या के बहाने एक इंटर्न लड़की की दिलचस्प कहानी बतायी है वरिष्ठ पत्रकार उनेश चतुर्वेदी ने। लिखा है- कुछ साल...

भारत बंद में राजद के शामिल होने से सहम गयी है जनता: भाजपा

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पटना। 10 सितंबर को आयोजित भारत बंद में राजद के शामिल होने की घोषणा से ही बिहार की जनता सहम गयी है। पूर्व विधायक और प्रदेश भाजपा...