शरद पूर्णिमा 13 अक्टूबर को, मनोकामना पूर्ति के लिए करें ये उपाय

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शरद पूर्णिमा इस साल 13 अक्टूबर को है। मनोकामना की पूर्ति के लिए जातक राशि के अनुरूप उपाय करने से मनोकामना सिद्धि हो सकती...
आपातकाल-पीड़ित लोगबाग हर साल इमरजेंसी की वर्षगांठ मनाते हैं। मनाना जरूरी भी है। क्योंकि 25 जून  1975 को इमरजेंसी लगाकर पूरे देश को एक बड़े जेलखाना में बदल दिया गया था। 23 मार्च 1977 को ही इसे समाप्त किया जा सका था, जब लोकसभा के आम चुनाव के बाद मोरारजी देसाई की सरकार बनी।

इमरजेंसी में बड़े नेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों को यातनाएं भी दी गयीं

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इमरजेंसी के दौरान बड़े नेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों को जेलों में ठूंस दिया गया। उन्हें कई तरह की शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गयीं। यह...
सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं खासकर हिन्दी की विदाई होने लगी है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में हिन्दी के प्रति छात्रों का आकर्षण घटेगा। नौकरी न मिले तो फिर हिन्दी कोई पढ़े क्यों।

सरकारी सेवाओं से आहिस्ता-आहिस्ता होती जा रही हिन्दी की विदाई

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अमरनाथ सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं खासकर हिन्दी की विदाई होने लगी है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में हिन्दी के प्रति छात्रों का आकर्षण...
अयोध्या में राम मंदिर के लिए ट्रस्ट का एलान

सवाल राम का नहीं, राम की कथा का सवाल है

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नरेंद्र अनिकेत अयोध्‍या में राम मंदिर के सवाल पर कई बार उबाल आ चुका है। अदालत भी इस सवाल में उलझी हुई है। लेकिन...

नवरात्र पर विशेषः जगदम्बा मंदिर, जहां होती हैं भक्तों की मुरादें पूरी

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लखीसराय। बड़हिया का विख्यात मां बाला त्रिपुरसुन्दरी जगदम्बा मंदिर श्रद्धालुओं के आस्था और विश्वास का केन्द्र बना हुआ है। ऐसी मान्यता है कि मां...
अम्फान और निसर्ग जैसी आपदा तो झांकी है, बड़े खतरे अभी बाकी हैं। आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि पर्यावरण का क्षरण मानव समाज के अस्तित्व के लिए खतरा बन रहा है।

अम्फान और निसर्ग जैसी आपदा तो झांकी है, बड़े खतरे अभी बाकी हैं

अम्फान और निसर्ग जैसी आपदा तो झांकी है, बड़े खतरे अभी बाकी हैं। आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि पर्यावरण का क्षरण...
लीला चिटणीस

फिल्मों में माताओं की माता की पहचान थी लीला चिटणीस की 

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वीर विनोद छाबड़ा  फिल्मों में माताओं की माता की पहचान थी लीला चिटणीस की। एक झोंपड़ीनुमा मकान में खाट पर लेटी मरियल-सी खांसती हुई...
अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चनः मोस्ट एनर्जेटिक, डेडिकेटेड, डिसिप्लिन्ड एक्टर

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नवीन शर्मा अमिताभ बच्चन मेरे ही नहीं, मेरी पीढ़ी सहित कई पीढियों के सुपर स्टार हैं। उनको यह सफलता यूं ही नहीं मिली है।...
प्रवासी मजदूरों को बीच मंझधार में छोड़ना महंगा पड़ेगा। बता रहीं हैं पल्लवी प्रकाश

प्रवासी मजदूरों को बीच मंझधार में छोड़ना महंगा पड़ेगा

पल्लवी प्रकाश प्रवासी मजदूरों को बीच मंझधार में जिस तरह से सबने छोड़ दिया गया है, वह हम सबको बहुत महंगा पड़ेगा। उनके यागदान...
देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे। ललित सुरजन पत्रकारिता और सर्वोच्च इंसानी मान्यताओं के अजातशत्रु थे। ललित सुरजन जी  चले गए।

देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे, एक अजात शत्रु का जाना

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शेष नारायण सिंह देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे। ललित सुरजन पत्रकारिता और सर्वोच्च इंसानी मान्यताओं के अजातशत्रु थे। वे पत्रकारिता के अजातशत्रु...