महामारी माने मरीज, मजदूर, मजबूरी, मौत, मंदी और महंगाई
दीपक कुमार
महामारी माने मरीज, मजदूर, मजबूरी, मौत, मदी और महंगाई। महामारी कोरोनावायरस के असर को इन सात शब्दों के जरिये बेहतर ढंग से...
अंग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी, पर भारत उसी ढर्रे पर चलता रहा
हरे राम कात्यायन
अंग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी। भारत को अपने ढंगा से सजने-संवरने और अपने नियम-कानून से देश चलाने का अवसर मिल गया।...
पांडवों ने स्थापित की थी आरा में मां आरण्य देवी की प्रतिमा
आरा। आरण्य देवी की पूजा यहां प्राचीन काल से हो रही है। मान्यता है कि देवी की स्थापना धर्मराज युद्धिष्ठिर ने की थी। इसे...
बर्थडे स्पेशलः जावेद अख्तर, शब्दों की जादूगरी वाली शख्सियत
नवीन शर्मा
जावेद अख्तर का जन्म 17 जनवरी 1945 को ग्वालियर में हुआ था। उनके पिता जानिसार अख्तर प्रसिद्ध प्रगतिशील कवि और माता सफिया अख्तर मशहूर उर्दू लेखिका तथा शिक्षिका थीं।...
उपेंद्र कुशवाहा रहेंगे एनडीए में, लेकिन खटिया खड़ी करते रहेंगे
पटना। लोकसभा में तीन सदस्यों वाली पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालेसपा) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा बार-बार दोहरा रहे हैं कि वह एनडीए में थे,...
कोरोना संक्रमण शहरों से बढ़ा अब गांवों की ओर……
डॉ. संतोष मानव
कोरोना संक्रमण शहरों से अगर गांवों तक पहुंच गया, तो क्या होगा? हाहाकार और क्या? इस हाहाकार के लक्ष्ण दिखने भी...
श्रीभगवान सिंहः गाँधीवादी अध्येता और आलोचक
अमरनाथ
श्रीभगवान सिंह, गाँधीवादी आलोचक का जन्म बिहार के सीवान जिले के निखती कलाँ गांव में हुआ। वे खुद को गाँधीवादी कहने में गर्व...
डॉ. अम्बेडकर ने ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला और समाज में एकता पर दिया जोर
कृपाशंकर चौबे
डॉ. अम्बेडकर ने चार फरवरी 1956 को साप्ताहिक ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला। हर अंक में पत्रिका के शीर्ष की दूसरी पंक्ति में लिखा...
आर्टिस्टिक फैशन वीक में बिहारी डिजाइनर कपड़ों की मचेगी धूम
पटना। बिहार हमेशा से कुछ नया, कुछ उम्दा और कुछ अलग करने के लिए जाना जाता है। बिहार की कला-संस्कृति जितनी समृद्ध है, उतने...
कोरोना के बहाने बिदेेसिया की याद- अंखियां से दिन भर गिरे लोर ढर-ढर
कोरोना के बहाने बिदेसिया और इसके रचनाकार भिखारी ठाकुर को लेखक ने कुछ इस तरह याद किया है- अंखियां से दिन भर गिरे लोर...




















