समस्तीपुर में सीने पर कलश रख महिला कर रही है नवरात्र की पूजा
पुत्र की मृतु के उपरांत भगवती से मांगी थी पुत्र की मन्नत
दोबारा पुत्र पैदा होने पर सीने पर कलश रख शुरू किया...
सड़ गई है हमारी जाति व्यवस्था
भारतीय समाज में जाति व्यवस्था का काफी महत्व रहा है। ऐतिहासिक विकास क्रम में इसका भी विस्तार होता चला गया है। जाति व्यवस्था के...
भाजपा की हालत- दुविधा में दोनों गए, माया मिली न राम
विजय झा
कमोबेश यही स्थिति आज भाजपा की है। भाजपा ने लगातार नए Vote Bank की तलाश में अपने स्थायी Vote Bank- सवर्णों को...
पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं
के विक्रम राव
पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं। हालांकि ब्रिटिश राज के खात्मे के सात दशक बीत गये। फिर...
लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल
नवीन शर्मा
लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल। निरंकुश राजतंत्र की तुलना में लोकतंत्र काफी अच्छी व्यवस्था है। यह शासन व्यवस्था को निरंकुश...
हाकी खिलाड़ी ध्यानचंद ने जब हिटलर को करारा जवाब दिया
हाकी खिलाड़ी ध्यानचंद ने जब हिटलर को करारा जवाब दिया, वह काफी रोमांचकारी है। संवाद पढ़कर आप भी बोल उठेंगे वाह, क्या करारा जवाब...
भोजपुरी की पहली फिल्म- ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’
वीर विनोद छाबड़ा
भोजपुरी की पहली फिल्म 'गंगा मैया तोहे पिहरी चढ़इबो' के पीछे जिनका हाथ था, वह थे नजीर हुसैन। भोजपुरी सिनेमा के...
एक स्वामी जो मेरा कभी संपादक हुआ करता था यानी माधवकांत मिश्र
नागेंद्र प्रताप
एक ऐसा स्वामी जो मेरा कभी सम्पादक हुआ करता था यानी माधवकांत मिश्र। वह कोई और नहीं, बल्कि अपने जमाने के मशहूर...
और गांव की गंध छोड़ चल पड़े काली के देस कामाख्या
बहुतेरे पाठक ओमप्रकाश अश्क के वर्तमान से तो परिचित हैं, पर उनका अतीत कितना संघर्षपूर्ण रहा है, इसकी झलक उनकी प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर...
लालू यादव तो भ्रष्ट साबित हो चुके हैं, फिर भी उनके इतने दीवाने क्यों...
जे.एन. ठाकुर
लालू यादव के लिए पिछड़ी जाति के लोग काफी मायने रखते हैं। पिछड़ी जाति के लोगों के लिए उन्होंने सामाजिक न्याय का...




















