संपूर्ण क्रांति की याद दिलाता इंदिरा गांधी का आपातकाल

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आपातकाल जिन परिस्थितियों में लगा या इंदिरा गांधी ने लगाया, उसकी बड़ी वजह जयप्रकाश नारायण की अगुआई में छिड़ा छात्र आंदोलन था। उस आंदोलन...

बर्थडे स्पेशलः हिस्ट्री में फेल, पर पीरियड फिल्मों में पास हुए गोवारिकर

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नवीन शर्मा  लगान फिल्म में  भुवन बने आमिर खान अधिकतर लोगों को जरूर याद होंगे। भले ही इस बेहतरीन फिल्म के डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर...

मलिकाइन के पाती- बेमन के बियाह कनपटी ले सेनुर

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पावं लागीं मलिकार। परब-तेउहार एने एतना पर गइल हा मलिकार कि रउरा जरी पाती पठावे में तनी देरी हो गइल। हम जानी ले कि...

फिल्म समीक्षाः बाला साहेब की तरह ही बेबाक है ठाकरे

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नवीन शर्मा आजकल हिंदी सिनेमा में बायोपिक का दौर चल रहा है। इसकी लेटेस्ट फिल्म है ठाकरे। इसके कुछ हफ्ते पहले ही मनमोहन सिंह...
भारत यायावर

भारत यायावर अच्छे कवि के साथ ही संपादन कला में भी दक्ष

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भारत यायावर अच्छे कवि के साथ ही संपादन कला में भी दक्ष हैं। भारत यायावर ने महावीर प्रसाद द्विवेदी रचनावली का संपादन बहुत श्रम...
स्तंभकार राजनाथ सिंह सूर्य

पत्रकारिता के एक सूर्य का अस्त हो जाना यानी राजनाथ सिंह का जाना

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पत्रकारिता के एक सूर्य का अस्त हो जाना यानी राजनाथ सिंह का जाना। उनके निधन पर पत्रकारिता से सरोकार रखने वाले दुखी हैं तो...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना तो जाएगा, चाहे जब जाए, अभी तो इसने तबाही मचा रखी है

कोरोना तो जाएगा, चाहे जब जाए, मगर अभी तो इसने तबाही मचा रखी है। न्यूयार्क से खबर है, मुर्दों के लिए कब्र नहीं हैं।...
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी

छह साल से लोहे का कारोबार कर रहे हैं तेजस्वीः मोदी

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पटना। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव न सिर्फ अरबों की जमीन के मालिक हैं, बल्कि लोहा के...
भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को हुआ था।

भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी

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कृपाशंकर चौबे भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को...
जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद आजीवन वे तामझाम व दिखावे से दूर रहे।

जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है

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सुशील कुमार मोदी जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद आजीवन वे तामझाम व...