लव जेहाद और लव मैरेज के फर्क को समझिए, तब विरोध कीजिए। लव जेहाद पर इनदिनों देश में घमासान मचा हुआ है। विपक्ष के कई दल इसके खिलाफ हैं।

लव जेहाद और लव मैरेज के फर्क को समझिए, तब विरोध कीजिए 

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लव जेहाद और लव मैरेज के फर्क को समझिए, तब विरोध कीजिए। लव जेहाद पर इनदिनों देश में घमासान मचा हुआ है। विपक्ष के...

जयंती पर विशेषः पंचम दा शानदार संगीत के लिए शुक्रिया!

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नवीन शर्मा राहुल देव बर्मन मशहूर संगीत निर्देशक एसडी बर्मन की इकलौती संतान थे। जब पिता किसी क्षेत्र में काफी शोहरत हासिल कर लेता...
कल से पितृ पक्ष है। पितरों का तर्पण कल से शुरू होगा। पितृपक्ष में कुश की जरूरत पड़ती है।गया में पिंडदान का काफी महत्व है

बिहार में मैं अपना अगला जन्म लूंगा, कह रहे पत्रकार शंभुनाथ शुक्ल

शंभूनाथ शुक्ल बिहार में मैं अपना अगला जन्म लूंगा, क्योंकि बिहार के लोग बड़े मोहिल होते हैं। आदमी-औरतें सभी। पिछले वर्ष पटना प्रवास में...
25 जून भारतीय राजनीति में एक उल्लेखनीय तारीख है। इसी रोज 1975 में, तत्कालीन इंदिरा सरकार ने इमरजेंसी लगाई थी। दरअसल वह आपातकाल नहीं, आतंककाल था।

राजनीति का नाम सुनते ही अब घिन्न क्यों आती है

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राजनीति का नाम सुनते ही अब घिन्न आती है। लेकिन नयी पीढ़ी भले अनजान हो, सच यह है कि राजनीति में पहले ऐसे लोग भी हुए...
और कितने दशक लगेंगे? कब तक बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों पर वंशवादी-परिवारवादी नेताओं के वंशज काबिज हो जाएंगे?

कल्पना कीजिए उस दिन की, जब विधायिकाएं परिजनों से भर जाएंगी 

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आज के लोकतंत्र का कोई ‘महाराजा’ प्रधानमंत्री और ‘राजा’ मुख्य मंत्री बन जाएगा! सुरेंद्र किशोर और कितने दशक लगेंगे? कब तक बिहार विधानसभा की सभी...

भोजपुरी गीतों को नया आयाम दे रही है भोजपुर की बेटी बेबी काजल

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पटना। बिहार के भोजपुर जिले के आरा की माटी से ताल्लुक रखने वाली बेबी काजल भोजपुरी की एक ऐसी गायिका के तौर पर अब...
लालू यादव से कम जातिवादी नहीं हैं नीतीश कुमार। राजनीति में जातीय रैली से ही इन्हें उभार मिला।

लालू यादव से कम जातिवादी नहीं हैं नीतीश कुमार

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लालू यादव से नीतीश कुमार कम जातिवादी नहीं हैं। लालू यादव को मंडल कमीशन से तो नीतीश कुमार को जातीय रैली से उभार मिला।...

दंगा रोकने निकले पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी का मिला था शव

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जयंती पर विशेष नवीन शर्मा कलम की ताकत क्या होती है और निडर और निष्पक्ष पत्रकारिता किस तरह की जा सकती है, इसकी प्रेरणा हम...
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को याद करते हुए। बलिया से उठा, बुलन्दी छू गया। ठेठ, खुद्दार, गंवई अक्स, खादी की सादगी में मुस्कुराता चेहरा। अब नही दिखेगा।

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए

Chanchal Bhu पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को याद करते हुए। बलिया से उठा, बुलन्दी छू गया। ठेठ, खुद्दार, गंवई अक्स, खादी की सादगी में मुस्कुराता...
साहित्यकारों में आपसी सौहार्द का प्रतीक है, फणीश्वर नाथ रेणु व सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय का संबंध

साहित्यकारों में आपसी सौहार्द का प्रतीक है, अज्ञेय व रेणु का संबंध

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साहित्यकारों में आपसी सौहार्द्र का प्रतीक है, अज्ञेय और रेणु का यह संबंध। फणीश्वर नाथ रेणु के प्रति अज्ञेय के मन में काफी सम्मान...