अंग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी, पर भारत उसी ढर्रे पर चलता रहा
हरे राम कात्यायन
अंग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी। भारत को अपने ढंगा से सजने-संवरने और अपने नियम-कानून से देश चलाने का अवसर मिल गया।...
भारतीय भाषाओं की प्रतिष्ठा के अथक सेनानी थे बलदेव बंशी
भारतीय भाषाओं को प्रतिष्ठा दिलाने के अथक सेनानी रहे हैं बलदेव बंशी। यूपीएससी की परीक्षाओं में भारतीय भाषाओं को उन्होंने हक दिलाया। आइए, जानते...
क्वारंटाइन से इतना भय क्यों, यह काला पानी जैसी कोई सजा नहीं है
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर...
महेन्दर मिसिर की पुण्यतिथि पर : विवादों से भरी एक गीत-यात्रा
महेन्दर मिसिर की आज पुण्यतिथि है। भोजपुरी साहित्य जगत में दो नाम आते हैं-भिखारी ठाकुर और महेन्दर मिसिर। भिखारी ठाकुर जहां नाट्य गीतों के...
पत्रकारिता यह है, जो ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के संतोष सिंह ने की है
सुरेंद्र किशोर
पत्रकारिता इसे कहते हैं, जो ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के संतोष सिंह ने की है। इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार ने बिहार में कोविड जांच घोटाला...
यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत ने रामकथा लिखी
संजय कृष्ण
यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत फादर कामिल बुल्के ने रामकथा लिखी। यह वही रांची है, जहां राष्ट्रकवि दिनकर ने...
देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान…गीत और हामिद
वीर विनोद छाबड़ा
देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान कितना बदल गया इंसान...! आपने 'नास्तिक' (1954) का ये गाना ज़रूर सुना...
अनंतराम त्रिपाठी का निधन, हिंदी के प्रचार के लिए समर्पित रहे
कृपाशंकर चौबे
अनंतराम त्रिपाठी का निधन हो गया। हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित जीवन रहा है अनंतराम त्रिपाठी का। आज प्रातः साढ़े चार...
गुरुदत्त की मुफलिसी की कहानी है क्लासिक फिल्म- ‘प्यासा’
वीर विनोद छाबड़ा
गुरुदत्त की मुफलिसी की कहानी है क्लासिक फिल्म- 'प्यासा'। क्लासिक फिल्म- 'प्यासा' और ग्रेट मैन गुरुदत्त। यह कहीं से भी अतिशयोक्ति...
आलोक तोमर की यादः अगर मैंने किसी के होंठ के पाटल कभी चूमे
आलोक तोमर पत्रकारिता के उन पात्रों में शुमार हैं, जिनका जिक्र वरिष्ठ पत्रकार-साहित्यकार हरीश पाठक की संस्मरणों पर आधारित पुस्तक में है। पुस्तक शीघ्र...



















