मलिकाइन के पातीः पोखरा में मछरी, नौ-नौ कुटिया बखरा

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पावं लागीं मलिकार। पाती में तनिका देर हो गइल। जानते बानी बरखा-बूनी के सीजन चलता। कवनो लिखनीहार ना भेंटात रहले हां सन। हार-पाछ के...
शिक्षा नीति- 2020

शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है

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प्रो. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है। भारतीय शिक्षा में भाषा की भूमिका उसके...

भगवान शिव सबको इतने नीक क्यों लगते हैं?

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शिव क्यों नीक लगते हैं? सोचा कभी कि शिव-भक्त क्यों विष्णु-द्रोही होते हैं? सारे असुर, रावण से लेकर! युगों पूर्व शैव तथा वैष्णव झगड़ते...
जुगनू शारदेय चले गये। अपने जमाने के नामी पत्रकार। स्वाभीमानी और संयत. अंतिम दिनों में उनका अकेलापन, उनके जाने से दुखी नहीं करता।

जुगनू शारदेय नहीं रहे, सोशल मीडिया पर छायी निधन की सूचना

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जुगनू शारदेय चले गये। अपने जमाने के नामी पत्रकार। स्वाभीमानी और संयत. अंतिम दिनों में उनका अकेलापन, उनके जाने से दुखी नहीं करता। इसलिए...

बर्थ डे स्पेशलः मैं पल दो पल का शायर हूं के कलमकार साहिर

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नवीन शर्मा अमिताभ बच्चन की फिल्म कभी-कभी का गीत मैं पल दो पल का शायर हूं हम में से कई लोग गुनगुनाते हैं। यह...
आपातकाल-पीड़ित लोगबाग हर साल इमरजेंसी की वर्षगांठ मनाते हैं। मनाना जरूरी भी है। क्योंकि 25 जून  1975 को इमरजेंसी लगाकर पूरे देश को एक बड़े जेलखाना में बदल दिया गया था। 23 मार्च 1977 को ही इसे समाप्त किया जा सका था, जब लोकसभा के आम चुनाव के बाद मोरारजी देसाई की सरकार बनी।

इसलिए जरूरी है आपातकाल के दिनों को याद रखना !

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सुरेंद्र किशोर  आपातकाल-पीड़ित लोगबाग हर साल इमरजेंसी की वर्षगांठ मनाते हैं। मनाना जरूरी भी है। क्योंकि 25 जून  1975 को इमरजेंसी लगाकर पूरे देश...
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर भी इसका कई जगहों पर बेतुका विरोध हो रहा है।

क्वारंटाइन से इतना भय क्यों, यह काला पानी जैसी कोई सजा नहीं है

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क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर...

पुण्य तिथि पर विशेषः राम मनोहर लोहिया एक फ़कीर

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के. विक्रम राव दौर अभी बाकी था, मकता अभी अधूरा रह गया। कहते कहते वह सो गया, तो सुनने वालों को सन्नाटे ने चौंका...
चन्द्रशेखर जी की दाढ़ी का राज, आप नहीं जानते तो जान लीजिए

चन्द्रशेखर जी की दाढ़ी का राज, आप नहीं जानते तो जान लीजिए

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चन्द्रशेखर जी की दाढ़ी का राज, आप नहीं जानते तो जान लीजिए। रोज दाढ़ी बनवाने के शौकीन चन्द्रशेखर ने दाढ़ी रखनी क्यों शुरू कर...
फिल्म रण का सेकेंड लुक

आनंद ओझा-काजल राघवानी की फिल्म ‘रण’ के सेकंड लुक

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पटना। आनंद ओझा-काजल राघवानी की फिल्म 'रण' के सेकंड लुक जारी हो गये हैं। पोस्टर में लीड एक्ट्रेस काजल राघवानी का लुक रिवील हुआ...