जुगनू शारदेय चले गये। अपने जमाने के नामी पत्रकार। स्वाभीमानी और संयत. अंतिम दिनों में उनका अकेलापन, उनके जाने से दुखी नहीं करता।

जुगनू शारदेय नहीं रहे, सोशल मीडिया पर छायी निधन की सूचना

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जुगनू शारदेय चले गये। अपने जमाने के नामी पत्रकार। स्वाभीमानी और संयत. अंतिम दिनों में उनका अकेलापन, उनके जाने से दुखी नहीं करता। इसलिए...

IPP बैंक से बैंकिंग सेक्टर में होगी नये युग की शुरुआतः भाजपा 

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पटना। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक से वितीय समावेशन के क्षेत्र में क्रांति आने का दावा करते हुए प्रदेश...

अश्विनी चौबे के प्रयास से शाहाबाद को मिली रेल सुविधाओं की सौगात 

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नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे के प्रयास से शाहाबाद क्षेत्र को आज रेलवे मंत्रालय की ओर से सुविधाओं...

जानिए क्यों चर्चा में है प्रिंस सिंह राजपूत की फिल्म इंडियन विराज

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5 अक्टूबर को हुई है फिल्म रिलीज पहले दिन ही मिली बंपर ओपनिंग पटना। कश्मीर में पत्थरबाजी की घटना पर आधारित भोजपुरी फिल्म इंडियन...
भारत-पाकिस्तान युद्ध के 50 साल बीत गये। आखिरकार भारत जीता। पाकिस्तान हारा। पाकिस्तान की सेना ने सरेंडर कर दिया। इंदिरा गांधी को श्रेय मिला।

भारत-पाकिस्तान यूद्ध के 50 साल, विजय दिवस की जय गाथा

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लोकनाथ तिवारी  भारत-पाकिस्तान युद्ध के 50 साल बीत गये। आखिरकार भारत जीता। पाकिस्तान हारा। पाकिस्तान की सेना ने सरेंडर कर दिया। इंदिरा गांधी को...
कमल दीक्षित ने दुनिया से विदा ले ली। पर, पत्रकारिता के संबंध में उनके शब्द अब भी गूंज रहे हैं- पत्रकारिता अभी सूचनाओं का व्यवसाय कर रही है।

कमल दीक्षित ने अलविदा कहा, पर उनके शब्द अब भी गूंज रहे

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कमल दीक्षित ने दुनिया से विदा ले ली। पर, पत्रकारिता के संबंध में उनके शब्द अब भी गूंज रहे हैं- पत्रकारिता अभी सूचनाओं का...

झारखंड में आज भी बनी हुई है हूल दिवस की प्रासंगिकता

संताल हूल दिवस दो दिन पहले ही मनाया गया। यानी अंग्रेजी ​हुकूमत के खिलाफ विद्रोह दिवस। वैसे तो भारतीय इतिहास में अंग्रेजी ​हुकूमत के...

बिहार में कट सकता है भाजपा के आधे सांसदों का टिकट

पटना। भाजपा के कई सांसदों पर तलवार लटकी हुई है। अगर सूचनाएं सही हैं तो लोकसभा के पिछले चुनाव में जीते आधे सांसदों का...
कमलेश्वर (6 जनवरी 1932- 27 जनवरी 2007), ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी का प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सिनेमा विधा में विपुल योगदान है।

कमलेश्वर ने कहा थाः साहित्य जड़ है तो प्रिंट मीडिया तना है

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कृपाशंकर चौबे कमलेश्वर (6 जनवरी 1932- 27 जनवरी 2007), ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी का प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सिनेमा विधा में विपुल योगदान है। उन्होंने...
डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक हैं।

डॉ. अम्बेडकर मानते थे- लोकतंत्र के लिए बुद्ध का उपयोग ही उपयुक्त है

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डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक...