कला की दुनिया में गणेश की पाइन बहुआयामी कलाकृतियां रही हैं। भारत उनकी सर्जनात्मक कृतियों पर गर्व महसूस करता है।

कला की दुनिया में गणेश पाइन की कलाकृतियां बहुआयामी रही हैं

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कृपाशंकर चौबे कला की दुनिया में गणेश की पाइन बहुआयामी कलाकृतियां रही हैं। भारत उनकी सर्जनात्मक कृतियों पर गर्व महसूस करता है। भारत जिन...

झारखंड में दिखा सांप्रदायिकता का एक और चेहरा

सांप्रदायिकता का एक और चेहरा। झारखंड के खूंटी के कोचांग इलाके में पांच युवतियों से सामूहिक दुष्कर्म किया जाता है। यह पांचों लड़कियां मानव...

भीड़ में बदल रहा है इक्कीसवीं सदी का भारत

इक्कीसवीं सदी में भारत भीड़ में बदल रहा है। उसकी नागरिकता अगर राष्ट्रीय स्तर पर बहुसंख्यक धर्म, सेना के प्रति समर्पण, काल्पनिक कथाओं व...
Corporate की मदद के बिना राजनीति असंभव है

धीरू भाई अंबानी और चंद्रशेखर जब कलकत्ता में एक होटल में गुपचुप मिले, जानिए...

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सच बात यही है कि कोई दल/ नेता कितना भी कॉर्पोरेट के खिलाफ बोल ले, कम्युनिस्ट पार्टियों को छोड़कर हर दल को उद्योगपतियों से...

एक अदद वोटर आईडी ने हमारी नागरिकता को संदिग्ध बना दिया!

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मिथिलेश कुमार सिंह साधो! हम इस देश के नागरिक नहीं हैं। होते तो वोट जरूर करते। कुछ नहीं होता तो 'नोटा' बटन ही दबा...
मुंबई में हरे वृक्षों का संहार रुक गया, उच्चतम न्यायालय की पहल से

मुंबई में हरे वृक्षों का संहार रुक गया, आभार उच्चतम न्यायालय का

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के. विक्रम राव  मुंबई में हरे वृक्षों का संहार रुक गया, आभार उच्चतम न्यायालय का। वर्ना छब्बीस हजार जानों पर आरे कालोनी में आरी...

बिहार में कट सकता है भाजपा के आधे सांसदों का टिकट

पटना। भाजपा के कई सांसदों पर तलवार लटकी हुई है। अगर सूचनाएं सही हैं तो लोकसभा के पिछले चुनाव में जीते आधे सांसदों का...
महात्मा गांधी

गांधी जी ने पत्रकार के रूप में भी कुछ अलग प्रयोग किये

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शेष नारायण सिंह गांधी जी को पत्रकार के रूप में  तो पूरी दुनिया जानती है, उस विषय पर बातें भी बहुत हुई  हैं। गांधी...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना काल में किसिम किसिम के विधायक, महापौर और पार्षद !

कोरोना काल में किसिम किसिम के विधायक, महापौर और पार्षद के दर्शन हुए। कोई वर्तमान से अतीत की ओर लौटता दिखा तो कुछ ने...
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल रहे थे।

पंडित जवाहर लाल नेहरू को मैंने कभी नहीं देखा!

शंभूनाथ शुक्ल  पंडित जवाहर लाल नेहरू को मैंने कभी नहीं देखा! नेहरू जी जिस दिन मरे, उसी दिन मेरा रिजल्ट आया था। मैं पाँचवीं...