एक्नटर जीर हुसैन

भोजपुरी की पहली फिल्म- ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’

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वीर विनोद छाबड़ा   भोजपुरी की पहली फिल्म 'गंगा मैया तोहे पिहरी चढ़इबो' के पीछे जिनका हाथ था, वह थे नजीर हुसैन। भोजपुरी सिनेमा के...

Croatia को रौंद 20 साल बाद फिर विश्व चैंपियन बना फ्रांस

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फ्रांस ने रविवार को मॉस्को के लुजिन्हकी स्टेडियम पर फाइनल मुकाबले में क्रोएशिया को 4-2 से रौंदते हुए फीफा विश्व कप 2018 का खिताब जीता।...

आनंद बाजार पत्रिका ने संपादकीय में राजनाथ पर तंज कसा

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आनंद बाजार पत्रिका (बांग्ला के दैनिक अखबार) ने संपादकीय में राजनाथ सिंह के शस्त्र पूजन पर तंज कसा है। अखबार ने राफेल पर ऊं...

पुरषोत्तम से हारते नहीं तो गजल गायक नहीं बन पाते जगजीत सिंह

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जयंती पर विशेष नवीन शर्मा जगजीत सिंह के गजल गायक बनने की कहानी बड़ी ही दिलचस्प है। ये उन दिनों की बात है जब जगजीत...

हिंदी साउथ वाले भी सीखना चाहते हैं, विरोध राजनीतिक है

उमेश चतुर्वेदी हिंदी साउथ वाले भी सीखना चाहते हैं, विरोध राजनीतिक है। जिस तमिलनाडु में इसका विरोध हो रहा, वहां के नेता भी हिंदी...

SC/ST मुद्दे पर विपक्ष को धकिया कर आगे निकल गयी भाजपा

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डा. राजेंद्र 2019 की तस्वीर कुछ-कुछ साफ होने लगी है। सुप्रीम कोर्ट ने अचानक ही एससी-एसटी ऐक्ट के विरुद्ध फैसला नहीं सुना दिया था!...
डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक हैं।

डॉ. अम्बेडकर मानते थे- लोकतंत्र के लिए बुद्ध का उपयोग ही उपयुक्त है

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डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक...
डॉ. अम्बेडकर ने 3 अप्रैल 1927 को मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ निकाला। वह पाक्षिक वर्ष 1929 तक यानी दो साल तक लगातार निकलता रहा।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर का ‘बहिष्कृत भारत’ और उनकी पत्रकारिता

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कृपाशंकर चौबे डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने 3 अप्रैल 1927 को मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ निकाला। वह पाक्षिक वर्ष 1929 तक यानी दो साल तक...
कोरोना का कहर, हर दिल-दिमाग रणभूमि। मौत दर मौत। सब नेगेटिव। खिन्न मन। अच्छा सोचो। अच्छा करो। अच्छा पढ़ों। अच्छा लिखो। सब ठीक होगा। कैसे होगा? धैर्य रखो।

कोरोना काल की डायरी: 7- यह बदलाव का वायरस भी है मितवा     ...

कोरोना का कहर, हर दिल-दिमाग रणभूमि। मौत दर मौत। सब नेगेटिव। खिन्न मन। अच्छा सोचो। अच्छा करो। अच्छा पढ़ों। अच्छा लिखो। सब ठीक होगा।...

राजस्थान में चुनावी हवा का रुख भांपना ज्यादा आसान है

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बब्बन सिंह विधानसभा के होने वाले चुनाव में राजस्थान में हवा का रुख भांपना ज्यादा आसान है। राजस्थान में वसुंधरा सरकार के कई मंत्री...