गांव की संस्मरण कथा- सूरजमुखी के पीछे तितली और टोकरी में इन्द्रधनुष
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप...
आर्टिस्टिक फैशन वीक में बिहारी डिजाइनर कपड़ों की मचेगी धूम
पटना। बिहार हमेशा से कुछ नया, कुछ उम्दा और कुछ अलग करने के लिए जाना जाता है। बिहार की कला-संस्कृति जितनी समृद्ध है, उतने...
ASHA BHOSLE का जन्मदिनः जुस्तजू जिसकी थी, उसको तो ना पाया हमने
नवीन शर्मा
आशा भोंसले हिंदी सिनेमा की दूसरी सबसे बड़ी गायिका हैं। पहला स्थान उनकी दीदी लता मंगेशकर का है। आशा का जन्म 8...
महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं
महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं। कल तक बड़ी तादाद वैसे लोगों की थी, जो महात्मा गांधी के हत्यारे...
कोसी त्रासदी की याद दिलाती फिल्म ‘लव यू दुलहिन’
पटना। 18 अगस्त 2008 को कोसी ने अपनी सीमाएं लांघ दी थीं और जो तस्वीर बदली वो इतिहास के काले पन्ने में समा गयी।...
चीनी कम खाने के क्या हैं फायदे, आप जान लीजिए
दिल्ली। चीनी कम खाने के कई हैं फायदे हैं। चीनी के अधिक सेवन से कई प्रकार की दीर्घकालीन बीमारियां शरीर में जन्म लेती हैं।...
वीपी सिंह को याद करते हुएः राजा नहीं, फकीर है
वीपी सिंह एक ऐसे प्रधानमंत्री और नेता थे, जिनके लिए लोगों ने ये नारा लगाया- राजा नहीं फ़क़ीर है- भारत की तक़दीर है! वर्तमान...
गुलाम अली खां साहब की ठुमरी- याद पिया की आये, आये न बालम !
गुलाम अली खां साहब की गाई कुछ ठुमरियां- याद पिया की आये, आये न बालम का करूं सजनी, नैना मोरे तरस गये जैसी ठुमरी...
फिल्मों में माताओं की माता की पहचान थी लीला चिटणीस की
वीर विनोद छाबड़ा
फिल्मों में माताओं की माता की पहचान थी लीला चिटणीस की। एक झोंपड़ीनुमा मकान में खाट पर लेटी मरियल-सी खांसती हुई...
मलिकाइन के पाती- भइल बियाह मोर, कर ब का
पावं लागीं मलिकार। दसईं (दशहरा) बीतल, बीस दिन बाद देवराई (दीपावली) आ ओकरा बाद छठ के संगे तेवहार के सीजन ओरा जाई। ए मलिकार,...




















