फणीश्वरनाथ रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं।

रेणु से मैंने सवाल किया, “आपने पालिटिक्स क्यों छोड़ दी?”

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रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं। दुनिया को...
लालू यादव से कम जातिवादी नहीं हैं नीतीश कुमार। राजनीति में जातीय रैली से ही इन्हें उभार मिला।

लालू यादव से कम जातिवादी नहीं हैं नीतीश कुमार

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लालू यादव से नीतीश कुमार कम जातिवादी नहीं हैं। लालू यादव को मंडल कमीशन से तो नीतीश कुमार को जातीय रैली से उभार मिला।...

बर्थ डे स्पेशलः मैं पल दो पल का शायर हूं के कलमकार साहिर

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नवीन शर्मा अमिताभ बच्चन की फिल्म कभी-कभी का गीत मैं पल दो पल का शायर हूं हम में से कई लोग गुनगुनाते हैं। यह...
राजद्रोह पर पुलिस को 1962 में आये एक फैसले को पढ़ लेना चाहिए। अफजल की फांसी की बरसी पर जेएनयू में राष्ट्र विरोधी नारे लगे तो यह चर्चा में आया

राजद्रोह पर 1962 का सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पुलिस अफसर पढ़ लें

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राजद्रोह पर पुलिस को 1962 में आये एक फैसले को पढ़ लेना चाहिए। अफजल गुरु को फांसी होने के बाद जेएनयू में उसकी बरसी...
निर्भया रेप कांड की वकील सीमा कुशवाहा

निर्भया रेप कांड की वकील सीमा कुशवाहा को सलाम!

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निर्भया रेप कांड में सीमा कुशवाहा जीवन में पहला मुकदमा बिना फीस लड़ कर आज सबके दिलों में जगह बना ली है। उन्होंने निर्भया...
महात्मा गांधी और कस्तूरबाई

तेरह वर्ष की उम्र में हुआ था गांधी जी और कस्तूरबा का विवाह

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राज्यवर्द्धन तेरह वर्ष की आयु में गांधी जी का ब्याह कस्तूरबा से हुआ था। गांधी जी लिखते हैं-"हम भाइयों को तो सिर्फ तैयारियों से...
हरिवंश, राज्यसभा के उपसभापति

हरिवंश की जीत को राजग की 2019 में कामयाबी का ट्रेलर समझें

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दीपक कुमार विपक्षी दलों के नेता जब एक जगह जमा होकर अपनी एकजुटता की बात करते हैं तो उन्हें भले आनंद आता हो, पर...

मलिकाइन के पाती- कोउ नृप होई हमें का हानी, चेरी छोड़ ना होखब रानी

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पांव लागीं ए मलिकार। कबहूं रउरा के पाती टाइम पर नइखीं पठा पावत। कई बेर त लिखनीहार खोजे के परत बा आ कबो कवनो...

हिंदी सिनेमा को साहित्य से जोडऩेवाली कड़ी बिमल राय

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भारतीय सिनेमा को उत्कृष्ट ऊंचाई पर ले जाने वाले प्रारंभिक निर्देशकों में बिमल रॉय सबसे अव्वल माने जाते हैं। 12 जुलाई, 1909 में बांग्लादेश...
सूरज पालीवाल ने अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में रहते कृपाशंकर चौबे को तत्कालीन कुलपति विभूति नारायण राव से गलतफहमी दूर करायी थी।

सूरज पालीवाल के आलोचना-लोक का विराट है आलोक वृत्त

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सूरज पालीवाल ने अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में रहते कृपाशंकर चौबे को तत्कालीन कुलपति विभूति नारायण राव से गलतफहमी दूर करायी थी। इस रोचक...