झारखंड में आज भी बनी हुई है हूल दिवस की प्रासंगिकता

संताल हूल दिवस दो दिन पहले ही मनाया गया। यानी अंग्रेजी ​हुकूमत के खिलाफ विद्रोह दिवस। वैसे तो भारतीय इतिहास में अंग्रेजी ​हुकूमत के...
सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं खासकर हिन्दी की विदाई होने लगी है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में हिन्दी के प्रति छात्रों का आकर्षण घटेगा। नौकरी न मिले तो फिर हिन्दी कोई पढ़े क्यों।

हिन्दी पढ़कर कोई करेगा क्या, रोजी-रोटी तो मिलने से रही

संजय कुमार सिंह हिन्दी पढ़कर कोई करेगा क्या, रोजी-रोटी तो मिलने से रही। वैसे तो मैंने हिन्दी नहीं पढ़ी और विज्ञान का छात्र रहा...

नहीं भूलती इमरजेंसी में विपक्षी नेताओं पर पुलिस की पहरेदारी

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25 जून, 1975 को जब देश में आपातकाल लगा तो उस समय जार्ज फर्नांडीस ओडिशा में थे। अपनी पोशाक बदल कर जुलाई में जार्ज...

बुद्धिजीवियों के दिलों में अब भी बसते हैं कार्ल मार्क्स

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विगत 16 से 20 जून तक ,पटना में , कार्ल मार्क्स (5 . 5 . 1818 - 14 .3 . 1883 ) के दो...
लीला चिटणीस

फिल्मों में माताओं की माता की पहचान थी लीला चिटणीस की 

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वीर विनोद छाबड़ा  फिल्मों में माताओं की माता की पहचान थी लीला चिटणीस की। एक झोंपड़ीनुमा मकान में खाट पर लेटी मरियल-सी खांसती हुई...
ट्वीटर, फेसबुक और आरोग्य सेतु ऐप इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। खासकर आरोग्य सेतु ऐप। विपक्ष का आरोप है कि आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करने से निजता का उल्लंघन होगा।

ट्वीटर, फेसबुक से अधिक सुरक्षित है आरोग्य सेतु ऐप, घबराएं नहीं

ट्वीटर, फेसबुक, आरोग्य सेतु ऐप इन दिनों चर्चा में हैं। खासकर आरोग्य सेतु ऐप। विपक्ष का आरोप है कि आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल...

द स्लीपिंग ब्यूटीः दो साल की बच्ची की सौ साल पुरानी लाश

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आज गूगल पर सर्च के दौरान एक ऐसी तस्वीर मिली जिसे देखकर देर तक ठिठका रह गया। तस्वीर सोई हुई एक छोटी बच्ची की...
डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक हैं।

डॉ. अम्बेडकर मानते थे- लोकतंत्र के लिए बुद्ध का उपयोग ही उपयुक्त है

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डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक...

धर्मा प्रोडक्शन के संस्थापक थे करण जौहर के पिता यश जौहर

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नवीन शर्मा धर्मा प्रोडक्शन के संस्थापक थे करण जौहर के पिता यश जौहर। करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन हाउस ने एक से बढ़ कर...
मलिकाइन के पाती

अपने ही घर में बेगाने हो जाने की मजबूरी का नाम है घुसपैठ

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सुरेंद्र किशोर सन 1979-1985 के असम आंदोलन के दौरान 855 आंदोलनकारियों की जानें गयी थीं। इतनी कुर्बानियां देने के बाद  1985 में प्रधानमंत्री राजीव...