IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में भारत विकसित और विकासशील देशों से आगे निकल सकता है।

IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए जगाई उम्मीद की किरण

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संजय पाठक IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में...

मलिकाइन के पातीः दारू छूटल, झगड़ा-लफड़ा ओराइल

पावं लागीं मलिकार! रउरा त एकदमे गुलर के फूल हो गइल बानी। ना कवनो पाती आ न कवनो सनेशा। पइसवा बैरी त रउरा के...

बिहार NDA में हो गया सीट बंटवारा, JDU 14 और BJP 20 पर लड़ेंगे

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पटना। जदयू की कार्यकारिणी की बैठक के दिन नीतीश कुमार ने बताया था कि सीटों का बंटवारा हो चुका है, समय आने पर इसकी...

ASHA BHOSLE का जन्मदिनः जुस्तजू जिसकी थी, उसको तो ना पाया हमने

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नवीन शर्मा आशा भोंसले हिंदी सिनेमा की दूसरी सबसे बड़ी गायिका हैं। पहला स्थान उनकी दीदी लता मंगेशकर का है। आशा का जन्म 8...
चंद्रशेखर (भूतपूर्व प्रधानमंत्री) की पुण्यतिथि पर उनसे जुड़े कई लम्हे दिलो-दिमाग में आने लगे हैं। सीतामढ़ी से जुड़ा एक प्रसंग याद आ रहा है। 80 के दशक की बात है।

चंद्रशेखर जी को सीतामढ़ी आने से मना किया गया, पर वे आए

नागेंद्र प्रसाद सिंह चंद्रशेखर (भूतपूर्व प्रधानमंत्री) की पुण्यतिथि पर उनसे जुड़े कई लम्हे दिलो-दिमाग में आने लगे हैं। सीतामढ़ी से जुड़ा एक प्रसंग याद...
मलिकाइन के पाती

अपने ही घर में बेगाने हो जाने की मजबूरी का नाम है घुसपैठ

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सुरेंद्र किशोर सन 1979-1985 के असम आंदोलन के दौरान 855 आंदोलनकारियों की जानें गयी थीं। इतनी कुर्बानियां देने के बाद  1985 में प्रधानमंत्री राजीव...

चार वर्षों में आमजन तक पंहुचा बैंकिंग का लाभ : राजीव रंजन

पटना। केंद्र में भाजपा शासन के चार वर्षों में देश की आम जनता को बैंकिंग और सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाने के लिए केंद्र...
ओशो ने कहा था- निंदा रस का धंधा है तुम्हारी पत्रकारिता। पत्रकारों की दृष्टि ही मिथ्या हो जाती है। उनके धंधे का मतलब ही यह है कि जनता जो चाहती है, वह लाओ खोजबीन कर।

पुण्यतिथिः आधुनिक युग के  विद्रोही संन्यासी का नाम है ओशो

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नवीन शर्मा रजनीश, जो बाद में ओशो के नाम से जाने गये, वे आधुनिक भारत के सबसे चर्चित और और विवादास्पद आध्यात्मिक गुरु रहे...
रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- को पढ़कर पूरा किया। उपन्याकस ने मन मस्तिष्क पर धाक जमा लिया है। इसमें भारत की साझा संस्कृति झलकती है।

रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- में भारत की साझा संस्कृति

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अमरनाथ रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- को पढ़कर पूरा किया। उपन्याकस ने मन मस्तिष्क पर धाक जमा लिया है। इसमें भारत की...
मातृभाषाओं को रोजगार से जोड़ने वाले पहले शिक्षाविद हैं प्रो. दौलत सिंह कोठारी। दौलत सिंह कोठारी के नाम पर ही कोठारी आयोग बना था।

डी.एस. कोठारीः मातृभाषाओं को रोजगार से जोड़ने वाले शिक्षाविद

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अमरनाथ डी.एस. कोठारी मातृभाषाओं को रोजगार से जोड़ने वाले पहले शिक्षाविद हैं। दौलत सिंह कोठारी के नाम पर ही कोठारी आयोग बना था। आजादी...