विश्वनाथ प्रताप सिंह वही नहीं थे, जैसे अब दिखते हैं
वीपी सिंह वही नहीं थे, जैसे अब दिखते हैं...लेकिन इस बदलाव में एक अच्छाई है...एक राजनीतिक सूत्र है...
पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ सरकार पर इधर...
आत्महत्या क्यों नहीं करनी चाहिए, जरा पढ़ लें ओशो के विचार
मुझे पता है कि तुम जीवन से ऊब गये हो। यदि तुम सचमुच ऊब गये हो तो आत्महत्या नहीं करो, क्योंकि आत्महत्या तुम्हें फिर...
भोजपुरी की पहली फिल्म- ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’
वीर विनोद छाबड़ा
भोजपुरी की पहली फिल्म 'गंगा मैया तोहे पिहरी चढ़इबो' के पीछे जिनका हाथ था, वह थे नजीर हुसैन। भोजपुरी सिनेमा के...
पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं
के विक्रम राव
पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं। हालांकि ब्रिटिश राज के खात्मे के सात दशक बीत गये। फिर...
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन द्वंद्व के रहे
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल...
देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे, एक अजात शत्रु का जाना
शेष नारायण सिंह
देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे। ललित सुरजन पत्रकारिता और सर्वोच्च इंसानी मान्यताओं के अजातशत्रु थे। वे पत्रकारिता के अजातशत्रु...
सुषमा स्वराज जेपी का आशीर्वाद लेने जब पटना पहुंची थीं
सुषमा स्वराज 1977 में हरियाणा सरकार में मंत्री पद का कामकाज संभालने से पहले जेपी (जयप्रकाश नारायण) का आशीर्वाद लेने पटना आई थीं। उस...
कंगना राणावत के बयान को उसका ज्ञान समझने की भूल न करें
अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर...
झारखंड में आज भी बनी हुई है हूल दिवस की प्रासंगिकता
संताल हूल दिवस दो दिन पहले ही मनाया गया। यानी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह दिवस। वैसे तो भारतीय इतिहास में अंग्रेजी हुकूमत के...
मध्य वर्ग पर पड़ी है कोरोना की असल मार, समझिए कैसे….
श्याम किशोर चौबे
मध्य वर्ग पर कोरोना की असल मार पड़ी है। यह वर्ग सर्वाधिक बदहाल है। गरीबों को बचाने और अमीरों को उबारने...




















