मलिकाइन के पाती- जइसन देवता, ओइसन पूजा

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पावं लागीं मलिकार। हम एतना जल्दी पाती पठावे ना चाहत रहनी हां, बाकिर मन खौंजिया गइल रहल हा। एही से तीने दिन बाद पाती...

भारत बंद में राजद के शामिल होने से सहम गयी है जनता: भाजपा

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पटना। 10 सितंबर को आयोजित भारत बंद में राजद के शामिल होने की घोषणा से ही बिहार की जनता सहम गयी है। पूर्व विधायक और प्रदेश भाजपा...

भाजपा को मिल गया एक और भावनात्मक मुद्दा

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जम्मू-कश्मीर में भाजपा का पीडीपी से गठबंधन तोड़ना उचित फैसला है। इसके पीछे 2019 का चुनाव वजह हो या बेकाबू सिरफिरों के साथ सख्ती...

हिंदी साउथ वाले भी सीखना चाहते हैं, विरोध राजनीतिक है

उमेश चतुर्वेदी हिंदी साउथ वाले भी सीखना चाहते हैं, विरोध राजनीतिक है। जिस तमिलनाडु में इसका विरोध हो रहा, वहां के नेता भी हिंदी...

प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को याद रखेगा इतिहास…..

सुशील मिश्रा प्रवासियों के प्रति अस्पृश्यता को इतिहास भी याद रखेगा। सड़कों पर प्रवासियों के प्रति जो अस्पृश्यता दिख रही, उसकी कल्पना प्रवासियों ने...

अमेरिका के ओहायो में मनाया जाता है श्रेया घोषाल डे

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नवीन शर्मा  श्रेया घोषाल हिंदी सिनेमा की सबसे मादक आवाज वाली गायिकाओं में शुमार हैं। वे आशा भोंसले की परंपरा की अगली कड़ी हैं।...
कई अखबारों के वरिष्ठ पदों पर रहे और फिलवक्त BBC और दूरदर्शन के लिए काम करने वाले  पत्रकार रवि प्रकाश ने कैंसर को वरदान के रूप में अंगीकार कर लिया है

रवि प्रकाश, लंग्स कैंसर, मित्रों की मदद, भावुकता और संघर्ष का जज्बा

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रवि प्रकाश, लंग्स कैंसर, मित्रों की मदद, भावुकता और संघर्ष का जज्बा। जी, पत्रकार रवि प्रकाश की बात हो रही है, जो इनदिनों मुंबई...
सुषमा स्वराज 1977 में हरियाणा सरकार में मंत्री पद का कामकाज संभालने से पहले जेपी (जयप्रकाश नारायण) का आशीर्वाद लेने पटना आई थीं।

सुषमा स्वराज जी का 1996 का वह भाषण भुलाये नहीं भूलता

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सुषमा स्वराज ने यह भाषण संसद में तब दिया था, जब 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिरी और प्रधानमंत्री पद से उन्हें...
भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को हुआ था।

भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी

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कृपाशंकर चौबे भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को...
25 जून भारतीय राजनीति में एक उल्लेखनीय तारीख है। इसी रोज 1975 में, तत्कालीन इंदिरा सरकार ने इमरजेंसी लगाई थी। दरअसल वह आपातकाल नहीं, आतंककाल था।

राजनीति का नाम सुनते ही अब घिन्न क्यों आती है

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राजनीति का नाम सुनते ही अब घिन्न आती है। लेकिन नयी पीढ़ी भले अनजान हो, सच यह है कि राजनीति में पहले ऐसे लोग भी हुए...