और कितने दशक लगेंगे? कब तक बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों पर वंशवादी-परिवारवादी नेताओं के वंशज काबिज हो जाएंगे?

कल्पना कीजिए उस दिन की, जब विधायिकाएं परिजनों से भर जाएंगी 

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आज के लोकतंत्र का कोई ‘महाराजा’ प्रधानमंत्री और ‘राजा’ मुख्य मंत्री बन जाएगा! सुरेंद्र किशोर और कितने दशक लगेंगे? कब तक बिहार विधानसभा की सभी...
‘नियम व शर्तें लागू’ वाला कोरोना राहत पैकेज-3  लॉक डाउन-3 के प्रायः अंत में कल यानी 14 मई को पब्लिक डोमेन में आ गया। क्या और कितना होगा इसका असर, बता रहे वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

‘नियम व शर्तें लागू’ वाला केंद्र सरकार का राहत पैकेज

श्याम किशोर चौबे ‘नियम व शर्तें लागू’ वाला कोरोना राहत पैकेज-3  लॉक डाउन-3 के प्रायः अंत में कल यानी 14 मई को पब्लिक डोमेन...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना कहर के इस दौर में अब पहली चिंता मौत नहीं, पेट है

कोरोना कहर के इस दौर में अब पहली चिंता मौत नहीं पेट है। करोड़ों सड़क पर आ चुके हैं, लाखों आने वाले हैं। जैसे-जैसे...
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि

सुषमा जी, आप बहुत याद आएंगी, याद आती रहेंगी सहिष्णु नेता बतौर

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जयशंकर गुप्त सुषमा जी, आप बहुत या आएंगी। याद आती रहेंगी, अपनी सहृदयता, असहमति को सम्मान देनेवाले सहिष्णु नेता के तौर पर भी। ओह,...
के. विक्रम राव, वरिष्ठ पत्रकार

पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं

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के विक्रम राव  पुलिस की छवि अभी भी सामान्यतः जनमित्र वाली बनी नहीं। हालांकि ब्रिटिश राज के खात्मे के सात दशक बीत गये। फिर...
एनएन वोहरा के नेतृत्कव वाली कमिटी ने नेता-अपराधी-अफसर गंठजोड़ पर रिपोर्ट सौंपी थी

वोहरा कमिटी की रिपोर्ट पर अमल होता तो हालात नहीं बिगड़ते

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सुरेंद्र किशोर 1993 में मुम्बई में भीषण बम विस्फोट हुए थे। उस घटना के बाद वोहरा कमेटी बनी। उसने बहुत जल्द ही अपनी रपट सरकार...
अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि हैं और उनकी प्रतिबद्धता की जड़ें ठेठ भारतीय आबोहवा और जमीन में हैं। जो सामने है, वही उनकी कविता का विषय है।

अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि, बेहतर जीवन की आकुलता 

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कृपाशंकर चौबे अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि हैं और उनकी प्रतिबद्धता की जड़ें ठेठ भारतीय आबोहवा और जमीन में हैं। जो सामने...

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर...

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात कर नया झारखंड नया भारत बनाएं झारखण्ड : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जयंती...

जयंती पर विशेषः लाला लाजपत स्वतंत्रता संग्राम के अनमोल रत्न

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नवीन शर्मा लाला लाजपत राय हमारे स्वतंत्रता संग्राम के शानदार योद्धाओं में प्रमुख हैं। उनका जन्म 28 जनवरी, 1865 ई. को अपने ननिहाल  ढुंढिके,...
फणीश्वरनाथ रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं।

फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता स्वाभाविक छंद था

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भारत यायावर  फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता और सहजता स्वाभाविक छंद था। उन्हें आक्रोश और गुस्से में देखना दुर्लभ संयोग था। वे मुश्किलों...