आलोक तोमर की यादः जब प्रभाष जोशी ने इस्तीफा मांग लिया
आलोक तोमर को जनसत्ता के प्रधान संपादक प्रभाष जोशी बेहद मानते थे, फिर भी एक मौका ऐसा आया, जब उन्होंने आलोक तोमर से इस्तीफा...
बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए
बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए। वह स्थान सम्मानजनक होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि 70...
राजेंद्र माथुरः हिन्दी पत्रकारिता को नई धार देनेवाले व्यक्ति
प्रवीण बागी
राजेंद्र माथुर, हिन्दी पत्रकारिता को नई धार देनेवाले व्यक्ति की आज जयंती है। वे पत्रकारिता के मेरे गुरु रहे हैं। उनकी छत्रछाया...
शहर बदलते ही क्यों बदल जाती है हमारी तमीज और तहजीब
नागेन्द्र प्रताप
शहर या मुल्क बदलते ही हमारे तहजीब और तमीज बदल जाती है। ऐसा क्यों होता है, बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार नागेंद्र...
रघुवर दास का दावा, झारखंड में चल रही विकास की आंधी
जामताड़ा। सरकार की नीयत और नीति साफ है। सरकार जनभागीदारी से विकास की हिमायती है। यही वजह है कि विकास मेला का आयोजन कर...
डॉ. अम्बेडकर मानते थे- लोकतंत्र के लिए बुद्ध का उपयोग ही उपयुक्त है
डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक...
तापस पाल का जाना कई बांग्ला फिल्मों की कई यादें छोड़ गया
राजेश त्रिपाठी
तापस पाल का जाना कई यादें छोड़ गया। उत्तम कुमार-सुचित्रा सेन के युग के बाद बांग्ला फिल्मों में उनके खालीपन को तापस...
चुनाव के खेल को समझना चाहते हैं तो पढ़ लें यह किताब
चुनाव के खेल को समझना है तो यह किताब एक बार जरूर पढ़ें। शिवम शंकर सिंह की चुनाव जीतने के तरीकों पर आयी किताब...
तू ही सागर है तू ही किनारा… यानी सुलक्षणा पंडित, इक भूली दास्तां
वीर विनोद छाबड़ा
तू ही सागर है तू ही किनारा, ढूँढता है तू किसका सहारा...संकल्प (1975) के इस गाने की गायिका सुलक्षणा पंडित थीं।...
शैबाल गुप्ता का जाना बिहार के लिए अपूरणीय क्षति !
प्रेमकुमार मणि
शैबाल गुप्ता का जाना बिहार के लिए अपूरणीय क्षति है! यह स्वीकार करना कि शैबाल गुप्ता नहीं रहे, मेरे लिए कितना दुखद...




















