आलोक तोमर की यादः अगर मैंने किसी के होंठ के पाटल कभी चूमे
आलोक तोमर पत्रकारिता के उन पात्रों में शुमार हैं, जिनका जिक्र वरिष्ठ पत्रकार-साहित्यकार हरीश पाठक की संस्मरणों पर आधारित पुस्तक में है। पुस्तक शीघ्र...
जयंती पर विशेषः कभी इलेक्ट्रिशियन का काम करते थे संगीतकार रवि
नवीन शर्मा
हम हिंदी पट्टी में जन्म लेने वाले लोगों ने शादी के मौके पर एक गीत जो सबसे अधिक बजता हुआ सुना होगा,...
श्रीभगवान सिंहः गाँधीवादी अध्येता और आलोचक
अमरनाथ
श्रीभगवान सिंह, गाँधीवादी आलोचक का जन्म बिहार के सीवान जिले के निखती कलाँ गांव में हुआ। वे खुद को गाँधीवादी कहने में गर्व...
शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है
प्रो. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी
शिक्षा की बुनियाद में भाषा के अस्तित्व को सदैव स्वीकार किया जाता है। भारतीय शिक्षा में भाषा की भूमिका उसके...
घुसपैठ पर ममता बनर्जी 2005 का स्टैंड 2021 में भूल गयी हैं
सुरेंद्र किशोर
घुसपैठ पर ममता बनर्जी का 2005 में जो स्टैंड था, वह ममता 2021 में भूल गयी हैं। किंतु संकेत हैं कि मतदाता...
सोशल मीडिया पर घूम रहीं ऐसी खबरें चकित करती हैं!
गोपेश्वर सिंह
सोशल मीडिया पर अखबारों की यह खबर घूम रही है कि बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद भूमिहार जाति के 100 निर्धन बच्चों...
शहर बदलते ही क्यों बदल जाती है हमारी तमीज और तहजीब
नागेन्द्र प्रताप
शहर या मुल्क बदलते ही हमारे तहजीब और तमीज बदल जाती है। ऐसा क्यों होता है, बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार नागेंद्र...
अद्भुत प्रतिभा के धनी गणितज्ञ डा. वशिष्ठ नारायण सिंहः
जन्मदिन पर विशेष
सुरेंद्र किशोर
गणितज्ञ वशिष्ठ बाबू यानी वशिष्ठ नारायण सिंह अद्भूुत प्रतिभा के धनी थे। उनके लिए पटना विश्वविद्यालय ने पहली बार नियम...
आधुनिक राजनीति इसे ही कहते हैं, जिसमें देश कहीं नहीं है
आधुनिक राजनीति इसे ही कहते हैं, जिसमें देश कहीं नहीं है। बांग्लादेशी घुसैठ की समस्या आज नासूर बनी है और इसके निदान की कोशिश...
गणेश शंकर विद्यार्थी ने लिखा था- शंख और नमाज ही धर्म नहीं है
गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है। शुद्धाचरण...




















