डा. लोहिया का जब पूरे सदन ने खड़े होकर स्वागत किया था
डा. लोहिया का जब पूरे सदन ने खड़े होकर का स्वागत किया था। यह सुन कर आश्चर्य हो सकता है कि तब के प्रधान...
कोरोना बड़ा पापी है, जल्दी जाएगा नहीं, सबको दबना ही पड़ेगा
कोरोना डायरी: 10
डा. संतोष मानव
कोरोना बड़ा पापी है। जल्दी जाएगा नहीं। सरकारें हो या समाज सबको दबना ही पड़ेगा। रहेगा अभी-बहुत...
सरकारी सेवाओं से आहिस्ता-आहिस्ता होती जा रही हिन्दी की विदाई
अमरनाथ
सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं खासकर हिन्दी की विदाई होने लगी है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में हिन्दी के प्रति छात्रों का आकर्षण...
रामविलास पासवान सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे
रामविलास पासवान आज पंचतत्व में विलीन हो गये, लेकिन कई लोगों को कई यादें छोड़ गये हैं। कोई उनकी सज्जनता तो कई लोग उनकी...
महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं
महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं। कल तक बड़ी तादाद वैसे लोगों की थी, जो महात्मा गांधी के हत्यारे...
लेखक सआदत हसन मंटोः ठंडा गोश्त जैसी कहानियों के बदनाम लेखक
पुण्यतिथि पर संस्मरण
नवीन शर्मा
सआदत हसन मंटो (11 मई 1912-18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं- बू, खोल दो, ठंडा गोश्त...
भाजपा को मिल गया एक और भावनात्मक मुद्दा
जम्मू-कश्मीर में भाजपा का पीडीपी से गठबंधन तोड़ना उचित फैसला है। इसके पीछे 2019 का चुनाव वजह हो या बेकाबू सिरफिरों के साथ सख्ती...
मलिकाइन के पाती- पूत सपूत त का धन संचय
पावं लागीं मलिकार। आज मन बड़ा अंउजियाइल रहल बा, एही से नवरातन के पूजा-पाठ में अझुराइल रहला के बादो टाइम निकाल के रउरा के...
शहर छोड़ गांव को संवारने में लगी हैं IAS की पत्नी ऋतु जायसवाल
गाँव से निकल लोग जब सफल हो जाते हैं तो उसके बाद पिछे मुड़ कर वे अपने गाँव और समाज को देखते भी नहीं...
शैबाल गुप्ता का जाना बिहार के लिए अपूरणीय क्षति !
प्रेमकुमार मणि
शैबाल गुप्ता का जाना बिहार के लिए अपूरणीय क्षति है! यह स्वीकार करना कि शैबाल गुप्ता नहीं रहे, मेरे लिए कितना दुखद...



















