शरद पूर्णिमा 13 अक्टूबर को, मनोकामना पूर्ति के लिए करें ये उपाय

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शरद पूर्णिमा इस साल 13 अक्टूबर को है। मनोकामना की पूर्ति के लिए जातक राशि के अनुरूप उपाय करने से मनोकामना सिद्धि हो सकती...

हिन्दी ग्रेजुएट को हरिवंश जी ने बिजनेस अखबार का प्रभारी बना दिया

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पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी पढ़ें। कल आपने पढ़ा कि वह जनसत्ता छोड़ प्रभात खबर समूह...

झारखंड में तेजी से विकसित हो रही है नयी शैली की बैद्यनाथ पेंटिंग

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डॉ आरके नीरद वरिष्ठ पत्रकार अौर जनजातीय जीवन-संस्कृति के गहरे जानकार हैं। झारखंड की कला-संस्कृति पर प्रायः ढाई दशकों से काम कर रहे हैं।...
मुंबई की स्काटलैंड पुलिस अब तक कहां थी! केंद्र सरकार के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एन.सी.बी.) के दस्ते इन दिनों मुंबई में प्रभावशाली लोगों को गिरफ्तार कर रहे हैं।

मुंबई पुलिस कहां सोई थी, अब पकड़े जा रहे नशे के बड़े सौदागर

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सुरेंद्र किशोर मुंबई की स्काटलैंड पुलिस अब तक कहां थी! केंद्र सरकार के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एन.सी.बी.) के दस्ते इन दिनों मुंबई में प्रभावशाली...
नेताजी सुभाष चंद्र बोस पत्रकार भी थे। यह बात नयी पीढ़ी के पत्रकारों को शायद मालूम न हो। नेताजी ने साप्ताहिक ‘फारवर्ड ब्लाक’  का संपादन किया।

जयंती पर विशेषः आज़ाद हिन्द फौज वाले नेताजी को सलाम!

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नवीन शर्मा नेताजी सुभाष बोस स्वतंत्रता संग्राम के सबसे लाजवाब हीरो हैं, लेकिन हमारे देश की सरकारों ने उन्हें उतना सम्मान नहीं दिया, जिसके...

मलिकाइन के पाती- भइल बियाह मोर, कर ब का

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पावं लागीं मलिकार। दसईं (दशहरा) बीतल, बीस दिन बाद देवराई (दीपावली) आ ओकरा बाद छठ के संगे तेवहार के सीजन ओरा जाई। ए मलिकार,...

पटना में सजा सितारों का मेला, महफिल हुआ गुलजार

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पटना। रविवार की शाम पटना में सितारों का मेला सजा। महफिल ऐसी रोशन हुई की हर कोई देखता ही रह गया। मौका था ईस्टर्न...
गुलाम अली खां साहब की गाई कुछ ठुमरियां- याद पिया की आये, आये न बालम का करूं सजनी, नैना मोरे तरस गये जैसी ठुमरी लोग नहीं भूलते।

गुलाम अली खां साहब की ठुमरी- याद पिया की आये, आये न बालम !

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गुलाम अली खां साहब की गाई कुछ ठुमरियां- याद पिया की आये, आये न बालम का करूं सजनी, नैना मोरे तरस गये जैसी ठुमरी...
प्रेमकुमार मणि

बिहार की पॉलिटिक्स समझनी हो तो जान लें ये बातें

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प्रेमकुमार मणि आगे बढ़ने से पहले बिहार के बारे में हमें कुछ और जान लेना चाहिए। पिछले लगभग सौ साल में बिहार का भूगोल...

आपातकाल में जार्ज महज कूद-फांद कर रहे थे

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आपातकाल के दरम्यान जार्ज फ़र्नान्डिस की गतिविधि का कोई अर्थ नहीं था। जैसे कोई युवा बगैर आगे-पीछे सोचे ‘थ्रील’ महसूस करने के लिए कुद-फाँद...