अज्ञेय और रेणु के संबंध कितने मधुर थे, इसे कई प्रसंगों का जिक्र कर वरिष्ठ साहित्यकार भारत यायावर ने बताने-समझाने की कोशिश की है।

अज्ञेय और रेणु के संबंध कितने मधुर थे, समझें इस आलेख से

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अज्ञेय और रेणु के संबंध कितने मधुर थे, इसे कई प्रसंगों का जिक्र कर वरिष्ठ साहित्यकार भारत यायावर ने बताने-समझाने की कोशिश की है।...
बेरोजगारी पर बहस नयी नहीं, लेकिन सेन्टर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट ने बहस को नया जीवन दे दिया है।

मीडिया की स्वतंत्रता के मामले में भारत की हालत शर्मनाक !

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मीडिया के हालात पर वरिष्ठ पत्रकार अनिल भास्कर ने संजीदा टिप्पणी की है। मीडिया की स्वतंत्रता के मामले में भारत की हालत शर्मनाक है।...

नवरात्र पर विशेषः जगदम्बा मंदिर, जहां होती हैं भक्तों की मुरादें पूरी

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लखीसराय। बड़हिया का विख्यात मां बाला त्रिपुरसुन्दरी जगदम्बा मंदिर श्रद्धालुओं के आस्था और विश्वास का केन्द्र बना हुआ है। ऐसी मान्यता है कि मां...
इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में शुरू हुए आंदोलन की याद स्वाभाविक है। इसलिए कि इमर्जेंसी का आधार जय प्रकाश का आंदोलन ही माना गया।

इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश आंदोलन का स्मरण

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शिवानंद तिवारी इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में शुरू हुए आंदोलन की याद स्वाभाविक है। इसलिए कि इमर्जेंसी...
बिहार में इलेक्शन भले खत्म हो गया, लेकिन सियासी गर्मी अब भी बरकरार है। बिहार में राज्यसभा की एक सीट पर चुनाव होना है। एलजेपी नेता रामविलास पासवान के निधन से यह सीट खाली हुई है।

रामविलास पासवान सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे 

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रामविलास पासवान आज पंचतत्व में विलीन हो गये, लेकिन कई लोगों को कई यादें छोड़ गये हैं। कोई उनकी सज्जनता तो कई लोग उनकी...
गुलाम अली खां साहब की गाई कुछ ठुमरियां- याद पिया की आये, आये न बालम का करूं सजनी, नैना मोरे तरस गये जैसी ठुमरी लोग नहीं भूलते।

गुलाम अली खां साहब की ठुमरी- याद पिया की आये, आये न बालम !

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गुलाम अली खां साहब की गाई कुछ ठुमरियां- याद पिया की आये, आये न बालम का करूं सजनी, नैना मोरे तरस गये जैसी ठुमरी...

मलिकाइन के पाती- कोउ नृप होई हमें का हानी, चेरी छोड़ ना होखब रानी

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पांव लागीं ए मलिकार। कबहूं रउरा के पाती टाइम पर नइखीं पठा पावत। कई बेर त लिखनीहार खोजे के परत बा आ कबो कवनो...

उपेंद्र कुशवाहा रहेंगे एनडीए में, लेकिन खटिया खड़ी करते रहेंगे

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पटना। लोकसभा में तीन सदस्यों वाली पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालेसपा) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा बार-बार दोहरा रहे हैं कि वह एनडीए में थे,...
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल रहे थे।

जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन द्वंद्व के रहे

जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल...
अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि वे खुद में एक संस्था थे। बहुलता को बचाने और बढ़ाने का निरंतर यत्न किया। विस्तार से बता रहे हैं कृपाशंकर चौबे

अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि खुद में एक संस्था थे

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अशोक वाजपेयी ने न सिर्फ संस्थाएं खड़ी कीं, बल्कि वे खुद में एक संस्था थे। बहुलता को बचाने और बढ़ाने का निरंतर यत्न किया।...