कमल दीक्षित ने अलविदा कहा, पर उनके शब्द अब भी गूंज रहे
कमल दीक्षित ने दुनिया से विदा ले ली। पर, पत्रकारिता के संबंध में उनके शब्द अब भी गूंज रहे हैं- पत्रकारिता अभी सूचनाओं का...
फटा जींस पहनने का फैशन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसा मुद्दा
अरविन्द पाण्डेय
फटा जींस पहनने की स्वतंत्रता मूलतः अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ही एक रूप है। पर इसका उपयोग कई बार आदमी को...
भगवान शिव सबको इतने नीक क्यों लगते हैं?
शिव क्यों नीक लगते हैं? सोचा कभी कि शिव-भक्त क्यों विष्णु-द्रोही होते हैं? सारे असुर, रावण से लेकर! युगों पूर्व शैव तथा वैष्णव झगड़ते...
रवि किशन जल्द ही नजर आयेंगे अविनाश गिरी बायोपिक में
पटना। इन दिनों बॉलीवुड में बायोपिक का क्रेज बहुत देखने को मिल रहा है। महापुरुषों, राजनेताओं, फ़िल्मकारों के साथ-साथ अब नामचीन व्यवसायियों के जीवन...
राम मनोहर लोहियाः गैर कांग्रेसवाद के आधारस्तंभ
नवीन शर्मा
राम मनोहर लोहिया गैर कांग्रेसवाद के आधारस्तंभ थे। स्वतंत्र भारत की राजनीति और चिंतन धारा पर उनका गहरा असर था। इस मामले...
मोटूरि सत्यनारायण उत्तर-दक्षिण भाषा-सेतु के वास्तुकार थे
मोटूरि सत्यनारायण आगरा में केंद्रीय हिदी संस्थान को भाषायी प्रयोजनीयता के केन्द्र के रूप में विकसित करना चाह रहे थे। वे प्रयोजनमूलक हिंदी आंदोलन...
भीड़ में बदल रहा है इक्कीसवीं सदी का भारत
इक्कीसवीं सदी में भारत भीड़ में बदल रहा है। उसकी नागरिकता अगर राष्ट्रीय स्तर पर बहुसंख्यक धर्म, सेना के प्रति समर्पण, काल्पनिक कथाओं व...
कोरोना डायरीः इन्हें डायन कोरोना ने नहीं, नियति ने मारा है !
शुक्रवार को रेल की पटरियों पर सोये जो 16 मजदूर कट-मर गए, उन्हें कोरोना ने नहीं नियति ने मारा है। ये इसलिए मरे, क्योंकि...
फिल्मों में माताओं की माता की पहचान थी लीला चिटणीस की
वीर विनोद छाबड़ा
फिल्मों में माताओं की माता की पहचान थी लीला चिटणीस की। एक झोंपड़ीनुमा मकान में खाट पर लेटी मरियल-सी खांसती हुई...
कांग्रेस का चरित्रः जानिए क्यों इस्तीफा देना पड़ा था चरण सिंह को
कई दल मिल कर जब सरकार बनाते हैं तो क्या होता है? कभी-कभी वैसा ही होता है, जैसा चौधरी चरण सिंह की सरकार के...




















