फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी और अशोक वाजपेयी की प्रेरणा
फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व अशोक वाजपेयी ने 2016 में मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी...
उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ साहित्यकार थे, बल्कि एक संपादक भी थे
उपेंद्रनाथ अश्क न सिर्फ सशक्त साहित्यकार थे, बल्कि एक सही संपादक भी थे। संपादन भी सिखाते थे उपेंद्रनाथ अश्क। प्रो. कृपाशंकर चौबे को उन्होंने...
वासंतिक मौसम के मद्देनजर खास- निराला : एक याद या विषाद!
के. विक्रम राव
वसन्त पंचमी मतलब वाणी पुत्र कवि निराला की सालगाँठ। कौन सी थी? बहस अभी जारी रहेगी। निराला किस सदी के थे?...
राष्ट्रद्रोह पर 1962 में सुप्रीम कोर्ट का एक महत्वपूर्ण निर्णय
राष्ट्रद्रोह पर 1962 में सुप्रीम कोर्ट का एक महत्पूर्ण निर्णय आया था, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रद्रोह उसे माना जाएगा, जिससे समाज में हिंसा...
मार्क्स ने युवा दिनों में शायद ही संवेदनशील मन पर प्रभाव न डाला हो
मार्क्स के विचारों ने युवा दिनों में शायद ही किसी संवेदनशील मन पर प्रभाव न डाला हो। उन्हीं दिनों सर्वोदय दार्शनिक दादा धर्माधिकारी से सान्निध्य बढ़ा।...
सुषमा स्वराज जेपी का आशीर्वाद लेने जब पटना पहुंची थीं
सुषमा स्वराज 1977 में हरियाणा सरकार में मंत्री पद का कामकाज संभालने से पहले जेपी (जयप्रकाश नारायण) का आशीर्वाद लेने पटना आई थीं। उस...
डा. राममनोहर लोहिया ने जो सपने देखे थे, देखें आज उसकी हकीकत
डा. राममनोहर लोहिया ने देश और समाज के लिए जो सपने देखे थे, आज उसकी हकीकत देख लीजिए। राजनीति में जातिवाद का जहर और...
भारतीय कम्युनिस्टों की बड़ी जमात हमले के वक्त चीन के साथ थी
सुरेंद्र किशोर
भारतीय कम्युनिस्टों की एक बड़ी जमात ने 1962 में इस देश (भारत) पर जब चीन ने हमला हुआ तो चीन का साथ...
BIHAR : सियासी खीर बन रही या पक रही है खिचड़ी
ओमप्रकाश अश्क
रालोसपा प्रमुख और फिलवक्त केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के खीर वाले बयान के बाद बिहार की राजनीति में घमासान का बीजारोपण हो...
क्वारंटाइन से इतना भय क्यों, यह काला पानी जैसी कोई सजा नहीं है
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर...




















