सुषमा जी, आप बहुत याद आएंगी, याद आती रहेंगी सहिष्णु नेता बतौर
जयशंकर गुप्त
सुषमा जी, आप बहुत या आएंगी। याद आती रहेंगी, अपनी सहृदयता, असहमति को सम्मान देनेवाले सहिष्णु नेता के तौर पर भी। ओह,...
हिंसा के कारण हर साल 80 लाख करोड़ का नुकसान
एक बात की कल्पना कीजिए। यदि केंद्र सरकार अपने प्रत्येक कर्मचारी के वेतन में से हर साल चार हजार रुपए की भी कटौती करने...
कोरोना के दौर में श्रीराम डाल्टन की फिल्म ‘बसंत का वज्रनाद’
कोरोना के इस दौर में जहां बहुत कुछ थम-सा गया है, वहीं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित श्रीराम डाल्टन अपनी फिल्म 'बसंत का वज्रनाद' लेकर...
मलिकाइन के पातीः बाप रे, बिहार में बाग के बाग कुलबांसी
मलिकाइन के पाती अबकी घसिटउआ मोबाइल पर लिखा के आइल बा। ऊ अपने त ना लिख पवली, बाकिर गांव के कवनो कनिया से लिखवा...
राम के सहारे भाजपा, भागवत ने मंदिर के लिए अध्यादेश की बात कही
मिथिलेश के. सिंह
नयी दिल्ली। आसन्न लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा का घोषित चुनावी एजेंडा चाहे जो हो, पर भरोसा उसे रामजी पर ही...
गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं..
गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं...कोरोना डायरी की आठवीं कड़ी में हम उस संकल्प की बात करेंगे, जिसका मूल स्वर...
जयंती पर विशेषः आज़ाद हिन्द फौज वाले नेताजी को सलाम!
नवीन शर्मा
नेताजी सुभाष बोस स्वतंत्रता संग्राम के सबसे लाजवाब हीरो हैं, लेकिन हमारे देश की सरकारों ने उन्हें उतना सम्मान नहीं दिया, जिसके...
लारेंस फरलेंग्टी की की मौत पर शहर में मातम मना…
लारेंस फरलेंग्टी ने 101 साल की उम्र में भी कविता लिखी। उन्हें युद्ध से नफरत थी। मानवता से मुहब्बत के आदी थी। बुढ़ापे में...
शहर बदलते ही क्यों बदल जाती है हमारी तमीज और तहजीब
नागेन्द्र प्रताप
शहर या मुल्क बदलते ही हमारे तहजीब और तमीज बदल जाती है। ऐसा क्यों होता है, बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार नागेंद्र...
चारा घोटाला में स्कूटर पर सांढ़ ढोने की खबरें सीएजी के हवाले से बनती...
सीएजी की रिपोर्ट के हवाले से चारा घोटाला की सूचनाएं खबर बनती थी। बचपन के दिनों में अक्सर सुनते थे कि सांढ़ स्कूटर पर...




















