महात्मा गांधी के लिए कुर्बान हो गये चंपारण के बतख मियां

महात्मा गांधी के लिए कुर्बान हो गये चंपारण के बतख मियां

0
महात्मा गांधी के लिए कुर्बान हो गये चंपारण के बतख मियां नाम के एक शख्स। कम ही लोगों को उनके बारे में और इस...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर दीप जलाने से कोरोना का वायरस मरेगा या नहीं, पर ऐसे आयोजन की आलोचना से भी वायरस नहीं मरेगा।

नरेंद्र मोदी की आलोचना से भी वायरस नहीं मरेगा, पर आपके…!

0
संजय पाठक  नरेंद्र मोदी के आह्वान पर दीप जलाने से कोरोना का वायरस मरेगा या नहीं, यह उतना ही सच है, जितना यह कि...
अखबारों में छपी यह खबर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गयी है

सोशल मीडिया पर घूम रहीं ऐसी खबरें चकित करती हैं!

0
गोपेश्वर सिंह सोशल मीडिया पर अखबारों की यह खबर घूम रही है कि बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद भूमिहार जाति के 100 निर्धन बच्चों...
एक्नटर जीर हुसैन

भोजपुरी की पहली फिल्म- ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’

0
वीर विनोद छाबड़ा   भोजपुरी की पहली फिल्म 'गंगा मैया तोहे पिहरी चढ़इबो' के पीछे जिनका हाथ था, वह थे नजीर हुसैन। भोजपुरी सिनेमा के...
मंगला अनुजा पत्रकारिता की अप्रतिम अध्येता हैं। साहित्य का संस्कार मंगला अनुजा को विरासत में मिला। उनके पिता श्री कृष्णहरि पचौरी साहित्यकार थे।

मंगला अनुजा पत्रकारिता की अप्रतिम अध्येता, इनके बारे में जानिए

0
मंगला अनुजा पत्रकारिता की अप्रतिम अध्येता हैं। साहित्य का संस्कार मंगला अनुजा को विरासत में मिला। उनके पिता श्री कृष्णहरि पचौरी साहित्यकार थे। मंगला अनुजा के...
कबूतर या किसी पक्षी को कोई देश नहीं होता। हम तो यही सुनते आए हैं कि पक्षियों का कोई देश नहीं होता, लेकिन उनकी यह आजादी छिन गयी है।

कबूतर या किसी भी पक्षी का कोई खास देश होता है क्या !

0
ध्रुव गुप्त कबूतर या किसी पक्षी को कोई देश नहीं होता। हम तो यही सुनते आए हैं कि पक्षियों का कोई देश नहीं होता,...

जयंती पर विशेषः फिल्मों के आलराउंडर खिलाड़ी विजय आनंद

0
नवीन शर्मा विजय आनंद को हिंदी सिनेमा का हरफनमौला खिलाड़ी कहना ज्यादा सही रहेगा। वे बेहतरीन निर्देशक थे, संवेदनशील अभिनेता भी थे। इसके साथ-साथ वे लेखक और अच्छे...
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप पढ़ चुके हैं।

गोवर्धन पाठक का कमंडल………………………………

0
अरविंद चतुर्वेद अगर बाबूघाट पर चोरी न हुई होती और उनका सबकुछ चला न गया होता तो गोवर्धन पाठक से शायद मुलाकात भी न...

रेवती नक्षत्र में शरद पूर्णिमा बुधवार को, लक्ष्मी पूजें, धन पाएं

0
आश्विन माह के पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन से शरद ऋतु  का आरंभ भी माना गया है।...

विश्वनाथ प्रताप सिंह वही नहीं थे, जैसे अब दिखते हैं

0
वीपी सिंह वही नहीं थे, जैसे अब दिखते हैं...लेकिन इस बदलाव में एक अच्छाई है...एक राजनीतिक सूत्र है... पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ सरकार पर इधर...