मलिकाइन के पातीः बाप रे, बिहार में बाग के बाग कुलबांसी

0
मलिकाइन के पाती अबकी घसिटउआ मोबाइल पर लिखा के आइल बा। ऊ अपने त ना लिख पवली, बाकिर गांव के कवनो कनिया से लिखवा...
कोरोना काल में ऐसी खबरें, जो भारत की ताकत का एहसास कराती हैं

कोरोना काल में ऐसी खबरें, जो भारत की ताकत का एहसास कराती हैं

0
कोरोना काल में ऐसी अनेक खबरें आईं हैं,  जिसमें बताया गया कि घर में मौत हो गई, और फलां अधिकारी-कर्मचारी दूसरे दिन काम पर...
राज्यसभा सदस्य सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस रंजन गोगोई

राज्यसभा नहीं, वरन भारत रत्न के लायक हैं रंजन गोगोई !

0
राज्यसभा नहीं, वरन भारत रत्न के लायक हैं रंजन गोगोई ! सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त चीफ जस्टिस को भाजपा ने राज्यसभा के लिए...
लेखक या कवि क्यों और किसलिए लिखता है, जानने के लिए इस लेख को पढ़ लें। सबके लेखन की अपनी सोच है। कोई नाम के लिए लिखता है तो कुछ दाम के लिए लिखते हैं।

लेखक या कवि क्यों और किसलिए लिखता है, जानने के लिए इसे पढ़ें

0
लेखक या कवि क्यों और किसलिए लिखता है, जानने के लिए इस लेख को पढ़ लें। सबके लेखन की अपनी सोच है। कोई नाम...
ओशो ने कहा था- निंदा रस का धंधा है तुम्हारी पत्रकारिता। पत्रकारों की दृष्टि ही मिथ्या हो जाती है। उनके धंधे का मतलब ही यह है कि जनता जो चाहती है, वह लाओ खोजबीन कर।

पुण्यतिथिः आधुनिक युग के  विद्रोही संन्यासी का नाम है ओशो

0
नवीन शर्मा रजनीश, जो बाद में ओशो के नाम से जाने गये, वे आधुनिक भारत के सबसे चर्चित और और विवादास्पद आध्यात्मिक गुरु रहे...
आलोक तोमर अपनी पत्नी को बेहद प्यार करते थे। शादी से पहले सुप्रिया के प्रति उनके प्रेम के कई किस्से हैं। आलोक तोमर के ऐसे किस्से सामने आये हैं।

आलोक तोमर की यादः सुप्रिया के प्रेम में आकंठ डूब गया था

0
आलोक तोमर अपनी पत्नी को बेहद प्यार करते थे। शादी से पहले सुप्रिया के प्रति उनके प्रेम के कई किस्से हैं। आलोक तोमर के...
बिहार

BIHAR : सियासी खीर बन रही या पक रही है खिचड़ी

0
ओमप्रकाश अश्क रालोसपा प्रमुख और फिलवक्त केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के खीर वाले बयान के बाद बिहार की राजनीति में घमासान का बीजारोपण हो...

जयंती पर विशेषः साहित्य की अप्रतिम शख्यियत अमृता प्रीतम 

0
नवीन शर्मा वैसे तो अमृता प्रीतम पंजाबी लेखिका हैं, लेकिन हिंदी भाषा के पाठकों में भी वे खासा लोकप्रिय  हैं। वे हिंदी फिल्मों की...
भगवा वस्त्रधारी माधवकांत मिश्र के साथ नागेंद्र प्रताप

एक स्वामी जो मेरा कभी संपादक हुआ करता था यानी माधवकांत मिश्र

नागेंद्र प्रताप एक ऐसा स्वामी जो मेरा कभी सम्पादक हुआ करता था यानी माधवकांत मिश्र। वह कोई और नहीं, बल्कि अपने जमाने के मशहूर...

जन्मदिन पर विशेषः वाह जाकिर हुसैन, बोलिए जनाब!

0
नवीन शर्मा  जिन दिनों अपने देश में सिर्फ दूरदर्शन ही एकमात्र टीवी चैनल हुआ करता था। उस दौरान टीवी पर ताजमहल चायपत्ती का एक विज्ञापन...