चीन के संदर्भ में भारत की तैयारियों का विवेचन कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र किशोर

भारत तैयारियों के मामले में चीन से पीछे नहीं, सन् 62 से आगे है

भारत-चीन के बीच सीमा पर बढ़ी तनातनी ने चिंता पैदा कर दी है। पर भरोसा इस बात से है कि भारत सन् 62 से...

संयुक्त अरब अमीरात की केरल के लिए मदद ठुकराने पर छिड़ी बहस

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बाढ़ की विभीषिका झेल रहे केरल की मदद के लिए भारत सरकार किसी दूसरे देश की मदद स्वीकार नहीं करेगी। सरकार के इस फैसले...

योग मानव स्वास्थ्य की दिशा में सकारात्मक नजरिया है

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21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में घोषित है। 11 दिसंबर 2014 - यूनाइटेड नेशंस की आम सभा ने भारत द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून...

और आखिरकार कारोबार खबर की अकाल मौत हो गयी

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पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी पेश है। यह उस दौर की बात है, जब श्री अश्क...

जनमुद्दों की पत्रकारिता पर पत्रकारों ने किया मंथन

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रांची। सही मायने में जन मुद्दों से ही पत्रकारिता  का सरोकार है। पत्रकार की जिम्दामेवारी होती है कि वह उसे कितनी संजीदीगी से उठाता...
नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

देश का प्रधानमंत्री ईमानदार, फिर क्यों नहीं रुक रहा भ्रष्टाचार !

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देश में ईमानदार प्रधानमंत्री के रहते भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा। बिहार तो पहले से ही भ्रष्टाचार का जनक  माना जाता रहा...
कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को। ठाकुर प्रसाद सिंह के जीवन के आखिरी वर्ष शारीरिक दृष्टि से बहुत कष्ट में बीते थे। ठाकुरप्रसाद सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला है प्रोफेसर कृपाशंकर चौबे ने।

कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को

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कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को। ठाकुर प्रसाद सिंह के जीवन के आखिरी वर्ष शारीरिक दृष्टि से बहुत कष्ट में बीते...
लार्ड मेकाले के भाषण का वह अंश, जो उन्होंने भारत के बारे में ब्रिटिश संसद में दिया था

मेकाले-वाद का खतरा क्या एक बार फिर भारत पर मंडरा रहा है?

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मेकाले-वाद का खतरा क्या एक बार फिर भारत पर मंडरा रहा है। यह सवाल कई कारणों से मौजू हो गया है। लार्ड मेकाले ने...
हामिद अली खान उर्फ अजीत

देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान…गीत और हामिद

वीर विनोद छाबड़ा  देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान कितना बदल गया इंसान...! आपने 'नास्तिक' (1954) का ये गाना ज़रूर सुना...

जन्मदिन पर विशेष- अंकुर से गॉडमदर तक शबाना का शानदार सफर

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नवीन शर्मा शबाना आजमी हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक हैं। शबाना ने 1973 में निर्देशक श्याम बेनेगल की क्लासिक फिल्म...