चीन ने सोवियत संघ की सहमति के बाद ही 1962 में भारत पर हमला किया था। अगर जवाहरलाल नेहरू लंबी जिंदगी जीते तो भारत की विदेश नीति ही बदल जाती।

चीन से युद्ध के बाद नेहरू लंबी जिंदगी जीते तो विदेश नीति बदल जाती

सुरेंद्र किशोर चीन ने सोवियत संघ की सहमति के बाद ही 1962 में भारत पर हमला किया था। अगर जवाहरलाल नेहरू लंबी जिंदगी जीते...
मजार पर चादर चढ़ाने जाते नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

नीतीश की चुप्पी किसी बड़े तूफान का संकेत तो नहीं

नीरज सिंह पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हफ्ते भर से चुप हैं। आधिकारिक तौर पर यही एक लाइन की सूचना छन कर बाहर आयी...

मोतिहारी में पैदा हुए थे मशहूर विदेशी लेखक जार्ज ओरवेल

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21 जनवरी पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा विश्व साहित्य में अंग्रेजी के प्रसिद्ध उपन्यास 1984 व एनिमल फार्म विशिष्ट स्थान रखते हैं। इन कालजयी किताबों...
अमेरिका में साफ-सफाई और कड़े अनुशासन के बावजूद कोरोना का कहर बरपा है। कोरोना से दुनिया के सर्वाधिक तबाह देशों में अमेरिका की गिनती हो रही है।

अमेरिका में साफ-सफाई और कड़े अनुशासन के बावजूद कोरोना का कहर

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अमेरिका में साफ-सफाई और कड़े अनुशासन के बावजूद कोरोना का कहर बरपा है। कोरोना से दुनिया के सर्वाधिक तबाह देशों में अमेरिका की गिनती...
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप पढ़ चुके हैं।

गोवर्धन पाठक का कमंडल………………………………

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अरविंद चतुर्वेद अगर बाबूघाट पर चोरी न हुई होती और उनका सबकुछ चला न गया होता तो गोवर्धन पाठक से शायद मुलाकात भी न...

एम.ओ. मथाई की नेहरू पर लिखी पुस्तक से हटेगा प्रतिबंध?

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एम.ओ. मथाई की जवाहर लाल नेहरू पर लिखी पुस्तक से क्या प्रतिबंध हटेगा? इसकी संभावना दैनिक भास्कर के स्तंभकार डा. भरत अग्रवाल के स्तंभ...
पाकिस्तानी सेना के जनरल एके नियाजी जब बांग्लादेश युद्ध में हार के बाद सरेंडर कर रहे थे तो वहां मौजूद भीड़ उन्हें मारने पर उतारू थी. भीड़ से बचाने के लिए भारतीय जवानों ने मानव  प्राचीर बना दी.

पाकिस्तानी सेना के जनरल को जब हमारे जवानों ने बचा लिया 

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पाकिस्तानी सेना के जनरल एके नियाजी जब बांग्लादेश युद्ध में हार के बाद सरेंडर कर रहे थे तो वहां मौजूद भीड़ उन्हें मारने पर...

पुण्य तिथि पर विशेषः राम मनोहर लोहिया एक फ़कीर

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के. विक्रम राव दौर अभी बाकी था, मकता अभी अधूरा रह गया। कहते कहते वह सो गया, तो सुनने वालों को सन्नाटे ने चौंका...
संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब के बड़े व मशहूर केंद्र होते थे।

संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का बड़ा योगदान रहा

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ध्रुव गुप्त संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब...
महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि 19 जनवरी है। वर्ष 1597 में उनका इसी दिन निधन हुआ था। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को हुआ था।

महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाई, पर अकबर की अधीनता कबूल नहीं की….पुण्यतिथि...

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मध्यकाल के इतिहास लेखन के बारे में नेहरू युग के कम्युनिस्ट इतिहासकारों ने नये इतिहास लेखकों को यह निदेश दिया था कि महाराणा प्रताप...