हिंदी सिनेमा को साहित्य से जोडऩेवाली कड़ी बिमल राय
भारतीय सिनेमा को उत्कृष्ट ऊंचाई पर ले जाने वाले प्रारंभिक निर्देशकों में बिमल रॉय सबसे अव्वल माने जाते हैं। 12 जुलाई, 1909 में बांग्लादेश...
सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थीः जयंती पर विशेष
कृपाशंकर चौबे
सुभाष मुखोपाध्याय की वाम शासन ने उपेक्षा की थी। बांग्ला के विशिष्ट कवि सुभाष मुखोपाध्याय की आज जयंती (12 फरवरी 1919- 8...
नरेंद्र मोदी के आह्वान पर घंटा बजा, पर किसके वास्ते?
के. विक्रम राव
नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भारत ने आज (22 मार्च 2020) संध्या पांच बजे ताली बजाई, थाली पीटी, घंटी घनघनाई और...
सईदा खान की ट्रेजिडी भरी दास्तां सुन रूह कांप जाती है
वीर विनोद छाबड़ा
सईदा खान की ट्रेजिडी भरी दास्तां सुन कर रूह कांप जाती है। साठ के सालों में एक्ट्रेस होती थीं, सईदा ख़ान।...
वासंतिक मौसम के मद्देनजर खास- निराला : एक याद या विषाद!
के. विक्रम राव
वसन्त पंचमी मतलब वाणी पुत्र कवि निराला की सालगाँठ। कौन सी थी? बहस अभी जारी रहेगी। निराला किस सदी के थे?...
पाकिस्तानी सेना के जनरल को जब हमारे जवानों ने बचा लिया
पाकिस्तानी सेना के जनरल एके नियाजी जब बांग्लादेश युद्ध में हार के बाद सरेंडर कर रहे थे तो वहां मौजूद भीड़ उन्हें मारने पर...
फिल्मी गमशपः रामायण की सीता फिर दिखेंगी सिल्वर स्क्रीन पर
रामानंद सागर के कालजयी धारावाहिक रामायण की सीता यानी दीपिका चिखलिया फिर से सिल्वर स्क्रीन पर नजर आयेंगी। वह न्यूज़ आई कि हिंदी फ़िल्म...
मिसेज इंडिया यूनिवर्स में मिसेज हम्बल बनीं बिहार की सपना
पटना। बुरा वक्त तो सबका आता हैं। कोई बिखर जाता है, कोई निखर जाता है। वक्त सबको मिलता है जिंदगी बदलने के लिये। जिंदगी...
महंगाई की मापी के लिए लॉक डाउन बेहतर मौका है
हेमंत, वरिष्ठ पत्रकार
महंगाई की मापी के लिए लॉक डाउन बेहतर मौका है। आप घर बैठे चिंता-मग्न रहने का रिस्क उठाने योग्य सुरक्षा से लैस...
मार्क्स ने युवा दिनों में शायद ही संवेदनशील मन पर प्रभाव न डाला हो
मार्क्स के विचारों ने युवा दिनों में शायद ही किसी संवेदनशील मन पर प्रभाव न डाला हो। उन्हीं दिनों सर्वोदय दार्शनिक दादा धर्माधिकारी से सान्निध्य बढ़ा।...




















