तब प्रभात खबर के प्रिंटलाइन में संपादकीय प्रभारी का नाम छपा

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आप जहां रहते हैं, उसके इर्द-गिर्द हर दिन, हर पल कई ऐसी चीजें घटित होती हैं कि जब कभी किस्सागोई में उन्हें समेटना चाहें...
वसंत पंचमी  के दिन  सरस्वती पूजा का विधान भारत की प्राचीन परम्परा है। लेकिन पूजा का तात्पर्य जाने बिना भारत के लोग पूजा किए जाते हैं।

सरस्वती पूजा बसंत पंचमी पर, जानिए सरस्वती कौन हैं और क्या हैं? 

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भारत यायावर  सरस्वती पूजा का वसंत पंचमी  के दिन विधान भारत की प्राचीन परम्परा है। लेकिन सरस्वती पूजा का तात्पर्य जाने बिना भारत के लोग...

अद्भुत प्रतिभा के धनी गणितज्ञ डा. वशिष्ठ नारायण सिंहः  

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जन्मदिन पर विशेष सुरेंद्र किशोर गणितज्ञ वशिष्ठ बाबू यानी वशिष्ठ नारायण सिंह अद्भूुत प्रतिभा के धनी थे। उनके लिए पटना विश्वविद्यालय ने पहली बार नियम...
महात्मा गांधी के लिए कुर्बान हो गये चंपारण के बतख मियां

महात्मा गांधी के लिए कुर्बान हो गये चंपारण के बतख मियां

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महात्मा गांधी के लिए कुर्बान हो गये चंपारण के बतख मियां नाम के एक शख्स। कम ही लोगों को उनके बारे में और इस...

और आखिरकार कारोबार खबर की अकाल मौत हो गयी

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पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी पेश है। यह उस दौर की बात है, जब श्री अश्क...

नेपाल में माहवारी के दौरान महिलाएं अलग झोपड़ी में रहती थीं

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सुधा सिंह नेपाल में माहवारी के दौरान महिलाएं अलग झोपड़ी में रहती थीं। यह सुनने में जितना अटपटा लगता है, मानवीय आधार पर उतना...
आपातकाल-पीड़ित लोगबाग हर साल इमरजेंसी की वर्षगांठ मनाते हैं। मनाना जरूरी भी है। क्योंकि 25 जून  1975 को इमरजेंसी लगाकर पूरे देश को एक बड़े जेलखाना में बदल दिया गया था। 23 मार्च 1977 को ही इसे समाप्त किया जा सका था, जब लोकसभा के आम चुनाव के बाद मोरारजी देसाई की सरकार बनी।

इमरजेंसी में बड़े नेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों को यातनाएं भी दी गयीं

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इमरजेंसी के दौरान बड़े नेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों को जेलों में ठूंस दिया गया। उन्हें कई तरह की शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गयीं। यह...
‘नियम व शर्तें लागू’ वाला कोरोना राहत पैकेज-3  लॉक डाउन-3 के प्रायः अंत में कल यानी 14 मई को पब्लिक डोमेन में आ गया। क्या और कितना होगा इसका असर, बता रहे वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

‘नियम व शर्तें लागू’ वाला केंद्र सरकार का राहत पैकेज

श्याम किशोर चौबे ‘नियम व शर्तें लागू’ वाला कोरोना राहत पैकेज-3  लॉक डाउन-3 के प्रायः अंत में कल यानी 14 मई को पब्लिक डोमेन...
देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे। ललित सुरजन पत्रकारिता और सर्वोच्च इंसानी मान्यताओं के अजातशत्रु थे। ललित सुरजन जी  चले गए।

देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे, एक अजात शत्रु का जाना

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शेष नारायण सिंह देशबंधु के संपादक ललित सुरजन नहीं रहे। ललित सुरजन पत्रकारिता और सर्वोच्च इंसानी मान्यताओं के अजातशत्रु थे। वे पत्रकारिता के अजातशत्रु...
महेंदर मिसिर

अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर

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अनूप नारायण सिंह पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...