डॉ. अम्बेडकर का मानना था कि दलितों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका स्वयं का मीडिया अनिवार्य है। उन्होंने ‘मूकनायक’ प्रकाशित किया।

डॉ. अम्बेडकर का मानना था, दलितों के लिए स्वयं का मीडिया जरूरी है

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कृपाशंकर चौबे डॉ. अम्बेडकर का मानना था कि दलितों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका स्वयं का मीडिया अनिवार्य है।...
राजेश खन्ना

राजेश खन्ना को सुपर स्टार बनने से पहले मैंने देखा है

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वीर विनोद छाबड़ा राजेश खन्ना को सुपर स्टार बनने से पहले मैंने देखा है। मैं उन चंद खुशकिस्मतों में हूं, जिन्होंने राजेश खन्ना को...
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप पढ़ चुके हैं।

गोवर्धन पाठक का कमंडल………………………………

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अरविंद चतुर्वेद अगर बाबूघाट पर चोरी न हुई होती और उनका सबकुछ चला न गया होता तो गोवर्धन पाठक से शायद मुलाकात भी न...
कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को। ठाकुर प्रसाद सिंह के जीवन के आखिरी वर्ष शारीरिक दृष्टि से बहुत कष्ट में बीते थे। ठाकुरप्रसाद सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला है प्रोफेसर कृपाशंकर चौबे ने।

कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को

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कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को। ठाकुर प्रसाद सिंह के जीवन के आखिरी वर्ष शारीरिक दृष्टि से बहुत कष्ट में बीते...

कोसी त्रासदी की याद दिलाती फिल्म ‘लव यू दुलहिन’

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पटना। 18 अगस्त 2008 को कोसी ने अपनी सीमाएं लांघ दी थीं और जो तस्वीर बदली वो इतिहास के काले पन्ने में समा गयी।...
आर्थिक उदारीकरण ने आपको वेतन-पैकेज लाख-करोड़ रुपये तो दिये, लेकिन ये पैसे बाजार के रास्ते फिर पूंजीपतियों के पास ही पहुंच गये। इसे कोई नहीं समझा।

आर्थिक उदारीकरण ने पैकेज तो दिये, पर बाजार के रास्ते ले लिये

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आर्थिक उदारीकरण ने आपको वेतन-पैकेज लाख-करोड़ रुपये तो दिये, लेकिन ये पैसे बाजार के रास्ते फिर पूंजीपतियों के पास ही पहुंच गये। इसे कोई...

जयंती पर विशेषः पंचम दा शानदार संगीत के लिए शुक्रिया!

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नवीन शर्मा राहुल देव बर्मन मशहूर संगीत निर्देशक एसडी बर्मन की इकलौती संतान थे। जब पिता किसी क्षेत्र में काफी शोहरत हासिल कर लेता...

जन्मदिन पर विशेषः वाह जाकिर हुसैन, बोलिए जनाब!

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नवीन शर्मा  जिन दिनों अपने देश में सिर्फ दूरदर्शन ही एकमात्र टीवी चैनल हुआ करता था। उस दौरान टीवी पर ताजमहल चायपत्ती का एक विज्ञापन...

बंदूक व कलम की जुगलबंदी का नाम है मन्मथनाथ गुप्त

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जयंती पर विशेष नवीन शर्मा आमतौर पर बंदूक व कलम को दो विपरीत ध्रुव मानी जाती हैं। इन दोनों से ही तालमेल बना कर जिस...
पांक्तेय भाषाविद्, ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी और कृती सम्पादक पंडित विद्यानिवास मिश्र (1926-2005) की स्मृति में उनके जन्म दिन नमन(14 जनवरी) के अवसर पर नमन!

पांक्तेय भाषाविद विद्यानिवास मिश्र का समारोहपूर्वक स्मरण

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कृपाशंकर चौबे पांक्तेय भाषाविद्, ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी और कृती सम्पादक पंडित विद्यानिवास मिश्र (1926-2005) की स्मृति में उनके जन्मदिन के अवसर पर नमन! उनकी केंद्रीय...