जुगनू शारदेय नहीं रहे, सोशल मीडिया पर छायी निधन की सूचना
जुगनू शारदेय चले गये। अपने जमाने के नामी पत्रकार। स्वाभीमानी और संयत. अंतिम दिनों में उनका अकेलापन, उनके जाने से दुखी नहीं करता। इसलिए...
विश्वनाथ प्रताप सिंह वही नहीं थे, जैसे अब दिखते हैं
वीपी सिंह वही नहीं थे, जैसे अब दिखते हैं...लेकिन इस बदलाव में एक अच्छाई है...एक राजनीतिक सूत्र है...
पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ सरकार पर इधर...
राजस्थान में चुनावी हवा का रुख भांपना ज्यादा आसान है
बब्बन सिंह
विधानसभा के होने वाले चुनाव में राजस्थान में हवा का रुख भांपना ज्यादा आसान है। राजस्थान में वसुंधरा सरकार के कई मंत्री...
राम मनोहर लोहिया विश्व पत्रकारिता पर सजग दृष्टि रखते थे
कृपाशंकर चौबे
राम मनोहर लोहिया ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने समाजवाद की स्थापना के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पत्रकारिता को भी उपकरण...
कुमार कालिका सिंह ने जलाई थी स्वतंत्रता संग्राम की मशाल
राज घराने से ताल्लुक रखने वाले कालिका हीरा जी के नाम से रहे मशहूर
पकड़े जाने पर कुमार कालिका ने न्यायालय में ऐसा...
लोक का सांस्कृतिक पक्ष हमेशा से संवादधर्मी रहा है……………………
लोक संवाद करता है। उसके अपने तरीक़े हैं। आप किताबी ज्ञान के ज़रिए उससे संवाद स्थापित नहीं कर सकते। उससे संवाद करने के लिए...
अपने ही घर में बेगाने हो जाने की मजबूरी का नाम है घुसपैठ
सुरेंद्र किशोर
सन 1979-1985 के असम आंदोलन के दौरान 855 आंदोलनकारियों की जानें गयी थीं। इतनी कुर्बानियां देने के बाद 1985 में प्रधानमंत्री राजीव...
जयंती पर विशेषः तमस में उजियारे का नाम भीष्म साहनी
नवीन शर्मा
भीष्म साहनी हिंदी साहित्यकारों में विशिष्ट स्थानीय रखते हैं। सात अगस्त 1915 को रावलपिंडी में इनका जन्म हुआ था। वे हिन्दी फ़िल्मों...
मैथिली ठाकुर के गीत 99 साल तक रेडियो पर सुनाई देंगे
अनूप नारायण सिंह
पटना। सोशल मीडिया पर एक दुबली-पतली लड़की मैथिली गीत लाइव गा रही थी। अपना मैथिली से कोई खास वास्ता नहीं, फिर...
बिहार में सीटों के बंटवारे पर एनडीए के घटक दलों में जुबानी जंग
पटना। बिहार में फिलवक्त की राजनीति सीटों के तालमेल में उलझा है। एनडीए के घटक दलों- जदयू, रालोसपा और लोजपा की मांग पिछली जीती...




















