नहाय-खाय के साथ 1 अक्टूबर से तीन दिनों का जितिया पर्व

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जितिया का पर्व की शुरुआत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के नहाए खाए के साथ नौवी तिथि के पारण तक होती...

झारखंड में तेजी से विकसित हो रही है नयी शैली की बैद्यनाथ पेंटिंग

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डॉ आरके नीरद वरिष्ठ पत्रकार अौर जनजातीय जीवन-संस्कृति के गहरे जानकार हैं। झारखंड की कला-संस्कृति पर प्रायः ढाई दशकों से काम कर रहे हैं।...
भारतीय भाषाओं को प्रतिष्ठा दिलाने के अथक सेनानी रहे हैं बलदेव बंशी। यूपीएससी की परीक्षाओं में भारतीय भाषाओं को उन्होंने हक दिलाया।

भारतीय भाषाओं की प्रतिष्ठा के अथक सेनानी थे बलदेव बंशी

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भारतीय भाषाओं को प्रतिष्ठा दिलाने के अथक सेनानी रहे हैं बलदेव बंशी। यूपीएससी की परीक्षाओं में भारतीय भाषाओं को उन्होंने हक दिलाया। आइए, जानते...
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा (फाइल फोटो)

अमेरिका के राष्ट्रपति पद से हटने के बाद क्या कर रहे हैं ओबामा, जानिए

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अमेरिका के राष्ट्रपति पद से हटने के बाद क्या कर रहे हैं बराक ओबामा, यह जानने की जिज्ञासा शायद सबकी होगी। विकसित बड़े देश...
राहत पैकेज में कितनी राहत! लाक डाउन-3 के अंत समय में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5.94 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज-2 का ब्यौरा पेश किया। इसे विस्तार से समझा रहे वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

राहत पैकेज में कितनी राहत! समझने के लिए इसे पढ़ लीजिए

श्याम किशोर चौबे राहत पैकेज में कितनी राहत! लाक डाउन-3 के अंत समय में 13 मई को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5.94...
नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

भारत की सबसे बड़ी समस्या है भ्रष्टाचार, चीन से सीखने की जरूरत

भारत की सबसे बड़ी समस्या भ्रष्टाचार है। चीन भले कोरोना के कारण बदनाम हुआ है, पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में उससे सीखना चाहिए।...

जानिए क्यों चर्चा में है प्रिंस सिंह राजपूत की फिल्म इंडियन विराज

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5 अक्टूबर को हुई है फिल्म रिलीज पहले दिन ही मिली बंपर ओपनिंग पटना। कश्मीर में पत्थरबाजी की घटना पर आधारित भोजपुरी फिल्म इंडियन...

दारू नहीं मिली तो शराबखोरी में बंद कैदी ने दम तोड़ दिया

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छपरा। छपरा मंडल कारा के विचाराधीन कैदी की मौत उपचार के दौरान सदर अस्पताल में हो गई। मृतक परसा  थाना क्षेत्र के परसौना  गांव निवासी रघुनाथ साह का 46 वर्षीय पुत्र...
आपातकाल-पीड़ित लोगबाग हर साल इमरजेंसी की वर्षगांठ मनाते हैं। मनाना जरूरी भी है। क्योंकि 25 जून  1975 को इमरजेंसी लगाकर पूरे देश को एक बड़े जेलखाना में बदल दिया गया था। 23 मार्च 1977 को ही इसे समाप्त किया जा सका था, जब लोकसभा के आम चुनाव के बाद मोरारजी देसाई की सरकार बनी।

इमरजेंसी में बड़े नेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों को यातनाएं भी दी गयीं

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इमरजेंसी के दौरान बड़े नेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों को जेलों में ठूंस दिया गया। उन्हें कई तरह की शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गयीं। यह...
छठ पर्व एकमात्र ऐसा पर्व है जो स्त्रियों का है। इसमें पुरोहित ब्राह्मणों, पितृसत्ता तथा जाति भेदभाव का कोई स्थान नहीं है।

छठ पर्व के स्त्री विमर्श को समझना चाहिए, यह उन्हीं का पर्व

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शंभुनाथ छठ पर्व एकमात्र ऐसा पर्व है जो स्त्रियों का है। इसमें पुरोहित ब्राह्मणों, पितृसत्ता तथा जाति भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। यह...