बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए। वह स्थान सम्मानजनक होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि 70 लाख आदिवासियों के साथ आप किस तरह से पेश आते हैं।

बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए

बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए। वह स्थान सम्मानजनक होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि 70...
वसंत पंचमी  के दिन  सरस्वती पूजा का विधान भारत की प्राचीन परम्परा है। लेकिन पूजा का तात्पर्य जाने बिना भारत के लोग पूजा किए जाते हैं।

सरस्वती पूजा बसंत पंचमी पर, जानिए सरस्वती कौन हैं और क्या हैं? 

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भारत यायावर  सरस्वती पूजा का वसंत पंचमी  के दिन विधान भारत की प्राचीन परम्परा है। लेकिन सरस्वती पूजा का तात्पर्य जाने बिना भारत के लोग...
डॉ. अंबेडकर के संपादन में निकले पाक्षिक ‘समता’ में सावरकर के उस पक्ष को तरजीह दी गयी है, जिसमें उन्होंने रोटी-बेटी के संबंध का समर्थन किया है।

बाबा साहब ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा

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बाबा साहब भीमराव अंबेदकर ने भांप लिया था कि भावी भारत का स्वरूप कैसा होगा। तभी तो उन्होंने कहा था- जातिभेद और धर्मभेद तो...
संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब के बड़े व मशहूर केंद्र होते थे।

संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का बड़ा योगदान रहा

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ध्रुव गुप्त संगीत शैलियों के विकास में तवायफों के कोठों का सबसे बड़ा योगदान था। तब कोठे देह व्यापार के नहीं, संगीत और तहजीब...

राम के सहारे भाजपा, भागवत ने मंदिर के लिए अध्यादेश की बात कही

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मिथिलेश के. सिंह नयी दिल्ली। आसन्न लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा का घोषित चुनावी एजेंडा चाहे जो हो, पर भरोसा उसे रामजी पर ही...
ओमप्रकाश अश्क

और अब प्रभात खबर का पटना संस्करण बना अगला पड़ाव

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मुन्ना मास्टर बने एडिटर- पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक हैं। इसे हम लगातार क्रमिक रूप से प्रकाशित कर रहे हैं। गुवाहाटी, रांची, कोलकाता...
‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता सामग्री में मंहगाई नहीं सताती। इसलिए अभी और मंहगाई के लिए तैयार ही रहें श्रीमान ! यह कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

मध्य वर्ग पर पड़ी है कोरोना की असल मार, समझिए कैसे….

श्याम किशोर चौबे मध्य वर्ग पर कोरोना की असल मार पड़ी है। यह वर्ग सर्वाधिक बदहाल है। गरीबों को बचाने और अमीरों को उबारने...
नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी

नोबल विजेता अभिजीत बनर्जी व चेतन भगत के अजोब तर्क!

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सुरेंद्र किशोर नोबल विजेता अभिजीत बनर्जी और अब चेतन भगत! ये दोनों बुद्धिजीवी चाहते हैं कि भारत सरकार भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई ही न...
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर भी इसका कई जगहों पर बेतुका विरोध हो रहा है।

क्वारंटाइन से इतना भय क्यों, यह काला पानी जैसी कोई सजा नहीं है

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क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर...
कबूतर या किसी पक्षी को कोई देश नहीं होता। हम तो यही सुनते आए हैं कि पक्षियों का कोई देश नहीं होता, लेकिन उनकी यह आजादी छिन गयी है।

कबूतर या किसी भी पक्षी का कोई खास देश होता है क्या !

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ध्रुव गुप्त कबूतर या किसी पक्षी को कोई देश नहीं होता। हम तो यही सुनते आए हैं कि पक्षियों का कोई देश नहीं होता,...