अर्से बाद लोकसभा की कार्यवाही 20 जुलाई को खूब चली

0
अर्से बाद 20 जुलाई को लोकसभा चली और खूब चली। सुबह 11 बजे से आधी रात तक चली । भोजनावकाश भी नहीं हुआ। ऐसा...
जायरा वसीम

हिन्दी फिल्मों की अभिनेत्री जायरा वसीम का डर!

ध्रुव गुप्त कश्मीर से आने वाली हिन्दी फिल्मों की अभिनेत्री जायरा वसीम का फिल्म छोड़ने का फैसला उनका व्यक्तिगत फैसला है, जिसका सम्मान किया...

इस वर्ष 12.5 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड देगी झारखंड सरकार

0
रांची। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि किसान अन्नदाता है। उनके जीवन में खुशहाली लाना हमारा लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक किसानों की...

स्मिता पाटिल अब तक अपनी अदा के कारण दर्शकों को याद हैं

0
पुण्पतिथि पर विशेष नवीन शर्मा स्मिता पाटिल हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिभावान अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने अपनी कई फिल्मों में एक से बढ़कर...
हामिद अली खान उर्फ अजीत

देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान…गीत और हामिद

वीर विनोद छाबड़ा  देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान कितना बदल गया इंसान...! आपने 'नास्तिक' (1954) का ये गाना ज़रूर सुना...
बिहार में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 5,175 हो गयी है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 203 नये पॉजिटिव मामले सामने आये हैं।

कोरोना! अब तो जब तक जीना है, तेरी शमशीरें और हमारा सीना है

0
डा. संतोष मानव कोरोना! अब तो जब तक जीना है, तेरी शमशीरें और हमारा सीना है। 42 घरों वाले इस कवर्ड कैंपस में वीरानगी...
मथाई की पुस्तकों पर से प्रतिबंध हटाने का माकूल समय है। मथाई के संस्मरणात्मक पुस्तक में कई बातें हैं, जिन्हें नई पीढ़ी को जानना चाहिए।

मथाई की पुस्तकों पर से प्रतिबंध हटाने का यह माकूल समय है

0
मथाई की पुस्तकों पर से प्रतिबंध हटाने का माकूल समय है। मथाई के संस्मरणात्मक पुस्तक में कई बातें हैं, जिन्हें नई पीढ़ी को जानना चाहिए।...

जयंती पर विशेषः भारत की एकता के सूत्रधार सरदार पटेल

0
नवीन शर्मा आज हम भारत का जो राजनीतिक मानचित्र देखते हैं, उसे इस रूप में ढालने का सबसे अधिक योगदान सरदार वल्लभ भाई पटेल...

विश्वनाथ प्रताप सिंह वही नहीं थे, जैसे अब दिखते हैं

0
वीपी सिंह वही नहीं थे, जैसे अब दिखते हैं...लेकिन इस बदलाव में एक अच्छाई है...एक राजनीतिक सूत्र है... पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ सरकार पर इधर...

नेपाल में माहवारी के दौरान महिलाएं अलग झोपड़ी में रहती थीं

0
सुधा सिंह नेपाल में माहवारी के दौरान महिलाएं अलग झोपड़ी में रहती थीं। यह सुनने में जितना अटपटा लगता है, मानवीय आधार पर उतना...