कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

महाराष्ट्र के औरंगाबाद की घटना और रवि, रणवीर व जमलो की याद

महाराष्ट्र के औरंगाबाद से अल्लसुबह दिल दहला देने वाली खबर आई। मालगाड़ी ने 15 मजदूरों की जान ले ली। सभी रेल पटरी पर सोये...
अग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी। भारत को अपने ढंगा से सजने-संवरने और अपने नियम-कानून से देश चलाने का अवसर मिल गया। लेकिन हम उसी लीक पर चलते रहे।

महात्मा गांधी की हत्या पर कपूर कमीशन की रिपोर्ट कहां गई!

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महात्मा गांधी की शहादत दिवस (30 जनवरी) पर वरिष्ठ IPS अरविन्द पाण्डेय ने हत्या के कारणों की जांच के लिए गठित कपूर कमीशन की...

और आखिरकार कारोबार खबर की अकाल मौत हो गयी

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पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की अगली कड़ी पेश है। यह उस दौर की बात है, जब श्री अश्क...

जहां महज 11 रुपये की गुरु दक्षिणा से बन जाते हैं क्लर्क से कलेक्टर...

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वेद और पुराण की ज्ञाता तथा पटना में महज ₹11 के गुरु दक्षिणा में क्लर्क से लेकर कलेक्टर तैयार करने वाले अदम्या अदिति गुरुकुल...

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर...

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात कर नया झारखंड नया भारत बनाएं झारखण्ड : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जयंती...
अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर रही। वह तो आजादी की व्याख्या कर रही है। जैसे टुकड़े-टुकड़े गैंग को इस देश से आजादी चाहिए।

कंगना राणावत के बयान को उसका ज्ञान समझने की भूल न करें  

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अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर...

दू आंख से सरकार ना चलेले ए सुशासन बाबू!

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पावं लागी मलिकार। रउरा त मने मन रिसियाइल-खिसियाइल होखेब कि केतना दिन से हम रउरा के पाती ना पठवनी। सांच के आंच कइसन। रउरा...
‘बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।।’ नारे पर रीझे भारतीय जनमानस को शायद अब पेट्रोल-डीजल सहित अन्य उपभोक्ता सामग्री में मंहगाई नहीं सताती। इसलिए अभी और मंहगाई के लिए तैयार ही रहें श्रीमान ! यह कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

आत्मनिर्भर भारत बरक्स सांसदों के दत्तक गांव

आत्मनिर्भर भारत बरक्स सांसदों के दत्तक गांव। कोरोना काल में प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसदों द्वारा गांव गोद लेने की महत्कांक्षी योजना आकलन का...

मारीशस  के लोग मानते हैं- भोजपुरी हिंदी की माता है

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राजेश श्रीवास्तव मॉरीशस में हुए मेरे दोनों व्याख्यानों में मैंने रामकथा को गलत तरह से प्रचारित किये जाने का विरोध किया। संसार के बहुत ...
डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक हैं।

डॉ. अम्बेडकर मानते थे- लोकतंत्र के लिए बुद्ध का उपयोग ही उपयुक्त है

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डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक...