कोरोना के बाद अनुशासित और ईमानदार प्रशासन की पड़ेगी जरूरत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मानते हैं कि आत्मनिर्भर बनने का वक्त आ गया है।

कोरोना काल की डायरी- हर सुबह न जाने डराती क्यों है !

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कोरोना काल डायरी- हर सुबह न जाने डराती क्यों है ! कोरोना काल में लाक डाउन को डायरी के पन्नों पर उतारा है वरिष्ठ...

कोसी त्रासदी की याद दिलाती फिल्म ‘लव यू दुलहिन’

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पटना। 18 अगस्त 2008 को कोसी ने अपनी सीमाएं लांघ दी थीं और जो तस्वीर बदली वो इतिहास के काले पन्ने में समा गयी।...
गांव की संस्मरण कथा की शृंखला शुरू की है वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अरविंद चतुर्वेद ने। गांव की संस्मरण कथा की एक कड़ी आप पढ़ चुके हैं।

गोवर्धन पाठक का कमंडल………………………………

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अरविंद चतुर्वेद अगर बाबूघाट पर चोरी न हुई होती और उनका सबकुछ चला न गया होता तो गोवर्धन पाठक से शायद मुलाकात भी न...

फिल्म समीक्षाः बाला साहेब की तरह ही बेबाक है ठाकरे

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नवीन शर्मा आजकल हिंदी सिनेमा में बायोपिक का दौर चल रहा है। इसकी लेटेस्ट फिल्म है ठाकरे। इसके कुछ हफ्ते पहले ही मनमोहन सिंह...
लॉक डाउन- 4 को जारी रखने का फैसला केंद्र सरकार ने किया है। राज्य अपने हिसाब से रेड, आरेंज व ग्रीन जोन का निर्धारण कर सकेंगे।

महंगाई की मापी के लिए लॉक डाउन बेहतर मौका है

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हेमंत, वरिष्ठ पत्रकार महंगाई की मापी के लिए लॉक डाउन बेहतर मौका है। आप घर बैठे चिंता-मग्न रहने का रिस्क उठाने योग्य सुरक्षा से लैस...
कोरोना काल में ऐसी खबरें, जो भारत की ताकत का एहसास कराती हैं

कोरोना काल में ऐसी खबरें, जो भारत की ताकत का एहसास कराती हैं

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कोरोना काल में ऐसी अनेक खबरें आईं हैं,  जिसमें बताया गया कि घर में मौत हो गई, और फलां अधिकारी-कर्मचारी दूसरे दिन काम पर...

नैना-नैना एल्बम में दिखेगी अनुष्का और सौरभ की रोमांटिक जोड़ी 

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पटना। बिहारी कलाकारों से सजी नैना-नैना एल्बम जल्द ही दर्शकों को झुमाती नजर आएगी। इस एल्बम के जरिये फिल्मी दुनिया में कदम रख रहे...
‘नियम व शर्तें लागू’ वाला कोरोना राहत पैकेज-3  लॉक डाउन-3 के प्रायः अंत में कल यानी 14 मई को पब्लिक डोमेन में आ गया। क्या और कितना होगा इसका असर, बता रहे वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे

‘नियम व शर्तें लागू’ वाला केंद्र सरकार का राहत पैकेज

श्याम किशोर चौबे ‘नियम व शर्तें लागू’ वाला कोरोना राहत पैकेज-3  लॉक डाउन-3 के प्रायः अंत में कल यानी 14 मई को पब्लिक डोमेन...
यह स्वीकार करना कि शैबाल गुप्ता नहीं रहे, मेरे लिए कितना दुखद है, कैसे कहूँ। दशकों से हम मित्र रहे। इतनी यादें और संस्मरण हैं, जिन्हें लिखना मुश्किल होगा।

शैबाल गुप्ता का जाना बिहार के लिए अपूरणीय क्षति !

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प्रेमकुमार मणि शैबाल गुप्ता का जाना बिहार के लिए अपूरणीय क्षति है! यह स्वीकार करना कि शैबाल गुप्ता नहीं रहे, मेरे लिए कितना दुखद...
कोरोना का कहर, हर दिल-दिमाग रणभूमि। मौत दर मौत। सब नेगेटिव। खिन्न मन। अच्छा सोचो। अच्छा करो। अच्छा पढ़ों। अच्छा लिखो। सब ठीक होगा। कैसे होगा? धैर्य रखो।

कोरोना काल की डायरी: 7- यह बदलाव का वायरस भी है मितवा     ...

कोरोना का कहर, हर दिल-दिमाग रणभूमि। मौत दर मौत। सब नेगेटिव। खिन्न मन। अच्छा सोचो। अच्छा करो। अच्छा पढ़ों। अच्छा लिखो। सब ठीक होगा।...