प्रोड्यूसर सिद्धार्थ मल्होत्रा को पर्दे पर सशक्त महिलाओं का चित्रण करना है पसंद

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पर्दे पर सशक्त महिलाओं का चित्रण करना है मुझे पसंद सार्थक समय डेस्क : क्रियेटर-प्रोड्यूसर सिद्धार्थ मल्होत्रा की दृष्टि हर उस प्रोजेक्‍ट पर रहती है,...
भीड़ में किसी ने गाड़ी के टार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। टायर पंक्चर

पाहन ला देवहु दस रुपया, नहीं दिया तो जान पर आफत आ गयी

मंगलेश तिवारी मुफलिस पाहन ला देवहु, दस रूपया। नहीं दिया तो जान पर आफत आ गयी। किसी तरह 50 रुपये दंड और 100 रुपये...

Croatia को रौंद 20 साल बाद फिर विश्व चैंपियन बना फ्रांस

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फ्रांस ने रविवार को मॉस्को के लुजिन्हकी स्टेडियम पर फाइनल मुकाबले में क्रोएशिया को 4-2 से रौंदते हुए फीफा विश्व कप 2018 का खिताब जीता।...
बंगाल में अंतिम चरण के चुनाव में भी हिंसा नहीं थमी। सुरक्षा के व्यापक तामझाम के बावजूद बंगाल में आठवें चरण का मतदान भी शांतिपूर्ण नहीं रहा।

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की परंपरा दशकों पुरानी है

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पश्चिम बंगाल में राजनीतिक, हिंसा की परंपरा दशकों पुरानी है। क्या 1975 में जेपी पर हमलावर भीड़ में ममता बनर्जी भी शामिल थीं? जेपी...

हार नहीं मानूंगा…कहने वाले अटल जी आखिरकार मौत से हार गये

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नयी दिल्ली। हार नहीं मानूंगा...कहने वाले अटल जी लड़ते-लड़ते मौत से हार गये। एम्स ताजा बुलेटिन के मुताबिक उनकी मौत की आज पुष्टि कर...
अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय ने अवकाश के बाद इसी प्रेसिडेंसी कालेज में अध्यापन किया। हिन्दी के एक प्रतिष्ठित व्यंग्य-लेखक, साहित्यकार और पत्रकार, जो पाठकों के बीच अनय नाम से परिचित थे।

अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय को जानिए, कौन थे

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अनय यानी प्रो. कृष्ण चन्द्र पाण्डेय। हिन्दी के एक प्रतिष्ठित व्यंग्य-लेखक, साहित्यकार और पत्रकार, जो पाठकों के बीच अनय नाम से परिचित थे। ‘तीसरा विभाजन’...
भारत-चीन सैनिक झड़प: अतीत के आईने और भविष्य के मायने, समझा रहे हैं कमलेश पांडेय

भारत-चीन सैन्य झड़प: अतीत के आईने और भविष्य के मायने

भारत-चीन सैन्य झड़प की घटना पर हम खामोश रहते हैं। पाकिस्तान के साथ मामूली तनाव पर हम ताव में आते हैं, पर चीन के...
भगवा वस्त्रधारी माधवकांत मिश्र के साथ नागेंद्र प्रताप

एक स्वामी जो मेरा कभी संपादक हुआ करता था यानी माधवकांत मिश्र

नागेंद्र प्रताप एक ऐसा स्वामी जो मेरा कभी सम्पादक हुआ करता था यानी माधवकांत मिश्र। वह कोई और नहीं, बल्कि अपने जमाने के मशहूर...
अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर रही। वह तो आजादी की व्याख्या कर रही है। जैसे टुकड़े-टुकड़े गैंग को इस देश से आजादी चाहिए।

कंगना राणावत के बयान को उसका ज्ञान समझने की भूल न करें  

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अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर...
लेखक निशिकांत ठाकुर दैनिक जागरण में नरेंद्र मोहन के साथ वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं

अखबार की ‘साख’ से कभी मत खेलना, कहते थे नरेंद्र मोहन

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निशिकांत ठाकुर अखबार की ‘साख’ से कभी मत खेलना। यह नसीहत अक्सर ‘दैनिक जागरण’ के प्रधान संपादक स्व. नरेंद्र मोहन जी सहकर्मियों को दिया...