25 जून 1975 की आधी रात हुई थी आपातकाल की घोषणा
लगभग 43 साल पहले देश में 25 जून 1975 की आधी रात को आपातकाल की घोषणा की गई थी। । जो 21 मार्च 1977...
मलिकाइन के पातीः रांड़ माड़े पर उतान
पांव लागीं मलिकार। कई दिन से राउरा के पाती पठावे के सोचत रहनी हां, बाकिर कवनो मिलते ना रहले हां सन लिखे वाला। आज...
पांडवों ने स्थापित की थी आरा में मां आरण्य देवी की प्रतिमा
आरा। आरण्य देवी की पूजा यहां प्राचीन काल से हो रही है। मान्यता है कि देवी की स्थापना धर्मराज युद्धिष्ठिर ने की थी। इसे...
अचानक और इतना बड़ा फैसला क्या नागपुर के इशारे पर लिया गया
यह सही से जांच का विषय है कि कश्मीर में समर्थन वापसी की "मास्टर की" किसके पास थी? नागपुर के पास, या फिर "7 लोक कल्याण मार्ग " के पास? खबर...
कमल दीक्षित ने अलविदा कहा, पर उनके शब्द अब भी गूंज रहे
कमल दीक्षित ने दुनिया से विदा ले ली। पर, पत्रकारिता के संबंध में उनके शब्द अब भी गूंज रहे हैं- पत्रकारिता अभी सूचनाओं का...
कबूतर या किसी भी पक्षी का कोई खास देश होता है क्या !
ध्रुव गुप्त
कबूतर या किसी पक्षी को कोई देश नहीं होता। हम तो यही सुनते आए हैं कि पक्षियों का कोई देश नहीं होता,...
पुलिस से पुलिस मंत्री तक बने थे स्वतंत्रता सेनानी रामानंद तिवारी
सुरेंद्र किशोर
पुलिस से पुलिस मंत्री बने थे रामानंद तिवारी। स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादी नेता दिवंगत रामानंद तिवारी के बारे में नयी पीढ़ी शायद...
रामदेव शुक्लः व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ
रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं। ‘बिहारी- सतसई...
जयंती पर विशेषः साहित्य की अप्रतिम शख्यियत अमृता प्रीतम
नवीन शर्मा
वैसे तो अमृता प्रीतम पंजाबी लेखिका हैं, लेकिन हिंदी भाषा के पाठकों में भी वे खासा लोकप्रिय हैं। वे हिंदी फिल्मों की...
भोजपुरी गीतों को नया आयाम दे रही है भोजपुर की बेटी बेबी काजल
पटना। बिहार के भोजपुर जिले के आरा की माटी से ताल्लुक रखने वाली बेबी काजल भोजपुरी की एक ऐसी गायिका के तौर पर अब...




















