प्रोड्यूसर सिद्धार्थ मल्होत्रा को पर्दे पर सशक्त महिलाओं का चित्रण करना है पसंद

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पर्दे पर सशक्त महिलाओं का चित्रण करना है मुझे पसंद सार्थक समय डेस्क : क्रियेटर-प्रोड्यूसर सिद्धार्थ मल्होत्रा की दृष्टि हर उस प्रोजेक्‍ट पर रहती है,...
चीन को सीमा से ही नहीं, सीने से भी बाहर करना होगा। अभी समय है। यह नहीं हुआ तो ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह चीन की कंपनियां भी धीरे-धीरे भारत को कब्जे में ले लेंगी।

चीन को सीमा से ही नहीं, सीने से भी बाहर करना होगा भारत को

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चीन को सीमा से ही नहीं, सीने से भी बाहर करना होगा। अभी समय है। यह नहीं हुआ तो ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह...

जयंती पर विशेषः भारत की एकता के सूत्रधार सरदार पटेल

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नवीन शर्मा आज हम भारत का जो राजनीतिक मानचित्र देखते हैं, उसे इस रूप में ढालने का सबसे अधिक योगदान सरदार वल्लभ भाई पटेल...
अग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी। भारत को अपने ढंगा से सजने-संवरने और अपने नियम-कानून से देश चलाने का अवसर मिल गया। लेकिन हम उसी लीक पर चलते रहे।

अंग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी, पर भारत उसी ढर्रे पर चलता रहा

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हरे राम कात्यायन अंग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी। भारत को अपने ढंगा से सजने-संवरने और अपने नियम-कानून से देश चलाने का अवसर मिल गया।...
लार्ड मेकाले के भाषण का वह अंश, जो उन्होंने भारत के बारे में ब्रिटिश संसद में दिया था

मेकाले-वाद का खतरा क्या एक बार फिर भारत पर मंडरा रहा है?

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मेकाले-वाद का खतरा क्या एक बार फिर भारत पर मंडरा रहा है। यह सवाल कई कारणों से मौजू हो गया है। लार्ड मेकाले ने...
महात्मा गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के पल-पल की जरूरत बन चुका है।

गांधी का चिंतन-सोच और जीवन पद्धति ही हमारा मार्गदर्शक  है

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हरिवंश गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के...
अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि हैं और उनकी प्रतिबद्धता की जड़ें ठेठ भारतीय आबोहवा और जमीन में हैं। जो सामने है, वही उनकी कविता का विषय है।

अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि, बेहतर जीवन की आकुलता 

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कृपाशंकर चौबे अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि हैं और उनकी प्रतिबद्धता की जड़ें ठेठ भारतीय आबोहवा और जमीन में हैं। जो सामने...
परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहले होते हैं। भूमंडल में परियों का अस्तित्व है। परियों को देखने के लिए उम्दा किस्म के कैमरे की जरूरत है।

परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहरे होते हैं

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परियां नीले वस्त्र पहनती हैं और उनके बाल सुनहरे होते हैं। भूमंडल में परियों का अस्तित्व है। परियों को देखने के लिए उम्दा किस्म...
प्आरतीक फोटो- इसक्रीम

आइसक्रीम, पेस्ट्री, केक या शेक छोड़ो, बीमारी से बचो!

आइसक्रीम, पेस्ट्री, केक या शेक छोड़ो, बीमारी से बचो! यह सुझाव अपने अनुभवों के आधार पर वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल का है। उन्होंने अपने...
इंदिरा गांधीः आपातकाल की प्रणेता

लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल

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नवीन शर्मा लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल। निरंकुश राजतंत्र की तुलना में लोकतंत्र काफी अच्छी व्यवस्था है। यह शासन व्यवस्था को निरंकुश...