विपक्षी एकता चुनाव से पहले संभव नहीं दिखती
लोकसभा चुनाव के लिए हो रही विपक्षी एकता की कोशिश कितनी कामयाब होगी, यह तो समय बतायेगा, लेकिन एक बात साफ है कि अपने-अपने...
जयंती पर विशेष- हीरो से भी ज्यादा पैसे लेते थे खलनायक प्राण
नवीन शर्मा
हिंदी सिनेमा के सौ साल से लंबे इतिहास में वैसे तो दर्जनों खलनायक हुए हैं। उनमें से प्राण एक खास स्थान रखते...
डॉ. अम्बेडकर का मानना था, दलितों के लिए स्वयं का मीडिया जरूरी है
कृपाशंकर चौबे
डॉ. अम्बेडकर का मानना था कि दलितों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका स्वयं का मीडिया अनिवार्य है।...
जयंती पर विशेषः फिल्मों के आलराउंडर खिलाड़ी विजय आनंद
नवीन शर्मा
विजय आनंद को हिंदी सिनेमा का हरफनमौला खिलाड़ी कहना ज्यादा सही रहेगा। वे बेहतरीन निर्देशक थे, संवेदनशील अभिनेता भी थे। इसके साथ-साथ वे लेखक और अच्छे...
सांप्रदायिक सौहार्द समझने के लिए इसे जरूर पढ़िए
शंभूनाथ शुक्ला
सांप्रदायिक सौहार्द समझने के लिए इसे जरूर पढ़िए। सोशल मीडिया ने सदाशयता, सांप्रदायिक सद्भाव और मेल-मिलाप की बजाय समाज में जहर ज्दाया...
गोवर्धन पाठक का कमंडल………………………………
अरविंद चतुर्वेद
अगर बाबूघाट पर चोरी न हुई होती और उनका सबकुछ चला न गया होता तो गोवर्धन पाठक से शायद मुलाकात भी न...
हिन्दी के लिए लड़ने वाला सबसे बड़ा योद्धा : महात्मा गाँधी
2 अक्टूबर को जन्मदिन पर विशेष
अमरनाथ
हिन्दी के आन्दोलन को गाँधी जी ने आजादी के आन्दोलन से जोड़ दिया था। उनका ख्याल था कि...
और अब प्रभात खबर का पटना संस्करण बना अगला पड़ाव
मुन्ना मास्टर बने एडिटर- पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक हैं। इसे हम लगातार क्रमिक रूप से प्रकाशित कर रहे हैं। गुवाहाटी, रांची, कोलकाता...
कोरोना डायरीः इन्हें डायन कोरोना ने नहीं, नियति ने मारा है !
शुक्रवार को रेल की पटरियों पर सोये जो 16 मजदूर कट-मर गए, उन्हें कोरोना ने नहीं नियति ने मारा है। ये इसलिए मरे, क्योंकि...
लेखक या कवि क्यों और किसलिए लिखता है, जानने के लिए इसे पढ़ें
लेखक या कवि क्यों और किसलिए लिखता है, जानने के लिए इस लेख को पढ़ लें। सबके लेखन की अपनी सोच है। कोई नाम...




















