सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं खासकर हिन्दी की विदाई होने लगी है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में हिन्दी के प्रति छात्रों का आकर्षण घटेगा। नौकरी न मिले तो फिर हिन्दी कोई पढ़े क्यों।

हिन्दी पढ़कर कोई करेगा क्या, रोजी-रोटी तो मिलने से रही

संजय कुमार सिंह हिन्दी पढ़कर कोई करेगा क्या, रोजी-रोटी तो मिलने से रही। वैसे तो मैंने हिन्दी नहीं पढ़ी और विज्ञान का छात्र रहा...
सोनिया गांधी विज्ञापन बंद करने की बात कह फंस गयी हैं। कोरोना को देखते हुए खर्च में कटौती की सलाह सरकार को दी है। इसमें विज्ञापन बंद करने का भी सुझाव है।

सोनिया गांधी विज्ञापन बंद करने की बात कह फंस गयीं

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सोनिया गांधी विज्ञापन बंद करने की बात कह फंस गयी हैं। कोरोना के संक्रमण को देखते हुए खर्च में कटौती की सलाह सरकार को...
Rajeev Ranjan BJP Prawakta

आपसी स्वार्थ के कारण महागठबंधन में छिड़ी हुई है महाभारत: राजीव रंजन

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महागठबंधन में छिड़ी हुई है महाभारत केवल आपसी स्वार्थ के कारण पटना : महागठबंधन में फैली दरार का कारण घटक दलों के स्वार्थ को बताते...
गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान सकते हैं कि देवताओं पर कितना लोड रहा होगा।

गांव में देवता तो गिनती के थे, पर बचपन में भूतों की भरमार थी

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अरविंद चतुर्वेद गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान...
शराब महज मादक पदार्थ ही नहीं, सरकारी रेवेन्यू का बड़ा स्रोत भी बन गया है। कानपुर से भाजपा के सांसद सत्यदेव पचौरी का राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र भेज इसकी आलोचना की है।

शराब महज मादक पदार्थ नहीं, सरकारी रेवेन्यू का बड़ा स्रोत भी है

जयशंकर गुप्त शराब और मादक पदार्थ देश के नागरिकों की तबाही के कारक हैं। अजीब विडंबना है कि यही आज सरकारी रेवेन्यू का बड़ा...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो...

कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे...

अद्भुत प्रतिभा के धनी गणितज्ञ डा. वशिष्ठ नारायण सिंहः  

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जन्मदिन पर विशेष सुरेंद्र किशोर गणितज्ञ वशिष्ठ बाबू यानी वशिष्ठ नारायण सिंह अद्भूुत प्रतिभा के धनी थे। उनके लिए पटना विश्वविद्यालय ने पहली बार नियम...
कृषि कानून ठीक है, पर उसमें कुछ खामियां भी हैं। उनको ठीक किया जाना चाहिए, नहीं तो वे नतीजे नहीं निकलेंगे, जो निकलना चाहिए।

कृषि कानून अच्छा तो है, पर उसमें कुछ खामियां भी हैं

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कृषि कानून ठीक है, पर उसमें कुछ खामियां भी हैं। उनको ठीक किया जाना चाहिए, नहीं तो वे नतीजे नहीं निकलेंगे, जो निकलना चाहिए।...
जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं। जश्न मनाइए कि शराब की बोतलें लूटने नहीं, किसी भी कीमत में खरीदने के लिए आप पुलिस की गालियां-लाठियां खाने को भी तैयार-तत्पर हैं।

जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं

श्याम किशोर  चौबे जश्न मनाइए कि आप कोरोना काल के साक्षात गवाह हैं। जश्न मनाइए कि शराब की बोतलें लूटने नहीं, किसी भी कीमत में...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना कहर के इस दौर में अब पहली चिंता मौत नहीं, पेट है

कोरोना कहर के इस दौर में अब पहली चिंता मौत नहीं पेट है। करोड़ों सड़क पर आ चुके हैं, लाखों आने वाले हैं। जैसे-जैसे...