श्रीभगवान सिंह, गाँधीवादी आलोचक का जन्म बिहार के एक गाँव निखती कलाँ, जिला- सीवान में हुआ। वे खुद को गाँधीवादी कहने में गर्व का अनुभव करते हैं।

श्रीभगवान सिंहः गाँधीवादी अध्येता और आलोचक

0
अमरनाथ श्रीभगवान सिंह, गाँधीवादी आलोचक का जन्म बिहार के सीवान जिले के निखती कलाँ गांव में हुआ। वे खुद को गाँधीवादी कहने में गर्व...
आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता का दिलचस्प उदाहरण है। हालांकि नयी पीढ़ी के राजनीतिज्ञों को वह नहीं पचेगी।

आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता

0
आचार्य नरेन्द्र देव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की राजनीतिक नैतिकता का दिलचस्प उदाहरण है। हालांकि नयी पीढ़ी के राजनीतिज्ञों को वह नहीं पचेगी। लेकिन नई...
कोरोना की पहुंच पेट के बाहर तक ही नहीं रही, पैठ अंदर तक हो गई है। कोरोना साथ लिए आ रहे हैं शिशु। ऐसे में सहज सवाल- कौन है कोरोना से सुरक्षित? पढ़िए, कोरोना डायरी की इक्कीसवीं किस्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष मानव की कलम से।

कोरोना काल में किसिम किसिम के विधायक, महापौर और पार्षद !

कोरोना काल में किसिम किसिम के विधायक, महापौर और पार्षद के दर्शन हुए। कोई वर्तमान से अतीत की ओर लौटता दिखा तो कुछ ने...

मलिकाइन के पाती- पूत सपूत त का धन संचय

0
पावं लागीं मलिकार। आज मन बड़ा अंउजियाइल रहल बा, एही से नवरातन के पूजा-पाठ में अझुराइल रहला के बादो टाइम निकाल के रउरा के...
भारत में घुसपैठ की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर) पर बहसः आधुनिक राजनीति

आधुनिक राजनीति इसे ही कहते हैं, जिसमें देश कहीं नहीं है

0
आधुनिक राजनीति इसे ही कहते हैं, जिसमें देश कहीं नहीं है। बांग्लादेशी घुसैठ की समस्या आज नासूर बनी है और इसके निदान की कोशिश...

कांग्रेस का चरित्रः जानिए क्यों इस्तीफा देना पड़ा था चरण सिंह को

0
कई दल मिल कर जब सरकार बनाते हैं तो क्या होता है? कभी-कभी वैसा ही होता है, जैसा  चौधरी चरण सिंह की सरकार के...
चीन के हमले के वक्त भारतीय कम्युनिस्टों की बड़ी जमात चीन के साथ थी और शाहीन बाग आंदोलन में भी एक पड़ी जमात आंदोलकारियों के साथ है

भारतीय कम्युनिस्टों की बड़ी जमात हमले के वक्त चीन के साथ थी

0
सुरेंद्र किशोर भारतीय कम्युनिस्टों की एक बड़ी जमात ने 1962 में इस देश (भारत) पर जब चीन ने हमला हुआ तो चीन का साथ...
गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान सकते हैं कि देवताओं पर कितना लोड रहा होगा।

गांव में देवता तो गिनती के थे, पर बचपन में भूतों की भरमार थी

0
अरविंद चतुर्वेद गांव में देवता तो गिनती के थे जो आज भी हैं, लेकिन हमारे बचपन में भूतों की भरमार थी। ऐसे में जान...
केंद्र सरकार के हालिया एक फैसले से निजी क्षेत्र के कामगारों पर ‘कोरोना’ संकट का खतरा मंडरा रहा है। केंद्र सरकार ने डीए की किश्तें रोकने का फैसला किया है।

केंद्र के डीए रोकने के फैसले से निजी क्षेत्र के कामगारों पर मंडराता खतरा

0
केंद्र सरकार के हालिया एक फैसले से निजी क्षेत्र के कामगारों पर ‘कोरोना’ संकट का खतरा मंडरा रहा है। केंद्र सरकार ने डीए की...
इंदिरा गांधी के साथ कामराज

कामराज ने दो बार पीएम का पद ठुकराया, मरे तो सौ रुपये पास थे 

0
प्रेमकुमार मणि  एक नेता, जो न हिंदी जानता है, और न अंग्रेजी। जिसने बस छठी कक्षा तक की पढ़ाई की हुई है और भारत...