मीडिया की स्वतंत्रता के मामले में भारत की हालत शर्मनाक !
मीडिया के हालात पर वरिष्ठ पत्रकार अनिल भास्कर ने संजीदा टिप्पणी की है। मीडिया की स्वतंत्रता के मामले में भारत की हालत शर्मनाक है।...
सांप्रदायिक सौहार्द समझने के लिए इसे जरूर पढ़िए
शंभूनाथ शुक्ला
सांप्रदायिक सौहार्द समझने के लिए इसे जरूर पढ़िए। सोशल मीडिया ने सदाशयता, सांप्रदायिक सद्भाव और मेल-मिलाप की बजाय समाज में जहर ज्दाया...
पांक्तेय भाषाविद विद्यानिवास मिश्र का समारोहपूर्वक स्मरण
कृपाशंकर चौबे
पांक्तेय भाषाविद्, ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी और कृती सम्पादक पंडित विद्यानिवास मिश्र (1926-2005) की स्मृति में उनके जन्मदिन के अवसर पर नमन! उनकी केंद्रीय...
कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को
कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को। ठाकुर प्रसाद सिंह के जीवन के आखिरी वर्ष शारीरिक दृष्टि से बहुत कष्ट में बीते...
शहीद दिवस पर विशेषः जरा याद करो सरदार भगत सिंह की कुर्बानी
प्रेमकुमार मणि
23 मार्च वह दिन है, जिस रोज भगत सिंह शहीद हुए थे। 28 सितम्बर 1907 को पंजाब सूबे के बांगा में एक...
शक्ति चाहे किसी भी रूप में हो विवेकहीन होती हैः रवींद्रनाथ ठाकुर
शक्ति चाहे किसी भी रूप में हो विवेकहीन होती है। कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर ने 12 अप्रैल 1919 को महात्मा गांधी को लिखे पत्र में...
नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश में इतिहास दोहराने से खुद को बचाया
नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश में इतिहास दोहराने से खुद को बचाया। वैसे आम मान्यता है कि इतिहास खुद को दोहराता है। लेकिन मध्यप्रदेश...
सुषमा जी, आप बहुत याद आएंगी, याद आती रहेंगी सहिष्णु नेता बतौर
जयशंकर गुप्त
सुषमा जी, आप बहुत या आएंगी। याद आती रहेंगी, अपनी सहृदयता, असहमति को सम्मान देनेवाले सहिष्णु नेता के तौर पर भी। ओह,...
मलिकाइन के पाती- भइल बियाह मोर, कर ब का
पावं लागीं मलिकार। दसईं (दशहरा) बीतल, बीस दिन बाद देवराई (दीपावली) आ ओकरा बाद छठ के संगे तेवहार के सीजन ओरा जाई। ए मलिकार,...
लालू यादव तो भ्रष्ट साबित हो चुके हैं, फिर भी उनके इतने दीवाने क्यों...
जे.एन. ठाकुर
लालू यादव के लिए पिछड़ी जाति के लोग काफी मायने रखते हैं। पिछड़ी जाति के लोगों के लिए उन्होंने सामाजिक न्याय का...




















