जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल रहे थे।

पंडित जवाहर लाल नेहरू को मैंने कभी नहीं देखा!

शंभूनाथ शुक्ल  पंडित जवाहर लाल नेहरू को मैंने कभी नहीं देखा! नेहरू जी जिस दिन मरे, उसी दिन मेरा रिजल्ट आया था। मैं पाँचवीं...

पवन सिंह की दरियादिली,  111 रुपये में फिल्म बॉस साइन की

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भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह ने दरियादिली दिखाते हुए अपने बड़े भाई समान फिल्म मेकर प्रेम राय की अगली फिल्म बॉस मात्र...
आरडी बर्मन

आरडी बर्मन ने दिया हिंदी फिल्म संगीत को नया मुकाम

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नवीन शर्मा आरडी बर्मन ने दिया हिंदी फिल्म संगीत को नया मुकाम। इसे स्वीकार करने में किसी को संकोच और संदेह बिलकुल नहीं होना...
यह स्वीकार करना कि शैबाल गुप्ता नहीं रहे, मेरे लिए कितना दुखद है, कैसे कहूँ। दशकों से हम मित्र रहे। इतनी यादें और संस्मरण हैं, जिन्हें लिखना मुश्किल होगा।

शैबाल गुप्ता का जाना बिहार के लिए अपूरणीय क्षति !

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प्रेमकुमार मणि शैबाल गुप्ता का जाना बिहार के लिए अपूरणीय क्षति है! यह स्वीकार करना कि शैबाल गुप्ता नहीं रहे, मेरे लिए कितना दुखद...
कोरोना काल में ऐसी खबरें, जो भारत की ताकत का एहसास कराती हैं

कोरोना काल में ऐसी खबरें, जो भारत की ताकत का एहसास कराती हैं

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कोरोना काल में ऐसी अनेक खबरें आईं हैं,  जिसमें बताया गया कि घर में मौत हो गई, और फलां अधिकारी-कर्मचारी दूसरे दिन काम पर...

जयंती पर विशेषः कभी इलेक्ट्रिशियन का काम करते थे संगीतकार रवि

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नवीन शर्मा  हम हिंदी पट्टी में जन्म लेने वाले लोगों ने शादी के मौके पर एक गीत जो सबसे अधिक बजता हुआ सुना होगा,...
आपातकाल-पीड़ित लोगबाग हर साल इमरजेंसी की वर्षगांठ मनाते हैं। मनाना जरूरी भी है। क्योंकि 25 जून  1975 को इमरजेंसी लगाकर पूरे देश को एक बड़े जेलखाना में बदल दिया गया था। 23 मार्च 1977 को ही इसे समाप्त किया जा सका था, जब लोकसभा के आम चुनाव के बाद मोरारजी देसाई की सरकार बनी।

इमरजेंसी में बड़े नेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों को यातनाएं भी दी गयीं

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इमरजेंसी के दौरान बड़े नेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों को जेलों में ठूंस दिया गया। उन्हें कई तरह की शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गयीं। यह...
नीतीश कुमार पर उनकी ही सरकार के साझीदार दल बीजेपी का दबाव बढ़ने लगा है कि वे कोटा में फंसे बिह7ार के बच्चों को लाने की पहल करें।

बिहार में वंचितों के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही सरकार

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पटना। राज्य का समुचित और वास्तविक विकास तभी संभव है, जब इसमें रहने वाले पिछड़े, वंचित संसाधन विहीन वर्ग के लोगों तक भी सरकारी...

मोतिहारी में पैदा हुए थे मशहूर विदेशी लेखक जार्ज ओरवेल

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21 जनवरी पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा विश्व साहित्य में अंग्रेजी के प्रसिद्ध उपन्यास 1984 व एनिमल फार्म विशिष्ट स्थान रखते हैं। इन कालजयी किताबों...
सुलक्षणा पंडित के दो अलग-अलग रूप

तू ही सागर है तू ही किनारा… यानी सुलक्षणा पंडित, इक भूली दास्तां 

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वीर विनोद छाबड़ा  तू ही सागर है तू ही किनारा, ढूँढता है तू किसका सहारा...संकल्प (1975) के इस गाने की गायिका सुलक्षणा पंडित थीं।...