आपातकाल-पीड़ित लोगबाग हर साल इमरजेंसी की वर्षगांठ मनाते हैं। मनाना जरूरी भी है। क्योंकि 25 जून  1975 को इमरजेंसी लगाकर पूरे देश को एक बड़े जेलखाना में बदल दिया गया था।

इमरजेंसी के इस दौर को कवियों ने भी अपने नजरिये से देखा, खूब रचा

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इमरजेंसी 25 जून 1975 को लागू हुई। 21 माह (1975-1977) तक रही। इमरजेंसी के इस दौर को कवियों ने भी अपने नजरिये से देखा...

हिंदी साउथ वाले भी सीखना चाहते हैं, विरोध राजनीतिक है

उमेश चतुर्वेदी हिंदी साउथ वाले भी सीखना चाहते हैं, विरोध राजनीतिक है। जिस तमिलनाडु में इसका विरोध हो रहा, वहां के नेता भी हिंदी...
डॉ. अम्बेडकर का मानना था कि दलितों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका स्वयं का मीडिया अनिवार्य है। उन्होंने ‘मूकनायक’ प्रकाशित किया।

डॉ. अम्बेडकर का मानना था, दलितों के लिए स्वयं का मीडिया जरूरी है

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कृपाशंकर चौबे डॉ. अम्बेडकर का मानना था कि दलितों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका स्वयं का मीडिया अनिवार्य है।...
नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

देश का प्रधानमंत्री ईमानदार, फिर क्यों नहीं रुक रहा भ्रष्टाचार !

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देश में ईमानदार प्रधानमंत्री के रहते भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा। बिहार तो पहले से ही भ्रष्टाचार का जनक  माना जाता रहा...
दूरदर्शन पर चल रहे हिंदी धारावाहिक 'उत्तर रामायण' की कल रात अंतिम कड़ी देखकर मन अत्यंत भावुक हो गया। अपनी पवित्रता की सफ़ाई देने की जगह सीता ने पृथ्वी से अपने को अपनी गोद में ले लेने की  प्रार्थना  की, मन हिल गया।

सीता ने पृथ्वी से अपने को अपनी गोद में ले लेने की जब प्रार्थना  की

  गोपेश्वर सिंह दूरदर्शन पर चल रहे हिंदी धारावाहिक 'उत्तर रामायण' की कल रात अंतिम कड़ी देखकर मन अत्यंत भावुक हो गया। अपनी पवित्रता की...
वर्ष 1974 की तारीख 5 जून. यही वह दिन था, जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान में दो शब्दों- संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था.

जयप्रकाश नारायण ने जब इंटरव्यू में कहा- मुझे कौन पूछता है!

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जयप्रकाश नारायण (जेपी) अपने आखिरी दिनों में काफी उदास थे। केंद्र व राज्य में जनता पार्टी की सरकारें बनने के बाद अपने साक्षात्कार में...

मलिकाइन के पाती- नून, खून, कानून में सस्ता सबसे खून

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पावं लागीं मलिकार। केतना दिन से सोचत रहनी हां मलिकार, एई पर रउआ से बतियावल। पहिले एगो गाना निकलल रहे कि तीन चीज अब...

विज्ञान की नजर में भारतीय भाषाएं और सर्वांगीण स्वास्थ्य

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डॉ. मनोहर भण्डारी पढ़ने में यह अटपटा और अविश्वसनीय लगेगा कि भारतीय भाषाएं पढ़ने से सर्वांगीण स्वास्थ्य का क्या कोई नाता भी हो...
जायरा वसीम

हिन्दी फिल्मों की अभिनेत्री जायरा वसीम का डर!

ध्रुव गुप्त कश्मीर से आने वाली हिन्दी फिल्मों की अभिनेत्री जायरा वसीम का फिल्म छोड़ने का फैसला उनका व्यक्तिगत फैसला है, जिसका सम्मान किया...

अनुसंधानपरक आलोचना-दृष्टि का मार्क्सवादी चेहरा : वीर भारत तलवार

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अमरनाथ वीरभारत तलवार ( 20.9.1947 ) हिन्दी के गंभीर अध्येता, शोधार्थी और आलोचक हैं.  वे चुपचाप अपना काम करने में विश्वास करते हैं. प्रचार...