कृपाशंकर चौबे डॉ. अम्बेडकर ने चार फरवरी 1956 को साप्ताहिक ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला। हर अंक में पत्रिका के शीर्ष की दूसरी पंक्ति में लिखा होता था- डा. अम्बेडकर द्वारा प्रस्थापित।

डॉ. अम्बेडकर ने ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला और समाज में एकता पर दिया जोर

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कृपाशंकर चौबे डॉ. अम्बेडकर ने चार फरवरी 1956 को साप्ताहिक ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला। हर अंक में पत्रिका के शीर्ष की दूसरी पंक्ति में लिखा...
राम मनोहर लोहिया

राम मनोहर लोहिया जनसंघ के राष्ट्रवाद को पसंद करते थे

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राम मनोहर लोहिया जनसंघ के प्रखर राष्ट्रवाद को पसंद करते थे, पर शर्तों के साथ। वे जनसंघ के प्रखर राष्ट्रवाद  को पसंद करते थे।...
कोरोना बड़ा पापी है। जल्दी जाएगा नहीं। सरकारें हो या समाज सबको दबना ही पड़ेगा। रहेगा अभी-बहुत दिनों तक। चला भी गया, तो आता-जाता रहेगा।

कोरोना बड़ा पापी है, जल्दी जाएगा नहीं, सबको दबना ही पड़ेगा

कोरोना डायरी: 10    डा. संतोष मानव कोरोना बड़ा पापी है। जल्दी जाएगा नहीं। सरकारें हो या समाज सबको दबना ही पड़ेगा। रहेगा अभी-बहुत...

समस्तीपुर में सीने पर कलश रख महिला कर रही है नवरात्र की पूजा

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पुत्र की मृतु के उपरांत भगवती से मांगी थी पुत्र की मन्नत दोबारा पुत्र पैदा होने पर सीने पर कलश रख शुरू किया...
जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें मरङ गोमके के तौर पर जाना जाता है।

जयपाल सिंह मुंडा के बारे में जानें, आदिवासी नायकों की मजबूत कड़ी थे

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विशद कुमार जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें...
संपूर्ण क्रांति का आह्वान करते जेपी ने भी पुलिस व सेना से कहा था कि वे असंवैधानिक आदेशों का उल्लंघन करें। तब उन्हें देशद्रोही कहा गया। आज वही अमेरिका में हो रहा है।

संपूर्ण क्रांति के लिए जेपी ने पुलिस से जो कहा, वही अमेरिका में हो...

संपूर्ण क्रांति का आह्वान करते जेपी ने भी पुलिस व सेना से कहा था कि वे असंवैधानिक आदेशों का उल्लंघन करें। तब उन्हें देशद्रोही...
आर्थिक उदारीकरण ने आपको वेतन-पैकेज लाख-करोड़ रुपये तो दिये, लेकिन ये पैसे बाजार के रास्ते फिर पूंजीपतियों के पास ही पहुंच गये। इसे कोई नहीं समझा।

आर्थिक उदारीकरण ने पैकेज तो दिये, पर बाजार के रास्ते ले लिये

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आर्थिक उदारीकरण ने आपको वेतन-पैकेज लाख-करोड़ रुपये तो दिये, लेकिन ये पैसे बाजार के रास्ते फिर पूंजीपतियों के पास ही पहुंच गये। इसे कोई...
जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल रहे थे।

जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन द्वंद्व के रहे

जवाहर लाल नेहरू के आखिरी कुछ दिन काफी द्वंद्व के रहे। नास्तिक जवाहर लाल नेहरू अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल...

दू आंख से सरकार ना चलेले ए सुशासन बाबू!

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पावं लागी मलिकार। रउरा त मने मन रिसियाइल-खिसियाइल होखेब कि केतना दिन से हम रउरा के पाती ना पठवनी। सांच के आंच कइसन। रउरा...
मुंबई में हरे वृक्षों का संहार रुक गया, उच्चतम न्यायालय की पहल से

मुंबई में हरे वृक्षों का संहार रुक गया, आभार उच्चतम न्यायालय का

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के. विक्रम राव  मुंबई में हरे वृक्षों का संहार रुक गया, आभार उच्चतम न्यायालय का। वर्ना छब्बीस हजार जानों पर आरे कालोनी में आरी...