फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भिन्न भारतीय स्‍वरूपों के बीच खड़ा है। प्रेमचंद के बाद फणीश्‍वर नाथ रेणु को आंचलिक कथाकार माना गया है।

साहित्य अकादेमी पर फणीश्वरनाथ रेणु के विचार जानिए! 

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भारत यायावर  साहित्य अकादेमी पर फणीश्वरनाथ रेणु के स्पष्ट विचार थे। 1973 में साहित्य अकादेमी का उन्हें सदस्य बनाया गया था। उन्होंने अनुभव के...
मोटूरि सत्यनारायण आगरा में केंद्रीय हिदी संस्थान को भाषायी प्रयोजनीयता के केन्द्र के रूप में विकसित करना चाह रहे थे।

मोटूरि सत्यनारायण उत्तर-दक्षिण भाषा-सेतु के वास्तुकार थे

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मोटूरि सत्यनारायण आगरा में केंद्रीय हिदी संस्थान को भाषायी प्रयोजनीयता के केन्द्र के रूप में विकसित करना चाह रहे थे। वे प्रयोजनमूलक हिंदी आंदोलन...
फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भिन्न भारतीय स्‍वरूपों के बीच खड़ा है। प्रेमचंद के बाद फणीश्‍वर नाथ रेणु को आंचलिक कथाकार माना गया है।

मैला आँचल का रूसी अनुवाद और फणीश्वर नाथ रेणु का संकट

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मैला आँचल का जब रूसी अनुवाद हो गया, तो उसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गयी कि यह इसके लेखक फणीश्वर नाथ रेणु का के लिए...
महात्मा गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के पल-पल की जरूरत बन चुका है।

गांधी का चिंतन-सोच और जीवन पद्धति ही हमारा मार्गदर्शक  है

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हरिवंश गांधी को नमन। उनका स्मरण महज 02 अक्तूबर (जन्मदिन) या 30 जनवरी (पुण्यतिथि) तक के लिए ही नहीं है। उनका दर्शन जीवन के...

तब प्रभात खबर के प्रिंटलाइन में संपादकीय प्रभारी का नाम छपा

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आप जहां रहते हैं, उसके इर्द-गिर्द हर दिन, हर पल कई ऐसी चीजें घटित होती हैं कि जब कभी किस्सागोई में उन्हें समेटना चाहें...

जन्मदिन विशेषः शहीद ए आजम भगत सिंह को सलाम

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नवीन शर्मा ब्रिटेन से भारत को आजाद कराने में निश्चित रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा इसके नेताओं, खासकर महात्मा गांधी की महत्वपूर्ण भूमिका...
नेहरू ने जम्मू-कश्मीर को पटेल के नियंत्रण से निकालकर इसे गोपाल स्वामी अयंगर के नियंत्रणाधीन दे दिया। इससे पटेल की भावनाएं गहराई से आहत हुईं।

सरदार पटेल न होते तो भारत का विभाजन रोकना कठिन था

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा आज हम भारत का जो राजनीतिक मानचित्र देखते हैं, उसे इस रूप में ढालने में सबसे अधिक योगदान सरदार वल्लभ...
पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि वह सेक्युलरिज्म मौजूदा सरकार के शब्दकोश में नहीं है, जो 2014 से पहले की केंद्र सरकार के शब्दकोश में था

पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी का सेक्युलरिज्म जरा समझ लें

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सुरेंद्र किशोर पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि वह सेक्युलरिज्म मौजूदा सरकार के शब्दकोश में नहीं है, जो 2014 से पहले...
पद्मश्री डॉ. कृष्णबिहारी मिश्र का प्राण अपने गांव में बसता है। इससे कुछ बचता है तो वह बनारस में  बसता है। बनारस में वे अपने बनारस का पता ढूंढते हैं और गांव में अपने गांव का पता।

कृष्णबिहारी मिश्र की दरवेशी दृष्टि के बारे में बता रहे मृत्युंजय

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कृष्णबिहारी मिश्र का प्राण अपने गांव में बसता है। इससे कुछ बचता है तो वह बनारस में  बसता है। बनारस में वे अपने बनारस...

चार वर्षों में आमजन तक पंहुचा बैंकिंग का लाभ : राजीव रंजन

पटना। केंद्र में भाजपा शासन के चार वर्षों में देश की आम जनता को बैंकिंग और सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाने के लिए केंद्र...