आइसक्रीम, पेस्ट्री, केक या शेक छोड़ो, बीमारी से बचो!
आइसक्रीम, पेस्ट्री, केक या शेक छोड़ो, बीमारी से बचो! यह सुझाव अपने अनुभवों के आधार पर वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल का है। उन्होंने अपने...
डॉ. अम्बेडकर मानते थे- लोकतंत्र के लिए बुद्ध का उपयोग ही उपयुक्त है
डॉ. अंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की स्थापना के लिए बुद्ध का उपयोग हो सकता है। राम, कृष्ण और गांधी ब्राह्मण धर्म के पक्षपोषक...
देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान…गीत और हामिद
वीर विनोद छाबड़ा
देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान कितना बदल गया इंसान...! आपने 'नास्तिक' (1954) का ये गाना ज़रूर सुना...
गांधी जी ने पत्रकार के रूप में भी कुछ अलग प्रयोग किये
शेष नारायण सिंह
गांधी जी को पत्रकार के रूप में तो पूरी दुनिया जानती है, उस विषय पर बातें भी बहुत हुई हैं। गांधी...
तू ही सागर है तू ही किनारा… यानी सुलक्षणा पंडित, इक भूली दास्तां
वीर विनोद छाबड़ा
तू ही सागर है तू ही किनारा, ढूँढता है तू किसका सहारा...संकल्प (1975) के इस गाने की गायिका सुलक्षणा पंडित थीं।...
इकतरफा प्यार में गिरफ्तार लोगों को काफी करीब से देखा है
पल्लवी प्रकाश
इकतरफा प्यार में गिरफ्तार लोगों को अपने आस-पास करीब से देखा है और उनसे कभी सहानुभूति नहीं रही। गुस्सा, खीज और दुःख...
स्मिता पाटिल अब तक अपनी अदा के कारण दर्शकों को याद हैं
पुण्पतिथि पर विशेष
नवीन शर्मा
स्मिता पाटिल हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिभावान अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने अपनी कई फिल्मों में एक से बढ़कर...
देश का प्रधानमंत्री ईमानदार, फिर क्यों नहीं रुक रहा भ्रष्टाचार !
देश में ईमानदार प्रधानमंत्री के रहते भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा। बिहार तो पहले से ही भ्रष्टाचार का जनक माना जाता रहा...
मलिकाइन के पातीः बाप रे, बिहार में बाग के बाग कुलबांसी
मलिकाइन के पाती अबकी घसिटउआ मोबाइल पर लिखा के आइल बा। ऊ अपने त ना लिख पवली, बाकिर गांव के कवनो कनिया से लिखवा...
भारत यायावर अच्छे कवि के साथ ही संपादन कला में भी दक्ष
भारत यायावर अच्छे कवि के साथ ही संपादन कला में भी दक्ष हैं। भारत यायावर ने महावीर प्रसाद द्विवेदी रचनावली का संपादन बहुत श्रम...




















