जब हिंदी के कमर एतना नाजुक बा, त ओकरा टूटिये जाये में भलाई बा
बुढ़उती, भोजपुरी और गांधी जी के बारे में कृष्ण बिहारी मिश्र की बेबाक बतकही
निराला
केहू कहल कि भोजपुरी आठवां अनुसूची में शामिल हो जाई...
ओमप्रकाश अश्क की पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर
आप अब तक पढ़ते रहे हैं ओमप्रकाश अश्क की पुस्तक के अंश। आज समग्र रूप से उसे हम दे रहे हैं
जीवन में कई बार...
अल्पविराम के बाद फिर चला काली के देस कलकत्ता
ओमप्रकाश अश्क
आमतौर पर आदमी अमंगल से भयभीत होता है, पर यह भूल जाता है कि अमंगल में भी कल्याण के बीज भी छिपे...
आनंदलोक, डीके सराफ, डा. रामपुरिया और बीमार मेरा साथी
ओमप्रकाश अश्क की शीघ्र प्रकाश्य पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर का एक अंश
कोलकाता में एक चैरिटी अस्पताल है- आनंदलोक। चलता तो है एक ट्रस्ट...
और इस तरह प्रभात खबर के कार्यकारी संपादक बने ओमप्रकाश अश्क
ओमप्रकाश अश्क ने अपने कार्यकारी संपादक बनने की रोचक कहानी आत्मकथा पर आधारित अपनी प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- में बतायी है। कैसे...
जब प्रभात खबर के संपादकीय में कंप्यूटर सीखना अनिवार्य किया
वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की, संस्मरणों पर आधारित प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की धारावाहिक कड़ी लगातार आप पढ़ रहे हैं। इस पर...
फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भारतीय स्वरूपों के बीच खड़ा है
फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भिन्न भारतीय स्वरूपों के बीच खड़ा है। प्रेमचंद के बाद फणीश्वर नाथ रेणु को आंचलिक कथाकार माना गया...
दया पवार की आत्मकथा अछूत महार समाज के संघर्ष की गाथा है
राम धनी द्विवेदी
दया पवार की आत्मकथा अछूत पढ़ते समय ऐसा लगा कि दूसरों की पीड़ा हम उस गहराई तक अनुभव नहीं कर सकते,...
मारीशस के लोग मानते हैं- भोजपुरी हिंदी की माता है
राजेश श्रीवास्तव
मॉरीशस में हुए मेरे दोनों व्याख्यानों में मैंने रामकथा को गलत तरह से प्रचारित किये जाने का विरोध किया। संसार के बहुत ...
ममता कालिया की पुस्तक ‘अंदाज़-ए-बयाँ उर्फ़ रवि कथा’
ममता कालिया की संस्मरणात्मक पुस्तक ‘अंदाज़-ए-बयाँ उर्फ़ रवि कथा’ में ममता कालिया ने खुद को हाईलाइट होने नहीं दिया है। रवींद्र कालिया केंद्र में...

















