कर्मेन्दु शिशिरः नवजागरण के मार्क्सवादी व्याख्याकार

कर्मेन्दु शिशिरः नवजागरण के मार्क्सवादी व्याख्याकार

हिन्दी के आलोचक- जिनका 26 अगस्त को जन्मदिन है अमरनाथ कर्मेन्दु शिशिर हमारे समय के अत्यंत अध्ययनशील, वैज्ञानिक दृष्टि सम्पन्न और हर परिस्थिति में अपने...

मारीशस  के लोग मानते हैं- भोजपुरी हिंदी की माता है

राजेश श्रीवास्तव मॉरीशस में हुए मेरे दोनों व्याख्यानों में मैंने रामकथा को गलत तरह से प्रचारित किये जाने का विरोध किया। संसार के बहुत ...
कविता होने की तीन शर्तें पूरा करती हैं नीरेंद्रनाथ चक्रवर्ती की कविताएं। नीरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने कहा था कि महान कविता में तीन विशेषताएं होती हैं।

नीरेंद्रनाथ चक्रवर्ती की कविताएं कविता की तीन शर्तें पूरा करती हैं

कविता होने की तीन शर्तें पूरा करती हैं नीरेंद्रनाथ चक्रवर्ती की कविताएं। नीरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने कहा था कि महान कविता में तीन विशेषताएं होती...

साहित्यिक सौंदर्यता के साथ-साथ वो फिल्मी हिरोइन से भी अधिक खूबसूरत थीं

साहित्य की अप्रतीम शख्यियत अमृता जयंती पर विशेष नवीन शर्मा वैसे तो अमृता प्रीतम पंजाबी लेखिका हैं लेकिन हिंदी भाषाके पाठकों में भी वे खासी...
ओमप्रकाश अश्क

प्रभात खबर से मेरे इस्तीफे ने जीवनदान दिया अविनाश जी को

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वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की संस्मरणों पर आधारित पुस्तक का एक अंश सहमति और संवाद का साथ मिल जाये तो जीवन में किसी तरह की...

लघु कथा- दरकती दीवारें

नेमतपुर में फज़ीर की अज़ान के साथ खुशियों ने डेरा डाल दिया। पूरे तीस रोज़ों के बाद आज ईद की नमाज़ अता की जाएगी।...

पटना की सविता मिश्रा बेंगलुरू में सम्मानित हुईं

बेंगलुरू। 17 जून 2018 अहिंदी भाषी कर्नाटक की राजधानी बेंगलूरु में 'साहित्य परिवार' की ओर से भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें देश...

बूचड़खाने में काम करके कार्निलुइस कैसे बने पत्रकार, पढ़िये ‘निराला’ के इस लेख में

पेशे से पत्रकार हैं और आदिवासी विषयों पर रिपोर्टिंग करते हैं रांची: कल मैं कार्निलुइस मिंज को सुन रहा था। उम्र के हिसाब से कार्निलुइस...

डॉ अरुणा “अनु” की लघु कथा- जीवन की सीख

सुनीला की बोर्ड-परीक्षा का आज अंतिम दिन था। वह बहुत खुश थी। परीक्षा अच्छी जो हुई थी। घर लौटते हुए तरह-तरह के विचार उसके...
बांग्ला कविता की एक हजार साल की लंबी, अनेक आयामी और समृद्ध परंपरा रही है। बांग्ला कविता की यात्रा दसवीं शताब्दी से शुरू होती है।

बांग्ला कविता की हजार साल लंबी समृद्ध परंपरा रही है

कृपाशंकर चौबे बांग्ला कविता की एक हजार साल की लंबी, अनेक आयामी और समृद्ध परंपरा रही है। बांग्ला कविता की यात्रा दसवीं शताब्दी से...