तेरी चाहत का दिलवर बयां क्या करूं…………..
अरविंद चतुर्वेद
पहले से तय प्रोग्राम के मुताबिक रामधनी दुसाध और रामजी चेरो ने नलराजा के मेले में आधा-आधा सेर गुड़हिया जलेबी खाई, एक-एक...
बूचड़खाने में काम करके कार्निलुइस कैसे बने पत्रकार, पढ़िये ‘निराला’ के इस लेख में
पेशे से पत्रकार हैं और आदिवासी विषयों पर रिपोर्टिंग करते हैं
रांची: कल मैं कार्निलुइस मिंज को सुन रहा था। उम्र के हिसाब से कार्निलुइस...
प्रफुल्ला मिंज की कविताएं…..
आज जिस कवि को हम आपके समक्ष लेकर आए हैं, उसकी कविताओं का रंग चाय के रंग में घुला हुआ है। उत्तर बंगाल के...
प्रेमचंद और फणीश्वरनाथ रेणु महज गंवई कथाकार नहीं
प्रेमचंद और फणीश्वरनाथ रेणु गांव और शहर दोनों के कथाकार हैं। इन्हें सिर्फ गांव में ही सिमटा देना एक साजिश है, इनके साथ न्याय...
साहित्यिक सौंदर्यता के साथ-साथ वो फिल्मी हिरोइन से भी अधिक खूबसूरत थीं
साहित्य की अप्रतीम शख्यियत अमृता जयंती पर विशेष
नवीन शर्मा
वैसे तो अमृता प्रीतम पंजाबी लेखिका हैं लेकिन हिंदी भाषाके पाठकों में भी वे खासी...
हिन्दी भाषा के एक दुर्लभ प्रसंग का उद्घाटन- हिन्दी तेरी वह दशा !
उन्नीसवीं शताब्दी में उर्दू का इतना प्रसार और दबदबा था कि हिन्दी उसके नीचे दबी हुई थी। उसके उन्नायक तब दो ही लेखक थे-...
इतनी कहियो जायिः निराला ने लिख दिया- बांधो न नाव इस ठांव बंधु
मिथिलेश कुमार सिंह
महाप्राण निराला को जिन कुछेक गीतों ने हिंदी में पूरी ताकत से स्थापित किया और उन्हें दाखिल दफ्तर होने से बचा...
कुमार जगदलवी की चुनिंदा पांच कविताएं
इंसानियत ही मजहब
हम-तुम, जब भी मिलें
अपने, आपे में मिलें
तुम, तुम में ही रहो
मैं, खुद ही में रहूँ।
तुम अपने अक़ीदे में रहो
मैं, अपने यकीं...
और अब प्रभात खबर का पटना संस्करण बना अगला पड़ाव
मुन्ना मास्टर बने एडिटर- पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक हैं। इसे हम लगातार क्रमिक रूप से प्रकाशित कर रहे हैं। गुवाहाटी, रांची, कोलकाता...
स्पर्शकातर व्यक्तित्व है कृषकाय कृष्णबिहारी जी का
पद्मश्री डा. कृष्णबिहारी मिश्र, जिन्होंने कभी अपने नाम के साथ डाक्टर शब्द नहीं जोड़ा, का अंग्रेजी तिथि के अनुसार 5 नवंबर को जन्मदिन है।...



















