अल्पविराम के बाद फिर चला काली के देस कलकत्ता
ओमप्रकाश अश्क
आमतौर पर आदमी अमंगल से भयभीत होता है, पर यह भूल जाता है कि अमंगल में भी कल्याण के बीज भी छिपे...
जयंती पर विशेषः साहित्य की अप्रतिम शख्यियत अमृता प्रीतम
नवीन शर्मा
वैसे तो अमृता प्रीतम पंजाबी लेखिका हैं, लेकिन हिंदी भाषा के पाठकों में भी वे खासा लोकप्रिय हैं। वे हिंदी फिल्मों की...
झारखंड में तेजी से विकसित हो रही है नयी शैली की बैद्यनाथ पेंटिंग
डॉ आरके नीरद वरिष्ठ पत्रकार अौर जनजातीय जीवन-संस्कृति के गहरे जानकार हैं। झारखंड की कला-संस्कृति पर प्रायः ढाई दशकों से काम कर रहे हैं।...
और प्रभात खबर में वाउचर पेमेंट वालों को कांट्रैक्ट लेटर मिला
वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की संस्मरणों पर आधारित प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर की अगली कड़ी
जब कोई बूढ़ा बरगद धराशायी होता है तो...
कोरोना और COVID-19 सेे ऊब गये हों तो रेणु को जरूर पढ़ लें
कोरोना, कोरोना वायरस और COVID-19 या नोवेल कोरोना सुनते-सुनते अगर आप ऊब गये हैं तो थोड़ा फणीश्वर नाथ रेणु के बारे में भी पढ़...
और हरिवंश जी ने सब एडिटर से सीनियर न्यूज एडिटर बना दिया
ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- का अंश आप लगातार पढ़ रहे हैं। आज उसकी अगली कड़ी के रूप में पढ़ें,...
जैनेन्द्र कुमार की जीवनी : अनासक्त आस्तिक
प्रेमकुमार मणि
मैं जब युवा था, तब प्रेमचंद और जैनेन्द्र को लेकर मेरे मन में कभी कभार उधेड़-बुन होता था। प्रश्न उठता था कि...
विष्णुकांत शास्त्रीः आलोचना के मशहूर हस्ताक्षर
अमरनाथ
विष्णुकांत शास्त्री हिन्दी के आलोचना के मशहूर हस्ताक्षर रहे हैं। हिन्दुत्ववादी आलोचक प्रो. विष्णुकान्त शास्त्री। वे यूपी के राज्यपाल भी रहे। राजनीति, साहित्य और...
कबीर की कविता हाय-हाय और हाहाकार वाली कविता नहीं है
कबीर ज्ञान और प्रेम के कवि थे। उनकी कविता हाय-हाय और हाहाकार वाली कविता नहीं है, उल्लास की कविता है। वह दिन-रात रोना-बिसूरना नहीं...
चंद्रकांत देवताले बड़े आत्मीय स्वभाव के विशिष्ट कवि थे
बड़े आत्मीय थे चंद्रकांत देवताले। हिंदी के विशिष्ट कवि होने के बावजूद अत्यंत सरल मानुष थे। चंद्रकांत देवताले जी। 7 नवंबर को उनकी जयंती...




















