पटना की सविता मिश्रा बेंगलुरू में सम्मानित हुईं

बेंगलुरू। 17 जून 2018 अहिंदी भाषी कर्नाटक की राजधानी बेंगलूरु में 'साहित्य परिवार' की ओर से भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें देश...
फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भिन्न भारतीय स्‍वरूपों के बीच खड़ा है। प्रेमचंद के बाद फणीश्‍वर नाथ रेणु को आंचलिक कथाकार माना गया है।

फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भारतीय स्‍वरूपों के बीच खड़ा है

फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भिन्न भारतीय स्‍वरूपों के बीच खड़ा है। प्रेमचंद के बाद फणीश्‍वर नाथ रेणु को आंचलिक कथाकार माना गया...

उदीयमान कवि दीपक कुमार की दो कविताएं

दीप प्रकाश की कविताएं 1. सूर्य! जिसकी आंखों के सामने आकार लिया धरती ने। जिसकी किरणों से जीवन का संचार हुआ। वो सूर्य! आज भी वैसे ही रोज उगता और ढलता है, जैसा पहले...

रमेश चंद्र की कहानीः बेज़ुबान                ...

जनता एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से घण्टे भर विलंब से चल रही थी। गोरखपुर गुजरा तो अपनी माटी की महक आने लगी। गंगा ने...
तिजहरिया ढलने को आई। होली का दिन था। मगर होली नजर न आ रही थी। सभी अपने घरों में बंद थे। कस्तूरी से रहा न गया। सुनैना भाभी के घर पहुंची।

फागुन में पढ़ें रमेशचंद्र की लघुकथा- जब मूड होलियाना हो गया..!

रमेशचंद्र तिजहरिया ढलने को आई। होली का दिन था। मगर होली नजर न आ रही थी। सभी अपने घरों में बंद थे। कस्तूरी से...
बांग्ला उपन्यास की यात्रा उन्नीसवीं शती के उत्तरार्द्ध में आरंभ हुई। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय से बांग्ला उपन्यास को जीवन मिला था।

बांग्ला उपन्यास की यात्रा उन्नीसवीं शती के उत्तरार्द्ध में आरंभ हुई

कृपाशंकर चौबे बांग्ला उपन्यास की यात्रा उन्नीसवीं शती के उत्तरार्द्ध में आरंभ हुई। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय से बांग्ला उपन्यास को जीवन मिला था। उनके उपन्यास...

अज्ञेय के बहाने स्वैराचार पर एक बेबाक टिप्पणी

प्रियंका सिंह सन् 1967 में श्री भारतभूषण अग्रवाल ने 'अज्ञेय' को एक प्रश्नावली दी थी, जिसका लिखित उत्तर 'अज्ञेय' को देना था। यह प्रश्नावली...

झारखंड में तेजी से विकसित हो रही है नयी शैली की बैद्यनाथ पेंटिंग

डॉ आरके नीरद वरिष्ठ पत्रकार अौर जनजातीय जीवन-संस्कृति के गहरे जानकार हैं। झारखंड की कला-संस्कृति पर प्रायः ढाई दशकों से काम कर रहे हैं।...
ओमप्रकाश अश्क

जब एक साथी ने हरिवंश जी पर जातिवाद का आरोप लगाया

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वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क की प्रस्तावित पुस्तक- मुन्ना मास्टर बने एडिटर- की धारावाहिक कड़ी  प्रभात खबर के देवघर संस्करण संपादक की भूमिका निभा चुके मेरे...
विष्णुकांत शास्ती की पुण्यतिथि पर विशेष

विष्णुकांत शास्त्रीः आलोचना के मशहूर हस्ताक्षर

अमरनाथ विष्णुकांत शास्त्री हिन्दी के आलोचना के मशहूर हस्ताक्षर रहे हैं। हिन्दुत्ववादी  आलोचक प्रो. विष्णुकान्त शास्त्री।  वे यूपी के राज्यपाल भी रहे। राजनीति, साहित्य और...