नहीं जानते तो जान लें सुभाषचंद्र गुप्ता उर्फ मुद्राराक्षस को

शूद्रों के चित्रकार थे मुद्राराक्षस! एक चित्रकार था- बादलों का चित्रकार! वह ताजिंदगी बादलों का चित्र बनाता रहा- काले, भूरे, मटमैले बादलों का। बादलों के चित्र कभी...

बार-बार मन पूछे मेरा, बोलो भाई- कहां गइल मोर गांव रे!

ओमप्रकाश अश्क गांव छूटा तो लगभग सब कुछ गुम हो गया। ऐसा अब लगता है। यह अलग बात है कि गांव भी किसी लोभ...
कृपाशंकर चौबे

धीरेंद्र अस्थाना के उपन्यास ‘गुजर क्यों नहीं जाता’ का पुनर्प्रकाशन

0
डा. कृपाशंकर चौबे धीरेंद्र अस्थाना के उपन्यास ‘गुजर क्यों नहीं जाता’ को वाणी प्रकाशन ने बीस साल बाद नई सज-धज के साथ छापा है।...
कबीर ज्ञान और प्रेम के कवि थे। उनकी कविता हाय-हाय और हाहाकार  वाली कविता नहीं है, उल्लास की कविता है। वह दिन-रात रोना-बिसूरना नहीं जानते।

कबीर की कविता हाय-हाय और हाहाकार वाली कविता नहीं है

कबीर ज्ञान और प्रेम के कवि थे। उनकी कविता हाय-हाय और हाहाकार  वाली कविता नहीं है, उल्लास की कविता है। वह दिन-रात रोना-बिसूरना नहीं...
अलका सरावगी के उपन्यास 'कुलभूषण का नाम दर्ज़ कीजिये'- पर वरिष्ठ साहित्यकार ममता कालिया ने अपनी टिप्पणी दर्ज की है।

अलका सरावगी के उपन्यास ‘कुलभूषण का नाम दर्ज़ कीजिये’- पर ममता कालिया की टिप्पणी

0
अलका सरावगी के उपन्यास 'कुलभूषण का नाम दर्ज़ कीजिये'- पर वरिष्ठ साहित्यकार ममता कालिया ने अपनी बेबाक टिप्पणी दर्ज की है। सीधे कहें तो...
‘चमारों की गली’ कविता में कवि अदम गोंडवी ने उनके हालात का वर्णन किया है। इसे साहित्यिक जमात अपने अपने नजरिए से देखता-आंकता है।  

‘चमारों की गली’ कविता और समकालीन यथार्थ…….

‘चमारों की गली’ कविता में कवि अदम गोंडवी ने उनके हालात का वर्णन किया है। इसे साहित्यिक जमात अपने अपने नजरिए से देखता-आंकता है।   ...
यथार्थवादी उपन्यास, ’मैला आंचल’ और ‘परती परिकथा’ जैसे उपन्यासों में लोकजीवन की अनुपम छटा चित्रित करने वाले कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु हैं।

यथार्थवादी उपन्यास हैं ’मैला आंचल’ और ‘परती परिकथा’

राजेंद्र वर्मा यथार्थवादी उपन्यास, ’मैला आंचल’ और ‘परती परिकथा’ जैसे उपन्यासों में लोकजीवन की अनुपम छटा चित्रित करने वाले कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु हैं। 4.03.1921...
पहले से तय प्रोग्राम के मुताबिक रामधनी दुसाध और रामजी चेरो ने नलराजा के मेले में आधा-आधा सेर गुड़हिया जलेबी खाई, एक-एक लोटा पानी पिया।

तेरी चाहत का दिलवर बयां क्या करूं…………..

अरविंद चतुर्वेद पहले से तय प्रोग्राम के मुताबिक रामधनी दुसाध और रामजी चेरो ने नलराजा के मेले में आधा-आधा सेर गुड़हिया जलेबी खाई, एक-एक...

राजमहल की पहाड़ियों में सबसे पहले जन्म हुआ था मानव का

दुमका। पुरातत्त्वविद् पंडित अनूप कुमार वाजपेयी द्वारा लिखित विश्व की प्राचीनतम सभ्यता नामक शोध पुस्तक का दुमका के जनसम्पर्क विभाग सभागार में प्रयास फाउंडेशन फार टोटल डेवलपमेंट...

कुमार जगदलवी की कविता- लड़ो या मरो………

कुमार जगदलवी सामने खतरा था मैं उससे लड़ सकता था मगर ज़ेहन ने कहा काहे को लड़ना लड़ने पर जोखिम है बेहतर है कि मैं रास्ता बदल लूं मैंने रास्ता बदल...