समरस होना ही समर्थ या सामर्थ्यवान भारत की पहचान है। समरसता से मिली ताकत के कारण ही भारत जगत गुरु कहलाया और यही ताकत उसे और आगे ले जाएगी।

भीष्म नारायण सिंह का जाना भोजपुरी भाषियों का बड़ा नुकसान

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उमेश चतुर्वेदी हम भोजपुरीभाषियों की एक कमी है, जैसे ही हम थोड़ा पढ़-लिख जाते हैं, सार्वजनिक जगहों पर आपसी लोगों से बातचीत में भोजपुरी...
बंगाल के नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का नारा था 'जय हिन्द'। ममता ने उसे छोटा कर 'जॉय बांग्ला' बना दिया। मायने कि 'आमरा बंगाली बनाम बहिरागत।' इससे बढ़कर मूर्खता क्या होगी?

बंगाल के नेताजी के ‘जय हिन्द’ को ममता ने ‘जॉय बांग्ला’ बना दिया

के. विक्रम राव पश्चिम बंगाल के ''खेला'' में जो भी शेष रहा हो, अब एक तथ्य स्पष्ट रूप से उभरा है, जो भारत को...

‘राजवंशीय’ लोकतंत्र के बढ़ते कदमों के बीच एक और चुनाव 

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सुरेंद्र किशोर मशहूर पत्रकार नीरजा चैधरी ने 2003 में लिखा था कि ‘भारतीय राजनीति मात्र 300 परिवारों तक सीमित है।’ नीरजा ने यह भी...

जयंती पर विशेषः भारत की एकता के सूत्रधार सरदार पटेल

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नवीन शर्मा आज हम भारत का जो राजनीतिक मानचित्र देखते हैं, उसे इस रूप में ढालने का सबसे अधिक योगदान सरदार वल्लभ भाई पटेल...

आपातकाल में जार्ज महज कूद-फांद कर रहे थे

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आपातकाल के दरम्यान जार्ज फ़र्नान्डिस की गतिविधि का कोई अर्थ नहीं था। जैसे कोई युवा बगैर आगे-पीछे सोचे ‘थ्रील’ महसूस करने के लिए कुद-फाँद...

पाकिस्तान की सियासतः इमरान खान और बलूचिस्तान 

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के विक्रम राव गेंदबाज, अब सियासतदा खान मोहम्मद इमरान खान ने संसददीय चुनाव जीतते ही कश्मीर और बलूचिस्तान का एक साथ उल्लेख किया। भारत...
लालू रिहा होंगे, यह फैसला महाधिवक्ता की राय पर निर्भर

इस तरह वोट जरूर दें कि बहुमत किसी एक दल को मिले

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पटना। लोगों को परिणाम क्या मिला ? भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी, रंगदारी, अपहरण और गुंडों को संरक्षण ! नतीज़ा जिस मंडल पर ये लोग (लालू का नेतृत्व)...
मलिकाइन के पाती

योग, उपवास के बाद अब पुशअप का बढ़ रहा प्रचलन

वातानुकूलित कमरों में बैठ कर चिंतन - मनन करने वाले खाए - पीए और अघाए नेता के लिए लोगों की मुश्किलों को समझ पाना वैसा...
इमर्जेंसी की 44 वीं सालगिरह पर जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में शुरू हुए आंदोलन की याद स्वाभाविक है। इसलिए कि इमर्जेंसी का आधार जय प्रकाश का आंदोलन ही माना गया।

नरेंद्र मोदी जी की सरकार में देश के अंदर तनाव और टकराव बढ़ा है

शिवानंद तिवारी नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चलने वाली भाजपा सरकार के पिछले सात वर्षों के कार्यकाल में देश के अंदर तनाव और...
ओशो ने कहा था- निंदा रस का धंधा है तुम्हारी पत्रकारिता। पत्रकारों की दृष्टि ही मिथ्या हो जाती है। उनके धंधे का मतलब ही यह है कि जनता जो चाहती है, वह लाओ खोजबीन कर।

पुण्यतिथिः आधुनिक युग के  विद्रोही संन्यासी का नाम है ओशो

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नवीन शर्मा रजनीश, जो बाद में ओशो के नाम से जाने गये, वे आधुनिक भारत के सबसे चर्चित और और विवादास्पद आध्यात्मिक गुरु रहे...