संपूर्ण क्रांति की याद दिलाता इंदिरा गांधी का आपातकाल

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आपातकाल जिन परिस्थितियों में लगा या इंदिरा गांधी ने लगाया, उसकी बड़ी वजह जयप्रकाश नारायण की अगुआई में छिड़ा छात्र आंदोलन था। उस आंदोलन...

भाजपा की हालत- दुविधा में दोनों गए, माया मिली न राम

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विजय झा कमोबेश यही स्थिति आज भाजपा की है। भाजपा ने लगातार नए Vote Bank की तलाश में अपने स्थायी Vote Bank- सवर्णों को...

वीपी सिंह को याद करते हुएः राजा नहीं, फकीर है

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वीपी सिंह एक ऐसे प्रधानमंत्री और नेता थे, जिनके लिए लोगों ने ये नारा लगाया- राजा नहीं फ़क़ीर है- भारत की तक़दीर है! वर्तमान...

‘राजवंशीय’ लोकतंत्र के बढ़ते कदमों के बीच एक और चुनाव 

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सुरेंद्र किशोर मशहूर पत्रकार नीरजा चैधरी ने 2003 में लिखा था कि ‘भारतीय राजनीति मात्र 300 परिवारों तक सीमित है।’ नीरजा ने यह भी...

जाति के समीकरण पर अब चुनाव जीतना कठिन है

आशुतोष जाति के समीकरण पर अब चुनाव जीतना कठिन है। भाजपा की यह जीत केवल सवर्णों और बनियों के समर्थन से नहीं हुई है।...

जनमुद्दों की पत्रकारिता पर पत्रकारों ने किया मंथन

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रांची। सही मायने में जन मुद्दों से ही पत्रकारिता  का सरोकार है। पत्रकार की जिम्दामेवारी होती है कि वह उसे कितनी संजीदीगी से उठाता...
लालू रिहा होंगे, यह फैसला महाधिवक्ता की राय पर निर्भर

बुरे वक्त में भी लालू की राजनीति कभी शून्य पर नहीं रही

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लालू की राजनीति बुरे वक़्त में भी शून्य पर कभी नहीं रही। यह तो विरोधी भी मानते हैं कि लालू न सिर्फ़ बिहार की...

सरकार कहती ठीक है, पर बेहाल हैं बिहार में किसान

पटना। बिहार के किसानों की बदहाली को सिस्टम ने मजाक क्यों बना लिया है। किसानों की किसी भी राजनीतिक पार्टी की चिंता नही है।...

नीति आयोग की बैठक में बिहार को विशेष दर्जा का मुद्दा नीतीश ने उठाया

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(नीति आयोग की गवर्निंग कॉउसिंल की चौथी बैठक में नीतीश का भाषण) आदरणीय प्रधानमंत्री जी, राज्यों के माननीय मुख्यमंत्रीगण, नीति आयोग के माननीय उपाध्यक्ष महोदय,...

एक देश, एक चुनाव पर इतना जोर क्यों, इससे समझिए फंडा

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सुनील जयसवाल एक देश, एक चुनाव पर इतना जोर क्यों दे रही सरकार, यह जानना जरूरी है। लोकसभा चुनाव 2019 सम्पन्न हुए एक माह...