राजेंद्र माथुर मानते थे, लिखना बदलाव की जमीन तैयार करता है
मिथिलेश कुमार सिंह
पिछले कुछ दिनों से प्रभाष जोशी बनाम राजेंद्र माथुर पर बड़ी गंभीर चर्चा में अपने कुछ साथी मसरूफ हैं। किसी को...
कैंपस में क्या गैर राजनीतिक छात्र संघ संभव है?
देवेंद्र मिश्र
कैंपस में क्या गैर राजनीतिक छात्र संघ संभव है? JNU की हाल की घटनाओं से यह सवाल बड़ी शिद्दत से उठ रहा...
विनम्र श्रद्धांजलिः जब कुलदीप नैयर साहब गेट फांद गए थे
बिपेंद्र कुमार
बात दशकों पुरानी है। साल याद नहीं। कुलदीप नैयर साहब पटना किसी कार्यक्रम में आये थे। गांधी संग्रहालय में ठहरे थे। रात...
हम जिस अर्थव्यवस्था में हैं, उसमें लोग गरीब और अवसरहीन होंगे
संजय तिवारी
मैं राहुल गांधी की इस घोषणा का पूर्ण समर्थन करता हूं कि सरकार बनाने के बाद वो 72 हजार रुपये हर साल...
कंगना रनौत पर चारों तरफ से हो रहे हमले वैचारिक बेईमानी
कंगना रनौत पर चारों तरफ से हमले जारी हैं। उन्हें कोई पागल कह रहा है। कोई सांप्रदायिक कह रहा है। कोई देशद्रोही कह रहा...
एक अदद वोटर आईडी ने हमारी नागरिकता को संदिग्ध बना दिया!
मिथिलेश कुमार सिंह
साधो! हम इस देश के नागरिक नहीं हैं। होते तो वोट जरूर करते। कुछ नहीं होता तो 'नोटा' बटन ही दबा...
सरकारी आवास का स्वाद जिन्होंने चखा, वे छोड़ना नहीं चाहते
अवकाशप्राप्त न्यायाधीश सी.एस. कर्णन हमेशा विवादों में रहे हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट में रहते उनके फैसले पर इस कदर विवाद हुआ कि उन्हें जेल तक...
1984 के सिख विरोधी दंगों पर यकीनन राहुल गांधी का बयान बचकाना
जयशंकर गुप्त
आज लिखना तो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, रक्षाबंधन के बारे में चाह रहा था, लेकिन 1984 के सिख विरोधी दंगों के बारे...
दो भारत का उदय- अमीरों का भारत, गरीबों का भारत
पिछले सप्ताह यमुना एक्सप्रेस वे से आगरा और आगरा -लखनऊ एक्सप्रेस वे से लखनऊ जाने का मौका मिला | लगभग छः सौ किमी की...
बंगलादेश की मान्यता के लिए जनसंघ ने आन्दोलन किया था, यह सच है
शेष नारायण सिंह
बंगलादेश की मान्यता के लिए जनसंघ ने आन्दोलन किया था, यह सच है। मेरे कई मित्र शामिल भी हुए थे। संभव...




















