बांग्ला उपन्यास की यात्रा उन्नीसवीं शती के उत्तरार्द्ध में आरंभ हुई। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय से बांग्ला उपन्यास को जीवन मिला था।

बांग्ला उपन्यास की यात्रा उन्नीसवीं शती के उत्तरार्द्ध में आरंभ हुई

कृपाशंकर चौबे बांग्ला उपन्यास की यात्रा उन्नीसवीं शती के उत्तरार्द्ध में आरंभ हुई। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय से बांग्ला उपन्यास को जीवन मिला था। उनके उपन्यास...
बांग्ला कविता की एक हजार साल की लंबी, अनेक आयामी और समृद्ध परंपरा रही है। बांग्ला कविता की यात्रा दसवीं शताब्दी से शुरू होती है।

बांग्ला कविता की हजार साल लंबी समृद्ध परंपरा रही है

कृपाशंकर चौबे बांग्ला कविता की एक हजार साल की लंबी, अनेक आयामी और समृद्ध परंपरा रही है। बांग्ला कविता की यात्रा दसवीं शताब्दी से...
कमल किशोर गोयनका

प्रेमचंद के अद्वितीय व्याख्याता : कमल किशोर गोयनका

अमरनाथ बुलंदशहर (उ.प्र.) के एक व्यवसायी परिवार में जन्मे और जाकिर हुसेन कॉलेज (साँध्य), दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे कमल किशोर गोयनका (11.10.1938 )...
कर्मेन्दु शिशिरः नवजागरण के मार्क्सवादी व्याख्याकार

कर्मेन्दु शिशिरः नवजागरण के मार्क्सवादी व्याख्याकार

हिन्दी के आलोचक- जिनका 26 अगस्त को जन्मदिन है अमरनाथ कर्मेन्दु शिशिर हमारे समय के अत्यंत अध्ययनशील, वैज्ञानिक दृष्टि सम्पन्न और हर परिस्थिति में अपने...
रामदेव सिंह ने लिखी पुस्तक समीक्षा

“चांदखोल पर थाप’ यानि बात निकलेगी तो दूर तलक जायेगी! 

रामदेव सिंह "चांदखोल पर थाप' कवि और निबंधकार राजमणि मिश्र की यह किताब लगभग एक वर्ष से मेरे सफरी बैग में सफर करती रही...
मैला आँचल क्या है? मैला आँचल भारत माता का है और यह ग्रामवासिनी है। यह मलीन है, उदास है, दुखी है। भारत माता हमारी मातृभूमि और उस पर रहने वाले लोग हैं।

मैला आँचल का संदेश  क्या है, आइए जानते हैं इस बारे में

भारत यायावर  मैला आँचल का संदेश क्या है? यह जानने के पहले यह जानना जरूरी है कि मैला आँचल क्या है? मैला आँचल भारत माता...
'दुखाँ दी कटोरी : सुखाँ दा छल्ला'- प्रो. रूपा सिंह की अद्भुत कहानी है।

‘दुखाँ दी कटोरी : सुखाँ दा छल्ला’- प्रो. रूपा सिंह की अद्भुत कथा-यात्रा

'दुखाँ दी कटोरी : सुखाँ दा छल्ला'- प्रो. रूपा सिंह की अद्भुत कहानी है। इस कहानी के बहाने प्रो. मंगला रानी ने रूपा के...
कोरोना, कोरोना वायरस और COVID-19 या नोवेल कोरोना सुनते-सुनते अगर आप ऊब गये हैं तो थोड़ा इधर भी ध्यान दें। इससे आपके मन को सुकून तो मिलेगा ही, आपके ज्ञान में भी वृद्धि होगी। फणीश्वर नाथ रेणु के बारे में यह लेख आपके साहित्यिक मिजाज को पसंद आयेगा।

कोरोना और COVID-19 सेे ऊब गये हों तो रेणु को जरूर पढ़ लें

कोरोना, कोरोना वायरस और COVID-19 या नोवेल कोरोना सुनते-सुनते अगर आप ऊब गये हैं तो थोड़ा फणीश्वर नाथ रेणु के बारे में भी पढ़...
कोरोना, कोरोना वायरस और COVID-19 या नोवेल कोरोना सुनते-सुनते अगर आप ऊब गये हैं तो थोड़ा इधर भी ध्यान दें। इससे आपके मन को सुकून तो मिलेगा ही, आपके ज्ञान में भी वृद्धि होगी। फणीश्वर नाथ रेणु के बारे में यह लेख आपके साहित्यिक मिजाज को पसंद आयेगा।

फणीश्वरनाथ रेणु से जेपी आंदोलन के दौरान हुई बातचीत के अंश

सुरेंद्र किशोर फणीश्वरनाथ रेणु से जेपी आंदोलन (1974) के दौरान उनकी जेल यात्रा से लौटने के बाद ‘प्रतिपक्ष’ के लिए मैंने लंबी बातचीत की...
कोरोना, कोरोना वायरस और COVID-19 या नोवेल कोरोना सुनते-सुनते अगर आप ऊब गये हैं तो थोड़ा इधर भी ध्यान दें। इससे आपके मन को सुकून तो मिलेगा ही, आपके ज्ञान में भी वृद्धि होगी। फणीश्वर नाथ रेणु के बारे में यह लेख आपके साहित्यिक मिजाज को पसंद आयेगा।

फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ सार्वजनिक उपस्थिति के कलाकार थे

जन्मदिन के अवसर पर फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ को याद करते हुए फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ पैदायशी कलाकार और किस्सागो तो थे ही, वैसे ही पैदायशी आंदोलनकारी...
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