भाजपा और लोजपा के प्रदेश अध्यक्षों का चुनावी अखाड़ा बना वैशाली 

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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय
  • पाण्डेय ब्रजनंदन

हाजीपुर। लोकतंत्र की जन्मस्थली वैशाली एक बार फिर राजनीतिक सुर्खियों का केंद्र बिंदु बन गया है। बिहार की राजनीति के दो बड़े सूरमाओं के भाग्य का फैसला वैशाली की धरती से होना है। एनडीए द्वारा आज अपने बिहार की सभी सीटों के प्रत्याशियों के नाम की घोषणा करते ही बिहार का वैशाली जिला सुर्खियों में आ गया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय के साथ-साथ लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस के राजनीतिक भविष्य का निर्धारण वैशाली जिले से ही होना है।

वैशाली जिला की हाजीपुर संसदीय सीट से पहली बार लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस चुनावी अखाड़े में उतरेंगे तो भाजपा ने एक बार फिर उजियारपुर सीट से ही प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय को मैदान में उतारा है। उजियारपुर लोकसभा सीट का एक महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र वैशाली जिले में ही है, जो पातेपुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र है। नित्यानंद राय का  गृह जिला  हाजीपुर ही है। इस प्रकार एनडीए ने अपने दो प्रदेश अध्यक्षों को वैशाली जिले से ही चुनावी अखाड़े में उतारा है।

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वैसे तो  दोनों ही प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने की चर्चाएं पहले से ही थीं। लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कई माह पूर्व ही चुनाव न  लड़ने की इच्छा जाहिर कर दी थी। उसके बाद कई तरह के दबाव श्री पासवान पर पड़ते रहे और बीच-बीच में ये चर्चाएं भी होती रहीं कि अंततः इस बार फिर चुनावी अखाड़े में रामविलास पासवान ही किस्मत आजमाने के लिए आएंगे। वहीं लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह बिहार सरकार के मंत्री पशुपति कुमार पारस हाजीपुर से चुनाव लड़ने अथवा नहीं लड़ने पर कुछ भी बोलने से इंकार करते रहे थे। सब कुछ पार्टी के निर्णय पर छोड़ रखा था। हालांकि आखिरकार पशुपति कुमार पारस ने खुद ही अपने नाम पर मुहर लगाया।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय की भी सीट बदले जाने की चर्चाएं  होती रहीं। हालांकि नित्यानंद राय ने सदैव ही उजियारपुर से ही चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी और आज  खुद नित्यानंद राय ने उजियारपुर से अपने नाम पर ही मुहर लगाया। इस प्रकार बिहार एनडीए के दो प्रदेश अध्यक्षों ने अपनी किस्मत आजमाने के लिए वैशाली जिले को ही चुना है।

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वैसे वैशाली जिला पर एनडीए के साथ-साथ महागठबंधन का भी प्रभाव क्षेत्र  है। वैशाली जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में से 4 पर एनडीए के विधायक हैं तो अन्य 4 सीटों पर राजद का कब्जा है। प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव खुद राघोपुर के विधायक हैं, जो हाजीपुर संसदीय क्षेत्र में आता है। वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन द्वारा अभी तक अपने प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगाया गया है। चर्चा है कि हाजीपुर सीट राजद के खाते में है और यहां से राजापाकड़ के विधायक शिवचंद्र राम को प्रत्याशी बनाया जाएगा। सभी को इंतजार है हाजीपुर और उजियारपुर में महागठबंधन के प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगने का। उसके बाद वैशाली जिले की राजनीति परवान चढ़ने लगेगी।

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