बेटियों के लिए मुख्यमंत्री रघुवर की राय- पहले पढ़ाई, फिर विदाई

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  • योजना के तहत 8,946 सुकन्याओं के बीच तीन करोड़ एक लाख रुपये का वितरण
  • संथाल परगना में 31 करोड़ 57 लाख की योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास हुआ
  • संथाल के सभी सरकारी कार्यालयों में संथाली भाषा में भी अब होगा नाम दर्ज
  • संथाल परगना के स्कूलों में 1 से 5 तक के बच्चों को ओलचिकी लिपि में भी शिक्षा
  • 31 अगस्त तक लिट्टीपाड़ा के एक लाख लोगों को मिलेगा पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल

पाकुड़। योजना है, उद्देश्य है, और सरकार का लक्ष्य भी। सुकन्या योजना मात्र एक योजना नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण को केंद्र बिंदु बनाकर इसे लागू किया गया है, ताकि कन्या भ्रूण हत्या रुके, बाल विवाह पर लगाम लगे, राज्य की बच्चियां शिक्षा से आच्छादित हों और सही समय, सही उम्र में उनका विवाह हो सके। आज देश में बेटियां आगे बढ़ रही हैं। वह खेल का क्षेत्र हो या फिर शिक्षा हर क्षेत्र में वह अच्छा कर रही हैं। वे पुरुषों से किसी भी मामले में कम नहीं बस उन्हें मौका मिलना चाहिए। यह कार्य केंद्र व राज्य सरकार कर रही है और निरंतर करती रहेगी, क्योंकि सरकार का मानना है। नारी सशक्तिकरण के बिना देश, राज्य या फिर परिवार को सामर्थ्यवान नहीं बनाया जा सकता। स्त्री ही सृष्टि है इसलिए उस सृष्टि को इस धरा पर आने दें। कहा जाता है की कन्यादान से पुण्य होता है लेकिन मेरा मानना है कि पहले विद्यादान, फिर कन्यादान यह महा पुण्य है। झारखंड का यह नारा हो। हम इसे आत्मसात करें। यह प्रण लेने की आवश्यकता है। ऊपरोक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कही। श्री दास गुरुवार को पाकुड़ में आयोजित मुख्यमंत्री सुकन्या योजना जागरूकता कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाल परगना सरकार की प्राथमिकता में है। यहां का सर्वांगीण विकास, यहां की गरीबी को दूर करना राज्य सरकार का लक्ष्य है। संथाल की गरीबी, दुर्दशा देखकर पीड़ा होती है। यहां के लोगों के जीवन में कैसे बदलाव आए इस संबंध में किसी ने नहीं सोचा। लेकिन इस गरीबी रूपी कलंक व दुर्दशा को मिटाने का बीड़ा वर्तमान सरकार ने उठाया है, जिसे पूरा भी किया जाएगा। इसके लिए आपको शिक्षा से आच्छादित होना होगा। क्योंकि शिक्षा से ज्ञान, ज्ञान से समझदारी और समझदारी से ईमानदारी आती है। आप सभी से अनुरोध है। आप अपने बच्चों को पढ़ाएं उन्हें उत्कृष्ट बनाएं। राज्य सरकार आपके साथ है। इस साथ को निभाने के लिए ही मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभारंभ किया गया है ताकि बेटों के साथ आपकी बेटियां भी शिक्षा से आच्छादित हों और अपनी कल्पनाओं को उड़ान दे सकें।

श्री रघुवर दास ने बताया कि झारखंड की संस्कृति और भाषा उसकी पहचान है। जिस भाषा, संस्कृति को बचाने के लिए संथाल के वीरों ने संघर्ष किया। सरकार उसका संरक्षण और संवर्धन करने के प्रति प्रतिबद्ध है। इस निमित्त संथाल परगना के सभी सरकारी कार्यालयों में हिंदी के साथ-साथ संथाली भाषा यानी ओल चिकि लिपि में उस कार्यालय का नाम दर्ज किया जाएगा। स्कूलों में बच्चों को 1 से लेकर 5 तक की पढ़ाई संथाली भाषा ओल चिकी लिपि में भी दी जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए संथाल परगना के सभी जिलों के उपायुक्त को यह निर्देश दिया है कि वे इस लिपि के शिक्षक को संविदा पर नियुक्त करें। उन्हें प्रति घंटी के अनुसार ₹125 का भुगतान कर संथाल परगना के नौनिहालों को उनकी ही भाषा में शिक्षा से आच्छादित करें।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 17 फरवरी को प्रधानमंत्री का आगमन हजारीबाग में हो रहा है। इस अवसर पर भी दुमका, हजारीबाग और पलामू में नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करेंगे। संथाल परगना को भी मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलेगी। साथ ही राज में निवास करने वाले 67 हजार आदिम जनजाति परिवारों के लिए पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति योजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री द्वारा होगा। वहीं राज्य सरकार 1200 आदिवासी गांव में अप्रैल माह से पेयजलापूर्ति हेतु डीप बोरिंग, 5 हजार लीटर क्षमता वाली टंकी का निर्माण करेगी ताकि लोगों तक शुद्ध जल पहुंच सके। गांव रोशन हो,गांव के की सड़कें साफ-सुथरी रहें। इस निमित्त गांव में स्ट्रीट लाइट और पेवर ब्लॉक के माध्यम से सड़क का निर्माण होगा। इसमें पंचायत के मुखिया 14वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग करेंगे। भले ही वह गांव आदिवासी हो, गैर आदिवासी हो या फिर दलित गांव हो। हर गांव में इसकी व्यवस्था होगी। संविधान में जो अधिकार जिसको मिला है उससे वंचित नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री बने तो संथाल परगना के मकड़ी सोनापारी गांव में गये। जहां योजना बनाओ अभियान के तहत बड़ी तादात में महिलाओं ने कहा था कि उन्हें पानी को लेकर बड़ी समस्या है। उन्हें दूर से पानी लाना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह बात मुझे अंदर तक का छू गई और यही वजह रही कि मैंने लिट्टीपाड़ा में 200 करोड़ रुपए की पाइपलाइन जलापूर्ति योजना को प्रारंभ किया। अब तक इस योजना का लाभ आप सभी को मिल जाता, लेकिन एक पार्टी के कुछ लोगों ने इस योजना का विरोध किया। जिससे इसमें कुछ देरी हुई। लेकिन उस विरोध को समाप्त करते हुए अब 31 अगस्त तक लिट्टीपाड़ा के करीब 1 लाख लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुंचेगा। इसके तहत जोन 6 में अप्रैल माह तक, जोन 2 में 19 जून तक, जोन 5 में 5 जुलाई तक और जोन एक में 31 अगस्त तक पाइप लाइन के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। महेशपुर में भी जल आपूर्ति हेतु ₹13 करोड़ खर्च किया जा रहा है ताकि आपको शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाल परगना से 3 मुख्यमंत्री ने झारखंड की बागडोर संभाली। लेकिन संथाल परगना समेत झारखंड की मूलभूत सुविधा यानी बिजली जिसके बिना विकास की कल्पना अधूरी है पर ध्यान नहीं दिया। आजादी के बाद से मात्र 38 ग्रिड का निर्माण झारखंड में हुआ। जबकि 134 ग्रिड की जरूरत राज्य को थी। वर्तमान सरकार ने इस जरूरत को समझा और 60 ग्रिड का निर्माण कार्य वर्तमान में कराया जा रहा है। 217 सब स्टेशन बन रहे हैं ताकि बिजली का संचरण और वितरण सुचारू रूप से हो और आप तक बिजली पहुंचे। आपको पता है कि बिजली आती है और जाती है। इसकी वजह हमारी निर्माण प्रक्रिया है। मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि नवंबर 2019 तक गांव में भी 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास करूंगा। वैसे भी राज्य सरकार ने अपने 4 साल के कार्यकाल में 30 लाख घरों को बिजली से आच्छादित किया है।

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बचे हुए कुछ घरों तक मार्च 2019 तक बिजली पहुंच जाएगी। वैसे 10 हजार घर जहां बिजली पहुंचाना आसान नहीं है वहां सोलर के माध्यम से बिजली पहुंचाई जाएगी। इस क्षेत्र के मसीहा आखिर क्या करते रहे। इतने वर्षों तक क्यों घर घर बिजली नहीं पहुंचाई। वर्तमान सरकार ऐसा नहीं सोचती सब को मूलभूत सुविधा प्राप्त हो सभी को संविधान अनुरूप उनका हक उन्हें मिले इस निमित्त लगातार कार्य हो रहा है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2019- 20 में विधवा और वृद्धों के पेंशन में बढ़ोतरी की गई है, इससे पूर्व ₹600 विधवा और वृद्ध जनों को प्राप्त होता था। लेकिन उस राशि में ₹400 का इजाफा किया गया। अब ऐसे लोगों को ₹1000 हर माह मिलेंगे। साथ ही दिव्यांग जनों को भी सरकार ₹1000 प्रदान करेगी।

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