उलझी गांठें खोलने में पसीने छूट रहे बिहार में महागठबंधन के
पटना। बिहार में महागठबंधन की सफलता की कहानी 2015 के विधानसभा चुनाव से शुरू होती है, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में इस कहानी...
चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना ने बनाये 402 इलेक्ट्रिक इंजन
विश्व में रेल इंजनों का सबसे बड़ा निर्माताबना, रेल इंजन निर्माताओं के "एलिट क्लब" में शामिल
चित्तरंजन (पश्चिम बंगाल)। चित्तरंजन रेल कारखाना (चिरेका) ने वित्तीय...
LPG के उपभोक्ता हो जाएं अलर्ट, नई बुकिंग अब 15 दिन बाद
14.2 किलो सिलेंडर की डिलीवरी के 15 दिनों बाद होगी दूसरी बुकिंग
5 किलोग्राम सिलेंडर की डिलीवरी के 7 दिनों बाद होगी दूसरी...
झारखंड कई मामलों में दूसरे राज्यों से आगे निकल चुका हैः सीएम
राज्य के सवा तीन करोड़ लोगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार
रांची। झारखंड कई मामलों में दूसरे राज्यों से आगे निकल चुका...
लोकसभा चुनाव में कहीं सबको पटकनी न दे दें नीतीश कुमार
दीपक कुमार
पटना। आसन्न लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार में सभी दल अपनी तैयारियों में जुट गये हैं। तैयारी का आलम यह है कि...
हेमंत सोरेन ने सपरिवार काशी विश्वनाथ और विंध्यवासिनी की पूजा की
रांची। हेमंत सोरेन ने दो दिनों का अपना वक्त देवी-देवताओं के पूजा-अर्चन में बिताया। शादी की सालगिरह पर कल उन्होंने विश्वनाथ की पूजा की...
पिछड़े-अतिपिछडे वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है केंद्र सरकार
पटना। केंद्र सरकार को पिछड़े-अतिपिछडे वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध बताते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने कहा- “...
सोम, मंगल व शुक्रवार को मुख्यालय में रहें बिहार के अफसर
पटना। राज्य के मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ एवं संवेदनशील बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्देश सभी विभागों...
सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए 1000 ई रिक्शा चालकों को बाटेंगे हेलमेट
सार्थक समय डेस्क : हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार नोएडा में 1000 ई रिक्शा चालकों को 14 सितंबर दोपहर 1:00 बजे से सड़क सुरक्षा जागरूकता...
संसद में 9 और बिहार में 14 प्रतिशत महिलाएं
पटना। आज वर्ल्ड विज़न द्वारा होटल क्लार्क्स इन में आयोजित "परिवार और समुदाय में पुरुषों की देखभाल की भूमिका पर राज्य स्तर पर परामर्श“ के एक सत्र की अध्यक्षताकरते हुए जेंडर रिसोर्से सेंटर के प्रधान सलाहकार आनन्द माधव ने कहा कि इसके लिये यह आवश्यक है कि हर स्तर पर महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाये।हम महिलाओं के लिये निर्णय लेते हैं, लेकिन अगर महिलाएं उस निर्णय लेने की प्रक्रिया में में शामिल नहीं हैं तो इसका कोई मायने नहीं है।
विदित हो कि 389 सदस्यीय संविधान सभा में मात्र 15 महिलाएं ही थीं। यानि 3.88%।आज भी इस स्थिति में बहुत सुधार नहीं हुआ है।हमारे संसद में मात्र 9 प्रतिशत महिलाओं की उपस्थिति है तो हमारे राज्य में 14 प्रतिशत। न्यायपालिका में राष्ट्रीय स्तर पर अगर यह 11 प्रतिशत है तो बिहार में मात्र 6 प्रतिशत। हलांकि पंचायती राज्य व्यवस्था मे 50 % आरक्षण रहने से बिहार मे महिला पंचायत प्रतिनिधियों की संख्या 52 % है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह मात्र 46% है। 42.5% की दर से बाल विवाह में बिहार तो अव्वल है ही।
उन्होंने कहा कि इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि परिवर्तन नही हुआ है या प्रयास नहीं हुआ है।सरकार की कई लाभकारी योजनाएं महिलाओं और बालिकाओं के लिये है।इनमें प्रमुख हैं सायकिल योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना, मुख्यमंत्री पोशाक योजना, मुख्यमंत्री अक्षर अंचल योजना। आज बिहार में 75% महिलाएं घरेलू निर्णय में सहभागी हैं। जीविका के माध्यम से भी महिलाओं के सशक्तीकरण का कार्य तेज़ी से चल रहा है।पर, इसमें समाज के हर वर्ग के सहयोग की आवश्यकता है।
उद्घाटन सत्र में महिला आयोग की अधयक्ष दिलमनी मिश्रा ने कहा कि आयोग अपने स्तर से महिला सशक्तीकरण के कार्य में लगा हुआ है और काउंसिलिंग के माध्यम से सुधार लाने का प्रयास करता है। सुधा वर्गीस ने कहा कि हमारी मानसिकता ही पुरूष को प्राथमिकता प्रदान करने की है। इसे बदलना आवश्यक होगा। इसके पहले वर्ल्ड विज़न के सत्यप्रकाश प्रमाणिक ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम को महिला विकास निगम के प्रभारी प्रोजेक्ट डाइरेकटर रूपेश सिन्हा, यूनीसेफ़ की मोना सिन्हा, औकसफेम की सुष्मिता गोस्वामी, जीविका की अर्चना, वर्ल्ड विज़न की करेन पीटरसन, एलविन, C3 के गुंजन और बिहार विपदा प्रबंधन की मधुबाला ने भी संबोधित किया।
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