प्यार तकरार और अब बाजार

0
सार्थक समय डेस्क : भोजपुरी सिनेमा में पवन सिंह और अक्षरा सिंह की जोड़ी वर्षो तक याद की जाएगी दोनों ने भोजपुरी को दो...
गांव की प्रतीकात्मक तस्वीरः स1जन्य- बाबूलाल जी

मलिकाइन के पातीः इयारी में बेसी होशियारी ठीक ना होखे नीतीश जी!

0
इयारी में बेसा होशियारी ठीक ना होखे। नीतीश जी कम नइखन। बिहार में कमल छाप से दोस्ती आ झारखंड में कुश्ती लड़े के तेयार...

मलिकाइन के पाती- पोखरा में मछरी, नौ-नौ कुटिया बखरा

0
पावं लागीं मलिकार। गांव-जवार के हाल ठीक बा मलिकार। घरो-परिवार में सभे नीक-नीरोग बा। कई दिन से पांड़े बाबा के दुअरा खाली वोट के...

मलिकाइन के पातीः बाली उमिर, जनि बियहs ए बाबूजी !

0
पावं लागीं मलिकार! काली माई के किरिपा आ बरम बाबा के असीरवाद से इहवां सब कुछ ठीक बा। तनी भर हमरे मिजाज ठीक ना...
किरिया पर जाई, माई-बाप मर जाई...। मलिकाइन के पाती ढेर दिन पर आइल बा। पाती के शुरुआत अबकी एही लाइन से मलिकाइन कइले बाड़ी।

मलिकाइन के पाती- बेशवा रूसल त घरवो बांचल

0
मलिकाइन आपन पाती आदतन एहू बेर कहाउते से शुरू कइले बाड़ी। लिखले बाड़ी- बेशवा रूसल त घरवो बांचल। पाती पढ़ला के बाद माने बुझाई।...

मलिकाइन के पातीः काहें वोटवे के टाइम पर रामजी इयाद आवे ले

0
पावं लागी मलिकार। अयोध्या जी में रामजी के मंदिरवा अबकी सचहूं बन जाई का मलिकार। सुनत बानी कि ओइजा 92 अइसन फेर जमघट शुरू...
किरिया पर जाई, माई-बाप मर जाई...। मलिकाइन के पाती ढेर दिन पर आइल बा। पाती के शुरुआत अबकी एही लाइन से मलिकाइन कइले बाड़ी।

 बाबू हमार जीहें त बकरी चरइहें, खेते-खेते करिहें बनिहारी भारतवसिया

मलिकाइन के पाती बाबू हमार जीहें त बकरी चरइहें, खेते-खेते करिहें बनिहारी भारतवसिया..। लरिकाई में हम अपना बाबा के बाबूजी ई मुंह से ई गीतिया...

मलिकाइन के पाती- धन मधे कठवत, सिंगार मधे काजर

पावं लागीं मलिकार। रउरा त सुनलहीं होखब मलिकार, हमनी इहां एगो कहाउत लोग कहेला- धन मधे कठवत, सिंगार मधे काजर। अपना देस पर ई...
गांव की तस्वीर बाबूलाल जी के सौजन्य से

पाती ना कवनो सनेस, कहां हेरा गइली मलिकाइन!

पांव लागीं मलिकार, रउरा त कहेब कि कहवां भुला गइली मलिकाइन। ना कवनो पाती आ ना सनेस। अइसन जनि सोचेब मलिकार। हमार देह भलहीं...
किरिया पर जाई, माई-बाप मर जाई...। मलिकाइन के पाती ढेर दिन पर आइल बा। पाती के शुरुआत अबकी एही लाइन से मलिकाइन कइले बाड़ी।

मलिकाइन के पाती- लोग अइसन जान देता, बुझाता घोंधा में बसल बा परान

मलिकाइन के पाती ढेर दिन बाद आइल बा। लिखले बाडी़- लोग अइसन जान देता, बुझाता घोंधा में बसल बा परान। रोज-रोज लोग के जान-परान...