आरा के रण में राजकुमार सिंह को घेरने की विपक्ष की कवायद

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पटना। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री राजकुमार सिंह को भाजपा ने पुन: आरा से मैदान में उतारा है। राजकुमार सिंह ने 2014 के लोकसभा चुनाव में राजद प्रत्याशी श्रीभगवान सिंह कुशवाहा को हराया था। इस बार आरा के रण में राजकुमार सिंह को कड़े मुकाबले से गुजरना पड़ेगा। भाकपा माले ने महागठबंधन के समर्थन से अपना उम्मीदवार उतार कर राजकुमार सिंह को घेरने की कवायद की है। ऐसे में राजकुमार सिंह के लिए विपक्ष के चक्रव्यूह को भेदना चुनौती होगी। भाकपा माले से राजू यादव को महागठबंधन का उम्मीदवार घोषित होने के बाद आरा संसदीय क्षेत्र के महागठबंधन के समनीतिक हालात बदले हुए नजर आ रहे हैं।

आरके सिंह विकास के नाम पर 2019 लोकसभा चुनाव की वैतरणी को पार करना चाहते हैं। वहीं, आरके सिंह को घेरने के लिए महागठबंधन ने राजनीतिक और जातीय समीकरण के लिहाज से फिट बैठनेवाले राजू यादव को प्रत्याशी बनाया है। वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव में राजद और भाकपा माले के उम्मीदवार क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर थे।  हालांकि दोनों पार्टियों ने मोदी लहर में अलग-अलग चुनाव लड़े थे। इस बार दोनों दल एकसाथ मिलकर भाजपा को मात देने की कोशिश करेंगे।

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राजग ने आरा लोस सीट से पुनः आरके सिंह को  भाजपा का प्रत्याशी बना कर एक बड़ा दांव चला है। चूंकि यह सीट जदयू कोटे की रही है, फिर भी आरके सिंह को टिकट देने के पीछे आरा संसदीय क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए विकास कार्य को बताया गया। आरके सिंह ने अपनी पांच साल की अवधि में बिजली से लेकर कई बुनियादी समस्याओं को हल किया है। यही कारण है कि महागठबंधन ने आरके सिंह के खिलाफ भारी भरकम प्रत्याशी उतारने की योजना बनाई, ताकि उन्हें कड़ी टक्कर दी जा सके।

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आरा लोकसभा सीट पर सातवें चरण में वोट डाले जाएंगे। यहां के जातीय समीकरण को देखें तो यादव, राजपूत, मुसलमान, वैश्य, दलित और कुशवाहा मतदाता काफी निर्णायक भूमिका में हैं।  करीब साढ़े तीन लाख यादव, तीन लाख राजपूत, डेढ़ लाख लाख ब्राह्मण, डेढ़ लाख मुस्लिम, 1 लाख 30 हजार भूमिहार,  डेढ़ लाख दलित और एक लाख के करीब अन्य ओबीसी मतदाता हैं।

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हालांकि भाजपा ने जदयू के साथ गठबंधन करके कुर्मी वोट को एक बार फिर साधने की कवायद की है। वैसे जातिगत लिहाज से इस सीट पर पिछड़े वर्ग का वोट बैंक असरदायक माना जाता है। भाकपा माले से राजू यादव के प्रत्याशी हो जाने के बाद 2014 से तस्वीर बदल सकती है।

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लोकसभा के 2014 के चुनाव में भाजपा के राजकुमार सिंह ने राजद के श्रीभगवान सिंह कुशवाहा को हराया था। आरके सिंह को 3,91074 वोट मिले थे, जबकि कुशवाहा को 2,55,204 वोट मिले थे। इस प्रकार से आरके सिंह को कुल 43.78 प्रतिशत और कुशवाहा को 28.57 प्रतिशत वोट मिले थे। तीसरे स्थान पर भाकपा माले के राजू यादव को  98,805 (11.06 प्रतिशत) वोट मिले थे। चौथे स्थान पर मीना सिंह को 75,962 वोट मिले थे।

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