शहीद पिंटू के घर पहुंचे नीतीश, देखने उमड़ी भीड़, रेलिंग टूटी, कई जख्मी

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  • नन्द किशोर सिंह

बखरी (बेगूसराय)। जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में पिछले दिनों शहीद हुए राटन ध्यान चक्की गांव निवासी सीआरपीएफ  इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह के घर बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे। उन्होंने सर्वप्रथम शहीद पिंटू के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। सीएम को देखने के लिए लोग छतों पर चढ़ गये। इस दौरान एक छत की रेलिंग टूट गयी। कई लोग इससे घायल हो गये।

सीएम नीतीश ने  शहीद पिंटू के  पैतृक आवास के आंगन में बैठ कर शहीद के परिजनों से बातचीत की। उन्होंने शहीद पिंटू की पत्नी अंजू सिंह से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री को देखते ही उनकी पत्नी अंजू दहाड़ मार कर रोने लगी। वह कुछ बोल न सकी। यह देख कर सीएम नीतीश कुमार की आंखों में भी आंसू आ आए। शहीद पिंटू की 5 वर्षीय पुत्री भी उस समय अपनी मां के पास सोई थी। उन्होंने पिंटू के सभी भाइयों से भी बात की।

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शहीद पिन्टू के परिजनों से मिलने के लिए मुख्यमंत्री दोपहर बाद करीब 1:56 बजे हेलीकॉप्टर से बखरी थाना के निकट रामपुर के मैदान में बने हेलीपैड पर उतरे। वहां से उनका काफिला सड़क मार्ग से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में राटन ध्यान चक्की गांव शहीद के घर पहुंचा।

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मुख्यमंत्री ने शहीद के सहोदर भाई मिथिलेश सिंह से मिलकर कहा कि पूरे बिहार के लोग शहीद पिन्टू कुमार सिह के परिवार के साथ हैं। उन्होंने पिंटू की पत्नी अंजू सिंह को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की तथा  जिलाधिकारी राहुल कुमार को सीएम ने निर्देश दिया कि शहीद के चारों भाई बहुत ही गरीब हैं, इसलिए जो  कुछ संभव हो सकता है, इनके चारों भाइयों के लिए करें।

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सीएम नीतीश कुमार कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी कि शहीद पिंटू के घर पर जब सीएम आंगन में पहुंचे तो जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्थानीय मीडिया कर्मियों को अंदर प्रवेश करने से मना कर दिया। जिसके कारण मीडिया कर्मियों को प्रवेश द्वार के बाहर रुकना पड़ा।

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सीएम नीतीश कुमार की एक झलक पाने के लिए लोग छतों पर चढ़ गये थे। इस दौरान  छत की रेलिंग टूट कर नीचे गिर गयी।  छत की रेलिंग टूटने के कारण  उसके अंदर आधे दर्जन बच्चे दब गये। इनमें दो बच्चे और एक बच्ची को गंभीर चोट पपहुंची है। छत  की रेलिंग गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल उन तीन बच्चों में राटन ध्यान चक्की गांव के ललन कुमार  (8 वर्ष), दूसरा सत्यम कुमार (7 वर्ष) और तीसरा नंदनी कुमारी (5 वर्ष) शामिल हैं। इन्हें गंभीर चोट पहुंची है।

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