कृपाशंकर चौबे डॉ. अम्बेडकर ने चार फरवरी 1956 को साप्ताहिक ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला। हर अंक में पत्रिका के शीर्ष की दूसरी पंक्ति में लिखा होता था- डा. अम्बेडकर द्वारा प्रस्थापित।

डॉ. अम्बेडकर ने ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला और समाज में एकता पर दिया जोर

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कृपाशंकर चौबे डॉ. अम्बेडकर ने चार फरवरी 1956 को साप्ताहिक ‘प्रबुद्ध भारत’ निकाला। हर अंक में पत्रिका के शीर्ष की दूसरी पंक्ति में लिखा...
फणीश्वरनाथ रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं।

फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता स्वाभाविक छंद था

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भारत यायावर  फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता और सहजता स्वाभाविक छंद था। उन्हें आक्रोश और गुस्से में देखना दुर्लभ संयोग था। वे मुश्किलों...
रामनिरंजन परिमलेन्दु

रामनिरंजन परिमलेन्दुः अनुसंधानपरक आलोचना का अन्यतम योद्धा

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डॉ. अमरनाथ पुरानी पीढ़ी के गिने चुने महान अनुसंधानकर्ताओं की तरह नि:स्वार्थ भाव सेएकान्त साधना करने वालेअनुसंधानपरक आलोचना के अन्यतम  योद्धा रामनिरंजन परिमलेन्दु (25.8.1934-29.9.2020)...
महात्मा गांधी

गांधी जी ने पत्रकार के रूप में भी कुछ अलग प्रयोग किये

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शेष नारायण सिंह गांधी जी को पत्रकार के रूप में  तो पूरी दुनिया जानती है, उस विषय पर बातें भी बहुत हुई  हैं। गांधी...
फणीश्वरनाथ रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं।

रेणु से मैंने सवाल किया, “आपने पालिटिक्स क्यों छोड़ दी?”

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रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं। दुनिया को...
भारतीय भाषाओं को प्रतिष्ठा दिलाने के अथक सेनानी रहे हैं बलदेव बंशी। यूपीएससी की परीक्षाओं में भारतीय भाषाओं को उन्होंने हक दिलाया।

भारतीय भाषाओं की प्रतिष्ठा के अथक सेनानी थे बलदेव बंशी

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भारतीय भाषाओं को प्रतिष्ठा दिलाने के अथक सेनानी रहे हैं बलदेव बंशी। यूपीएससी की परीक्षाओं में भारतीय भाषाओं को उन्होंने हक दिलाया। आइए, जानते...
रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं।

रामदेव शुक्लः व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ

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रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं। ‘बिहारी- सतसई...
भारत-पाकिस्तान युद्ध के 50 साल बीत गये। आखिरकार भारत जीता। पाकिस्तान हारा। पाकिस्तान की सेना ने सरेंडर कर दिया। इंदिरा गांधी को श्रेय मिला।

भारत-पाकिस्तान यूद्ध के 50 साल, विजय दिवस की जय गाथा

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लोकनाथ तिवारी  भारत-पाकिस्तान युद्ध के 50 साल बीत गये। आखिरकार भारत जीता। पाकिस्तान हारा। पाकिस्तान की सेना ने सरेंडर कर दिया। इंदिरा गांधी को...
भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को हुआ था।

भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी

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कृपाशंकर चौबे भारत में पत्रकारिता के जनक थे अंग्रेज जेम्स आगस्टस हिकी। भारत में पत्रकारिता का जन्म 240 साल पहले 29 जनवरी 1780 को...
महात्मा गांधी

दक्षिण अफ्रीका ने गांधी को राह दिखाई तो चंपारण ने मशहूर किया

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पुण्यतिथि पर विशेष नवीन शर्मा मोहनदास करमचंद गांधी सिर्फ भारतीय उपमहाद्वीप के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता नहीं हैं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका सहित विश्व के कई अन्य...