महेंदर मिसिर

अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर

0
अनूप नारायण सिंह पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...
बाउल सम्राट पद्मश्री पूर्णचंद्र दास ने कहा था- बड़े बाउल गायकों के साथ बाउल संगीत काफी कुछ खत्म हो गया है। तीन-चार घराने हैं जो अब भी वीरभूम में हैं।

बाउल गायकों के साथ बाउल संगीत भी अब काफी कुछ खत्म हो गया है

0
बाउल सम्राट पद्मश्री पूर्णचंद्र दास ने कहा था- बड़े बाउल गायकों के साथ बाउल संगीत काफी कुछ खत्म हो गया है। तीन-चार घराने हैं...

गिरिराज ने दी सलाह, अब तो तीर्थ यात्रा पर निकल जाएं मुख्यमंत्री नीतीश

0
Patna/ Begusarai : बिहार जदयू और राजद के बीच सीएम पद को लेकर जो खींचतान मचा है। उसपर भाजपा की भी पैनी नजर है।...

अनुसंधानपरक आलोचना-दृष्टि का मार्क्सवादी चेहरा : वीर भारत तलवार

0
अमरनाथ वीरभारत तलवार ( 20.9.1947 ) हिन्दी के गंभीर अध्येता, शोधार्थी और आलोचक हैं.  वे चुपचाप अपना काम करने में विश्वास करते हैं. प्रचार...
रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- को पढ़कर पूरा किया। उपन्याकस ने मन मस्तिष्क पर धाक जमा लिया है। इसमें भारत की साझा संस्कृति झलकती है।

रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- में भारत की साझा संस्कृति

0
अमरनाथ रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- को पढ़कर पूरा किया। उपन्याकस ने मन मस्तिष्क पर धाक जमा लिया है। इसमें भारत की...
इंदिरा गांधीः आपातकाल की प्रणेता

लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल

0
नवीन शर्मा लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल। निरंकुश राजतंत्र की तुलना में लोकतंत्र काफी अच्छी व्यवस्था है। यह शासन व्यवस्था को निरंकुश...
अशोक वाजपेयी ने 2016 में फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी का एक भाग पूरा हुआ।

फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी और अशोक वाजपेयी की प्रेरणा

0
फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व अशोक वाजपेयी ने 2016 में मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी...
पाकीजा फिल्म का पोस्टर

ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की पाकीजा के पीछे की दास्तान 

0
वीर विनोद छाबड़ा  दो राय नहीं कि 'पाकीजा' ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की फिल्म है। जाहिर है कि इसकी कामयाबी का क्रेडिट भी मीना...

लेखक सआदत हसन मंटोः ठंडा गोश्त जैसी कहानियों के बदनाम लेखक

0
पुण्यतिथि पर संस्मरण नवीन शर्मा सआदत हसन मंटो (11 मई 1912-18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं- बू, खोल दो, ठंडा गोश्त...
अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि हैं और उनकी प्रतिबद्धता की जड़ें ठेठ भारतीय आबोहवा और जमीन में हैं। जो सामने है, वही उनकी कविता का विषय है।

अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि, बेहतर जीवन की आकुलता 

0
कृपाशंकर चौबे अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि हैं और उनकी प्रतिबद्धता की जड़ें ठेठ भारतीय आबोहवा और जमीन में हैं। जो सामने...