महात्मा गांधी और कस्तूरबाई

तेरह वर्ष की उम्र में हुआ था गांधी जी और कस्तूरबा का विवाह

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राज्यवर्द्धन तेरह वर्ष की आयु में गांधी जी का ब्याह कस्तूरबा से हुआ था। गांधी जी लिखते हैं-"हम भाइयों को तो सिर्फ तैयारियों से...
अच्युतानंद मिश्र (बायें) का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख अतुलनीय है।

अच्युतानंद मिश्र का हिन्दी पत्रकारिता में अवदान असाधारण है

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कृपाशंकर चौबे अच्युतानंद मिश्र का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख...

गिरिराज ने दी सलाह, अब तो तीर्थ यात्रा पर निकल जाएं मुख्यमंत्री नीतीश

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Patna/ Begusarai : बिहार जदयू और राजद के बीच सीएम पद को लेकर जो खींचतान मचा है। उसपर भाजपा की भी पैनी नजर है।...
गांधीजी ने बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर धर्म की शिक्षा दी थी। चंपारण सत्याग्रह के दिनों की बात है। गांधीजी वहीं एक गांव में रुके हुए थे।

गांधीजी ने जब बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर दिया

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निराला गांधीजी ने बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर धर्म की शिक्षा दी थी। चंपारण सत्याग्रह के दिनों की बात है।...
रामनिरंजन परिमलेन्दु

रामनिरंजन परिमलेन्दुः अनुसंधानपरक आलोचना का अन्यतम योद्धा

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डॉ. अमरनाथ पुरानी पीढ़ी के गिने चुने महान अनुसंधानकर्ताओं की तरह नि:स्वार्थ भाव सेएकान्त साधना करने वालेअनुसंधानपरक आलोचना के अन्यतम  योद्धा रामनिरंजन परिमलेन्दु (25.8.1934-29.9.2020)...
डॉ. अम्बेडकर का मानना था कि दलितों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका स्वयं का मीडिया अनिवार्य है। उन्होंने ‘मूकनायक’ प्रकाशित किया।

डॉ. अम्बेडकर का मानना था, दलितों के लिए स्वयं का मीडिया जरूरी है

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कृपाशंकर चौबे डॉ. अम्बेडकर का मानना था कि दलितों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका स्वयं का मीडिया अनिवार्य है।...

हिंदी सिनेमा के सदाबहार हीरो देव आनंद के इन बातो को जानते है

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सदाबहार हीरो देव आनंद के जन्मदिन पर विशेष सार्थक समय डेस्क : वैसे तो हिंदी सिनेमा में एक से बढ कर एक हैंडसम और स्मार्ट...
नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

नरेंद्र मोदी पर नाराजगी का कारण अब जाकर समझ में आया

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सुरेंद्र किशोर नरेंद्र मोदी से अलप्संख्यक तबके की नाराजगी का पता अब जाकर चल रहा है। अल्पसंख्यकों का जेहादी तबका नरेंद्र मोदी पर ही...
गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है।

हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी ने दी थी सीख

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प्रवीण बागी हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपने अखबार प्रताप के पहले अंक में पत्रकारिता की अवधारणा प्रस्तुत की थी। वह...
ज्योतिष की प्रतीकात्मक तस्वीर

कम्युनिस्ट भी टोना-टोटका, भविष्यवाणी में भरोसा रखते हैं!

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रामेश्वर टांटिया को याद किया है वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ला ने कम्युनिस्ट भी टोना-टोटका, भविष्यवाणी में भरोसा रखते हैं। वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ला ने रामेश्वर...