डॉ. भीमराव अम्बेडकर का ‘बहिष्कृत भारत’ और उनकी पत्रकारिता
कृपाशंकर चौबे
डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने 3 अप्रैल 1927 को मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ निकाला। वह पाक्षिक वर्ष 1929 तक यानी दो साल तक...
अच्युतानंद मिश्र का हिन्दी पत्रकारिता में अवदान असाधारण है
कृपाशंकर चौबे
अच्युतानंद मिश्र का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख...
डॉ. अम्बेडकर का मानना था, दलितों के लिए स्वयं का मीडिया जरूरी है
कृपाशंकर चौबे
डॉ. अम्बेडकर का मानना था कि दलितों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका स्वयं का मीडिया अनिवार्य है।...
महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाई, पर अकबर की अधीनता कबूल नहीं की….पुण्यतिथि...
मध्यकाल के इतिहास लेखन के बारे में नेहरू युग के कम्युनिस्ट इतिहासकारों ने नये इतिहास लेखकों को यह निदेश दिया था कि महाराणा प्रताप...
मंडल आयोग की सिफारिशें याद हैं, पर भूल गये लोग बीपी मंडल को
पटना। मंडल आयोग की सिफारिशें जिनके सौजन्य से लागू हुईं, वे थे बीपी मंडल। उनकी जयंती पर अकेले उनके परिजनों ने ही उनकी प्रतिमा...
लेखक सआदत हसन मंटोः ठंडा गोश्त जैसी कहानियों के बदनाम लेखक
पुण्यतिथि पर संस्मरण
नवीन शर्मा
सआदत हसन मंटो (11 मई 1912-18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं- बू, खोल दो, ठंडा गोश्त...
पुलिस से पुलिस मंत्री तक बने थे स्वतंत्रता सेनानी रामानंद तिवारी
सुरेंद्र किशोर
पुलिस से पुलिस मंत्री बने थे रामानंद तिवारी। स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादी नेता दिवंगत रामानंद तिवारी के बारे में नयी पीढ़ी शायद...
कम्युनिस्ट भी टोना-टोटका, भविष्यवाणी में भरोसा रखते हैं!
रामेश्वर टांटिया को याद किया है वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ला ने
कम्युनिस्ट भी टोना-टोटका, भविष्यवाणी में भरोसा रखते हैं। वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ला ने रामेश्वर...
हिंदी सिनेमा के सदाबहार हीरो देव आनंद के इन बातो को जानते है
सदाबहार हीरो देव आनंद के जन्मदिन पर विशेष
सार्थक समय डेस्क : वैसे तो हिंदी सिनेमा में एक से बढ कर एक हैंडसम और स्मार्ट...
गिरिराज ने दी सलाह, अब तो तीर्थ यात्रा पर निकल जाएं मुख्यमंत्री नीतीश
Patna/ Begusarai : बिहार जदयू और राजद के बीच सीएम पद को लेकर जो खींचतान मचा है। उसपर भाजपा की भी पैनी नजर है।...



















