गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं..
गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं...कोरोना डायरी की आठवीं कड़ी में हम उस संकल्प की बात करेंगे, जिसका मूल स्वर...
देश का प्रधानमंत्री ईमानदार, फिर क्यों नहीं रुक रहा भ्रष्टाचार !
देश में ईमानदार प्रधानमंत्री के रहते भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा। बिहार तो पहले से ही भ्रष्टाचार का जनक माना जाता रहा...
जाति-व्यवस्था की भारत से समाप्ति असंभव है, इसकी वजह जानिए
जाति-व्यवस्था की भारत से समाप्ति असंभव है, क्योंकि हमारा धर्म राम, कृष्ण और अन्य असंख्य देवताओं पर टिका हुआ है। जाति रहेगी और इस पर चर्चा...
पांडवों ने स्थापित की थी आरा में मां आरण्य देवी की प्रतिमा
आरा। आरण्य देवी की पूजा यहां प्राचीन काल से हो रही है। मान्यता है कि देवी की स्थापना धर्मराज युद्धिष्ठिर ने की थी। इसे...
धीरू भाई अंबानी और चंद्रशेखर जब कलकत्ता में एक होटल में गुपचुप मिले, जानिए...
सच बात यही है कि कोई दल/ नेता कितना भी कॉर्पोरेट के खिलाफ बोल ले, कम्युनिस्ट पार्टियों को छोड़कर हर दल को उद्योगपतियों से...
महात्मा गांधी की हत्या पर कपूर कमीशन की रिपोर्ट कहां गई!
महात्मा गांधी की शहादत दिवस (30 जनवरी) पर वरिष्ठ IPS अरविन्द पाण्डेय ने हत्या के कारणों की जांच के लिए गठित कपूर कमीशन की...
सूरज पालीवाल के आलोचना-लोक का विराट है आलोक वृत्त
सूरज पालीवाल ने अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में रहते कृपाशंकर चौबे को तत्कालीन कुलपति विभूति नारायण राव से गलतफहमी दूर करायी थी। इस रोचक...
देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान…गीत और हामिद
वीर विनोद छाबड़ा
देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान कितना बदल गया इंसान...! आपने 'नास्तिक' (1954) का ये गाना ज़रूर सुना...
अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि, बेहतर जीवन की आकुलता
कृपाशंकर चौबे
अरुण कमल गहरे अर्थ में प्रतिबद्ध कवि हैं और उनकी प्रतिबद्धता की जड़ें ठेठ भारतीय आबोहवा और जमीन में हैं। जो सामने...
दुश्मन फिल्म का समाज में स्वागत तो हुआ, पर बड़ा अवार्ड नहीं मिला
वीर विनोद छाबड़ा
दुश्मन फिल्म का समाज में स्वागत तो हुआ, पर अवार्ड नहीं मिला। समाज में स्वागत का प्रमाण इसकी ज़बरदस्त कामयाबी है।...




















