गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं..
गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं...कोरोना डायरी की आठवीं कड़ी में हम उस संकल्प की बात करेंगे, जिसका मूल स्वर...
तेरह वर्ष की उम्र में हुआ था गांधी जी और कस्तूरबा का विवाह
राज्यवर्द्धन
तेरह वर्ष की आयु में गांधी जी का ब्याह कस्तूरबा से हुआ था। गांधी जी लिखते हैं-"हम भाइयों को तो सिर्फ तैयारियों से...
फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता स्वाभाविक छंद था
भारत यायावर
फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता और सहजता स्वाभाविक छंद था। उन्हें आक्रोश और गुस्से में देखना दुर्लभ संयोग था। वे मुश्किलों...
रामनिरंजन परिमलेन्दुः अनुसंधानपरक आलोचना का अन्यतम योद्धा
डॉ. अमरनाथ
पुरानी पीढ़ी के गिने चुने महान अनुसंधानकर्ताओं की तरह नि:स्वार्थ भाव सेएकान्त साधना करने वालेअनुसंधानपरक आलोचना के अन्यतम योद्धा रामनिरंजन परिमलेन्दु (25.8.1934-29.9.2020)...
रेणु का है अंदाज-ए-बयां और के रचनाकार हैं भारत यायावर
गौरीशंकर सिंह
"रेणु का है अंदाज-ए-बयाँ और" पूर्णिया में आरएन शॉ चौक से सटे लालमणि पुस्तक भंडार में दिखी। मेरी नजर एक पुस्तक पर...
रेणु से मैंने सवाल किया, “आपने पालिटिक्स क्यों छोड़ दी?”
रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं। दुनिया को...
अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर
अनूप नारायण सिंह
पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...
जाति-व्यवस्था की भारत से समाप्ति असंभव है, इसकी वजह जानिए
जाति-व्यवस्था की भारत से समाप्ति असंभव है, क्योंकि हमारा धर्म राम, कृष्ण और अन्य असंख्य देवताओं पर टिका हुआ है। जाति रहेगी और इस पर चर्चा...
10 महीनों में 1.2 करोड़ नौकरियां हुईं सृजित, सदमे में विपक्ष: राजीव
पटना। पिछले 10 महीनों में देश में 1.2 करोड़ नौकरियों के सृजन का दावा करते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक राजीव रंजन...
गांधी जी ने पत्रकार के रूप में भी कुछ अलग प्रयोग किये
शेष नारायण सिंह
गांधी जी को पत्रकार के रूप में तो पूरी दुनिया जानती है, उस विषय पर बातें भी बहुत हुई हैं। गांधी...



















