महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि 19 जनवरी है। वर्ष 1597 में उनका इसी दिन निधन हुआ था। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को हुआ था।

महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाई, पर अकबर की अधीनता कबूल नहीं की….पुण्यतिथि...

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मध्यकाल के इतिहास लेखन के बारे में नेहरू युग के कम्युनिस्ट इतिहासकारों ने नये इतिहास लेखकों को यह निदेश दिया था कि महाराणा प्रताप...

जयंती पर विशेषः ओशो आधुनिक युग का  विद्रोही संन्यासी

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नवीन शर्मा आचार्य रजनीश जो बाद में ओशो के नाम से जाने जाते हैं, वे आधुनिक भारत की सबसे चर्चित और और विवादास्पद आध्यात्मिक...
विनोद खन्ना

विनोद खन्ना कद-काठी से अमिताभ बच्चन पर भारी पड़ते थे

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नवीन शर्मा विनोद खन्ना अपने दौर के सबसे स्मार्ट और हैंडसम अभिनेता रहे हैं। अभिनय में भले ही अमिताभ उन पर भारी पड़ते हों,...
अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर रही। वह तो आजादी की व्याख्या कर रही है। जैसे टुकड़े-टुकड़े गैंग को इस देश से आजादी चाहिए।

कंगना राणावत के बयान को उसका ज्ञान समझने की भूल न करें  

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अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर...

अभिनय की दुनिया में अपने दम पर पहचान बनाई संजय पांडेय ने

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पटना (अनूप नारायण सिंह)। जिनके रग-रग में अभिनय है। जिन्होंने रंगमंच की मिट्टी को अपने मस्तक पर लगाकर अभिनय की दुनिया में खुद के...
कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को। ठाकुर प्रसाद सिंह के जीवन के आखिरी वर्ष शारीरिक दृष्टि से बहुत कष्ट में बीते थे। ठाकुरप्रसाद सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला है प्रोफेसर कृपाशंकर चौबे ने।

कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को

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कभी नींदभर सोने को न मिला ठाकुरप्रसाद सिंह को। ठाकुर प्रसाद सिंह के जीवन के आखिरी वर्ष शारीरिक दृष्टि से बहुत कष्ट में बीते...

तन्हाई ने ताउम्र साथ नहीं छोड़ा चर्चित अभिनेत्री नादिरा का

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वीर विनोद छाबड़ा  तन्हाई ने ताउम्र साथ नहीं छोड़ा अपने जमाने की चर्चित अभिनेत्री नादिरा का। औरत जब मोहब्बत में पड़ती है तो ढेर...
भारत से जाति-व्यवस्था की समाप्ति असंभव है, क्योंकि हमारा धर्म राम, कृष्ण और अन्य असंख्य देवताओं पर टिका हुआ है। जाति रहेगी और इस पर चर्चा भी चलेगी।

जाति-व्यवस्था की भारत से समाप्ति असंभव है, इसकी वजह जानिए

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जाति-व्यवस्था की भारत से समाप्ति असंभव है, क्योंकि हमारा धर्म राम, कृष्ण और अन्य असंख्य देवताओं पर टिका हुआ है। जाति रहेगी और इस पर चर्चा...

अनुसंधानपरक आलोचना-दृष्टि का मार्क्सवादी चेहरा : वीर भारत तलवार

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अमरनाथ वीरभारत तलवार ( 20.9.1947 ) हिन्दी के गंभीर अध्येता, शोधार्थी और आलोचक हैं.  वे चुपचाप अपना काम करने में विश्वास करते हैं. प्रचार...

जयंती पर विशेषः फिल्मों के आलराउंडर खिलाड़ी विजय आनंद

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नवीन शर्मा विजय आनंद को हिंदी सिनेमा का हरफनमौला खिलाड़ी कहना ज्यादा सही रहेगा। वे बेहतरीन निर्देशक थे, संवेदनशील अभिनेता भी थे। इसके साथ-साथ वे लेखक और अच्छे...