चंद्रा पांडेय के नाम से मशहूर डॉ. चंद्रकला पांडेय के व्यक्तित्व के एक नहीं, अनेक रूप हैं। कइयों के लिए वे कवयित्री हैं तो कुछ के लिए अनुवादक।

चंद्रा पांडेय के बारे में विष्णुकांत शास्त्री ने क्या कहा था, इसे जान लीजिए

कृपाशंकर चौबे चंद्रा पांडेय के नाम से मशहूर डॉ. चंद्रकला पांडेय के व्यक्तित्व के एक नहीं, अनेक रूप हैं। कइयों के लिए वे कवयित्री...
बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए। वह स्थान सम्मानजनक होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि 70 लाख आदिवासियों के साथ आप किस तरह से पेश आते हैं।

बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए

बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए। वह स्थान सम्मानजनक होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि 70...
महात्मा गांधी और कस्तूरबाई

तेरह वर्ष की उम्र में हुआ था गांधी जी और कस्तूरबा का विवाह

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राज्यवर्द्धन तेरह वर्ष की आयु में गांधी जी का ब्याह कस्तूरबा से हुआ था। गांधी जी लिखते हैं-"हम भाइयों को तो सिर्फ तैयारियों से...

भोजपुरी फिल्म ‘बलमुआ तोहरे खातिर’ 31 को रिलीज होगी

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पटना। अगर आप भोजपुरी में साफ-सुथरी पारिवारिक तथा सामाजिक विषय वस्तु पर आधारित फिल्म देखने के शौकीन हैं तो जल्द ही आपको एक बेहतरीन...
फणीश्वरनाथ रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं।

फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता स्वाभाविक छंद था

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भारत यायावर  फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता और सहजता स्वाभाविक छंद था। उन्हें आक्रोश और गुस्से में देखना दुर्लभ संयोग था। वे मुश्किलों...
आलोक तोमर को जनसत्ता के प्रधान संपादक प्रभाष जोशी बेहद मानते थे, फिर भी एक मौका ऐसा आया, जब उन्होंने आलोक तोमर से इस्तीफा मांग लिया।

जनसत्ता वाले आलोक तोमर: हर दुखी-पीड़ित की मदद को हमेशा तत्पर

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जनसत्ता वाले आलोक तोमर की खासियत थी। वह हर दुखी-पीड़ित की मदद को हमेशा तत्पर रहता था। कई मौकों पर आलोक तोमर को ऐसा...

एम.ओ. मथाई की नेहरू पर लिखी पुस्तक से हटेगा प्रतिबंध?

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एम.ओ. मथाई की जवाहर लाल नेहरू पर लिखी पुस्तक से क्या प्रतिबंध हटेगा? इसकी संभावना दैनिक भास्कर के स्तंभकार डा. भरत अग्रवाल के स्तंभ...
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर भी इसका कई जगहों पर बेतुका विरोध हो रहा है।

क्वारंटाइन से इतना भय क्यों, यह काला पानी जैसी कोई सजा नहीं है

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क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर...

10 महीनों में 1.2 करोड़ नौकरियां हुईं सृजित, सदमे में विपक्ष: राजीव

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पटना। पिछले 10 महीनों में देश में 1.2 करोड़ नौकरियों के सृजन का दावा करते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक राजीव रंजन...
गुलजारी लाल नंदी को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी

गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी !

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गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी। देश में दो ऐसे मौके आये, जब उन्हें कार्यवाहक प्रधानमंत्री का दायित्व...