मंगला अनुजा पत्रकारिता की अप्रतिम अध्येता, इनके बारे में जानिए
मंगला अनुजा पत्रकारिता की अप्रतिम अध्येता हैं। साहित्य का संस्कार मंगला अनुजा को विरासत में मिला। उनके पिता श्री कृष्णहरि पचौरी साहित्यकार थे। मंगला अनुजा के...
विनोद खन्ना कद-काठी से अमिताभ बच्चन पर भारी पड़ते थे
नवीन शर्मा
विनोद खन्ना अपने दौर के सबसे स्मार्ट और हैंडसम अभिनेता रहे हैं। अभिनय में भले ही अमिताभ उन पर भारी पड़ते हों,...
कमलेश्वर ने कहा थाः साहित्य जड़ है तो प्रिंट मीडिया तना है
कृपाशंकर चौबे
कमलेश्वर (6 जनवरी 1932- 27 जनवरी 2007), ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी का प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सिनेमा विधा में विपुल योगदान है। उन्होंने...
सुषमा स्वराज जी का 1996 का वह भाषण भुलाये नहीं भूलता
सुषमा स्वराज ने यह भाषण संसद में तब दिया था, जब 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिरी और प्रधानमंत्री पद से उन्हें...
पुलिस से पुलिस मंत्री तक बने थे स्वतंत्रता सेनानी रामानंद तिवारी
सुरेंद्र किशोर
पुलिस से पुलिस मंत्री बने थे रामानंद तिवारी। स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादी नेता दिवंगत रामानंद तिवारी के बारे में नयी पीढ़ी शायद...
इदिरा गांधी को टिकट देने के विरोध में जब एंटोनी ने सीएम पद छोड़ा
सुरेंद्र किशोर
इंदिरा गांधी को टिकट देने के फैसले के विरोध में केरल के मुख्यमंत्री रहे ए.के. एंटोनी ने अपने पद से इस्तीफ दे...
धर्मा प्रोडक्शन के संस्थापक थे करण जौहर के पिता यश जौहर
नवीन शर्मा
धर्मा प्रोडक्शन के संस्थापक थे करण जौहर के पिता यश जौहर। करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन हाउस ने एक से बढ़ कर...
रेणु का है अंदाज-ए-बयां और के रचनाकार हैं भारत यायावर
गौरीशंकर सिंह
"रेणु का है अंदाज-ए-बयाँ और" पूर्णिया में आरएन शॉ चौक से सटे लालमणि पुस्तक भंडार में दिखी। मेरी नजर एक पुस्तक पर...
चीन से युद्ध के बाद नेहरू लंबी जिंदगी जीते तो विदेश नीति बदल जाती
सुरेंद्र किशोर
चीन ने सोवियत संघ की सहमति के बाद ही 1962 में भारत पर हमला किया था। अगर जवाहरलाल नेहरू लंबी जिंदगी जीते...
डॉ. अम्बेडकर का मानना था, दलितों के लिए स्वयं का मीडिया जरूरी है
कृपाशंकर चौबे
डॉ. अम्बेडकर का मानना था कि दलितों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका स्वयं का मीडिया अनिवार्य है।...




















