गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी !
गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी। देश में दो ऐसे मौके आये, जब उन्हें कार्यवाहक प्रधानमंत्री का दायित्व...
भोजपुरी फिल्म ‘बलमुआ तोहरे खातिर’ 31 को रिलीज होगी
पटना। अगर आप भोजपुरी में साफ-सुथरी पारिवारिक तथा सामाजिक विषय वस्तु पर आधारित फिल्म देखने के शौकीन हैं तो जल्द ही आपको एक बेहतरीन...
अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर
अनूप नारायण सिंह
पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...
IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए जगाई उम्मीद की किरण
संजय पाठक
IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में...
मीडिया हाउस प्रधानमंत्री की अपील के बाद भी संवेदना नहीं दिखा रहे !
जरूरी संसाधन तक नहीं दिए रिपोर्टर-कैमरामैन को
ट्रांसफर कर नौकरी छोड़ने का बना रहे हैं ये दबाव
मीडिया हाउस प्रधानमंत्री की अपील के बाद...
चंद्रा पांडेय के बारे में विष्णुकांत शास्त्री ने क्या कहा था, इसे जान लीजिए
कृपाशंकर चौबे
चंद्रा पांडेय के नाम से मशहूर डॉ. चंद्रकला पांडेय के व्यक्तित्व के एक नहीं, अनेक रूप हैं। कइयों के लिए वे कवयित्री...
गणेश शंकर विद्यार्थी ने लिखा था- शंख और नमाज ही धर्म नहीं है
गणेश शंकर विद्यार्थी ने कबीरी ढंग से लिखा था, "अजां देने, शंख बजाने, नाक दबाने और नमाज पढ़ने का नाम धर्म नहीं है। शुद्धाचरण...
क्वारंटाइन से इतना भय क्यों, यह काला पानी जैसी कोई सजा नहीं है
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर...
तेरह वर्ष की उम्र में हुआ था गांधी जी और कस्तूरबा का विवाह
राज्यवर्द्धन
तेरह वर्ष की आयु में गांधी जी का ब्याह कस्तूरबा से हुआ था। गांधी जी लिखते हैं-"हम भाइयों को तो सिर्फ तैयारियों से...
जनसत्ता वाले आलोक तोमर: हर दुखी-पीड़ित की मदद को हमेशा तत्पर
जनसत्ता वाले आलोक तोमर की खासियत थी। वह हर दुखी-पीड़ित की मदद को हमेशा तत्पर रहता था। कई मौकों पर आलोक तोमर को ऐसा...




















