अच्युतानंद मिश्र (बायें) का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख अतुलनीय है।

अच्युतानंद मिश्र का हिन्दी पत्रकारिता में अवदान असाधारण है

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कृपाशंकर चौबे अच्युतानंद मिश्र का हिंदी पत्रकारिता में पिछले पांच दशकों का अवदान असाधारण है। इस दौरान हिन्दी पत्रकारिता में उनकी धाक और साख...
गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं...कोरोना डायरी की आठवीं कड़ी में हम उस संकल्प की बात करेंगे, जिसका मूल स्वर यही होता है।

गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं..

गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं...कोरोना डायरी की आठवीं कड़ी में हम उस संकल्प की बात करेंगे, जिसका मूल स्वर...
ज्योति बसु का करिश्माई व्यक्तित्व था। विपक्ष भी उनका लोहा मानता था। एक मौका ऐसा आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी मिलती दिखी।

ज्योति बसु का करिश्माई व्यक्तित्व, विपक्ष भी लोहा मानता था

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ज्योति बसु का करिश्माई व्यक्तित्व था। विपक्ष भी उनका लोहा मानता था। एक मौका ऐसा आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी मिलती दिखी। ज्योति...
IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में भारत विकसित और विकासशील देशों से आगे निकल सकता है।

IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए जगाई उम्मीद की किरण

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संजय पाठक IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में...

अच्छे शिक्षकः बैकुण्ठ बाबू के कारण एकमा स्कूल का बड़ा नाम था

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सुरेंद्र किशोर सन् 1963 में बिहार के सारण जिले के एकमा स्थित अलख नारायण सिंह उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य बैकुण्ठ नाथ सिंह को ...

भोजपुरी फिल्म ‘बलमुआ तोहरे खातिर’ 31 को रिलीज होगी

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पटना। अगर आप भोजपुरी में साफ-सुथरी पारिवारिक तथा सामाजिक विषय वस्तु पर आधारित फिल्म देखने के शौकीन हैं तो जल्द ही आपको एक बेहतरीन...
बिहार

BIHAR : सियासी खीर बन रही या पक रही है खिचड़ी

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ओमप्रकाश अश्क रालोसपा प्रमुख और फिलवक्त केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के खीर वाले बयान के बाद बिहार की राजनीति में घमासान का बीजारोपण हो...
महेंदर मिसिर

अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर

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अनूप नारायण सिंह पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...
जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें मरङ गोमके के तौर पर जाना जाता है।

जयपाल सिंह मुंडा के बारे में जानें, आदिवासी नायकों की मजबूत कड़ी थे

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विशद कुमार जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें...
भारत से जाति-व्यवस्था की समाप्ति असंभव है, क्योंकि हमारा धर्म राम, कृष्ण और अन्य असंख्य देवताओं पर टिका हुआ है। जाति रहेगी और इस पर चर्चा भी चलेगी।

जाति-व्यवस्था की भारत से समाप्ति असंभव है, इसकी वजह जानिए

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जाति-व्यवस्था की भारत से समाप्ति असंभव है, क्योंकि हमारा धर्म राम, कृष्ण और अन्य असंख्य देवताओं पर टिका हुआ है। जाति रहेगी और इस पर चर्चा...