यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत ने रामकथा लिखी
संजय कृष्ण
यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत फादर कामिल बुल्के ने रामकथा लिखी। यह वही रांची है, जहां राष्ट्रकवि दिनकर ने...
गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी !
गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी। देश में दो ऐसे मौके आये, जब उन्हें कार्यवाहक प्रधानमंत्री का दायित्व...
गांधीजी ने जब बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर दिया
निराला
गांधीजी ने बकरे की बलि रोकने पर लोगों को विवश कर धर्म की शिक्षा दी थी। चंपारण सत्याग्रह के दिनों की बात है।...
रामनिरंजन परिमलेन्दुः अनुसंधानपरक आलोचना का अन्यतम योद्धा
डॉ. अमरनाथ
पुरानी पीढ़ी के गिने चुने महान अनुसंधानकर्ताओं की तरह नि:स्वार्थ भाव सेएकान्त साधना करने वालेअनुसंधानपरक आलोचना के अन्यतम योद्धा रामनिरंजन परिमलेन्दु (25.8.1934-29.9.2020)...
भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे
भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे। वह जो कुछ कहती है, वह अमूमन सच हो जाया करता है।...
एम.ओ. मथाई की नेहरू पर लिखी पुस्तक से हटेगा प्रतिबंध?
एम.ओ. मथाई की जवाहर लाल नेहरू पर लिखी पुस्तक से क्या प्रतिबंध हटेगा? इसकी संभावना दैनिक भास्कर के स्तंभकार डा. भरत अग्रवाल के स्तंभ...
अटल बिहारी वाजपेयी जी के 1942 में रोल की सत्यता
के विक्रम राव
जब तक अटल बिहारी वाजपेयी चुनावी राजनीति से रिटायर नहीं हुये थे, उन पर हर लोकसभाई निर्वाचन के दौरान आरोप लगाया...
रामदेव शुक्लः व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ
रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं। ‘बिहारी- सतसई...
‘हिन्दोस्थान’ अखबार में हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी खबरें एक साथ
‘हिन्दोस्थान’ अखबार में हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी खबरें साथ छपती थीं। यह अभिनव प्रयोग था। हिन्दी से शुरू होकर बाद में यह बदलाव देखने...
नरेंद्र मोदी पर नाराजगी का कारण अब जाकर समझ में आया
सुरेंद्र किशोर
नरेंद्र मोदी से अलप्संख्यक तबके की नाराजगी का पता अब जाकर चल रहा है। अल्पसंख्यकों का जेहादी तबका नरेंद्र मोदी पर ही...




















