सुलक्षणा पंडित के दो अलग-अलग रूप

तू ही सागर है तू ही किनारा… यानी सुलक्षणा पंडित, इक भूली दास्तां 

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वीर विनोद छाबड़ा  तू ही सागर है तू ही किनारा, ढूँढता है तू किसका सहारा...संकल्प (1975) के इस गाने की गायिका सुलक्षणा पंडित थीं।...

राहुल वर्माः नवादा का लाल मचा रहा फिल्मी दुनिया में धमाल

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पटना (अनूप नारायण सिंह)। नवादा जैसे छोटे शहर का छोरा राहुल वर्मा इन दिनों फिल्मी दुनिया में धमाल मचा रहा है। गरीब पृष्ठभूमि से...
फणीश्वरनाथ रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं।

फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता स्वाभाविक छंद था

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भारत यायावर  फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता और सहजता स्वाभाविक छंद था। उन्हें आक्रोश और गुस्से में देखना दुर्लभ संयोग था। वे मुश्किलों...

अच्छे शिक्षकः बैकुण्ठ बाबू के कारण एकमा स्कूल का बड़ा नाम था

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सुरेंद्र किशोर सन् 1963 में बिहार के सारण जिले के एकमा स्थित अलख नारायण सिंह उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य बैकुण्ठ नाथ सिंह को ...

बुद्धिजीवियों के दिलों में अब भी बसते हैं कार्ल मार्क्स

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विगत 16 से 20 जून तक ,पटना में , कार्ल मार्क्स (5 . 5 . 1818 - 14 .3 . 1883 ) के दो...
अग्रेजी हुकूमत खत्म हो गयी। भारत को अपने ढंगा से सजने-संवरने और अपने नियम-कानून से देश चलाने का अवसर मिल गया। लेकिन हम उसी लीक पर चलते रहे।

महात्मा गांधी की हत्या पर कपूर कमीशन की रिपोर्ट कहां गई!

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महात्मा गांधी की शहादत दिवस (30 जनवरी) पर वरिष्ठ IPS अरविन्द पाण्डेय ने हत्या के कारणों की जांच के लिए गठित कपूर कमीशन की...
कोरोना काल में शहादत, शराब और शर्म को शिद्दत से सुनने-समझने और तस्वीरों में देखने का मौका मिला। कहीं भावनाओं के भंवर में उलझा तो कई बार हालात पर हंसी भी आई। पढ़ें, कोरोना डायरी की 11वीं कड़ीः

कोरोना काल में शहादत, शराब और शर्म का आलम !

कोरोना काल में शहादत, शराब और शर्म को शिद्दत से सुनने-समझने और तस्वीरों में देखने का मौका मिला। कहीं भावनाओं के भंवर में उलझा...
जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें मरङ गोमके के तौर पर जाना जाता है।

जयपाल सिंह मुंडा के बारे में जानें, आदिवासी नायकों की मजबूत कड़ी थे

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विशद कुमार जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड आंदोलन की पहली ईंट और आदिवासी नायकों के तौर पर देखा जाता है। उन्हें...
नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

नरेंद्र मोदी से कुछ लोगों को इतना भय क्यों लगता है, इसे जानिए

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नरेंद्र मोदी से कुछ लोगों को भय क्यों लगता है। क्यों कुछ लोग इस बात के लिए परेशान हैं कि मोदी 2024 में फिर...
IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में भारत विकसित और विकासशील देशों से आगे निकल सकता है।

IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए जगाई उम्मीद की किरण

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संजय पाठक IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में...