महेंदर मिसिर

अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर

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अनूप नारायण सिंह पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...

भोजपुरी गीतों को नया आयाम दे रही है भोजपुर की बेटी बेबी काजल

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पटना। बिहार के भोजपुर जिले के आरा की माटी से ताल्लुक रखने वाली बेबी काजल भोजपुरी की एक ऐसी गायिका के तौर पर अब...
रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं।

रामदेव शुक्लः व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ

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रामदेव शुक्ल व्याख्यात्मक आलोचना के अंतिम स्तंभ हैं। ‘बिहारी- सतसई का पुनर्पाठ’ उनकी नवीनतम प्रकाशित आलोचना-कृति है। वे अच्छे कथाकार भी हैं। ‘बिहारी- सतसई...
प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने से प्रभात खबर बच गया। बता रहे हैं ओमप्रकाश अश्क

प्रभात खबर जब बिकते-बिकते बचा, जानिए पूरी कहानी

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प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने...
महात्मा गांधी और कस्तूरबाई

तेरह वर्ष की उम्र में हुआ था गांधी जी और कस्तूरबा का विवाह

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राज्यवर्द्धन तेरह वर्ष की आयु में गांधी जी का ब्याह कस्तूरबा से हुआ था। गांधी जी लिखते हैं-"हम भाइयों को तो सिर्फ तैयारियों से...
श्रीभगवान सिंह, गाँधीवादी आलोचक का जन्म बिहार के एक गाँव निखती कलाँ, जिला- सीवान में हुआ। वे खुद को गाँधीवादी कहने में गर्व का अनुभव करते हैं।

श्रीभगवान सिंहः गाँधीवादी अध्येता और आलोचक

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अमरनाथ श्रीभगवान सिंह, गाँधीवादी आलोचक का जन्म बिहार के सीवान जिले के निखती कलाँ गांव में हुआ। वे खुद को गाँधीवादी कहने में गर्व...
पटना के सिन्हा लाइब्रेरी वाले सच्चिदानंद सिन्हा का नाम क्या आपने सुना है ? मुझे बिहार की कुछ चुनिंदा विभूतियों के प्रति अतीव सम्मान है। उनमें एक हैं सच्चिदानंद सिन्हा।

सिन्हा लाइब्रेरी वाले सच्चिदानंद सिन्हा का नाम क्या आपने सुना है ?

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प्रेमकुमार मणि  पटना के सिन्हा लाइब्रेरी वाले सच्चिदानंद सिन्हा का नाम क्या आपने सुना है ? मुझे बिहार की कुछ चुनिंदा विभूतियों के प्रति...
Corporate की मदद के बिना राजनीति असंभव है

धीरू भाई अंबानी और चंद्रशेखर जब कलकत्ता में एक होटल में गुपचुप मिले, जानिए...

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सच बात यही है कि कोई दल/ नेता कितना भी कॉर्पोरेट के खिलाफ बोल ले, कम्युनिस्ट पार्टियों को छोड़कर हर दल को उद्योगपतियों से...
रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- को पढ़कर पूरा किया। उपन्याकस ने मन मस्तिष्क पर धाक जमा लिया है। इसमें भारत की साझा संस्कृति झलकती है।

रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- में भारत की साझा संस्कृति

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अमरनाथ रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- को पढ़कर पूरा किया। उपन्याकस ने मन मस्तिष्क पर धाक जमा लिया है। इसमें भारत की...
कुम्हड़ा आमतौौर पर पुरुष ही काटते हैं। साबूत कुम्हड़ा औरतें नहीं कभी नहीं काटतीं। आइए, जानते हैं ऐसा क्यों होता है।

महिलाएं कुम्हड़ा क्‍यों नहीं काटतीं, क्या आप यह जानते हैं? 

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कुम्हड़ा आमतौौर पर पुरुष ही काटते हैं। साबूत कुम्हड़ा औरतें नहीं कभी नहीं काटतीं। आइए, जानते हैं ऐसा क्यों होता है। रामधनी द्विवेदी  इस बार...