श्रीभगवान सिंह, गाँधीवादी आलोचक का जन्म बिहार के एक गाँव निखती कलाँ, जिला- सीवान में हुआ। वे खुद को गाँधीवादी कहने में गर्व का अनुभव करते हैं।

श्रीभगवान सिंहः गाँधीवादी अध्येता और आलोचक

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अमरनाथ श्रीभगवान सिंह, गाँधीवादी आलोचक का जन्म बिहार के सीवान जिले के निखती कलाँ गांव में हुआ। वे खुद को गाँधीवादी कहने में गर्व...
महेंदर मिसिर

अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर

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अनूप नारायण सिंह पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...
क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर भी इसका कई जगहों पर बेतुका विरोध हो रहा है।

क्वारंटाइन से इतना भय क्यों, यह काला पानी जैसी कोई सजा नहीं है

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क्वारंटाइन से कोरोना की बीमारी से बचाव हो सकता है। इससे इतना भय क्यों? यह काला पानी जैसी कोई सजा भी नहीं है। फिर...

चार वर्षों में आमजन तक पंहुचा बैंकिंग का लाभ : राजीव रंजन

पटना। केंद्र में भाजपा शासन के चार वर्षों में देश की आम जनता को बैंकिंग और सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाने के लिए केंद्र...
आलोक तोमर को जनसत्ता के प्रधान संपादक प्रभाष जोशी बेहद मानते थे, फिर भी एक मौका ऐसा आया, जब उन्होंने आलोक तोमर से इस्तीफा मांग लिया।

जनसत्ता वाले आलोक तोमर: हर दुखी-पीड़ित की मदद को हमेशा तत्पर

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जनसत्ता वाले आलोक तोमर की खासियत थी। वह हर दुखी-पीड़ित की मदद को हमेशा तत्पर रहता था। कई मौकों पर आलोक तोमर को ऐसा...
मंडल कमीशन के प्रणेता बीपी मंडल

मंडल आयोग की सिफारिशें याद हैं, पर भूल गये लोग बीपी मंडल को

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पटना। मंडल आयोग की सिफारिशें जिनके सौजन्य से लागू हुईं, वे थे बीपी मंडल। उनकी जयंती पर अकेले उनके परिजनों ने ही उनकी प्रतिमा...
बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए। वह स्थान सम्मानजनक होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि 70 लाख आदिवासियों के साथ आप किस तरह से पेश आते हैं।

बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए

बिरसा मुंडा को भारतीय इतिहास में स्थान मिलना ही चाहिए। वह स्थान सम्मानजनक होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि 70...

1984 के सिख विरोधी दंगों पर यकीनन राहुल गांधी का बयान बचकाना

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जयशंकर गुप्त आज लिखना तो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, रक्षाबंधन के बारे में चाह रहा था, लेकिन 1984 के सिख विरोधी दंगों के बारे...
IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में भारत विकसित और विकासशील देशों से आगे निकल सकता है।

IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए जगाई उम्मीद की किरण

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संजय पाठक IMF की रिपोर्ट ने भारत के लिए उम्केमीद की किरण जगाई है। वैसे किरण अभी धुंधली है, लेकिन आने वाले समय में...
गुलजारी लाल नंदी को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी

गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी !

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गुलजारी लाल नंदा को तो नयी पीढ़ी अब भूल ही गयी होगी। देश में दो ऐसे मौके आये, जब उन्हें कार्यवाहक प्रधानमंत्री का दायित्व...