प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने से प्रभात खबर बच गया। बता रहे हैं ओमप्रकाश अश्क

प्रभात खबर जब बिकते-बिकते बचा, जानिए पूरी कहानी

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प्रभात खबर बिकने को तैयाार था। खरीदारों का हुजूम भी उमड़ा था। आखिरकार सौदा दैनिक जागरण की कंपनी के साथ तय हुआ, पर बिकने...
महात्मा गांधी

महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं

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महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं। कल तक बड़ी तादाद वैसे लोगों की थी, जो महात्मा गांधी के हत्यारे...
कमलेश्वर (6 जनवरी 1932- 27 जनवरी 2007), ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी का प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सिनेमा विधा में विपुल योगदान है।

कमलेश्वर ने कहा थाः साहित्य जड़ है तो प्रिंट मीडिया तना है

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कृपाशंकर चौबे कमलेश्वर (6 जनवरी 1932- 27 जनवरी 2007), ख्यातिलब्ध साहित्यशिल्पी का प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सिनेमा विधा में विपुल योगदान है। उन्होंने...
फणीश्वरनाथ रेणु का कथा संसार दो भिन्न भारतीय स्‍वरूपों के बीच खड़ा है। प्रेमचंद के बाद फणीश्‍वर नाथ रेणु को आंचलिक कथाकार माना गया है।

साहित्य अकादेमी पर फणीश्वरनाथ रेणु के विचार जानिए! 

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भारत यायावर  साहित्य अकादेमी पर फणीश्वरनाथ रेणु के स्पष्ट विचार थे। 1973 में साहित्य अकादेमी का उन्हें सदस्य बनाया गया था। उन्होंने अनुभव के...

8 दिसंबर जन्मदिन पर विशेषः चने चबा कर अभिनेता बने धर्मेंद्र

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नवीन शर्मा हिंदी सिनेमा में  एंग्रीयंगमैन अमिताभ बच्चन का विक्की भले ही ज्यादा दिनों तक चला हो, पर कई वर्षों तक हीमैन धर्मेन्द्र का भी...

कहां गइल मोर गांव रे, बता रहे वरिष्ठ पत्रकार शेषनारायण सिंह

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 शेष नारायण सिंह  1975 में जब मैंने संत तुलसीदास डिग्री  कालेज, कादीपुर (सुल्तानपुर) की प्राध्यापक की नौकरी छोडी थी तो एक महत्वपूर्ण फैक्टर यह...
मंगला अनुजा पत्रकारिता की अप्रतिम अध्येता हैं। साहित्य का संस्कार मंगला अनुजा को विरासत में मिला। उनके पिता श्री कृष्णहरि पचौरी साहित्यकार थे।

मंगला अनुजा पत्रकारिता की अप्रतिम अध्येता, इनके बारे में जानिए

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मंगला अनुजा पत्रकारिता की अप्रतिम अध्येता हैं। साहित्य का संस्कार मंगला अनुजा को विरासत में मिला। उनके पिता श्री कृष्णहरि पचौरी साहित्यकार थे। मंगला अनुजा के...
फिल्म अभिनेत्री माला सिन्हा

कभी परदे पर धूम मचाने वाली अभिनेत्रियों में शुमार थीं माला सिन्हा

वीर विनोद छाबड़ा  कभी परदे पर धूम मचाने वाली अभिनेत्रियों में माला सिन्हा का नाम बड़े चाव से लिया जाता था। उन्होंने खुद को...
मथाई की पुस्तकों पर से प्रतिबंध हटाने का माकूल समय है। मथाई के संस्मरणात्मक पुस्तक में कई बातें हैं, जिन्हें नई पीढ़ी को जानना चाहिए।

मथाई की पुस्तकों पर से प्रतिबंध हटाने का यह माकूल समय है

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मथाई की पुस्तकों पर से प्रतिबंध हटाने का माकूल समय है। मथाई के संस्मरणात्मक पुस्तक में कई बातें हैं, जिन्हें नई पीढ़ी को जानना चाहिए।...

अच्छे शिक्षकः बैकुण्ठ बाबू के कारण एकमा स्कूल का बड़ा नाम था

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सुरेंद्र किशोर सन् 1963 में बिहार के सारण जिले के एकमा स्थित अलख नारायण सिंह उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य बैकुण्ठ नाथ सिंह को ...