अनुसंधानपरक आलोचना-दृष्टि का मार्क्सवादी चेहरा : वीर भारत तलवार

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अमरनाथ वीरभारत तलवार ( 20.9.1947 ) हिन्दी के गंभीर अध्येता, शोधार्थी और आलोचक हैं.  वे चुपचाप अपना काम करने में विश्वास करते हैं. प्रचार...
फणीश्वरनाथ रेणु मानवीयता को स्थापित करने के लिए संघर्ष करने वाले लेखक हैं। वे भारतीयता का एक चेहरा हैं। एक अकेली आवाज हैं।

फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता स्वाभाविक छंद था

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भारत यायावर  फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व में विनम्रता और सहजता स्वाभाविक छंद था। उन्हें आक्रोश और गुस्से में देखना दुर्लभ संयोग था। वे मुश्किलों...
एक्नटर जीर हुसैन

भोजपुरी की पहली फिल्म- ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’

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वीर विनोद छाबड़ा   भोजपुरी की पहली फिल्म 'गंगा मैया तोहे पिहरी चढ़इबो' के पीछे जिनका हाथ था, वह थे नजीर हुसैन। भोजपुरी सिनेमा के...
बाउल सम्राट पद्मश्री पूर्णचंद्र दास ने कहा था- बड़े बाउल गायकों के साथ बाउल संगीत काफी कुछ खत्म हो गया है। तीन-चार घराने हैं जो अब भी वीरभूम में हैं।

बाउल गायकों के साथ बाउल संगीत भी अब काफी कुछ खत्म हो गया है

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बाउल सम्राट पद्मश्री पूर्णचंद्र दास ने कहा था- बड़े बाउल गायकों के साथ बाउल संगीत काफी कुछ खत्म हो गया है। तीन-चार घराने हैं...

गिरिराज ने दी सलाह, अब तो तीर्थ यात्रा पर निकल जाएं मुख्यमंत्री नीतीश

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Patna/ Begusarai : बिहार जदयू और राजद के बीच सीएम पद को लेकर जो खींचतान मचा है। उसपर भाजपा की भी पैनी नजर है।...
हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित जीवन रहा है अनंतराम त्रिपाठी का। आज प्रातः साढ़े चार बजे निधन हो गया।

अनंतराम त्रिपाठी का निधन, हिंदी के प्रचार के लिए समर्पित रहे

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कृपाशंकर चौबे अनंतराम त्रिपाठी का निधन हो गया। हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित जीवन रहा है अनंतराम त्रिपाठी का। आज प्रातः साढ़े चार...
रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- को पढ़कर पूरा किया। उपन्याकस ने मन मस्तिष्क पर धाक जमा लिया है। इसमें भारत की साझा संस्कृति झलकती है।

रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- में भारत की साझा संस्कृति

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अमरनाथ रणेन्द्र के उपन्यास- गूंगी रुलाई का कोरस- को पढ़कर पूरा किया। उपन्याकस ने मन मस्तिष्क पर धाक जमा लिया है। इसमें भारत की...
इंदिरा गांधीः आपातकाल की प्रणेता

लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल

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नवीन शर्मा लोकतांत्रिक इतिहास का काला पन्ना है आपातकाल। निरंकुश राजतंत्र की तुलना में लोकतंत्र काफी अच्छी व्यवस्था है। यह शासन व्यवस्था को निरंकुश...
पाकीजा फिल्म का पोस्टर

ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की पाकीजा के पीछे की दास्तान 

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वीर विनोद छाबड़ा  दो राय नहीं कि 'पाकीजा' ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की फिल्म है। जाहिर है कि इसकी कामयाबी का क्रेडिट भी मीना...

भगवान शिव सबको इतने नीक क्यों लगते हैं?

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शिव क्यों नीक लगते हैं? सोचा कभी कि शिव-भक्त क्यों विष्णु-द्रोही होते हैं? सारे असुर, रावण से लेकर! युगों पूर्व शैव तथा वैष्णव झगड़ते...