एक्नटर जीर हुसैन

भोजपुरी की पहली फिल्म- ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’

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वीर विनोद छाबड़ा   भोजपुरी की पहली फिल्म 'गंगा मैया तोहे पिहरी चढ़इबो' के पीछे जिनका हाथ था, वह थे नजीर हुसैन। भोजपुरी सिनेमा के...
सटीक भविष्यवाणी करने वाली लड़की

भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे

भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे। वह जो कुछ कहती है, वह अमूमन सच हो जाया करता है।...

अटल बिहारी वाजपेयी जी के 1942 में रोल की सत्यता 

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के विक्रम राव जब तक अटल बिहारी वाजपेयी चुनावी राजनीति से रिटायर नहीं हुये थे,  उन पर हर लोकसभाई निर्वाचन के दौरान आरोप लगाया...
अशोक वाजपेयी ने 2016 में फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी का एक भाग पूरा हुआ।

फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी और अशोक वाजपेयी की प्रेरणा

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फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी का दायित्व अशोक वाजपेयी ने 2016 में मुझे दिया। मैंने खोज की अनवरत साधना की। लम्बी-लम्बी यात्राएँ कीं। और रेणु की जीवनी...

भगवान शिव सबको इतने नीक क्यों लगते हैं?

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शिव क्यों नीक लगते हैं? सोचा कभी कि शिव-भक्त क्यों विष्णु-द्रोही होते हैं? सारे असुर, रावण से लेकर! युगों पूर्व शैव तथा वैष्णव झगड़ते...
कल से पितृ पक्ष है। पितरों का तर्पण कल से शुरू होगा। पितृपक्ष में कुश की जरूरत पड़ती है।गया में पिंडदान का काफी महत्व है

बिहार में मैं अपना अगला जन्म लूंगा, कह रहे पत्रकार शंभुनाथ शुक्ल

शंभूनाथ शुक्ल बिहार में मैं अपना अगला जन्म लूंगा, क्योंकि बिहार के लोग बड़े मोहिल होते हैं। आदमी-औरतें सभी। पिछले वर्ष पटना प्रवास में...

साहिब बीवी और गुलाम जैसी फिलों के गानों ने मशहूर किया गीता को

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वीर विनोद छाबड़ा  मेरा सुंदर सपना बीत गया...(दो भाई), तदबीर से बिगड़ी हुई तदबीर बना ले...(बाज़ी), आज सजन मोहे अंग लगा ले...(प्यासा), जाने क्या...
हरिवंश, राज्यसभा के उपसभापति

हरिवंश की जीत को राजग की 2019 में कामयाबी का ट्रेलर समझें

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दीपक कुमार विपक्षी दलों के नेता जब एक जगह जमा होकर अपनी एकजुटता की बात करते हैं तो उन्हें भले आनंद आता हो, पर...
हिन्दी के लिए लड़ने वाला सबसे बड़ा योद्धा : महात्मा गाँधी

हिन्दी के लिए लड़ने वाला सबसे बड़ा योद्धा : महात्मा गाँधी

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2 अक्टूबर को जन्मदिन पर विशेष अमरनाथ हिन्दी के आन्दोलन को गाँधी जी ने आजादी के आन्दोलन से जोड़ दिया था। उनका ख्याल था कि...
अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर रही। वह तो आजादी की व्याख्या कर रही है। जैसे टुकड़े-टुकड़े गैंग को इस देश से आजादी चाहिए।

कंगना राणावत के बयान को उसका ज्ञान समझने की भूल न करें  

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अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर...