गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं..
गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, मायं माटी छोड़ब नहीं...कोरोना डायरी की आठवीं कड़ी में हम उस संकल्प की बात करेंगे, जिसका मूल स्वर...
अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे महेंद्र मिसिर
अनूप नारायण सिंह
पटना। अंग्रेजी अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले थे छपरा के महेंद्र मिसिर। उनका जीवन किसी बेहतरीन कहानी की तरह है। एक...
1984 के सिख विरोधी दंगों पर यकीनन राहुल गांधी का बयान बचकाना
जयशंकर गुप्त
आज लिखना तो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, रक्षाबंधन के बारे में चाह रहा था, लेकिन 1984 के सिख विरोधी दंगों के बारे...
कंगना राणावत के बयान को उसका ज्ञान समझने की भूल न करें
अंधभक्ति में उड़ेले गये विचार को लिबरल लोग कंगना राणावत का ज्ञान मानने का हठ कर रहे हैं। वह 1947 को इग्नोर कहां कर...
कांग्रेसी भी हो चुके हैं मोदी के मुरीद: राजीव रंजन
कांग्रेसी भी हो चुके हैं मोदी के मुरीद
पटना : कांग्रेस के नेताओं पर भी मोदी मैजिक चल जाने का दावा करते हुए भाजपा प्रवक्ता...
पुलिस से पुलिस मंत्री तक बने थे स्वतंत्रता सेनानी रामानंद तिवारी
सुरेंद्र किशोर
पुलिस से पुलिस मंत्री बने थे रामानंद तिवारी। स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादी नेता दिवंगत रामानंद तिवारी के बारे में नयी पीढ़ी शायद...
साहित्यकारों में आपसी सौहार्द का प्रतीक है, अज्ञेय व रेणु का संबंध
साहित्यकारों में आपसी सौहार्द्र का प्रतीक है, अज्ञेय और रेणु का यह संबंध। फणीश्वर नाथ रेणु के प्रति अज्ञेय के मन में काफी सम्मान...
जाति-व्यवस्था की भारत से समाप्ति असंभव है, इसकी वजह जानिए
जाति-व्यवस्था की भारत से समाप्ति असंभव है, क्योंकि हमारा धर्म राम, कृष्ण और अन्य असंख्य देवताओं पर टिका हुआ है। जाति रहेगी और इस पर चर्चा...
महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं
महात्मा गांधी के जितने प्रशंसक हैं, उससे कम आलोचक भी नहीं। कल तक बड़ी तादाद वैसे लोगों की थी, जो महात्मा गांधी के हत्यारे...
सरदार पटेल न होते तो भारत का विभाजन रोकना कठिन था
पुण्यतिथि पर विशेष
नवीन शर्मा
आज हम भारत का जो राजनीतिक मानचित्र देखते हैं, उसे इस रूप में ढालने में सबसे अधिक योगदान सरदार वल्लभ...




















