बेगूसराय में मुस्लिम प्रत्याशी पर दावं लगा सकती है भाजपा

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बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगलर पांडेय के साथ जमशेद अशरफ (फाइल फोटो)

बेगूसराय (नन्द किशोर सिह)। लोकसभा चुनाव की घोषणा होने में कुछ ही घंटे बाकी रह गये हैं। कभी भी चुनाव कराने की घोषणा हो सकती है। इसको लेकर सभी दल के नेता लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे गये हैं। सभी का प्रयास है कि उनका दल अधिक से अधिक सीटें जीते। हर दल के नेता बिहार में लोकसभा की 40 सीटों पर अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत को पक्की करने में दिन-रात जुटे हुए हैं। बेगूसराय सीट बेशक यह सीट सुर्खियों में रहने वाली है। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रत्याशी के तौर पर ऐसे तो कई नामों की चर्चा बाजार में हो रही है, पर उनमें एक नाम बिहार सरकार के पूर्व मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता जमशेद अशरफ का भी है। वह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। इस क्षेत्र के मतदाताओं के बारे में बात करें तो यहां पर मुस्लिम समुदाय की आबादी दूसरे नंबर पर है। एक तरफ भूमिहार मतदाताओं की संख्या लगभग 3.30 लाख के करीब है, वहीं मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी लगभग ढाई लाख के आसपास है।

एनडीए में भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड और लोक जनशक्ति पार्टी के बीच सीट शेयरिंग पहले ही हो चुकी है। संख्या पर काफी पहले ही फैसला हो चुका है, लेकिन कौन-कौन उम्मीदवार किस सीट से प्रत्याशी बन कर चुनाव लड़ेगा, इसकी घोषणा पार्टी के नेताओ ने नही की है। इसलिए दलों के अंदर भी एक सीट पर कई प्रत्याशी टिकट लेने के लिए अपनी डफली बजा रहे हैं।

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बेगूसराय लोकसभा की हाट सीट है। जिस पर पूरे बिहार के लोगों की नजर लगी है। जहां के सांसद और भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता डॉ भोला सिंह थे। उनका हाल में ही निधन हो गया। उनके निधन के बाद से बीजेपी में इस सीट से दावेदारी करने वाले प्रत्याशियों की होड़ लग गई है। हालांकि अभी तक इस बात की घोषणा भी नहीं हुई है कि इस सीट से कौन पार्टी चुनाव लड़ेगी।

सूत्रों की मानें तो पार्टी के अंदर बातचीत का दौर अभी जारी है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, बिहार के बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय और बिहार के डिप्टी सीएम व पार्टी के वरीय नेता सुशील कुमार मोदी के बीच टिकट को लेकर बातचीत चल रहा है। बेगूसराय लोकसभा सीट से जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार का भाकपा के टिकट पर बेगूसराय से चुनाव लड़ने का कयास लगाया जा रहा है।

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मुसलमान बिरादरी के बीच पूर्व मंत्री जमशेद अशरफ की लोकप्रियता भी काफी मानी जाती है। उनके समर्थकों का दावा है कि मुस्लिम बिरादरी के बीच एक मुहिम चला कर जमशेद अशरफ ने एक लाख मुस्लिम बिरादरी के लोगों को बीजेपी से जोड़ने का काम किया है।

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ज्ञात हो कि पूर्व मंत्री जमशेद अशरफ वर्ष 2005 में पहली बार विधायक चुने गए थे। उन्होंने बलिया विधानसभा से पूर्व नगर विकास मंत्री श्रीनारायण यादव को 18000 से अधिक मतों से पराजित कर चुनाव जीता था। इसके अलावा जमशेद अशरफ 2006 से 2008 तक बिहार हज कमिटी के चेयरमैन पद पर कार्यरत रहे। उसके बाद बिहार सरकार में मद्य निषेध मंत्री भी रह चुके हैं। 2014 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय की उपस्थिति में पटना में थामा था।

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बीजेपी की तरफ से बेगूसराय लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों में टिकट की रेस में बेगूसराय के महापौर व बीजेपी के वरिष्ठ नेता उपेंद्र प्रसाद सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री व विधान पार्षद रजनीश कुमार, बेगूसराय के पूर्व विधायक सुरेंद्र मेहता, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी व भाजपा के कद्दावर नेता राम लखन सिंह, सांसद रहे स्वर्गीय भोला बाबू की पुत्रवधू वंदना सिंह, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष जयराम दास, बिहार सरकार के पूर्व गन्ना मंत्री अशोक महतो के भी नामों की चर्चा पार्टी के अंदर चल रही है।

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