बेटी के हाथ पीले करने की साध लिए चल बसा एक पिता

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दुर्घटना के बाद विलाप करते परिजन
दुर्घटना के बाद विलाप करते परिजन

छपरा। बेटी के हाथ पीले करने की साध अधूरी रह गयी। 17 जून को इसी साल बेटी की शादी तय कर रखी थी। इसके लिए बंदोबस्त में जुट गये थे बृजनंदन। काल ने उन्हें लील लिया। सारण जिले के अमनौर-सोनहो एस एच 73 मुख्य मार्ग अवस्थित ढोरलाही नारा के पास रविवार की सुबह सड़क दुर्घटना में उनकी  मौत घटना स्थल पर ही हो गई। वे ढोरलाही नारा गांव निवासी बैद्यनाथ राय के पुत्र बृज नंदन राय (45 वर्षीय) बताये जाते हैं।

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घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य सड़क के बीच ट्रक खड़ा कर सड़क जाम कर दिया। सूचना पाकर स्थानीय थाना अध्यक्ष विकास कुमार सिंह, बीडीओ विभु विवेक, अंचलाधिकारी सुशील प्रसाद दल-बल के साथ पहुँचे। लोगों को समझाया, तब जाकर सड़क जाम खत्म हुआ।

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घटना के संबंध में  परिजनों का कहना है कि बृजनंदन राय सुबह घर से खाना खाकर साइकिल से अमनौर चिमनी पर मजदूरी करने जा रहे थे। घर से सौ कदम आगे गांव के नारा के पास पहुँचे ही थे कि  तेज गति से अमनौर की तरफ जा रही एक आल्टो कर ने पीछे से जबरदस्त ठोकर मारी। इससे साइकिल समेत वे कुछ दूरी पर जा गिरे।  ठोकर इतनी जबरदस्त थी कि वहीं उन्होंने दम तोड़ दिया।

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ठोकर की आबाज सुन लोग लोग दौड़े आये। ग्रामीणों ने गाड़ी का पीछा करना चाहा, तब तक वह फरार हो चला था। घटना की जानकारी पाकर आसपास के सैकड़ों ग्रामीण जुट गए। लोगों में काफी आक्रोश दिखा। सड़क के बीच ट्रक खड़ा कर घण्टों सड़क जाम कर दिया तथा परिजनों को मुआवजा की मांग करने लगे।

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मालूम हो कि मृतक घर का इकलौता कमाऊ आदमी था। वह चिमनी पर मजदूरी कर अपने बाल बच्चों का पेट पालता था। 17 जून को बेटी की बारात आने वाली थी। बेटी की शादी को लेकर दिन-रात एक कर मजदूरी करता था। इनके तीन बेटे व इकलौती बेटी हैं। बेटी की शादी धूम धाम से करने की हमेशा बात कहते थे। इनके शव को देख पत्नी जनकिया देवी व  पुत्री गायत्री कुमारी बेसुध होकर रो रही थीं। विलाप करते कह रही थीं- अब बेटी के, के करी विदाई, केकरा सहारे होई हमार बेड़ा पार। इनके विलाप से आसपास के लोगो की आंखों छलक आईं। इधर घंटों बाद पूर्व प्रमुख सुनील राय, चिमनी मालिक शशि सिंह, उप प्रमुख विवेकानन्द राय पहुँचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासन से मुआवजा की मांग करते ग्रामीणों को समझा बुझाकर जाम हटवाया। बीडीओ ने पीड़ित परिजनों को पारिवारिक सामाजिक सुरक्षा के तहत 20 हजार रुपये, मुखिया ने कबीर अंत्योष्टि योजना से तीन हजार रुपये की तत्काल सहायत प्रदान की।

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