सड़क दुर्घटना में शिक्षिका मरी, जहर खाकर युवक ने जान दी

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बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग एक बार उठी है। नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार की खस्ताहाली उजागर होने के बाद नीतीश कुमार ने अपनी पुरानी मांग रिपीट कर दी है।
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग एक बार उठी है। नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार की खस्ताहाली उजागर होने के बाद नीतीश कुमार ने अपनी पुरानी मांग रिपीट कर दी है।

बेगूसराय। बेगूसराय जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में दो की जान चली गयी। ट्रक की ठोकर से बाइक पर जा रही शिक्षिका की मौत हो गयी तो एक युवक ने जहरीली दवाई खाकर अपनी जान दे दी। शिक्षिका अपने रिश्तेदार के साथ बी.एड. की परीक्षा देने जा रही थी। घर वालों के मुताबिक जहर खाने वाला युवक मानसिक रूप से परेशान था। साहेबपुरकमाल के सनहा रेलवे हाल्ट के बीच सुबह लगभग सात साढ़े सात बजे बेगूसराय उलाव निवासी सुभाष राम की पत्नी जो वर्त्तमान में सनहा मध्य विद्यालय में शिक्षिका थीं, की सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी। वह अपने सम्बन्धी के साथ सुबह 6 बजे अपने घर उलाव से बीएड की परीक्षा देने मोटरसाइकिल से खगड़िया जा रही थीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सनहा बखरा के बीच पहुँचते ही एनएच पर मोटरसाइकिल को ट्रक चालक का संतुलन बिगड़ जाने से पीछे से ठोकर मार दिया। पीछे बैठी महिला अनिता देवी की मौत घटना स्थल पर ही हो गयी। मोटरसाइकल चला रहे चालक पाण्डव कुमार को हल्की चोट आई है।

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युवक ने जहरीली दवाई खाकर की आत्महत्या

उधर बेगूसराय जिले के बलिया थाना क्षेत्र के नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 11 में 23 वर्षीय युवक ने जहरीली दवाई खाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार मृतक युवक बलिया नगर पंचायत वार्ड नंबर 11 अख्तियारपुर निवासी हरेराम यादव का 23 वर्षीय पुत्र बिट्टू यादव बताया जाता है। उसने 30 दिसंबर की संध्या लगभग 7 बजे कोई जहरीली दवाई खा ली थी। सूचना मिलते ही परिजन इलाज के लिए उसे बलिया से बेगूसराय ले गये। जहां जाते ही बिट्टू की मृत्यु हो गई। बिट्टू के पिता हरेराम यादव ने बताया कि बिट्टू की शादी 10 जून 2016 को हुई थी। बिट्टू को एक पुत्र और एक पुत्री भी है। उसके पिता ने बताया कि कुछ दिनों से बिट्टू की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।

हत्या मामले में चार आरोपित दोषी, सजा 5 को

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष कमल दीक्षित ने हत्या मामले के चार आरोपितों- नीमा चांदपुरा थाना के कटर माला निवासी पंकज सिंह, शशिकांत सिंह, नवल सिंह, और मुंशी सिंह को धारा 452, 149, 302 व 149 एवं 27 शास्त्र अधिनियम में दोषी पाकर सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 5 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की है। इसी मामले के दो अन्य आरोपित मंटुन सिंह व विद्या सिंह को संदेह का लाभ देकर रिहा कर दिया गया।

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अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक बहोर दास ने कुल 9 गवाहों की गवाही कराई। सभी पर आरोप है कि 31 जुलाई 1991 को 1 बजे दिन में हथियारबंद अभियुक्त उमदा देवी के घर का दरवाजा तोड़कर आंगन में घुस गए और चापाकल पर स्नान कर रहे उनके पुत्र काली सिंह को घेर लिया। नवल सिंह ने कारी सिंह पर गोली चलायी, जो उनके कमर में लगी। मुंशी सिंह ने जो गोली चलाई, वह दाहिने हाथ में लगी। गंभीर रूप से घायल काली सिंह को अस्पताल ले जाने के क्रम में मृत्यु हो गई।

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