झारखंड से 50 महिलाओं समेत 100 किसान इस्राएल जाएंगे

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एग्रीकल्चर समिट में 271 करोड़ के निवेश के साथ 50 उद्योगों का शिलान्यास होगाः रघुवर

रांची। एग्रीकल्चर एवं फूड समिट झारखंड के किसानों के लिए विश्व बाजार को सामने लाएगा। कृषि और किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री की अपेक्षा रही है कि सन 2022 तक इनकी आय को दोगुना किया जाए। इसी क्रम में झारखंड के किसानों की खुशहाली के लिए ग्लोबल समिट का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने यह बात मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक चर्चा के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का दूसरा राज्य है, जो इतने बड़े स्तर पर ग्लोबल एग्रीकल्चर और फूड समिट का आयोजन कर रहा है। इससे पहले केवल गुजरात में ही ऐसा आयोजन हुआ था। यहां तक कि अविभाजित बिहार में भी ऐसा कोई ग्लोबल समिट कृषि पर आयोजित नहीं हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का दो दल इस्राएल जा चुका है और अगला दल 100 किसानों का जाएगा, जिसमें 50 महिलाएं भी होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ज्ञान आधारित युग है। हमें यह शिद्दत से सोचना होगा कि किसानों की आय किस प्रकार दोगुनी की जा सकती है। किस कृषि की लागत को कम करना और इसके उत्पादन को अधिक से अधिक बढ़ाना है, जिससे अंततः किसानों की आय बढ़े। यही हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य के लिए यह एक ऐतिहासिक समय है। न केवल सरकार, बल्कि यहां की सवा तीन करोड़ जनता के सहयोग से ऐसा आयोजन किया जाना संभव हो रहा है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मोमेंटम झारखंड की तरह ग्लोबल एग्रीकल्चर एवं फूड समिट आम आदमी के लिए शाम 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक खुला रहेगा और इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को तकनीकी रूप से उन्नत करने एवं उनके ज्ञान को सुदृढ़ करने के लिए प्रयास कर रही है। किसानों का दो दल इस्राएल जा चुका है और अगला दल 100 किसानों का जाएगा, जिसमें 50 महिलाएं भी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की महिलाएं किसानी व्यवस्था की रीढ़ हैं। पशुपालन के क्षेत्र में महिलाओं का योगदान सबसे अधिक है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी को दूर करना और बेरोजगारी को मिटाने के उद्देश्य से ही बड़े उद्योगों के बजाय और कुटीर उद्योगों का जाल राज्य में बिछाया जा रहा है। झारखंड संभावनाओं से भरा हुआ राज्य है। कृषि उद्योग पर्यटन हर क्षेत्र में संभावना है। हॉर्टिकल्चर, फ्लोरीकल्चर और एनिमल हसबेंडरी के क्षेत्र में किसानों को जोड़कर उनकी आय को बढ़ाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में झारखंड विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण नाम होगा।

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