सुधांशु शेखर की कविता- कब निकलेगा समाधान प्रिये !
सुधांशु शेखर
इस लॉक डाउन के चंगुल से
कब निकलेगा समाधान प्रिये !
तुम लॉक डाउन की बढ़ती डेट
मैं वस्तु का घटता दाम प्रिये !
तुम ग्रीन...
एमलिन बोदरा की सादरी भाषा में लिखी कविताएं……
उत्तर बंगाल के चाय बागानों में नयी रचनात्मक पौध खड़ी हो रही है। इसमें एमलिन बोदरा एक खास नाम है। एमलिन कविताएं लिखती हैं।...
उदीयमान कवि दीपक कुमार की दो कविताएं
दीप प्रकाश की कविताएं
1.
सूर्य!
जिसकी आंखों के सामने
आकार लिया धरती ने।
जिसकी किरणों से
जीवन का संचार हुआ।
वो सूर्य!
आज भी वैसे ही रोज
उगता और ढलता है,
जैसा पहले...









