रवि यज्ञसेनी की 2 कविताएं- पापा अब परदेश न जाना/ अब ना जाओ दूर...
रवि यज्ञसेनी
पापा अब परदेश ना जाना
हम रूखा-सूखा खा लेंगे।
दूर हुए अपने गाँवो से,
दूर खेत-खलिहानों से,
दूर तीज-त्योहार हुए,
और बासंती मेलों से।
पापा मेरी फिक्र ना...
उदीयमान कवि दीपक कुमार की दो कविताएं
दीप प्रकाश की कविताएं
1.
सूर्य!
जिसकी आंखों के सामने
आकार लिया धरती ने।
जिसकी किरणों से
जीवन का संचार हुआ।
वो सूर्य!
आज भी वैसे ही रोज
उगता और ढलता है,
जैसा पहले...
अभय परमहंस की दो कविताएं………………………..
अभय परमहंस का मूल नाम अभयानंद शुक्ल। मूल निवासी उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के। वर्ष 1989 से लखनऊ (उत्तर प्रदेश में पत्रकारिता)। सम्प्रति...









