BIRTH DAY SPECIAL: भारतीय सिनेमा के बाहुबली प्रभास

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  • नवीन शर्मा

भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी और बाक्स आफिस पर सबसे अधिक कमाई करनेवाली फिल्मों- बाहुबली और बाहुबली-2 के नायक प्रभास ने फिल्म संसार में व्यापक  प्रभाव डाला है। एक साल के अंतराल में आई इन दोनों फिल्मों ने भारतीय दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। बाहुबली द बिगनिंग एक काल्पनिक साम्राज्य की कथा है। यह एक भव्य फिल्म थी। बालीवुड ने पहली बार बेहतरीन vfx स्पेशल इफेक्ट में हालीवुड की समकालीन फिल्मों को पछाड़ दिया था। बाहुबली की भव्यता और खासकर युद्ध दृश्य हालीवुड की आलटाइम ग्रेट फिल्म Troy की याद दिला देती है। पहली फिल्म हर लिहाज से 2 से बेहतर नजर आती है। जहां तक अभिनय की बात है तो बाहुबली बने प्रभास, भल्लालदेव बने राणा दुगाबती, कट्टपा, राजमाता और नायिका ने अपने रोल एक बार फिर बखूबी निभाए हैं। प्रभाष और राणा युद्ध के दृश्यों में जमते हैं। इन दोनों का आकर्षक बाडी एक्शन दृश्यों को विश्वनीय बनाता है। फिल्म के अंत में इन दोनों की जबरदस्त लड़ाई को दर्शक मंत्रमुग्ध होकर बिना पलक झपकाए देखते हैं। युद्ध दृश्यों में पहली फिल्म ज्यादा बेहतर थी।

सिनेमेटोग्राफी पहली फिल्म में ज्यादा लाजवाब थी। खासकर जलप्रपात के दृश्य अद्भुत थे। इस फिल्म में भी नदी पार करती नाव का मनमोहक फिल्मांकन है। बैकग्राउंड स्कोर थोड़ा लाउड है। फिल्म का पहला हाफ स्लो है।  संवाद भी ठीक हैं। वैसे बाहुबली-2 के छप्पर फाड़ बिजनेस में भी बाहुबली द बिगनिंग के क्लाइमेक्स का ज्यादा हाथ है। फिल्म के अंत में कट्टप्पा बाहुबली को मार देता है। क्यों मारा, यही सस्पेंस साल भर से अधिक समय बना रहा। लोग इसे जानने को बेताब थे, इसलिए शो हाउस फुल जा रहे हैं।

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बाहुबली जैसी फिल्म करने का सपना 

प्रभाष कहते हैं कि राजामौली और मैंने 4 साल फ़िल्म बाहुबली के लिए समर्पित किये। इस तरह की अगर परियोजना हो तो मै सात साल भी अपने आप को समर्पित करने के लिए तैयार हूँ। मेरा सपना एक पौराणिक युद्ध पर आधारित फिल्म में अभिनय करने का था, जो कि बाहुबली फिल्म की तुलना में बहुत छोटा सपना था। भारतीय फ़िल्म की स्क्रीन पर बाहुबली सबसे बड़ी फ़िल्म है और इस तरह की फ़िल्म में काम करने का अवसर जीवनकाल में एक ही बार मिलता है और मै भाग्यशाली हूँ कि मुझे इस तरह का अवसर प्राप्त हुआ।

23 अक्टूबर 1979  को तमिलनाडु के मद्रास शहर में प्रभास का जन्म हुआ। उनका जन्म फिल्म निर्माता उप्पालापाटि सूर्यनारायण राजू और शिवा कुमारी के घर में हुआ। प्रभाष के एक बड़े भाई है प्रमोद उप्पालापाटि  और एक बड़ी बहन प्रगति उप्पालापाटि । प्रभाष अपने भाई-बहन में सबसे छोटे हैं, इसीलिए वे सबके लाडले हैं। प्रभाष के अंकल कृष्णम राजू उप्पालापाटि भी एक तेलुगु फेमस एक्टर हैं। उन्होंने अपनी पढाई DNR स्कूल से पूरी की और ग्रेजुएशन श्री चैतन्या कॉलेज, हैदराबाद से B.Tech की डिग्री ली। प्रभाष बचपन से ही खेल मैं और पढाई मै बेस्ट रहे हैं।

प्रभाष ने 2002 में ईश्वर के साथ अपना फिल्म कैरियर शुरू किया था। 2003 में, वह राघवेन्द्र में अग्रणी भूमिका में थे। 2004 में, वे वर्धन में दिखाई दिए। 2005 में उन्होंने एस.एस. राजमौली द्वारा निर्देशित फिल्म छत्रपति में अभिनय किया। जिसमें उन्होंने गुंडों द्वारा शोषित एक शरणार्थी की भूमिका निभाई। ये फिल्म सुपरहिट रही।  बाद में उन्होंने पौरनामी, योगी और मुन्ना में अभिनय किया।

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इसके बाद  2015 में वह एस.एस. राजमौली के महाकाव्य बाहुबली: द बिगिनिंग में शिवुडु / महेन्द्र बाहुबली और अमरेन्द्र बाहुबली के रूप में दिखाई दिए। यह फिल्म दुनिया भर में तीसरी सबसे बड़ी कमाई करने वाली फिल्म बन गई है और दुनिया भर में आलोचकों और व्यावसायिक प्रशंसा की गई है। बाहुबली की अगली कड़ी: बाहुबली: द कन्क्लूजन 28 अप्रैल 2017  को दुनिया भर में रिलीज हुई। बाहुबली-2 की सफलता के बाद प्रभाष के घर शादी के रिश्ते के लिए देश-विदेश से कुल 6000 रिश्ते आए। बाहुबली-2 इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की सबसे श्रेष्ठ फिल्म साबित हुई। बाहुबली की भूमिका पर पूरा फोकह रखने के  लिए प्रभास ने 5 साल तक एक भी फिल्म साईन नहीं की थी।

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