लालू से मिलने आए तेज प्रताप के काफिले से सड़क जाम

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लालू प्रसाद यादव से मिलने आए उनके बड़े बेटे तेज प्रताप के कार्यकर्ताओं और  आम जनता के बीच सड़क जाम को लेकर नोक-झोक और हाथापाई हुई।
लालू प्रसाद यादव से मिलने आए उनके बड़े बेटे तेज प्रताप के कार्यकर्ताओं और  आम जनता के बीच सड़क जाम को लेकर नोक-झोक और हाथापाई हुई।

रांची। लालू प्रसाद यादव से मिलने आए उनके बड़े बेटे तेज प्रताप के कार्यकर्ताओं और  आम जनता के बीच सड़क जाम को लेकर नोक-झोक और हाथापाई हुई। तेज प्रताप के साथ गाड़ियों का काफिला आया था, जिससे सड़क जाम की स्थिति बन गयी। इसी दौरान एक आदमी से कार्यकर्ताओं की कहा-सुनी हुई। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि उस आदमी ने लालू प्रसाद को लेकर अभद्र जडिप्पणी की।

लालू से मुलाकात के पहले तेज प्रताप की कोविड जांच हुई। रिपोर्च नेगेटिव आने पर उन्हें लालू से मिलने की इजाजत दी गयी। बताया जाता है कि तेज प्रताप अपने समर्थकों को टिकट दिलाने का अनुरोध लालू से करने आये थे। बाद में तेज प्रताप ने कहा कि रघुवंश प्रसाद सिंह उनके अभिभावक हैं।

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उधर भाजपा ने कहा कि राजद से मिल रहे समर्थन के कारण राज्य सरकार ने तेज प्रताप यादव के सामने घुटने टेक दिए। *लॉकडाउन का उल्लंघन कर 60 गाड़ियों के काफिले में रात 2:30 बजे तेज प्रताप और उनके समर्थकों ने रांची मे अनधिकृत प्रवेश किया।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार में कानून सबके लिए बराबर नहीं है। कल रात रांची में 2:30 बजे लालू प्रसाद के पुत्र तेज प्रताप यादव 60 गाड़ियों के काफिले के साथ लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाते रांची पहुंच गए। लेकिन सरकार के साथ प्रशासन भी सोया रहा। इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

प्रतुल ने कहा कि जब तेज प्रताप अपने पिता लालू प्रसाद से मिलने रिम्स पहुंचे तो उस समय भी वह पूरा इलाका उनके काफिले की गाड़ियों से भर गया, जिसके कारण मरीजों को आने-जाने में भी घोर असुविधा हुई। उनके समर्थकों ने मरीज के परिजनों और राहगीरों के साथ मारपीट भी की।

प्रतुल ने कहा कि यह साफ दिखा रहा है कि झारखंड में कानून नाम की कोई चीज नहीं बची है और सरकार ने राजद के सामने पूरे तरीके से घुटने टेक दिये हैं। भाजपा ने पहले ही आशंका जाहिर की थी कि यह नया बंगला राजद का चुनावी कार्यालय बनेगा और हो भी यही रहा है। पूरे राज्य में ‘जंगल राज रिटर्न’ की स्थिति दिखने लगी है।

प्रतुल ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की कि वह लॉकडाउन का उल्लंघन, रांची में अनधिकृत रूप से इतनी बड़ी संख्या में लोगों के प्रवेश करने के मामले और रिम्स परिसर के बाहर मारपीट करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करें।

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