बेगूसराय में बेलगाम हुए अपराधी, दवा दुकानदार की हत्या

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  • दो अन्य लोगों को भी गोली मारकर किया घायल
  • घटना सिंघौल ओपी थाना क्षेत्र में दर्ज की गयी

बेगूसराय (नंदकिशोर सिंह)। मटिहानी थाना क्षेत्र के सिहमा पाँच खुट गांव निवासी स्वर्गीय  कपिल देव सिंह के पुत्र आर्यानंद सिंह (35 वर्ष), जो पेशे से दवा दुकानदार थे, की बुधवार की रात करीब 9:45 बजे अपराधियों ने गोली मार हत्या कर दी। वह सीतारामपुर से अपने घर सिहमा गाँव साइकिल से दुकान बंद कर लौट रहे थे। इसी क्रम में डुमरी डाला गुप्ता बाँध से कुछ दूर पश्चिम अपराधियों ने गोली मारकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। भागने के क्रम में अपराधियों ने दो अन्य लोगों को  भी गोली मार कर घायल कर दिया और गुप्ता बांध से उलाव की ओर बाइक से भाग निकले।

घायल दो युवकों में सिंधौल ओपी थाना क्षेत्र के आकाशपुर गांव निवासी जयजय राम सिंह के पुत्र राज मंगल कुमार को बाएं हाथ में गोली लगी है। उनके हाथ के आर-पार गोली निकल गयी। वहीं दूसरे व्यक्ति जिले के प्रसिद्ध बाबा जगदीश गौतम उर्फ जयमंगला बाबा के बड़े पुत्र संजीव कुमार सिंह बताये जाते हैं। उनके भी बायें बाँह में ही गोली लगी। ये दोनों व्यक्ति बेगूसराय अलका के पास अपनी घी की दुकान को बंद कर के मोटरसाइकिल से आकाशपुर घर लौट रहे थे। राजापुर ढाला के पास अपराधियों की गोली का ये दोनों शिकार बने। दोनों व्यक्तियों को अपराधियों को गोली लगने से बाएं हाथ जख्मी हो गये। दोनों युवकों ने शहर के एक निजी क्लीनिक में इलाज कराया। जहां अब वे दोनो खतरे से बाहर बताये जाते हैं।

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आर्यानंद सिह जब अपने घर सिहमा बीती रात लौट रहे थे तो अपराधियों ने उन्हें रोक कर उनके साथ लूटपाट करने का प्रयास किया था। उनके द्वारा विरोध करने के कारण उनकी हत्या अपराधियों ने गोली मार कर कर दी। मृतक आर्यानंद सिंह के शव का पुलिस ने पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराकर गुरुवार की सुबह परिजनों को सुपुर्द कर दिया। वहीं घटना के बाद मामले की छानबीन पुलिस कर रही है।

घर के मात्र वही एक कमाऊ पुत्र थे

आर्यानंद सिंह ही अपने घर के एकमात्र कमाऊ पुत्र थे। ग्रामीणों ने बताया कि वह अपनी एक मात्र दवा की दुकान चला कर अपनी पत्नी समेत चार बच्चों का भरण-पोषण करते थे। मृतक आर्यानंद सिंह को दो लड़की और दो लड़के हैं। इनमें बड़ी बेटी की उम्र 13 वर्ष, दूसरी बेटी की उम्र 8 वर्ष और दो लड़कों में एक 6 वर्ष और दूसरा 3 वर्ष का है। उनके भरण-पोषण को लेकर पहाड़ टूट कर परिवार के ऊपर गिर पड़ा है। उनकी पत्नी स्वीटी कुमारी अपने पति के शव से लिपट कर दहाड़ मार कर रो रही थी और कह रही थी कि हो रजवेय अब चारो बच्चा के भरण-पोषण केय करते हो रजवे। यह कह कर बार-बार वह बेहोश होकर शव के ऊपर गिर जाती थीं। वही मृतक आर्यानंद सिह  के पास  बैठकर सभी बच्चे  विलख रहे थे। उन चारों के आंखों के आंसू सूख चुके थे। विलखने के बाद भी उनकी आंखों से आंसू नहीं निकल रहे थे। पड़ोसी महिलाएं-पुरुष भी शव को देख कर अपराधियों को बार-बार कोस रहे थे और कह रहे थे कि बिगारलैकय रे ई दुस्मनवां केय एहन शरीफ आदमी केय जान मारेय कय किइ मिललैय दुश्मनवा कय।

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