नालंदा के डीएम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया

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बिहारशरीफ। नालंदा के जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने सरकारी सभी संरचनाओं में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने अफसरों की बैठक में निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बताया गया कि भू-जल संरक्षण के लिए सभी सरकारी संरचनाओं में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए व्यवस्था की जानी है। पूर्व से निर्मित भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रस्ताव भवन प्रमंडल द्वारा तैयार किया जाना है। नई संरचना के निर्माण में डिजाइन एवं प्राक्कलन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान सुनिश्चित किया जाना है। इसके लिए भवन निर्माण विभाग को नोडल विभाग के रूप में सरकार द्वारा प्राधिकृत किया गया है।

जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल व अन्य कार्यकारी विभागों को इस आशय की जानकारी देते हुए इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। सड़क निर्माण में संलग्न सभी कार्यकारी एजेंसी कार्य पूर्ण करने के लिए निर्धारित अवधि के अनुरूप प्रतिदिन के लिए कार्य प्रगति का लक्ष्य निर्धारित करेंगे तथा जिलाधिकारी के समक्ष प्रतिदिन कार्य प्रगति का प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। जिला में कार्यरत 208 राजकीय नलकूपों को विभागीय निर्देशानुसार संचालन के लिए पंचायत को हस्तांतरित किया गया है। इसके अतिरिक्त 201 नलकूप मरम्मत योग्य पाए गये हैं।

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जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई को सभी हस्तांतरित नलकूपों के संचालन के लिए संबंधित पंचायत के मुखिया के माध्यम से विधिवत विद्युत कनेक्शन लेने के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सभी पंचायतों में पंचायत के माध्यम से पटवन के लिए दर का निर्धारण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। इससे प्राप्त राशि द्वारा बिजली बिल एवं नलकूपों की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई द्वारा इस संबंध में अब तक किए गए कार्य पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया।

जिला के विभिन्न जल स्रोतों के आसपास वृक्षारोपण के तहत अधिक से अधिक जामुन के पेड़ लगाने का निर्देश दिया गया। पथ निर्माण विभाग द्वारा निर्माण किए जा रहे नूरसराय-सिलाव पथ का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इस पथ के निर्माण कार्य में भू-अर्जन एवं जमीन संबंधी अन्य समस्या के निराकरण के लिए एक अभियंता को विशेष रूप से प्राधिकृत करने का निदेश कार्यपालक अभियंता को दिया गया। प्राधिकृत अभियंता संबंधित अनुमंडलाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं जिला भू अर्जन पदाधिकारी से नियमित समन्वय स्थापित कर, जो भी समस्या आएगी, उसका निवारण कराना सुनिश्चित करेंगे।

एनएच 82 के बिहारशरीफ-राजगीर भाग का कार्य 31 जुलाई तक पूर्ण करने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया। एक दो जगह पर जमीन से संबंधित छोटी मोटी समस्या सामने आई है, जिसका त्वरित निराकरण करने का निर्देश अंचलाधिकारी सिलाव, राजगीर एवं अनुमंडलाधिकारी राजगीर को दिया गया। कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल हिलसा को राजगीर बाईपास का शेष कार्य अविलंब पूर्ण करने को कहा गया। एनएच 30 फतुहा, हरनौत, बाढ़ में एक दो जगह पर जमीन संबंधी समस्या के कारण कार्य बाधित हो रहा है। जिलाधिकारी ने अनुमंडलाधिकारी बिहारशरीफ को अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करने का निदेश दिया।

जिलाधिकारी ने बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल बिहारशरीफ, एकंगरसराय एवं बख्तियारपुर के कार्यपालक अभियंता से एक-एक कर तटबंधों की स्थिति की जानकारी ली। पुल निर्माण निगम एवं पथ निर्माण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से सुगम यातायात के दृष्टिकोण से विभिन्न सड़कों पर फ्लाईओवर पुल के निर्माण के लिए सर्वे किया जाना है। जिलाधिकारी ने अविलंब सर्वे कार्य पूर्ण कर प्रस्ताव समर्पित करने का निर्देश दिया। भवन प्रमंडल द्वारा हरनौत में स्टेडियम, आईटी सिटी एवं फिल्म सिटी के चहारदीवारी का निर्माण सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सभी योजनाओं का कार्य निर्धारित समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया।

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जिला आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन केंद्र भवन के निर्माण के लिए प्रखंड कार्यालय परिसर में जमीन चिन्हित की गयी है। इस भवन निर्माण का कार्य अविलंब प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया। कार्यपालक अभियंता विद्युत परियोजना द्वारा बताया गया कि जिला में 26 एग्रीकल्चर फीडर में से 14 फीडर का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष फीडर को 31 जुलाई तक पूर्ण कर लिया जाएगा। कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग को सभी निर्माणाधीन योजनाओं का कार्य निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

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बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना के तहत आच्छादित कुष्ठ रोगियों को करेक्टिव सर्जरी के लिए मेडिकल कॉलेज पावापुरी भेजने के लिए कार्रवाई करने को कहा गया। यहां कुष्ठ रोगियों के करेक्टिव सर्जरी की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है। बैठक में उप विकास आयुक्त, निदेशक डीआरडीए, सिविल सर्जन सहित विभिन्न जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा सभी तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे।

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