सभी काम की डेडलाइन तय करें और प्रगति की समीक्षा करेंः रघुवर

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रांची। राज्य में चल रहे विकास कार्यों को सभी विभाग प्राथमिकता दें। उपायुक्त, डीएफओ सहित सभी अधिकारी कानून के तहत समस्या का समाधान करें। देख रहे हैं, कर रहे हैं वाली प्रवृत्ति बंद करें। सभी काम की डेडलाइन तय करें और प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करें। काम के अनुसार सभी अधिकारी की जिम्मेवारी तय करें। राज्य को तेजी से विकास चाहिए, इस गंभीरता को समझें। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहीं। वे राज्य में चल रहे आधारभूत संरचना प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी राष्ट्र और राज्य हित को ध्यान में रखकर काम करें। विभिन्न विभाग आपस में समन्वय बनाकर काम में तेजी लायें। सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। जहां जो लोग विस्थापित हो रहे हैं, उनकी सबसे पहले सुध लें। विस्थापितों की मांग को समझें और कंपनियां सीएसआर के माध्यम से उनकी छोटी-छोटी आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए विकास कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले माह फिर से समीक्षा होगी।

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बैठक में पथ, राष्ट्रीय राजमार्ग, डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर, गेल, एनटीपीसी, रेलवे प्रोजेक्ट, माइन्स व जियोलोजी, सीसीएल, बीसीसीएल, इसीएल, हवाईअड्डा प्राधिकरण समेत अन्य प्रमुख विभागों की आधारभूत परियोजनाओं की समीक्षा की गयी। इस दौरान सरकार के मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त श्री डी के तिवारी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री संजय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, पथ विभाग के सचिव श्री के के सोन समेत सभी विभागों के प्रधान सचिव, सचिव, सभी जिलों के उपायुक्त, डीएफओ समेत सभी अन्य संस्थाओं के प्रमुख एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

वन संरक्षण के कार्य में जनभागीदारी बढ़ाएंः झारखंड राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि बरसात के बाद पूरे राज्य में बांस रोपण का अभियान शुरू करें। पहले बांस बखार की सफाई करें। इससे हाथियों को भोजन भी मिलेगा और लोगों को रोजगार भी मिलेगा। साहेबगंज के पास गंगा नदी में डोल्फिन भी पायी जा रही है। इनका संरक्षण करें और इसे पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करें। स्थानीय मछुआरों को प्रशिक्षित कर इनके संरक्षण के प्रति जागरूक करें।

झारखण्ड मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वन्य प्राणियों पर शोध के लिए एक फंड बनाया जायेगा। वन संरक्षण के कार्य में जनभागीदारी और जनसहयोग को बढ़ाएं। जिन लोगों रूचि है, वे इससे जुड़ेंगे, तो इसका सकारात्मक परिणाम दिखेगा।

पलामू टाइगर रिजर्व के लिए मुख्यमंत्री ने अभी दो पर्यटक वाहन चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि मांग बढ़े, तो वाहन बढ़ायें। राज्य सरकार पर्यावरण के अनुकूल विकास की पक्षधर है। विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाकर काम करने की जरूरत है। विकास होने से ही लोगों की सामाजिक और आर्थिक प्रगति होगी।

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बैठक में दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी के इको सेंसिटिव जोन में रढ़गांव-महुलिया उच्च पथ, मंडल डैम, कोडरमा वन्य प्राणी आश्रयणी अंतर्गत ध्वजाधारी पहाड़ के समय नेचर एंड वाइल्ड अवेयरनेस सेंटर व मंदिर पथ पर रेलिंग के निर्माण समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, वन एवं पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री इंदूशेखर चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री संजय कुमार समेत बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे।

 

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