बहुत घूमे संसार में, एक बार आइये गुरु गोविन्द सिंह के बिहार में

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लुधियाना। पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से पंजाब के लुधियाना शहर में आयोजित “इंडियन ट्रैवेल मार्ट लुधियाना” कार्यक्रम में बिहार के पर्यटन मंत्री...

घोषणा के बावजूद अब तक नहीं बना बिस्मिल्लाह खां विश्वविद्यालय

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मुरली मनोहर श्रीवास्तव पटना। वक्त बदलता है, वक्त के साथ व्यक्ति इस जहां को अलविदा कर जाते हैं, मगर उनकी कीर्तियां उन्हें इतिहास के...
देश के सुप्रसिद्ध कवि मनोज भावुक के पिता और हिंडाल्को, रेनूकूट के लोकप्रिय मजदूर नेता रामदेव सिंह नहीं रहे

हिंडाल्को के मजदूर नेता बिहार के रामदेव सिंह नहीं रहे 

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पटना। देश के सुप्रसिद्ध कवि मनोज भावुक के पिता और हिंडाल्को, रेनूकूट के लोकप्रिय मजदूर नेता रामदेव सिंह नहीं रहे। 14 अप्रैल 2022 को...

चार वर्षों में आमजन तक पंहुचा बैंकिंग का लाभ : राजीव रंजन

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पटना। केंद्र में भाजपा शासन के चार वर्षों में देश की आम जनता को बैंकिंग और सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाने के लिए केंद्र...
कोरोना काल में ऐसी खबरें, जो भारत की ताकत का एहसास कराती हैं

कोरोना से दुनिया भर में 22 हजार मौतें, आप भी रहें अलर्ट

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कोरोना वायरस के संक्रमण से दुनिया भर में कुल 22,070 लोगों की प्रमाणित तौर पर मौत चुकी है और फिलहाल 3,48,750 लोग इससे ग्रस्त...

वीपी सिंह को याद करते हुएः राजा नहीं, फकीर है

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वीपी सिंह एक ऐसे प्रधानमंत्री और नेता थे, जिनके लिए लोगों ने ये नारा लगाया- राजा नहीं फ़क़ीर है- भारत की तक़दीर है! वर्तमान...

मेजर ध्यानचंदः बचपन में खेल में अरुचि, बड़े होने पर हॉकी के जादूगर

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नवीन शर्मा मेजर ध्यानचंद सिंह का फील्ड हॉकी में वही स्थान है, जो फुटबाल में पेले, क्रिकेट में डॉन ब्रेडमैम व बाक्सिंग में मोहम्मद...
देश की कुछ ऐसी खबरें बुधवार की हैं, जिन्हें आपको जानना बेहद जरूरी है। पहली खबर- आईटीआर दाखिल करने की मियाद बढ़ा दी गयी।

देश की कुछ ऐसी खबरें, जिन्हें आपको जानना जरूरी है

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दिल्ली। देश की कुछ ऐसी खबरें बुधवार की हैं, जिन्हें आपको जानना बेहद जरूरी है। पहली खबर- आईटीआर दाखिल करने की मियाद बढ़ा दी...

भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस चुनावी रणनीति बना रही कांग्रेस

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नंदकिशोर सिंह लोकसभा चुनाव के करीब आने के साथ ही सरगर्मी बढ़ रही है। भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस चुनावी रणनीति बनाने में...
मलिकाइन के पाती

अपने ही घर में बेगाने हो जाने की मजबूरी का नाम है घुसपैठ

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सुरेंद्र किशोर सन 1979-1985 के असम आंदोलन के दौरान 855 आंदोलनकारियों की जानें गयी थीं। इतनी कुर्बानियां देने के बाद  1985 में प्रधानमंत्री राजीव...