Sarthak Samay
4242 पोस्ट
1 टिप्पणी
Sarthak Samay is a news website, which publish latest news articles on daily basis. Subscribe to our mailing list for news alerts in your inbox.
पावं लागी मलिकार। रउरा त कहीले कि रावन बड़का पंडित रहे। ओकर गलती अतने रहे कि सीता जी के उठा ले गइल। तबो मलिकार, ओकरा में एतना ईमान त बांचल रहे कि सीता जी के संगे कवनो बाउर बेवहार ना कइलस। चलीं, राम जी ओकरा के मार दिहले। हनुमान जी ओकर लंका जरा दिहले। ओकरा खानदान के केहू बांचल...
मालदा (पश्चिम बंगाल)। मालदा में फिर एक नाव के डूब जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। घटना मालदा के कालियाचक में हुई। इसके कुछ ही दिन पहले चांचल में नाव दुर्घटना हुई थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गयी थी।
बताया जाता है कि ताजा नाव दुर्घटना से कालियाचक तीन नंबर ब्लॉक के कृष्णपुर गांव पंचायत के...
पटना। जलजमाव के कारण लोगों में सरकारी अमला के प्रति बेहद नाराजगी है। राज्य सरकार से एक बार फिर पटना में हुए जलजमाव की जांच की अपेक्षा है। बारिश से पटना के अधिकतर हिस्सों का डूबना कोई इत्तेफाक नहीं हो सकता। यह कहना है भाजपा के बिहार प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक राजीव रंजन का।
उनका कहना है कि खुद...
सुशील मोदी ने दी सफाई- मुकदमे से भाजपा का कोई वास्ता नहीं
पटना। साहित्यकारों पर मुकदमे सा भाजपा ने पल्ला झाड़ लिया है। सुशील मोदी ने सफाई दी है कि 49 लोगों पर देशद्रोह के मुकदमे से भाजपा का कोई वास्ता नहीं है। यह आदती मुकदमेबाजों का काम है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यह सफाई दी है।...
शेष नारायण सिंह
महात्मा गांधी हमेशा प्रयोगधर्मी रहे। तरह-तरह के प्रयोग उन्होंने किये। संवाद स्थापित करने की दिशा में तरह-तरह के प्रयोग महात्मा गांधी की विरासत का हिस्सा है। उनके जाने के बाद उसका प्रयोग बार-बार होता रहा। महात्मा गांधी के बाद के दो दशकों तक तो पत्रकारिता के क्षेत्र में ऐसे बहुत सारे दिग्गज थे, जिन्होंने उनके काम...
पटना। बिहार में भाजपा और जदयू के बीच लगातार दूरियां बढ़ती जा रही हैं। दोनों दलों के बीच पहले जुबानी जंग छिड़ी। भाजपा के नेता ज्यादा आक्रामक रहे तो नीतीश खामोश। दोनों ओर से छिड़ी जुबानी जंग को हल्के से नहीं लेना चाहिए। अगर कोई राजनीतिक विश्लेषक इस तरह की तल्ख जुबान को सतही ढंग से अपने आकलन का...
शेष नारायण सिंह
महात्मा गांधी ने हर कालखंड में तानाशाही को चुनौती दी। यह रामबाण की तरह असरदार भी रहा है। गांधीजी ने चंपारण में जो किया, वह ब्रितानी सत्ता को चुनौती थी। स्थापित सत्ता ही तानाशाही को चुनौती देने का गांधी जी का तरीका हर कालखंड में रामबाण की तरह असर करता है। आज़ादी की लड़ाई में 1919 से...
शेष नारायण सिंह
गांधी जी को पत्रकार के रूप में तो पूरी दुनिया जानती है, उस विषय पर बातें भी बहुत हुई हैं। गांधी जी ने पत्रकार के रूप में भी कुछ अलग प्रयोग किये। उन्होंने जिन अखबारों का संपादन किया, वे किसी भी जन आन्दोलन के बीजक के रूप में जाने जाते हैं। लेकिन पत्रकारिता से इतर भी महात्मा...
महात्मा गांधी के धुर विरोधी सी आर दास कैसे उनके मुरीद बन गये, बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह। गांधी में अपनी बात मनवा लेने की अद्भुत क्षमता थी। अपनी बात आम जन तक पहुंचा देने की कला भी उनकी खासियत थी।
शेष नारायण सिंह
आज के सौ साल पहले असहयोग आंदोलन की शुरुआत हो गयी थी। उस...
के. विक्रम राव
मुंबई में हरे वृक्षों का संहार रुक गया, आभार उच्चतम न्यायालय का। वर्ना छब्बीस हजार जानों पर आरे कालोनी में आरी चल गई होती। छात्रों और युवाओं ने मोर्चा लिया। जेल में रात गुजारी। अगले दिन कॉलेजों में परीक्षाएं थीं, छूट गयीं। पेड़ बचाने में सफल हुए। त्रस्त तो महाराष्ट्र की हिन्दुवादी सरकार ने किया। विप्रश्रेष्ठ...












