मलिकाइन के पातीः काहें वोटवे के टाइम पर रामजी इयाद आवे ले

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पावं लागी मलिकार। अयोध्या जी में रामजी के मंदिरवा अबकी सचहूं बन जाई का मलिकार। सुनत बानी कि ओइजा 92 अइसन फेर जमघट शुरू भइल बा। सगरी साधु-संत लोग जुटल बा। कवनो बंबे (मुंबई) के नेता ऊधो जी (उद्धव ठाकरे) ओइजा साधु लोग के मीटिंग में आइल रहनी हां आ पूछत रहनी हां कि कहिया से मंदिर में काम लागी, मोदी जी बतावस। सरकार रहे चाहे जाव, बाकिर मंदिर बनावे के परी। रउरा त जनबे करीले मलिकार कि हम त लिख लोढ़ा, पढ़ पत्थर हईं। सगरी खबरिया हम पांड़े बाबा के जुबानी सुनीले। सबेरे-सबेरे खबर कागज लेके उहां के बइठ जाई ले आ चाह (चाय) खातिर उहां के दुआर पर जुटल लोग चाह के चुसकी के संगे खबर उहां के जुबानी सुनत रहेला। हमरा खातिर त बूझ जाईं मलिकार कि पांड़े बाबा, चलत-फिरत टीवी हईं। हाव-भाव से उहां के खबर पढ़ी ले आ अर्थायन क के समझाई ले।

हमरा एगो बात नइखे बुझात मलिकार, तनी रउरे समझायेब। हर बेर वोटवा जब नियराला त गाय-गोरू, मंदिर-मसजिद, हिन्दू-मुसलमान, बैकवाड-फारवाड काहें होखे लागेला। चार साल लोग संगहीं रहेला, बाकिर वोट के टाइम में अइसन तनातनी हो जाला कि बुझइबे ना करे कि इहे लोगवा एक संगे कइसे रहत होई।

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काल्ह बकरीहारी टोला के नसीबन चाची आइल रहवी। रउरा त जनबे करीले मलिकार कि ओह चाची के केतना एहसान हमनी पर बा। एक बेर राउर पइसा आवे में देरी हो गइल रहे। घरे नन्हका के जर छोड़बे ना करे। डाक्टर कीहां जाये के पइसा ना रहे त चाची अइली आ कहली- ए बहुरिया, पांच हजार रुपिया बकरी बेच के धइले रहनी हां। हई लीं आ आपना काम चलाईं। जब होई त हमरा के दे देब। समझीं कि हम अपना घरे पइसा ना राख के रउरा जरी राख के जा तानी। ऊ चाची बतावत रहवी कि उनकरा टोला में जेने जाईं, खाली एके गो बतकही होता। मंदिर-मसजिद के नाम पर कवनो फसाद हो जाव त कइसे बांचल-बचावल जाई। नवछेड़िहा त लाल-पीयर होखे लागत बाड़े सन, बाकिर बुढ़ऊ लोग केहूं गतिया ओकनी के समझा के रखले बा। छक्काटोला से चाची के खालू आइल बाड़े। उहे सभका के समझावत रहुअन कि देस में कहीं कुछऊ हो जाव, बाकिर बिहार में कवनो झूर-झमेला ना होई। एह से कि नीतीश कुमार सभकर धेयान राखे ले। कई बेर ऊ पीर के मजार पर चादर चढञावे ले। पंजाबी लोग के गुरु महराज के दरबार में जाले। उनकरा रहते एह राज में कवनो गड़बड़ी ना हो सकेला।

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रउरा ओर का हाल बा मलिकार, तनी जनायेब। आपन नीत-नीयत ठीक राखेब। पुरखा लोग जब परेम-बेवहार से अबले रह आइल त हमनियो के दिन कट जाई। मिल-बेवहर के रहत आइल बानी सन, आगहूं रह लिहल जाई।

राउरे, मलिकाइन

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