समाजिक सहृदयता से हरिनाथ की बिटिया करेगी बीकाम की पढ़ाई

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  • हरेंद्र शुक्ला
वाराणसी। किसी ने सच कहा है ” तुम जाओ फरिश्तों में बैठ जाओ, हम आदमी हैं तरशते हैं आदमी के लिए। ” इस पंक्ति को आज समाज के परोपकारी लोगों ने चरितार्थ किया।
बीएचयू से संबद्ध आर्य महिला पीजी कालेज में “बी. काम. ” प्रथम वर्ष उत्तीण करने के बाद आर्थिक तंगी का दंश झेल रहे पिता हरिनाथ मनमसोसकर अपनी होनहार बिटिया को द्वितीय वर्ष में प्रवेश दिलाने और आगे की पढाई कराने की उम्मीद छोड़कर सिर्फ बिटिया को समझा रहे थे की तुम्हारी पढाई मैं नहीं, मेरी गरीबी और तंगी रोक रही है। इसी बीच 29 जुलाई की शाम मैं घर से सात हजार रुपये जेब में रखकर किचन का सामान लेने लंका के लिए निकला तो जरूर, लेकिन पहुंच गया अस्सी।
इसी बीच दयाशंकर मिश्र जी से चाय की दुकान पर भेंट होती है, चाय पीते-पीते मन में यह ख्याल आता है कि आज महारानी लक्ष्मीबाई जन्मस्थली चलकर देखें। यह संयोग था कि वहां पहुंचते ही वहां के केयरटेकर हरिनाथ सें भेंट हुई। मैने हरिनाथ से उनके बच्चों की पढाई की बात करने लगा। इतने में हरिनाथ फफककर बोले भइया, गरीबी के कारण मेरी बिटिया की पढाई नहीं हो पायेगी। कल ही अंतिम तारीख है और तंगी के कारण मै उसको पढ़ा नहीं पा रहा हूं। यह बात सुनकर मैं भी भावविह्वल हो उठा।
जेब में हाथ डाला और दो हजार निकालकर हरिनाथ को प्रारंभिक सहयोग करते हुए फेसबुक पर हरिनाथ की समस्या को मैने लाइव किया। देखते ही देखते परोपकारी मित्रों ने हरिनाथ की बिटिया को अगली कक्षा में प्रवेश के लिए दिल खोलकर सहयोग किया। इसी सहयोग का परिणाम रहा कि बिटिया का बीएचयू से संबद्ध आर्य महिला पीजी कालेज में बी. काम. द्वितीय वर्ष में दाखिला हो गया। बिटिया और हरिनाथ को मित्रों ने सच में हौसला दिया।
बताते चलें कि नगर निगम वाराणसी में 15 वर्षों से आउटसोर्सिंग के तहत चार हजार रुपये की पगार पर 1857 के गदर में अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाली महारानी लक्ष्मीबाई के अस्सी स्थित जन्मस्थली पर बतौर केयरटेकर हरिनाथ गौड अपने दो पुत्र एक पुत्री और पत्नी सहित अपने जीवन की नैया को हौसले के साथ खे रहे हैं।
सहयोगी मित्रों की सूचीः
श्रीमती आभा मिश्र अध्यक्ष मदर्स फार मदर (वाराणसी) – 2100
श्री ज्योति मिश्रा राका वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट (दिल्ली) – 5000
डा कर्मराज सिंह निदेशक ओमेगा हास्पिटल (वाराणसी- 3000
हरेन्द्र शुक्ला पत्रकार (वाराणसी) – 2000
श्री कुमार सिद्धार्थ – 1000
श्री शरद शुक्ला ( वाराणसी) -500
श्री रत्नदीप जायसवाल -500
श्री गोकुल शर्मा भाजपा नेता ( वाराणसी) 500
श्री अरुण दुबे छात्र ( दिल्ली)    – 400
डा हरिहर सिंह दुलहीपुर ( मुगलसराय)  -500
श्री रजनीश सिंह भाजपा नेता (वाराणसी) -500
डा आर पी सिंह (बीएचयू) – 200
श्री पीयूष मिश्र ( वाराणसी) -100
श्री नागेश मिश्रा ( वाराणसी) – 100
प्रो देवब्रत चौबे( बीएचयू) -400
शिवा रेस्टुरेंट (वाराणसी) – 200
श्री बच्चा शर्मा भईया (वाराणसी) – 500
श्री विजय तिवारी (वाराणसी) -100
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