महागठबंधन में बना सीट शेयरिंग का फार्मूला, 15 से 20 सीटों पर RJD

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पटना। लोकसभा चुनाव के करीब आने के साथ ही बिहार में न सिर्फ एनडीए, बल्कि बहागठबंधन में भी घटक दलों के बीच सीटों के तालमेल का फार्मूला तैयार कर लिया गया है। बिहार में महागठबंधन का नेतृत्व आरजेडी करेगा, जबकि एनडीए में इसी बात को लेकर घमासान है। भाजपा के भीतर से मिल रहे संकेतों ने यह साफ कर दिया है कि जदयू के नेता नीतीश कुमार बिहार में एनडीए का बड़ा भाई नहीं रहेंगे। अलबत्ता बिहार एनडीए के बड़े घटक के रूप में वह जरूर शामिल होंगे।

भाजपा ने हरिवंश को राज्यसभा का उप सभापति बना कर नीतीश या जदयू के किसी भी नेता को नैतिक रूप से इतना दबा दिया है कि अब जदयू के किसी जिद पर अड़ने का सवाल ही नहीं उठता। इसलिए एनडीए में सीटों के बंटवारे पर सूत्रों के हवाले से जिन सूचनाओं ने मीडिया में खबर का शक्ल अख्तियार किया, उस पर जदयू ने आपत्ति का वैसा साहस नहीं जुटाया, जितनी शिद्दत से जदयू के प्रवक्ताओं-नेताओं ने नीतीश को बड़ा भाई बिहार में मानने की आवाज बुलंद की थी। एनडीए में जदयू की फिलहाल हालत यह हो गयी है- जाहि विधि राखे राम (भाजपा)।

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दूसरी तरफ खीर बनाने की विधि बताने वाले बयान से उपेंद्र कुशवाहा ने जिस ध्रुवीकरण के संकेत दिये, एनडीए में असंतोष के जैसे स्वर समय-समय पर राम विलास पासवान खेमे से फूटते रहे हैं, उससे यह साफ हो गया है कि लोकसभा चुनाव आते-आते बिहार एनडीए का स्वरूप बदल जायेगा। कोई चमत्कार ही इस अंदरूनी ब्यूह रचना को तोड़ सकता है। यही वजह है कि राजद ने एनडीए के इन असंतुष्टों को अपने साथ करने के लिए पूरी तरह लचीला रुख अपनाया है।

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RJD के अंदरखाने मौजूदा और बदले हुए हालात में सीट बंटवारे का फार्मूला भी लालू ने अपनी बीमारी के दौरान बैठे-बैठे तैयार कर लिया है। थोड़ी-बहुत मोल-भाव की गुंजाइश भी छोड़ी है। मौजूदा हालत में राजद के तीन सहयोगी हैं- कांग्रेस, एनसीपी और जीतना राम मांझी की पार्टी हम (से)। अगर स्थिति नहीं बदलती है तो इन तीनों में ही सीटों का बंटवारा होगा। इन तीनों में राजद को सर्वाधिक सीटें 20, कांग्रेस को 15, एनसीपी को 2 और हम को 3 देने का गणित बना है। बदले हालात में यानी उपेंद्र कुशवाहा और रामविलास पासवान के आने पर दृश्य बदल जायेगा। वैसी हालत में जो फार्मूला राजद ने बनाया है, उसमें राजद को 15, कांग्रेस को 8, लोजपा को 7, रालोसपा को 7, हम को 2 और एनसीपी को 1 सीट दी जायेगी। जेल जाने से पहले लालू प्रसाद जलेबी तैयार कर गये हैं।

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महागठबंधन बिल्ली के भाग्य से छींका टूटने के इंतजार में है। उसे पता है कि सीटों के बंटवारे के सवाल पर एनडीए में ऐन वक्त पर भगदड़ मचेगी। तब विक्षुब्ध लोगों को अपने साथ कैसे राजद जोड़ सकता है, इसका पूरा ब्लू प्रिंट लालू ने इलाज के लिए जमानत पर रहते तैयार कर दिया है।

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