बच्चों की पिटाई मामले में मानवाधिकार आयोग का कड़ा एक्शन

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पटना। पिछले वर्ष 5 सितम्बर, 2017 को मुरलीगंज, मधेपुरा में बच्चों की पिटाई तथा मानवाधिकार हनन मामले में बिहार के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली ने मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर की शिकायत पर कड़ा एक्शन लिया है। बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी को समन भेजकर रिपोर्ट मांगी गई थी। उसके आलोक में एसडीओ, मधेपुरा और एसडीपीओ, मधेपुरा की संयुक्त रिपोर्ट बिहार सरकार के स्तर से (मुख्य सचिव और डीजीपी) दिनांक 28/4/2018 को आयोग के पास प्रस्तुत की गयी।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली उनके जवाबों से पूर्णतया संतुष्ट नहीं हुआ है। आयोग ने उनसे एफआईआर की अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी है। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली ने मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर के पास एसडीओ और एसडीपीओ, मधेपुरा की संयुक्त रिपोर्ट उनका पक्ष जानने के लिये भेजने की बात कही है।

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मानवाधिकार कार्यकर्ता दफ्तुआर ने लोगों / पीड़ितों से इस घटना के संदर्भ में अपना साक्ष्य/ सबूत/ सुक्षाव/ जानकारी देने के लिये अपना व्हाट्सएप नम्बर-9973119416 और ईमेल आई डी humanrights.vishal@gmail.com जारी किया है। उन्होंने बताया कि वे इस घटना के दोषियों को हर हाल में दंडित करवा कर रहेंगे।

एनएचआरसी का यह कदम मानवाधिकार संरक्षण के प्रति बिहार सरकार की जिम्मेदारी पर भी बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाता है। गौरतलब है कि गत वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर मुरलीगंज, मधेपुरा में शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों और बच्चों पर प्रशासन और पुलिस ने बेरहम कारवाई करते हुए उन लोगों की बर्बरता से पिटाई की थी। चूंकि उस दिन शिक्षक दिवस था, लिहाज इरादतन और तानाशाही प्रवृत्ति अपनाते हुए स्कूल से लौट रहे और स्कूल में भी नाबालिग बच्चों तक की बर्बरता पूर्वक पिटाई कर दी थी। इस घटना के विरोध में मुरलीगंज और मधेपुरा जिले के कई इलाके सप्ताह से ज्यादा दिनों तक बंद रहे थे। मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर ने इसकी शिकायत बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से की थी। हालांकि उन्होंने तत्काल श्री दफ्तुआर की शिकायत पत्र को मुख्य सचिव को और मुख्य सचिव ने गृह सचिव को फारवर्ड कर दिया था। गृह सचिव के स्तर पर मधेपुरा के डीएम और एसपी को ही जाँच का जिम्मा दे दिया गया।

12 सितम्बर को दफ्तुआर ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली से की और एनएचआरसी ने श्री दफ्तुआर के पत्र पर तुरंत एक्शन लेते हुए बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर दिया और अब उन लोगों का संतोषजनक उत्तर न मिलने के कारण कड़ी कारवाई करते हुए सम्मन जारी कर के व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर जवाब देने को कहा है।

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