बंगाल की कुछ ऐसी खबरें,जिन्हें आप जानना चाहेंगे। DYFI कार्यर्ताओं ने पुलिस वालों को आज दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। मौलाली का इलाका रण क्षेत्र बना रहा

आरक्षण का मक़सद समाज को मज़बूत करना है, कमजोर करना नहीं

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प्राप्त सूचनाओं, जिनमे अटकलों से इंकार नहीं किया जा सकता, के अनुसार केंद्र सरकार राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग पर नए विधेयक लाने की तैयारी में है। चर्चा...

बुद्धिजीवियों के दिलों में अब भी बसते हैं कार्ल मार्क्स

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विगत 16 से 20 जून तक ,पटना में , कार्ल मार्क्स (5 . 5 . 1818 - 14 .3 . 1883 ) के दो...

मेक इन इंडिया से मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की राह पर है भारत: BJP

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पटना। देश के विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने की बात कहते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने...

नवरुणा के लापता होने का मामला सीबीआई भी नहीं सुलझा सकी

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संतोष राज पांडेय की जुबानी जानें घटना की कहानी सार्थक समय डेस्क : अगर सरकार की विफलता की बात की जाए तो नवरुणा हत्याकांड की...

जालिम जुलाईः लील गयी तीन परिवारों की 24 जानें

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जुलाई महीने में दिल्ली में एक ही परिवार के 11 लोगों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली थी हजारीबाग में एक ही परिवार के...

कोई कुछ भी कहे, बिहार में भाजपा 10 से ज्यादा सीटें जदयू को नहीं...

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पटना। सीटों के तालमेल को लेकर बिहार एनडीए में फिलहाल शांति है और जदयू के सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह के मुताबिक अगले महीने तक...
समरस होना ही समर्थ या सामर्थ्यवान भारत की पहचान है। समरसता से मिली ताकत के कारण ही भारत जगत गुरु कहलाया और यही ताकत उसे और आगे ले जाएगी।

देश में घुसपैठ की अब और अनदेखी संभव नहीं है

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राजीव सिंह असम में अवैध नागरिकों की समस्या को सांप्रदायिकता का चश्मा उतारकर देखने की जरूरत है। इन शरणार्थियों या अवैध घुसपैठियों में हिंदू-मुस्लिम...
कोरोना जितना मारक है, उससे अधिक यह दूसरी तरह की मौत और परेशानी का कारक बन रहा है। कोई पैदल चलते दम तोड़ रहा, कुछ राह चलते वाहनों से कुचले जा रहे। कई ने भूख और इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया।

कोरोना जितना मारक है, उससे अधिक मौत का कारक बन रहा

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दूरदर्शी कोरोना जितना मारक है, उससे अधिक यह दूसरी तरह की मौत और परेशानी का कारक बन रहा है। कोई पैदल चलते दम तोड़...

बेमेल विवाह की भेंट चढ़ गया एक युवा IPS सुरेंद्र कुमार दास

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कानपुर। पांच दिन पहले कानपुर के एसपी सुरेंद्र कुमार दास ने आत्महत्या के लिए सल्फास की गोलियां खा ली थीं। चार दिनों तक जीवन-मौत...

मीडिया में बेरोजगारी का तेजी से बढ़ रहा है संकट

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उमेश चतुर्वेदी दिल्ली की हिंदी पत्रकारिता में एक जबर्दस्त चलन है। जिन्हें रोजगार की तलाश होती है, वे रोजगार दे सकने वाले लोगों...