BIHAR : उच्चतर शिक्षा के लिए अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृति योजना

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बिहार के लोग, जो बाहर फंसे हुए हैं, उनसे फीडबैक लेकर उनकी परेशानियों दूर करें। जो घर आ गये हैं, उनकी पहचान कर टेस्ट करायें और जरूरी मदद करें। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थितियों की समीक्षा के दौरान ये निर्देश दिये।
नीतीश कुमार

पटना।  भारत के किसी कोने में भी बिहार की मेधा अपनी पहचान बनाए हुए है। देश के बाहर विदेशों में भी कई बिहारी अपनी गौरवगाथा लिख रहे हैं। इसकी मूल वजह यहां के छात्र मेहनती हैं, ओजस्वी हैं, जिनकी क्षमता को सही दिशा देने के लिए राज्य सरकार अपनी जिम्मेवारियों का निर्वहन करते हुए उनके लिए कई योजनाओं का बेहतर संचालन कर रही है। सरकार ने राज्य के छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं चलायी हैं, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी उच्चतर शिक्षा को भी प्राप्त कर सकें। बालिकाओं की शुरुआती पढ़ाई से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए सरकार पोशाक, पुस्तक, सायकिल, मेधावृति, फीस की माफी सहित अन्य कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। अत्यंत पिछड़े वर्ग, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के छात्रों को सरकार शिक्षित कर समाज की अगली पंक्ति में लाने के लिए प्रयासरत है।

बिहार सरकार ने “मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति योजना का शुभारम्भ कर एक कारगर कदम उठाया है। इस योजना के अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार दसवीं कक्षा के अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावी विद्यार्थियों को 10,000 रुपये छात्रवृत्ति के तौर देती है। मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना का उद्देश्य अंतर्गत मेघावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करना है। जो बच्चे गरीबी के कारण बच्चों को पढाई छोड़नी पड़ती है और बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाता है। इसलिए बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना को शुरू किया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को bcebcwelfare.bih.nic.in पर ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भरकर छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत दी जाने वाली छात्रवृति राशि जिलों के माध्यम से मेधावी छात्रों तक पहुंच जाती है। वर्ष 2017 में  दसवीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण करने वाले अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र/ छात्राओं को छात्रवृति की राशि उपलब्ध करायी गई है। सभी जिला कल्याण पदाधिकारियों को बैंक के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से छात्रवृति भुगतान कराया जाता है। जो राशि खर्च नहीं होगी, उसे विभाग को वापस करना होता है।

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इस योजना के लिए निर्धारित योग्यताः आवेदक इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस वेबसाइट bcebcwelfare.bih.nic.in में जा सकता है। लाभार्थी बिहार का रहने वाला हो। आवेदक के पास बैंक अकाउंट होना अनिबार्य है। आवेदक ने मैट्रिक की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की हो। इस योजना के तहत पात्र 10वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी में पास विद्यार्थी है। इस योजना का लाभ लेने के लिए पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म बरना होगा।

मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के लिए दस्तावेज

  • आवेदक का जाति प्रमाण-पत्र
  • आवेदक प्रवेश पत्र
  • विद्यार्थियों अंक पत्र
  • आवासीय प्रमाण-पत्र
  • आधार कार्ड संख्या
  • बैंक खाता

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से उपलब्ध करायी गयी सूची के आधार पर आवश्यक कागजात की जांच की जाती है। उसके बाद छात्रवृत्ति के भुगतान के बाद समय पर महालेखाकार को उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाता तथा उसकी एक प्रति विभाग को देने का प्रावधान है। इस प्रकार इस सुविधा को मुहैया कराने के लिए सरकार पूरी तरह से मुस्तैद है।

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इस योजना का लाभ बिहार के मेधावी छात्रों को मिल रहा है। इस मेधावृति योजना से प्रेरित होकर बच्चे हर वर्ष अधिक से अधिक प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने के लिए कठिन से कठिन परिश्रम करने लगे हैं। आर्थिक रुप से यह योजना इस वर्ग के लोगों को लाभान्वित तो करती ही है साथ ही उनमें आत्मविश्वास की भी वृद्धि कर रही है। मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थियों के लिए आगे की पढ़ाई के लिए एक नया अध्याय की शुरुआत होती है, जिसमें वह मेडिकल, इंजीनियरिंग, स्नातक (प्रतिष्ठा), मैनेजमेंट आदि के लिए अपने कदम को आगे बढ़ाते हैं। बिहार के बाहर भी ये बच्चे आत्मविश्वास को लेकर निकलते हैं। उसमें यह मेधावृति योजना आगे के उनके सफर को और सुगम बनाता है।

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