सभी एक दूसरे के धर्मों का आदर करेंः नीतीश

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पटना। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 1, अणे मार्ग स्थित ‘नेक संवाद‘ में पवित्र रमजान के अवसर पर रोजेदारों को दावत-ए-इफ्तार पर सोमवार को आमंत्रित किया, जिसमें बड़ी संख्या में शुभचिन्तक, रोजेदार एवं गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। इस अवसर पर इफ्तार के पूर्व हजरत सैयद शाह शमीम मोनमी ने रमजान एवं रोजे की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला और सामूहिक दुआ (प्रार्थना) की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने दुआओं में शामिल होकर राज्य की तरक्की, प्रगति एवं आपसी भाईचारा एवं मोहब्बत के लिये खुदा-ए-ताला से दुआयें की।

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने बारी-बारी से तमाम आये अतिथियों एवं रोजेदारों का स्वागत किया।

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इस अवसर पर अध्यक्ष बिहार विधानसभा श्री विजय कुमार चैधरी, उप सभापति बिहार विधान परिषद श्री हारून रसीद, उप मुख्यमंत्री श्री सुषील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री श्री नंदकिषोर यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पाण्डेय सहित राज्य मंत्रिमण्डल के मंत्रीगण, सांसद श्री वषिष्ठ नारायण सिंह, विधायकगण, विधान पार्षदगण, अनेक गणमान्य व्यक्ति, राज्य के वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारीगण, बड़ी संख्या में रोजेदार उपस्थित थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के क्रम में कहा कि रमजान के पवित्र महीने के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिये हर वर्ष सरकार की तरफ से इफ्तार का आयोजन होता है, उसी परंपरा के अनुरूप आज के दिन राज्य सरकार की तरफ से इफ्तार का आयोजन किया गया है। मैं सभी लोगों को अपनी शुभकामनायें देता हूॅ और हमारी यही दुआ है कि समाज

में शांति, सद्भाव और प्रेम का माहौल रहे। सब लोग एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव रखें। किसी भी धर्म के मानने वाले हों, सभी धर्मों के प्रति आदर और सम्मान का भाव रखना चाहिये। हमलोगों के यहाॅ एक बहुत अच्छी परंपरा है, रमजान के इस पवित्र महीने में हम यही उम्मीद करते हैं कि सबलोगों की दुआयें कबूल हो और प्रदेष में काफी अच्छी प्रगति हो, बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति न हो। जिस तरह से माॅनसून के पहले का एक वातावरण है, आॅधी, तूफान, वर्षा और कई प्रकार की स्थितियों को देखते हुये कहीं माॅनसून की अवधि के संदर्भ में मन में संदेह होने लगता है कि वर्षा में विलम्ब न हो। हम तो यही दुआ करेंगे कि रमजान का यह असर हो कि सूखे की स्थति न हो, बाढ़ की स्थिति न हो और बहुत अच्छे तरीके से बरसात बीते। समाज में भाईचारा, प्रेम, सद्भाव का माहौल रहे, यही सबलोगों की दुआ है।

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