सफलता जिनके हर कदम चूमती रही, वे हैं डॉ. सुशांत कुमार

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मुजफ्फरपुर। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 56-59वीं प्रतियोगिता परीक्षा में मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड अंतर्गत गौड़ा कोठी ग्राम के श्री प्रयाग राय के पुत्र डॉ. सुशांत कुमार (मोहन कुमार) का चयन 259वीं रैंक के साथ सहायक योजना पदाधिकारी/सहायक निदेशक-योजना जैसे प्रतिष्ठित पद के लिए हुआ है। डॉ. सुशांत विगत पांच वर्षों से पंजाब नैशननल बैंक में प्रबंधक-राजभाषा के रूप में प्रधान कार्यालय, दिल्ली एवं अंचल कार्यालय, पटना में पदस्थापित रहे हैं। सुशांत की खूबी यह रही कि उन्होंने जिस क्षेत्र में कदम रखा, सफलता उनके चरण चूमती रही। चाहे अकादमिक पढ़ाई का मामला हो या बैंक की नौकरी का, हर जगह उन्हें कामयाबी मिलती रही है। इस बार भी उन्होंने कामयाबी का परचम लहराया है।

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बनारस हिन्दू विश्वविधालय से भूगोल विषय में स्नातक, बिहार विश्विद्यालय, मुजफ्फरपुर से हिंदी विषय में परास्नातक तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से नेट-जेआरएफ के पश्चात उन्होंने हिंदी विषय में डॉ. कल्याण कुमार झा, वरिष्ठ संकाय, हिंदी विभाग, बिहार विश्वविधालय के निदेशन में ‘पीएचडी’ की उपाधि प्राप्त किया है। बैंक में नियुक्ति से पूर्व डॉ. सुशांत ने यूपीएससी की आईएएस परीक्षा में दो बार, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में  दो बार एवं बिहार लोक सेवा आयोग में भी दो बार साक्षात्कार तक पहुंच चुके हैं। सभी परिक्षाओं में उनका वैकल्पिक विषय भूगोल एवं हिंदी साहित्य रहा है।

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विपरीत आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद दृढ़ इच्छा शक्ति, परिवारजनों, गुरुजनों, मित्रों, सहकर्मियों के अतिरिक्त किसी भी परिस्थिति में धैर्य बनाकर रखने की अपनी क्षमता को सुशांत इस सफलता का मूल मंत्र मानते हैं। इस परिणाम को सुशांत अपने दिवंगत छोटे भाई मनीष को समर्पित करना चाहते हैं।

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