योजनाओं की हकीकत जानने एक ही दिन 5200 अफसर फील्ड में उतरे

0
115
नीतीश कुमार पर उनकी ही सरकार के साझीदार दल बीजेपी का दबाव बढ़ने लगा है कि वे कोटा में फंसे बिह7ार के बच्चों को लाने की पहल करें।
नीतीश कुमार पर उनकी ही सरकार के साझीदार दल बीजेपी का दबाव बढ़ने लगा है कि वे कोटा में फंसे बिह7ार के बच्चों को लाने की पहल करें।

पटना। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के निर्देश के आलोक में मुख्य सचिव के आदेश पर 9 अगस्त को विभिन्न विभागों- समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, ग्रामीण विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के 5200 क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने 36,397 स्थलों पर जाकर विभिन्न योजनाओं का औचक निरीक्षण किया। संबंधित विभाग के क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने निरीक्षण के क्रम में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की एवं इनकी जमीनी हकीकत से भी रू-ब-रू हुए। इस संबंध में क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने अपना प्रतिवेदन समर्पित किया।

ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक दिन के अभियान के तहत मुख्य सचिव ने क्षेत्रीय स्तर पर चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन का पर्यवेक्षण तथा उसकी समीक्षा के लिये क्षेत्रीय पदाधिकारियों को स्थल पर जाकर वास्तविक स्थिति जानने को कहा था। सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को एक दिन पूर्व ही रात्रि आठ बजे स्थल के बारे में जानकारी दी गयी।

- Advertisement -

इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग के 366 क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने 728 आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के 712 क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने 977 जन वितरण प्रणाली की दुकानों का औचक निरीक्षण किया, जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के 37 क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने 37 छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया एवं वहां की वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की। ग्रामीण विकास विभाग के 3818 पदाधिकारियों ने 34,180 प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया, जबकि शिक्षा विभाग के 407 क्षेत्रीय पदाधिकारी 407 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में वस्तुस्थिति से अवगत हुए।

यह भी पढ़ेंः बिहार में से सरकारी पहल बदल रही आधी आबादी और युवाओं की तस्वीर

स्वास्थ्य विभाग के 67 पदाधिकारियों ने 67 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जमीनी हकीकत की जानकारी ली। इस विशेष अभियान का एक खास उद्देश्य यह था कि सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का लाभ लक्षित समूहों को मिल रहा है या नहीं तथा योजना से संबंधित संस्थाओं का कार्यकलाप क्या है, इसका पता चल सके। इस संबंध में क्षेत्रीय पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया था कि इन योजनाओं की समीक्षा के साथ ही लाभार्थी तथा स्थानीय लोगों से भी वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की जाये। इस औचक निरीक्षण से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर योजनाओं की वास्तविक क्रियान्वयन की जानकारी मिल सकेगी और पाई गई त्रुटियों को दूर कर योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके साथ ही योजनाओं का लाभ लक्षित समूहों तक बेहतर रूप से पहुंच सकेगा।

यह भी पढ़ेंः एससी/एसटी छात्रों पर मेहरबान बिहार की नीतीश सरकार

पूर्व में मुख्य सचिव ने निर्देश दिया था कि सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू करने, इनके सतत् अनुश्रवण एवं राज्य में न्याय के साथ विकास एवं प्रशासन को और अधिक संवेदनशील बनाने के उद्देष्य से राज्य मुख्यालय स्तर से प्रत्येक सोमवार, मंगलवार एवं शुक्रवार के कार्य दिवसों को छोड़कर सप्ताह के शेष दिनों में विभागीय प्रधान सचिव/सचिव एवं अन्य संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी क्षेत्र भ्रमण पर रहते हुए जिला स्तर पर विभागीय कार्यों के निरीक्षण एवं समीक्षा करेंगे।

यह भी पढ़ेंः एससी-एसटी छात्रों को बिहार में मिल रहीं कई सहूलियतें

 

 

- Advertisement -