नार्थ ईस्ट चुनावः जीत-हार के अलग-अलग अंदाज

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त्रिपुरा में वर्षों बाद वाम दल सत्ता से बेदखल हुए। वामपंथी सरकार ने सूबे में विकास की इबारत लिखी। इसके मुखिया मानिक सरकार ने ईमानदारी-सादगी की मिसाल कायम की। फिर भी वाम का काम तमाम हो गया।
राजनीति का यह रहस्य जानना-समझना किसी के लिए अब आसान नहीं है। विश्लेषण के बैरोमीटर अब जीत-हार का सही अनुपात-आकलन नहीं कर पा रहे। जनता का मिजाज भांपना असंभव लग रहा।
बहरहाल, पूर्वोत्तर के राज्यों में अब भगवा भाजपा काबिज हो चुकी है। उसे त्रिपुरा में मानिक से बड़ी विकास की लकीर खींचनी होगी।
(पढ़ें तीन विश्लेषण- sarthaksamay.com)
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