चार साल बाद बना खास संयोग, बहनें मनाएंगी रक्षा बंधन 26 अगस्त को  

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नयी दिल्ली। हिन्दू पंचांग के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार 26 अगस्त को रविवार के दिन धनिष्ठा नक्षत्र में मनाया जायेगाI इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया सूर्योदय के पूर्व ही खत्म हो जायेगाI

राष्ट्रीय स्तर के पंडित एवं कर्मकांड विशेषज्ञ पं० राकेश झा शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर पूरे दिन राखी बांधने का शुभ समय है। साथ ही चार साल बाद इस दिन भद्रा का साया भी नहीं रहेगाI भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व है रक्षा बंधनI इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र होने तथा पूर्व में सिंह राशि के सूर्य में आने से इसकी महत्ता और बढ़ गई हैI

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पंडित राकेश झा ने कहा कि सावन की पूर्णिमा 25 अगस्त दिन शनिवार की संध्या 2:25 बजे से ही शुरू हो जायेगी, जो 26 अगस्त दिन रविवार को संध्या 4:16 बजे तक रहेगीI इससे बहनें पूरे दिन भाई को राखी बांध सकेंगीI उदया तिथि की पूर्णिमा 26 अगस्त को होगी, इसीलिए रक्षाबंधन का त्योहार भी इसी दिन मनाया जायेगाI

रविवार होने के कारण वैसे भी अवकाश रहेगा। बहनों के लिए रक्षा बंधन के लिए पूरे दिन का वक्त मिलेगा। भद्रा का साया न रहना भाइयों के सौभाग्य का सूचक है। बहनें भाइयों की सलामती की कामना करेंगी।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्तः प्रात: 7:43 बजे से 12:28 बजे तक। दोपहर 2:03 बजे से संध्या 4:16 बजे तक।

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:26 बजे से 12:17 बजे तक

राशि के अनुसार बांधें राखी:

मेष – लाल, केसरिया या पीला रंग की राखी

वृष  नीले रंग या चांदी की राखी

मिथुन हरे रंग की राखी

कर्क सफेद धागे या मोती से निर्मित राखी

सिंह- गुलाबी, लाल या केसरिया रंग की राखी

कन्या – सफेद या हरे रंग की राखी

तुला  फिरोजी या जमुनी रंग की राखी

वृश्चिक- लाल रंग की राखी

धनु- पीले रंग की राखी

मकर– गहरे लाल रंग की राखी

कुम्भ– रुद्राक्ष से निर्मित राखी

मीन– पीला या सफेद रंग की राखी

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