तेजस्वी नहीं खाली करेंगे बंगला, हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की

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तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव

पटना। बिहार विधान सभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव अपना सरकारी बंगला खाली नहीं करेंगे। पटना हाईकोर्ट ने उन्हें 5 देशरत्न मार्ग स्थित बंगला खाली करने का आदेश दिया था। तेजस्वी यादव ने हाईकोर्ट के सिंगल बेंच के आदेश को डबल बेंच में सुनवाई के लिए याचिका दाखिल की है। वहीं राजद ने इस मामले में कोर्ट से स्वतःसंज्ञान लेने की मांग की है। अदालत में अवकाश होने के  कारण सुनवाई 25 अक्टूबर के  बाद ही संभव है।

मालूम हो कि बिहार के  उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बीच बंगला वार छिड़ा हुआ है। महागठबंधन की सरकार जाने और एनडीए की सरकार बनने के बाद से ही 5 देशरत्न मार्ग स्थित बंगले पर सुशील मोदी अपना दावा ठोक रहे हैं। उनका कहना है कि तेजस्वी को सरकार ने यह बंगला उपमुख्यमंत्री की हैसियत से दिया था और जब वे इस पद पर नहीं हैं तो इस पता से हट जाना चाहिए।

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वहीं तेजस्वी यादव का इस पूरे प्रकरण पर मानना है कि 5 देशरत्न मार्ग का बंगला उपमुख्यमंत्री के लिए चिन्हित नहीं है। मोदी पहले भी उपमुख्यमंत्री थे तो दूसरे पते पर रहते थे। उनका पता एक पोलो रोड था, जहां आज भी वे रह रहे हैं। हालांकि एनडीए की सरकार बनने के बाद मोदी को उपमुख्यमंत्री की हैसियत से 5 देशरत्न मार्ग का बंगला आवंटित किया गया है। तेजस्वी यादव को नेता विपक्ष की हैसियत से 1 पोलो रोड का पता आवंटित किया गया। पता आंवटन के बाद भी तेजस्वी ने एक पोलो रोड के पते पर जाने से इंकार कर दिया और अपने पुराने पते पर ही रहे हैं।

सरकार ने बंगला खाली करने के लिए उन्हें नोटिस भी भेजा था। सरकार के नोटिस पर बंगला खाली करने की बजाय तेजस्वी ने कोर्ट से गुहार लगाई कि उन्हें पुराने पते पर ही रहने दिया जाए। इस पर पटना हाईकोर्ट के ज्योति शरण की एकल खंडपीठ ने 6 अक्टूबर को अपने फैसले में तेजस्वी को बंगला खाली करने को कहा था। तेजस्वी ने एकल खंडपीठ के बंगला खाली करने के आदेश को डबल बेंच में सुनवाई के लिए अर्जी डाली है।

इस मामले पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि हमने डबल बेंच में अपील की है। माननीय उच्च न्यायालय का जो भी निर्देश होगा, हम उसका पालन करेंगे। वीरेंद्र ने इस मामले पर कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील करते हुए यह भी कहा कि तेजस्वी के साथ अन्याय हो रहा है। मुख्यमंत्री के बाद नेता विपक्ष का पद होता है। हमारे नेता को इसी आधार पर बंगला आंटित है। ऐसे में बंगला खाली करना मुनासिब नहीं है।

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