महात्मा गांधी सेतु का एक लेन दिसम्बर तक हो जाएगा चालू

0
166
बिहार के पथ निर्माण मंत्री नन्द किशोर यादव
बिहार के पथ निर्माण मंत्री नन्द किशोर यादव
  • पीएम पैकेज की 75 योजनाओं का काम प्रगति पर : नन्द किशोर
  • एनएचएआई द्वारा राज्य में नेशनल हाइवे के कार्यों की हुई समीक्षा
  • केन्द्रीय मंत्री के साथ 13 को बैठक, शामिल होने दिल्ली गये मंत्री
  • 10 योजनाएं हुई पूरी और 41 योजनाओं का कार्यान्वयन प्रगति पर
  • 20 योजनाएं स्वीकृति व निविदा प्रक्रिया में, 4 का बन रहा डीपीआर

पटना। महात्मा गांधी सेतु का एक लेन दिसम्बर तक हो जाएगा चालू। पथ निर्माण मंत्री के मुताबिक पीएम पैकेज की 75 योजनाओं का काम प्रगति पर है। बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नन्द किशोर यादव ने कहा है कि राज्य में सड़कों के विकास के लिए घोषित प्रधानमंत्री पैकेज की 75 योजनाओं में 10 योजनाएं पूर्ण हो गयी हैं। 41 योजनाओं का कार्यान्वयन चल रहा है और 20 योजनाएं स्वीकृति व निविदा की प्रक्रिया में हैं। शेष 4 परियोजनाओं का डीपीआर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा तैयार किया जा रहा है।

श्री यादव ने ये बातें यहां भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा राज्य के नेशनल हाइवे परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा के दौरान बतायीं। समीक्षा बैठक में विभाग के प्रधान सचिव श्री अमृत लाल मीणा, विशेष सचिव देवेश सेहरा, अभियंता प्रमुख लक्ष्मी नारायण दास, सड़क परिवहन मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आर.पी. सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय पदधिकारी श्री ए.के. मिश्रा और नेशनल हाइवे उपभाग के मुख्य अभियंतागण उपस्थित थे।

- Advertisement -

यह भी पढ़ेंः युवराज क्रिकेट के मैदान से विदा हुए, मगर दिल से नहीं 

यह भी पढ़ेंः सरकार की नीतियों से वितीय प्रबंधन में नंबर एक बना बिहार

यह भी पढ़ेंः बिहार के 5 शहरों में वायु गुणवत्ता जांच केंद्र खोले जायेंगेः सुमो

समीक्षा के क्रम में यह निदेशित किया गया कि बिहार राज्य के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों में गुणवता हेतु निर्धारित मापदण्डों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए सभी पथों को अच्छी स्थिति में बनाये रखने हेतु ससमय संधारण कार्य कराये जायें। बैठक में पीएम पैकेज के अधीन एन.एच.ए.आई. एवं विभागीय एन.एच. उपभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई एवं सभी कार्यों को ससमय पूर्ण करने का निदेश दिया गया। एन.एच.-104 एवं एन.एच.-106 में विश्व बैंक सहायता से कराये जा रहे कार्यों में संवेदक के ट्रिब्यूनल में चले जाने के कारण कार्य की प्रगति प्रभावित हो गई है। संवेदक के साथ किये गये एकरारनामे पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा निर्णय लिये जाने की आवश्यकता है। इस बीच इन पथों के पूर्व निर्मित पथों का समुचित रखरखाव करते हुए हर हाल में सुगम यातायात योग्य बनाये रखने का निदेश दिया गया।

यह भी पढ़ेंः नीतीश कुमार ने कहा- JDU धारा 370 हटाये जाने के पक्ष में नहीं

बैठक में श्री यादव ने महात्मा गांधी सेतु के समानांतर 2926 करोड़ रुपये की लागत से बनाये जाने वाले नये 4 लेन पुल एवं एन.एच.-106 के मार्गरेखन पर कोसी नदी के उपर फुलौत में 1478 करोड़ की लागत से प्रस्तावित पुल के निर्माण हेतु आवश्यक भू-अर्जन कार्य शीध्र पूरा करने का निदेश दिया गया, ताकि मंत्रालय द्वारा निविदा आमंत्रित कर कार्य प्रारंभ कराया जा सके। इसी प्रकार भागलपुर में प्रस्तावित विक्रमशिला पुल के समानान्तर नये 4 लेन पुल के निर्माण हेतु भू-अर्जन कार्य को तेजी से पूर्ण कराने का निदेश दिया गया, ताकि पीएम पैकेज के अन्तर्गत 2000 करोड़ रुपये की कर्णांकित राशि से पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जा सके।

यह भी पढ़ेंः झारखंड के स्वर्णकार अब पिछड़े वर्गों की सूची में शुमार होंगे

श्री यादव ने कहा कि पटना-गया पथ की मरम्मत का काम इस समय अक्तूबर तक पूर्ण हो जायेगा। छपरा बाईपास 3 माह में पूर्ण होगा। सोन नदी पर कोईलवर पुल मार्च, 2020 तक चालू होगा। महात्मा गांधी सेतु का एक लेन दिसम्बर, 19 तक चालू होगा। एन.एच-103 (हाजीपुर-मुसरीघरारी), एन.एच-110 (बिहारशरीफ-जहानाबाद-अरवल), एन.एच-333 (बरियारपुर-जमुई-देवघर) एवं एन.एच-333ए (बरबीधा-शेखपुरा-सिकंदरा-जमुई-बांका-पंजवारा) का डीपीआर स्वीकृति हेतु विगत वित्तीय वर्ष में मंत्रालय को समर्पित किया गया था, परन्तु स्वीकृति नहीं प्राप्त होने के कारण इन पथों के कुछ पथांशों में स्थिति खराब हो गई है। इस हेतु इन पथों में भारत सरकार से मजबूतीकरण का प्राक्कलन स्वीकृत करने हेतु अनुरोध करने का निदेश दिया गया।

यह भी पढ़ेंः अब तक रहस्य बनी हैं पटना में कपड़ा व्यवसायी के घर 3 मौत

श्री यादव एन.एच. की परियोजनाओं पर विचार-विमर्श के लिए केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, मंत्री के साथ निर्धारित बैठक में भाग लेने आज नई दिल्ली रवाना हो गये, जिसमें विभागीय प्रधान सचिव एवं विशेष सचिव भी उनके साथ बैठक में उपस्थित रहेंगे।

यह भी पढ़ेंः Jharkhand के लोग बिजली संकट से परेशान हैं

 

- Advertisement -