NRC के बहाने नीतीश कुमार को घेरने में जुटी BJP

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पटना :NRC के बहाने नीतीश कुमार को घेरने में BJP जुट गयी है। क्यूं करें विचार, ठीके तो है नीतीश कुमार जैसा पोस्टर काफी पहले लगा कर जदयू ने लोकसभा का प्रयोग दोहराने की कोशिश की, लेकिन इस बार दांव उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। भाजपा ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के सवाल पर नीतीश कुमार को घेरने का प्रयास शुरू कर दिया है। नीतीश सरकार में भाजपा कोटे के मंत्री विनोद सिंह लगातार एनआरसी बिहार में भी लागू करने की मांग कर रहे हैं। भाजपा सांसद गिरिराज सिंह और भाजपा के एमएलसी संजय पासवान ने भी सोमवार को कहा कि बिहार में एनआरसी की जरूरत है। संजय पासवान ने तो यहां तक कह दिया कि नीतीश को अब बिहार की राजनीति छोड़ देनी चाहिए। उन्हें केंद्र की राजनीति करनी चाहिए।

अगले साल होना है चुनाव

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बिहार में विधानसभा का चुनाव अगले साल होने वाला है। चुनाव के निकट आते ही सियासी हलचल बढ़ने लगी है। भाजपा के एमएलसी संजय पासवान ने तो यहां तक कह दिया कि नीतीश कुमार को अब मुख्यमंत्री की कुरसी छोड़ देनी चाहिए। बिहार में सुशील कुमार मोदी और नित्यानंद राय जैसे बड़े चेहरे हैं, जो सीएम की कुर्सी संभाल सकते हैं। नीतीश जी को अब केंद्र की राजनीति में जाना चाहिए। पासवान ने इसके तर्क भी गिनाये हैं। उनका कहना है कि भाजपा जिन कोर इश्यू पर लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत की सरकार बनाने में कामयाब हुई, जेडीयू हमेशा उन मुद्दों का विरोध करता रहा है। वह चाहे तीन तलाक का मुद्दा हो या धारा 370 हटाने का, भाजपा को जदयू का कोप ही झेलना पड़ा है। इसी तरह जदयू एनआरसी के खिलाफ है, जबकि बिहार में भी इसकी सख्त जरूरत है।
हाल ही में एएनआई के हवाले से एक चौंकाने वाली खबर आयी थी। खबर के मुताबिक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि वे बंगाल में एनआरसी तो लागू नहीं होने देंगी, नीतीश जी भी बिहार में इसे लागू नहीं होने देंगे। ममता ने कहा कि उनकी नीतीश जी से बात हो चुकी है। वैसे भी जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को जीतने का गुर सिखा रहे हैं। वहीं बंगाल में ममता को परास्त करने के लिए भाजपा पूरा जोर लगाये हुए है।


लोकसभा चुनाव से काफी पहले जदयू नेताओं ने बिहार में नीतीश को बड़ा भाई मानने की भूमिका बनानी शुरू कर दी थी। अंततः बारगेनिंग में नीतीश कामयाब हो गये। 2014 के लोकसभा चुनाव में महज 2 सीट जीतने वाले जदयू को इसी बारगेनिंग के कारण अपनी जीती 5 सीटें गंवा कर भाजपा को मजबूरी में अपने बराबर 17 सीटें देनी पड़ी थी। लेकिन इस बार भाजपा हमलावर मूड में है और उनके नेताओं ने नीतीश के खिलाफ हल्ला बोलना शुरू कर दिया है।

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