बिहार के विधायक राजवल्लभ यादव को उम्रकैद, विधायकी भी गई

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नाबालिग से दुष्कर्म में सहयोगी होने के कारण दो महिलाओं को भी उम्रकैद की सजा

पटना। नवादा में नाबालिग से दुष्कर्म मामले के आरोपी राष्ट्रीय जनता दल के निलंबित विधायक राजवल्लभ यादव को कोर्ट ने दोषी करार देने के बाद आजीवन कारावास की सजा दी है। राजवल्लभ यादव को भारतीय दंड विधान और लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो ऐक्ट) के तहत सजा दी गई है। इसके साथ ही राजवल्लभ यादव की विधायकी भी समाप्त हो गयी है। राजवल्लभ के अलावा सुलेखा देवी, राधा देवी नामक महिला को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है।

सांसदों एवं विधायकों के मुकदमों की सुनवाई के लिए पटना में गठित विशेष अदालत के विशेष न्यायाधीश परशुराम सिंह यादव ने राजवल्लभ को दुष्कर्म के मामले सजा मुर्कर की। राजवल्लभ यादव पर 60 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। इसके अलावा कोर्ट ने पांच अन्य दोषियों को भी सजा दी है।

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स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में राजवल्लभ के अलावा सुलेखा देवी, राधा देवी नामक महिला को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन दोनों को पाक्सो एक्ट और अनैतिक देह व्यापार विशेष अधिनियम के तहत सजा सुनाई गई है। इन दोनों पर भी 60 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। वहीं तीन अन्य दोषियों छोटी देवी, संदीप सुमन उर्फ पुष्पांजय व टूसी देवी को दस साल की सजा सुनाई गई है। इन तीनों पर चालीस-चालीस हजार का आर्थिक दंड लगाया गया है।

मालूम हो कि नाबालिग से दुष्कर्म मामले में करीब ढाई साल तक चले सुनवाई में करीब चार महीने तक गवाही चली। पहले इस मामले की सुनवाई बिहारशरीफ कोर्ट में की जा रही थी। बिहारशरीफ कोर्ट में गवाही 15 सितंबर 2016 को शुरू हुई और बहस भी पूरी हो गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश और एमपी-एमएलए कोर्ट के गठन के बाद सारे रिकॉर्ड ट्रायल के लिए पटना में विशेष अदालत को भेज दिए गए थे। उसके बाद पटना में गठित विषेष अदालत ने मामले पर सुनवाई शुरू की। दोषी के सवाल पर करीब चार महीने तक बहस चली। इस दौरान अभियोजन की ओर से 22 और बचाव पक्ष की ओर से 15 गवाहों ने गवाही दी थी। गवाही के बाद 15 दिसंबर को पटना व्यवहार न्यायालय परिसर में स्थित विधायकों एंव सासंदों के गठित

विशेष कोर्ट में विशेष न्यायाधीश परशुराम यादव ने पीड़िता पक्ष और आरोपियों के वकीलों की दलील सुनने के बाद इस मामले में सभी को दोषी करार दिया था।

राजवल्लभ यादव को आईपीसी की धारा 376 एवं पॉक्सो की धारा 4 व 8 के तहत दोषी करार दिया गया है। आईपीसी की धारा 109, 120बी एवं 376 के तहत तथा इम्मोरल ट्रेफिक एक्ट के तहत धारा 4 एवं 5 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 8 के तहत सुलेखा देवी एवं राधा देवी को सजा दी गई है। इन दोनों को अनैतिक देह व्यापार में लिप्त होने की वजह से सजा दी गई। कोर्ट ने संदीप सुमन उर्फ पुष्पांजय, छोटी देवी व टूसी देवी को आपराधिक षड्यंत्र रचने के मामले में दोषी पाया। इन तीनों को आईपीसी की  धारा 366 ए के तहत तथा अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धारा 4 एवं 5  के तहत दोषी करार दिया गया।

अभियोजन पक्ष की ओर से पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता सह विषेष लोक अभियोजक सोमेष्वर दयाल ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से पटना हाई कोर्ट के ही वरीय अधिवक्ता मीर अहमद मीर व अजय ठाकुर के अलावा पटना व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता सुनील कुमार ने पैरवी की थी।

मालूम हो कि अभी सभी छह अभियुक्त जेल में बंद हैं, जबकि घटना फरवरी 2016 की है। बिहारशरीफ की एक नाबालिग लड़की को नवादा ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। दुष्कर्म की घटना विधायक राजवल्लव यादव के चार मंजिला मकान पर हुई थी। नाबालिग लड़की बिहारशरीफ के गढ़पर मोहल्ले में किराये के मकान में अपनी बहन के साथ रहकर पढ़ाई करती थी। उसे पड़ोस में रहने वाली सुलेखा देवी बर्थ डे पार्टी में चलने का झांसा देकर विधायक तक पहुंचा दिया था। घटना की सुबह महिला ने छात्रा को बिहारशरीफ छोड़ दिया और उसे मुंह बंद रखने की धमकी दी गई थी। इसके बाद बिहारशरीफ महिला थाने में दुष्कर्म की प्राथमिकी 9 फरवरी 2016 को दर्ज हुई थी।

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लड़की ने दष्कर्म का आरोप विधायक राजवल्लभ यादव पर लगाया। उसके बाद पुलिस ने विधायक तथा अन्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया। नाबालिग छात्रा से रेप के मामले में नवादा के विधायक राजबल्लभ यादव को उनकी पार्टी राजद ने जून 2016 को पार्टी से निलंबित कर दिया था।

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