बम ब्लास्ट की घटनाएं बताती हैं कि आतंकियों का सेफ सेंटर है बिहार

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बम ब्लास्ट की बिहार में हाल के दिनों में हुई घटनाओं को देखते हुए यह कहना अनुचित नहीं कि बिहार आतंकियों का सेफ सेंटर बनता जा रहा है।
बम ब्लास्ट की बिहार में हाल के दिनों में हुई घटनाओं को देखते हुए यह कहना अनुचित नहीं कि बिहार आतंकियों का सेफ सेंटर बनता जा रहा है।

पटना। बम ब्लास्ट की बिहार में हाल के दिनों में हुई घटनाओं को देखते हुए यह कहना अनुचित नहीं कि बिहार आतंकियों का सेफ सेंटर बनता जा रहा है। सियासी बातों को छोड़ दें तो यह बात पक्की है कि बिहार आतंकियों का सेफ सेंटर बनता जा रहा है। बंगाल, बांग्लादेश और नेपाल के रास्ते आकर आंतकी गतिविधियों को अंजाम देकर आसानी फरार हो जाते हैं। पिछले महीनों में हुई घटनाओं को देखने के बाद बिहार में आतंकियों के नेटवर्क होने की बात पुख्ता हो जाती है। एक महीने के अंदर ही बिहार के बांका, अररिया, सीवान और दरभंगा में बम विस्फोट की घटनाएं हुई हैं। इनमें तीन घटनाएं तो मदरसों में ही हुईं।

बांका, अररिया, सीवान और दरभंगा में विस्फोट

सीवान के हुसैनगंज थाना इलाके के जुड़वन गांव में 20 जून 2021 को मस्जिद के पिछले हिस्मे में बम ब्लास्ट की घटना हुई। इसमें पिता-पुत्र विनोद मांझी और तीन वर्षीय बच्चे सत्यम कुमार गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सगीर साईं को गिरफ्तार किया। इस घटना के पीछे भी आंतकी कनेक्शन माना जा रहा है। मामले की जांच एनआईए भी कर रही है। 8 जून 2021 को बांका जिले की रैनिया जोगडीहा पंचायत के चांदन नदी से सटे नवटोलिया स्थित नूरी मस्जिद इस्लामपुर के पास बम ब्लास्ट हुआ। इसमें मौलाना मुहम्मद अब्दुल सत्तार मोमिन, मदरसे के मौलवी मुहम्मद मोमिद सहित चार लोग जख्मी हो गए। इनमें बाद में मौलाना मुहम्मद अब्दुल सत्तार मोमिन की मौत हो गई।  मौलवी झारखंड राज्य के गोड्डा का निवासी बताया जा रहा है। बांका बम ब्लास्ट की जांच एटीएस कर रही है।

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11 जून को अररिया के बैरगाछी में बम ब्लास्ट हुआ। इसमें एक व्यक्ति की हथेली छलनी होकर उड़ गयी। मामला बैरगाछी ओपी क्षेत्र के रामपुर मोहनपुर पूर्वी पंचायत के वार्ड संख्या 9 भुनेश्वरी रामपुर गांव का है। घटना के बाद मौके पर बैरगाछी थाना की पुलिस पहुंची और घायल युवक को इलाज के लिए अररिया सदर अस्पताल भिजवाया। मौके से पुलिस ने दो जिंदा बम भी बरामद किए।

5 जून 2020 को दरभंगा जिले के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के आजमनगर मोहल्ला स्थित मो. नजीर नदाफ के घर शुक्रवार दोपहर सवा दो बजे बम ब्लास्ट की घटना हुई। इससे इलाका दहल उठा। करीब तीन किमी के दायरे में धमाके की आवाज सुनी गई। घटना के बाद अफरातफरी मच गई। लोग घरों से बाहर निकलकर भागने लगे। घटना में नजीर के तीन बच्चे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उसका मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। आसपास के कई घरों को भी नुकसान पहुंचा। लोगों की मदद से नजीर के तीनों बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया और डीएमसीएच भेजा गया। मामले की जांच एटीएस कर रही है। जिसे एएनआईए को सौंपने की तैयारी है। इसके बाद पार्सल विस्फोट का मामला सामने आया।

सेफ जोन माना जाता है मिथिलांचल और सीमांचल

बिहार का मिथिलांचल और सीमांचल नेपाल बॉर्डर से सटा हुआ है। यह इलाका आतंकियों के छिपने के लिए सेफ जोन माना जाता है। बॉर्डर इलाका होने की वजह से आतंकियों को नेपाल या बंगाल भागने में आसानी होती है। फरवरी 2021 में सारण जिले के जावेद का जम्मू के आतंकियों से कनेक्शन सामने आया था। बिहार के सीमांचल का किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और मिथिलांचल का मधुबनी और दरभंगा जिला आतंकियों के लिए पनाहगाह के रूप में देखा जा जाता है। 2014 से पहले देश में कई जगह हुए बम ब्लास्ट मामले में जितने आतंकी पकड़े गए थे, उनमें से कफील अहमद, वसी अहमद, शेख मोहम्मद, आदिल गयूर, अहमद जमाली और आफताब आलम जैसे कई आंतकी इसी जिले के रहने वाले थे। इसके साथ ही इंडियन मुजाहिदीन के यासीन भटकल और अब्दुल असगर के अलावा आतंकी मदनी और शरजील इमाम की गिरफ्तारी बिहार से ही हुई थी। इसके साथ ही अवैध हथियारों का भी कनेक्शन बिहार से रहा है। मुंगेर में तो अवैध हथियार बनाने के कारखाने ही भरे पड़े हैं।

मुंगेर से बरामद हुई थीं 20 एके-47 राइफलें

2018 में मुंगेर से 20 एके-47 राइफलें बरामद की गयी थी। तब यह बात सामने आई थी कि मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थिति ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से गायब हुए 50 एके-47 में से ही 20 एके-47 मुंगेर में मिले थे। इसे आतंकियों और नक्सलियों से भी जोड़कर देखने की बात सामने आई थी। सारण जिले के रिटायर शिक्षक महफूज अंसारी के 25 वर्षीय बेटे जावेद को उसके पैतृक घर से गिरफ्तार किया गया था। उस पर आरोप था कि उसने सात पिस्टल कश्मीर के आतंकियों तक पहुंचाये।

बिहार से कब-कब पकड़े गए आतंकी

2000: आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सदस्य मकबूल और जहीर को सीतामढ़ी में गिरफ्तार किया गया था।

20 जुलाई 2016: मुंबई एटीएस ने मधुबनी के बासोपट्टी बाजार से मोहम्मद कमाल को मुंबई लोकल ट्रेन धमाका केस में संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

2 जनवरी 2008: उत्तर प्रदेश के रामपुर के सीआरपीएफ कैंप में हुए विस्फोट मामले में मधुबनी के गंधवानी गांव से शबाऊद्दीन को गिरफ्तार किया गया था।

26 नवंबर 2011: दिल्ली पुलिस ने मधुबनी के सिंघानिया चौक और सकरी के दरबार टोला से अफजल और गुल अहमद जमाली को पकड़ा था।

19 नवंबर 2011: दरभंगा के केवटी के बाढ़ समोला के कतील सिद्दीकी उर्फ साजन को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था

6 जनवरी 2012: दरभंगा के केवटी थाना के समोला गांव से कर्नाटक पुलिस ने संदिग्ध आतंकी मोहम्मद कफील अख्तर को गिरफ्तार किया था। बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम विस्फोट केस में उसकी संलिप्तता सामने आयी थी।

21 फरवरी 2020: एटीएस ने शिव धारा से साइकिल मिस्त्री कफील अहमद को आईएमए का मेंटर बताकर गिरफ्तार किया था।

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