BJP का दावा- पाकिस्तान के दलित-पिछड़ों के लिए वरदान है CAA

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राजीव रंजन, बिहार प्रदेश भाजपा प्रवक्ता
राजीव रंजन, बिहार प्रदेश भाजपा प्रवक्ता

पटना। BJP का दावा है कि पाकिस्तान के दलित-पिछड़ों के लिए वरदान है CAA। भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक राजीव रंजन का ऐसा कहना है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पड़ोसी मुल्कों के दलितों-पिछड़ों के लिए वरदान है। पाकिस्तान में रहने वाले हिन्दू समाज के लोगों में एक बड़ी संख्या दलितों और पिछड़ों की है, जिन्हें पाकिस्तानियों ने जबरदस्ती भारत नहीं आने दिया था। बाद में उनके साथ वहां जिस तरह के पाशविक अत्याचार किये गयें, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।

पाकिस्तान में भारत के पहले उच्चायुक्त श्रीप्रकाश जी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली से जब इन लोगों को भारत जाने देने की प्रार्थना की तो उन्हें जवाब दिया गया कि अगर इन्हें जाने दिया तो कराची की गलियां और शौचालय कौन साफ करेगा? इस एक वाक्य से ही लोगों को पाकिस्तान में रहने वाले दलितों-पिछड़ों की दयनीय हालत का पता चलता है।

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पाकिस्तान में दलितों की दुर्दशा का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री बनने वाले दलित नेता जोगेंद्रनाथ मंडल तक को भागकर भारत में शरण लेनी पड़ी थी। वहां इन दलित-पिछड़ों को सफाई के अलावा कोई अन्य रोजगार नहीं दिया जाता। महिलाएं बिंदी और मंगलसूत्र नहीं पहन सकतीं।

पाकिस्तान हिंदू कांउसिल के अनुसार धार्मिक उत्पीड़न के चलते 5000 हिंदू हर साल भारत पलायन कर रहे हैं, जिनमें अधिकतर दलित और पिछड़े हैं, किन्तु उनके लिए कोई ठोस कानून नहीं होने की वजह से यहाँ भी उन्हें खानाबदोशों की तरह जिंदगी गुजारनी पड़ती थी। नागरिकता संशोधन कानून के अमल में आने के बाद इतने दशकों के बाद अब उन्होंने पहली बार सुकून की साँस ली है। पहली बार उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का मौका मिला है।

श्री रंजन ने कहा कि पाकिस्तान के दलित-पिछड़ों को मिले इस वरदान ने खुद को दलितों का मसीहा कहने वाले राजद-कांग्रेस और वाम दलों जैसे मौकापरस्तों के मुंह से नकाब नोंच लिया है। इस कानून के खिलाफ झूठ फैला इन्होंने साबित कर दिया है कि इन्हें दलितों का वोट चाहिये, लेकिन दलितों को सम्मान मिले, यह उन्हें पसंद नहीं। इस कानून की राह में रोड़े अटकाने वाले दल यह जान लें कि उनके झूठ और दुष्प्रचार की पोल जनता के सामने खुल चुकी है, जिसका जवाब जनता उन्हें खुद देगी।

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