मायावती के खिलाफ कमेंट कर फंस गयी हैं विधायक साधना सिंह

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फाइल फोटो- बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती के खिलाफ भाजपा विधायक साधना सिंह की आपत्तिजनक टिप्पणी से सियासत में गर्माहट आ गई है। बसपा ने उनके खिलाफ एससी-एसटी थाने में तहरीर लिखा दी है। भाजपा विरोधी दलों ने साधना सिंह की तीखी आलोचना की है। राजद विधायक दल के नेता तेजस्वी यादव और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस के राज बब्बर ने अलग-अलग बयान जारी कर साधना सिंह पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

बसपा में दूसरे दर्जे के नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने इसे भाजपा की बौखलाहट बताया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने साधना सिंह के बयान पर संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। भाजपा के सहयोगी व केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी साधन सिंह के बयान को आपत्तिजनक बताया है। उधर, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्त्ताओं ने साधना सिंह के विरोध में जिलों में प्रदर्शन कर उनके पुतले फूंके हैं। अभी भाजपा की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

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उत्तर प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सपा-बसपा गठबंधन होने के बाद से बसपा सुप्रीमो मायावती लगातार भाजपा पर तीखा हमला कर रही हैं। वैसे भी सपा-बसपा गठबंधन ने प्रदेश में भाजपा विरोधी समीकरण को मजबूती दी है। इसी से खीझ कर भाजपा विधायक ने उन्हें न नर और ना ही नारी कह दिया था।

साधना सिंह की आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध करते हुए अखिलेश यादव ने ट्वीट कर इसे भाजपा का दिवालियापन बताया। उन्होंने इसे नारी जगत का अपमान भी  बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक ने जिस तरह अपशब्द बोला, वह घोर निंदनीय है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने साधना सिंह पर एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।

उधर कांग्रेस के  प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने भी साधना सिंह के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आरोपों का सार्वजनिक जीवन में कोई स्थान नहीं होता है। राष्ट्रीय लोकदल के मुख्य प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा कि चुनाव पूर्व सार्वजनिक स्थलों व भाषणों में मर्यादाहीन आचरण व बयानबाजी दुर्भाग्यपूर्ण है।

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वहीं, बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि महिला विधायक के कहे गए शब्द भाजपा के स्तर को प्रदर्शित करता है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर भाजपा की सोच को घृणित बताया। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन से भाजपा नेता मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्हें आगरा या बरेली के मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराने की सलाह भी उन्होंने दे डाली।

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भाजपा के सहयोगी व केंद्रीय मंत्री रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया (ए) के प्रमुख रामदास अठावले ने भी भाजपा विधायक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमर्यादित बयान से कोई सहमत नहीं हो सकता।  मायावती दलित समुदाय की प्रतिष्ठित नेत्री हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमारी पार्टी के किसी नेता ने अगर इस तरह का बयान दिया होता तो उस पर जरूर कार्रवाई करते। वहीं भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने इस बयान को अमर्यादित व घोर निंदनीय बताया।

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