झारखंड में 4 माह में और 4 हजार किमी ग्रामीण सड़कें बनेंगी

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झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास
झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास

रांची। झारखंड में 4 माह में और 4 हजार किमी ग्रामीण सड़कें बनेंगी। 558 पुल व सड़क बनाने पर 4000 करोड़ खर्च रुपये राज्य सरकार खर्च करेगी। राज्य गठन के बाद 14 साल में महज 22,248 किमी सड़क का निर्माण हो पाया था। वहीं 2014 के बाद महज साढ़े चार वर्ष में वर्त्तमान सरकार ने 22, 865 किमी सड़क का निर्माण कर ग्रामीण क्षेत्र में आवागमन को सुगम बना दिया है। यही नहीं, 14 साल में ग्रामीण क्षेत्र में मात्र 1,132 पुल का निर्माण संभव हो पाया था, लेकिन वर्त्तमान सरकार ने अपने साढ़े चार साल का कार्यकाल में गुणवत्तापूर्ण 558 पुल का निर्माण कर दिया।

इधर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मनरेगा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि गांव, गरीब एवं किसान के सर्वांगीण विकास में मनरेगा महत्वपूर्ण कड़ी है। पिछले साढे 4 वर्षों में मनरेगा के तहत काफी प्रशंसनीय कार्य हुए हैं। पूरे देश में झारखंड ससमय मजदूरी भुगतान की कार्रवाई में पहले स्थान पर रहा है। कृषि एवं कृषि आधारित कार्यों पर व्यय का प्रतिशत तथा व्यक्तिगत योजनाओं की संख्या प्रतिशत में भी झारखंड नंबर वन राज्य बना है।

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उन्होंने कहा कि बोरा बांध, डोभा, सिंचाई कूप इत्यादि के क्षेत्र में भी मनरेगा द्वारा अच्छे कार्य किए गए हैं। बिरसा मुंडा बागवानी योजना का पूरा फायदा राज्य के किसानों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया कि बिरसा मुंडा बागवानी योजना के तहत आम के साथ साथ पपीता, बरबटी, फलदार वृक्ष भी लगाए जाएं। मनरेगा द्वारा किसानों को पशु शेड उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही साथ उन्हें पशु खरीदने के लिए राज्य सरकार ऋण भी उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि गरीबों को स्वरोजगार से जोड़ा जाए। गरीब स्वरोजगार से जुड़ेंगे तभी राज समृद्ध और विकसित हो सकेगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में जल संचयन के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए अब पूरे राज्य में ट्रेंच सह बंड योजना मिशन मोड में चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य पठारी राज्य के रूप में जाना जाता है। इसीलिए यहां पर ट्रेंच सह बंड योजना जल संचयन के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। बैठक में राज्य मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने यह जानकारी दी कि ट्रेंच सह बंड योजना की सराहना केंद्र सरकार ने भी की है। जल संचयन के क्षेत्र में यह योजना काफी कारगर है। एक हेक्टेयर भूमि पर इस योजना के तहत एक करोड़ लीटर पानी का संचयन किया जा सकेगा।

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मुख्यमंत्री श्री दास ने बैठक में यह निर्देश दिया कि ट्रेंच सह बंड योजना को पूरे राज्य में जन आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्देश उन्होंने दिया। कार्यक्रम में सांसद, विधायक, मुखिया सहित पंचायती राज के जनप्रतिनिधि गाण बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

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बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि गांव में बन रहे सखी मंडल में बीपीएल परिवार की महिलाओं को शामिल करें। उन्हें मुर्गी पालन, स्कूल ड्रेस निर्माण आदि की प्रशिक्षण देकर जोड़ा जाएगा। महिलाओं को जोड़ने से उनकी आय बढ़ेगी। वे आर्थिक रूप से सबल होंगी और उनका परिवार गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी से बाहर आयेगा। यही वास्तविक विकास होगा। राज्य के 15 जिलों में इस पर विशेष फोकस करें। इसमें संथाल परगना, कोल्हान के जिलों के साथी खूंटी, गुमला, सिमडेगा को शामिल करें। हर जिले में मास्टर ट्रेनर के माध्यम से सखी मंडल की महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके बाद मुर्गी पालन या स्कूल ड्रेस सिलाई के कार्य से इन्हें जोड़ा जाएगा।

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