30 घंटे की मशक्कत के बाद बच गयी बोर वेल में फंसी मासूम

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मुंगेर। तकरीबन तीस घंटे की मशक्कत के बाद 30 घंटे की काफी मशक्कत के बाद एनडीआरएफ की टीम ने 3 वर्षीय बच्ची सन्नो को सकुशल बोरवेल से आखिरकार निकाल ही लिया। बच्ची को निकालने के तुरंत बाद उसे सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिंह ने जांच की। उन्होंने बताया कि बच्ची की हालत ठीक है और इसे सदर अस्पताल के icu में भर्ती किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ की टीम को बधाई दी है और बच्ची के सकुशल बाहर आने पर खुशी जाहिर की है।

एनडीआरएफ की टीम ने बच्ची को बोरवेल से निकालने के तुरंत बाद अम्बुलेस में बैठी उसकी मां की गोद में दिया। बच्ची को स्वस्थ हालत में देख उसकी माँ व पिता ने राहत की सांस ली। बच्ची को बोरवेल से निकालने से पहले सोननो की मां बार बार बोरवेल की ओर टकटकी लगा निहारती रहती थी। बच्ची को जब  बाहर निकाला गया  तो  लोगों ने जयकारा लगाना शुरू कर दिया। वहीं कुछ लोगों ने खुशी में पटाखे भी छोड़े।

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शहर के मुर्गीयाचक निवासी उमेश नंदन साह के घर में समरसेबल बोरिंग खोदने के दौरान मंगलवार को करीब 3 बजे शाम में समरसेबल बोरिंग के गड्ढे में 3 वर्षीय मासूम उनकी नतिनी सन्नो फिसल कर जा गिरी थी। उसे सकुशल  बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन 30 घंटे तक लगातार जारी रहा। मौके पर चिकित्सकों की टीम लगातार कैंप करती रही।

लगभग 42 फीट गड्ढे में फंसी मासूम सन्नो को पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन पहुंचाया जा रहा था। जिससे कि वह ठीक से सांस ले सके। सीसीटीवी से उसकी निगरानी की जा रही थी। बोरवेल के अंदर बच्ची के रोने की आवाज आने से उसके जिंदा होने के सबूत मिल रहे थे।

मौके पर पहुंची बच्ची को पढ़ाने वाली शिक्षिका ने बच्ची को आवाज देकर उसका कुशल क्षेम पूछा। बच्ची को चॉकलेट भी बोरवेल के अंदर दिया गया। मैनुअल गड्ढे खुदाई के कारण ऑपरेशन में देरी हो रही थी।

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