बिहार में वज्रपात से बुधवार को 10 लोगों की मौत हो गयी

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आंधी से तबाही का मंजर
आंधी से तबाही का मंजर

पटना। बिहार में वज्रपात से बुधवार को 10 लोगों की मौत हो गयी। एक सप्ताह के अंदर वज्रपात और आंधी-बारिश से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। यह सरकारी कागजात में दर्ज आंकड़ा है। 23 जून को मुख्यमंत्री सचिवालय ने 10 लोगों के मरने की पुष्टि की थी और मृतकों के आश्रितों के लिए मुआवजे की घोषमा की थी। 26 जून को भी वज्रपात से 10 लोगों की मौत की पुष्टि आधिकारिक तौर पर हुई है। ये आंकड़े बढ़ भी सकते हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्णिया, शिवहर, बेगूसराय, जमुई एवं गया में वज्रपात से हुई लोगों की मृत्यु पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रूपये अनुग्रह अनुदान देने का दिया निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त सूचनानुसार 26 जून को वज्रपात से पूर्णिया में 3, शिवहर में 1, बेगूसराय में 3, जमुई में 2 और गया में 1 व्यक्ति की मृत्यु वज्रपात से हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी इन मौतों पर शोक संवेदना व्यक्त की है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं। मुख्यमंत्री ने तत्काल मृतकों के आश्रितों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज वज्रपात से घायल हुए 6 लोगों को अनुमान्य अनुदान उपलब्ध कराने एवं उनके समुचित इलाज के प्रबंध करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही उनके शीघ्र स्वस्थ होने की भी ईश्वर से कामना की है।

बिहार में हर साल बड़ी संख्या में वज्रपात से लोगों की मौत होती है। कोशी और सीमांचल के इलाके इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं। राज्य सरकार ऐसी मौतों के लिए 4 लाख रुपये का मुआवजा देती है। इस साल 23 जून को भी वज्रपात से बिहार में 10 जानें गयी थीं। खगड़िया में 3, जमुई में 2, बक्सर में 1, बेगूसराय में 1 तथा बांका में 3 लोगों की आंधी-तूफान व वज्रपात से मौत हुई थी।

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