स्वच्छता और विनम्रता पर श्रावणी मेला में रहे जोरः रघुवर

0
125
देवघर में बैठक करते झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास
देवघर में बैठक करते झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास

देवघर। स्वच्छता और विनम्रता पर श्रावणी मेला में रहे जोर। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि स्वच्छता और विनम्रता श्रावणी मेला की मूल संवेदना रहनी चाहिए। देश-दुनिया से जो भी आये, वह स्वच्छता देख कर एक अच्छा संदेश लेकर जाए। देवघर की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में बने। श्राइन बोर्ड की बैठक प्रत्येक 3 माह पर होनी चाहिए। साफ-सफाई का प्रबंधन इस प्रकार हो कि सफाईकर्मी एक जगह न रह कर सभी ओर रहें और लगातार साफ-सफाई होती रहे। सभी कांवरिया हमारे अतिथि हैं और इसी भावना से न केवल सरकार, बल्कि समस्त देवघरवासी उनके लिए भावना रखें और उसे प्रदर्शित भी करें। हम सब यह महसूस करें कि हम बाबा की ओर से कांवरियों के सेवक हैं। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने देवघर परिसदन में आयोजित बैद्यनाथ धाम बासुकीनाथ तीर्थ क्षेत्र विकास प्राधिकार की कार्यकारी परिषद (श्राईन बोर्ड) की बैठक में ये बातें कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर और बासुकीनाथ धाम में प्रशासन स्थानीय लोगों के साथ नियमित संवाद रखें। पंडा समाज, चेंबर के लोग, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि से नियमित वार्ता कर सुझाव लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीनता के साथ पौराणिकता का भी महत्व है। नवीनता को अपनाएं, पर पौराणिकता को भी बनाये रखें।

- Advertisement -

देवघर उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि सिविल डिफेंस के 100 लोग मेला में रखे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा भावना से सबको कार्य पर लगाएं। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि पुलिस बल के लोग जो ड्यूटी पर रहें, प्रशासन के लोग और भी कोई जो कर्तव्य पर रहें, सभी कांवरियों के साथ अपना व्यवहार विनम्र रखें। झुंझलाहट और अपशब्द पूरी तरह सबकी डिक्शनरी से गायब रहे।

यह भी पढ़ेंः ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में झारखंड को नंबर-1 बनाना लक्ष्यः सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि फायर सिक्योरिटी सिस्टम मंदिर सहित पूरे मेला क्षेत्र में रहे। किसी भी तरह की आगजनी की घटना ना हो इसका आकलन कर के इसे प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाक चौबंद रहे व्यवस्था। पूरे शहर में वैकल्पिक व्यवस्था के साथ रोशनी रहे, कहीं भी अंधेरा ना रहे। अस्पताल और हेल्थ सेंटर में डॉक्टर रहें तथा एम्बुलेंस प्रत्येक लोकेशन पर रहे। एनडीआरएफ की टीम और प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहे। सभी थाना और ओपी संवेदनशील रहें। पार्किंग और यातायात में कोई समस्या न आये। देवघर और दुमका में कोई टोल टैक्स ना रहे, ताकि गाड़ियों के जाम न लगें।

यह भी पढ़ेंः बिहार में बुजुर्गों का अब बढ़ेगा सम्मान, उनकी जरुरतें भी पूरी होंगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पंडा हमारी सम्मानित व्यवस्था है, इनको आवश्यक सुविधा और सहूलियत दी जाये। बैठक में श्राईन बोर्ड के सदस्यों ने सुझाव दिया और मेला से संबंधित आय व्यय के प्रस्तावों को पारित किया गया। बैठक में पर्यटन मंत्री अमर कुमार बाउरी, विधायक नारायण दास, मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त केके खंडेलवाल, डीजीपी कमल नयन चौबे, पंडाधर्म रक्षिणीसभा के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, अभय कांत प्रसाद, एडीजी स्पेशल ब्रांच अजय कुमार सिंह, आईजी ऑपरेशन्स आशीष बत्रा, आयुक्त विमल, डीआईजी राज कुमार लकड़ा, देवघर और दुमका के डीसी और एसपी सहित अन्य अधिकारी एवं बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे।

यह भी पढ़ेंः झारखंड में किसानों की समृद्धि के लिए खर्च होंगे 5 हजार करोड़

- Advertisement -